मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ मार्ग पर यातायात बहाल, भूस्खलन के बाद प्रशासन अलर्ट
मुंबई, 7 जुलाई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए ‘मिसिंग लिंक’ (कनेक्टिंग लिंक) सेक्शन पर भारी मानसूनी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद बंद किया गया मुंबई की ओर जाने वाला मार्ग अब दोबारा खोल दिया गया है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने मलबा हटाने और विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद यातायात बहाल करने की अनुमति दी। टनल-2 के पास हुआ भूस्खलन अधिकारियों के अनुसार भूस्खलन टनल-2 के निकास क्षेत्र के पास हुआ, जहां भारी बारिश के कारण बड़ी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें सड़क पर आ गईं। एहतियात के तौर पर मुंबई की ओर जाने वाला मार्ग तत्काल बंद कर दिया गया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। 18 घंटे बाद यातायात सामान्य MSRDC, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों ने युद्धस्तर पर मलबा हटाने का अभियान चलाया। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद लगभग 18 घंटे के भीतर यातायात दोबारा शुरू कर दिया गया। हालांकि कुछ हिस्सों में वाहनों की गति नियंत्रित रखी गई है और निगरानी जारी है। मानसून के बीच बढ़ाई गई निगरानी लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने पूरे घाट क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी शुरू कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर इंजीनियरों और तकनीकी टीमों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी संभावित भूस्खलन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की भी अपील की गई है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज घटना के बाद एक्सप्रेसवे परियोजना की गुणवत्ता और मानसून के लिए तैयारियों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने कहा है कि रिकॉर्ड बारिश के कारण यह स्थिति बनी और भविष्य में ऐसे जोखिम कम करने के लिए तकनीकी समीक्षा कराई जाएगी। भविष्य की रणनीति विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी घाट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार भू-वैज्ञानिक निगरानी, ढलानों की मजबूती और वर्षा जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मानसून के पूरे मौसम में मिसिंग लिंक सेक्शन पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्रोत:महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC), महाराष्ट्र पुलिस एवं आधिकारिक प्रशासनिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

