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DU PG CSAS Spot Round-1 की समयसीमा बढ़ी, छात्रों को आवेदन और सीट स्वीकार करने के लिए मिला अतिरिक्त समय

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने Common Seat Allocation System (CSAS-PG) 2026 के तहत Spot Round-1 की प्रक्रिया में संशोधित कार्यक्रम जारी करते हुए छात्रों को आवेदन और सीट स्वीकार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अनुरोध और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। संशोधित कार्यक्रम आधिकारिक CSAS-PG पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया गया है। संशोधित शेड्यूल के अनुसार आगे बढ़ेगी प्रक्रिया दिल्ली विश्वविद्यालय ने रिक्त सीटों की सूची जारी करने के बाद Spot Round-1 के लिए आवेदन, सीट आवंटन, दस्तावेज़ सत्यापन और शुल्क भुगतान की समय-सीमा में बदलाव किया है। जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया था या अपनी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे, उन्हें अब अतिरिक्त समय का लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय ने सभी उम्मीदवारों से निर्धारित नई समय-सीमा के भीतर आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने की अपील की है। सीट स्वीकार करने और शुल्क जमा करने का अवसर संशोधित कार्यक्रम के तहत सीट आवंटित होने वाले छात्रों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी सीट स्वीकार करनी होगी। इसके बाद संबंधित विभाग या कॉलेज दस्तावेज़ों का सत्यापन करेगा और स्वीकृति मिलने पर अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन प्रवेश शुल्क जमा करना होगा। समय-सीमा के भीतर शुल्क जमा न करने पर आवंटित सीट स्वतः निरस्त हो सकती है। रिक्त सीटों को भरने का उद्देश्य विश्वविद्यालय का उद्देश्य Spot Round के माध्यम से रिक्त रह गई सीटों को भरना और अधिक से अधिक योग्य छात्रों को प्रवेश का अवसर देना है। अधिकारियों के अनुसार संशोधित कार्यक्रम से प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी। छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह DU प्रशासन ने छात्रों से कहा है कि वे केवल आधिकारिक CSAS-PG पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर भरोसा करें और समय-समय पर वेबसाइट पर जारी होने वाले नोटिस देखते रहें। किसी भी प्रकार की त्रुटि या विलंब से बचने के लिए आवेदन, दस्तावेज़ और शुल्क भुगतान समय रहते पूरा करना आवश्यक है। निष्कर्ष Spot Round-1 की समय-सीमा बढ़ने से उन छात्रों को राहत मिली है जो किसी कारणवश निर्धारित अवधि में आवेदन या प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे। विश्वविद्यालय का मानना है कि संशोधित कार्यक्रम से रिक्त सीटों को भरने और प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी. Source: University of Delhi (CSAS-PG) जय राष्ट्र न्यूज़

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नई दिल्ली में BWF World Championships 2026 की तैयारियाँ अंतिम चरण में, आयोजकों ने विश्वस्तरीय सुविधाओं का भरोसा दिया

नई दिल्ली: अगस्त में आयोजित होने वाली BWF World Championships 2026 की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। टूर्नामेंट 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होगा। आयोजन से पहले बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI), स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने संयुक्त रूप से तैयारियों की समीक्षा की है। आयोजकों ने भरोसा दिलाया है कि इस बार खिलाड़ियों और दर्शकों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इंडिया ओपन की कमियों को किया गया दूर इस वर्ष जनवरी में आयोजित इंडिया ओपन के दौरान खिलाड़ियों ने स्टेडियम की स्वच्छता, एयर क्वालिटी, पक्षियों की आवाजाही और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें की थीं। इन अनुभवों को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल में व्यापक सुधार किए गए हैं। स्टेडियम की छत को पूरी तरह वॉटरप्रूफ बनाया गया है, एयर कंडीशनिंग और लाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया है तथा पक्षियों और अन्य जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। भारतीय खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें इस विश्व चैंपियनशिप में भारत की ओर से पी.वी. सिंधु, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी–चिराग शेट्टी, आयुष शेट्टी सहित कई खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे। हाल ही में घोषित ड्रॉ के अनुसार आयुष शेट्टी का पहले ही दौर में विश्व नंबर-1 शी यूकी से मुकाबला होगा, जबकि पी.वी. सिंधु एक बार फिर विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने की कोशिश करेंगी। भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर लगभग 17 वर्षों बाद भारत को बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप की मेज़बानी का अवसर मिला है। BAI का कहना है कि यह आयोजन भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है और इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर अनुभव देने के साथ भारत की आयोजन क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। दर्शकों के लिए बेहतर अनुभव आयोजकों ने टिकटिंग, सुरक्षा, प्रवेश व्यवस्था, दर्शक सुविधाओं और डिजिटल सेवाओं में भी सुधार किए हैं। स्टेडियम परिसर में अतिरिक्त स्वयंसेवकों की तैनाती, बेहतर मार्गदर्शन प्रणाली और आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों को सहज अनुभव मिल सके। निष्कर्ष नई दिल्ली में आयोजित होने वाली BWF World Championships 2026 के लिए तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं। आयोजन समिति का दावा है कि पिछली कमियों को दूर कर इस बार खिलाड़ियों और दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिया जाएगा। भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की निगाहें अब विश्व चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। Source: Badminton World Federation (BWF) | Badminton Association of India (BAI) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, दिल्ली-NCR समेत कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की आशंका

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में अगले 24–48 घंटों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली-NCR में बारिश और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है। इससे कई निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और कार्यालय समय के दौरान लंबा जाम लगने की आशंका जताई गई है। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष सतर्कता उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ बढ़ोतरी की संभावना है। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नज़र रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात रखने, बाढ़ संभावित इलाकों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी कई संवेदनशील क्षेत्रों में तैयार रखी गई हैं। मछुआरों और किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग ने समुद्र में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की संभावना को देखते हुए तटीय राज्यों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय सलाह का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए सावधानी IMD ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें और यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य देखें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने Africa Day कार्यक्रम में भारत–अफ्रीका साझेदारी पर दिया जोर, व्यापार और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की अपील

नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित Africa Day समारोह को संबोधित करते हुए भारत और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका के संबंध केवल आर्थिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकास साझेदारी पर आधारित हैं, जिन्हें आने वाले वर्षों में और मजबूत किया जाएगा। भारत–अफ्रीका संबंधों को बताया रणनीतिक साझेदारी अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि अफ्रीका आज वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। भारत अफ्रीकी देशों के साथ समानता, आपसी सम्मान और साझा विकास के सिद्धांत पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता अफ्रीका के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी विकसित करना है। व्यापार और निवेश बढ़ाने पर फोकस विदेश मंत्री ने दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार बढ़ाने, नई निवेश परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा तथा बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियाँ अफ्रीका में निवेश बढ़ा रही हैं और आने वाले वर्षों में दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे। तकनीक और क्षमता निर्माण पर जोर जयशंकर ने कहा कि भारत अफ्रीकी देशों के साथ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और आईटी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि हजारों अफ्रीकी पेशेवरों को भारत में प्रशिक्षण दिया जा चुका है और यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा। रक्षा और सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत विदेश मंत्री ने समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, रक्षा प्रशिक्षण और शांति अभियानों में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा दोनों पक्षों की साझा प्राथमिकता है। Global South की आवाज़ मजबूत करने की अपील जयशंकर ने कहा कि भारत और अफ्रीका वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों के हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। निष्कर्ष Africa Day कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संदेश स्पष्ट था कि भारत और अफ्रीका के संबंध भविष्य की वैश्विक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और विकास सहयोग को नई गति देकर दोनों पक्ष साझा समृद्धि और स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। Source: Ministry of External Affairs (MEA) जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत सरकार ने Meta की ग्लोबल टीम को तलब किया, PM मोदी की पोस्ट और ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी पर होगी जवाबदेही तय

नई दिल्ली: भारत सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी Meta (Facebook और Instagram) की वैश्विक टीम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Facebook पोस्ट के अस्थायी रूप से हटाए जाने और ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी (Child Safety) से जुड़े मामलों पर स्पष्टीकरण देने के लिए नई दिल्ली तलब किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के साथ होने वाली इस बैठक में कंटेंट मॉडरेशन, बच्चों की सुरक्षा, AI आधारित निगरानी और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। PM मोदी की पोस्ट पर उठा विवाद हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक Facebook पोस्ट कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं रही थी। Meta ने बाद में इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए पोस्ट को बहाल कर दिया और खेद भी व्यक्त किया। हालांकि, सरकार का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ सार्वजनिक संवाद और डिजिटल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता से जुड़ी हैं, इसलिए कंपनी से विस्तृत स्पष्टीकरण लिया जाना आवश्यक है। ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी पर सरकार सख्त बैठक का दूसरा प्रमुख मुद्दा प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा है। सरकार Meta से यह जानना चाहती है कि बच्चों के खिलाफ यौन शोषण संबंधी सामग्री (CSAM), फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन ग्रूमिंग और आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए कंपनी कौन-कौन से तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बच्चों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म सुरक्षित बने रहें। AI और कंटेंट मॉडरेशन पर भी चर्चा सूत्रों के अनुसार बैठक में AI आधारित कंटेंट मॉडरेशन, डीपफेक सामग्री, फर्जी सूचनाओं की रोकथाम और Verified Accounts की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा होगी। सरकार चाहती है कि Meta भारतीय कानूनों और आईटी नियमों के अनुरूप अपनी नीतियों को और अधिक पारदर्शी बनाए तथा शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे। डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर जोर भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट कर रही है कि देश में कार्यरत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्मों को स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी केवल कंटेंट होस्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपयोगकर्ता सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है। निष्कर्ष Meta की वैश्विक टीम के साथ होने वाली यह बैठक भारत सरकार और बड़ी टेक कंपनियों के बीच डिजिटल सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भारतीय कानूनों के अनुरूप बनाना है, ताकि उपयोगकर्ताओं का भरोसा मजबूत हो सके। Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | Meta जय राष्ट्र न्यूज़

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Q1 Earnings Season अपने चरम पर, कई बड़ी कंपनियों के वित्तीय नतीजों पर निवेशकों की नज़र

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में पहली तिमाही (Q1 FY2026–27) के नतीजों का सीज़न अपने चरम पर पहुँच गया है। इस सप्ताह कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियाँ अपने अप्रैल–जून तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी कर रही हैं। निवेशकों की नज़र विशेष रूप से कंपनियों की आय (Revenue), शुद्ध लाभ (Net Profit), मार्जिन, भविष्य के कारोबार (Guidance) और प्रबंधन की टिप्पणियों पर बनी हुई है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर आने वाले महीनों में बाजार की दिशा तय होने की संभावना है। आज कई दिग्गज कंपनियों के नतीजे आज बाजार बंद होने के बाद और दिनभर के दौरान कई प्रमुख कंपनियाँ अपने Q1 परिणाम घोषित कर रही हैं। इनमें Siemens, Bata India, Honasa Consumer, Gland Pharma सहित विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियाँ शामिल हैं। इसके अलावा बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, आईटी, एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर की कंपनियों के नतीजों पर भी निवेशकों की विशेष नजर बनी हुई है। बाजार की दिशा तय करेंगे कॉर्पोरेट नतीजे विश्लेषकों का मानना है कि इस तिमाही के नतीजे केवल कंपनियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि घरेलू मांग, उपभोक्ता खर्च, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और ब्याज दरों के प्रभाव का भी संकेत देंगे। जिन कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर रहेंगे, उनके शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर फोकस आईटी कंपनियों के लिए विदेशी ऑर्डर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और AI आधारित सेवाओं की मांग महत्वपूर्ण बनी हुई है। वहीं मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए घरेलू निवेश, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएँ और निर्यात के आंकड़े निवेशकों के लिए प्रमुख संकेतक होंगे। FMCG कंपनियों के नतीजों से ग्रामीण और शहरी मांग की स्थिति का भी अंदाज़ा लगाया जाएगा। विदेशी निवेशकों की भी नज़र विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) और घरेलू निवेशक (DIIs) दोनों ही कॉर्पोरेट नतीजों का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यदि कंपनियों के परिणाम उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना रह सकता है। निवेशकों के लिए सलाह विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि केवल तिमाही लाभ पर नहीं, बल्कि कंपनी की भविष्य की रणनीति, नकदी प्रवाह, कर्ज की स्थिति और प्रबंधन के दृष्टिकोण को भी ध्यान में रखकर निवेश संबंधी निर्णय लें। Q1 नतीजे पूरे वित्तीय वर्ष के संभावित प्रदर्शन का शुरुआती संकेत माने जाते हैं। निष्कर्ष Q1 Earnings Season भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण चरण में पहुँच चुका है। आने वाले दिनों में घोषित होने वाले प्रमुख कंपनियों के परिणाम बाजार की चाल, निवेशकों की धारणा और विभिन्न सेक्टरों के प्रदर्शन पर सीधा प्रभाव डाल सकते हैं। Source: National Stock Exchange (NSE) | Bombay Stock Exchange (BSE) | Company Filings जय राष्ट्र न्यूज़

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जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई पर संसद में विपक्ष का हंगामा तेज़, सरकार से जवाब की मांग

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज़ कर दिया है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाज़ी की और सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया। लगातार विरोध के कारण संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा। विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया। विपक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल चिंताजनक है और इस पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। सरकार का पक्ष सरकार और दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ समूहों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की थी, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए केवल जंतर-मंतर पर बैठने की अनुमति थी और संसद की ओर मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए, इसलिए न्यूनतम आवश्यक बल का उपयोग किया गया। संसद में गतिरोध जारी विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री से विस्तृत बयान की मांग कर रहा है। लगातार विरोध के कारण कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हुए और सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है। राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को संसद में जवाब देना चाहिए। वहीं भाजपा ने विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया और कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। निष्कर्ष जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई अब संसद के भीतर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। विपक्ष इस मामले पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की। इस मुद्दे पर आगे भी संसद में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव जारी रहने की संभावना है. Source: Parliament Proceedings | Delhi Police | Ministry of Home Affairs जय राष्ट्र न्यूज़

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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की तैयारियाँ तेज़, देशभर में बुनकरों और हस्तशिल्प प्रदर्शनियों का होगा आयोजन

नई दिल्ली: 7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) को लेकर देशभर में तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय, राज्य सरकारें, हथकरघा विकास निगम और विभिन्न हस्तशिल्प संस्थाएँ बुनकरों को सम्मानित करने, पारंपरिक वस्त्रों को बढ़ावा देने और भारतीय हथकरघा उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। कई राज्यों में हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक आयोजनों, फैशन शो, खरीदार–विक्रेता मिलन कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों की घोषणा की गई है। देशभर में होंगे विशेष आयोजन राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, तेलंगाना और ओडिशा सहित कई राज्यों में विशेष प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएँगी। इन आयोजनों में स्थानीय बुनकर अपनी पारंपरिक साड़ियाँ, शॉल, दुपट्टे, खादी, सिल्क और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। कई स्थानों पर लाइव बुनाई (Live Weaving Demonstration) और पारंपरिक शिल्प कार्यशालाएँ भी आयोजित की जाएँगी। बुनकरों को मिलेगा प्रोत्साहन केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्देश्य देश के लाखों बुनकरों और कारीगरों के योगदान को सम्मान देना तथा उन्हें नए बाजार उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को सम्मानित किया जाएगा और युवाओं को हथकरघा क्षेत्र से जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएँगे। ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा सरकार का कहना है कि भारतीय हथकरघा उद्योग न केवल सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है बल्कि लाखों लोगों की आजीविका का भी प्रमुख स्रोत है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के माध्यम से ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भारतीय हैंडलूम उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक आयोजनों से स्थानीय पर्यटन, छोटे व्यापारियों और कारीगरों को आर्थिक लाभ मिलेगा। त्योहारों के सीज़न से पहले हैंडलूम उत्पादों की मांग बढ़ने की भी संभावना है, जिससे बुनकर समुदाय की आय में वृद्धि हो सकती है। निष्कर्ष राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय बुनकरों की कला, परंपरा और मेहनत को सम्मान देने का अवसर है। देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम भारतीय हथकरघा उद्योग को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करेंगे. Source: Ministry of Textiles | Development Commissioner (Handlooms) जय राष्ट्र न्यूज़

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परीक्षा सुधार और एंटी-पेपर लीक व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज़, भर्ती एजेंसियाँ और शिक्षा विभाग नए रोडमैप पर कर रहे काम

नई दिल्ली: सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए एंटी-पेपर लीक कानून के बाद अब देशभर की भर्ती एजेंसियाँ और शिक्षा विभाग इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार कर रहे हैं। विभिन्न मंत्रालयों, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों और राज्य सरकारों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है, ताकि भविष्य में प्रश्नपत्र लीक, संगठित नकल और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। नई परीक्षा प्रणाली पर काम शुरू शिक्षा विभाग और प्रमुख भर्ती एजेंसियाँ परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने पर काम कर रही हैं। प्रश्नपत्र वितरण, डिजिटल एन्क्रिप्शन, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और AI आधारित मॉनिटरिंग जैसे उपायों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। भर्ती एजेंसियों की तैयारियाँ NTA, SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), IBPS और अन्य सार्वजनिक भर्ती संस्थानों को नई व्यवस्था के अनुरूप अपनी संचालन प्रक्रियाओं में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने, साइबर सुरक्षा मजबूत करने और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्यों में भी लागू होगी नई व्यवस्था केंद्र सरकार ने राज्यों से भी कहा है कि वे अपनी भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में नई सुरक्षा प्रणाली अपनाएँ। कई राज्यों के शिक्षा विभाग परीक्षा नियंत्रण कक्ष (Control Rooms), डिजिटल निगरानी और फास्ट-ट्रैक शिकायत निवारण प्रणाली विकसित करने पर काम कर रहे हैं। उम्मीदवारों का बढ़ेगा भरोसा विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा। कठोर दंड, तेज़ जांच और आधुनिक तकनीक के उपयोग से संगठित परीक्षा धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा, जिससे योग्य उम्मीदवारों का विश्वास और मजबूत होगा। निष्कर्ष परीक्षा सुधार और एंटी-पेपर लीक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार और परीक्षा एजेंसियाँ तेज़ी से काम कर रही हैं। नई तकनीक, सख्त निगरानी और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के माध्यम से भविष्य में निष्पक्ष और सुरक्षित प्रतियोगी परीक्षाएँ सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। Source: Ministry of Education | National Testing Agency (NTA) | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद भारत ने अहमदाबाद 2030 की तैयारियाँ तेज़ कीं, खेल अवसंरचना की व्यापक समीक्षा शुरू

अहमदाबाद: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सफल समापन के बाद भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी की तैयारियों को आधिकारिक रूप से तेज़ कर दिया है। केंद्र सरकार, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), गुजरात सरकार और विभिन्न खेल महासंघों के बीच लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों का उद्देश्य अहमदाबाद में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना तैयार करना, आयोजन स्थलों का विकास करना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएँ सुनिश्चित करना है। खेल अवसंरचना पर विशेष फोकस सरकार ने अहमदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में स्टेडियम, इंडोर एरीना, एथलीट विलेज, प्रशिक्षण केंद्र, परिवहन नेटवर्क और डिजिटल स्पोर्ट्स मैनेजमेंट सिस्टम के विकास की समीक्षा शुरू कर दी है। कई मौजूदा स्टेडियमों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जबकि आवश्यकता के अनुसार नए खेल परिसरों का भी निर्माण किया जाएगा। 2036 ओलंपिक की तैयारी को भी मिलेगा लाभ विशेषज्ञों का मानना है कि अहमदाबाद 2030 केवल कॉमनवेल्थ गेम्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत की 2036 ओलंपिक मेज़बानी की तैयारी के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बनेगा। खेल मंत्रालय का लक्ष्य ऐसी स्थायी (Sustainable) और आधुनिक खेल सुविधाएँ विकसित करना है जिनका उपयोग भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए किया जा सके। एथलीटों के लिए बेहतर सुविधाएँ सरकार भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, स्पोर्ट्स साइंस लैब, आधुनिक रिकवरी सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी काम कर रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 से पहले खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। आर्थिक और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा अहमदाबाद में होने वाले इस बड़े खेल आयोजन से स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार का अनुमान है कि आयोजन के दौरान लाखों घरेलू और विदेशी पर्यटक गुजरात आएंगे, जिससे राज्य को आर्थिक लाभ मिलेगा। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद भारत ने अहमदाबाद 2030 की तैयारियों को नई गति दे दी है। आधुनिक खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ और वैश्विक स्तर का आयोजन भारत की खेल शक्ति को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। Source: Ministry of Youth Affairs & Sports | Indian Olympic Association (IOA) जय राष्ट्र न्यूज़

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