Punjab Kings win

Punjab Kings win: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को दी 37 रनों से करारी शिकस्त

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 54वां मुकाबला पंजाब किंग्स लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया। 4 मई को धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 37 रनों से हरा (Punjab Kings win) दिया। पंजाब ने प्रभसिमरन की धमाकेदार पारी की बदौलत लखनऊ को करारी शिकस्त दी। पंजाब की इस धमाकेदार जीत में कप्तान अय्यर का भी अहम योगदान रहा। अय्यर ने 25 गेंदों पर 4 चौके और 2 छक्कों की मदद से 45 रन बनाए। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकटों के नुकसान पर 236 रनों का स्कोर खड़ा किया। 236 रनों के पहाड़ से लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 199 रन ही बना सकी।  12 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जीत (Punjab Kings win) मिली है लखनऊ सुपर जायंट्स की इस करारी शिकस्त (Punjab Kings win) पर कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि “निश्चित रूप से ये बहुत बड़ा टारगेट था। जब आप गलत समय पर अहम कैच छोड़ते हैं तो यह आपको भारी नुकसान पहुंचाता है। हमने सोचा कि यह और ज्यादा करेगा, लेकिन हमने शुरुआत में सही लैंथ नहीं चुनी। लेकिन यह खेल का एक अहम हिस्सा है।  सपना अभी भी जिंदा है। अगर हम अगले तीन मैच जीत सकते हैं तो हम निश्चित रूप से पलटवार कर सकते हैं और अद्भुत चीजें कर सकते हैं। हर मैच में आप अपने टॉप ऑर्डर से अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद नहीं कर सकते। हमें कभी-कभी स्कोर को डीप भी ले जाना पड़ेगा। हमारे सामने एक विशाल लक्ष्य था और इससे हमें बहुत नुकसान हुआ।” रोचक बात यह कि 12 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जीत मिली है। इससे पहले आखिरी बार टीम को साल 2013 में कप्तान एडम गिलक्रिस्ट की अगुवाई में जीत मिली थी। 12 साल जाकर पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में जीत दर्ज की ही। इस तरह श्रेयस अय्यर पंजाब को धर्मशाला में जीत दिलाने वाले दूसरे कप्तान बन गए हैं।  इसे भी पढ़ें:- 10 साल बाद अपने ही घर में मुंबई इंडियंस को आरसीबी से मिली करारी शिकस्त पिछले दो सीजन में धर्मशाला में अपने चारों मैच (Punjab Kings win) हारी थी पंजाब किंग्स  बता दें कि पिछले दो सीजन में पंजाब किंग्स ने धर्मशाला में अपने चारों मैच (Punjab Kings win) हारे थे। साल 2010 से 2013 तक धर्मशाला में हर सीजन में 2 मैच खेले गए थे। इसके बाद 9 वर्षों तक यहाँ कोई मैच नहीं हुए थे। साल 2023 से अब यहां हर सीजन मैच खेले जा रहे हैं। आईपीएल  2025 में धर्मशाला को 3 मैच की मेजबानी मिली हुई है। इस जीत के साथ ही पंजाब की टीम न सिर्फ अपनी प्लेऑफ की दावेदारी मजबूत की बल्कि पाइंट्स टेबल में लंबी छलांग लगाते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। पंजाब किंग्स ने अब तक 11 मैचों में 7 जीतों में दर्ज की है। 7 मैच जीतने के बाद पंजाब टीम के बाद 15 पाइंट हो गए हैं। आपको जानकर बड़ी हैरत होगी कि आईपीएल में यह 11 साल बाद ऐसा हुआ है कि जब पंजाब किंग्स की टीम के लीग स्टेज में 14 से ज्यादा पाइंट हो गए हैं। इससे पहले साल 2014 में टीम ने 22 पाइंट हासिल किए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Punjab Kings win #PunjabKingsWin #ShreyasIyer #PBKSvsLSG #IPL2025 #CricketVictory #PBKS #LKNvsPBKS #IPLHighlights #ShreyasIyerCaptain #CricketNews

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India Pakistan water dispute

Indus Water Treaty: बूंद-बूंद को तरसेंगे पाकिस्तानी, सिंधु जल संधि संस्पेंड करने के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी का पानी, अगला नंबर झेलम का

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने सभी का नाम और धर्म पूछकर दिन-दहाड़े गोली मार दी थी। इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। बढ़ते तनाव और लोगों के रोष को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ छह दशक पुरानी सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। भारत ने पहलगाम हमले के एक दिन बाद पाकिस्तानियों का पानी बंद करने का फैसला लिया था। इस फैसले से पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। अभी पाकिस्तानी इस सदमें से उबरे भी नहीं थे कि भारत ने एक और झटका दे दिया है। दरअसल, भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक (Indus Water Treaty) दिया है। ध्यान देने वाली बात ये कि यह कदम सिंधु नदी से पड़ोसी देश को एक भी बूंद पानी नहीं जाने देने के अपने फैसले पर अमल करते हुए उठाया गया है। यही नहीं, इसके अलावा भारत झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध से भी पानी के बहाव को कम करने की तैयारी कर रहा है।  पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक हो गया है (Indus Water Treaty) कम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक लंबी चर्चा और हाइड्रोलॉजिकल परीक्षण के बाद भारत ने बगलिहार बांध से गाद निकालने का काम शुरू कर (Indus Water Treaty)) दिया है। इसके चलते स्लुइस गेट को नीचे दिया है। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक कम हो गया है। यही नहीं, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ इसी तरह के अभियान की योजना किशनगंगा बांध के लिए भी बनाई गई है। इस पूरे मुद्दे पर एक दूसरे अधिकारी ने (पहचान न जाहिर करने की शर्त पर) कहा कि “हमने बगलिहार जल विद्युत परियोजना के द्वार बंद कर दिए हैं। हमने जलाशय से गाद निकालने का काम किया था और इसे फिर से भरना है।” इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील झेलम नदी का पानी भी रोकने की है (Indus Water Treaty) तैयारी  गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि पाकिस्तान द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने ये कार्रवाई की है। यही नहीं, इसके अलावा इसमें देश के सभी बंदरगाहों पर पाकिस्तानी झंडों वाले जहाजों के रुकने पर प्रतिबंध भी शामिल (Indus Water Treaty) है। खबर के मुताबिक कहा तो यह भी जा रहा है कि उत्तर पश्चिमी हिमालय में गुरेज घाटी में स्थित किशनगंगा बांध जो कि झेलम नदी पर है, जहाँ पहला मेगा हाइड्रोपावर प्लांट लगा है, बहुत जल्द बड़े पैमाने पर वहां पवार भी रखरखाव का काम शुरू होगा। इसके चलते इससे नीचे की ओर बहने वाले सभी पानी को रोक दिया जाएगा। Latest News in HindiToday Hindi news Indus Water Treaty) #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #WaterCrisis #ChenabRiver #JhelumRiver #IndiaNews #PakistanNews #WaterDispute #Geopolitics #IndusTreaty

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Rakshas Tal mystery

Rakshas Tal: वैज्ञानिकों का भी दिमाग चकराया: आखिर एक ही स्थान पर होने के बावजूद मानसरोवर झील और राक्षस ताल में क्यों है इतना भयानक अंतर?

इस साल यानी 30 जून 2025 से कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Yatra) की शुरुआत होने जा रही है। भारी तादाद में श्रद्धालु कैलास मानसरोवर के दर्शन हेतु जाते हैं। इस दौरान कैलाश दर्शन के साथ ही लोग मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल (Rakshas Tal) के भी दर्शन करते हैं। यह दोनों झीलें 2-3 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति हैं। सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह कि मानसरोवर झील और राक्षस ताल एक ही वातावरण, एक जैसी ऊंचाई पर होने के बावजूद भी दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। कारण यही जो सदियों से लोग जानना चाहते हैं कि एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये दोनों झीलें इतनी अलग क्यों हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि धार्मिक शास्त्रों में बताए गए तथ्यों को विज्ञान नहीं मानता। यह तो ठीक, लेकिन विज्ञान भी इस बात का जवाब नहीं दे पाया है कि आखिर एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये मानसरोवर और राक्षस ताल में इतना फर्क क्यों है? ऐसे में आइये जानते हैं दोनों में क्या है अंतर?   राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक तरह से खारे पानी की झील है बता दें कि राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक अर्धचंद्राकार खारे पानी की झील है। अर्धचंद्राकार आकार अंधेरे का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह वही स्थान है, जहां राक्षस राजा रावण ने भगवान शिव की तपस्या और उनकी आराधना की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव के अनन्य भक्त रावण ने खुद राक्षस ताल का निर्माण किया था। रावण अपनी इच्छा पूरी करने हेतु कैलाश पर्वत गया था। कैलाश जाने से पहले उसने राक्षस ताल में स्नान किया और वहीं ध्यान लगाया। इस बीच जब रावण ने राक्षस ताल में डुबकी लगाई, तो झील आसुरी शक्तियों के कब्जे में आ गई और नकारात्मकता से भर गई। कहते हैं कि राक्षस झील का पानी इतना खारा कि इसके अंदर मछली या कोई दूसरा जानवर रह ही नहीं सकता। झील का हल्के धूसर रंग का है। लोगों का दावा तो यहाँ तक है कि कुछ महीनों बाद राक्षस झील के पानी का रंग बदल जाता है।  इसे भी पढ़ें:-  इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? किसी को भी राक्षस ताल (Rakshas Tal) के पास जाने की नहीं है इजाजत  यही नहीं, राक्षस ताल (Rakshas Tal) के ठीक करीब एक छोटी नदी भी है। जिसे गंगचु नदी कहते हैं। यह नदी मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल को जोड़ती है। ऐसी मान्यता है कि मानसरोवर से पवित्र जल ले जाने हेतु इस नदी को ऋषियों द्वारा बनाया गया था। राक्षस ताल का पानी खारा होने के साथ-साथ विषैला भी है। जानकारों की माने तो इसमें स्नान करने अथवा इसका पानी पीने से जान तक जा सकती है। कारण यही जो राक्षस ताल के इर्द गिर्द चीन सरकार ने बाड़ लगाकर राक्षस ताल के क्षेत्र को घेर रखा है। किसी को भी इस झील के पास जाने की इजाजत नहीं है। इसे सिर्फ दूर से ही देखा जा सकता है। बता दें कि राक्षस ताल, कैलाश पर्वत के पश्चिम में तकरीबन 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ताल के आसपास डोला, लाचतो, तोपसरमा और दोशर्बा नामक 4 द्वीप हैं। तिब्बती भाषा में इसे लांगगर चो या ल्हानाग त्सो के नाम से जाना जाता है। इसका है जहर की काली झील। ऐसा इसलिए कि तिब्बतियों का ऐसा मानना है कि इसका पानी शापित है। इसे छूने मात्र से भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिये लोग इसके आसपास भी नहीं भटकते।  Latest News in Hindi Today Hindi Mansarovar Lake #RakshasTal #MansarovarLake #MysteryLake #TibetMystery #HimalayanSecrets #ScienceVsMyth #NatureWonder #HolyLake #StrangePhenomena #MythicalLakes

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मोलस्कम कंटेजियोसम: सेकंड हैंड कपड़े पहनने से पहले जान लें इस व्यक्ति का दर्दनाक अनुभव

अपने भाई-बहनों के पुराने कपड़े (Clothes) पहनना हर भारतीय परिवार में एक रिवाज की तरह है। लेकिन, आजकल आप ऑफलाइन ही नहीं बल्कि ऑनलाइन भी सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद और बेच सकते हैं। ऐसी कई वेबसाइट्स हैं, जिनसे आप इस सुविधा का आनंद ले सकते हैं। पुराने कपड़े (Clothes) खरीदने के कई फायदे हैं जैसे यह सस्ते होते हैं, एनवायरनमेंट के लिए फायदेमंद हैं, कम कीमत में अच्छी क्वॉलिटी मिल जाती है। लेकिन, इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीदना महंगा पड़ा एक व्यक्ति को, जिसे इसके कारण एक बड़ी स्किन प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा। आइए जानें इस बारे में विस्तार से। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) के अन्य नुकसानों के बारे में भी जानें। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनना पड़ा भारी: पाएं जानकारी सोशल मीडिया आजकल एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है, जहां लोग हर एक चीज शेयर कर सकते हैं। हाल ही में एक व्यक्ति ने शेयर किया कि उसने सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद कर पहने और उसकी वजह से उसे वायरल स्किन इंफेक्शन हुआ। उस व्यक्ति के अनुसार इन कपड़ों की वजह से उसे  मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) जैसी समस्या का सामना करना पड़ा। मोलस्कम कॉन्टैगिओसम एक स्किन इंफेक्शन है। आइए जानें कि मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) क्या है और यह कितना खतरनाक हो सकता है? मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) एक वायरल स्किन इंफेक्शन है ,जिसका कारण होता है मोलस्कम कंटेजियोसम वायरस। इसके कारण स्किन पर छोटे, गोल और ऊपर उठे हुए मस्से हो सकते हैं। यह मस्से दर्दभरे नहीं होते हैं लेकिन इनमे खुजली हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर हानिरहित हैं लेकिन इसके कारण रोगी को परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। यह तो थी पुराने कपड़े (Clothes) पहनने से होने वाली समस्या के बारे में जानकारी। अब जानिए कि सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes)पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं? इसे भी पढ़ें: महामारी की आशंका: अमेरिका में H5N1 के नए मामले, दुनिया भर में चिंता सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं?  सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यह समस्याएं इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Second hand clothes #clothes #Secondhandclothes #skinproblems #MolluscumContagiosum

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Hanuman Ji

जब हनुमान जी ने सूर्य को समझा फल, निगल गए पूरे ब्रह्मांड का उजाला

हनुमान जी (Hanuman Ji) को बल, बुद्धि और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। वे बालपन से ही असाधारण शक्तियों से संपन्न थे और यही कारण है कि उनकी बाल लीलाएं भी उतनी ही अद्भुत और चमत्कारी हैं, जितनी उनकी युवावस्था की वीरता। ऐसी ही एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है, जब बालक हनुमान ने सूर्य देव (Lord Sun) को लाल फल समझकर निगल लिया था। इस घटना से न केवल धरती बल्कि पूरे ब्रह्मांड में अंधकार छा गया और देवताओं में हाहाकार मच गया था। बाल हनुमान की भूख और सूर्य को फल समझने की कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा केसरी और माता अंजनी के घर एक विलक्षण बालक का जन्म हुआ, जिसे मारुति नाम दिया गया। यह बालक साधारण नहीं था, उसमें देवताओं द्वारा प्रदान की गई दिव्य शक्तियां विद्यमान थीं। बचपन से ही मारुति बेहद चंचल, बलवान और बुद्धिमान थे। एक दिन उन्होंने आकाश में चमकते हुए सूर्य को देखा, जो उन्हें एक लाल और दमकते हुए पके आम की तरह प्रतीत हुआ। उसे देखकर उनके भीतर उसे खाने की इच्छा जाग उठी। वे तुरंत आकाश की ओर उड़ चले और इतनी तेजी से बढ़े कि देवता भी अचंभित रह गए। हनुमान जी (Hanuman Ji) ने सूर्य को पकड़ने की कोशिश की और अंत में उसे निगल लिया। जैसे ही उन्होंने सूर्य को निगला, समस्त पृथ्वी पर अंधकार छा गया और दिन में ही रात जैसा माहौल बन गया। इससे सभी जीव-जंतु भयभीत हो उठे। देवताओं की चिंता और इंद्र का हस्तक्षेप इसके बाद सभी देवता चिंतित होकर ब्रह्मा जी के पास पहुंचे। ब्रह्मा जी ने इंद्र देव को निर्देश दिया कि वे उस बालक को रोकें। इंद्र देव ने अपने वज्र से मारुति यानी हनुमान जी पर प्रहार किया, जिससे वे सीधे धरती पर गिर पड़े। यह देखकर ब्रह्मा जी ने हनुमान जी (Hanuman Ji) को उठाया और कहा, “यह बालक असाधारण है, इसे कोई भी क्षति नहीं पहुंचा सकता।” इसके बाद ब्रह्मा जी ने उन्हें अमरता और विजय का वरदान दिया। अन्य देवताओं ने भी हनुमान जी को अनेक शक्तियां प्रदान कीं—जैसे अग्नि से रक्षा, जल में न डूबने की क्षमता, हवा में उड़ने की कला और अनेकों दिव्य वरदान। परंतु, बाल्यावस्था में हनुमान जी जब अपनी शक्तियों का अनुचित प्रयोग करने लगे और ऋषियों की तपस्या में विघ्न डालने लगे, तो ऋषियों ने उन्हें श्राप दिया कि वे अपनी शक्तियों को भूल जाएंगे और तब तक नहीं याद कर पाएंगे, जब तक कोई उन्हें स्मरण न कराए। इसी कारण जब आगे चलकर हनुमान जी (Hanuman Ji) की भेंट श्रीराम से हुई, तभी उन्हें अपनी सभी दिव्य शक्तियों का पुनः स्मरण हुआ और वे भगवान राम के अनन्य भक्त व शक्तिशाली बजरंगबली के रूप में प्रतिष्ठित हुए इसे भी पढ़ें:-  क्यों चढ़ाया जाता है हनुमान जी को सिंदूर? जानिए त्रेता युग से जुड़ी यह अद्भुत कथा देवताओं का समाधान और हनुमान को वरदान समस्त देवताओं ने वायुदेव को शांत करने और हनुमान जी (Hanuman Ji) की क्षमा याचना हेतु मिलकर उन्हें अनेक वरदान दिए। ब्रह्मा जी, इंद्र देव, वरुण देव, यमराज आदि ने बालक हनुमान को अमरता, अजेयता, बल, बुद्धि, वेदों का ज्ञान और हर प्रकार के दैवीय वरदान दिए। इस प्रकार हनुमान जी त्रेतायुग के सबसे बलशाली और बुद्धिमान देवता बने। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Hanuman Ji #Hanuman #HanumanStory #HinduMythology #SuryaDev #IndianLegends #HanumanJayanti #MythologicalTales #LordHanuman #SpiritualIndia #DivineStories

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BSNL new plan

BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म

हमारे देश में कई टेलीकॉम कंपनियां हैं, जो समय-समय पर अपने ग्राहकों के लिए नए-नए ऑफर्स लाती रहती हैं। रिलायंस जियो, एयरटेल और बीएसएनएल (BSNL) कुछ प्रसिद्ध टेलीकॉम कंपनियां हैं। बीएसएनएल कंपनी मोबाइल, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड और अन्य सेवाएं अपने ग्राहकों को प्रदान करती हैं। इसका नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है। आजकल रिचार्ज प्लान बहुत महंगे हो गए हैं। हर महीने वैलिडिटी (Validity) के लिए ग्राहकों को बहुत अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। बीएसएनएल (BSNL) एक ऐसा नया प्लान ले कर आया है जिससे कम कीमत में 180 दिन की वैलिडिटी (Validity) मिल रही है। यानी, कम कीमत में आपको अधिक लाभ हो सकता है। आइए जानें कि बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) क्या है?   बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan): पाएं जानकारी बीएसएनएल (BSNL) कंपनी कई तरह के प्लान ले कर आती है जिससे यूजर्स की आवश्यकताएं पूरी हो सकती हैं। यूजर अपनी इच्छानुसार इनमे से अपने लिए बेहरीन प्लान्स को चुन सकते हैं। आइए जानें कि बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) क्या है, जो कम कीमत में लम्बी वैलेडिटी प्रदान करता है?   यह है बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan)?  बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) कम दामों में लम्बी वैलिडिटी प्रदान कर रहा है। यह प्लान केवल  897 रुपये  का है जिसमें ग्राहकों को 180 दिनों की लम्बी वैलिडिटी (Validity) मिल रही है। अगर किसी के पास बीएसएनएल (BSNL) का प्रीपेड सिम है तो यह रिचार्ज उनके लिए परफेक्ट है। इससे आपको किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कालिंग और रोजाना 100 मैसेजिज की सुविधा भी मिलेगी। 80 दिनों की वैलिडिटी (Validity) वाले इस प्लान में आपको डेटा भी मिल रहा है। इस प्लान में आपको टोटल 90GB डेटा मिल रहा है और इसमें कोई डेली लिमिट नहीं है। आप इस डेटा को एक ही दिन में भी खत्म कर सकते हैं या रोजाना थोड़ा थोड़ा इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से इस रिचार्ज को कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें:-  पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर बीएसएनएल के अन्य किफायती प्लान अगर आपको लम्बी वैलिडिटी (Validity) चाहिए, तो यह बीएसएनएल (BSNL) के प्लान भी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं:  Latest News in Hindi Today Hindi   #BSNLnewplan #BSNL #validity #telecomecompany #data

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India response to terror

India Pakistan trade ban: पाकिस्तान पर एक और बड़ी चोट, पहलगाम हमले के बाद भारत ने सभी तरह के आयात-निर्यात पर लगाई रोक

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी देखी जा रही है। जिसका असर दोनों देशों के व्यापार पर भी (India Pakistan trade ban) पड़ रहा है। गौरतलब हो कि सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद भारत सरकार ने अब सभी तरह के आयात और निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का व्यापार नहीं होगा। न भारत से कोई पाकिस्तान जाएगी और नहीं पाकिस्तान से कोई भी चीज भारत ही आएगी। सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अब पाकिस्तान से पूरी तरह से आयात-निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।” पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े एक्शन लेते हुए भारत ने पहले डायरेक्ट ट्रेड को बंद किया था। लेकिन अब सरकार ने सभी तरह के इनडायरेक्ट ट्रेड को भी बंद करने का फैसला किया है। कहने की जरूरत नहीं, भारत सरकार का यह फैसला पाकिस्तान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब जाहिर है पाकिस्तानी जहाज भारत के पोर्ट पर नहीं रुकेंगे।  पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए (India Pakistan trade ban) जाते हैं  बता दें कि वाणिज्य मंत्रालय ने इस आदेश को लेकर एक नोटिफिकेश भी जारी किया है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट आयात-निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक (India Pakistan trade ban) लगा दी है। गौरतलब हो भारत ने पहलगाम हमले के बाद वाघा-अटारी क्रॉसिंग को पहले ही बंद कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि ये वही एकमात्र मार्ग था जिससे दोनों देशों के बीच कारोबार होता था। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पाकिस्तान से भारत में कौन सामान आयात किया जाता था। तो बता दें कि पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए जाते थे। इसके अलावा इनमें ड्राई फ्रूट्स, कपास, सीमेंट और स्टील भी शामिल हैं। यही नहीं, भारत-पाकिस्तान से कार्बनिक केमिकल्स, कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट और चश्मों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल्स भी आयात करता है।  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है (India Pakistan trade ban) गौर करने वाली बात यह कि पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान पर एक के बाद एक बड़े स्ट्राइक करते जा रहा है। एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के आयात (India Pakistan trade ban) पर बैन लगा दिया है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है। इससे न सिर्फ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, बल्कि भारतीय बाजार में कुछ खास किस्म के उत्पादों की उपलब्धता में कमी देखी जाएगी।  Latest News in HindiToday Hindi news India Pakistan trade ban #IndiaPakistanTradeBan #PahalgamAttack #IndiaStrikesBack #TradeBanOnPakistan #IndiaPakistanTensions #ModiOnPakistan #ImportExportBan #NationalSecurityIndia #IndiaPakistanNews #TerrorAttackResponse

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Powerful goddess Baglamukhi

बगलामुखी जयंती 2025: शत्रुनाशिनी देवी की आराधना से मिलती है विजय और सुरक्षा

हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं का विशेष महत्व है, जिनमें से एक हैं मां बगलामुखी। इन्हें तंत्र साधना की देवी भी कहा जाता है। मां बगलामुखी की उपासना विशेष रूप से शत्रु नाश, वाद-विवाद में विजय, मुकदमे में सफलता और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है। हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बगलामुखी जयंती मनाई जाती है। यह तिथि 2025 में कब पड़ रही है और मां की उपासना का क्या महत्व है, आइए विस्तार से जानते हैं। बगलामुखी जयंती 2025 में कब है? मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवें स्थान पर आती हैं। इन्हें ‘पीताम्बरा देवी’ भी कहा जाता है क्योंकि इनका वस्त्र, श्रृंगार और आसन पीले रंग का होता है। पीला रंग मां का प्रिय रंग है, और यही रंग तंत्र साधना में भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। मां का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और रौद्र है। उनके हाथ में एक गदा होती है, जिससे वे शत्रुओं का संहार करती हैं। देवी पार्वती के उग्र रूप के रूप में पूजित मां बगलामुखी की जयंती (Baglamukhi Jayanti 2025) हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 5 मई को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि की शुरुआत 4 मई को सुबह 7:18 बजे होगी और इसका समापन 5 मई को सुबह 7:35 बजे होगा। चूंकि हिंदू धर्म में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए बगलामुखी जयंती 5 मई को मनाई जाएगी और इसी दिन मां की पूजा और विशेष साधना की जाएगी। पीले रंग का महत्वमां बगलामुखी का स्वरूप सुनहरे पीले रंग का होता है, इसलिए उनकी पूजा में पीले वस्त्र धारण किए जाते हैं और पूजा सामग्री भी अधिकतर पीले रंग की होती है। साधना शुरू करने से पहले हरिद्रा गणपति की पूजा और उनका आह्वान किया जाता है। साधना का ज्ञान ब्रह्माजी ने दिया थापौराणिक कथाओं के अनुसार, बगलामुखी साधना का प्रथम उपदेश ब्रह्माजी ने सनकादि ऋषियों को दिया था। उनसे प्रेरित होकर देवराज नारद ने मां बगलामुखी की उपासना की। आगे चलकर भगवान विष्णु ने यह दिव्य विद्या भगवान परशुराम को प्रदान की थी। बगलामुखी जयंती पर क्या करें पूजा विधि? बगलामुखी जयंती के दिन विशेष पूजा और अनुष्ठान करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनें और पीले फूल, हल्दी, चना दाल, बेसन के लड्डू आदि का उपयोग कर पूजन करें। पूजन विधि: इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया युद्ध से पहले पांडवों ने की थी आराधना पांडवों ने भी मां बगलामुखी की आराधना की थी। ऐसा कहा जाता है कि महाभारत युद्ध से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को रात के समय मां बगलामुखी की साधना करने का सुझाव दिया था, जिससे उन्हें विशेष सिद्धि प्राप्त हो सके। मां बगलामुखी के तीन प्रमुख ऐतिहासिक मंदिर भारत में स्थित हैं—मध्य प्रदेश के दतिया और नलखेड़ा (आगर मालवा) में दो, और तीसरा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News  #BaglamukhiJayanti2025 #ShatruNashiniDevi #BaglamukhiPuja #GoddessBaglamukhi #VictoryWithPuja #HinduFestivals2025 #DeviBhakti #TantricWorship #SpiritualProtection #BaglamukhiMantra

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Pakistan Army urges citizens to stock 2-month

Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration: पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में डर का माहौल है। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सेना को किसी भी तरह हमले का जवाब देने के लिए खुली छूट दे दी है। कारण यही जो डरी सहमी पाक आर्मी ने (Pakistan Army) एलओसी (LOC) के आस-पास रहने वाले लोगों को खाने-पीने का सामान एडवांस में जमा करने (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) का आदेश दे दिया है। दरअसल, पीओके (POK) के प्रधानमंत्री चौधरी अनवर उल हक ने शुक्रवार को स्थानीय विधानसभा में कहा कि “नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित 13 निर्वाचन क्षेत्रों में दो महीने के लिए खाद्य आपूर्ति का भंडारण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ” हमले के मद्देनजर क्षेत्रीय सरकार ने 13 निर्वाचन क्षेत्रों में खाद्य, दवाइयां और अन्य सभी बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अरब परुपये ($3.5 मिलियन) का आपातकालीन कोष भी बनाया है।”  पीओके में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए किये गए बंद (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हालाँकि पीओके के प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि “नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में सड़कों की मरम्मत के लिए सरकारी और निजी मशीनरी भी तैनात की जा रही है। इसके अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हैं। पाक आर्मी (Pakistan Army) के स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की तरफ से हमले के डर की वजह से पीओके (POK) में स्थित मदरसों को बंद कर दिया गया। भारत यह दावा करता रहा है कि इन संस्थानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है। इस बीच स्थानीय लोगों का मानना है कि “भारत पाकिस्तान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध तो नहीं करेगा, लेकिन नियंत्रण रेखा (LOC) के भीतर हमला जरूर करेगा।”  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं और दोनों के बीच युद्ध की स्थिति  हुई है बनी बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। पहले तो इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े आतंकी ग्रुप टीआरएफ ने ली थी, लेकिन भारत के रुख को देख टीआरएफ ने इससे पल्ला झाड़ लिया था। आलम यह है कि इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं। इस बीच ध्यान देने वाली बड़ी बात यह कि युद्ध के डर से पाकिस्तान की (Pakistan Army) ने अपने नागरिकों से 2 महीने का खाना, एडवांस में जमा करने के लिए कह दिया है। जानकारी के मुताबिक पीओके में पाकिस्तानी नेता, लोगों से कह रहे हैं कि “जंग कभी हो सकती है, इसलिए वो अपने घरों में दो महीने का खाना जमा करके (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) रख लें।” गौरतलब हो कि इस हमले एक बाद नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने इत्यादि शामिल हैं। अब पाकिस्तान के लोगों के मन में डर माहौल है।  Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration #PakistanArmy #PahalgamAttack #IndiaPakistanTension #PakistanNews #RationAlert #PakArmyFear #SecurityAlert #StockRation #BorderTensions #PanicInPakistan

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After Suhas Shetty's murde

Suhas Shetty Murder: सुहास शेट्टी की हत्या के बाद कर्नाटक में सियायत हुई तेज, बीजेपी ने सिद्दारमैया सरकार पर लगाया ये आरोप

कर्नाटक के मंगलूरू (Mangaluru) में गुरुवार की रात बजरंग दल (Bajarang Dal) के कार्यकर्ता सुहास शेट्टी (Suhas Shetty Murder) की बेहरमी से हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड की वजह से कर्नाटक की राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। पूरे शहर में तनाव का माहौल है। जानकारी के मुताबिक मंगलूरू पुलिस ने बढ़ते तनाव मद्देनजर पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है। सुरक्षा का आलम यह है कि पुलिस नेचप्पे-चप्पे पर चेकपोस्ट लगाए गए हैं। इस हत्याकांड के सिलसिले में बाजपे पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें तलाश में लगी हैं। इस पूरे मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर. हितेंद्र ने कहा कि “हमने सुरक्षा व्यवस्था कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने आगे बताया कि “आरोपियों की पहचान हो चुकी है और हमारी टीमें उन्हें पकड़ने में जुटी हैं।” खैर, इस हत्याकांड के बाद भाजपा ने सुहास शेट्टी के परिजनों को 25 लाख रुपए देने की घोषणा की है। भाजपा नेता विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कहा कि “कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से हिंदू समुदाय में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हम दृढ़ता से आग्रह करते हैं कि सुहास शेट्टी की क्रूर हत्या की जांच एनआईए को सौंपी जाए ताकि पूरी तरह से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।”  गुरुवार रात करीब 8:27 बजे मंगलूरू (Mangaluru) के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में हुई यह (Suhas Shetty Murder) भयानक घटना  प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मामले (Suhas Shetty Murder) में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच कर शुरू कर दी है। पुलिस इस हत्याकाँड को पुरानी दुश्मनी से जोड़कर देख रही है। फ़िलहाल पुलिस पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी का नतीजा है या किसी हालिया घटना से जुड़ी हुई है। मसलन, कुछ दिन पहले कुदुपु में केरल के एक मजदूर की मॉब लिंचिंग हुई थी। गौरतलब हो कि सुहास शेट्टी एक हिस्ट्रीशीटर था। वह 2022 में हुए चर्चित फाजिल मर्डर केस का मुख्य आरोपी भी था। जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात करीब 8:27 बजे मंगलूरू (Mangaluru) के बाजपे इलाके के किन्निकांबला में इस भयानक घटना को अंजाम दिया गया। सुहास एक गाड़ी (KA-12-MB-3731) में अपने 5 साथियों संजय, प्रज्वल, अन्वित, लतीश और शशांक के साथ घूम रहा था। तभी एक स्विफ्ट कार और पिकअप ट्रक में सवार 5-6 हमलावरों ने सुहास की गाड़ी को रोका। और इसके बाद उसे बाहर खींचकर उसपर तेज़ धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसके बाद सभी आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। इस बीच सुहास को गंभीर हालत में एजे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता (Suhas Shetty Murder) का हाथ- सांसद पीसी मोहन ध्यान देने वाली बात यह पूरा हमला सीसीटीवी में रिकॉर्ड (Suhas Shetty Murder) हो गया। इस हत्याकांड से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वायरल इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर गिरे सुहास पर हमलावर धारदार हथियारों से वार पर वार किये जा रहे हैं और वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने देख रहे हैं। इस बीच बजरंग दल (Bajarang Dal) कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के बाद कर्नाटक में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी शुरू हो गई। भाजपा ने इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता का हाथ बताया है। भाजपा सांसद पीसी मोहन ने कहा कि “यह हत्या जिहादी मानसिकता के लोगों द्वारा की है गई।” Latest News in Hindi Today Hindi News Mangaluru #SuhasShettyMurder #KarnatakaPolitics #Siddaramaiah #BJPVsCongress #KarnatakaNews #PoliticalClash #LawAndOrder #BreakingNews #IndiaPolitics #MurderCase

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