सहारनपुर में ₹20 के नकली सिक्कों का बड़ा नेटवर्क पकड़ा; 5 गिरफ्तार, ₹70 करोड़ तक के कारोबार की जांच
सहारनपुर, 17 सितंबर 2026: Uttar Pradesh के Saharanpur में ₹20 के नकली सिक्के बनाने और बाजार में खपाने वाले interstate gang के खुलासे की जांच अब उसके बड़े distribution network तक पहुंच गई है। Police ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से 6,400 नकली ₹20 के सिक्के, machines, dies और manufacturing material बरामद किया था। आज की investigation में seized registers और encrypted messaging app Signal पर हुई chats के जरिए agents की पहचान की जा रही है। ₹1.28 लाख के तैयार नकली सिक्के बरामद Police के मुताबिक आरोपियों के पास से 6,400 तैयार ₹20 coins मिले, जिनकी face value ₹1.28 लाख है। इसके अलावा करीब ₹4.5 लाख कीमत के अधबने सिक्के और coin-making setup भी बरामद किया गया। Raid में छह machines, metal sheets, dies, polishing equipment, oven और अन्य tools जब्त किए गए। रोज 10–12 हजार सिक्के बनाने का आरोप Saharanpur SSP Abhinandan के मुताबिक gang रोज करीब 10,000 से 12,000 नकली ₹20 coins तैयार करने की capacity रखता था। Police का आरोप है कि coins को liquor shops, toll plazas और छोटे दुकानदारों के जरिए धीरे-धीरे circulation में डाला जाता था, ताकि एक साथ बड़ी मात्रा में fake currency सामने न आए। ₹70 करोड़ के नकली सिक्के खपाने का दावा Police interrogation में gang के members ने कथित तौर पर बताया कि network कई वर्षों से सक्रिय था और अब तक करीब ₹70 करोड़ के counterfeit coins अलग-अलग राज्यों में circulate किए जा चुके हैं। हालांकि ₹70 करोड़ का यह आंकड़ा अभी आरोपियों से पूछताछ और police investigation पर आधारित दावा है; इसकी स्वतंत्र financial verification अभी जारी है। Mastermind पर था ₹1 लाख का इनाम गिरफ्तार आरोपियों में alleged mastermind Upkar Luthra alias Abhay Pratap Singh भी शामिल है, जिस पर Police ने ₹1 लाख का reward घोषित किया था। Reports के मुताबिक वह पहले भी counterfeit coin case में Tihar Jail जा चुका है। Gang Saharanpur में नया manufacturing base तैयार करने की कोशिश कर रहा था। Signal Chats और Registers से Agents की तलाश आज की investigation में Police seized हिसाब-किताब registers और Signal app chats का analysis कर रही है। Investigation का focus उन agents और distributors की पहचान करना है, जिनके जरिए नकली coins अलग-अलग markets और commercial locations तक पहुंचाए जाते थे। Police बाकी फरार suspects की भी तलाश कर रही है। असली और नकली सिक्कों में फर्क करना मुश्किल Police के मुताबिक accused iron-zinc plates से coin base तैयार करते थे, फिर brass coating और dies की मदद से design और markings बनाई जाती थीं। Finishing के बाद coins असली ₹20 coins से काफी मिलते-जुलते दिखाई देते थे, जिससे सामान्य लोगों के लिए फर्क करना मुश्किल हो सकता था। source – Saharanpur Police / Aaj Tak / Dainik Jagran / The420 जय राष्ट्र न्यूज़

