केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी आंकड़ों के आधुनिकीकरण के लिए ₹4,371 करोड़ मंजूर, AI और मशीन लर्निंग से बदलेगी डेटा व्यवस्था
नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026: केंद्र सरकार ने देश की सरकारी सांख्यिकी और डेटा संग्रह प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए ₹4,371.10 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 4 नवंबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘विकसित भारत सांख्यिकीय परिवर्तन, विश्लेषण एवं अनुसंधान पहल’ (VISTAR) को स्वीकृति दी गई। इसके तहत सरकारी आंकड़ों के संग्रह, सत्यापन और विश्लेषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। पांच वर्षों में खर्च होंगे ₹4,371 करोड़ केंद्र सरकार की VISTAR योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। इस योजना का उद्देश्य सरकारी आंकड़ों को अधिक सटीक, समयबद्ध और आसानी से उपलब्ध कराना है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस पहल से देश की सांख्यिकीय प्रणाली को आधुनिक बनाने और नीतिगत निर्णयों के लिए बेहतर डेटा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। यह योजना सरकार के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से भी जुड़ी हुई है। AI और मशीन लर्निंग से होगा सरकारी डेटा का विश्लेषण योजना के तहत सरकारी आंकड़ों को एकत्र करने से लेकर उनके सत्यापन, प्रसंस्करण और विश्लेषण तक आधुनिक डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग की मदद से बड़े डेटा सेट का तेजी से विश्लेषण करने, संभावित गलतियों की पहचान करने और आंकड़ों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जाएगा। सरकार सांख्यिकीय प्रक्रियाओं का व्यापक डिजिटलीकरण भी करेगी, जिससे आंकड़ों को प्रकाशित करने में लगने वाला समय कम हो सके। 43 की जगह अब 59 राष्ट्रीय सर्वेक्षण होंगे VISTAR योजना के तहत सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 16वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान 59 सर्वेक्षण करने का प्रस्ताव रखा है। इससे पहले की अवधि में 43 प्रमुख सर्वेक्षण किए गए थे। नए सर्वेक्षणों से रोजगार, व्यापार, उद्योग और अन्य आर्थिक गतिविधियों से संबंधित आंकड़ों में मौजूद कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा सरकार सेवा क्षेत्र के उत्पादन और असंगठित उद्यमों की गतिविधियों को बेहतर तरीके से मापने के लिए नए आर्थिक संकेतक विकसित करेगी। आठवीं आर्थिक गणना भी होगी योजना के अंतर्गत देश में आठवीं आर्थिक गणना कराने का प्रावधान किया गया है। इस गणना में कृषि से अलग आर्थिक गतिविधियों में लगे प्रतिष्ठानों और उनके कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जाएगी। ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक आंकड़े एकत्र करने की योजना है। इन आंकड़ों के आधार पर राष्ट्रीय सांख्यिकीय व्यापार रजिस्टर विकसित करने और असंगठित क्षेत्र के आर्थिक योगदान का बेहतर आकलन करने में मदद मिल सकती है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भी मिलेगा सहयोग VISTAR योजना के तीन प्रमुख हिस्से होंगे। इनमें व्यापक सांख्यिकीय संचालन और प्रणाली को मजबूत करना, राज्यों की सांख्यिकीय क्षमता बढ़ाना तथा आर्थिक गणना शामिल हैं। केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को बेहतर डेटा संग्रह और विश्लेषण के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करेगी। इससे जिला और स्थानीय स्तर पर अधिक विस्तृत आंकड़े उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मोबाइल और ई-कॉमर्स डेटा का भी हो सकता है इस्तेमाल सरकार पारंपरिक सर्वेक्षणों के अलावा वैकल्पिक डेटा स्रोतों का उपयोग बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इनमें मोबाइल फोन से जुड़े डेटा, स्कैनर डेटा और ई-कॉमर्स गतिविधियों से प्राप्त जानकारी जैसे स्रोत शामिल हो सकते हैं। इनका इस्तेमाल सांख्यिकीय अनुमान बेहतर बनाने और आर्थिक गतिविधियों में बदलाव को अधिक समयबद्ध तरीके से समझने के लिए किया जाएगा। ऐसे डेटा के उपयोग में गोपनीयता और सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण रहेगा। सरकारी नीतियों और अर्थव्यवस्था को कैसे होगा फायदा? सटीक और समय पर उपलब्ध आंकड़े सरकार को रोजगार, उद्योग, व्यापार और आर्थिक विकास से जुड़ी नीतियां तैयार करने में मदद कर सकते हैं। VISTAR योजना का उद्देश्य सरकारी विभागों के बीच डेटा के उपयोग को आसान बनाना और नीति निर्माण में विश्वसनीय जानकारी की उपलब्धता बढ़ाना है। हालांकि योजना के वास्तविक परिणाम इसके प्रभावी क्रियान्वयन, डेटा की गुणवत्ता और तकनीकी व्यवस्थाओं पर निर्भर करेंगे। जय राष्ट्र न्यूज़

