आइची-नागोया, जापान, 24 अक्टूबर 2026: भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 114 पदक जीते। इनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया, जो एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में उसका सर्वश्रेष्ठ स्थान है।
पिछला रिकॉर्ड भी टूटा
भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हांगझोउ संस्करण में था, जहां उसके खाते में 108 पदक दर्ज हुए थे। आइची-नागोया में 114 पदक जीतकर भारतीय दल ने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
सिर्फ 168 खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
इस बार भारत ने केवल 168 पैरा खिलाड़ियों का दल भेजा था, जो पिछले संस्करण की तुलना में काफी छोटा था। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने ज्यादा पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की।
एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा पदक
भारत के लिए पैरा एथलेटिक्स सबसे सफल खेल रहा। एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 65 पदक जीते, जिनमें 22 स्वर्ण पदक शामिल रहे। इसके बाद पैरा बैडमिंटन में भारत ने 16 पदक हासिल किए।
तैराकी में भी बड़ा सुधार
पैरा स्विमिंग में भारत ने इस बार उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और 11 पदक जीते। इनमें 3 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल रहे। पिछली बार की तुलना में यह प्रदर्शन काफी बेहतर रहा।
आखिरी दिन बरसे स्वर्ण पदक
भारत ने अपने अंतिम प्रतिस्पर्धी दिन 9 स्वर्ण पदक जीते, जो इस संस्करण में एक दिन में उसका सबसे बड़ा स्वर्ण प्रदर्शन रहा। इसी दिन संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर T64 स्पर्धा में 52.28 सेकंड का विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि हनी ने पुरुषों की भाला फेंक F37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर के विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता।
पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर
चीन पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा, जबकि मेजबान जापान दूसरे और उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने 30 स्वर्ण पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया और दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ा।
भारतीय पैरा खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि
114 पदकों का यह रिकॉर्ड भारतीय पैरा खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कम खिलाड़ियों के बावजूद ज्यादा पदक जीतना यह दिखाता है कि भारत में पैरा खेलों का स्तर लगातार मजबूत हो रहा है।
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