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राहुल गांधी का पुणे दौरा; ‘छात्रों की गूंज’ में छात्रों से सीधा संवाद

पुणे: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ (Chhatron Ki Goonj) कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद किया। इस बार कार्यक्रम का खास फोकस छात्राओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर रहा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, महिला सुरक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और आदिवासी छात्रों की समस्याओं समेत कई विषय उठे। राहुल गांधी ने पारंपरिक राजनीतिक भाषण देने के बजाय छात्रों की बातें सुनने और उनके सवालों का जवाब देने पर जोर दिया। छात्राओं ने उनके सामने उच्च शिक्षा में आने वाली बाधाओं, परिवार और समाज के दबाव, आर्थिक समस्याओं तथा सुरक्षा से जुड़े अनुभव साझा किए। महिला छात्राओं पर रहा कार्यक्रम का खास फोकस ‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस की छात्र और युवा outreach initiative का हिस्सा है। पुणे में आयोजित इस संस्करण को मुख्य रूप से महिला छात्राओं के संवाद पर केंद्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत में राहुल गांधी ने कहा कि वह लंबा राजनीतिक भाषण देने के बजाय वहां मौजूद महिलाओं और छात्राओं की समस्याओं को सुनना चाहते हैं। कार्यक्रम में छात्राओं ने sexual harassment, personal safety, शिक्षा जारी रखने में आर्थिक दिक्कत और विवाह तथा घरेलू जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई प्रभावित होने जैसे विषय उठाए। महिलाओं की स्वतंत्र पहचान पर राहुल गांधी का जोर अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्र पहचान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसी महिला की पहचान केवल बेटी, बहन, पत्नी या मां के रूप में सीमित नहीं की जानी चाहिए। महिलाओं को अपने फैसले लेने, शिक्षा हासिल करने, रोजगार चुनने और सामाजिक जीवन में अपनी जगह बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को भारत की बड़ी ताकत बताते हुए पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने की बात कही। राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान Manusmriti का जिक्र करते हुए महिलाओं को पुरुष रिश्तेदारों पर निर्भर मानने वाली सोच की आलोचना भी की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। MPSC अभ्यर्थी ने राहुल गांधी के सामने रखी समस्या कार्यक्रम में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की तैयारी कर रही एक छात्रा ने भी अपनी परेशानी राहुल गांधी के सामने रखी। छात्रा ने हालिया परीक्षा से जुड़े कथित paper leak और दोबारा परीक्षा कराने की मांग का जिक्र किया। उसने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी और कथित अनियमितताओं के कारण महिला अभ्यर्थियों को परिवार और विवाह से जुड़े अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ता है। राहुल गांधी ने MPSC उम्मीदवारों की मांग को समर्थन देने का भरोसा दिया। आदिवासी छात्राओं ने भी उठाए गंभीर मुद्दे पुणे कार्यक्रम में आदिवासी छात्रों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। एक आदिवासी छात्रा ने राहुल गांधी को बताया कि पुणे के मांजरी क्षेत्र में छात्र सरकारी आदिवासी हॉस्टलों से जुड़े नियमों और सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। छात्रा ने सरकारी हॉस्टलों में रहने की age limit बढ़ाने, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पीने के पानी, beds और healthcare facilities जैसे मुद्दे उठाए। उसने आश्रम स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं पर भी सवाल किए। इस पर राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही और जरूरत पड़ने पर उनके साथ आंदोलन में शामिल होने की इच्छा जताई। शिक्षा और रोजगार भी चर्चा के केंद्र में कार्यक्रम में केवल राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई। छात्राओं और professional women ने शिक्षा, courses, employment opportunities और financial independence से जुड़े सवाल भी रखे। राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए और सामाजिक दबाव उनके करियर की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा और सामाजिक भेदभाव भी प्रमुख विषय रहे। कार्यक्रम से पहले 30 शर्तों के साथ मिली थी अनुमति राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम को लेकर आयोजन से पहले भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली थी। पुणे पुलिस ने 22 अगस्त के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को 30 शर्तों के साथ अनुमति दी थी। इनमें noise pollution नियमों का पालन, drones के इस्तेमाल पर रोक और आपत्तिजनक banners या सामग्री न लगाने जैसी शर्तें शामिल थीं। कांग्रेस की पुणे इकाई ने दावा किया था कि कार्यक्रम के लिए 30,000 से अधिक छात्रों ने ऑनलाइन registration कराया था। यह संख्या कांग्रेस की ओर से किया गया दावा था। BJP ने कार्यक्रम को लेकर उठाए सवाल राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर BJP और Congress के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिला। महाराष्ट्र BJP ने कार्यक्रम की funding को लेकर सवाल उठाए और कांग्रेस पर आयोजन में लोगों को जुटाने के लिए पैसे खर्च करने के आरोप लगाए। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम को युवाओं से मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है। कार्यक्रम के एक दिन पहले पुणे की COEP Technological University के hostel के बाहर ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच तनाव और झड़प की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। युवा और महिला मतदाताओं तक पहुंच की कोशिश राजनीतिक दृष्टि से ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को कांग्रेस की युवा और छात्र वर्ग से सीधे जुड़ने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। पुणे के कार्यक्रम में खास तौर पर महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और स्वतंत्रता को केंद्र में रखा गया। राहुल गांधी ने छात्राओं के सवालों को सीधे सुनकर उनके जवाब दिए और कुछ आंदोलनों को समर्थन देने का आश्वासन भी दिया। अब इस कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी के Manusmriti, महिला अधिकारों और छात्र समस्याओं पर दिए गए बयानों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। BJP नेताओं ने कार्यक्रम और राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की है, जबकि कांग्रेस इसे युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश बता रही है। फिलहाल 22 अगस्त को पुणे में हुआ ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम छात्राओं के साथ राहुल गांधी के सीधे संवाद, MPSC परीक्षा विवाद और आदिवासी विद्यार्थियों की मांगों के कारण चर्चा में बना हुआ है। स्रोत – पीटीआई, इंडिया टुडे, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, द इंडियन एक्सप्रेस जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली–पुणे SpiceJet फ्लाइट में AC फेल, बढ़ती गर्मी से यात्रियों का हंगामा; उड़ान से पहले विमान लौटाया गया

नई दिल्ली: दिल्ली से पुणे जा रही SpiceJet की फ्लाइट में बुधवार को उड़ान भरने से पहले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विमान के केबिन में एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन की समस्या के कारण तापमान बढ़ गया। कई यात्रियों ने घुटन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की, जिसके बाद विमान में हंगामा शुरू हो गया। विमान के अंदर बढ़ने लगा तापमान रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रियों के विमान में सवार होने के बाद केबिन का तापमान लगातार बढ़ता गया। गर्मी और उमस के कारण कई यात्री पसीने से परेशान हो गए। विमान में बच्चे और बुजुर्ग यात्री भी मौजूद थे। कुछ यात्रियों ने सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत की। एक यात्री ने स्थिति की तुलना बेहद गर्म और दमघोंटू माहौल से की। यात्रियों ने किया हंगामा हालात बिगड़ने के बाद यात्रियों ने विमान में विरोध शुरू कर दिया। यात्रियों का कहना था कि जब केबिन में गर्मी और घुटन बढ़ रही थी, तब उड़ान भरना सुरक्षित नहीं होगा। कई यात्रियों ने विमान के दरवाजे खोलने और उन्हें बाहर निकालने की मांग की। स्थिति को देखते हुए विमान को वापस बे पर लाया गया और यात्रियों को विमान से उतारा गया। 100 से ज्यादा यात्रियों ने उड़ान से इनकार किया Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, 100 से अधिक यात्रियों ने असहज परिस्थितियों में यात्रा जारी रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद विमान को वापस बे पर लाना पड़ा। रिपोर्ट में इस समस्या की वजह विमान के एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में खराबी बताई गई है। सांस लेने में भी हुई परेशानी यात्रियों के अनुसार, विमान के अंदर पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था। गर्मी बढ़ने के साथ कुछ यात्रियों को सांस लेने में कठिनाई महसूस हुई। एक यात्री के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि AC नहीं चल रहा था और वेंटिलेशन भी नहीं था, जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई। बड़ा हादसा टला? घटना के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें विमान के अंदर यात्रियों को परेशान देखा जा सकता है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में किसी गंभीर चोट या मौत की पुष्टि नहीं हुई है। विमान को उड़ान से पहले वापस बे पर लाए जाने के बाद यात्रियों को बाहर निकाला गया। SpiceJet की उड़ानों पर फिर उठे सवाल यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब एयरलाइन संचालन, उड़ानों में देरी और यात्रियों की सुविधाओं को लेकर SpiceJet पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। दिल्ली–पुणे रूट पर SpiceJet की उड़ानें संचालित होती हैं और कंपनी के शेड्यूल में SG 939 और SG 105 जैसी उड़ानें दर्ज हैं। ताजा घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा और विमान के तकनीकी रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम विमान के टेक-ऑफ से पहले केबिन में तापमान और वेंटिलेशन की समस्या सामने आने के बाद उड़ान रोकना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर गर्म मौसम में विमान के अंदर एयर कंडीशनिंग और उचित वेंटिलेशन यात्रियों के आराम के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। निष्कर्ष दिल्ली से पुणे जा रही SpiceJet फ्लाइट में AC और वेंटिलेशन की समस्या के कारण केबिन का तापमान बढ़ गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। बच्चों और बुजुर्गों समेत कई यात्रियों ने सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की और विरोध किया। स्थिति को देखते हुए विमान को उड़ान से पहले वापस बे पर लाया गया और यात्रियों को उतारा गया। 100 से ज्यादा यात्रियों के उड़ान जारी रखने से इनकार करने की रिपोर्ट सामने आई है। Source: NDTV / NDTV Profit / Times of India / अन्य रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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