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बिहार के स्कूल में दर्दनाक हादसा: सीढ़ी गिरने से 9 साल की छात्रा की मौत, 3 बच्चे घायल

खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की सीढ़ी अचानक गिरने से 9 साल की छात्रा रितिका कुमारी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसा मानसी थाना क्षेत्र के अमनी गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुआ। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया। अमनी गांव के सरकारी स्कूल में हुआ हादसा हादसा बुधवार सुबह अमनी गांव के पासवान टोला स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुआ। स्कूल की सीढ़ी अचानक भरभराकर गिर गई और उसके नीचे कई बच्चे दब गए। आसपास मौजूद लोगों और स्कूल स्टाफ ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। 9 साल की रितिका कुमारी की मौत मृत छात्रा की पहचान 9 वर्षीय रितिका कुमारी के रूप में हुई है। रितिका पहली कक्षा की छात्रा थी। उसे मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। तीन बच्चे घायल, अस्पताल में भर्ती हादसे में तीन अन्य बच्चे घायल हुए हैं। घायल बच्चों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में हल्की चोट वाले बच्चों की संख्या अधिक बताई गई है, इसलिए प्रशासनिक जांच के बाद ही अंतिम संख्या स्पष्ट होगी। स्कूल की जर्जर हालत पर उठे सवाल घटना के बाद स्कूल भवन की हालत को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीढ़ी में पहले से दरारें थीं और भवन की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि स्कूल प्रबंधन ने पहले ही जर्जर स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी। प्रधानाध्यापक की पहले की शिकायत भी चर्चा में एक रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के प्रधानाध्यापक ने जर्जर सीढ़ी और भवन की स्थिति को लेकर पहले ही संबंधित BRC को जानकारी दी थी। हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि अगर शिकायत पहले की गई थी तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं हुई। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। DM ने 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी खगड़िया के जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने घायल बच्चों के इलाज और मृत छात्रा के परिवार को सहायता देने की बात कही है। SDM ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा सदर SDM धनंजय कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्कूल भवन की सुरक्षा, सीढ़ी गिरने के कारण और मरम्मत में संभावित लापरवाही की जांच की बात कही है। सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल इस हादसे के बाद सरकारी स्कूलों की पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर फिर सवाल उठे हैं। स्कूलों में नियमित structural audit, समय पर मरम्मत और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के पालन की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि सीढ़ी गिरने का मुख्य कारण क्या था और क्या रखरखाव या प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की लापरवाही हुई थी। source – PTI / India Today / Aaj Tak / NDTV / Dainik Jagran जय राष्ट्र न्यूज़

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होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षक ने मारा थप्पड़? 6 साल के छात्र की मौत, परिवार ने मांगा न्याय

विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 6 वर्षीय छात्र की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक छात्र की पहचान तम्माना प्रणय तेज के रूप में हुई है, जो UKG में पढ़ता था। परिवार का आरोप है कि होमवर्क पूरा नहीं करने पर एक महिला शिक्षक ने बच्चे को थप्पड़ मारा, जिसके कुछ ही देर बाद वह कक्षा में बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना से जुड़ा कथित CCTV वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में बच्चे को शिक्षक के सामने खड़ा देखा जा सकता है। इसके बाद शिक्षक कथित तौर पर उसे थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं और कुछ ही क्षणों बाद छात्र अचानक बेहोश होकर गिर जाता है। क्या है पूरा मामला? घटना विशाखापत्तनम के टाउन कोठारोड इलाके स्थित एक निजी स्कूल की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रणय तेज गुरुवार, 20 अगस्त को स्कूल गया था। परिवार का आरोप है कि बच्चे ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। कक्षा में जब शिक्षक छात्रों का होमवर्क जांच रही थीं, तभी प्रणय को कथित तौर पर डांटा गया और थप्पड़ मारा गया। घटना के वीडियो में बच्चा परेशान और रोता हुआ नजर आता है। कुछ ही देर बाद वह अचानक शिक्षक के पास गिर जाता है। स्कूल स्टाफ ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने लगाए गंभीर आरोप प्रणय के माता-पिता ने शिक्षक और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि बच्चा स्कूल जाने से पहले स्वस्थ था और उसकी अचानक मौत के पीछे स्कूल में हुई घटना की जांच होनी चाहिए। बच्चे की मौत के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन भी किया और शिक्षक तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर कक्षा में ऐसा क्या हुआ जिससे बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला परिवार की शिकायत के बाद वन-टाउन पुलिस ने निजी स्कूल के खिलाफ FIR दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र की मौत का वास्तविक मेडिकल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि छात्र की मौत सीधे तौर पर थप्पड़ लगने की वजह से ही हुई। यह परिवार का आरोप है और मौत के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद होनी बाकी है। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी और राजस्व मंडल अधिकारी शामिल बताए गए हैं। कमेटी स्कूल में हुई घटना, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और अन्य परिस्थितियों की जांच करेगी। शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने जताया दुख आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी बच्चे की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुखद है और जांच के बाद जिम्मेदार लोगों तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से परिवार को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया गया है। वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो भी जांच का अहम हिस्सा बन सकता है। कथित वीडियो में शिक्षक बच्चे को डांटती और थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं, जिसके बाद बच्चा अचानक गिर जाता है। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और बच्चे की मौत के बीच सीधा चिकित्सकीय संबंध था या नहीं, इसका फैसला पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही होगा। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों को शारीरिक दंड देने और छात्रों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल परिवार न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। नोट: शिक्षक द्वारा मारपीट और उससे बच्चे की मौत होने संबंधी बातें परिवार के आरोपों पर आधारित हैं। मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद होगी। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान, पीटीआई जय राष्ट्र न्यूज़

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