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शेयर बाजार में गिरावट! कच्चा तेल $91 के पार पहुंचा, Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 250-300 अंक तक गिरा, जबकि निफ्टी 24,250 के स्तर से नीचे चला गया। बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रहा। ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की अवधि खत्म होने और तनाव बढ़ने से वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। महंगा कच्चा तेल भारत के लिए खास तौर पर चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमत बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है और महंगाई का जोखिम भी बढ़ सकता है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 77,418.97 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 ने 24,223.85 के आसपास शुरुआत की। बाद में निफ्टी 24,177 के करीब आ गया और बाजार में गिरावट और गहरी हुई। आईटी शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर प्रमुख गिरने वाले क्षेत्रों में रहा। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल आपूर्ति की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। अगर तेल की कीमतों में तेजी आगे भी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। फिलहाल निवेशकों के लिए वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की चाल बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख संकेत बने हुए हैं। स्रोत: Reuters, NDTV, IIFL Jai Rashtra News

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GIFT Nifty के सकारात्मक संकेतों के बीच शेयर बाजार की शुरुआत पर निवेशकों की नजर

मुंबई, 6 जुलाई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन GIFT Nifty से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू और वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां तथा प्रमुख आर्थिक घटनाक्रम आज के कारोबार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सकारात्मक संकेतों से बढ़ी उम्मीद प्री-ओपन संकेतों में GIFT Nifty की मजबूती ने बाजार में सकारात्मक माहौल का संकेत दिया है। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि वैश्विक बाजारों का रुख अनुकूल रहा तो घरेलू बाजार की शुरुआत भी मजबूत हो सकती है। वैश्विक बाजारों पर रहेगी नजर विशेषज्ञों के अनुसार एशियाई और अमेरिकी बाजारों के रुझान, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर इंडेक्स तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां भारतीय बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। किन सेक्टरों पर रहेगा फोकस आज बैंकिंग, आईटी, ऑटो, पूंजीगत सामान (Capital Goods), ऊर्जा और वित्तीय सेवा क्षेत्रों के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रहने की संभावना है। यदि बाजार में सकारात्मक धारणा बनी रहती है तो इन क्षेत्रों में अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए सलाह बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को केवल शुरुआती तेजी या गिरावट के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के मूलभूत पक्ष, बाजार की स्थिति और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करना आवश्यक है। वैश्विक घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाएं, केंद्रीय बैंकों की नीतियां, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और विदेशी निवेश का प्रवाह भारतीय शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए निवेशकों की नजर इन सभी संकेतकों पर बनी रहेगी। विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत रहते हैं और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक समर्थन मिलता है, तो बाजार में निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो सकता है। हालांकि किसी भी उतार-चढ़ाव की स्थिति में सतर्क निवेश रणनीति अपनाना जरूरी रहेगा। आगे की राह आज के कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर सेंसेक्स, निफ्टी, GIFT Nifty, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुझानों पर रहेगी। दिनभर के कारोबार के बाद बाजार की वास्तविक दिशा अधिक स्पष्ट हो सकेगी। स्रोत:राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से संबंधित सार्वजनिक जानकारी और बाजार विश्लेषण। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध बाजार संकेतों और सार्वजनिक वित्तीय अपडेट के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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आज बाजार की नजर Bajaj Finance, Adani Enterprises, Marico और BPCL समेत कई प्रमुख शेयरों पर

मुंबई, 3 जुलाई। भारतीय शेयर बाजार के आज के कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर Bajaj Finance, Adani Enterprises, Marico, BPCL सहित कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर रहेगी। वैश्विक बाजारों के संकेत, कॉर्पोरेट घोषणाएं, तिमाही कारोबारी अपडेट और सेक्टर-विशिष्ट गतिविधियां बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। इन शेयरों पर रहेगा फोकस आज जिन प्रमुख कंपनियों के शेयर निवेशकों के रडार पर हैं, उनमें— के अलावा अन्य चुनिंदा कंपनियां भी शामिल हैं, जिनसे जुड़े कारोबारी अपडेट बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। कॉर्पोरेट अपडेट पर रहेगी नजर विश्लेषकों के अनुसार निवेशक कंपनियों की व्यावसायिक गतिविधियों, विस्तार योजनाओं, निवेश संबंधी घोषणाओं और आगामी तिमाही नतीजों से जुड़े संकेतों पर विशेष ध्यान देंगे। ऐसे अपडेट संबंधित शेयरों में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकते हैं। वैश्विक संकेत भी रहेंगे अहम अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम आज भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सेक्टर आधारित गतिविधियों पर नजर वित्तीय सेवाएं, ऊर्जा, एफएमसीजी, बुनियादी ढांचा और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की विशेष रुचि देखने को मिल सकती है। यदि इन क्षेत्रों से सकारात्मक खबरें आती हैं, तो संबंधित शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों की राय बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के मूलभूत आंकड़ों, मूल्यांकन और जोखिम का आकलन करना चाहिए। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाना अधिक लाभकारी हो सकता है। आगे की राह विश्लेषकों के अनुसार आज के कारोबार में वैश्विक संकेत, कॉर्पोरेट समाचार और निवेशकों की धारणा प्रमुख भूमिका निभाएगी। दिनभर इन प्रमुख शेयरों की गतिविधियों पर बाजार सहभागियों की विशेष नजर बनी रहेगी। स्रोत:बीएसई (BSE), एनएसई (NSE) एवं कंपनियों द्वारा जारी सार्वजनिक कॉर्पोरेट अपडेट। मूल रिपोर्ट:3 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र से पहले उपलब्ध बाजार जानकारी और कॉर्पोरेट घटनाक्रम के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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