Aurangzeb Tomb Row Sparks Curfew

Nagpur violence: नागपुर में औरंगजेब की कब्र के विवाद को लेकर हुई हिंसा, आगजनी और पथराव के बाद कई इलाकों में लगा कर्फ्यू

सोमवार को महाराष्ट्र के नागपुर में (Nagpur violence) जमकर हिंसा और पथराव हुआ। दरअसल, एक अफवाह के बाद नागपुर के महल और हंसपुरी इलाके में दो गुटों के बीच पथराव और आगजनी की घटना हुई। उपद्रवियों ने हंसपुरी इलाके में बीती रात कई दुकानों और घरों को निशाना बनाया। स्थानीय लोगों की माने तो उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ की और 8 से 10 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। हिंसा का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि पुलिस को पथराव और आगजनी के बाद बिगड़ी कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करने के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर अचानक हिंसा भड़की ही क्यों? दरअसल, नागपुर के कई इलाकों में सोमवार की शाम इस अफवाह के बाद हिंसा फैल गई कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान कुरान को जला दिया गया। फ़िलहाल पुलिस अधिकारियों ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कानून-व्यवस्था का उल्लंघन न करने की सख्त चेतावनी दी है तो वहीं सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार रात शांति की अपील की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है।  उपद्रवियों ने (Nagpur violence) दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ-साथ आगजनी और पथराव किया प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो कुछ नकाबपोश उपद्रवी हाथों में धारदार हथियार, स्टिकर और बोतलें लेकर आए थे। उन्होंने यहां पर जमकर (Nagpur violence)  हंगामा किया। दुकानों में तोड़फोड़ की और पथराव किया। यही नहीं उपद्रवियों ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया।” इसके बाद हिंसा भड़क उठी। अचानक भड़की इस हिंसा में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। खैर, नागपुर के महल और हंसपुरी इलाके में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया। इस पूरे मामले में नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंघल ने बताया कि “नागपुर शहर के कोतवाली,  इमामवाड़ा, पचपावली, शांतिनगर, गणेशपेठ, लकड़गंज, सक्करदरा, नंदनवन, यशोधरा नगर और कपिल नगर के पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा।” फिलहाल पुलिस की गाड़ी यहां गश्त कर रही है। पुलिस न सिर्फ माइक लाउडस्पीकर पर लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है बल्कि कर्फ्यू की जानकारी भी दे रही है। बता दें कि नागपुर में हिंसा से प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 (जो पहले आईपीएसी की 144 हुआ करती थी) के तहत कर्फ्यू लगा दिया गया है। पुलिस के अनुसार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि पथराव करने वाले को पकड़ा जा सके। नागपुर में हिंसा (Nagpur violence) को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस आयुक्त को दिए सख्त कदम उठाने के आदेश  नागपुर में हिंसा (Nagpur violence) को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वहां के पुलिस आयुक्त को कड़े कदम उठाने के लिए कहा है। हिंसा के बाद देर रात जारी बयान में फडणवीस ने कहा कि “नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण हुई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। यह गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं। मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है, उठाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे नागपुर की शांति को भंग न होने दें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” इस बीच नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने कहा कि “पुलिस तलाशी अभियान चला रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।” पुलिस ने धारा 163 लागू कर दी है। सभी को कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और कानून को अपने हाथ में न लें। अफवाहों पर विश्वास न करें। इस क्षेत्र को छोड़कर, पूरा शहर शांतिपूर्ण है।” इसे भी पढ़ें:- पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर नागपुर में जो स्थिति निर्माण हुई है, जिन लोगों ने भी वो स्थिति निर्माण की है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए- चंद्रशेखर बावनकुले नागपुर में हिंसा (Nagpur violence) की घटना महाराष्ट्र के मंत्री और राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि “नागपुर में जो स्थिति निर्माण हुई है, जिन लोगों ने भी वो स्थिति निर्माण की है, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन वहां मौजूद है। नागपुर की जनता बहुत संवेदनशील है। हमने नागपुर में कभी ऐसी घटना नहीं देखी।” यही नहीं, नागपुर से सांसद और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि “कुछ अफवाहों के कारण नागपुर में धार्मिक तनाव की स्थिति पैदा हुई है। नागपुर शहर का इतिहास ऐसे मामलों में शांति बनाए रखने का रहा है। मैं अपने सभी भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।” Latest News in Hindi Today Hindi news Nagpur violence #NagpurViolence #AurangzebTombRow #NagpurCurfew #StonePelting #CommunalClashes #MaharashtraNews #NagpurRiots #ViolenceInNagpur #LawAndOrder #BreakingNews

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Rang Panchami

Rang Panchami 2025: हिंदू धर्म में होली के बाद मनाया जाने वाला विशेष पर्व

हिंदू धर्म में फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होली का पर्व अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व रंगों, खुशियों और उल्लास का प्रतीक होता है, जिसमें लोग आपस में रंग खेलते हैं और एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं। होली का उत्सव (Holi Festival) मनाने के चार दिन बाद, अर्थात् पांचवे दिन रंग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। रंग पंचमी विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण (Shri Krishna) और राधा रानी (Radha Rani) से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण पर्व है। रंग पंचमी (Rang Panchami) पर देवी-देवताओं की पूजा की जाती है और विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण को गुलाल अर्पित किया जाता है। रंग पंचमी का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रंग पंचमी (Rang Panchami) का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है। मान्यता है कि यह दिन उस समय का प्रतीक है जब भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी ने मिलकर होली खेली थी। कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण (Lord Sri Krishna) ने अपनी यशोदा माता से रंगों की मस्ती और खेल की परंपरा सीखी थी और राधा रानी के साथ उन्होंने इस खुशी को फैलाया था। इसके बाद इस दिन देवी-देवता भी पृथ्वी पर आए थे और उन्होंने इस पर्व का उत्सव मनाया। इसके अलावा रंग पंचमी (Rang Panchami) का यह भी मान्यता है कि इस दिन देवी-देवताओं को गुलाल और अबीर अर्पित करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। यह माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से व्यक्ति की कुंडली के दोष समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। रंग पंचमी की तिथि और समय हिंदू पंचांग के अनुसार रंग पंचमी की तिथि चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को होती है। इस वर्ष 2025 में रंग पंचमी 18 मार्च की रात 10 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होगी और 20 मार्च की सुबह 12 बजकर 40 मिनट पर समाप्त होगी। हालांकि यह पर्व उदयातिथि के अनुसार 19 मार्च को मनाया जाएगा, क्योंकि धार्मिक परंपराओं में तिथि के आधार पर त्योहार मनाए जाते हैं। रंग पंचमी का शुभ मुहूर्त रंग पंचमी के दिन देवी-देवताओं की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन विशेष मुहूर्त के दौरान पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। इस वर्ष ब्रह्म मुहूर्त सुबह लगभग 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इस समय देवी-देवताओं की पूजा करने से पुण्य प्राप्ति होती है। इसके अलावा, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, जो पूजा के लिए शुभ समय माना जाता है। शाम के समय पूजा करने के लिए 6 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक का समय भी शुभ रहेगा। इसे भी पढ़ें: कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? रंग पंचमी का उत्सव और पूजा विधि रंग पंचमी (Rang Panchami) का उत्सव विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन (Mathura and Vrindavan) जैसे स्थानों पर बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यहां पर होली के बाद रंग पंचमी के दिन विशेष पूजा होती है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की मूर्तियों को गुलाल और अबीर से स्नान कराया जाता है और उनके साथ रंग खेलने की परंपरा का पालन किया जाता है। लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और इस दिन को खुशी और उल्लास के साथ मनाते हैं। इसके अतिरिक्त रंग पंचमी के दिन लोग घरों में देवी-देवताओं की पूजा करते हैं और रंगों से संबंधित पूजा सामग्री जैसे गुलाल, अबीर, फूल आदि अर्पित करते हैं। इस दिन का एक और प्रमुख पक्ष यह है कि लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर जीवन के हर दुख और संकट को रंगों में डुबोकर समाप्त करने का प्रतीक मानते हैं। रंग पंचमी और समाज में भाईचारे का संदेश रंग पंचमी (Rang Panchami) का पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारे, एकता और प्यार का संदेश भी देता है। रंगों के खेल के माध्यम से लोग अपने पुराने मतभेद भूलकर एक-दूसरे से मिलते हैं और खुशी साझा करते हैं। यह पर्व यह भी बताता है कि जीवन में रंगीन पल लाने के लिए हमें प्यार और भाईचारे को फैलाना चाहिए। रंग पंचमी (Rang Panchami) एक खास पर्व है जो न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और खुशियों का प्रतीक भी है। यह पर्व भगवान श्री कृष्ण (Shri Krishna) और राधा रानी (Radha Rani) की होली खेलने की याद दिलाता है और साथ ही यह जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता लाने का एक अवसर प्रदान करता है। इस दिन देवी-देवताओं की पूजा करने से कुंडली के दोष समाप्त होते हैं और जीवन में शांति और समृद्धि आती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Rang Panchami 2025 #RangPanchami #RangiPanchami2025 #ShriKrishna #RadhaKrishna

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Crew-9

नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर

नासा ने 18 मार्च को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मिशन की घोषणा की जिसके तहत अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बुच विलमोर (Butch Wilmore) को फ्लोरिडा तट के पास समुद्र में उतारा जाएगा। यह मिशन Crew-9 का हिस्सा है, जो नासा द्वारा संचालित है और जिसमें स्पेसएक्स का ‘क्रू ड्रैगन’ यान इस्तेमाल हो रहा है। इस महत्वपूर्ण मिशन के बारे में नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी और दर्शकों को यह अद्वितीय अवसर दिया कि वे लाइव प्रसारण के माध्यम से अंतरिक्ष से धरती पर लौटने की प्रक्रिया को देख सकें। .@NASA will provide live coverage of Crew-9’s return to Earth from the @Space_Station, beginning with @SpaceX Dragon hatch closure preparations at 10:45pm ET Monday, March 17. Splashdown is slated for approximately 5:57pm Tuesday, March 18: https://t.co/yABLg20tKX pic.twitter.com/alujSplsHm — NASA Commercial Crew (@Commercial_Crew) March 16, 2025 नासा द्वारा जारी बयान और लाइव प्रसारण नासा ने अपनी पोस्ट में बताया कि वह Crew-9 मिशन के अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने का सीधा प्रसारण करेगा। यह प्रसारण सोमवार, 17 मार्च की रात 10:45 बजे से शुरू होगा। इस लाइव कवरेज में ‘स्पेसएक्स ड्रैगन’ कैप्सूल के हैच (दरवाजा) बंद करने की तैयारियों को दिखाया जाएगा। यह लाइव प्रसारण उन लोगों के लिए बेहद रोमांचक होगा जो अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष यात्रियों की गतिविधियों में रुचि रखते हैं। स्प्लैशडाउन (समुद्र में उतरने) का समय मंगलवार, 18 मार्च को शाम 5:57 बजे तय किया गया है, जो इस मिशन का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। मिशन का उद्देश्य और महत्व इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। दोनों पिछले 9 महीनों से अंतरिक्ष में फंसे हुए थे। दरअसल, इनका मिशन पहले 10 दिन का था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उनकी वापसी में देरी हो गई। बोइंग स्टारलाइनर कैप्सूल (Boeing Starliner Capsule) में प्रोपल्शन सिस्टम से जुड़ी एक समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिसके कारण वे वापस लौटने में सक्षम नहीं हो पाए थे। इस कारण नासा और स्पेसएक्स ने मिलकर इन दोनों को सुरक्षित तरीके से पृथ्वी पर लाने के लिए ‘क्रू ड्रैगन’ का इस्तेमाल किया। स्पेसएक्स का क्रू ड्रैगन यान और नासा का सहयोग स्पेसएक्स, एलन मस्क की निजी कंपनी है, जो अंतरिक्ष में यात्रा की नई दिशा दिखा रही है। उनका क्रू ड्रैगन यान अंतरिक्ष में मानव मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है। इस यान के जरिए नासा ने अपनी अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) से वापस लाने का काम किया है। इस बार स्पेसएक्स के ‘क्रू ड्रैगन’ में नासा के अंतरिक्ष यात्री नीक हेग और रूस के कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोर्बुनोव भी शामिल होंगे, जो इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सहायता करेंगे। क्यों महत्वपूर्ण है यह मिशन? यह मिशन सिर्फ इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि यह अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह भी दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निजी कंपनियों की भूमिका अंतरिक्ष यात्रा में कितनी अहम हो गई है। नासा और स्पेसएक्स के बीच साझेदारी अंतरिक्ष यात्रा की नई दिशा को इंगीत करती है, जहां निजी कंपनियां भी सरकारी मिशनों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: दो फोन, एक कनेक्शन: मिवी सुपरपॉड्स कॉन्सर्टो टीडब्ल्यूएस हुआ लॉन्च इस मिशन के दौरान, नासा और स्पेसएक्स ने तकनीकी दृष्टिकोण से कई चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने मिलकर इन चुनौतियों को पार किया। यह मिशन न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि यह मानवता के लिए भी एक प्रेरणा है कि हम किसी भी संकट के बावजूद, मिलकर समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं। नासा का ‘Crew-9’ मिशन, जिसमें सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की वापसी शामिल है, अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। यह मिशन केवल एक तकनीकी सफलता नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग, निजी क्षेत्र की भागीदारी और मानव साहस का प्रतीक भी है। हम उम्मीद करते हैं कि इस मिशन के सफल समापन के बाद, अंतरिक्ष यात्रा में और भी प्रगति हो और अंतरिक्ष में मानवता का कदम और भी मजबूत हो। Latest News in Hindi Today Hindi news Sunita Williams #Crew9 #NASA #ButchWilmore #SunitaWilliams #ISS #NASAsCrew9mission

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Mivi Superpods Concerto TWS

दो फोन, एक कनेक्शन: मिवी सुपरपॉड्स कॉन्सर्टो टीडब्ल्यूएस हुआ लॉन्च

मिवी (Mivi) एक प्रसिद्धि भारतीय कंज्यूमर एलेक्ट्रॉनिस ब्रांड है जो हाई क्वालिटी ऑडियो प्रोडक्ट जिसमें हेडफोन, ईयरफोन, स्पीकर और अन्य उपकरणों का निर्माण करने के लिए जानी जाती है। भारतीय ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार यह कंपनी बेहतरीन डिजाइन और किफायती प्रोडक्ट्स को बनाती है। यह कंपनी समय-समय पर नए उतपदों को लांच करे रहते हैं। कम समय में ही इस कंपनी के उत्पादों ने लोकप्रियता हासिल की है। हाल ही ने इन्होने एक नए उत्पाद को लांच किया है, जो कई फीचर्स के साथ उपलब्ध है। इस उत्पाद का नाम है मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS)। आइए पाएं पूरी जानकारी मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस के बारे में विस्तार से और जानें इसके फीचर्स के बारे में। मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस: पाएं जानकारी मिवी (Mivi) ने इंडियन मार्किट में एक नया उत्पाद निकाला है जिसके विशेष फीचर्स इसे और खास बना रहे हैं।इसकी कीमत भी किफायती है, यही कारण है कि यह कम समय में ही चर्चा का विषय बन सकता है। मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) प्रीमियम Hi-Res ऑडियो, LDAC, एक्टिव नॉयस कैंसिलेशन और कई अन्य फीचर्स के साथ उपलब्ध है। जैसे इसकी बैटरी लाइफ जो लगभग साथ घंटे तक की है। यानी अगर आप इन्हें एक बार चार्ज कर ली हैं तो यह लम्बे समय तक चलते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें एक समय पर दो डिवाइस के साथ कनेक्ट कर सकते हैं और यह आईओएस व एंड्राइड दोनों के साथ काम करते हैं। यह ईयरबड्स (Earbuds) ग्लास फिनिश के साथ आते हैं यानी इसका डिजाइन और फिनिश भी बेहतरीन है। मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) की कीमत मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) की कीमत 3,999 रुपये है और यह कई रंगों में उपलब्ध है। इसमें चार रंग उपलब्ध हैं जो इस प्रकार हैं स्पेस ब्लैक, मिस्टिक सिल्वर, मेटैलिक ब्लू और रॉयल शैंपेन। इन ईयरबड्स (Earbuds) को आप ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। यानी, मिवी (Mivi) की ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा अमेजॉन, फ्लिपकार्ड से इसे खरीदा जा सकता है। आप ऑफलाइन स्टोर्स से भी इसे बाय कर सकते हैं। आपको इन ईयरबड्स (Earbuds) के साथ एक साल की वारंटी भी मिलेगी। मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस के फीचर्स मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) के जरिए कंपनी अपने ग्राहकों को कई सुविधाएं प्रदान कर रही है। इन ईयरबड्स (Earbuds) के कई फीचर्स हैं जैसे Hi-Res ऑडियो, LDAC और एक्टिव नॉयज कैंसिलेशन फीचर्स।    एक्टिव नॉयज कैंसिलेशन से एंबिएंट नॉयस को रोका जा सकता है। इसके अलावा मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) में डॉल्बी ऑडियो का सपोर्ट भी मिलेगा जिसकी वजह से ग्राहकों को बिलकुल साफ आवाज सुनाई देगी। यह ईयरबड्स (Earbuds) 3डी साउंडस्टेज के साथ हैं जो मिवी (Mivi) की खास ऑडियो टेक्नोलॉजी है। इस टेक्नोलॉजी की वजह से इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक और बेहतर हो सकता है।  इसे भी पढ़ें: Apple iPhone 17 Air: अब तक का सबसे पतला iPhone कब होगा लॉन्च?  मिवी (Mivi) सुपर कनेक्ट ऐप का इन ईयरपॉड्स में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आप आईओएस और एंड्राइड दोनों प्लैटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। यह ईयरपॉड्स टाइप-सी पोर्ट के माध्यम से चार्ज होते हैं जो एक तेज चार्जिग स्पोर्ट है। इसमें दस मिनट की चार्जिंग से पांच सौ मिनट्स तक प्लेटाइम मिलेगा। इन ईयरबड्स (Earbuds) का वजन  44 ग्राम है और इसका मेजरमेंट 5.9×5.9×3.1 सेमी है। इनमें माइक्रो-टेक्सचर्ड यूनी-बॉडी मेटल डिजाइन के साथ उपलब्ध है। मिवी की सह-संस्थापक और सीएमओ, मिधुला देवभक्तुनी ने इन ईयरबड्स (Earbuds) को लांच किया। उनके अनुसार मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) को 5 इंडस्ट्री लीडिंग टेक्नोलॉजीज द्वारा बनाया गया है। यह बेहतरीन ऑडियो अनुभव प्रदान करते हैं। देवभक्तुनी ने यंग यूजर्स की जरूरतों को पूरा करने वाले इस ऑडियो प्रॉडक्स्ट प्रदान करने के मिवी (Mivi) के मिशन को मजबूत करने में गर्व व्यक्त किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mivi Superpods Concerto TWS #MiviSuperpodsConcertoTWS #Mivi #earbuds #Superpods

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Female Constable Falls in Love with Her Friend, Wants Marriage

Female constable love story: महिला कांस्टेबल को अपनी ही सहेली से हुआ इश्क़, करना चाहती है शादी

कहते हैं प्यार कभी भी किसी से भी हो सकता है। प्यार न सरहद देखता है और न ही जात-पात। यहाँ तक की प्यार धर्म की ऊंची दीवारों को भी लांघ जाता है।यह तो ठीक, लेकिन प्यार यदि जेंडर की सीमा को भी लांघ जाए तो इसे आप क्या कहेंगे? हैरत यह कि आजकल के प्यार में जेंडर की भी कोई सीमा नहीं रह गई है। जमाना इस कदर एडवांस हो चुका है कि महिला को महिला से और पुरुष जो पुरुष साथी से ही प्यार होने लगा है। कुछ ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा में प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक यहाँ एक महिला पुलिसकर्मी पुरुष बनना चाहती है। पुरुष बनने के पीछे की वजह यह कि उसे अपनी ही सहेली से प्यार (Female constable love story) हो गया है। प्यार भी कोई ऐसा वैसा नहीं। महिला का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि बात शादी करने तक आ पहुंची है। लिहाजा वो शादी के लिए लिंग परिवर्तन करवाना चाहती है।   महिला कांस्टेबल (Female constable love story) अपनी सहेली से करना चाहती है शादी  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला पुलिसकर्मी मथुरा के नौहझील इलाके की रहने वाली है। साल 2010 से वो दिल्ली पुलिस में काम कर रही है। शादी के लिए उसने बाकायदा दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आवेदन देकर लिंग परिवर्तन की अनुमति मांगी है। फिलहाल इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने मथुरा पुलिस को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि 2010 बैच की यह महिला कांस्टेबल अपने परिवार के साथ रहती है। उसे अपनी ही सहेली से प्यार (Female constable love story) हो गया और अब वह उसके साथ शादी करना चाहती है। इसीलिए उसने लिंग परिवर्तन कराने का फैसला लिया। दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में यूपी के मथुरा एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के आठ साल में सुधरी यूपी की कानून व्यवस्था, 222 अपराधी ढेर, 130 आतंकी गिरफ्तार  दिल्ली पुलिस की एक टीम महिला कांस्टेबल के गांव पहुंचकर उसके परिवार से की बातचीत (Female constable love story)  महत्वपूर्ण बात यह कि दिल्ली पुलिस के पत्र के बाद मथुरा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की एक टीम महिला कांस्टेबल के गांव पहुंची और वहां उसके परिवार से बातचीत (Female constable love story) की। कहा जा रहा है कि जल्द ही इस मामले की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली पुलिस महिला कांस्टेबल के अनुरोध पर क्या निर्णय लेती है। खैर, ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कब कौन किस पर दिल हार बैठे, आज के दौर में कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले, राजस्थान के भरतपुर की रहने वाली सविता ने भी अपनी सहेली पूजा के साथ शादी करने के लिए लिंग परिवर्तन करवाया था। जयपुर में कोचिंग के दौरान दोनों के बीच प्यार हुआ था। इसके बाद 31 मई 2022 को सविता ने इंदौर में जेंडर चेंज करवा लिया। जेंडर चेंज करवाने के बाद नवंबर 2024 में दोनों ने जयपुर के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। ध्यान देने वाली बात यह कि इस तरह के मामलों में लिंग परिवर्तन हेतु कानूनी और सामाजिक प्रक्रियाएं अपनानी होती हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Female constable love story #FemaleConstableLoveStory #SameSexLove #LGBTQLove #LoveBeyondGender #PoliceLoveStory #TrueLove #LGBTQRights #LoveIsLove #BreakingStereotypes #WomenInUniform

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Pakistan Army resignations

Pakistan Army resignations: बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी के हमलों से पाक आर्मी में दहशत का माहौल, 2500 सैनिकों ने दिया इस्तीफा

खुद को ऐटमी पावर बताने वाले पड़ोसी मुल्क पाकिस्‍तान में ट्रेन हाइजैक की घटना के बाद से लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। विद्रोही संगठन बलूचिस्‍तान लिब्रेशन आर्मी (बीएलए) आए दिन पाकिस्‍तान आर्मी के काफिले पर हमले कर रही है। एक तरफ बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के हमले तेज होते जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना के जवान बड़ी संख्या में सेना छोड़कर भाग रहे हैं। दरअसल, पाकिस्‍तान आर्मी के जवानों में इस वक्‍त दहशत का माहौल है। दहशत के इस माहौल में पाक आर्मी को एकजुट रख पाना पाक आर्मी के प्रमुख आसिफ मुनीर के लिए मुश्किल लगने लगा है। काबुल फ्रंटलाइन की रिपोर्ट की माने तो पिछले कुछ दिनों में पाकिस्‍तान की सेना पर हुए हमलों के बाद तकरीबन 2,500 जवानों ने सेना की नौकरी से इस्तीफा (Pakistan Army resignations) दे दिया है। बता दें कि सेना के भीतर बढ़ती असुरक्षा और लगातार होती सैनिकों की मौत के चलते पाकिस्तानी सेना के जवान घबराए हुए हैं। वो इस कदर डरे हुए हैं कि पाकिस्तान में अपनी जान जोखिम में डालने के बजाय सऊदी कतर, कुवैत, अरब और यूएई जैसे देशों में काम करने का विकल्प तलाश रहे हैं। उनके इस कदम के पीछे की बड़ी वजह यह कि पाक सैनिक लगातार जारी हिंसा और असुरक्षा का सामना ही नहीं करना चाहते। कहने की जरूरत नहीं कि बलूचिस्तान में बढ़ता विद्रोह यह दर्शाता है कि इलाके की स्थिरता चरमरा चुकी है।  सेना ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफों (Pakistan Army resignations) को नहीं किया है स्वीकार  हाल की घटनाओं जैसे कि बलूचिस्तान में ट्रेन हाइजैक और नोशकी में सैन्य काफिले पर हमला ने हर किसी की चिंता को इस कदर बढ़ा दिया है कि वो विदेश में वैकल्पिक रोजगार की तलाश करने पर मजबूर हैं। हालांकि न तो पाकिस्तानी मीडिया और न ही सेना ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफों (Pakistan Army resignations) को स्वीकार किया है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान नेशनल पार्टी के सांसद फुलैन बलोच ने यह दावा किया था कि बीएलए ने इतनी तदाद में आत्मघाती हमलावरों की भर्ती कर ली है कि उसने फिलहाल के लिए अस्थायी रूप से इन भर्तियों को दिया दी है। इन दिनों  बलूचिस्तान ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। 11 मार्च के बाद से कई पाक सैनिकों को मौत के घाट उतारा गया है। बलूच विद्रोही पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लगातार हमले कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के आठ साल में सुधरी यूपी की कानून व्यवस्था, 222 अपराधी ढेर, 130 आतंकी गिरफ्तार इतनी बड़ी तादाद में सेना छोड़ने (Pakistan Army resignations) का मामला किसी बड़े संकट का है संकेत  ऐसे में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर सहसी हमले को अंजाम देकर बीएलए ने हाल के समय में अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। विद्रोहियों ने रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाए, ट्रेन पर हमला किया और लगभग 450 यात्रियों को बंधक बना लिया था। काबुल फ्रंटलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक सेना देश में जारी हिंसा और असुरक्षा के बीच लड़ाई को जारी रखना नहीं चाहती है। इतनी बड़ी तादाद में सेना छोड़ने (Pakistan Army resignations) का मामला किसी बड़े संकट का संकेत है। क्योंकि यह स्थिति न सिर्फ सुरक्षा के मुद्दे से नहीं, बल्कि देश के आंतरिक हालातों का परिणाम भी हो सकती है। अगर हालात इसी तरह बिगड़ते गए तो पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan Army resignations #PakistanArmy #BalochistanLiberationArmy #BLAAttacks #PakistanCrisis #MilitaryResignations #BalochistanConflict #PakArmyRetreat #BLAInsurgency #PakistanUnrest #BalochRebellion

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Human Coronavirus HKU1

कोलकाता में कोरोनावायरस HKU1 के मामले की पुष्टि: यहां जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

हाल ही में कोलकोता में एक महिला में ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) या एचसीओवी-एचकेयू1 (HCoV-HKU1) का निदान हुआ है। यह एक सांस संबंधी वायरस है, जिसके लक्षणों में सर्दी-जुकाम आदि शामिल है। गंभीर मामलों में यह निमोनिया (Pneumonia) का कारण भी बन सकता है। हालांकि, डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस वायरस से किसी को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन इसे लेकर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। डॉक्टर्स की मानें, तो मरीज महिला में सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या पिछले लगभग 15 दिनों से थी लेकिन अभी उसकी कंडीशन ठीक है। बहुत से लोगों को इस वायरस के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बारे में जानकारी होना आवश्यक है। जानिए ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) या एचसीओवी-एचकेयू1 (HCoV-HKU1) के बारे में विस्तार से।  ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) क्या है? अल्बामा पब्लिक हेल्थ (Alabama Public Health) के अनुसार सामान्य ह्यूमन कोरोना वायरसिस में टाइप्स 229इ, एनएल63, ओसी43 और एचकेयू1 शामिल हैं। इनके कारण रोगी को माइल्ड से लेकर गंभीर अपर.रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इलनेस बीमारियां महसूस हो सकती हैं जैसे सामान्य सर्दी-जुकाम। अधिकतर लोग अपने जीवन में कभी न कभी इन वायरसिस से संक्रमित हो सकते हैं। यह बीमारियां आमतौर भी कम समय तक ही रहती हैं। अन्य हयूमन कोरोनावायरसिस की तरह ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) भी लो रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट बीमारियों का कारण बन सकता है जैसे निमोनिया (Pneumonia) और ब्रोंकाइटिस आदि। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, छोटे बच्चों, बूढ़ों और कार्डियोपल्मोनरी डिजीज से पीड़ित लोगों में यह रोग अधिक सामान्य है। ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 के लक्षण क्या हैं?  ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) के सामान्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं: इन लक्षणों के अलावा रोगी को अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं। जैसा की पहले ही बताया गया है कि गंभीर स्थितियों में यह समस्या निमोनिया (Pneumonia) और ब्रोंकाइटिस की वजह बन सकती हैं। यह लक्षण नजर आने पर सावधानी बरते और जरूरत पड़ने पर मेडिकल हेल्प लेना भी आवश्यक है। ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू 1 का उपचार  ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 या एचसीओवी-एचकेयू1 (HCoV-HKU1) के उपचार या सुरक्षा के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है और न ही इसके कारण होने वाली बीमारियों का कोई उपचार है। इससे पीड़ित अधिकतर लोग खुद ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन, इसके लक्षणों से राहत पाने के लिए डॉक्टर निम्नलिखित चीजों की सलाह दे सकते हैं: इसे भी पढ़ें: तुलसी का पानी: जानें क्या हैं रोजाना सुबह इसे पीने के 6 आश्चर्यकारी फायदे ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 से बचाव यह वायरस (Virus) संक्रमित व्यक्ति से दूसरे तक फैल सकता है। यह उनकी खांसी और छींक के माध्यम से फैलता है या क्लोज कांटेक्ट जैसे संक्रमित व्यक्ति को छूने या हाथ मिलाने से भी फैल सकता है। इस वायरस के कारण साल के किसी भी समय लोग संक्रमित हो सकते हैं, लेकिन पतछड़ और सर्दी के मौसम में इसकी संभावना बढ़ जाती है। छोटे बच्च्चों में भी इसकी संभावना अधिक रहती है। आप इन चीजों का ध्यान रख कर ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) से बच सकते हैं:  अगर आपके मन में इस बीमारी के बारे में कोई भी सवाल या चिंता है, तो डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Human Corona virus HKU1 #HumanCoronavirusHKU1 #HCoV-HKU1 #Pneumonia #coronavirus

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Aurangzeb’s Tomb Sparks Rift in Mahayuti Alliance

औरंगजेब की कब्र को लेकर महायुति में बढ़ता मतभेद

महाराष्ट्र में मुग़ल शासक औरंगजेब (Mughal ruler Aurangzeb) की कब्र को लेकर विवाद कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है, जिसमें महायुति के विभिन्न दलों के बीच मतभेद और तनाव देखने को मिल रहे हैं। यह विवाद खासतौर पर एनसीपी और हिंदू संगठनों जैसे वीएचपी और बजरंग दल के बीच बढ़ रहा है। एनसीपी के विधायक अमोल मिटकरी ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा और इस कब्र को बचाने के पक्ष में बोलते हुए हिंदू संगठनों को कड़ी फटकार लगाई। उनका मानना है कि यह कब्र शिवाजी महाराज के संघर्ष का प्रतीक है और इसे हटाना ऐतिहासिक दृष्टिकोण से गलत होगा। एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी का बयान एनसीपी के विधायक अमोल मिटकरी (Amol Mitkari) ने इस विवाद पर अपना स्पष्ट रुख पेश करते हुए कहा कि यह कब्र हमारी शौर्य की प्रतीक है और हमें इसे बचाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह कब्र उस संघर्ष की याद दिलाती है, जो शिवाजी महाराज और औरंगजेब के बीच हुआ था। इसे हटाना हमारी ऐतिहासिक धरोहर को मिटाने जैसा होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने कब्र को हटाने का अल्टीमेटम दिया है, वे इसका कोई हल नहीं निकाल सकते। मुख्यमंत्री ने पहले ही कह दिया था कि कब्र का निर्णय ASI (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) के पास है, न कि किसी राजनीतिक दल के पास। मिटकरी ने कहा, “यदि कोई यह कहता है कि हम इसे तोड़ देंगे, तो ऐसा नहीं होगा। हम थोड़ा धैर्य रखें और अपने वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।” अमोल मिटकरी (Amol Mitkari) ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में इस समय किसानों की समस्याएं गंभीर हैं, लेकिन हिंदू संगठन इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वे इस तरह के विवादित मुद्दों को उठाकर राज्य के असली मुद्दों से ध्यान हटा रहे हैं। “किसानों की सेवा करो, कार सेवा करने की बजाय किसानों के लिए प्रदर्शन करो, तभी लोगों से आशीर्वाद मिलेगा,” उन्होंने कहा। मिटकरी ने जोर दिया कि कब्र को रहने दिया जाए, लेकिन औरंगजेब का महिमामंडन न हो, क्योंकि यह इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने जैसा होगा। एनसीपी और एसपी का रुख महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र पर विवाद बढ़ने के बाद, NCP और SP ने इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। NCP-SP के उपाध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने सांगली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पार्टी ने अपने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे अब बातचीत की शुरुआत ‘जय शिवराय’ से करें, न कि ‘हेलो’ से। शिंदे ने यह भी कहा, “हम सभी शिवाजी महाराज के मावले हैं, और यही हमारी पहचान है।” इस आदेश से यह स्पष्ट है कि NCP और SP अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं और हिंदू समुदाय के सम्मान को बनाए रखने के लिए शिवाजी महाराज के नाम का प्रचार कर रहे हैं। यह कदम भी औरंगजेब की कब्र के विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, क्योंकि शिवाजी महाराज और औरंगजेब के बीच का संघर्ष महाराष्ट्र के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह बयान इस ओर इशारा करता है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर विशेष रूप से संवेदनशील है और अपने कार्यकर्ताओं के बीच एकता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट का बयान महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं के बीच भी जुबानी जंग हुई। महाराष्ट्र विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने कहा कि कब्र की मौजूदगी महाराष्ट्र के इतिहास को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को यह बताना चाहिए कि औरंगजेब यहां आए थे और इसी भूमि पर उन्हें दफनाया गया।” दानवे ने जोर देते हुए कहा कि यह कब्र हमारी संस्कृति और इतिहास का हिस्सा है, और इसे हटाने की मांग एक साजिश है, जो इतिहास को मिटाने की कोशिश कर रही है। “अगर किसी को हिम्मत है तो वे जाकर इसे हटाकर दिखाएं,” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के आठ साल में सुधरी यूपी की कानून व्यवस्था, 222 अपराधी ढेर, 130 आतंकी गिरफ्तार राजनीतिक दृष्टिकोण और ऐतिहासिक महत्व औरंगजेब की कब्र (Aurangzeb’s Tomb) पर विवाद ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर हिंदू संगठनों का मानना है कि औरंगजेब की कब्र को हटाकर इस भूमि को ‘स्वतंत्रता’ का प्रतीक बनाना चाहिए, वहीं दूसरी ओर कुछ राजनीतिक दल इस कब्र को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में देखते हैं। उनका कहना है कि यह कब्र उन संघर्षों और पराजयों का प्रतीक है, जो शिवाजी महाराज और औरंगजेब के बीच हुए थे, और हमें इसे एक ऐतिहासिक संदर्भ में समझने की जरूरत है। यह विवाद सिर्फ एक कब्र का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का भी मुद्दा बन गया है। यह सवाल उठता है कि क्या हमें अपनी ऐतिहासिक धरोहर को सही संदर्भ में स्वीकार करना चाहिए, या इसे अपने वर्तमान राजनीतिक और सांस्कृतिक रुख के अनुसार बदलने की कोशिश करनी चाहिए। यह निश्चित रूप से एक जटिल सवाल है, जो भविष्य में और भी राजनीतिक चर्चाओं और विवादों को जन्म दे सकता है। औरंगजेब की कब्र (Aurangzeb’s Tomb) को लेकर चल रहे इस विवाद ने महायुति की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। जहां एक ओर कुछ नेता इसे महाराष्ट्र के इतिहास और संस्कृति का अहम हिस्सा मानते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ राजनीतिक दल इसे हटाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मुद्दे से राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर प्रभाव पड़ेगा, और यह निश्चित रूप से आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mughal ruler Aurangzeb #AurangzebTombDispute #MahayutiPolitics #ShivSenaVsBJP #MaharashtraPolitics #HinduSentiments #HistoryDebate #AurangzebGrave #PoliticalConflict #MarathaPride #HindutvaAgenda

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Father-Son Kills Mother-Daughter

Father-Son Kills Mother-Daughter: सिर्फ इस एक छोटी सी वजह के चलते बाप-बेटे ने मिलकर की मां-बेटी की हत्या

देश भले ही इक्कीसवीं सदी में विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है लेकिन आज भी देश के लोग जात-पात के कुचक्र से निकल नहीं पाए हैं। देश में ऐसे कई सैकड़ों मामले हुए हैं जहाँ परिवार की प्रतिष्ठा और झूठी शान के नाम पर अपनों ने ही अपनों को मौत के घाट उतार दिया। इसी तरह का ताजा मामला है बिहार के रोहतास जिले का, जहाँ पत्नी और बेटी की हत्या करने के आरोप में एक व्यक्ति और उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, रोहतास जिले के चुटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पियाराकला गांव में रहने वाले पिता रामनाथ ने अपने पुत्र छोटू के साथ मिलकर अपनी ही बेटी व पत्नी की गला दबाकर कर निर्मम हत्या (Father-Son Kills Mother-Daughter) कर दी। उन्होंने ने सिर्फ हत्या की बल्कि इस पर पर्दा डालने की भी कोशिश की। पहले तो उन्होंने इसे बिजली के करंट से हुई मौत का मामला बता कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस के सामने उनकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी और पुलिसिया डर से उन्होंने अपना अपराध काबूल कर लिया। गुनाह कबूल करने के बाद पुलिस ने बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है।  सिर्फ अपनी झूठी शान (Father-Son Kills Mother-Daughter) के लिए हत्याकांड को दिया गया अंजाम  पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड को सिर्फ अपनी झूठी शान (Father-Son Kills Mother-Daughter) के लिए अंजाम दिया गया। दरअसल, बेटी अपने पिता द्वारा चुने गए व्यक्ति के बजाय अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी। हालांकि माँ शुरू में इस शादी के खिलाफ थी लेकिन बेटी की ख़ुशी के खातिर माँ ने भी हामी भर दी थी। भले ही माँ की सहमति थी लेकिन बाप और भाई इस शादी के सख्त खिलाफ थे। दरअसल, पिता-पुत्र मृतक प्रतिमा की शादी झारखंड में करना चाहते थे। लेकिन वो वहां शादी के लिए तैयार नहीं थी। इस बीच पिता ने बेटी को काफी समझाने की कोशिश की। लेकिन लाख समझाने के बाद भी वो पिता द्वारा तय किए गए जगह पर शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक उसके बाद दोनों बाप बेटे ने मिलकर प्रतिमा कुमारी की हत्या करने की योजना बनाई।  बाप-बेटे ने मिलकर पार्वती देवी का भी गला घोंटकर हत्या कर (Father-Son Kills Mother-Daughter) दी जानकारी के मुताबिक 15 मार्च को लगभग सुबह 5 बजे प्रतिमा कुमारी अपनी मां पार्वती देवी के साथ कमरे में सो रही थी। योजना के तहत उस समय मौका देखकर रामनाथ राम एवं छोटू कुमार प्रतीमा कुमारी की दुपट्टे से ही गला घोंटने लगे। इस बीच आवाज सुनकर बगल में सो रही मां पार्वती देवी की नींद खुल गई। जब तक पार्वती  कुछ समझ पाती तबतक प्रतिमा की सांसे उखड़ चुकी थी। अपनी मृत बेटी को देखकर माँ पार्वती चिल्लाने लगी। उसे इस तरह चिल्लाता देख पकड़े जाने के भय से दोनों बाप-बेटे ने मिलकर पार्वती देवी का भी गला घोंटकर हत्या कर (Father-Son Kills Mother-Daughter) दी। दोनों इतने शातिर थे कि दोनों ने साड़ी के पल्लू से ही गला घोंट कर मौत के नींद सुला दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को बिजली उपकेंद्र के नजदीक सुनसान जगह पर फेंक दिया ताकि इस हत्या को करंट लगने से हुई मौत बताया जा सके। चुटिया थाने के एसआई लक्ष्मी पासवान ने बताया कि “पुलिस को सूचना मिली की पियाराकला गांव में मां और बेटी की करंट लगने से मौत हो गई है। लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर देखा तो दोनों मृतक के गर्दन पर गहरे निशान थे।” इसे भी पढ़ें:- बिहार के अररिया में गांजा तस्कर को पकड़ने गए दारोगा की इस वजह से हुई मौत पुलिसिया अंदाज में हुई पूछताछ में दोनों ने कबूला अपना गुनाह (Father-Son Kills Mother-Daughter)  पुलिस के मुताबिक शरीर और कपड़ों पर जगह-जगह खून के धब्बे थे और आसपास चूड़ियां भी टूटी हुई थी। जिससे प्रतीत होता है कि मौत से पहले दोनों ने खुद को बचाने का पूरा प्रयास किया है। घटना को लेकर विवाहिता के ससुर बिगन राम ने कहा कि “बहु बिजली के तार में उलझ गई थी और जब नातिन उसे बचाने के लिए गई तो, वह भी करंट की चपेट में आ गई। जिससे दोनों की मौत हो गई।” हालांकि दोनों शव के शरीर पर पड़े जख्म के निशान और खून के धब्बे साफ तौर से हत्या की ओर इशारा कर रहे थे। इस हत्याकांड पर खुलासा करते हुए रोहतास के एसपी रौशन कुमार ने बताया कि “शुरू में पार्वती के पति और उनके छोटे बेटे ने दावा किया था कि घर के बाहर मोटर पंप चलाते समय करंट लगने से दोनों की मौत हो गई थी। लेकिन मृतका के शरीर पर गहरे घाव, खून के धब्बे और टूटी हुई चूड़ियां पुलिस को चौंकाने के लिए काफी थे। परिवार ने लोग घटना को दुर्घटना बताने की कोशिश कर रहे थे। पूछताछ के दौरान रामनाथ और छोटू के बयान आपस में मेल नहीं खाए। जिससे पुलिस को शक हुआ। चूँकि शव पर बाहरी चोट के निशान थे, सो पुलिस बाप-बेटे की थ्योरी पर भरोसा नहीं कर पा रही थी। खैर, शुरूआती पूछताछ में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने जब पुलिसिया अंदाज में तबियत से पूछताछ की तो दोनों टूट गए और अपना गुनाह कबूल (Father-Son Kills Mother-Daughter) कर लिया। गुनाह कबूल करने के बाद पार्वती के पति रामनाथ राम और उसके छोटे बेटे छोटू कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पुलिस की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Father-Son Kills Mother-Daughter #CrimeNews #FamilyMurder #ShockingCrime #FatherSonDuo #ViolentCrime #CrimeInvestigation #JusticeForVictims #MurderMystery #BreakingNews #CrimeAlert

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OrhanAwatramaniCase

सेलिब्रिटी ओरी के खिलाफ कटरा पुलिस ने क्यों किया केस दर्ज? 

हमेशा अपने अंदाज से मीडिया और सोशल मीडिया में ट्रेंड करने वाले सेलिब्रिटी ओरी (Celebrity Orry) के खिलाफ कटरा पुलिस (Katra Police) ने केस दर्ज किया है। उनके साथ 8 और लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। होटल कटरा मैरियट रिजॉर्ट एंड स्पा में ठहरे इन सभी लोगों के खिलाफ होटल प्रशासन ने शिकायत दर्ज कराई। मामले को संज्ञान में लेते हुए पी/एस कटरा ने एफआईआर संख्या 72/25 दर्ज की है। चलिए अब पूरा मामला क्या है इसे समझ लेते हैं। दरअसल 15 मार्च को एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें एक निजी होटल में ओरी आपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टी करते नजर आये। इस कमरे की तस्वीर में शराब की बोतल टेबल रखी नजर आई थी।  पहले ही किया गया था सूचित होटल कटरा मैरियट रिजॉर्ट एंड स्पा (Hotel Katra Marriott Resort and Spa) में ठहरे ओरी यानी ओरहान अवत्रामणि के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। होटल के प्रबंधक के अनुसार 15 मार्च को गेस्ट में ओरहान अवत्रामणि (ओरी), दर्शन सिंह, पार्थ रैना, रितिक सिंह, राशि दत्ता, रक्षिता भोगल, शगुन कोहली और अनास्तासिला अर्जामास्कीना शामिल थे, जिन्होंने होटल परिसर में शराब पी, जबकि उन्हें बताया गया था कि कॉटेज सुइट के अंदर शराब और मांसाहारी भोजन की इजाजत नहीं है, क्योंकि माता वैष्णोदेवी तीर्थ स्थान पर यह सख्त वर्जित है। कार्रवाई के लिए गठित की गई टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रियासी द्वारा सख्त निर्देश पारित किए गए। परमवीर सिंह (जेकेपीएस) को दोषियों को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई है, ताकि धार्मिक स्थलों पर नशीली दवाओं या शराब के ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त न करने का उदाहरण पेश किया जा सके, जिससे आम जनता की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। पुलिस अधीक्षक कटरा, उप पुलिस अधीक्षक कटरा और थानेदार कटरा की देखरेख में टीम का गठन किया गया था, ताकि उन अपराधियों पर नजर रखी जा सके, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया और आस्था से जुड़े लोगों की भावनाओं का अनादर किया।  इसे भी पढ़ें:- वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ AIMPLB का विरोध प्रदर्शन एसएसपी का बयान एसएसपी रियासी ने दोषियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जो कानून का पालन नहीं करते हैं और किसी भी तरह से विशेष रूप से ड्रग्स/शराब का सहारा लेकर शांति को बाधित करने की कोशिश करते हैं और उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi news  #OrhanAwatramaniCase #KatraPoliceAction #VaishnoDeviControversy #CelebrityLegalTrouble #KatraHotelIncident #AlcoholBanViolation #ReligiousSiteRespect #OrryLegalIssues #VaishnoDeviSanctity #KatraFIR

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