जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जोरदार हंगामा, BJP विधायक विक्रम रंधावा को बाहर निकाला गया
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरद सत्र में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने से जुड़ा प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद जोरदार हंगामा हुआ। प्रस्ताव में वर्ष 2000 और नवंबर 2024 में विधानसभा से पारित पुराने प्रस्तावों का संदर्भ दिए जाने पर BJP विधायकों ने विरोध किया। हंगामे के दौरान BJP विधायक विक्रम रंधावा को मार्शलों की मदद से सदन से बाहर निकाल दिया गया। उमर अब्दुल्ला ने पेश किया राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव 25 सितंबर को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग की। प्रस्ताव में कहा गया कि यह मांग 26 जून 2000 और 6 नवंबर 2024 को विधानसभा से पारित प्रस्तावों के अतिरिक्त है और इसे केंद्र सरकार को भेजा जाए। उमर अब्दुल्ला ने सभी दलों से इसका समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य का दर्जा पूरे जम्मू-कश्मीर से जुड़ा मुद्दा है। 2000 के प्रस्ताव के जिक्र पर भड़की BJP BJP विधायकों की मुख्य आपत्ति प्रस्ताव में 26 जून 2000 के autonomy resolution का संदर्भ दिए जाने पर थी। उस समय फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने जम्मू-कश्मीर को 1953 से पहले जैसी अधिक स्वायत्त संवैधानिक स्थिति देने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया था। बाद में तत्कालीन केंद्र सरकार ने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। सदन के वेल में पहुंचे BJP विधायक जैसे ही प्रस्ताव पेश किया गया, BJP विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कई सदस्य सदन के वेल में पहुंच गए। कुछ विधायकों ने प्रस्ताव की प्रतियां भी फाड़ दीं। विरोध के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने को कहा, लेकिन हंगामा जारी रहने के बाद सदन की कार्यवाही करीब 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। विक्रम रंधावा को मार्शलों ने बाहर निकाला हंगामे के बीच BJP विधायक विक्रम रंधावा को सदन से बाहर निकालने का निर्देश दिया गया। इसके बाद विधानसभा के मार्शलों ने उन्हें सदन से बाहर कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक रंधावा और अन्य BJP विधायक प्रस्ताव के खिलाफ लगातार विरोध और नारेबाजी कर रहे थे। BJP ने लगाया ‘autonomy agenda’ वापस लाने का आरोप जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव की आड़ में वर्ष 2000 के autonomy resolution को दोबारा राजनीतिक बहस में लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि BJP राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे पर अपनी स्थिति रख सकती है, लेकिन पुराने autonomy resolution का संदर्भ स्वीकार नहीं करेगी। यह BJP का राजनीतिक पक्ष है। उमर अब्दुल्ला ने कहा- राज्य का दर्जा सभी का मुद्दा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है। उन्होंने केंद्र की ओर से पहले बताई गई delimitation, elections और statehood की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि परिसीमन और चुनाव हो चुके हैं और अब राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विधानसभा के जरिए केंद्र सरकार को उसके पूर्व आश्वासनों की याद दिलाई जा रही है। PDP और सज्जाद लोन ने भी रखा अपना पक्ष PDP विधायक वहीद पारा ने राज्य के दर्जे वाले प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इसमें Article 370 और Article 35A का भी स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए था। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस प्रमुख सज्जाद लोन ने भी राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन किया और BJP के विरोध की आलोचना की। ये संबंधित दलों और नेताओं के राजनीतिक रुख हैं। नवंबर 2024 के प्रस्ताव का भी जिक्र मौजूदा प्रस्ताव में 6 नवंबर 2024 को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पारित प्रस्ताव का भी संदर्भ है। उस प्रस्ताव में विशेष दर्जे और संवैधानिक गारंटी की बहाली पर केंद्र और जम्मू-कश्मीर के निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की मांग की गई थी। 25 सितंबर की घटना के बाद राज्य के दर्जे और पुराने autonomy resolution को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस और BJP के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। फिलहाल प्रस्ताव को लेकर दोनों पक्षों की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। source – The Indian Express / The Tribune / Daily Excelsior / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

