प्रमुख खबरें

आदिवासी बस्तियों में पेयजल व्यवस्था पर सवाल, CJP ने दिखाई जमीनी हकीकत

बालाघाट, 14 सितंबर 2026: Madhya Pradesh के Balaghat जिले की आदिवासी बस्तियों में पेयजल, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रभावित गांवों के दौरे के बाद social media पर videos और तस्वीरें साझा करते हुए स्थानीय पानी की quality और tribal families को मिल रही basic facilities पर सरकार से जवाब मांगा। यह मामला ऐसे समय उठा है जब जिले में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की reports पहले ही प्रशासनिक और judicial scrutiny के दायरे में हैं।

नल के पानी का Video Share कर उठाया सवाल

Abhijeet Dipke ने एक tribal village में उपलब्ध tap water का video share करते हुए सवाल किया कि क्या राज्य के मंत्री और विधायक अपने बच्चों को ऐसा पानी पिलाना चाहेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित drinking water जैसी basic facility भी पर्याप्त रूप से नहीं मिल रही है। कुछ tribal families के अब भी river water पर निर्भर होने का दावा भी उन्होंने किया।

Handpump से पीला पानी आने का भी दावा

Balaghat child deaths से जुड़ी PIL में भी प्रभावित इलाकों के handpumps से पीले रंग का पानी निकलने की शिकायत सामने आई है।

हालांकि बच्चों की मौतों को केवल contaminated water से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Centre की investigation में measles, malaria, co-infections, respiratory distress, dehydration, malnutrition, anaemia और shock समेत कई clinical causes सामने आए हैं।

Schools और ASHA Workers की स्थिति पर भी सवाल

Dipke ने tribal children के एक school का दौरा कर उसकी infrastructure condition पर भी सवाल उठाए। उन्होंने school में बच्चों को दिए जा रहे food और उपलब्ध basic facilities का जायजा लिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाके की ASHA workers को पिछले छह महीने से salary नहीं मिली है, जिससे ग्रामीण health system की स्थिति को लेकर नई चिंता पैदा हुई है।

30 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद बढ़ी चिंता

Balaghat के remote tribal villages, खासकर Baiga community से जुड़े इलाकों में पिछले कुछ समय में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की reports सामने आई हैं।

इन मौतों की एक single confirmed वजह अभी तय नहीं हुई है और जांच जारी है। कई बच्चों को hospitals में भर्ती भी कराया गया है।

High Court ने सरकार से मांगा जवाब

Madhya Pradesh High Court की Jabalpur Bench ने मामले में state government, Health Department, Women and Child Development Department और Balaghat Collector समेत संबंधित authorities को notices जारी किए हैं।

PIL में आरोप लगाया गया है कि करीब 400 बच्चों का इलाज 50-bed capacity वाले hospital में किया जा रहा था और प्रभावित क्षेत्रों में nutrition तथा drinking water की स्थिति भी खराब है।

सरकार ने परिवारों को दी आर्थिक सहायता

Balaghat administration के मुताबिक अब तक 24 मृत बच्चों के परिवारों को ₹4-4 लाख की financial assistance दी जा चुकी है और बाकी eligible families को सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।

source – Times of India / Jansatta / Madhya Pradesh High Court Proceedings

जय राष्ट्र न्यूज़

Leave a Reply

Translate »