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6 महीने के निचले स्तर के करीब शेयर बाजार, महंगे कच्चे तेल से Sensex-Nifty पर दबाव

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार पर महंगे कच्चे तेल, US-Iran तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का दबाव बना हुआ है। सोमवार की भारी गिरावट के बाद Sensex और Nifty करीब छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। 29 सितंबर को भी बाजार की शुरुआत से पहले संकेत कमजोर रहे, जबकि Brent crude करीब $106-$107 प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। Sensex में 1,124 अंकों की बड़ी गिरावट 28 सितंबर को BSE Sensex 1,124.02 अंक यानी 1.52% गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में बिकवाली का दबाव रहा और बैंकिंग, फाइनेंशियल, इंफ्रा, एनर्जी और रियल्टी समेत लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। Nifty 22,800 के नीचे बंद NSE Nifty 50 भी 360.25 अंक यानी 1.56% टूटकर 22,780.25 पर बंद हुआ। इस गिरावट के साथ Nifty करीब छह महीने के निचले स्तर के आसपास पहुंच गया। बाजार पिछले सात सप्ताह से लगातार दबाव में बना हुआ है। महंगा कच्चा तेल बना सबसे बड़ी चिंता भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की तेजी से आ रहा है। Brent crude सोमवार को एक समय $108 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था। 29 सितंबर के शुरुआती कारोबार में भी Brent करीब $106.7 प्रति बैरल पर बना रहा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने से देश के import bill, inflation और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है। US-Iran तनाव का बाजार पर असर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Strait of Hormuz की स्थिति और दोनों देशों के बीच बातचीत में गतिरोध के कारण निवेशक जोखिम वाले assets से दूरी बना रहे हैं। इसका असर भारत समेत एशियाई शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है। सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली सोमवार के कारोबार में सभी प्रमुख sectoral indices गिरावट के साथ बंद हुए। PSU Bank index में करीब 3%, Telecom में लगभग 2.3% की गिरावट दर्ज हुई। Energy, Infrastructure, FMCG, Realty, Private Bank, Metal और Oil & Gas indices भी 1% से ज्यादा कमजोर हुए। Midcap-Smallcap पर भी दबाव बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। Nifty Midcap index करीब 1.6% और Smallcap index लगभग 1.8% गिरा। 190 से ज्यादा शेयरों ने 52-week low को छुआ, जिससे broader market में भी कमजोरी साफ दिखाई दी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी Foreign Institutional Investors यानी FIIs की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बढ़ा रही है। 28 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने करीब ₹5,353 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग ₹5,189 करोड़ की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी के बावजूद विदेशी फंडों की लगातार निकासी बाजार की धारणा को कमजोर कर रही है। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयर टूटे सोमवार की गिरावट में banking और financial stocks का बड़ा योगदान रहा। Bank Nifty करीब 1,108 अंक गिरकर 54,471 के आसपास बंद हुआ। HDFC Bank, ICICI Bank और दूसरे heavyweight शेयरों में कमजोरी से प्रमुख indices पर दबाव बढ़ा। रुपया भी ₹96 प्रति डॉलर के करीब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय रुपये पर भी दिखाई दिया। सोमवार को रुपया कमजोर होकर करीब ₹95.98 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डॉलर की मजबूती और महंगा crude भारतीय मुद्रा के लिए दोहरी चुनौती बन रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने भी बढ़ाई चिंता US Treasury yields में तेजी से emerging markets पर दबाव बढ़ा है। अमेरिकी 10-year Treasury yield 5.2% से ऊपर पहुंच गई है। ऊंची bond yields के कारण विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी assets ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं, जिससे भारत जैसे emerging markets से capital outflow बढ़ने का खतरा रहता है। 29 सितंबर को भी सतर्क शुरुआत के संकेत 29 सितंबर की सुबह GIFT Nifty ने भारतीय बाजार के लिए लगभग सपाट से कमजोर शुरुआत के संकेत दिए। विश्लेषकों की नजर Nifty के 22,700-22,800 के दायरे पर बनी हुई है। इस स्तर से नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार में आगे और बिकवाली देखने को मिल सकती है। आगे किन चीजों पर रहेगी नजर? शेयर बाजार की आगे की दिशा मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमत, US-Iran तनाव, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और अमेरिकी bond yields पर निर्भर करेगी। यदि Brent crude लंबे समय तक $100 से ऊपर बना रहता है तो भारतीय बाजार के लिए inflation और corporate margins से जुड़ी चिंताएं बनी रह सकती हैं। source – Reuters / Moneycontrol Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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Sensex-Nifty आज गिरावट के साथ खुले; Crude Oil $90 के पार, US-Iran तनाव से बाजार पर दबाव

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को कमजोर शुरुआत की। बढ़ते US-Iran तनाव, crude oil की कीमतों में तेजी और अमेरिकी Federal Reserve से interest rate hike की बढ़ती आशंका के कारण निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में सतर्क रुख अपनाया। सुबह 9:40 बजे BSE Sensex करीब 301 अंक गिरकर 76,963.74 पर कारोबार कर रहा था, जबकि Nifty 50 करीब 125 अंक टूटकर 24,050.85 पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट broad-based रही। Reuters के मुताबिक शुरुआती कारोबार में सभी 16 major sectoral indices लाल निशान में थे, जबकि IT, midcap और smallcap shares पर ज्यादा दबाव देखने को मिला। US-Iran तनाव से बिगड़ा Global Sentiment बाजार पर सबसे बड़ा दबाव West Asia में फिर बढ़े geopolitical tensions का रहा। US forces द्वारा Iranian targets पर strikes और उसके बाद Iran की जवाबी कार्रवाई की खबरों ने global investors की चिंता बढ़ा दी। इसका सीधा असर Asian equity markets और crude oil prices पर दिखाई दिया। Asian markets में भी सोमवार को कमजोरी रही, जिससे भारतीय बाजार को negative global cues मिले। Brent Crude $90 प्रति Barrel के पार India जैसे बड़े crude importer के लिए oil prices में तेजी चिंता का प्रमुख कारण है। सोमवार को Brent crude करीब 2.7% बढ़कर $90.51 प्रति barrel तक पहुंच गया। US crude भी मजबूत हुआ। Crude oil महंगा होने से India के import bill, inflation और rupee पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसी कारण oil prices में तेज उछाल अक्सर domestic equity sentiment को प्रभावित करता है। US Fed Rate Hike की आशंका बढ़ी Global markets पर दूसरा बड़ा pressure US monetary policy को लेकर है। Federal Reserve Chair Kevin Warsh की inflation पर सख्त टिप्पणियों के बाद markets ने September में US rate hike की संभावना करीब 57% तक price-in करनी शुरू कर दी है। इससे US Treasury yields भी बढ़ी हैं। Higher US interest rates emerging markets के लिए negative माने जाते हैं, क्योंकि इससे foreign investors के लिए अमेरिकी assets ज्यादा attractive हो सकते हैं। IT Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव Reuters के मुताबिक शुरुआती कारोबार में Nifty IT index करीब 2% गिरा, जबकि midcap और smallcap indices लगभग 1% नीचे थे। Infosys, Reliance Industries, Larsen & Toubro, Bajaj Finance और NTPC जैसे बड़े stocks Sensex पर दबाव डालते दिखाई दिए। सुबह 9:24 बजे उपलब्ध market data में Infosys और Reliance Sensex के प्रमुख draggers में शामिल थे। HDFC Bank ने गिरावट को कुछ हद तक रोका कमजोर बाजार के बीच HDFC Bank के shares में तेजी देखने को मिली। Reuters के मुताबिक stock शुरुआती कारोबार में करीब 1.5% ऊपर था। CEO Sashidhar Jagdishan द्वारा अपने मौजूदा term के बाद reappointment नहीं मांगने के फैसले के बाद governance-related uncertainty कम होने की उम्मीद से stock को support मिला। HDFC Bank की तेजी ने Sensex की overall गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया। Reliance Industries पर MSCI Rejig का असर Reliance Industries के shares भी दबाव में रहे। Reuters के मुताबिक MSCI Global Standard Index में Reliance का weight घटने के कारण संभावित passive fund outflows की आशंका बनी हुई है। Stock शुरुआती कारोबार में करीब 1% नीचे था। आज का session इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि MSCI index rebalancing के कारण closing के आसपास institutional flows और volatility बढ़ सकती है। FIIs ने शुक्रवार को ₹5,000 करोड़ से ज्यादा बेचा Foreign institutional investors की selling भी sentiment पर दबाव बना रही है। पिछले trading session में FIIs ने Indian equities में ₹5,000 करोड़ से ज्यादा की net selling की थी। दूसरी ओर domestic institutional investors यानी DIIs ने करीब ₹5,183 करोड़ की buying कर foreign selling को काफी हद तक absorb किया। अगर global risk sentiment कमजोर रहता है तो foreign fund flows पर बाजार की नजर बनी रहेगी। इस हफ्ते GDP और US Jobs Data पर नजर Investors के लिए आगे macroeconomic data भी महत्वपूर्ण रहेगा। इस सप्ताह markets की नजर India के Q1 FY27 GDP data, manufacturing और services PMI तथा US non-farm payrolls जैसे आंकड़ों पर रहेगी। ये data domestic growth और global interest-rate outlook को लेकर अगला संकेत दे सकते हैं। Oil prices और West Asia tensions में होने वाला कोई भी नया development बाजार में volatility बढ़ा सकता है। 31 August की Latest Market Situation आज सुबह तक प्रमुख स्थिति: इसलिए सबसे accurate headline होगी: Sensex-Nifty आज गिरावट के साथ खुले; Crude Oil $90 के पार, US-Iran तनाव और Fed Rate Hike की चिंता से बाजार दबाव में नोट: शेयर बाजार के स्तर पूरे trading session में लगातार बदलते रहते हैं। यहां दिए गए Sensex-Nifty levels 31 अगस्त के शुरुआती कारोबार के हैं, closing figures नहीं। स्रोत – Reuters, Moneycontrol, Business Standard जय राष्ट्र न्यूज़

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शेयर बाजार में गिरावट! कच्चा तेल $91 के पार पहुंचा, Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 250-300 अंक तक गिरा, जबकि निफ्टी 24,250 के स्तर से नीचे चला गया। बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रहा। ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की अवधि खत्म होने और तनाव बढ़ने से वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। महंगा कच्चा तेल भारत के लिए खास तौर पर चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमत बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है और महंगाई का जोखिम भी बढ़ सकता है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 77,418.97 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 ने 24,223.85 के आसपास शुरुआत की। बाद में निफ्टी 24,177 के करीब आ गया और बाजार में गिरावट और गहरी हुई। आईटी शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर प्रमुख गिरने वाले क्षेत्रों में रहा। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल आपूर्ति की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। अगर तेल की कीमतों में तेजी आगे भी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। फिलहाल निवेशकों के लिए वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की चाल बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख संकेत बने हुए हैं। स्रोत: Reuters, NDTV, IIFL Jai Rashtra News

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GIFT Nifty के सकारात्मक संकेतों के बीच शेयर बाजार की शुरुआत पर निवेशकों की नजर

मुंबई, 6 जुलाई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन GIFT Nifty से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू और वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां तथा प्रमुख आर्थिक घटनाक्रम आज के कारोबार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सकारात्मक संकेतों से बढ़ी उम्मीद प्री-ओपन संकेतों में GIFT Nifty की मजबूती ने बाजार में सकारात्मक माहौल का संकेत दिया है। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि वैश्विक बाजारों का रुख अनुकूल रहा तो घरेलू बाजार की शुरुआत भी मजबूत हो सकती है। वैश्विक बाजारों पर रहेगी नजर विशेषज्ञों के अनुसार एशियाई और अमेरिकी बाजारों के रुझान, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर इंडेक्स तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां भारतीय बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। किन सेक्टरों पर रहेगा फोकस आज बैंकिंग, आईटी, ऑटो, पूंजीगत सामान (Capital Goods), ऊर्जा और वित्तीय सेवा क्षेत्रों के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रहने की संभावना है। यदि बाजार में सकारात्मक धारणा बनी रहती है तो इन क्षेत्रों में अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए सलाह बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को केवल शुरुआती तेजी या गिरावट के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के मूलभूत पक्ष, बाजार की स्थिति और जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करना आवश्यक है। वैश्विक घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाएं, केंद्रीय बैंकों की नीतियां, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और विदेशी निवेश का प्रवाह भारतीय शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए निवेशकों की नजर इन सभी संकेतकों पर बनी रहेगी। विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत रहते हैं और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक समर्थन मिलता है, तो बाजार में निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो सकता है। हालांकि किसी भी उतार-चढ़ाव की स्थिति में सतर्क निवेश रणनीति अपनाना जरूरी रहेगा। आगे की राह आज के कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर सेंसेक्स, निफ्टी, GIFT Nifty, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुझानों पर रहेगी। दिनभर के कारोबार के बाद बाजार की वास्तविक दिशा अधिक स्पष्ट हो सकेगी। स्रोत:राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से संबंधित सार्वजनिक जानकारी और बाजार विश्लेषण। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध बाजार संकेतों और सार्वजनिक वित्तीय अपडेट के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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आज बाजार की नजर Bajaj Finance, Adani Enterprises, Marico और BPCL समेत कई प्रमुख शेयरों पर

मुंबई, 3 जुलाई। भारतीय शेयर बाजार के आज के कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर Bajaj Finance, Adani Enterprises, Marico, BPCL सहित कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर रहेगी। वैश्विक बाजारों के संकेत, कॉर्पोरेट घोषणाएं, तिमाही कारोबारी अपडेट और सेक्टर-विशिष्ट गतिविधियां बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। इन शेयरों पर रहेगा फोकस आज जिन प्रमुख कंपनियों के शेयर निवेशकों के रडार पर हैं, उनमें— के अलावा अन्य चुनिंदा कंपनियां भी शामिल हैं, जिनसे जुड़े कारोबारी अपडेट बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। कॉर्पोरेट अपडेट पर रहेगी नजर विश्लेषकों के अनुसार निवेशक कंपनियों की व्यावसायिक गतिविधियों, विस्तार योजनाओं, निवेश संबंधी घोषणाओं और आगामी तिमाही नतीजों से जुड़े संकेतों पर विशेष ध्यान देंगे। ऐसे अपडेट संबंधित शेयरों में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकते हैं। वैश्विक संकेत भी रहेंगे अहम अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम आज भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सेक्टर आधारित गतिविधियों पर नजर वित्तीय सेवाएं, ऊर्जा, एफएमसीजी, बुनियादी ढांचा और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की विशेष रुचि देखने को मिल सकती है। यदि इन क्षेत्रों से सकारात्मक खबरें आती हैं, तो संबंधित शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों की राय बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के मूलभूत आंकड़ों, मूल्यांकन और जोखिम का आकलन करना चाहिए। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाना अधिक लाभकारी हो सकता है। आगे की राह विश्लेषकों के अनुसार आज के कारोबार में वैश्विक संकेत, कॉर्पोरेट समाचार और निवेशकों की धारणा प्रमुख भूमिका निभाएगी। दिनभर इन प्रमुख शेयरों की गतिविधियों पर बाजार सहभागियों की विशेष नजर बनी रहेगी। स्रोत:बीएसई (BSE), एनएसई (NSE) एवं कंपनियों द्वारा जारी सार्वजनिक कॉर्पोरेट अपडेट। मूल रिपोर्ट:3 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र से पहले उपलब्ध बाजार जानकारी और कॉर्पोरेट घटनाक्रम के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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