थेनी: तमिलनाडु के थेनी जिले की Thekkampatti Sub-Jail से फरार हुए 17 कैदियों में से 13 को पुलिस ने दोबारा पकड़ लिया है, जबकि चार कैदी अब भी फरार हैं। पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें ड्रोन surveillance, स्थानीय पुलिस और विशेष टीमों की मदद ली गई।
कैसे फरार हुए थे 17 कैदी?
प्रारंभिक जांच के मुताबिक एक कैदी ने कथित तौर पर मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। जैसे ही जेलकर्मी मदद के लिए पहुंचे, दूसरे कैदियों ने उन पर हमला कर चाबियां छीन लीं और मुख्य रास्ते से बाहर निकल गए।
ड्रोन से जंगलों में हुई तलाश
फरार कैदियों की तलाश के लिए थेनी के आसपास के जंगलों में बड़े पैमाने पर combing operation चलाया गया। पुलिस ने घने इलाकों में छिपे कैदियों को खोजने के लिए drones का इस्तेमाल किया, जिससे कई फरार कैदियों को पकड़ने में मदद मिली।
अब भी चार कैदी फरार
पुलिस के मुताबिक चार कैदी अब भी गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी पहचान K Meenakshi Sundaram, R Rejin, K Thirupathy और P Ponmuthuselvam के रूप में की गई है। उनकी तलाश के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है।
केरल सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी
पुलिस को आशंका है कि फरार कैदी पड़ोसी केरल की ओर भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से inter-state border पर निगरानी बढ़ाई गई है और केरल पुलिस से भी सहयोग मांगा गया है।
9 जेलकर्मियों को किया गया निलंबित
जेलब्रेक के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। 9 जेलकर्मियों को negligence के आरोप में निलंबित किया गया है। इनमें दो head wardens भी शामिल हैं।
DGP ने माना ‘human error’
Tamil Nadu DGP (Prisons) Sandeep Rai Rathore ने शुरुआती जांच में घटना के पीछे human error और security protocol breach को जिम्मेदार बताया है। घटना की विस्तृत जांच जारी है।
30 साल का सबसे बड़ा jailbreak
Times of India ने इस घटना को तमिलनाडु का करीब तीन दशकों में सबसे बड़ा jailbreak बताया है। घटना के बाद राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर राजनीतिक सवाल भी खड़े हो गए हैं।
स्रोत – Hindustan Times, Times of India, NDTV
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