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Oral health In Women

महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है खराब ओरल हेल्थ: स्टडी

लोग अक्सर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की बात करते है, लेकिन ओरल हेल्थ (Oral health) को अधिकतम नजरअंदाज कर दिया जाता है। ओरल हेल्थ सबके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है फिर वो चाहे महिला हो या पुरुष। महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) उनके पूरे जीवन में हॉर्मोनल फ्लेक्च्युएशन से काफी प्रभावित होती है, खासतौर पर यौवन, मासिक धर्म, गर्भावस्था, मेनोपॉज आदि में। इस दौरान मसूड़ों से संबंधित बीमारियों और अन्य मौखिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। हाल ही में हुई एक स्टडी में यह पता चला है कि महिलाओं में ओरल हेल्थ बोन हेल्थ, माइग्रेन से संबंधित है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में।  महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): पाएं जानकारी इलिनोइस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ (Illinois Department of Public Health) ले अनुसार महिलाएं अपने पूरे जीवन हॉर्मोनल बदलावों का अनुभव करती रहती हैं। कुछ खास स्टेजेज के दौरान उन्हें खास ओरल हेल्थ (Oral health) की जरूरत होती है। इसलिए अपनी ओरल हेल्थ का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक स्टडी यह बताती है कि खराब मौखिक स्वास्थ्य से महिलाओं को माइग्रेन और बॉडी पेन का जोखिम बढ़ सकता है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में की गयी इस स्टडी के बारे में। महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): क्या कहती है स्टडी? हाल ही में की एक स्टडी में यह पाया गया है कि महिलाओं की खराब ओरल हेल्थ (Oral health) उनमें माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है। इस स्टडी में खास ओरल माइक्रोब्स और कई पेन कंडीशंस के बीच में संबंध पाया गया है इस स्टडी में 67 महिलाएं शामिल थी, जिनमे से कुछ महिलाओं को फाइब्रोमायल्जिया था। फाइब्रोमायल्जिया एक ऐसी क्रोनिक कंडीशन है जिसके कारण मांसपेशियों में दर्द, थकावट और नींद में समस्या जैसी परेशानियां होती है। इस स्टडी के रिजल्ट्स में यह पाया गया कि खराब ओरल हेल्थ वाली महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन की संभावना अधिक थी।  इस स्टडी के अनुसार जिन महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) सही नहीं है, उनमें चार ओरल माइक्रोबियल स्पीशीज की मात्रा अधिक होती है जो उम्र के बढ़ने के साथ दर्द से जुड़ी हुई हैं। इसलिए, शोधकर्ता नियमित रूप से अपनी ओरल हेल्थ का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। आइए जानें ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है? इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है?  अगर आप समूर्ण रूप से हेल्थ रहना चाहते हैं, तो अपनी ओरल हेल्थ (Oral health) का भी ध्यान रखें। ओरल हेल्थ (Oral health) को हेल्दी बनाये रखने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk Oral health #Oralhealth #women’soralhealth #bodypain #migraine #Linkbetweenwomen’soralhealthandbodypainandmigraine

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OnePlus 13T and OnePlus 13

OnePlus 13T and OnePlus 13 में अंतर: जानिए कौन सा स्मार्टफोन है आपके लिए बेहतर?

वनप्लस एक चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी है, जिसकी स्थापना साल 2013 में हुई थी। यह कंपनी स्मार्टफोन बनाने में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अन्य स्मार्टफोन कंपनीज की तरह यह कंपनी में समय-समय पर नए प्रोडक्ट्स लांच करती रही है। हाल ही में इस कंपनी ने वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) लांच किया है। यह फोन अभी चाइना में ही लांच हुआ है। लेकिन, यह एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है जो कई नए फीचर्स के साथ उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फोन के फीचर्स वनप्लस 13 (Oneplus 13) के जैसे हैं। आइए जानें वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) के बारे में। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13): पाएं जानकारी वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) और वनप्लस 13 (Oneplus 13) के कुछ फीचर एक जैसे हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर भी हैं। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) इस प्रकार है: डिस्प्ले  अगर बात की जाएं वनप्लस 13 (Oneplus 13) की डिस्प्ले की, तो वनप्लस 13 का यह 6.82 इंच है लेकिन वनप्लस 13टी की डिस्प्ले इससे थोड़ी छोटी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) के डिस्प्ले का साइज 6.32 इंच है। वहीं वनप्लस 13 का डिस्प्ले रिजोल्यूशन भी 13टी से अधिक है। कैमरा वनप्लस 13 में ट्रिपल कैमरा है,जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर, 50 मेगापिक्सेल का टेलीफोटो लेंस और 50 मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल शूटर है। वनप्लस 13 (Oneplus 13) में  ड्यूल कैमरा है, जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर और 50 मेगापिक्सेल का 2x टेलीफोटो लेंस है।  बैटरी वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) में बैटरी भी शामिल है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी वनप्लस 13 से बड़ी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी 6260mAh की है लेकिन वनप्लस 13 में 6000mAh की बैटरी है। यही नहीं, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में वायरलेस चार्जिंग है लेकिन दूसरे नए फोन में वायरलेस चार्जिंग नहीं है। वेट वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) दूसरे फोन (Phone) के मुकाबले अधिक हल्का और पतला है। इसका वेट केवल 185 ग्राम है और मोटाई  8.15mm है। वहीं दूसरी और वनप्लस 13टी का वजन 210 ग्राम है और मोटाई 8.5mm है। एक और अंतर यह भी है कि वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर है। लेकिन, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म प्राइस अगर बात की जाए दोनों स्मार्टफोन्स की कीमत की, तो वनप्लस 13टी. वनप्लस 13 (Oneplus 13) के मुकाबले बहुत सस्ता है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की कीमत है ₹39,990 है और वनप्लस 13 का प्राइस ₹66,998 है। यह तो थे वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13)। इन दोनों में कुछ समानताएं हैं लेकिन बहुत से अंतर भी हैं। आप अपनी सुविधानुसार मनचाहा मोबाइल फोन चुन सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi   #Smartphone #DifferencebetweenOnePlus13TandOnePlus13 #OnePlus13T #OnePlus13

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Woman dies from wrong pill

Wrong Medicine Kills Woman: दांत दर्द से राहत के लिए मांगी थी दवा, दुकानदार ने दी सल्फास की गोली, महिला की हुई मौत 

अक्सर दर्द होने पर हम नजदीकी मेडिकल स्टोर से दर्द निवारक दवा लेते हैं। देश में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें न तो दवा का नाम पढ़ने आता है और न उन्हें यह पता होता है कि कौन सी दवा किस काम की होती है। उन्हें तो बस दवा का रंग याद रहता है कि पीली वाली दवा खाने से पेट दर्द से राहत मिलती है और सफ़ेद दवा खाने से सिर दर्द से। ऐसे में यदि किसी के दांत में दर्द हो और दवा लेने मेडिकल स्टोर जाए और दांत दर्द की दवा की जगह यदि कोई मेडिकल वाला सल्फास की दवा दे दे तो क्या कहियेगा? निश्चित ही यह अचम्भित करने वाली बात है। यह कोई कहानी नहीं बल्कि एक सच घटना है। घटना है, मध्य प्रदेश के झबुआ जिले की, जहाँ एक मेडिकल वाले ने एक महिला को जाने अनजाने में दर्द की दवा की जगह सल्फास की गोली (Wrong Medicine Kills Woman) दे दी। और तो और अनजान महिला ने उसे दांत दर्द की दवाई समझकर खा लिया और उसकी मौत हो गई। मामला, प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए। इस बीच मेडिकल स्टोर पर दवाई बेचने वाले शख्स को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।  प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सल्फास के कारण मौत की हुई  (Wrong Medicine Kills Woman) पुष्टि  झाबुआ के पुलिस अधीक्षक पदम विलोचन शुक्ल के मुताबिक, “पुलिस ने दुकान मालिक को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।” इस पूरे मामले पर अधिक प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि “जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर धरमपुरी गांव की निवासी रेखा बृहस्पतिवार शाम को थांदला गेट के पास एक मेडिकल स्टोर गई थी और दांत दर्द से राहत के लिए दवा मांगी थी। दुकान के विक्रेता ने उसे सल्फास की गोली (Wrong Medicine Kills Woman) दे दी, जिसे उसने उसी रात घर पर खा लिया और उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।” पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘परिवार ने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सल्फास के कारण मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और दुकान के मालिक लोकेंद्र बाबेल (52) को गिरफ्तार कर लिया गया।” इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल दुकान को सील कर दिया गया और औषधि नियंत्रक विभाग भी जांच कर (Wrong Medicine Kills Woman) रहा है पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि दुकान में सल्फास की गोलियां (Wrong Medicine Kills Woman) क्यों रखी गई थीं। फ़िलहाल दुकान को सील कर दिया गया और औषधि नियंत्रक विभाग भी जांच कर रहा है। महिला को गोलियां देने वाले विक्रेता को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।” मामला उजागर होने के बाद इलाके के लोग हैरान हैं। लोगों का कहना है कि भला कोई इतनी लापरवाही कैसे कर सकता है? वो भी ऐसी लापरवाही कि किसी की जान ही चली जाए। कुछ का तो कहना है कि उन्होंने इस तरह की लापरवाही कभी देखी नहीं।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #WrongMedicine #MedicalNegligence #SulphosTablet #ToothacheTragedy #PharmacyError #AccidentalPoisoning #NewsUpdate #IndiaNews #HealthAlert #DrugMixup

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Apple iPhone India production

Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy: ट्रंप की धमकी रही बेअसर, भारत में बना आईफोन ही खरीदेगा अमेरिका

ऑपरेशन सिंदूर से पस्त हुए पाकिस्तान सीज फायर के लिए राजी हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के डीजीएमओ ने सामने से भारत के डीजीएमओ को कॉल कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा था। तब जाकर भारत अपनी शर्तों पर सीज फायर के लिए राजी हुआ था। यह खबर भारतीय मीडिया में आती कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर खुद ही इस सीजफायर का श्रेय लेकर वाहवाही लूटी थी, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री के खुलासे के बाद ट्रंप ने खुद अपने इस दावे से पल्ला झाड़ लिया था। मजबूरन यू टर्न लेने के बाद खार खाये ट्रंप ने भारत में एपल के आईफोन मैन्युफैक्चरिंग को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी। ट्रंप नहीं चाहते कि एपल भारत में आईफोन का प्रोडकशन (Trump Apple warning) करें। गौर करंव वाली बात यह कि ट्रंप यहाँ भी शर्मिंदगी का सामना (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) करना पड़ा। ट्रंप की लाख नाराजगी के बावजूद टिम कुक का मेन फोकस इस सबसे परे अपकमिंग आईफोन सीरीज पर ही है। अमेरिकी मार्केट के लिए आईफोन (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) भारत से नहीं मंगवाए- ट्रंप  दरअसल, कतर दौरे पर गए ट्रंप ने एपल के सीईओ टिम कुक को कुछ ऐसा कहा जिससे दुनियाभर में हड़कंप मच गया। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका के मार्केट के लिए आईफोन भारत से नहीं मंगवाए (Trump Apple warning) जाएं।” मुख्य बात यह कि ट्रंप चाहते हैं कि आईफोन का प्रोडक्शन अमेरिका में ही हो। एपल ने ट्रंप सरकार को कहा कि “कंपनी अगले चार साल में अमेरिका में 500 अरब डॉलर का इंवेस्टमेंट करेगी।” इसी कड़ी में एपल ह्यूस्टन में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगाने वाली है। खबर है कि वहां पर सर्वर बनाए जाएंगे।  एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की (Apple India plant) बना रहा है योजना  जानकारी के मुताबिक एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना (Apple India plant) बना रहा है। खबर है कि भारत में बने आईफोन 17 Pro मॉडल को अमेरिका में भी बेचा जाएगा। गौरतलब हो कि अमेरिका में अधिकतर लोग एपल के प्रो मॉडल्स को खरीदना पसंद करते हैं। यही नहीं, एप्पल ने भारत में आईफोन 17 सीरीज का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। बता दें कि भारत में फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर ये ट्रायल चल रहा है और ये दोनों कंपनियां एपल के बड़े मैन्युफैक्चरर्स में शामिल हैं। हालाँकि एपल को उम्मीद है कि साल 2026 तक अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन मेड इन इंडिया होने वाले हैं। हालांकि देखना ये बड़ा दिलचस्प होगा कि ट्रंप के बयान के बाद क्या इस प्लानिंग में कोई बदलाव आता है या नहीं, लेकिन इससे एक बात तो बड़ी साफ हो गई है कि एपल अपकमिंग आईफोन सीरीज को भारत में (India-made iPhone) बनाने की तैयारी कर रही है।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार किया है (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) बदलाव  गौर करनेवाली बात यह कि टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार बदलाव किया है। चीन में भी कुछ चीजों पर टैक्स काफी कम (Apple India plant) हो गया है। ऐसे में कंपनी इस इंतजार में है कि आगे चलकर अमेरिका क्या फैसला लेता है? फ़िलहाल कंपनी भारत से अमेरिका में आईफोन सप्लाई करने और भारत में बड़े लेवल पर प्रोडक्शन शुरू करने से पहले इंतजार कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Apple warning #AppleIndia #TrumpNews #iPhoneMadeInIndia #AppleStrategy #TechNews #iPhoneExport #MakeInIndia #FoxconnIndia #AppleVsTrump #GlobalTechShift

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Neeraj Chopra Doha 2025

Neeraj Chopra breaks records: दोहा डायमंड लीग में गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, पहली बार 90 मीटर से दूर फेंका भाला

भारत के गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में बड़ा कारनामा कर दिखाया है। दो ओलंपिक पदक जीत चुके 27 वर्ष के चोपड़ा ने अपने करियर के बेस्ट स्कोर (Neeraj Chopra breaks records) किया है। दरअसल, नीरज ने दोहा डायमंड लीग 2025 में 90.23 मीटर का भाला फेंककर नया राष्ट्रिय रिकॉर्ड बना दिया है। यह पहली बार है जब नीरज ने 90 मीटर का आंकड़ा पार किया है। कहने की जरूरत नहीं यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि इस लीग में उन्होंने अपने पहले प्रयास में 88.44 मीटर का थ्रो फेंका था। उनका दूसरा थ्रो फाउल रहा। अपने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का जेवलिन थ्रो फेंककर उन्होंने अपनी जीत लगभग तय कर ही ली थी, लेकिन जर्मनी के जूलियन वेबर ने अपने आखिरी प्रयास में 91.06 मीटर का भाला फेंक दिया। और इसके साथ ही नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) को पछाड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया तो वहीं, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 84 . 65 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यही नहीं, भारत के एक और खिलाड़ी किशोर जेना, इस जेवलिन थ्रो इवेंट में 8वें नंबर पर रहे। किशोर ने अपना बेस्ट स्कोर 78.60 मीटर का भाला फेंककर दिया।  मेरा अगला लक्ष्य सिर्फ 90 मीटर की दूरी को बनाए (Neeraj Chopra breaks records) रखना है- नीरज चोपड़ा  खैर, इस कारनामे के बाद नीरज (Neeraj Chopra breaks records) ने कहा कि “मैं 90 मीटर की बाधा पार करके बहुत खुश हूं लेकिन यह खट्टा मीठा अनुभव रहा।” उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे कोच जान जेलेंजी ने कहा कि आज मैं 90 मीटर पार कर सकता हूं। हवा ने मदद की और मौसम थोड़ा गर्म होने से भी मदद मिली। मैने जूलियन से भी कहा था कि हम 90 मीटर थ्रो कर सकते हैं। मैं उसके लिये बहुत खुश हूं।” उन्होंने आगे कहा कि “मेरा मानना है कि आने वाले टूर्नामेंटों में इससे आगे का थ्रो कर सकता हूं। हम कुछ पहलुओं पर काम करेंगे और इस सत्र में फिर 90 मीटर पार करेंगे।” अपने अगले लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर चोपड़ा ने कहा कि “मेरा अगला लक्ष्य सिर्फ 90 मीटर की दूरी को बनाए रखना है। मेरा मानना ​​है कि मैं और दूर तक फेंकने के लिए तैयार हूं। यह एक लंबे सत्र की शुरुआत है। मुझे बहुत खुशी है कि जान ज़ेलेज़नी मेरे कोच हैं और हमने साउथ अफ्रीका में बहुत मेहनत की है। हम अभी भी कुछ पहलुओं पर काम कर रहे हैं।” बात करें उनके मौजूदा कोच कि तो वो चेक गणराज्य के जान जेलेंजी 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंकने वाले भालाफेंक खिलाड़ियों में शीर्ष पर हैं।  इसे भी पढ़ें:- गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा बने टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल साल 2018 में पहली बार नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में लिया था भाग  गौरतलब हो कि इस तरह नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra breaks records) 90 मीटर पार करने वाले दुनिया के 26वें और एशिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए। ओलंपिक चैम्पियन पाकिस्तान के अरशद नदीम (92 . 97) और चीनी ताइपै के चाओ सुन चेंग (91 . 36) ही एशिया के दो अन्य खिलाड़ी हैं जो 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंक चुके हैं। बता दें कि नीरज चोपड़ा ने पहली बार साल 2018 में दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में भाग लिया था। उस लीग में 87. 43 मीटर के थ्रो के साथ वो चौथे स्थान पर रहे थे। फिर साल 2023 में यहां 88 . 67 मीटर का थ्रो फेंककर पहला स्थान हासिल किया और साल 2024 में 88 . 36 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा पायदान हासिल किया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Neeraj Chopra breaks records #NeerajChopra #DohaDiamondLeague #JavelinThrow #IndianAthlete #RecordBreaker #GoldenBoy #AthleticsNews #IndiaPride #SportsUpdate #90mThrow

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Pak PM admits truth

Pak PM Admits: जग-हंसाई करने के बाद आखिरकार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कबूला सच, कहा- भारतीय वायु सेना ने तबाह किया

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले ,में 26 लोग मारे गए थे। इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एयर स्ट्राइक कर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे और तकरीबन 40 पाकिस्तानी जवानों की मौत हुई थी। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेसों में रडार के बुनियादी ढांचों, संचार केंद्रों और हवाई क्षेत्रों को नेस्तनाबूत कर दिया था। भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के परखच्चे उड़ गए। भारत का पड़ला भारी होता देख पाकिस्तान सीजफायर की गुहार लगाने लगा। पाकिस्तान इस कदर गिड़गिड़ाया कि 10 मई को भारत सीज फायर के लिए राजी हो गया। 3 दिन चली कार्रवाई में ही पाकिस्तान पस्त हो गया था। मजे की बात यह कि भारत के हमले में हुई भारी तबाही के बावजूद पाकिस्तान अपना सिर ऊँचा करने के लिए जमाने भर से झूठ बोलता रहा (Pak PM Admits) कि कोई नुकसान (IAF Destroyed Targets Inside Pakistan) नहीं हुआ। उसने तो भारत के 5 रफेल को मार गिराने और भारत के कई पोर्ट को तबाह करने का दावा कर दिया था।  पाकिस्तान के रक्षा और विदेश मंत्रियों ने टीवी कैमरों को खुलेआम बोला (Pak PM Admits) झूठ  पाकिस्तान की निर्लज्जता ऐसी कि पूरी अपनी आवाम और दुनिया से झूठ बोलता रहा है। बड़ी-बड़ी डींगे हांकता रहा। पहले तो उसने किसी भी तरह के नुकसान वाली बात को ही यह कह के नकार दिया कि यह भारत द्वारा चलाया गया प्रोपोगेंडा है। हास्यास्पद बात यह कि पाकिस्तानी जनता अपने सेना और प्रधानमंत्री के झूठे दावे पर यकीन कर विजयी जुलूस निकालने लगी। मशहूर बल्लेबाज शाहिद अफरीदी ने तो बाकायदा कार रैली निकाल ली। इतना ही नहीं, उसके रक्षा और विदेश मंत्रियों ने टीवी कैमरों को खुलेआम झूठ बोला, लेकिन जब बात सबूतों की आई तो बंगले झांकने लगे और सोशल मीडिया की दुहाई देने लगे। पूरी दुनिया में अपनी किरकिरी होती देख पाकिस्तानी मंत्रियों ने चुप्पी साधने में ही भलाई समझी, क्योंकि सोशल मीडिया के इस युग में हर चीज रिकॉर्ड पर है। दुनिया के किसी भी कोने की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है। यह समझ आते ही आखिरकार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को सच कबूलना (Pak PM Admits) ही पड़ा कि भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक में नूर खान एयरबेस तबाह हुआ (IAF Destroyed Targets Inside Pakistan) है। पहले तो पाकिस्‍तानी सेना के अधिकारी यही कहते आ रहे थे कि उनके एयरबेस सही सलामत हैं। भारत की सभी मिसाइलों को उन्‍होंने बर्बाद कर दिया है।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को (IAF Destroyed Targets Inside Pakistan) हुआ है तगड़ा नुकसान  कुल-मिलाकर मजे की बात यह कि जग हंसाई करने के बाद आखिरकार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को सच कबूलना ही पड़ा कि (Pak PM Admits) ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को तगड़ा नुकसान (IAF Destroyed Targets Inside Pakistan) हुआ है। और यह कबूलनामा किसी और ने नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद किया है। दरअसल, शुक्रवार को पाकिस्तान की सेना के सम्मान में यौम-ए-तशक्कुर (धन्यवाद दिवस) मनाए जाने के दौरान आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए पीएम शरीफ ने कहा कि 9 और 10 मई की रात को तकरीबन 2:30 बजे सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर ने मुझे सिक्योर लाइन पर फोन कर बताया कि भारत की बैलिस्टिक मिसाइलों ने नूर खान एयरबेस और अन्य इलाकों को निशाना बनाया है। हमारी वायुसेना ने अपने देश को बचाने के लिए स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया और उन्होंने चीनी जेट विमानों पर आधुनिक गैजेट और तकनीक का भी इस्तेमाल किया, लेकिन इसके बावजूद भारतीय मिसाइलें नूर खान एयरबेस को तबाह करने में कामयाब हुईं।” खैर, शहबाज ने कहा कि “अगर शांति होती है, तो हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भी सहयोग कर सकते हैं।” बता दें कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मुख्य अतिथि थे, जिसमें शीर्ष सैन्य अधिकारी भी शामिल हुए। शहबाज शरीफ ने की (Pak PM Admits) भारत के साथ शांतिवार्ता की पेशकश हालाँकि इससे पहले भी शहबाज शरीफ ने भारत के साथ शांतिवार्ता  की पेशकश करते हुए कहा (Pak PM Admits) था कि “सबक यह है कि शांतिपूर्ण पड़ोसियों की तरह दोनों मुल्कों को बैठकर जम्मू कश्मीर सहित सभी लंबित मुद्दों को सुलझाना चाहिए। इन मुद्दों के समाधान के बिना हम दुनिया के इस हिस्से में शांति नहीं ला सकते।” लेकिन भारत ने भी यह साफ़ कह दिया है कि “वह पाकिस्तान के साथ सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा।” खैर, इस बीच कुल-मिलाकर अच्छी बात यह कि ऑपरेशन सिंदूर’ में अपने नूर खान एयरबेस को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचने का दावा करने वाले पाकिस्तान ने आखिरकार सच कबूल कर लिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pak PM Admits #PakPMAdmits #IndianAirForce #PakistanNews #BalakotAirStrike #IndiaStrikesBack #PakistanTruth #IAFPower #ModiOnTerror #NationalSecurity #BreakingNews

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Plastic Cooler Vs Iron Cooler

Plastic Cooler Vs Iron Cooler: कूलर खरीदने से पहले जान लें ये महत्वपूर्ण बातें

गर्मी के मौसम में तपती और जला देने वाली गर्मी से बचना बहुत जरूरी है। इसके लिए एयर कंडीशनर या एयर कूलर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर बात की जाए कूलर की, तो एयर कंडीशन की तुलना में कूलर किफायती होता है। हालांकि, एयर कूलर एयर कंडीशन की तुलना में कम प्रभावी माना गया है। आजकल बाजार में दो तरह के कूलर्स फेमस हैं एक प्‍लास्टिक कूलर (Plastic Cooler) और दूसरा लोहे वाला कूलर। अगर आप भी इन दोनों विकल्पों को लेकर थोड़ा सा कन्फ्यूज हैं तो यह जानकारी आपके लिए निसंदेह फायदेमंद है। आइए जानें प्लास्टिक कूलर बनाम आयरन कूलर (Plastic Cooler Vs Iron Cooler) के बारे में। प्लास्टिक कूलर बनाम आयरन कूलर (Plastic Cooler Vs Iron Cooler): कौन सा है बेहतर? प्लास्टिक कूलर और आयरन कूलर दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। आइए जानें इनके बारे में। प्लास्टिक कूलर (Plastic Cooler)  प्लास्टिक कूलर (Plastic Cooler) के बेनिफिट्स इस प्रकार हैं: नुकसान आयरन कूलर (Iron Cooler) आयरन कूलर (Cooler) के भी कई फायदे हैं लेकिन इसके भी कुछ नुकसान हैं। आइए पाएं इसके बारे में जानकारी आयरन कूलर के फायदे इसे भी पढ़ें:- साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें आयरन कूलर के नुकसान Latest News in Hindi Today Hindi Plastic Cooler Vs Iron Cooler #PlasticCoolerVsIronCooler #Cooler #PlasticCooler  #IronCooler

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Mango Milk and Curd

आम और दूध या दही का मिश्रण: सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक?

आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार, हर भोजन का अपना स्वाद, हीलिंग और कूलिंग एनर्जी और पोस्ट-डायजेस्टिव इफेक्ट होता है। आयुर्वेद (Ayurveda) में हेल्थ को मैंटेन और रिस्टोर करने के लिए भोजन बहुत जरूरी रोल निभाता है। ऐसा भी माना गया है कि सही फूड कॉम्बिनेशन से डायजेशन सही रहता है और सेहत पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है। लेकिन, कुछ कॉम्बिनेशंस को सेहत के लिए नुकसानदायक माना गया है। आम एक ऐसा फल है जो सबसे अधिक पसंद किया जाता है। मेंगो शेक और मेंगो लस्सी ऐसे ड्रिंक्स हैं, जो गर्मियों में सबसे अधिक पीयें जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह कॉम्बिनेशन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है? आइए जानें कि आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) क्यों है सेहत के लिए हानिकारक? आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd): क्या है सेहत के लिए नुकसानदायक? आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार फलों को अगर दूध के साथ खाया जाए तो यह हमारे डायजेस्टिव हेल्थ के लिए नुकसानदायक है। ऐसा माना जाता है कि भोजन को गलत मिश्रण के सेवन से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ऐसे ही आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) का सेवन करने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं: एक्सपर्ट्स के अनुसार आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) खाने से एसिडिटी भी हो सकती है। फलों में फाइबर होता है जिसे दूध या दही (Milk or curd) से साथ खाना पेट के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि फलों का सेवन खाली पेट ही करना चाहिए ताकि इनमे मौजूद न्यूट्रिशंस का पूरा फायदा हमें मिल सके। इसके साथ ही दूध या दही (Milk or curd) को आम के साथ खाने से बचें। इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत इन कॉम्बिनेशंस का भी न करें सेवन दूध और तरबूज या खरबूजा का सेवन भी एक साथ न किए जाने की सलाह दी जाती है। दूध और खरबूजा और तरबूज दोनों ही ठंडे होते हैं। दूध लैक्सटिव होता है और तरबूज व खरबूजा ड्यूरेटिक होते हैं। अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में दूध को पचने में अधिक समय लगता है। आयुर्वेदा (Ayurveda) में यह भी बताया गया है कि दूध को खट्टी चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इनसे भी पाचन तंत्र को नुकसान हो सकता है। ये फूड कॉम्बिनेशन पाचन संबंधी समस्याएं पैदा करते हैं और कई तरह की अन्य बीमारियां  हो सकती हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk #Milkandcurd #Ayurveda #Combinationofmangoandmilkorcurd #mangoandmilkorcurd

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Kidney stone

गर्मी में किडनी स्टोन के मामलों में वृद्धि: AINU के विशेषज्ञों की चेतावनी

किडनी स्टोन (Kidney stone) एक ऐसी समस्या है, जो आजकल आम होती जा रही है। हमारे यूरिन में कई डिसॉल्व्ड मिनरल्स और अन्य तत्व होते हैं। जब यूरिन में इन मिनरल्स और तत्वों का लेवल बहुत अधिक हो जाता है, तब स्टोन बनते हैं। किडनी स्टोन (Kidney stone) शुरू में छोटे आकार के होते हैं लेकिन बाद में यह बड़े हो सकते हैं। किडनी में कुछ स्टोन किसी भी तरह की समस्या का कारण नहीं बनते हैं लेकिन कई बार  युरेटर तक पहुंच जाते हैं जो, किडनी और ब्लैडर के बीच में मौजूद एक ट्यूब होती है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में किडनी स्टोन (Kidney stone) के मामले 2 से 2.5 गुना बढ़ जाते हैं। आइए जानें कि किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? इसके साथ ही किडनी स्टोन से बचने (Prevention of kidney stones) के बारे में भी जानकारी पाएं।  किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? हैदराबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (AINU) के एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्मी के मौसम में किडनी स्टोन (Kidney stone) के मामले बहुत अधिक बढ़ चुके हैं। यह परसेंटेज दो से ढाई गुना तक है। एक्सपर्ट्स के अनुसार  इस मौसम में इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी में रोजाना 300 से 400 मरीजों का इलाज हो रहा है। यही नहीं, उनका यह भी कहना है कि यह डेटा हाल के सालों में सबसे अधिक है। यानी, इस साल पिछले सालों की तुलना में अधिक किडनी स्टोन्स के मामले सामने आए हैं। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि किडनी स्टोन के मामले खासतौर पर एडल्ट्स और बच्चों में बढ़ रहे हैं। यह तो आप जान ही गए होंगे कि किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? उनके अनुसार इस समस्या के कई कारण हैं जैसे कम पानी पीना, अधिक जंक फूड का सेवन और अधिक गर्मी आदि। किडनी स्टोन के कारण क्लेवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार यूरिन में मिनरल्स, एसिड्स और अन्य सब्सटांस होते हैं जैसे कैल्शियम, सोडियम, ऑक्सालेट और यूरिन एसिड। जब यूरिन में इनके पार्टिकल्स बहुत ज्यादा होते हैं लेकिन लिक्विड कम होते हैं तो इसके कारण यह आपस में चिपकना शुरू कर देते हैं। इससे क्रिस्टल और स्टोन बन सकते हैं। इन्हें बनने में कई साल या महीने लग सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत किडनी स्टोन से बचने (Prevention of kidney stones) के तरीके जिन भी चीजों का हम सेवन करते हैं, उसका प्रभाव हमारे शरीर और किडनी स्टोन (Kidney stone) पर पड़ता है। लेकिन, कुछ किडनी स्टोन से बचने के तरीके (Prevention of kidney stones) से इसे कम किया जा सकता है, जो इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Kidney Stone #Kidneystones #kidneystone #stones #preventionofkidneystones #urine #Whatdoexpertssayaboutkidneystones

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Punjab toxic liquor deaths

Toxic Liquor Kills 27 in Punjab: जहरीली शराब पीने से 27 लोगों की मौत के बाद भी जारी है पंजाब के मजीठा में अवैध शराब की बिक्री

हैरत की बात यह कि हलका मजीठा में मेथेनॉल से बनी जहरीली शराब का सेवन करने से 27 लोगों की मौत के बावजूद देसी शराब धड़ल्ले बिक (Toxic Liquor Kills 27 in Punjab) रही है। खबर के मुताबिक ब्यास के टोंग गांव में पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में लाहन बरामद की। आरोपित पिछले चार साल से नकली शराब बना रहे थे। पुलिस ने शराब बनाने की भट्ठी और अवैध शराब की बोतलें भी बरामद की हैं। गौर करने वाली बात यह कि पाउच में बिक रही देसी शराब का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय प्रशासन की करवाई में मजीठा स्थित ब्यास के टोंग गांव से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई है। इस जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपित पिछले चार साल से नकली शराब  बना बेच रहे थे।  पुलिस ने राकेश कुमार के गांव घर रेड कर 20 बोतल अवैध शराब की थी बरामद  इस पूरे मामले पर डीएसपी धर्मेंद्र कल्याण ने बताया कि “सूचना मिली थी कि टोंग गांव निवासी गुरविंदर सिंह और राकेश कुमार लाहन का कारोबार कर  (Toxic Liquor Kills 27 in Punjab) रहे हैं। इसी आधार पर पुलिस ने टोंग गांव के पास नाकाबंदी करके साइकिल पर सवार होकर आते दो युवकों को रोका। साइकिल पर टंगे बैग की जांच की गई तो उसमें से लाहन के पाउच बरामद किए गए। आरोपितों से कुल 45 पाउच (100 एमएल) बरामद हुए। यही नहीं, इसके बाद थाना व्यास के एएसआइ शंकर सिंह ने गुरविंदर सिंह निवासी टोंग के घर रेड करके घर से शराब तैयार करने की भट्ठी भी पकड़ी और ढाई सौ किलो लाहन बरामद की।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बीच एएसआइ हरदीप सिंह ने आरोपित राकेश कुमार के गांव घर रेड करके 20 बोतल अवैध शराब बरामद की। दोनों आरोपितों ने बताया कि यह शराब उन्होंने टोंग गांव से ही खरीदी थी। इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात 27 लोगों की मौत  (Toxic Liquor Kills 27 in Punjab) के बाद प्रशासन के फूल गए थे हाथ-पाँव बता दें कि जहरीली शराब तैयार करने के मास्टरमाइंड साहिब सिंह पर पहले से ही शराब तस्करी के दर्जनों मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपित ने खुद स्वीकार किया है कि मेथेनॉल से शराब बनाने का तरीका उसने यूट्यूब से सीखा था।” इससे पहले वह आठ वर्षों से इथेनाल और घर में भट्टी लगाकर शराब बनाने का काम कर रहा था। विदित हो कि मजीठा में जहरीली शराब से तीन और लोगों की मौत हो गई थी। हालत बिगड़ने के बाद सभी को गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 27 लोगों की मौत (Toxic Liquor Kills 27 in Punjab) के बाद प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Toxic Liquor Kills 27 in Punjab #PunjabLiquorTragedy #ToxicLiquorDeaths #MajithaHoochIncident #IllegalLiquorSale #PunjabNews #AlcoholPoisoning #HoochTragedy #BreakingNewsIndia #LiquorDeaths #NewsUpdate

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