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Brent Crude $100 के ऊपर, Middle East Tension से Indian Market पर दबाव

मुंबई, 10 सितंबर 2026: Middle East में बढ़ते तनाव और oil shipping पर हमलों के बीच Brent crude लगातार दूसरे दिन $100 प्रति barrel के ऊपर बना हुआ है। गुरुवार को Brent करीब 0.7% नीचे $100.50 प्रति barrel पर कारोबार कर रहा था, जबकि WTI crude करीब $95.58 पर था। Sensex-Nifty में सतर्क कारोबार ऊंचे crude prices के कारण Indian equity market में investor sentiment कमजोर बना हुआ है। सुबह करीब 9:36 बजे Nifty 50 0.01% गिरकर 23,429.25 और Sensex 0.01% नीचे 74,759.54 पर था। दोनों indices पिछले session में तीन महीने के निचले स्तर पर बंद हुए थे और पिछले आठ sessions में से सात में गिरावट दर्ज कर चुके हैं। Middle East Conflict ने बढ़ाई Oil Supply की चिंता Oil market में tension तब और बढ़ी जब Iran ने Strait of Hormuz के पास 10 ships पर हमले का दावा किया। यह कार्रवाई US द्वारा पांच Iranian oil tankers को निशाना बनाए जाने के बाद हुई। इस escalation ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण oil shipping routes में supply disruption का risk बढ़ा दिया है। Strait of Hormuz पर नजर Conflict से पहले Strait of Hormuz से दुनिया के oil और gas trade का करीब 20% हिस्सा गुजरता था। मौजूदा तनाव के कारण इस route से traffic काफी कम हुआ है। Red Sea route पर Houthi attacks ने alternative shipping routes को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। India के लिए महंगा Crude क्यों चिंता? India दुनिया के सबसे बड़े crude oil importers में शामिल है। लंबे समय तक oil prices $100 के ऊपर रहने से: Reuters के मुताबिक यही वजह है कि high crude prices Indian market sentiment के लिए बड़ा risk बने हुए हैं। Rupee भी ₹95.30/$ तक कमजोर ऊंचे oil prices का असर rupee पर भी दिखाई दिया। आज Indian rupee करीब 0.2% गिरकर ₹95.30 प्रति dollar तक पहुंचा, जो करीब 10 दिनों का सबसे कमजोर स्तर है। Traders के मुताबिक RBI की ओर से संभावित dollar selling ने currency पर दबाव को कुछ हद तक सीमित किया। ONGC और Oil India में तेजी जहां high crude prices broader market के लिए चिंता हैं, वहीं upstream oil companies को इसका फायदा मिला। ONGC करीब 2% और Oil India करीब 2.4% ऊपर रहे, क्योंकि higher crude prices इनके revenue और margins को support कर सकते हैं। आगे Middle East Developments पर नजर Market की दिशा अब Middle East conflict, Strait of Hormuz shipping, crude oil prices और global inflation data पर निर्भर रहेगी। अगर oil supply disruption और बढ़ता है तो Brent पर फिर upward pressure आ सकता है और इसका असर Indian rupee, inflation और equities पर भी पड़ सकता है। source – Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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Brent Crude आज $99.5 के करीब, Sensex-Nifty में गिरावट; Middle East Tension से Indian Market पर दबाव

मुंबई, 9 सितंबर 2026: Middle East में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच international crude oil prices बुधवार को $100 प्रति barrel के बेहद करीब पहुंच गए। Brent crude futures करीब $99.50 प्रति barrel तक चढ़ गए, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty दोनों में गिरावट दर्ज की गई। Sensex करीब 620 अंक नीचे सुबह करीब 10:01 बजे BSE Sensex 0.83% गिरकर 74,954.33 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 करीब 0.67% गिरकर 23,474.40 पर पहुंच गया। Market में 16 प्रमुख sectoral indices में से 12 नुकसान में कारोबार कर रहे थे। Brent Crude $99.5 तक पहुंचा Middle East conflict बढ़ने से Brent crude futures करीब 1.5% उछलकर $99.5 प्रति barrel तक पहुंच गए। दूसरे market update में Brent ने $99.49 का level छुआ, जो late June के बाद सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। US West Texas Intermediate यानी WTI crude भी बढ़कर करीब $94.63 प्रति barrel पर पहुंच गया। Middle East में नए हमलों से बढ़ी चिंता Oil prices में तेजी की बड़ी वजह Middle East में conflict का और विस्तार होना है। Iran-backed Houthis ने Saudi Arabia के कई शहरों पर हमले किए, जबकि US forces ने कई Iranian oil tankers को निशाना बनाया। इसके जवाब में Iran ने Jordan स्थित एक अमेरिकी military base पर हमला किया। इन घटनाओं ने broader regional conflict और oil supply disruption की आशंका बढ़ा दी है। Strait of Hormuz में Shipping Traffic कम Global energy market की चिंता Strait of Hormuz को लेकर भी बढ़ी है। Preliminary Kpler data के मुताबिक मंगलवार को केवल 6 commodity vessels Strait of Hormuz से गुजरे, जबकि पिछले 10 दिनों का average करीब 12 vessels था। एक दिन पहले 9 vessels ने इस strategic waterway को पार किया था। हालांकि कुछ ships tracking transponders बंद कर सकती हैं, इसलिए final traffic figures बदल सकते हैं। India के लिए महंगा Crude क्यों बड़ी चिंता? India दुनिया के सबसे बड़े crude oil importers में शामिल है और अपनी oil requirement का बड़ा हिस्सा imports से पूरा करता है। अगर crude prices लंबे समय तक $100 के आसपास बने रहते हैं तो इससे: Reuters के मुताबिक यही कारण है कि crude में तेजी Indian equities के लिए एक बड़ा negative trigger बनी हुई है। Rupee पर भी बढ़ा दबाव Crude की तेजी के कारण Indian rupee पर भी pressure बढ़ा है। Traders के मुताबिक rupee के dollar के मुकाबले 94.84–94.86 के आसपास खुलने की संभावना थी, जबकि पिछले session में यह 94.8175 पर बंद हुआ था। Market participants अब यह भी देख रहे हैं कि Reserve Bank of India currency को support करने के लिए कितनी aggressive intervention करता है। IT Sector में बड़ी गिरावट Indian market में Nifty IT index करीब 3% गिरा। Coforge के shares करीब 6% टूटे, जब Chairman Om Prakash Bhatt ने company के board evaluation process को लेकर internal audit concerns के बाद इस्तीफा दिया। Mid-cap और small-cap indices में भी करीब 0.6–0.7% की गिरावट दर्ज की गई। Adani Enterprises में तेजी कमजोर market के बीच Adani Enterprises करीब 3.6% ऊपर कारोबार कर रहा था। Company ने अपने airport business में 5.54% तक stake Temasek, BlackRock, Premji Invest और Alpha Wave जैसे investors को बेचकर लगभग $1 billion जुटाने का agreement किया है। अब $100 का Psychological Level अहम Brent crude अब $100 प्रति barrel के psychological level के बेहद करीब है। अगर Middle East conflict और Strait of Hormuz disruption बढ़ता है तो oil prices पर further upward pressure आ सकता है। फिलहाल Indian market की दिशा crude prices, Middle East developments, rupee movement और global interest-rate expectations से प्रभावित रहने की संभावना है। source – Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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Sensex-Nifty आज गिरावट के साथ खुले; Crude Oil $90 के पार, US-Iran तनाव से बाजार पर दबाव

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को कमजोर शुरुआत की। बढ़ते US-Iran तनाव, crude oil की कीमतों में तेजी और अमेरिकी Federal Reserve से interest rate hike की बढ़ती आशंका के कारण निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में सतर्क रुख अपनाया। सुबह 9:40 बजे BSE Sensex करीब 301 अंक गिरकर 76,963.74 पर कारोबार कर रहा था, जबकि Nifty 50 करीब 125 अंक टूटकर 24,050.85 पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट broad-based रही। Reuters के मुताबिक शुरुआती कारोबार में सभी 16 major sectoral indices लाल निशान में थे, जबकि IT, midcap और smallcap shares पर ज्यादा दबाव देखने को मिला। US-Iran तनाव से बिगड़ा Global Sentiment बाजार पर सबसे बड़ा दबाव West Asia में फिर बढ़े geopolitical tensions का रहा। US forces द्वारा Iranian targets पर strikes और उसके बाद Iran की जवाबी कार्रवाई की खबरों ने global investors की चिंता बढ़ा दी। इसका सीधा असर Asian equity markets और crude oil prices पर दिखाई दिया। Asian markets में भी सोमवार को कमजोरी रही, जिससे भारतीय बाजार को negative global cues मिले। Brent Crude $90 प्रति Barrel के पार India जैसे बड़े crude importer के लिए oil prices में तेजी चिंता का प्रमुख कारण है। सोमवार को Brent crude करीब 2.7% बढ़कर $90.51 प्रति barrel तक पहुंच गया। US crude भी मजबूत हुआ। Crude oil महंगा होने से India के import bill, inflation और rupee पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसी कारण oil prices में तेज उछाल अक्सर domestic equity sentiment को प्रभावित करता है। US Fed Rate Hike की आशंका बढ़ी Global markets पर दूसरा बड़ा pressure US monetary policy को लेकर है। Federal Reserve Chair Kevin Warsh की inflation पर सख्त टिप्पणियों के बाद markets ने September में US rate hike की संभावना करीब 57% तक price-in करनी शुरू कर दी है। इससे US Treasury yields भी बढ़ी हैं। Higher US interest rates emerging markets के लिए negative माने जाते हैं, क्योंकि इससे foreign investors के लिए अमेरिकी assets ज्यादा attractive हो सकते हैं। IT Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव Reuters के मुताबिक शुरुआती कारोबार में Nifty IT index करीब 2% गिरा, जबकि midcap और smallcap indices लगभग 1% नीचे थे। Infosys, Reliance Industries, Larsen & Toubro, Bajaj Finance और NTPC जैसे बड़े stocks Sensex पर दबाव डालते दिखाई दिए। सुबह 9:24 बजे उपलब्ध market data में Infosys और Reliance Sensex के प्रमुख draggers में शामिल थे। HDFC Bank ने गिरावट को कुछ हद तक रोका कमजोर बाजार के बीच HDFC Bank के shares में तेजी देखने को मिली। Reuters के मुताबिक stock शुरुआती कारोबार में करीब 1.5% ऊपर था। CEO Sashidhar Jagdishan द्वारा अपने मौजूदा term के बाद reappointment नहीं मांगने के फैसले के बाद governance-related uncertainty कम होने की उम्मीद से stock को support मिला। HDFC Bank की तेजी ने Sensex की overall गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया। Reliance Industries पर MSCI Rejig का असर Reliance Industries के shares भी दबाव में रहे। Reuters के मुताबिक MSCI Global Standard Index में Reliance का weight घटने के कारण संभावित passive fund outflows की आशंका बनी हुई है। Stock शुरुआती कारोबार में करीब 1% नीचे था। आज का session इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि MSCI index rebalancing के कारण closing के आसपास institutional flows और volatility बढ़ सकती है। FIIs ने शुक्रवार को ₹5,000 करोड़ से ज्यादा बेचा Foreign institutional investors की selling भी sentiment पर दबाव बना रही है। पिछले trading session में FIIs ने Indian equities में ₹5,000 करोड़ से ज्यादा की net selling की थी। दूसरी ओर domestic institutional investors यानी DIIs ने करीब ₹5,183 करोड़ की buying कर foreign selling को काफी हद तक absorb किया। अगर global risk sentiment कमजोर रहता है तो foreign fund flows पर बाजार की नजर बनी रहेगी। इस हफ्ते GDP और US Jobs Data पर नजर Investors के लिए आगे macroeconomic data भी महत्वपूर्ण रहेगा। इस सप्ताह markets की नजर India के Q1 FY27 GDP data, manufacturing और services PMI तथा US non-farm payrolls जैसे आंकड़ों पर रहेगी। ये data domestic growth और global interest-rate outlook को लेकर अगला संकेत दे सकते हैं। Oil prices और West Asia tensions में होने वाला कोई भी नया development बाजार में volatility बढ़ा सकता है। 31 August की Latest Market Situation आज सुबह तक प्रमुख स्थिति: इसलिए सबसे accurate headline होगी: Sensex-Nifty आज गिरावट के साथ खुले; Crude Oil $90 के पार, US-Iran तनाव और Fed Rate Hike की चिंता से बाजार दबाव में नोट: शेयर बाजार के स्तर पूरे trading session में लगातार बदलते रहते हैं। यहां दिए गए Sensex-Nifty levels 31 अगस्त के शुरुआती कारोबार के हैं, closing figures नहीं। स्रोत – Reuters, Moneycontrol, Business Standard जय राष्ट्र न्यूज़

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शेयर बाजार में जोरदार वापसी! Sensex 592 अंक चढ़ा, Nifty ने 24,200 का स्तर फिर हासिल किया

नई दिल्ली: लगातार कई कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने 20 अगस्त 2026 को जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में Sensex 592.55 अंक चढ़कर 77,504.80 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 147 अंक बढ़कर 24,200 के ऊपर पहुंच गया। बाद में तेजी और मजबूत हुई और Sensex करीब 700 अंक तथा Nifty 24,265 के आसपास तक पहुंच गया। सात दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक बाजार में यह तेजी खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Nifty इससे पहले लगातार सात कारोबारी सत्रों में गिरावट दर्ज कर चुका था। 19 अगस्त को Nifty 24,078.30 और Sensex 76,909.68 पर बंद हुए थे। आज की तेजी ने निवेशकों को राहत दी और बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल देखने को मिला। IT और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी आज की तेजी में IT और वित्तीय शेयर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। शुरुआती कारोबार में IT इंडेक्स करीब 1.4% चढ़ा, जबकि वित्तीय शेयरों में भी मजबूती रही। व्यापक बाजार में भी Midcap और Smallcap इंडेक्स हरे निशान में रहे। इससे संकेत मिला कि निवेशक हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में दोबारा खरीदारी कर रहे हैं। US Bond Yields में गिरावट से बाजार को सहारा आज की तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी रहा। अमेरिका के Treasury Department ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की buyback operations का आकार बढ़ाने की घोषणा की, जिससे वैश्विक बॉन्ड बाजार में sentiment बेहतर हुआ। US 10-year और 30-year Treasury yields में गिरावट ने emerging markets समेत जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों का रुझान बेहतर किया। Global Markets से भी मिले सकारात्मक संकेत भारतीय बाजार को एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। वैश्विक बाजारों में sentiment सुधरने के बाद घरेलू निवेशकों ने भी खरीदारी बढ़ाई। Reuters के अनुसार आज Sensex करीब 0.66% और Nifty करीब 0.50% ऊपर खुला। Crude Oil और Iran तनाव पर नजर हालांकि बाजार की पूरी तस्वीर अभी भी जोखिम से मुक्त नहीं है। Iran-US तनाव और ऊंचे crude oil prices भारतीय बाजार के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं। पिछले दिनों Brent crude करीब $92 प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जिससे inflation और भारत के import bill को लेकर चिंता बढ़ी थी। इसलिए आज की तेजी को फिलहाल strong rebound के रूप में देखा जा रहा है, न कि लंबी अवधि की तेजी की पक्की शुरुआत के रूप में। निवेशकों के लिए राहत, लेकिन सावधानी जरूरी आज की तेजी ने बाजार में भरोसा जरूर लौटाया है, लेकिन लगातार ऊंचे तेल दाम, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और Middle East geopolitical tensions अभी भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। अगर Nifty 24,200 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में recovery का momentum आगे बढ़ सकता है। वहीं इस स्तर से नीचे फिसलने पर हालिया volatility दोबारा बढ़ सकती है। स्रोत: Reuters, Business Standard, Amar Ujala Jai Rashtra News

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Reliance, IndiGo और बड़े शेयरों पर निवेशकों की नजर

Reliance, IndiGo और बड़े शेयरों पर निवेशकों की नजर, बाजार की दिशा तय करेंगे कॉर्पोरेट संकेत

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा व्यापार और शेयर बाजार अपडेट दिनांक: 16 जून 2026 मुख्य समाचार मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में आज निवेशकों की नजर Reliance Industries, IndiGo और कई अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन बड़ी कंपनियों से जुड़े घटनाक्रम और कॉर्पोरेट अपडेट्स आज के कारोबारी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच निवेशक घरेलू कंपनियों के प्रदर्शन, विदेशी निवेश प्रवाह और आर्थिक संकेतकों का मूल्यांकन कर रहे हैं। Reliance Industries पर विशेष फोकस मुंबई: Reliance Industries देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है और इसके शेयरों की चाल का असर अक्सर पूरे बाजार पर दिखाई देता है। ऊर्जा, दूरसंचार, रिटेल और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कंपनी की मजबूत उपस्थिति निवेशकों को आकर्षित करती है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी से जुड़े किसी भी बड़े निवेश, विस्तार योजना या रणनीतिक घोषणा का प्रभाव बाजार भावना पर पड़ सकता है। IndiGo पर भी बाजार की नजर नई दिल्ली: देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों में शामिल IndiGo के शेयर भी निवेशकों के फोकस में हैं। विमानन क्षेत्र में बढ़ती यात्री संख्या, परिचालन विस्तार और ईंधन कीमतों में बदलाव जैसे कारक कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। बाजार जानकारों का कहना है कि विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और मांग दोनों मजबूत बनी हुई हैं, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। वैश्विक संकेतों का असर मुंबई: अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक आंकड़े भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। निवेशक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय बाजार की बुनियादी स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। विदेशी निवेशकों की गतिविधि महत्वपूर्ण मुंबई: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हाल के दिनों में निवेशकों की रुचि बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में देखने को मिली है। विश्लेषकों के अनुसार विदेशी पूंजी प्रवाह बाजार को अतिरिक्त समर्थन प्रदान कर सकता है। बैंकिंग और आईटी शेयर भी चर्चा में मुंबई: Reliance और IndiGo के अलावा बैंकिंग, आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े कई बड़े शेयर भी निवेशकों के रडार पर हैं। आर्थिक विकास और डिजिटल परिवर्तन की संभावनाओं के कारण इन क्षेत्रों में सकारात्मक धारणा बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापक बाजार की दिशा तय करने में इन सेक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। निवेशकों की रणनीति नई दिल्ली: बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनाने और केवल मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दे रहे हैं। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बीच संतुलित निवेश दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निष्कर्ष मुंबई: Reliance Industries, IndiGo और अन्य बड़े शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। कॉर्पोरेट अपडेट्स, वैश्विक संकेत, विदेशी निवेश और आर्थिक घटनाक्रम आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशक फिलहाल हर महत्वपूर्ण संकेत पर करीबी नजर रख रहे हैं। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें व्यापार, शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था की हर बड़ी खबर के लिए।

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सेंसेक्स 700 अंक से अधिक उछला, निफ्टी 23,850 के ऊपर बंद

सेंसेक्स 700+ अंक उछला, निफ्टी 23,850 के ऊपर बंद; निवेशकों में जबरदस्त उत्साह

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा व्यापार और शेयर बाजार अपडेट दिनांक: 15 जून 2026 मुख्य समाचार मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई। सेंसेक्स 700 से अधिक अंकों की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,850 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहा। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल बना दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मजबूत विदेशी निवेश प्रवाह बाजार को समर्थन देने वाले प्रमुख कारक रहे। निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा मुंबई: बाजार में आई इस तेजी का सीधा फायदा निवेशकों को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण उल्लेखनीय रूप से बढ़ा, जिससे निवेशकों की संपत्ति में हजारों करोड़ रुपये का इजाफा दर्ज किया गया। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में सकारात्मक धारणा मजबूत बनी रहने पर निवेशकों का भरोसा और बढ़ सकता है। किन सेक्टरों ने दिखाई मजबूती मुंबई: बैंकिंग, आईटी, ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाएं और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने बाजार की तेजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और बेहतर आर्थिक संकेतकों वाले शेयरों में अधिक रुचि दिखाई। वैश्विक संकेतों का मिला समर्थन मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। वैश्विक आर्थिक स्थिरता की उम्मीद और ऊर्जा कीमतों में नरमी ने निवेशकों की चिंता कम की। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की सक्रियता भी बाजार को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से राहत नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। इससे आयात लागत पर दबाव कम होने और महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार तेल कीमतों में स्थिरता बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। RBI की नीतियों पर नजर मुंबई: निवेशकों की नजर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी नीतियों और आर्थिक संकेतकों पर टिकी हुई है। महंगाई, ब्याज दर और विकास दर से जुड़े आंकड़े आने वाले समय में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आर्थिक संकेतक सकारात्मक बने रहते हैं तो बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है। खुदरा निवेशकों में बढ़ा भरोसा मुंबई: हालिया तेजी के बाद खुदरा निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ती दिखाई दे रही है। डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और निवेश जागरूकता अभियानों के कारण अधिक लोग शेयर बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बाजार जानकारों का कहना है कि दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाने वाले निवेशकों को ऐसे माहौल में बेहतर अवसर मिल सकते हैं। निष्कर्ष मुंबई: सेंसेक्स का 700 से अधिक अंक उछलना और निफ्टी का 23,850 के ऊपर बंद होना भारतीय शेयर बाजार की मजबूती को दर्शाता है। वैश्विक सकारात्मक संकेत, तेल कीमतों में नरमी और निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने बाजार को नई ऊर्जा दी है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर बनी रहेगी। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें शेयर बाजार, व्यापार और अर्थव्यवस्था की हर बड़ी खबर के लिए।

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