पंजाब चुनाव से पहले AAP को बड़ा झटका, 3 विधायक BJP में शामिल
चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायकों—हरमीत सिंह पठानमाजरा, चेतन सिंह जौरामाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह—ने सोमवार, 2 नवंबर 2026, को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। तीनों विधायक क्रमशः सनौर, समाना और अमृतसर उत्तर विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। दिल्ली में BJP में हुए शामिल तीनों नेताओं ने दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं और सभी प्रमुख दल उम्मीदवारों तथा संगठन को लेकर रणनीति बना रहे हैं। कौन हैं तीनों विधायक? हरमीत सिंह पठानमाजरा सनौर से विधायक हैं, जबकि चेतन सिंह जौरामाजरा समाना सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह अमृतसर उत्तर से विधायक हैं। तीनों 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। पहले से चल रही थी AAP के भीतर नाराजगी इन विधायकों का पार्टी से अलग होना अचानक नहीं माना जा रहा। पंजाब में आम आदमी पार्टी के भीतर टिकट वितरण और नेतृत्व को लेकर पिछले कुछ समय से असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं। एक दिन पहले भी पार्टी के भीतर बगावत के संकेत दिखे थे, जब उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आई थी। किन मुद्दों का हवाला दिया? द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा में शामिल हुए विधायकों ने पंजाब में नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और राज्य की मौजूदा स्थिति को लेकर सवाल उठाए। इन आरोपों को राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए; राज्य सरकार ने पहले भी ऐसे मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों का विरोध किया है। पंजाब चुनाव से पहले BJP को बढ़त? तीन मौजूदा विधायकों का एक साथ भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा लंबे समय से पंजाब में अपने संगठन और विधानसभा स्तर की मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब पार्टी को तीन ऐसे चेहरे मिले हैं जिनके पास मौजूदा विधानसभा अनुभव और अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक आधार है। AAP के लिए क्यों बड़ा झटका? पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्ता में है और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 2027 के चुनाव में दोबारा सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे समय तीन मौजूदा विधायकों का पार्टी छोड़ना संगठनात्मक एकजुटता को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि इसका वास्तविक चुनावी असर उम्मीदवारों, स्थानीय समीकरण और मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा। 2027 चुनाव से पहले तेज हुई दल-बदल की राजनीति पंजाब में चुनावी माहौल गर्म होने के साथ राजनीतिक दलों के बीच नेताओं का आना-जाना तेज हो रहा है। AAP की उम्मीदवार सूची सामने आने के बाद कई क्षेत्रों में असंतोष की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में टिकट वितरण और राजनीतिक गठबंधनों से जुड़े और बदलाव देखने को मिल सकते हैं। BJP ने बताया AAP के लिए बड़ा संदेश भाजपा नेताओं ने तीन विधायकों के पार्टी में आने को पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया है। पार्टी इसे AAP सरकार के खिलाफ बढ़ती नाराजगी के संकेत के रूप में पेश कर रही है। दूसरी ओर चुनावी माहौल में ऐसे दावों को दलों की राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में देखना जरूरी है। अब नजर विधानसभा सदस्यता पर तीनों विधायक चुनाव किस दल के टिकट पर लड़ेंगे और उनकी विधानसभा सदस्यता पर दलबदल कानून के तहत कोई प्रक्रिया शुरू होती है या नहीं, इस पर आगे नजर रहेगी। दल बदलने वाले किसी विधायक की सदस्यता से संबंधित फैसला संवैधानिक और विधानसभा की प्रक्रिया के तहत ही तय होता है। पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल तीन AAP विधायकों के एक साथ भाजपा में शामिल होने से पंजाब की राजनीति में चुनाव से पहले नई हलचल पैदा हो गई है। अब AAP की प्रतिक्रिया, भाजपा की आगे की रणनीति और अन्य असंतुष्ट नेताओं के रुख पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी। स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस, द ट्रिब्यून, हिंदुस्तान टाइम्स जय राष्ट्र न्यूज़

