जालंधर: भारतीय पुरुष हॉकी टीम में आने वाले महीनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मुख्य कोच Craig Fulton ने संकेत दिया है कि 2027 की प्रो लीग के लिए नई टीम चुनी जाएगी और इसी के साथ 2027-28 ओलंपिक चक्र की शुरुआत होगी। टीम प्रबंधन का लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना है।
प्रो लीग के लिए चुनी जाएगी नई टीम
Craig Fulton ने बताया कि अगले साल होने वाली प्रो लीग से पहले एक नई टीम का चयन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के अपने-अपने फ्रेंचाइजी कार्यक्रमों में लौटने के कारण प्रशिक्षण के लिए बहुत ज्यादा समय नहीं मिलेगा, इसलिए चयन प्रक्रिया और उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का खास महत्व होगा।
2027-28 चक्र की शुरुआत नए स्क्वॉड से
फुल्टन के मुताबिक प्रो लीग के लिए चुनी जाने वाली नई टीम ही आगे चलकर 2027-28 चक्र की आधार टीम बनेगी।
इसका मतलब है कि टीम प्रबंधन अब केवल अगले टूर्नामेंट पर नहीं, बल्कि सीधे LA 2028 ओलंपिक को ध्यान में रखकर खिलाड़ियों का चयन और विकास करेगा।
फरवरी में इन बड़ी टीमों से भिड़ेगा भारत
भारत को प्रो लीग के घरेलू चरण में:
- जर्मनी
- अर्जेंटीना
- ग्रेट ब्रिटेन
- स्पेन
जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है।
ये मुकाबले भारत के नए खिलाड़ियों और संभावित कोर ग्रुप के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं।
न्यूजीलैंड दौरे से शुरू होगा बदलाव का दौर
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारतीय टीम इस महीने न्यूजीलैंड का दौरा करेगी।
भारत वहां 19, 21 और 22 नवंबर को ऑकलैंड में तीन टेस्ट मैच खेलेगा। यह दौरा भारत और न्यूजीलैंड के बीच हॉकी संबंधों के 100 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी बदली हुई टीम संभव
फुल्टन ने कहा कि न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है।
संकेत हैं कि इस दौरे में कई नए और युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है, जबकि कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है।
नए कोर ग्रुप पर होगा फैसला
न्यूजीलैंड दौरे के बाद कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करेगा।
इसके बाद एक नया कोर ग्रुप और नई टीम तय की जाएगी, जो आगे प्रो लीग और LA 2028 की तैयारियों में अहम भूमिका निभाएगी।
विश्व कप में आठवें स्थान पर रहा था भारत
भारत का 2026 विश्व कप अभियान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था और टीम आठवें स्थान पर रही।
फुल्टन ने माना कि बड़े मुकाबलों में टीम जरूरत के समय पर्याप्त गोल नहीं कर सकी और कुछ आसान गोल भी गंवाए। इसी वजह से आक्रमण और रक्षा दोनों में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है।
एशियन गेम्स में शानदार वापसी
विश्व कप के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में शानदार वापसी की।
भारत ने स्वर्ण पदक जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा और इसके साथ ही LA 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया।
यूरोपीय टीमों के खिलाफ सुधार की जरूरत
फुल्टन का मानना है कि एशियाई टीमों के खिलाफ भारत का प्रदर्शन मजबूत रहता है, लेकिन यूरोप की शीर्ष और उच्च रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ अधिक निरंतरता की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बड़े मुकाबलों में मानसिकता, दबाव से निपटने की क्षमता, गोल करने और गोल बचाने—चारों क्षेत्रों में सुधार जरूरी है।
किसी एक खिलाड़ी पर नहीं, पूरी टीम पर फोकस
कोच ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल बदलाव किसी एक खिलाड़ी को हटाने या चुनने तक सीमित नहीं हैं।
टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की मानसिकता, प्रदर्शन में निरंतरता, दबाव में निर्णय और बड़े मुकाबलों में प्रभाव को देखते हुए नए कोर ग्रुप का चयन करेगा।
2027 में 30 से 40 मैच खेलने की योजना
फुल्टन चाहते हैं कि भारतीय टीम 2027 में करीब 30 से 40 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।
उनका मानना है कि LA 2028 से पहले ज्यादा से ज्यादा प्रतिस्पर्धी मैच खेलने से नए खिलाड़ियों को अनुभव मिलेगा और टीम को स्थायी संयोजन खोजने में मदद होगी।
गोलकीपिंग में भी नए विकल्प तैयार
PR Sreejesh के संन्यास के बाद गोलकीपिंग विभाग में भी नए विकल्प तैयार किए जा रहे हैं।
Suraj Karkera, Krishan Bahadur Pathak और HS Mohith के साथ Prince Deep Singh और Pawan जैसे खिलाड़ियों को भी भविष्य के विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पहले भी बदल चुकी है टीम
फुल्टन ने कहा कि भारतीय टीम में बदलाव पहले से चल रहे हैं।
उनके मुताबिक 2023 चेन्नई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और 2024 हुलुनबुइर टूर्नामेंट खेलने वाली टीम एक जैसी नहीं थी और पिछली टीम की तुलना में करीब 9 खिलाड़ी बदल चुके हैं।
LA 2028 के लिए लंबी रणनीति
भारत पहले ही ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुका है, इसलिए अब टीम के पास अगले लगभग दो वर्षों में खिलाड़ियों को आजमाने और सही संयोजन तैयार करने का समय है।
प्रो लीग, न्यूजीलैंड दौरा और 2027 के अंतरराष्ट्रीय मुकाबले इसी लंबी तैयारी का हिस्सा होंगे।
नए चेहरों के लिए बड़ा मौका
टीम में संभावित बड़े बदलाव युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकते हैं।
अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सीधे 2028 ओलंपिक योजना का हिस्सा बन सकते हैं, जबकि मौजूदा वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए भी अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होगा।
स्रोत – PTI, Hockey India, India Today, ThePrint, Outlook, Revsportz
जय राष्ट्र न्यूज़

