भुवनेश्वर / नई दिल्ली: ओडिशा के शिक्षा विभाग की एक बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और ओडिशा करिकुलम फ्रेमवर्क-2025 के तहत तैयार की गई कक्षा 1 से 8 तक की नई संशोधित पाठ्यपुस्तकों में 1,678 गंभीर त्रुटियां (गलतियां) पाई गई हैं। किताबों में छपे गलत तथ्यों, व्याकरण की अशुद्धियों और गलत तस्वीरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक उच्च स्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई और इस पूरे ब्लंडर की जांच के लिए 3-सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने विकास आयुक्त (Development Commissioner) की अध्यक्षता वाली इस समिति को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने और जिम्मेदार अधिकारियों व संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
किताबों में मिलीं 4 सबसे हैरान करने वाली बड़ी भूलें
‘प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष ब्रह्मानंद महाराणा और ‘ओडिशा पेरेंट्स फेडरेशन’ द्वारा उठाई गई आपत्तियों के मुताबिक, किताबों में ऐसी बुनियादी और ऐतिहासिक गलतियां हैं जिन्हें देखकर हर कोई हैरान है:
- विधानसभा की गलत तस्वीर: कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की किताब में ‘ओडिशा विधानसभा’ के स्थान पर पड़ोसी राज्य कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर छापकर उसे ओडिशा विधानसभा बता दिया गया है। (बता दें कि कक्षा 8 की किताबों में सबसे ज्यादा 705 गलतियां मिली हैं।)
- भूगोल की ऐतिहासिक भूल: ओडिशा की शान कही जाने वाली और प्रसिद्ध ‘नियमगिरी पहाड़ियाँ’ (Niyamgiri Hills) को किताब में गलती से पड़ोसी राज्य झारखंड में स्थित बताया गया है।
- महान वैज्ञानिकों और धरोहरों का अपमान: भौतिक विज्ञानी सर आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) को वैज्ञानिक के बजाय दुनिया का “सबसे महान पायलट” (Greatest Pilot) लिख दिया गया। इतना ही नहीं, विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर (Konark Temple) के चित्र को हम्पी (Hampi) परिसर का नाम दे दिया गया है।
- जिलों और हस्तियों के नामों में हेरफेर: ओडिशा के गंजाम जिले को सीधे “ब्रह्मपुर जिला” लिख दिया गया है, जबकि ब्रह्मपुर सिर्फ गंजाम जिले का एक शहर है। इसके अलावा देश की महान शास्त्रीय गायिका सुनंदा पटनायक और स्वतंत्रता सेनानी नीलकंठ दास के नामों की स्पेलिंग में गंभीर गलतियां की गई हैं।
बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़: पैरेंट्स फेडरेशन
ओडिशा पेरेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष वासुदेव भट्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा:
“ये सिर्फ छपाई की सामान्य गलतियां नहीं हैं, बल्कि एक कृत्य (अपराध) है। सरकार को इसकी पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अगर अब किताबों को दोबारा संशोधित कर छापा जाता है, तो छपाई और वितरण में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा। तब तक बच्चे गलत तथ्य पढ़ने को मजबूर होंगे या बिना किताबों के रहेंगे।”
विपक्ष ने घेरा, बताया ‘राष्ट्रीय शर्मिंदगी’
इस मामले पर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने इसे ‘राष्ट्रीय शर्मिंदगी’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था, ओड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति को कमजोर कर रही है। बीजद ने सभी त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकों को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
दूसरी ओर, स्कूल और जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने माना कि विभाग इस मामले को लेकर चिंतित है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि गलतियों को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए जिला स्तर पर शिक्षकों को शुद्धि-पत्र (Correction Slips) जारी किए जा रहे हैं।
Source: The Hindu
Original report: The Hindu – Odisha CM orders inquiry into 1,678 errors in school textbooks
Publication: jairashtranews






