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जयपुर SMS अस्पताल में लगी आग से 8 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

जयपुर SMS अस्पताल में लगी आग से 8 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू वार्ड में अचानक आग लग गई. आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई. जयपुर के अस्पताल में हुए इस हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे पर पीएम मोदी और राज्य के सीएम भजनलाल शर्मा ने दुख जताया है. जयपुर की घटना पर पीएम मोदी ने जताया दुख प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जयपुर स्थित एक अस्पताल में आग लगने से हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है. उन्होंने आगे कहा, “जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.” सीएम भजनलाल शर्मा ने भी जताया दुख राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें. राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने से कई मरीजों की मृत्यु हृदय विदारक है. पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहन संवेदना व्यक्त करता हूं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना है.” पूर्व सीएम ने गहलोत ने क्या कहा? राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने लिखा, “एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करने वाली है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो. प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें.”अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके. गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखा पोस्ट केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पोस्ट में लिखा, “जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में लगी आग की घटना अत्यंत दुखद है. इस हादसे में लोगों के असमय निधन की सूचना व्यथित करने वाली है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. अस्पताल और जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है तथा घायलों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है. सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.”

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रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान, पुतिन की ट्रंप को चेतावनी; दबाव बनाना बंद करे अमेरिका

रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान

रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान, पुतिन की ट्रंप को चेतावनी; दबाव बनाना बंद करे अमेरिका रूस के ब्लैक सी के रिसॉर्ट शहर सोची में आयोजित वलदाई डिस्कशन ग्रुप से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. यह संदेश सीधे तौर पर भारत से जुड़ा है. पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह भारत पर दबाव बनाना बंद करे, क्योंकि भारत जैसा देश कभी किसी के सामने अपमान स्वीकार नहीं करेगा. रूसी राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि ऐसा कोई भी कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गहरा संकट पैदा कर सकता है. पुतिन (Vladimir Putin) ने कहा कि अमेरिका भारत और चीन पर दबाव डालकर रूस से ऊर्जा संबंध खत्म नहीं करवा सकता. उन्होंने कहा कि भारत जैसा देश अपने नेतृत्व के फैसलों पर करीब से नजर रखता है और कभी किसी के सामने अपमानजनक स्थिति स्वीकार नहीं करेगा. पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि मोदी ऐसे कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे देश की गरिमा को ठेस पहुंचे. डोनाल्ड ट्रंप की दोहरी नीति पर सवाल (Vladimir Putin Target Donald Trump)पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार भारत की आलोचना कर रहा है कि वह रूस से तेल खरीद रहा है. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों ने भी कई बार भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है. पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद रूस से समृद्ध यूरेनियम खरीदता है, लेकिन बाकी देशों को रूसी ऊर्जा से दूर रहने के लिए कहता है. पुतिन (Vladimir Putin) के संदेश की मुख्य बातेंअमेरिका को भारत और चीन जैसे देशों के साथ बातचीत का तरीका बदलना होगा. अब उपनिवेशवाद का समय खत्म हो चुका है, और इन देशों को बराबरी का सम्मान देना होगा. अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद करता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. लेकिन भारत की जनता और नेतृत्व ऐसा कभी नहीं होने देंगे.अगर अमेरिका रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज्यादा शुल्क लगाता है, तो इससे वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी.सभी नाटो देश उनके खिलाफ लड़ रहे हैं और अब इसे छिपा भी नहीं रहे. यूरोप में एक केंद्र बनाया गया है जो यूक्रेनी सेना की हर गतिविधि को समर्थन देता है. भारत की मजबूत और संप्रभु स्थितिरूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह तीखा और मुखर बयान अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति में भारत की मजबूत और संप्रभु स्थिति को स्पष्ट करता है. उन्होंने न केवल भारत की तेल खरीद नीति का बचाव किया, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति भी गहरा भरोसा जताया. पुतिन ने जोर देकर कहा कि भारत-रूस के व्यापार और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान ब्रिक्स मंच या अन्य चैनलों के जरिये किया जा सकता है. पुतिन के इस बयान से यह साफ होता है कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, और वह अमेरिका को चेतावनी दे रहा है कि वह भारत पर दबाव बनाने की कोशिश न करे.

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दिल्ली पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आईपी एक्सटेंशन रामलीला समिति द्वारा आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज क्षेत्र में आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे, जहां वे पारंपरिक रावण दहन समारोह में शामिल होंगे. यह समारोह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. सत्य की जीत का शाश्वत संदेश यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री दिल्ली के दशहरा समारोह में शामिल हो रहे हैं. पिछले साल, उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के मैदान में लव कुश रामलीला में भाग लिया था, जहां उन्होंने रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतलों को जलाने के लिए तीर चलाया था. उस दौरान पीएम मोदी ने इस त्योहार के साहस, शांति और सत्य की जीत के शाश्वत संदेश पर जोर दिया था. दस संकल्प लेने का आग्रह इसके अलावा, साल 2023 में प्रधानमंत्री ने दिल्ली के द्वारका में डीडीए मैदान में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया था. उस दौरान उन्होंने लोगों से दस संकल्प लेने का आग्रह किया, जिसमें कम से कम एक गरीब परिवार की मदद करना शामिल था. उनका पारंपरिक सम्मान के साथ स्वागत किया गया था. इस दौरान हजारों लोग ‘लंका दहन’ के लिए इकट्ठा हुए थे. हथियारों की पूजा, संप्रभुता की रक्षा पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ की थी और नवरात्रि व विजयादशमी की शुभकामनाएं दी थीं. उन्होंने जातिवाद और क्षेत्रवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का आह्वान किया, जो सामाजिक सद्भाव को कमजोर करते हैं. उन्होंने विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि भारत में हथियारों की पूजा आक्रामकता या विजय के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए की जाती है. इस साल आईपी एक्सटेंशन में होने वाले समारोह में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है और प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं

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पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन, रूस के उप-प्रधानमंत्री होंगे मुख्य अतिथि नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में मंगलवार, 25 सितंबर को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का आगाज़ होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। चार दिन तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय मेगा इवेंट खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश, नवाचार और वैश्विक साझेदारी का बड़ा मंच बनने वाला है। इस बार का आयोजन खास इसलिए भी है क्योंकि रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव विशेष अतिथि के रूप में भारत आएंगे। उनके साथ भारत सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई प्राथमिकता और ताकत देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। वर्ल्ड फूड इंडिया का मुख्य मकसद भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देना और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है। इसके जरिए न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन अभी भी प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में भारी संभावनाएं मौजूद हैं। यही कारण है कि सरकार इस आयोजन को “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” अभियानों से जोड़कर देख रही है। पिछले संस्करण की सफलता को देखते हुए इस बार और भी बड़े निवेश की उम्मीद की जा रही है। 2023 में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया के दौरान करीब 33,000 करोड़ रुपये के समझौते हुए थे। इस बार लक्ष्य उससे भी आगे बढ़ने का है। इसके लिए न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से निवेशक, उद्योगपति और कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी। चार दिन तक चलने वाले इस आयोजन में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। रूस, जर्मनी, जापान, इटली और यूएई जैसे देशों की भागीदारी पहले ही सुनिश्चित हो चुकी है। इन देशों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और भी अंतरराष्ट्रीय महत्व देती है। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन भाषण में किसानों की आय बढ़ाने, नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक फूड हब बनाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में सतत विकास और पोषण से जुड़े खाद्य विकल्पों पर भी खास फोकस रहेगा। वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 न सिर्फ भारत के लिए निवेश और तकनीक का अवसर है, बल्कि यह दुनिया को यह दिखाने का मौका भी है कि भारत खाद्य सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

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पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

गुजरात, 20 सितंबर 2025 — आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जिसमें सौर ऊर्जा, समुद्री विरासत और सामाजिक विकास से जुड़े कई पहलुओं पर ज़ोर दिया गया। उनका यह दौरा इस बात का प्रतीक है कि कैसे विकास और पारंपरिक विरासत को साथ लेकर चलना संभव है। नए सोलर विलेज की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने कच्छ जिले के धोरड़ो गाँव को राज्य का चौथा पूर्णतः सौर ऊर्जा पश्चिम गाँव (solar village) घोषित किया। धोरड़ो पिछले कुछ समय से पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध है, और अब यह सोलर विलेज बनते ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उदाहरण स्थापित करेगा। राज्य सरकार ने इस पहल को पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में कदम बताया है।  राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण अपने दौरे के दौरान उन्होंने अहमदाबाद जिले की लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण किया। लगभग ₹4,500 करोड़ की इस परियोजना का उद्देश्य भारत की प्राचीन समुद्री सभ्यता और व्यापारिक इतिहास को जीवंत बनाना है। लोथल का इतिहास इंडस घाटी की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा है और NMHC में बनने वाले उद्घाटन किए जा चुके हिस्सों और चल रहे कार्यों का पीएम मोदी ने जायजा लिया।  सार्वजनिक संबोधन और रोडशो प्रधानमंत्री ने इस दौरे के दौरान जनता को संबोधित किया और रोडशो भी किया। इस तरह की सार्वजनिक उपस्थापनाएं विकास की परियोजनाओं के साथ सीधे लोगों को जोड़ने का माध्यम बनती हैं। मोदी के भाषणों में अक्सर स्थानीय जरूरतों, ग्रासरूट विकास और सरकार की योजनाओं की अहमियत बताई जाती है, जिससे जनता को सरकार की प्राथमिकताएं समझ में आती हैं।  “विरासत भी, विकास भी” का सिद्धांत प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उस प्रस्तावना को पुष्ट करता है जो उन्होंने विकास के साथ विरासत को भी महत्व देने की कही है — अर्थात् पुरातन इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना। धोरड़ो गाँव में सोलर विज़न लागू करना और लोथल जैसे ऐतिहासिक स्थल को पुनर्जीवित करना इस दृष्टिकोण के स्पष्ट उदाहरण हैं।  लाभ और चुनौतियाँ इन पहलों से स्थानीय लोगों को कई तरह से लाभ मिलने की उम्मीद है — बिजली की बचत, पर्यटन से आय, स्थानीय रोजगार, और पर्यावरणीय स्थिरता। हालांकि, इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, रख-रखाव सुनिश्चित करना, और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संचालन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह जरूरी है कि परियोजनाएँ सिर्फ उद्घाटन तक ही सीमित न रह जाएँ बल्कि लंबे समय तक चलने वाले हों। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश  प्रधानमंत्री मोदी का यह गुजरात दौरा यह संदेश दे रहा है कि विकास का रास्ता सिर्फ नई परियोजनाएँ नहीं हैं, बल्कि पुरानी विरासत को संजोने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के माध्यम से भी गुजरता है। धोरड़ो गाँव का सोलर विलेज बनना और लोथल परिसर का काम इस तरह के मिश्रित विकास का प्रमाण हैं। जैसे-जैसे ये परियोजनाएँ पूरी होंगी, यह देखना होगा कि इनके प्रभाव कितने व्यापक और दीर्घकालीन होते हैं — क्या ये जमीन पर बदलाव लाती हैं? गुजरात के लोगों और सरकार दोनों की निगाहें इस दिशा में बनी हुई हैं।

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PM Modi on his first visit after Manipur violence

हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी

मणिपुर में शांति बहाली की बड़ी पहल, हिंसा के बाद पहली बार दौरे पर पीएम मोदी लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर का दौरा करेंगे। मई 2023 में भड़की नस्लीय हिंसा के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। इस दौरान वे इंफाल और चुड़ा चांदपुर—दोनों इलाकों में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। 10,800 करोड़ की परियोजनाएं प्रधानमंत्री चुड़ा चांदपुर में 7,300 करोड़ और इंफाल में 3,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा 2,500 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग की पांच परियोजनाएं, मणिपुर इंफोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ जिलों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल भी शुरू किए जाएंगे। हिंसा के बाद बदले हालात 3 मई 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद कुकी और मैतेयी समुदायों के बीच हिंसा भड़की थी। हालात बिगड़ने पर फरवरी 2024 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। सरकार ने इसके बाद दोनों समुदायों से लगातार बातचीत की और अब पीएम मोदी का यह दौरा शांति की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है। सियासी महत्व विपक्ष लगातार यह सवाल उठाता रहा है कि पीएम ने हिंसा के बाद मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया। ऐसे में यह यात्रा राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। मणिपुर के बाद प्रधानमंत्री असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

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PM Modi warns Pakistan against double standards on terrorism at BRICS summit

‘आतंकवाद पर दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं, चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत…’, PM मोदी ने पाक को BRICS के मंच से जमकर धोया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपनी 8 दिवसीय विदेश यात्रा के 6 दिन ब्राजील पहुंचे हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने यहां रियो डी जनेरियो में चल रहे 17वें ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में हिस्सा लिया। इस समिट में उन्होंने आतंकवाद मानवता के समक्ष सबसे बड़ा खतरा बताते हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”पहलगाम में जो अमानवीय और कायराना आतंकी हमला हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। यह सामान्य आतंकी हमला नहीं था, यह इंसानियत पर हमला था।”  पीएम मोदी (PM Modi) ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के पीस एंड सिक्योरिटी एंड रिफॉर्म ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस सत्र में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सभी देशों के बीच शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जता, लेकिन साथ ही पड़ोसी मुल्क पर आतंकवाद के लिए निशाना भी साधा। पीएम मोदी ने कहा, ”दोहरे मापदंडों की इस दुनिया में कोई जगह नहीं है। अगर कोई देश आतंकवाद का भरण पोषण कर रहा है, तो उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। आतंकियों पर कार्रवाई करने और उन पर प्रतिबंध लगाने में किसी को  कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद पर मौन सहमति को भारत जिस तरह से बर्दाश्त नहीं कर रहा है, उसी तरह सभी देशों को आतंकवाद पर निर्णायक फैसला लेना चाहिए।  पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की धरती है और उनके द्वारा दिखाए गए शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने को लेकर प्रतिबध है। हमारे सामने चाहे कितनी भी मुश्किल परिस्थितियां आएं, हमारे लिए शांति और मानवता का कल्याण ही सबसे बेहतरीन मार्ग रहेगा।  पहलगाम आतंकी हमले की ब्रिक्स देशों ने की निंदा  ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) में भारत को बड़ी सफलता मिली है। इस समिट में शामिल सभी देशों ने एकजुट होकर कड़े शब्दों में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के हर प्रारूप, सीमापार आतंकवाद और आतंकवाद व आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ प्रति जीरो टॉलरेस नीति बनाने के प्रति प्रतिबद्धता जताई। ब्रिक्स देशों की तरफ जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि, ”हम 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हम आतंकवाद के हर प्रारूप के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाने का आग्रह करने के साथ आतंकवाद से निपटने के लिए दोहरे मापदंडों को भी पूरी तरह से खारिज करते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ ब्रिक्स सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और जयशंकर ने की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और विदेश मंत्री डाॅ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कई दूसरे देश के लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की है। पीएम मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चीन्ह, मलयेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डिआज-कैनेल के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। इन बैठकों का लक्ष्य द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत बनाना और अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत करना था।  वहीं दूसरी तरफ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (S Jaishankar) ने भी दूसरे देश के अपने समकक्षों के साथ बैठक की। एस जयशंकर (S Jaishankar) ने सबसे पहले रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने के साथ उसे और आगे ले जाने पर सहमति जताई। इसके अलावा जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ भी बैठक की। इस द्विपक्षीय मुलाकात में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बातचीत हुई। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ईरानी विदेश मंत्री के साथ की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘हमारी बातचीत हाल के अहम क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित रही।’ विदेश मंत्री जयशंकर ने मैक्सिको के विदेश सचिव जुआन रामोन डे ला फ़ुएंते के साथ भी अहम बैठक की। इस मुलाकात में देानों देशों के बीच स्वास्थ्य, डिजिटल, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे अहम मुद्दों पर साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।  Latest News in Hindi Today Hindi news BRICS Summit #PMModi #BRICSSummit #Pakistan #Terrorism #ModiSpeech #IndiaPakistan #BRICS2025

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PM Modi praises Bihar’s rich heritage

PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago: त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर पीएम मोदी ने बिहार की विरासत को बताया भारत और दुनिया का गौरव

इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर हैं। इस बीच वहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “मैं कुछ समय पहले ही पक्षियों की इस खूबसूरत भूमि पर आया हूं। और मेरा पहला जुड़ाव यहां के भारतीय समुदाय के साथ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। यह पूरी तरह से स्वाभाविक लगता है, क्योंकि हम एक परिवार का हिस्सा हैं।” पीएम मोदी ने कहा कि “जब मैं पिछली बार आया था, तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं। हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हों, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां हर्ष, उल्लास और गर्व के साथ मनाई जाती है। चौताल और भिटक गण यहां पर पनपते रहते हैं। मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं। मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो एक साथ जानने और बढ़ने के लिए उत्सुक हैं। हमारे रिश्ते भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।” प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) करते थे इस बीच पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को महाकुंभ के संगम और सरयू नदी का पवित्र जल भी दिया। इसके साथ ही उन्हें श्री राम मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “आप सभी जानते हैं कि इस वर्ष की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ हुआ (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) था। मुझे महाकुंभ का जल अपने साथ ले आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे सरयू नदी और महाकुंभ का पवित्र जल यहां गंगा धारा में अर्पित करें।” इसके बाद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा करते थे। कमला जी स्वयं वहां जाकर भी आई हैं। लोग इन्हें बिहार की बेटी मानते हैं। यहां उपस्थित अनेक लोगों के पूर्वज बिहार से ही आए हैं। बिहार की विरासत भारत के साथ ही दुनिया का भी गौरव है। लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो, उच्च शिक्षा हो, बिहार ने सदियों पहले दुनिया को ऐसे अनेक विषयों में नई दिशा दिखाई थी। मुझे विश्वास है कि 21वीं सदी की दुनिया के लिए भी बिहार की धरती से नई प्रेरणाएं और नए अवसर निकलेंगे।” मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया होगा- पीएम मोदी  इस बीच रामचरित मानस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, मैं प्रभु श्री राम में आपकी गहरी आस्था से अवगत हूं। यहां की राम लीलाएं वास्तव में अनूठी हैं। रामचरितमानस में कहा गया है कि प्रभु श्री राम की पवित्र नगरी इतनी सुंदर है कि इसकी महिमा का गुणगान दुनिया भर में होता (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) है। मुझे यकीन है कि आप सभी ने 500 साल बाद अयोध्या में रामलला की वापसी का स्वागत किया होगा। आपने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पवित्र जल और शिलाएं भेजी थीं। मैं भी इसी तरह की भक्ति भावना के साथ यहां कुछ लाया हूं। राम मंदिर की प्रतिकृति और पवित्र सरयू से कुछ जल लाना मेरे लिए सम्मान की बात है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वो समय अब दूर नहीं है कि जब कोई भारतीय चंद्रमा पर पहुंचेगा और भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। हम अब तारों को सिर्फ गिनते नहीं हैं, आदित्य मिशन के रूप में उनके पास जाने का प्रयास करते हैं। हमारे लिए अब चंदा मामा दूर के नहीं है। हम अपनी मेहनत से असंभव को भी संभव बना रहे हैं। इसे भी पढ़ें:-  मीरा रोड थप्पड़ कांड पर संजय निरुपम ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, आखिर पुलिस क्यों नहीं ले रही है कोई एक्शन? आपके पूर्वजों ने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) गए पीएम मोदी ने आगे कहा, त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस के बारे में है। आपके पूर्वजों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसने सबसे मजबूत आत्माओं को भी तोड़ दिया होगा, लेकिन उन्होंने उम्मीद के साथ कठिनाइयों का सामना (PM Modi Hails Bihar’s Heritage in Trinidad and Tobago) किया। उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिल में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं। वे केवल प्रवासी नहीं थे, वे एक शाश्वत सभ्यता के दूत थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi #PMModi #BiharHeritage #TrinidadVisit #GlobalPride #IndiaCulture #ModiAbroad #BiharPride #IndianDiaspora #ModiSpeech #IndianCulture

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What is Truth Social?

क्या है Truth Social? पीएम मोदी और प्रेसिडेंट ट्रंप भी एक्टिव हैं इस अकाउंट पर

पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platform) न केवल बातचीत का माध्यम है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को भी दिशा दे रहे हैं। इसी संदर्भ में एक नाम तेजी से चर्चा में आया है और वह है ट्रुथ सोशल (Truth Social)। इस प्लेटफॉर्म पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) द्वारा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का भी अकाउंट बना हुआ है।   ट्रुथ सोशल (Truth Social) क्या है? ट्रुथ सोशल (Truth Social) एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  (Social Media Platform) है जिसे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2021 में लॉन्च किया था। यह प्लेटफॉर्म ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (Trump Media & Technology Group {TMTG}) के अंतर्गत आता है। इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने का उद्देश्य था एक ऐसा मंच तैयार करना जो फ्री स्पीच (Free Speech) को प्राथमिकता दे और पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स  (Social Media Platforms) जैसे ट्विटर (X), फेसबुक (Facebook) आदि के मुकाबले एक अन्य विकल्प हो। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का ट्विटर अकाउंट 2021 में अमेरिकी संसद पर हुए हमले के बाद स्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने  ट्रुथ सोशल (Truth Social) की शुरुआत की। इस प्लेटफॉर्म को एक रूढ़िवादी विकल्प (Conservative alternative) के रूप में देखा गया, जो विशेष रूप से उन विचारधाराओं को मंच देने का दावा करता है जो मुख्यधारा के प्लेटफॉर्म्स पर सेंसर हो सकती हैं। ट्रुथ सोशल (Truth Social) की क्या है खासियत?  पीएम मोदी भी हैं Truth Social पर एक्टिव   2025 में यह खबर सामने आई कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भी ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर अपना आधिकारिक अकाउंट बनाया है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि भारत सरकार भी वैकल्पिक सोशल मीडिया मंचों पर अपनी मौजूदगी को मजबूत करना चाहती है। पीएम मोदी सोशल मीडिया (Social Media) के प्रभाव को समझने वाले नेताओं में से एक हैं। उन्होंने पहले भी ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे मंचों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।  ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर उनकी मौजूदगी यह दर्शाती है कि सरकार वैश्विक और वैकल्पिक मंचों पर भी सक्रिय रहना चाहती है, खासकर ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर जो फ्री-स्पीच को प्राथमिकता देते हैं। इसे भी पढ़ें:-  Axiom-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान ट्रंप और  ट्रुथ सोशल का क्या है रिश्ता?  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस प्लेटफॉर्म के संस्थापक और प्रमोटर हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल (Truth Social) को बिग टेक (Big Tech) के खिलाफ एक हथियार के रूप में खड़ा किया है। ट्रंप का आरोप रहा है कि ट्विटर, फेसबुक जैसी कंपनियां दक्षिणपंथी विचारों को दबाने का काम करती हैं। ट्रुथ सोशल के ज़रिए वे एक ऐसी जगह तैयार करना चाहते थे जहाँ उनके समर्थक बिना डर या सेंसरशिप के अपनी बात कह सकें। हालांकि ट्रंप को बाद में ट्विटर (अब एक्स) पर वापस बुला लिया गया, लेकिन उन्होंने अभी भी ट्रुथ सोशल (Truth Social) को बरकरार रखा है।  ट्रुथ सोशल (Truth Social) ने शुरुआत में बड़ी चर्चा बटोरी थी, लेकिन यह अभी भी ट्विटर या फेसबुक जैसी वैश्विक लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया है। इसके सीमित यूज़रबेस, तकनीकी गड़बड़ियों और राजनीतिक विवादों ने इसकी गति को कुछ हद तक धीमा कर दिया। इसके अलावा यह मंच मुख्य रूप से अमेरिकी उपयोगकर्ताओं पर केंद्रित रहा है। लेकिन पीएम मोदी जैसे वैश्विक नेता का इस पर आना इस बात का संकेत हो सकता है कि यह प्लेटफॉर्म आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खुद को स्थापित करने की कोशिश करेगा। ट्रुथ सोशल एक वैकल्पिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जो फ्री स्पीच (Free Speech) के विचार को आगे बढ़ाने का दावा करता है। डोनाल्ड ट्रंप की पहल से शुरू हुआ यह मंच अब वैश्विक नेताओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इसमें शामिल होना इस दिशा में एक बड़ा संकेत है कि भारत वैश्विक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाना चाहता है। ट्रुथ सोशल (Truth Social) का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि यह किस तरह खुद को ग्लोबली रिप्रेजेंट करता है और क्या यह अपने वादे के अनुसार वाकई एक स्वतंत्र और निष्पक्ष मंच है या नहीं।  Latest News in Hindi Today Hindi Truth Social #truthsocial #PMModi #DonaldTrump #SocialMediaNews #TruthApp #ModiTrump #TrendingNews

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International Yoga Day 2025

एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योगा, पीएम मोदी का इंटरनेशनल योगा डे पर संदेश

योगा (Yoga) को फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद माना गया है। यही कारण है कि पूरी दुनिया ने योगा के महत्व को समझा है और इसे अपनाया है। हर साल जून 21 को इंटरनेशनल योगा डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन की शुरुआत 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा की गई थी। इस साल इसकी थीम है “एक पृथ्वी, एक हेल्थ के लिए योगा”। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों के बीच के योग के लिए जागरूक करना और उन्हें इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) जी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) मनाया। आइए जानें इस बारे में और अधिक। योगा (Yoga)  के महत्व के बारे में भी जानें।   इंटरनेशनल योगा डे 2025 इस साल का इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा विशाखापट्टनम में किया गया। इस इवेंट को रामकृष्ण बीच से भोगलपुराम तक 26 किलोमीटर के एरिया में आयोजित किया गया। ऐसा अनुमान है इसमें लगभग 3 लाख लोगों ने भाग लिया। आज 11वें इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) पर प्रधानमंत्री ने लोगों को यह संदेश दिया कि योगा (Yoga) मानवता के लिए एक जरूरी साधन है, जो हमें तनाव से दूर रहने में मदद कर सकता है।  आंध्र प्रदेश सरकार ने इस इवेंट के लिए अच्छे तैयारियां की थी। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने योगंध्र-2025″ इवेंट ऑर्गेनाइज किया है। इसका उद्देश्य केवल और केवल योगा (Yoga)  को बढ़ावा देना और लोगों को इसे करने के लिए प्रेरित करना है। इस दिन कई अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भी भाग लिया और लोगों को इसके बारे में बताया। यह कार्यक्रम न केवल योगा (Yoga) के महत्व को लोगों तक बताने बल्कि भारत की कल्चरल हेरिटेज को लोगों को पहुंचाने का अच्छा तरीका है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या हैं योगा के फायदे? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार योगा (Yoga) के कई फायदे हैं जो शरीर और दिमाग से जुड़े हैं। इन्हें करने से शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेंथ बढ़ती है। इसके साथ ही चिंता और तनाव भी दूर होते हैं। जानिए किस तरह से है यह हमारे लिए बेनेफिशियल और क्यों करना चाहिए इसे हमें अपने जीवन में शामिल: संक्षेप में कहा जाए तो हेल्दी रहने के लिए योगा को अपनी दिनचर्या का एक भाग बना लेना चाहिए। इस इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) आप भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं और अन्य लोगों को भी इसके बारे में बताएं। यह बात भी ध्यान में रखें कि योगा (Yoga) की शुरुआत किसी एक्सपर्ट की राय और मार्गदर्शन के बाद ही करें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi International Yoga Day #PMModi #YogaDay2025 #OneEarthOneHealth #InternationalYogaDay #YogaForWellness

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