गोरखपुर में भारी बारिश से जलभराव, रवि किशन ने किया निरीक्षण; डेढ़ घंटे में 150 MM बारिश से कई इलाके डूबे
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव हो गया। नगर निगम के अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम के मुताबिक करीब डेढ़ घंटे में 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई सड़कों, बाजारों, घरों और दुकानों में पानी भर गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए गोरखपुर सांसद रवि किशन ने महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अजय जैन और अन्य अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया तथा पानी जल्द निकालने के निर्देश दिए। डेढ़ घंटे की बारिश से शहर हुआ पानी-पानी 26 सितंबर को गोरखपुर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम के ऑटोमेटिक रेन गेज ने महज डेढ़ घंटे में करीब 150 MM बारिश दर्ज की। तेज बारिश के बाद शहर के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया और कई जगह नाले ओवरफ्लो हो गए। घरों और दुकानों में घुसा पानी बारिश के कारण दाऊदपुर, इंदिरा नगर, तारामंडल, तिवारीपुर, इलाहीबाग, विजय चौक, धर्मशाला बाजार, बिलंदपुर और गोरखनाथ समेत कई इलाकों में पानी भर गया। कुछ निचले इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया और लोगों का घरेलू सामान पानी में तैरने लगा। कई परिवारों को ऊंचे स्थानों या घरों की ऊपरी मंजिलों पर जाना पड़ा। जिला अस्पताल की OPD तक पहुंचा पानी भारी बारिश का असर सरकारी संस्थानों पर भी दिखाई दिया। जिला अस्पताल की OPD और डॉक्टरों के चेंबर तक बारिश और नालियों का पानी पहुंच गया। महिला अस्पताल, नगर निगम परिसर, आकाशवाणी परिसर और कई सरकारी कार्यालयों के आसपास भी जलभराव दर्ज किया गया। मरीजों और उनके परिजनों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। रवि किशन ने किया जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण गोरखपुर के BJP सांसद रवि किशन भी जलभराव की स्थिति देखने के लिए सड़क पर उतरे। उन्होंने महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अजय जैन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। रवि किशन ने अधिकारियों से जलनिकासी के लिए पंप चलाने और प्रभावित क्षेत्रों से जल्द से जल्द पानी निकालने को कहा। करीब 3 हजार परिवार प्रभावित अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक लालडिग्गी, घंटाघर, रायगंज, बिलंदपुर, कालेपुर और आसपास के इलाकों में जलभराव के कारण करीब 3,000 से अधिक परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़क और नाली का अंतर दिखाई देना बंद हो गया। पानी में वाहन बंद होने से लोगों को घुटनों तक पानी में पैदल चलना पड़ा। बाजारों में भी भारी नुकसान महेवा गल्ला मंडी, साहबगंज और राप्ती कॉम्प्लेक्स समेत कई कारोबारी इलाकों में दुकानों के अंदर पानी घुस गया। महेवा मंडी के व्यापारियों ने करीब ₹50 लाख से अधिक के सामान के नुकसान का दावा किया है। राप्ती कॉम्प्लेक्स की निचली मंजिल की करीब 15 दुकानों में भी पानी भरने की बात सामने आई। ये नुकसान के आंकड़े व्यापारियों के शुरुआती दावे हैं और अंतिम प्रशासनिक आकलन अलग हो सकता है। जलभराव पर रवि किशन और BJP पार्षद में नोकझोंक बारिश के बाद जलनिकासी को लेकर सांसद रवि किशन और BJP पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई बातचीत भी चर्चा में आ गई। वायरल वीडियो में दोनों तरकुलानी और रामगढ़ताल क्षेत्र से पानी निकालने को लेकर बात करते सुनाई देते हैं। बातचीत के दौरान राजनीतिक तंज भी हुए। हालांकि वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है। कमिश्नर ने भी परखी जलनिकासी व्यवस्था भारी बारिश को देखते हुए मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने महापौर और अन्य अधिकारियों के साथ सुमेर सागर नाला, धर्मशाला ब्रिज, राप्ती कॉम्प्लेक्स और अन्य संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को अगले तीन से चार दिनों तक अलर्ट रहने, suction machines तैयार रखने और जलभराव की सूचना मिलने पर तत्काल टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम की टीमें जलनिकासी में जुटीं नगर आयुक्त अजय जैन ने डोमिनगढ़, इलाहीबाग और लालडिग्गी पंपिंग स्टेशन समेत कई जगहों का निरीक्षण किया। सभी पंपिंग स्टेशनों को लगातार चलाने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पंप लगाने के निर्देश दिए गए। फिलहाल शहर के निचले और जलभराव वाले इलाकों की निगरानी जारी है। प्रशासन ने बारिश के दौरान लोगों से सावधानी बरतने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की अपील की है। source – Amar Ujala / Dainik Jagran / Hindustan / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

