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वृंदावन से कैंची धाम तक… आखिर क्यों उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भारी भीड़?

नई दिल्ली: गांधी जयंती के लंबे वीकेंड के दौरान उत्तर भारत के कई धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर से लेकर उत्तराखंड के कैंची धाम तक लंबी कतारें, ट्रैफिक जाम और भीड़ प्रबंधन की चुनौती सामने आई। कैंची धाम में भीड़ के पीछे लंबे वीकेंड के साथ हालिया फिल्म ‘Hanuman Ansh’ के बाद नीम करोली बाबा में बढ़ी दिलचस्पी को भी एक कारण माना जा रहा है।

लंबे वीकेंड ने बढ़ाई धार्मिक यात्रा

2 अक्टूबर की छुट्टी और उसके बाद वीकेंड के कारण बड़ी संख्या में लोग दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों से धार्मिक और पहाड़ी स्थलों की ओर निकले।

इससे वृंदावन, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल और कैंची धाम समेत कई जगहों पर सामान्य से कहीं ज्यादा भीड़ दर्ज की गई।

वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के बाहर भारी भीड़

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में तीन दिन की छुट्टियों के चलते श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई।

मंदिर के आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थानीय प्रशासन को वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी।

कैंची धाम में भीड़ ने तोड़े रिकॉर्ड

उत्तराखंड के नैनीताल जिले स्थित कैंची धाम में भी पिछले कुछ दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।

3 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट में सुबह से ही मंदिर गेट से हाईवे तक भारी भीड़ दर्ज की गई और हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

‘Hanuman Ansh’ के बाद बढ़ी Neem Karoli Baba में दिलचस्पी

कैंची धाम की मौजूदा भीड़ को हालिया फिल्म ‘Hanuman Ansh’ की लोकप्रियता से भी जोड़ा जा रहा है।

फिल्म में नीम करोली बाबा से जुड़े आध्यात्मिक संदर्भों के बाद सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कैंची धाम को लेकर रुचि बढ़ी। वायरल वीडियो और ट्रैवल पोस्ट ने भी बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान इस स्थान की ओर खींचा।

फिल्म के निर्देशक ने भी की अपील

‘Hanuman Ansh’ के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने श्रद्धालुओं से कैंची धाम जाने से पहले वहां की स्थिति जांचने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि भीड़ इतनी अधिक है कि महिलाओं और बच्चों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने का विकल्प भी सुझाया।

घंटों तक जाम में फंसे वाहन

कैंची धाम और आसपास के मार्गों पर भारी ट्रैफिक के कारण सामान्य यात्रा समय कई गुना बढ़ गया।

कुछ रिपोर्टों में तीन घंटे की यात्रा को पूरा करने में करीब 11 घंटे तक लगने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों, पर्यटकों और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी इससे परेशानी हुई।

सोशल मीडिया भी बना crowd multiplier

धार्मिक स्थलों की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने के कारण भी pilgrimage tourism में अचानक वृद्धि देखने को मिल रही है।

कैंची धाम जैसे स्थान पहले से लोकप्रिय थे, लेकिन फिल्मों, reels और celebrity references के कारण नई पीढ़ी के यात्रियों में भी इन जगहों को लेकर रुचि बढ़ी है।

आस्था के साथ travel trend भी बड़ी वजह

विशेषज्ञ धार्मिक यात्रा के इस पैटर्न को केवल आस्था तक सीमित नहीं देखते।

Long weekend, आसान road connectivity, social media exposure और spiritual tourism का trend—इन सभी कारणों ने मिलकर एक साथ बड़ी संख्या में लोगों को इन स्थलों तक पहुंचाया है।

प्रशासन के सामने crowd management की चुनौती

अचानक बढ़ी भीड़ के कारण प्रशासन के सामने parking, traffic diversion, medical emergency और सुरक्षित दर्शन व्यवस्था जैसी चुनौतियां बढ़ गई हैं।

उत्तराखंड के कई पहाड़ी routes पर अतिरिक्त पुलिस बल और traffic restrictions लगाए गए ताकि जाम और दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सके।

यात्रा से पहले स्थिति जांचने की सलाह

मौजूदा भीड़ को देखते हुए यात्रियों को धार्मिक स्थलों की ओर निकलने से पहले स्थानीय traffic updates, parking arrangements और crowd situation जांचने की सलाह दी जा रही है।

खासकर बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों को अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

source – India Today / Dainik Jagran / NDTV / The Economic Times / The Times of India

जय राष्ट्र न्यूज़

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