ASIRT Synergy Biz Conclave 2026 में टेक्नोलॉजी सहयोग और चैनल ग्रोथ पर जोर, इंडस्ट्री लीडर्स ने इनोवेशन पर की चर्चा

नई दिल्ली: ASIRT Synergy Biz Conclave 2026 में IT और technology ecosystem से जुड़े industry leaders ने technology collaboration, innovation, strategic partnerships और channel growth को लेकर विचार साझा किए। सम्मेलन का मुख्य फोकस बदलते technology landscape में businesses के लिए collaboration और मजबूत partner ecosystem की भूमिका पर रहा। कार्यक्रम में industry experts और technology partners ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलते बाजार में केवल बेहतर products और services पर्याप्त नहीं हैं। कंपनियों को customers तक पहुंच बढ़ाने, नए business opportunities तैयार करने और technology adoption को तेज करने के लिए मजबूत partnerships की जरूरत है। Technology Collaboration बना सम्मेलन का प्रमुख मुद्दा Synergy Biz Conclave 2026 में technology collaboration को business growth के महत्वपूर्ण आधार के रूप में पेश किया गया। चर्चा में इस बात पर जोर रहा कि technology companies, solution providers, distributors और channel partners के बीच बेहतर coordination से नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। Industry leaders के मुताबिक, technology ecosystem में collaboration कंपनियों को नई capabilities तक पहुंच दिलाने के साथ-साथ customers की बदलती जरूरतों को तेजी से पूरा करने में मदद करता है। Channel Partners की भूमिका पर विशेष जोर कार्यक्रम में channel ecosystem को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। Technology products और solutions को बड़े customer base तक पहुंचाने में channel partners की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। Experts ने कहा कि manufacturers और technology providers के साथ channel partners का मजबूत relationship business expansion में अहम योगदान दे सकता है। बेहतर training, communication और joint go-to-market strategies से partners को नए markets तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। Innovation को Growth से जोड़ने की जरूरत Conclave में innovation को केवल नई technology विकसित करने तक सीमित न रखने पर जोर दिया गया। Industry leaders ने कहा कि innovation का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है जब उसे business requirements और customer problems के समाधान से जोड़ा जाए। AI, cloud, cybersecurity, automation और digital transformation जैसी technologies के बढ़ते इस्तेमाल के बीच businesses के लिए जरूरी हो गया है कि वे technology investments को measurable business outcomes से जोड़ें। Strategic Partnerships पर चर्चा कार्यक्रम में strategic partnerships को भी business growth की महत्वपूर्ण strategy बताया गया। अलग-अलग technology companies और ecosystem players के बीच partnerships से expertise, resources और market reach को एक साथ लाया जा सकता है। Experts के अनुसार, ऐसे collaborations विशेष रूप से छोटे और मध्यम technology businesses के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि partnerships के जरिए वे बड़े customer segments और नए markets तक पहुंच बना सकते हैं। Technology Ecosystem में बदल रही है Competition आज technology sector में competition केवल individual companies के बीच नहीं रह गया है। कई क्षेत्रों में पूरा ecosystem और partner network competitive advantage तय करता है। इसी वजह से companies अब distributors, resellers, system integrators और अन्य technology partners के साथ लंबे समय के relationships बनाने पर अधिक ध्यान दे रही हैं। Business Growth के लिए नई रणनीतियों की जरूरत Synergy Biz Conclave में यह संदेश भी सामने आया कि technology industry में आने वाले समय में growth के लिए companies को traditional business models से आगे बढ़ना होगा। Customer expectations में बदलाव, rapid digitalisation और emerging technologies के कारण businesses को लगातार अपनी strategies को update करना होगा। इसमें innovation, collaboration और channel expansion महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। Industry Leaders ने साझा किए अनुभव कार्यक्रम में शामिल industry leaders ने technology market में अपने अनुभव और business growth से जुड़े perspectives साझा किए। Discussions में partnership models, technology adoption और channel development जैसे मुद्दों को प्रमुखता मिली। इन चर्चाओं का उद्देश्य technology ecosystem के अलग-अलग stakeholders के बीच बेहतर coordination और business opportunities को बढ़ावा देना रहा। छोटे और मध्यम IT Businesses के लिए अवसर ASIRT जैसे industry platforms छोटे और मध्यम IT businesses के लिए भी networking और collaboration का अवसर उपलब्ध कराते हैं। ऐसे events में technology providers और channel partners के बीच नए business relationships बनने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में SMEs और channel-driven technology businesses के लिए partnerships growth का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं। निष्कर्ष ASIRT Synergy Biz Conclave 2026 में technology collaboration, innovation, strategic partnerships और channel growth को business expansion के प्रमुख drivers के रूप में रेखांकित किया गया। Industry leaders ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलते technology environment में businesses को केवल अपने products पर निर्भर रहने के बजाय मजबूत ecosystem और partnerships तैयार करनी होंगी। AI, cloud, cybersecurity और digital transformation जैसी technologies के विस्तार के बीच collaboration और channel ecosystem आने वाले समय में technology sector की growth strategy का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। Source: ASIRT / Synergy Biz Conclave 2026-related industry reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राजनीतिक | Shashi Tharoor ने Rahul Gandhi के ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान पर टिप्पणी को लेकर दी सफाई, बोले—मेरी बात को गलत तरीके से पेश किया गया

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने राहुल गांधी के ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान को लेकर अपनी हालिया टिप्पणी पर सफाई दी है। Tharoor ने कहा कि उनकी बात को कुछ मीडिया रिपोर्टों में गलत तरीके से पेश किया गया और उनकी टिप्पणी का उद्देश्य कांग्रेस नेतृत्व या राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला करना नहीं था। Tharoor ने स्पष्ट किया कि वह केवल इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि छात्र और युवा किस तरह के राजनीतिक संदेशों और आंदोलनों से अधिक जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों को अगली पीढ़ी के लिए अपने दरवाजे और अधिक खोलने की जरूरत है। ‘Chhatron Ki Goonj’ को लेकर क्या कहा था Tharoor ने? Shashi Tharoor ने राहुल गांधी के छात्र-केंद्रित ‘Chhatron Ki Goonj’ कार्यक्रम और हाल के छात्र आंदोलनों के प्रभाव की तुलना करते हुए सवाल उठाया था कि कांग्रेस का अभियान छात्रों के बीच उतना प्रभाव क्यों नहीं पैदा कर सका। उन्होंने संकेत दिया था कि कुछ अन्य छात्र आंदोलनों को युवाओं के बीच ज्यादा प्रतिक्रिया मिली। Tharoor के मुताबिक, कांग्रेस ने छात्र मुद्दों को पहले भी उठाया था, लेकिन उसके अभियान को उतना व्यापक जनसमर्थन या resonance नहीं मिला। Tharoor बोले—मेरी टिप्पणी को राजनीतिक हमला न माना जाए अपनी नई सफाई में Tharoor ने कहा कि उनकी टिप्पणी को कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बताना सही नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि उनका उद्देश्य पार्टी की कमियों पर सार्वजनिक बहस करना और यह समझना था कि युवाओं तक राजनीतिक संदेश प्रभावी तरीके से क्यों नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को नई पीढ़ी के साथ जुड़ने के नए तरीके खोजने होंगे और युवाओं को पार्टी की decision-making प्रक्रिया में अधिक अवसर देने होंगे। राहुल गांधी का ‘Chhatron Ki Goonj’ कार्यक्रम क्या है? राहुल गांधी का ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने पर केंद्रित है। इस अभियान के तहत राहुल गांधी ने छात्रों के साथ संवाद किया और शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था तथा युवाओं से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। हालिया कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को केवल सोशल मीडिया content तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। CJP के छात्र आंदोलन से तुलना क्यों हुई? Tharoor की टिप्पणी उस समय सामने आई जब CJP के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा तेज थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिन छात्र मुद्दों को पहले उठाया था, उन्हीं मुद्दों पर बाद में हुए विरोध प्रदर्शन ने युवाओं के बीच ज्यादा प्रभाव पैदा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने युवाओं की चिंताओं को पर्याप्त रूप से समझने और उनके साथ प्रभावी तरीके से संवाद करने में कहीं कमी की। कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत? Tharoor की टिप्पणी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह था कि राजनीतिक दलों को केवल युवाओं के मुद्दे उठाना ही पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि युवा यह महसूस करें कि उनकी बात वास्तव में सुनी जा रही है। उन्होंने राजनीतिक संगठनों से यह सोचने की जरूरत बताई कि उनकी outreach किस तरह की होनी चाहिए और युवाओं को संगठन के भीतर वास्तविक भूमिका कैसे दी जा सकती है। BJP ने Tharoor की टिप्पणी को बनाया मुद्दा Tharoor की शुरुआती टिप्पणी के बाद BJP नेताओं ने इसे कांग्रेस के भीतर असंतोष और राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल के तौर पर पेश किया। वहीं कांग्रेस की ओर से यह कहा गया कि राहुल गांधी का फोकस केवल तत्काल राजनीतिक प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि systemic reforms और युवाओं से जुड़े मूल मुद्दों पर है। इस तरह Tharoor की टिप्पणी ने कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक बहस को भी जन्म दे दिया। Tharoor की सफाई के बाद क्या बदला? नई सफाई के बाद Tharoor ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उनकी टिप्पणी को राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत या संगठनात्मक बगावत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका मुख्य तर्क यह है कि राजनीतिक दलों को युवाओं की बदलती राजनीतिक सोच और उनकी अपेक्षाओं को समझना होगा। इसके लिए केवल campaign आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को निर्णय प्रक्रिया और संगठनात्मक ढांचे में भी जगह देनी होगी। कांग्रेस के लिए युवा वोट बैंक क्यों महत्वपूर्ण है? भारत में युवा और छात्र वर्ग राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण मतदाता समूह है। शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दे सीधे युवाओं को प्रभावित करते हैं। ऐसे में कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों के सामने चुनौती है कि वे युवाओं से केवल चुनावी समय में संपर्क न करें, बल्कि लगातार संवाद और संगठनात्मक भागीदारी का रास्ता बनाएं। निष्कर्ष Shashi Tharoor ने Rahul Gandhi के ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान को लेकर अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा है कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया। उनका कहना है कि वह कांग्रेस नेतृत्व पर व्यक्तिगत हमला नहीं कर रहे थे, बल्कि यह सवाल उठा रहे थे कि राजनीतिक दल युवाओं के साथ अधिक प्रभावी संवाद कैसे स्थापित कर सकते हैं। Tharoor की टिप्पणी ने कांग्रेस के युवा outreach और राहुल गांधी की रणनीति को लेकर राजनीतिक बहस जरूर तेज कर दी है। अब देखना होगा कि यह बहस कांग्रेस के भीतर युवाओं की भूमिका और पार्टी की भविष्य की outreach strategy में किस तरह का बदलाव लाती है। Source: Outlook India, Hindustan Times, The Statesman, NDTV, Indian political reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | PM Modi ने IIT Delhi में emerging technologies पर दिया जोर, बोले—देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर करें innovation

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों और युवा इंजीनियरों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के विकास में innovation, research और emerging technologies की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने करियर और तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि देश की वास्तविक जरूरतों के समाधान के लिए भी करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और वैश्विक परिस्थितियों के दौर में युवाओं को लगातार सीखते रहना होगा। उन्होंने छात्रों को जिज्ञासु बने रहने, सवाल पूछने और ऐसी समस्याओं के समाधान खोजने की सलाह दी जिनका कोई तैयार जवाब मौजूद नहीं है। करियर का आकलन सिर्फ सैलरी से न करें PM Modi ने IIT Delhi के graduating students से कहा कि वे अपने करियर के फैसले लेते समय केवल वेतन या व्यक्तिगत लाभ को आधार न बनाएं। उन्होंने युवाओं से यह सोचने को कहा कि उनके काम से देश की कौन-सी जरूरत पूरी होगी और समाज को उसका क्या लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश की प्रगति में योगदान देने का मतलब केवल सरकारी क्षेत्र में काम करना नहीं है। निजी कंपनियों, startups, research institutions और technology-driven businesses के जरिए भी युवा राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ‘Out of syllabus’ समस्याओं के लिए तैयार रहें प्रधानमंत्री ने छात्रों को जीवन और करियर की चुनौतियों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिंदगी की कई कठिन परीक्षाएं ऐसी होती हैं जो ‘out of syllabus’ होती हैं। उनका संदेश था कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए किताबों में हमेशा तैयार उत्तर नहीं मिलते। ऐसे में युवाओं को परिस्थितियों के अनुसार सीखने, सोचने और समाधान निकालने की क्षमता विकसित करनी होगी। Emerging technologies में भारत की बड़ी संभावनाएं PM Modi ने कहा कि दुनिया तेजी से technological transformation के दौर से गुजर रही है। Artificial Intelligence, advanced computing, quantum technology और दूसरी emerging technologies आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था और समाज को प्रभावित करेंगी। ऐसे समय में भारत के लिए केवल नई तकनीकों का इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं होगा। देश को research, innovation और indigenous technology development पर भी जोर देना होगा, ताकि भारत अपनी जरूरतों के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित कर सके। Research को वास्तविक समस्याओं से जोड़ने पर जोर प्रधानमंत्री ने छात्रों और researchers से कहा कि उनकी research का उद्देश्य केवल academic achievement तक सीमित नहीं रहना चाहिए। Research को देश और समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को ऐसे solutions विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जो भारत की बड़ी चुनौतियों जैसे infrastructure, energy, healthcare, education और technology access में उपयोगी साबित हो सकें। लगातार सीखते रहने की सलाह PM Modi ने graduating students से कहा कि degree हासिल करने के बाद learning खत्म नहीं होती। बदलती technology के दौर में professionals को लगातार अपने skills को update करना होगा। उन्होंने युवाओं से curiosity बनाए रखने और नए सवाल पूछने की आदत विकसित करने को कहा। उनके मुताबिक, तेजी से बदलती दुनिया में सीखने की क्षमता ही लंबे समय में सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक होगी। वैश्विक बदलावों को अवसर के रूप में देखें प्रधानमंत्री ने geopolitical बदलावों और technological transformation का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और इन बदलावों के बीच भारत के सामने नई चुनौतियों के साथ-साथ बड़े अवसर भी मौजूद हैं। युवा engineers और technology professionals इन बदलावों को समझकर भारत को global technology ecosystem में मजबूत स्थिति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। IIT Delhi के graduates को मिला बड़ा संदेश IIT Delhi के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री का मुख्य संदेश यह रहा कि देश की नई पीढ़ी केवल नौकरी पाने वाली workforce न बने, बल्कि problem solvers, innovators और technology creators के रूप में आगे बढ़े। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और skills को देश की जरूरतों के साथ जोड़ने की अपील की। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत AI, semiconductor, quantum technology, space technology और अन्य advanced technology sectors में अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। IIT Delhi में ‘Param Pragya’ का भी उल्लेख IIT Delhi के 57वें Convocation से जुड़े कार्यक्रम में institute की research और technology initiatives भी चर्चा में रहे। समारोह में ‘Param Pragya’ से जुड़े कार्यक्रम का भी उल्लेख हुआ, जो भारत की advanced computing और technology capabilities को मजबूत करने की दिशा से जुड़ा है। यह पहल इस व्यापक दिशा से जुड़ी है जिसमें भारत emerging technologies में research और indigenous capabilities को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। निष्कर्ष IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवा engineers और graduates को innovation, research और continuous learning पर जोर देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि career decisions लेते समय केवल salary को नहीं, बल्कि देश की जरूरतों और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए। प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब emerging technologies तेजी से दुनिया की अर्थव्यवस्था और रोजगार के स्वरूप को बदल रही हैं। भारत के लिए आने वाले वर्षों में यह चुनौती होगी कि वह केवल नई technologies को अपनाए नहीं, बल्कि research और innovation के जरिए अपनी तकनीकी क्षमताएं भी विकसित करे। Source: All India Radio / DD India, Hindustan Times, Indian Express, IIT Delhi Convocation-related reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

खास खबर | NEET-UG पेपर लीक पर CBI का बड़ा खुलासा; NTA से जुड़े एक्सपर्ट्स पर आरोप

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जांच के अनुसार, पेपर लीक प्रिंटिंग प्रेस से नहीं, बल्कि NTA के लिए काम कर रहे कुछ विषय विशेषज्ञों के जरिए होने का आरोप सामने आया है। इस खुलासे के बाद NTA की परीक्षा प्रक्रिया, पेपर की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नोट: आरोप चार्जशीट में जांच के आधार पर दर्ज हैं; मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है। #NEETUG#NEETPaperLeak#CBI#NTA#EducationNews BreakingNews JayRashtraNews

आगे और पढ़ें

India vs Sri Lanka XI: कोलंबो में Day 2 का खेल बारिश से रुका, दोबारा शुरू होने के बाद Padikkal का शानदार शतक

कोलंबो: भारत और Sri Lanka Cricket XI के बीच नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब ग्राउंड में खेले जा रहे तीन दिवसीय अभ्यास मैच के Day 2 में बारिश ने खेल में बाधा डाली। बारिश के कारण कुछ समय के लिए खेल रोकना पड़ा, लेकिन मौसम साफ होने के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हुआ। ताजा अपडेट के मुताबिक भारत की पारी आगे बढ़ रही है। भारत ने पहले दिन Sri Lanka XI के 363/8 के जवाब में दूसरे दिन बल्लेबाजी शुरू की और शुरुआती झटकों के बाद पारी को संभाला। Devdutt Padikkal ने शानदार शतक लगाकर भारतीय पारी को मजबूती दी। बारिश के कारण रुका Day 2 का खेल कोलंबो में मौसम की स्थिति पहले से ही इस अभ्यास मैच के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। Day 2 के दौरान बारिश के कारण खेल में रुकावट आई। हालांकि, बारिश रुकने और परिस्थितियां खेलने लायक होने के बाद मैच को दोबारा शुरू किया गया। मौसम की वजह से खेल के ओवरों और लय पर असर पड़ा है। Devdutt Padikkal ने जड़ा शानदार शतक भारत के लिए Day 2 की सबसे बड़ी खबर Devdutt Padikkal का शतक रहा। उन्होंने दबाव के बीच धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए अपनी सेंचुरी पूरी की और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। Padikkal का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की टेस्ट सीरीज से पहले बल्लेबाजी क्रम को लेकर टीम मैनेजमेंट के सामने कई सवाल हैं। भारत को शुरुआत में लगे झटके दूसरे दिन भारत की शुरुआत पूरी तरह आसान नहीं रही। Yashasvi Jaiswal दो गेंदों पर बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि भारतीय पारी में शुरुआती विकेट गिरने के बाद Padikkal ने जिम्मेदारी संभाली। Padikkal ने साझेदारों के साथ मिलकर पारी को संभाला और अपनी सेंचुरी के जरिए भारत को मुकाबले में वापस लाया। Ravindra Jadeja ने भी संभाली पारी Padikkal के आउट होने के बाद Ravindra Jadeja ने भी भारतीय पारी को संभालने में अहम भूमिका निभाई। ताजा लाइव अपडेट में Jadeja ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और भारत की पारी को आगे बढ़ा रहे थे। लाइव स्कोर अपडेट के अनुसार एक समय भारत 218/5 के आसपास था और Sri Lanka XI के 363/8 के स्कोर से पीछे चल रहा था। Sri Lanka XI ने बनाए थे 363/8 Day 1 पर Sri Lanka XI ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 90 ओवर में 363/8 का मजबूत स्कोर बनाया था। भारतीय स्पिनरों ने बीच के चरण में विकेट हासिल किए, लेकिन मेजबान टीम ने अच्छी साझेदारियों के दम पर बड़ा स्कोर खड़ा किया। अब भारत के सामने इस स्कोर को पार करने और अपने बल्लेबाजों को टेस्ट सीरीज से पहले पर्याप्त अभ्यास देने की चुनौती है। Test Series से पहले अहम अभ्यास यह अभ्यास मैच भारत के लिए आगामी India vs Sri Lanka Test Series की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तीन दिवसीय मैच को पहले चार दिन का रखा गया था, लेकिन बाद में इसे तीन दिन का कर दिया गया। मुकाबला अब 7 से 9 अगस्त तक खेला जा रहा है। भारत और Sri Lanka के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से Galle में शुरू होना है, जबकि दूसरा टेस्ट Colombo में खेला जाएगा। Shubman Gill Day 1 से बाहर रहे भारत के कप्तान Shubman Gill ने अभ्यास मैच के पहले दिन हिस्सा नहीं लिया। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें उंगली में मामूली परेशानी के कारण एहतियातन आराम दिया गया। टीम मैनेजमेंट टेस्ट सीरीज से पहले प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। निष्कर्ष India vs Sri Lanka XI अभ्यास मैच के Day 2 में बारिश के कारण खेल बाधित हुआ, लेकिन मौसम साफ होने के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हो गया। भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर Devdutt Padikkal का शानदार शतक और Ravindra Jadeja की उपयोगी पारी रही। वहीं Sri Lanka XI के 363/8 के जवाब में भारत अभी भी पीछे चल रहा है। अब नजरें इस बात पर हैं कि भारत Sri Lanka XI की बढ़त को कितना कम कर पाता है और मौसम बाकी दिन के खेल को कितना प्रभावित करता है। Source: Indian Express, Outlook India, Reuters, Cricbuzz जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, Kerala और Odisha में भी बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के बीच दिल्ली-NCR, Kerala, Odisha, Uttarakhand, Rajasthan और Karnataka समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। दिल्ली-NCR में बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर आवाजाही में परेशानी जैसी स्थिति बन सकती है। वहीं Kerala और Odisha में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। Delhi-NCR में बारिश का दौर जारी दिल्ली-NCR में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने तथा सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। दिल्ली में मौजूदा मौसम को देखते हुए लोगों को बाहर निकलते समय स्थानीय मौसम अपडेट और ट्रैफिक स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Kerala में भारी बारिश को लेकर अलर्ट Kerala में भी भारी बारिश की स्थिति को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में रविवार को भी भारी बारिश हो सकती है और कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और स्थानीय स्तर पर अन्य मौसम संबंधी परेशानियां पैदा हो सकती हैं। Odisha में बहुत भारी बारिश की संभावना Odisha में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। IMD ने राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। भारी बारिश की स्थिति में नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने का खतरा रहता है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून Delhi-NCR, Kerala और Odisha के अलावा Uttarakhand, Rajasthan और Karnataka समेत कई क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध का खतरा बढ़ सकता है। वहीं मैदानी इलाकों में तेज बारिश से जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। Weather-related disruption की बढ़ी आशंका भारी बारिश के कारण कई शहरों में रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक धीमा पड़ने, सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने और कुछ इलाकों में स्थानीय प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाने की संभावना है। स्कूल बंद करने का फैसला पूरे देश के स्तर पर नहीं होता। संबंधित राज्य सरकार या जिला प्रशासन स्थानीय मौसम और सुरक्षा की स्थिति के आधार पर ऐसा निर्णय ले सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच Delhi-NCR, Kerala और Odisha समेत कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे जलभराव, ट्रैफिक, यात्रा और अन्य सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। अगले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन और आम लोगों की नजर बनी रहेगी। Source: India Meteorological Department (IMD), Indian Express, NDTV Profit, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

अंतरराष्ट्रीय | US–India Trade Tension: रूस से तेल खरीद पर भारत पर 100% तक टैरिफ का खतरा, अमेरिकी सीनेट के कदम से बढ़ा व्यापारिक तनाव

नई दिल्ली: अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव के बीच रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर संभावित 100% तक अतिरिक्त टैरिफ का मुद्दा शनिवार, 8 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय व्यापार चर्चा में प्रमुख बना हुआ है। अमेरिकी सीनेट ने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से जुड़े एक विधेयक को 86-11 वोटों से मंजूरी दी है, जिसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि भारत पर 100% टैरिफ अभी लागू नहीं हुआ है। विधेयक को आगे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रक्रिया से गुजरना होगा और इसके बाद राष्ट्रपति के स्तर पर इसके इस्तेमाल का फैसला होगा। अमेरिकी सीनेट ने रूस प्रतिबंध विधेयक को दी मंजूरी अमेरिकी सीनेट ने शुक्रवार को Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act को मंजूरी दी। रिपोर्टों के अनुसार, विधेयक राष्ट्रपति को रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने की शक्ति दे सकता है। विधेयक का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और उसकी ऊर्जा आय को सीमित करना बताया जा रहा है। भारत और चीन जैसे बड़े रूसी तेल खरीदार इस प्रस्ताव के संभावित प्रभाव के दायरे में आ सकते हैं। भारत पर सीधे 100% टैरिफ अभी नहीं लगा है इस घटनाक्रम को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 100% टैरिफ की खबर को तत्काल लागू शुल्क के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद विधेयक को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जाना है। रिपोर्टों के अनुसार, सदन की अगली प्रक्रिया अगस्त के अंत में होने की उम्मीद है। कानून बनने के बाद भी टैरिफ लगाने का फैसला अमेरिकी प्रशासन के अधिकार और नीति पर निर्भर करेगा। रूस से तेल खरीद बना भारत-अमेरिका विवाद का केंद्र यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदना जारी रखा है। रूस से मिलने वाले तेल की कीमत और भारत की रिफाइनिंग क्षमता के कारण यह खरीद देश की ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। अमेरिका रूस की ऊर्जा आय को युद्ध से जोड़कर देखता है और प्रमुख खरीदार देशों पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसी वजह से भारत की रूसी तेल खरीद अब भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बन गई है। भारतीय निर्यातकों के लिए बढ़ सकती है चिंता यदि भविष्य में अमेरिका भारत के उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका सीधा असर अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत और प्रतिस्पर्धात्मकता पर पड़ सकता है। अमेरिका भारतीय निर्यात के लिए एक बड़ा बाजार है। इसलिए भारी अतिरिक्त शुल्क की स्थिति में कपड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, रत्न-जवाहरात, रसायन और अन्य अमेरिकी बाजार-निर्भर क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है। भारतीय शेयर बाजार और रुपये पर भी नजर अमेरिकी टैरिफ की आशंका के बीच भारतीय निवेशकों की नजर सोमवार को खुलने वाले शेयर बाजार पर रहेगी। खासतौर पर ऐसी कंपनियां जिनका अमेरिका को निर्यात ज्यादा है, उनके शेयरों पर बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, रूस से तेल खरीद में किसी बड़े व्यवधान की स्थिति में भारत के लिए वैकल्पिक स्रोतों से कच्चा तेल खरीदने की जरूरत बढ़ सकती है। इससे आयात बिल, रुपये और महंगाई पर भी असर पड़ने की संभावना होगी। तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है असर रूस दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में शामिल है। यदि प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल के अंतरराष्ट्रीय प्रवाह में बड़ी बाधा आती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बन सकता है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी से भारत की ऊर्जा लागत और व्यापार घाटे पर असर पड़ सकता है। भारत के सामने ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार के बीच संतुलन की चुनौती भारत के लिए यह मामला केवल अमेरिका के साथ व्यापार का नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता से भी जुड़ा है। एक ओर भारत को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कच्चा तेल उपलब्ध कराने वाले स्रोतों की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध भी भारतीय निर्यात और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में सरकार के सामने दोनों हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी। अब आगे क्या होगा? अब सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में विधेयक की स्थिति होगी। इसके बाद यह भी देखा जाएगा कि अमेरिकी प्रशासन इस कानून का इस्तेमाल किस तरह करता है और किन देशों को संभावित अतिरिक्त टैरिफ के दायरे में रखा जाता है। भारत की ओर से भी इस घटनाक्रम पर कूटनीतिक और व्यापारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल बाजार और कारोबारी वर्ग किसी तत्काल 100% शुल्क के बजाय आगे की अमेरिकी विधायी प्रक्रिया और भारत की प्रतिक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। निष्कर्ष रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर 100% तक संभावित अमेरिकी टैरिफ का मुद्दा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है। अमेरिकी सीनेट द्वारा रूस प्रतिबंध विधेयक को 86-11 वोटों से मंजूरी दिए जाने के बाद भारतीय कारोबार और बाजारों में चिंता बढ़ी है। हालांकि, भारत पर 100% टैरिफ अभी लागू नहीं हुआ है। विधेयक को आगे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रक्रिया से गुजरना है। आने वाले दिनों में अमेरिकी संसद की कार्रवाई, व्हाइट हाउस का रुख और भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी। Source: Reuters, Economic Times, Hindustan Times, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

बिजनेस | Gold Rate Today: 8 अगस्त को सोने के भाव में तेजी, 18K, 22K और 24K गोल्ड के रेट पर निवेशकों की नजर

नई दिल्ली: सोने की कीमतों में शनिवार, 8 अगस्त 2026 को तेजी देखने को मिली। देश में 24 कैरेट सोने का औसत भाव करीब ₹14,970 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना करीब ₹13,712 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब ₹11,227 प्रति ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, शहर और स्थानीय बाजार के अनुसार कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बीच निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की नजर घरेलू बुलियन मार्केट के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों और रुपये-डॉलर की चाल पर बनी हुई है। आज 18K, 22K और 24K सोने का भाव क्या है? 8 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रिटेल गोल्ड रेट के अनुसार 24K सोना लगभग ₹14,970 प्रति ग्राम, 22K सोना ₹13,712 प्रति ग्राम और 18K सोना करीब ₹11,227 प्रति ग्राम रहा। ये दरें प्रति ग्राम हैं और ज्वेलरी खरीदते समय अंतिम कीमत इससे अलग हो सकती है। 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्धता वाला होता है, जबकि 22 कैरेट का इस्तेमाल पारंपरिक भारतीय आभूषणों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। 18 कैरेट सोना आमतौर पर डायमंड, व्हाइट गोल्ड और रोज गोल्ड जैसे आभूषणों में इस्तेमाल होता है। देश के अलग-अलग शहरों में क्यों बदलता है सोने का भाव? सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग समान आधार देती है, लेकिन भारत के अलग-अलग शहरों में अंतिम भाव अलग हो सकता है। इसके पीछे स्थानीय मांग, परिवहन और इंश्योरेंस लागत, ज्वेलर्स के मार्जिन और स्थानीय बाजार की परिस्थितियां प्रमुख कारण हैं। उदाहरण के तौर पर 8 अगस्त को अमरावती में 24K सोने का भाव ₹15,235 प्रति ग्राम, 22K ₹13,965 प्रति ग्राम और 18K ₹11,426 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। इससे साफ है कि शहर के हिसाब से सोने की कीमत में अंतर हो सकता है। दिल्ली में आज का गोल्ड रेट दिल्ली में 8 अगस्त के लिए 22K और 24K सोने की कीमतों को लेकर ताजा बाजार आंकड़े उपलब्ध हैं। Forbes Advisor के अनुसार दिल्ली के रेट को दिन के दौरान अपडेट किया गया और शहर में 22K तथा 24K सोने के भाव की अलग-अलग निगरानी की जा रही है। दिल्ली जैसे बड़े बुलियन बाजार में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत, रुपये की चाल और स्थानीय मांग का असर रिटेल कीमतों पर पड़ता है। सोने की कीमतों में तेजी के पीछे क्या कारण हैं? सोने की कीमत कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होती है। इनमें अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतें, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, ब्याज दरों की उम्मीदें, महंगाई, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग शामिल हैं। जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर सोने को अपेक्षाकृत सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में देखते हैं। इससे मांग बढ़ने पर कीमतों को समर्थन मिल सकता है। अगस्त में सोने ने पकड़ी तेजी NDTV के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अगस्त की शुरुआत से सोने के भाव में बढ़त दर्ज की गई है। 1 अगस्त को 24K सोना करीब ₹14,306 प्रति ग्राम था, जो 7 अगस्त तक बढ़कर ₹14,868 प्रति ग्राम पहुंच गया। इसी अवधि में 22K सोना ₹13,106 से बढ़कर ₹13,617 और 18K सोना ₹10,730 से बढ़कर ₹11,148 प्रति ग्राम हुआ। इससे अगस्त के शुरुआती दिनों में सोने के बाजार में सकारात्मक रुझान दिखाई देता है। ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ गोल्ड रेट न देखें ज्वेलरी खरीदते समय केवल 18K, 22K या 24K के प्रति ग्राम भाव को देखना पर्याप्त नहीं है। अंतिम बिल में मेकिंग चार्ज, वेस्टेज/डिजाइन चार्ज और GST जैसी लागतें भी शामिल हो सकती हैं। इसी वजह से ऑनलाइन दिखने वाला गोल्ड रेट और ज्वेलरी दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत अलग हो सकती है। खरीदारों को खरीदारी से पहले प्रति ग्राम रेट और सभी अतिरिक्त शुल्क की जानकारी लेनी चाहिए। हॉलमार्क और HUID जरूर जांचें सोने की ज्वेलरी खरीदते समय BIS हॉलमार्क, शुद्धता का निशान जैसे 22K 916 या 18K 750 और HUID की जांच करना महत्वपूर्ण है। इससे खरीदार को सोने की घोषित शुद्धता की पुष्टि करने में मदद मिलती है। निवेशकों की नजर बुलियन मार्केट पर सोने में हालिया तेजी के बीच निवेशकों की नजर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट पर बनी हुई है। सोने की कीमतों में आगे की दिशा तय करने में ग्लोबल मार्केट, रुपये की चाल, ब्याज दरों और आर्थिक परिस्थितियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। हालांकि, केवल एक दिन की कीमत देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को अपने निवेश लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। निष्कर्ष 8 अगस्त 2026 को सोने के भाव में तेजी का रुख बना हुआ है और 18K, 22K तथा 24K गोल्ड की कीमतों पर खरीदारों और निवेशकों की नजर है। अगस्त की शुरुआत से घरेलू सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज हुई है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां सोने की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। Source: NDTV Gold Rate, Forbes Advisor India, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | अमरनाथ यात्रा पर बड़ा अपडेट: खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं का नया जत्था फिलहाल रवाना नहीं किया गया। यात्रा को रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पहाड़ी इलाकों में मौसम लगातार खराब बना हुआ है और बारिश के कारण यात्रा मार्ग तथा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। खराब मौसम के कारण लिया गया फैसला अमरनाथ यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है। अधिकारियों की ओर से मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही जम्मू से नए जत्थे को आगे भेजने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों की संख्या में भी आई कमी यात्रा रोकने के पीछे श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। सामान्य दिनों की तुलना में जम्मू आधार शिविर पर यात्रियों की संख्या कम होने के कारण फिलहाल नए जत्थे को रवाना नहीं किया गया। प्रशासन यात्रा व्यवस्था, मौसम और श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है। भगवती नगर बेस कैंप से नहीं रवाना हुआ नया जत्था जम्मू का भगवती नगर आधार शिविर अमरनाथ यात्रा के प्रमुख शुरुआती केंद्रों में से एक है। यहां से श्रद्धालुओं के जत्थे सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी की ओर रवाना होते हैं। मौजूदा मौसम को देखते हुए शनिवार को यहां से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले नए जत्थे को रोक दिया गया। यात्रा से जुड़े अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भी प्रशासन की नजर खराब मौसम के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा रहता है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति की निगरानी कर रहा है। सड़क की स्थिति खराब होने पर यात्रियों को आगे भेजना जोखिम भरा हो सकता है। यात्रा पूरी तरह बंद नहीं, फैसला अस्थायी अधिकारियों के अनुसार, यह अस्थायी रोक है। इसका मतलब यह नहीं है कि अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति में सुधार होने के बाद जम्मू से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को फिर से रवाना किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले प्रशासन और श्री अमरनाथ यात्रा से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं की जानकारी लेते रहें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता अमरनाथ यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ी और दुर्गम इलाकों से होकर अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। ऐसे में खराब मौसम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सावधानी बरतता है। मौजूदा परिस्थितियों में भी प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यात्रा मार्ग की स्थिति पर है। अब मौसम में सुधार का इंतजार फिलहाल जम्मू से अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। यात्रा बहाली का फैसला मौसम, सड़क और यात्रा मार्ग की स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे बिना आधिकारिक अनुमति या अपडेट के यात्रा के अगले चरण के लिए आगे न बढ़ें। निष्कर्ष खराब मौसम और यात्रियों की संख्या में कमी के बीच जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन जम्मू-श्रीनगर हाईवे और यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर रख रहा है। मौसम में सुधार और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद ही नए जत्थे को रवाना करने पर फैसला लिया जाएगा। Source: Indian Express / Business Standard / अन्य संबंधित रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राष्ट्रीय | रांची में छात्र आंदोलन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही, आरोपी हिरासत में

झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक व्यक्ति ने स्याही फेंक दी। यह घटना बिरसा चौक के पास उस समय हुई, जब AISA और AISF के नेतृत्व में छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उसने वैचारिक असहमति के कारण यह कदम उठाया। वहीं, नेहा बोरा ने कहा कि इस घटना से उनका मनोबल नहीं टूटेगा और वे छात्रों के अधिकारों के लिए अपना आंदोलन जारी रखेंगी। #NehaBora#AISA#Jharkhand#Ranchi#StudentProtest BreakingNews JaiRashtraNews

आगे और पढ़ें
Translate »