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Paytm का Q2 मुनाफा करीब 11 गुना बढ़कर ₹226 करोड़, revenue 28.5% बढ़कर ₹2,648 करोड़

नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का consolidated net profit सालाना आधार पर ₹21 करोड़ से बढ़कर करीब ₹226 करोड़ हो गया, यानी लगभग 976% की बढ़ोतरी। वहीं revenue from operations 28.5% बढ़कर ₹2,648 करोड़ पहुंच गया। मुनाफे में करीब 11 गुना उछाल पिछले साल की समान तिमाही में Paytm का reported profit लगभग ₹21 करोड़ था। इस बार यह बढ़कर करीब ₹225-226 करोड़ हो गया। कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों में PAT ₹225 करोड़ बताया गया है, जबकि कुछ market reports इसे rounding के साथ ₹226 करोड़ बता रही हैं। Revenue बढ़कर ₹2,648 करोड़ सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही में Paytm का operating revenue सालाना आधार पर करीब 28% बढ़कर ₹2,648 करोड़ रहा। कंपनी ने इस ग्रोथ के पीछे merchant payments, consumer business और financial services distribution में बढ़ोतरी को प्रमुख वजह बताया है। EBITDA भी रिकॉर्ड स्तर पर Paytm का EBITDA सालाना आधार पर करीब 90% बढ़कर ₹270 करोड़ पहुंच गया। EBITDA margin भी पहली बार double digit में पहुंचकर लगभग 10% रहा। कंपनी के मुताबिक operating leverage और AI-led efficiencies से profitability में सुधार हुआ है। Merchant GMV में 26% की बढ़ोतरी Paytm का merchant Gross Merchandise Value यानी GMV 26% बढ़कर ₹7.1 लाख करोड़ हो गया। कंपनी के subscription-based merchants की संख्या भी बढ़कर 1.64 करोड़ पहुंच गई, जिसमें सालभर में करीब 27 लाख की बढ़ोतरी हुई। UPI transaction value में 42% उछाल Paytm ने लगातार छठी तिमाही में consumer payments market share में बढ़त दर्ज की। कंपनी का UPI transaction value सालाना आधार पर 42% बढ़ा, जबकि industry growth करीब 19% रही। Monthly Transacting Users की संख्या भी बढ़कर 8.5 करोड़ हो गई। Financial services business में मजबूत ग्रोथ कंपनी के financial services distribution revenue में 49% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹912 करोड़ पहुंच गया। Merchant loans, personal loans, Paytm Postpaid और wealth products से इस segment को मजबूती मिली। AI पर बढ़ा Paytm का फोकस Paytm ने कहा है कि AI अब engineering, fraud prevention, risk management, collections और customer personalisation में तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। AI-led efficiencies के चलते indirect expenses का revenue में हिस्सा पिछले साल के 52% से घटकर 46% हो गया। ₹1,000 करोड़ के नए निवेश को मंजूरी One 97 Communications ने Paytm Cloud Technologies में अगले 12 महीनों में ₹500 करोड़ तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। Paytm Cloud Technologies भी अपनी Singapore subsidiary में ₹500 करोड़ तक निवेश करेगी। इस रकम का इस्तेमाल business expansion और working capital जरूरतों में किया जाएगा। स्रोत – Paytm, Moneycontrol, Business Standard, Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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EAAA India Alternatives का ₹1,200 करोड़ IPO आज खुला, ₹1,585-₹1,665 तय हुआ प्राइस बैंड

मुंबई: वैकल्पिक निवेश प्रबंधन कंपनी EAAA India Alternatives Limited का ₹1,200 करोड़ का IPO सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को निवेशकों के लिए खुल गया है। यह इश्यू 28 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने IPO के लिए ₹1,585 से ₹1,665 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पूरी तरह Offer for Sale है IPO EAAA India Alternatives का यह IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है। इसमें करीब 72.07 लाख शेयर बिक्री के लिए पेश किए जा रहे हैं। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई जाने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी। कितना है लॉट साइज? IPO में एक लॉट में 9 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,665 के हिसाब से रिटेल निवेशक को कम से कम ₹14,985 का निवेश करना होगा। कब तक कर सकते हैं आवेदन? EAAA India Alternatives IPO के लिए निवेशक 26 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक बोली लगा सकते हैं। शेयरों के अलॉटमेंट का आधार 29 अक्टूबर को तय होने की उम्मीद है। कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग? IPO कैलेंडर के मुताबिक शेयरों की लिस्टिंग 2 नवंबर 2026 को NSE और BSE पर होने की योजना है। रिफंड और डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट होने की प्रक्रिया 30 अक्टूबर के आसपास हो सकती है। किसके लिए कितने शेयर आरक्षित? IPO में Qualified Institutional Buyers यानी QIB के लिए करीब 36.03 लाख शेयर, Non-Institutional Investors के लिए करीब 10.81 लाख शेयर और Retail Investors के लिए लगभग 25.22 लाख शेयर आरक्षित किए गए हैं। क्या करती है EAAA India Alternatives? EAAA India Alternatives एक alternative asset management business है और Edelweiss Group से जुड़ी कंपनी है। यह निजी बाजारों और वैकल्पिक निवेश रणनीतियों से जुड़े फंड और निवेश समाधान मैनेज करती है। निवेशकों की नजर valuation और demand पर ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब ₹10,765 करोड़ बैठता है। बाजार की नजर IPO के subscription numbers, institutional demand और valuation पर रहेगी। स्रोत – Economic Times, Business Today, Goodreturns, EAAA India Alternatives RHP जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian Para Games 2026: India ने 100 medals का आंकड़ा पार किया, Sandeep ने world record के साथ जीता Gold

Aichi-Nagoya, Japan, 23 अक्टूबर 2026: Asian Para Games 2026 में India ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 100-medal mark पार कर लिया। इस milestone में para-athlete Sandeep का प्रदर्शन सबसे खास रहा, जिन्होंने men’s 400m T64 event में 52.28 seconds का नया world record बनाते हुए gold medal जीता। Sandeep ने debut में बनाया World Record Sandeep ने अपने Asian Para Games debut में 400m T64 final 52.28 seconds में पूरा किया और नया world record बनाया। उसी event में India के Ajay Kumar ने 53.61 seconds के साथ bronze medal जीता। Haney ने भी World Record के साथ Gold जीता India के लिए दिन और खास तब हुआ जब Haney ने men’s javelin throw F37/38 में 60.49 metre का world-record throw किया और gold medal अपने नाम किया। लगातार दूसरी बार 100 medals India ने Asian Para Games में लगातार दूसरी edition में 100 medals का आंकड़ा पार किया। Hangzhou 2022 edition में India ने record 108 medals जीते थे। Para badminton में भी दो Gold आज para badminton में भी India का शानदार प्रदर्शन रहा। Nitesh Kumar और Naveen Sivakumar ने अपने-अपने men’s singles events में gold medals जीते, जबकि Thulasimathi Murugesan और Nithya Sre Sumathy Sivan ने silver हासिल किए। India का शानदार campaign Aichi-Nagoya Games में India ने athletics, shooting, badminton, judo और अन्य para sports में लगातार medals जीते हैं। 100-medal milestone ने एक बार फिर Asian para-sport में India की बढ़ती ताकत को दिखाया है। जय राष्ट्र न्यूज़

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Jio Platforms का Mega IPO खुलते ही पूरी तरह सब्सक्राइब, ₹30,000 करोड़ से ज्यादा जुटाने की तैयारी

मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित IPO बुधवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला। रिपोर्टों के मुताबिक, इश्यू को दो घंटे से भी कम समय में पूरी तरह सब्सक्राइब कर लिया गया। लगभग 3.2 अरब डॉलर यानी ₹30,000 करोड़ से अधिक के इस इश्यू को भारत के सबसे बड़े IPO के रूप में पेश किया जा रहा है। IPO का प्राइस बैंड कितना है? Jio Platforms ने अपने IPO के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इश्यू में लगभग 27 करोड़ नए शेयर पेश किए जा रहे हैं। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी इस फ्रेश इश्यू के जरिए करीब ₹30,213 करोड़ जुटा सकती है। इस आकार के कारण निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर इस सार्वजनिक निर्गम पर बनी हुई है। शुरुआत से ही निवेशकों की मजबूत मांग Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, IPO खुलने के पहले घंटे में ही इसे लगभग 85% सब्सक्रिप्शन मिल गया था। इसके बाद दो घंटे से कम समय में इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। शुरुआती आंकड़े निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, अंतिम सब्सक्रिप्शन स्तर और अलग-अलग निवेशक श्रेणियों की मांग का आकलन इश्यू बंद होने के बाद उपलब्ध आंकड़ों से किया जा सकेगा। Anchor investors से भी मिला बड़ा समर्थन सार्वजनिक निर्गम से पहले Jio Platforms के एंकर निवेशक हिस्से में भी भारी मांग दर्ज किए जाने की खबरें आई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, Abu Dhabi Investment Authority, BlackRock और Fidelity जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने इसमें भाग लिया। एंकर बुक के लिए बोलियां 25 अरब डॉलर से अधिक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। यह आंकड़ा IPO से पहले संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है। $108.3 अरब तक पहुंच सकती है कंपनी की वैल्यूएशन ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर Jio Platforms की अनुमानित वैल्यूएशन लगभग 108.3 अरब डॉलर हो सकती है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण इसे भारत की प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल कर सकता है। हालांकि, वास्तविक बाजार पूंजीकरण शेयर की अंतिम कीमत और लिस्टिंग के बाद बाजार में उसके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। IPO से जुटाई गई रकम का क्या होगा? प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, इश्यू से प्राप्त रकम का बड़ा हिस्सा Jio की टेलीकॉम सब्सिडियरी के कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी। इससे कंपनी को अपने वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और कारोबार से जुड़ी दूसरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। कब होगी शेयरों की लिस्टिंग? उपलब्ध जानकारी के अनुसार, IPO 23 अक्टूबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। निवेशकों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस, जोखिम संबंधी खुलासे और अपने ब्रोकर या एक्सचेंज पर उपलब्ध ताजा जानकारी जरूर देखनी चाहिए। Jio Platforms पर बाजार की नजर क्यों? Jio Platforms का कारोबार टेलीकॉम सेवाओं के अलावा ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। कंपनी के पास 50 करोड़ से अधिक टेलीकॉम ग्राहक होने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। Meta और Google जैसे वैश्विक तकनीकी समूह भी Jio Platforms में निवेश कर चुके हैं। ऐसे में इस IPO का आकार और निवेशकों की शुरुआती प्रतिक्रिया भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Source: Reuters, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर से खुलेगा, बन सकता है भारत का सबसे बड़ा IPO

मुंबई, 19 अक्टूबर 2026: Reliance Industries की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 21 अक्टूबर 2026 से निवेशकों के लिए खुलेगा। यह इश्यू 23 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी अपर प्राइस बैंड पर करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू सफल रहने पर यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। ₹1,065 से ₹1,119 तय हुआ प्राइस बैंड Jio Platforms ने IPO के लिए प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड तय किया है। प्रस्तावित इश्यू में करीब 27 करोड़ नए शेयर शामिल हैं। अपर प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी लगभग ₹30,213 करोड़ जुटा सकती है। एंकर निवेशकों के लिए आज होगी बोली IPO से पहले 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया निर्धारित है। इसके बाद आम निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन 21 से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। ₹108.3 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है वैल्यूएशन Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, अपर प्राइस बैंड पर Jio Platforms की अनुमानित वैल्यूएशन करीब 108.3 अरब डॉलर हो सकती है। इस बड़े इश्यू पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की नजर रहेगी। 53.3 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ बड़ा डिजिटल नेटवर्क Jio Platforms की बाजार में मजबूत मौजूदगी इसके IPO को खास बनाती है। जून 2026 तक कंपनी के करीब 533 मिलियन यानी 53.3 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे। कंपनी भारत के डेटा ट्रैफिक में भी बड़ी हिस्सेदारी रखती है। ब्रोकरेज फर्में 5G सेवाओं, ब्रॉडबैंड, JioFiber, JioAirFiber और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म JioBrain को कंपनी की भविष्य की वृद्धि के संभावित प्रमुख आधारों के रूप में देख रही हैं। Hyundai Motor India का रिकॉर्ड टूट सकता है करीब ₹30,213 करोड़ के प्रस्तावित इश्यू के साथ Jio Platforms का IPO Hyundai Motor India के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। इश्यू का आकार और कंपनी की डिजिटल व टेलीकॉम क्षेत्र में मौजूदगी इसे 2026 के प्रमुख पूंजी बाजार आयोजनों में शामिल कर रही है। हालांकि, IPO में निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों, वित्तीय प्रदर्शन, जोखिमों और वैल्यूएशन का अध्ययन करना चाहिए। Source: Reuters, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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6 महीने के निचले स्तर के करीब शेयर बाजार, महंगे कच्चे तेल से Sensex-Nifty पर दबाव

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार पर महंगे कच्चे तेल, US-Iran तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का दबाव बना हुआ है। सोमवार की भारी गिरावट के बाद Sensex और Nifty करीब छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। 29 सितंबर को भी बाजार की शुरुआत से पहले संकेत कमजोर रहे, जबकि Brent crude करीब $106-$107 प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। Sensex में 1,124 अंकों की बड़ी गिरावट 28 सितंबर को BSE Sensex 1,124.02 अंक यानी 1.52% गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में बिकवाली का दबाव रहा और बैंकिंग, फाइनेंशियल, इंफ्रा, एनर्जी और रियल्टी समेत लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। Nifty 22,800 के नीचे बंद NSE Nifty 50 भी 360.25 अंक यानी 1.56% टूटकर 22,780.25 पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ Nifty करीब छह महीने के निचले स्तर के आसपास पहुंच गया। बाजार पिछले सात सप्ताह से लगातार दबाव में बना हुआ है। महंगा कच्चा तेल बना सबसे बड़ी चिंता भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की तेजी से आ रहा है। Brent crude सोमवार को एक समय $108 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था। 29 सितंबर के शुरुआती कारोबार में भी Brent करीब $106.7 प्रति बैरल पर बना रहा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने से देश के import bill, inflation और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है। US-Iran तनाव का बाजार पर असर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Strait of Hormuz की स्थिति और दोनों देशों के बीच बातचीत में गतिरोध के कारण निवेशक जोखिम वाले assets से दूरी बना रहे हैं। इसका असर भारत समेत एशियाई शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है। सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली सोमवार के कारोबार में सभी प्रमुख sectoral indices गिरावट के साथ बंद हुए। PSU Bank index में करीब 3%, Telecom में लगभग 2.3% की गिरावट दर्ज हुई। Energy, Infrastructure, FMCG, Realty, Private Bank, Metal और Oil & Gas indices भी 1% से ज्यादा कमजोर हुए। Midcap-Smallcap पर भी दबाव बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। Nifty Midcap index करीब 1.6% और Smallcap index लगभग 1.8% गिरा। 190 से ज्यादा शेयरों ने 52-week low को छुआ, जिससे broader market में भी कमजोरी साफ दिखाई दी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी Foreign Institutional Investors यानी FIIs की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बढ़ा रही है। 28 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने करीब ₹5,353 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग ₹5,189 करोड़ की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी के बावजूद विदेशी फंडों की लगातार निकासी बाजार की धारणा को कमजोर कर रही है। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयर टूटे सोमवार की गिरावट में banking और financial stocks का बड़ा योगदान रहा। Bank Nifty करीब 1,108 अंक गिरकर 54,471 के आसपास बंद हुआ। HDFC Bank, ICICI Bank और दूसरे heavyweight शेयरों में कमजोरी से प्रमुख indices पर दबाव बढ़ा। रुपया भी ₹96 प्रति डॉलर के करीब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय रुपये पर भी दिखाई दिया। सोमवार को रुपया कमजोर होकर करीब ₹95.98 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डॉलर की मजबूती और महंगा crude भारतीय मुद्रा के लिए दोहरी चुनौती बन रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने भी बढ़ाई चिंता US Treasury yields में तेजी से emerging markets पर दबाव बढ़ा है। अमेरिकी 10-year Treasury yield 5.2% से ऊपर पहुंच गई है। ऊंची bond yields के कारण विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी assets ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं, जिससे भारत जैसे emerging markets से capital outflow बढ़ने का खतरा रहता है। 29 सितंबर को भी सतर्क शुरुआत के संकेत 29 सितंबर की सुबह GIFT Nifty ने भारतीय बाजार के लिए लगभग सपाट से कमजोर शुरुआत के संकेत दिए। विश्लेषकों की नजर Nifty के 22,700-22,800 के दायरे पर बनी हुई है। इस स्तर से नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार में आगे और बिकवाली देखने को मिल सकती है। आगे किन चीजों पर रहेगी नजर? शेयर बाजार की आगे की दिशा मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमत, US-Iran तनाव, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और अमेरिकी bond yields पर निर्भर करेगी। यदि Brent crude लंबे समय तक $100 से ऊपर बना रहता है तो भारतीय बाजार के लिए inflation और corporate margins से जुड़ी चिंताएं बनी रह सकती हैं। source – Reuters / Moneycontrol Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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Nifty लगातार 5 हफ्ते की गिरावट के बाद Crucial Support Zone पर; Crude Oil और Fed Policy तय करेंगे Market की चाल

मुंबई, 13 सितंबर 2026: Indian stock market लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है और Nifty 50 अब महत्वपूर्ण support zone के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को Nifty 23,398.10 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 74,781.76 पर रहा। आने वाले सप्ताह में crude oil prices, US Federal Reserve की policy meeting और foreign investor flows market की दिशा तय करने वाले प्रमुख factors रहेंगे। 5 हफ्तों से लगातार गिर रहा Nifty पिछले सप्ताह Nifty करीब 2.09% गिरा, जबकि Sensex में लगभग 2.26% की कमजोरी दर्ज हुई। दोनों benchmark indices तीन महीने के निचले स्तर तक पहुंचे। Nifty Bank लगातार तीसरे सप्ताह और Midcap index लगातार दूसरे सप्ताह गिरा। Realty sector पर सबसे ज्यादा दबाव रहा, जबकि healthcare और pharma stocks ने comparatively बेहतर प्रदर्शन किया। 23,000–23,300 बना अहम Support Zone Market analysts के मुताबिक Nifty के लिए 23,000 से 23,300 का zone बेहद महत्वपूर्ण है। Index फिलहाल कई key moving averages के नीचे कारोबार कर रहा है। अगर यह support zone बना रहता है तो lower levels पर buying देखने को मिल सकती है, लेकिन इसके नीचे sustained fall market में और weakness बढ़ा सकता है। Brent Crude $104 के ऊपर Indian market के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में elevated crude oil prices शामिल हैं। Brent crude शुक्रवार को $104.61 प्रति barrel पर settle हुआ और सप्ताह के दौरान $110 के करीब भी पहुंचा था। Crude prices लंबे समय तक $100 के ऊपर रहने से India का import bill, inflation और rupee पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर corporate margins और stock market sentiment पर पड़ सकता है। 15-16 September को US Fed Meeting इस सप्ताह investors की सबसे ज्यादा नजर US Federal Reserve की 15–16 September FOMC meeting पर रहेगी। Policy decision 16 September को जारी होगा और इसके साथ नए economic projections भी सामने आएंगे। Market में rate hike की संभावना को लेकर uncertainty बनी हुई है। Fed का decision dollar, global bond yields, emerging markets और foreign investment flows पर सीधा असर डाल सकता है। Foreign Investors की Selling भी चिंता September के शुरुआती दो हफ्तों में foreign portfolio investors ने Indian equities से करीब ₹13,138 करोड़ निकाले हैं। Rising crude prices, higher US bond yields और strong dollar को इस selling के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। Monday को Market रहेगा बंद आने वाला trading week holiday-shortened रहेगा। Ganesh Chaturthi के कारण सोमवार को Indian stock market बंद रहेगा और trading मंगलवार से शुरू होगी। इसलिए Tuesday session में crude oil, global bond yields और Fed meeting से पहले की expectations का असर एक साथ देखने को मिल सकता है। source – The Economic Times / Moneycontrol / Federal Reserve जय राष्ट्र न्यूज़

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Gaja Alternative Asset Management IPO को जोरदार रिस्पॉन्स! Subscription 4.54 गुना, GMP ₹17 पर

नई दिल्ली: Gaja Alternative Asset Management के IPO को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। 21 अगस्त 2026 को IPO के तीसरे और आखिरी दिन इश्यू को करीब 4.54 गुना सब्सक्राइब किया गया, जबकि Grey Market Premium (GMP) घटकर ₹17 प्रति शेयर रह गया। 4.54 गुना सब्सक्रिप्शन से बढ़ा निवेशकों का भरोसा Gaja Alternative Asset Management का IPO 19 अगस्त को खुला था और 21 अगस्त को बंद हो रहा है। कंपनी ने कुल 2.53 करोड़ शेयरों का इश्यू पेश किया है। शुरुआती दो दिनों के बाद भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और अंतिम दिन सब्सक्रिप्शन में तेजी देखने को मिली। IPO का प्राइस बैंड ₹152 से ₹160 प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि एक लॉट में 93 शेयर हैं। इसके हिसाब से रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश करीब ₹14,880 बैठता है। GMP ₹17 पर पहुंचा Grey Market में भी IPO को लेकर शुरुआत में उत्साह देखने को मिला था। 19 अगस्त को GMP करीब ₹23 तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आई। 20 अगस्त को GMP करीब ₹18 और 21 अगस्त को ₹17 दर्ज किया गया। ₹160 के अपर प्राइस बैंड पर ₹17 का GMP लगभग 10.6% के संभावित प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि GMP अनौपचारिक बाजार का संकेतक है और इससे वास्तविक लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं होती। IPO से ₹550 करोड़ जुटाने की योजना कंपनी का IPO कुल करीब ₹550 करोड़ का है। इसमें ₹450 करोड़ का Fresh Issue और करीब ₹100 करोड़ का Offer for Sale शामिल है। Fresh Issue से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी द्वारा अपने मौजूदा और नए Alternative Investment Funds में निवेश तथा कुछ कर्ज चुकाने के लिए किया जाना है। कंपनी क्या करती है? Gaja Alternative Asset Management एक India-focused alternative asset manager है। कंपनी विभिन्न वैकल्पिक निवेश फंडों के प्रबंधन और निवेश से जुड़ी गतिविधियों में काम करती है। कंपनी की वित्तीय सफलता काफी हद तक उसके managed funds और investments के प्रदर्शन से जुड़ी रहती है। इसी कारण IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए business performance के साथ-साथ market और regulatory risks को समझना भी जरूरी है। IPO के बाद अगला पड़ाव Listing IPO की उपलब्ध समय-सारणी के अनुसार allotment 24 अगस्त, refund की शुरुआत और demat credit 25 अगस्त को तथा listing 26 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि GMP में हालिया गिरावट के बावजूद कंपनी की listing कितने प्रीमियम पर होती है। निवेशकों के लिए जरूरी बात Gaja Alternative Asset Management IPO को अच्छी subscription मिली है, लेकिन GMP में लगातार गिरावट यह संकेत देती है कि grey-market sentiment शुरुआती स्तरों की तुलना में कमजोर हुआ है। इसलिए केवल GMP या subscription आंकड़ों के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी की वित्तीय स्थिति, IPO के उद्देश्य, valuation और अपने risk appetite को ध्यान में रखना जरूरी है। स्रोत: SEBI, Economic Times, India Infoline, RR Finance Jai Rashtra News

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शेयर बाजार में जोरदार वापसी! Sensex 592 अंक चढ़ा, Nifty ने 24,200 का स्तर फिर हासिल किया

नई दिल्ली: लगातार कई कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने 20 अगस्त 2026 को जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में Sensex 592.55 अंक चढ़कर 77,504.80 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 147 अंक बढ़कर 24,200 के ऊपर पहुंच गया। बाद में तेजी और मजबूत हुई और Sensex करीब 700 अंक तथा Nifty 24,265 के आसपास तक पहुंच गया। सात दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक बाजार में यह तेजी खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Nifty इससे पहले लगातार सात कारोबारी सत्रों में गिरावट दर्ज कर चुका था। 19 अगस्त को Nifty 24,078.30 और Sensex 76,909.68 पर बंद हुए थे। आज की तेजी ने निवेशकों को राहत दी और बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल देखने को मिला। IT और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी आज की तेजी में IT और वित्तीय शेयर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। शुरुआती कारोबार में IT इंडेक्स करीब 1.4% चढ़ा, जबकि वित्तीय शेयरों में भी मजबूती रही। व्यापक बाजार में भी Midcap और Smallcap इंडेक्स हरे निशान में रहे। इससे संकेत मिला कि निवेशक हालिया गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में दोबारा खरीदारी कर रहे हैं। US Bond Yields में गिरावट से बाजार को सहारा आज की तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी रहा। अमेरिका के Treasury Department ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की buyback operations का आकार बढ़ाने की घोषणा की, जिससे वैश्विक बॉन्ड बाजार में sentiment बेहतर हुआ। US 10-year और 30-year Treasury yields में गिरावट ने emerging markets समेत जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों का रुझान बेहतर किया। Global Markets से भी मिले सकारात्मक संकेत भारतीय बाजार को एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। वैश्विक बाजारों में sentiment सुधरने के बाद घरेलू निवेशकों ने भी खरीदारी बढ़ाई। Reuters के अनुसार आज Sensex करीब 0.66% और Nifty करीब 0.50% ऊपर खुला। Crude Oil और Iran तनाव पर नजर हालांकि बाजार की पूरी तस्वीर अभी भी जोखिम से मुक्त नहीं है। Iran-US तनाव और ऊंचे crude oil prices भारतीय बाजार के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं। पिछले दिनों Brent crude करीब $92 प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जिससे inflation और भारत के import bill को लेकर चिंता बढ़ी थी। इसलिए आज की तेजी को फिलहाल strong rebound के रूप में देखा जा रहा है, न कि लंबी अवधि की तेजी की पक्की शुरुआत के रूप में। निवेशकों के लिए राहत, लेकिन सावधानी जरूरी आज की तेजी ने बाजार में भरोसा जरूर लौटाया है, लेकिन लगातार ऊंचे तेल दाम, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और Middle East geopolitical tensions अभी भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। अगर Nifty 24,200 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो बाजार में recovery का momentum आगे बढ़ सकता है। वहीं इस स्तर से नीचे फिसलने पर हालिया volatility दोबारा बढ़ सकती है। स्रोत: Reuters, Business Standard, Amar Ujala Jai Rashtra News

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जुलाई में FPI निवेश ₹42,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, बाजार की नजर अब कॉर्पोरेट नतीजों पर

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (Foreign Portfolio Investors – FPI) का भरोसा लगातार मजबूत होता दिख रहा है। जुलाई 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) ₹42,000 करोड़ के पार पहुंच गया है, जो इस वर्ष का सबसे बड़ा मासिक निवेश माना जा रहा है। मजबूत आर्थिक संकेतकों, स्थिर घरेलू मांग और वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास ने भारतीय बाजार को आकर्षक बनाया है। (timesofindia.indiatimes.com) विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार विदेशी निवेश से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। हालांकि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अब Q1 (पहली तिमाही) के कॉर्पोरेट नतीजों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं। क्यों बढ़ा विदेशी निवेश? विश्लेषकों का मानना है कि FPI निवेश बढ़ने के पीछे कई प्रमुख कारण हैं— इन कारणों से विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। अब कॉर्पोरेट नतीजों पर नजर जुलाई के अंतिम सप्ताह में कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां अपने पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम घोषित करेंगी। निवेशक विशेष रूप से इन क्षेत्रों के प्रदर्शन पर नजर रख रहे हैं— यदि कंपनियों के नतीजे बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहते हैं, तो निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो सकता है। बाजार के लिए आगे क्या? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेश का मजबूत प्रवाह भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रमों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी। निवेशकों के लिए सलाह विशेषज्ञ निवेशकों को केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के आधार पर निर्णय लेने के बजाय कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन, आय वृद्धि और दीर्घकालिक संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश करने की सलाह दे रहे हैं। निष्कर्ष जुलाई में ₹42,000 करोड़ से अधिक का विदेशी निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था और पूंजी बाजार में वैश्विक भरोसे का संकेत है। अब बाजार की अगली चाल काफी हद तक Q1 कॉर्पोरेट नतीजों और कंपनियों के भविष्य के मार्गदर्शन पर निर्भर करेगी। Source: National Securities Depository Limited (NSDL) | Times of India | Market Experts जय राष्ट्र न्यूज़

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