कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मणिकर्ण क्षेत्र में 9 जून 2026 को बड़ा हादसा टल गया। पंजाब से आए एक ही परिवार के तीन सदस्य पार्वती नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना उस समय हुई जब परिवार मणिकर्ण साहिब गुरुद्वारे के दर्शन करने के बाद नदी किनारे फोटो खिंचवा रहा था। स्थानीय लोगों और बचाव दल की तत्परता से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मणिकर्ण साहिब के दर्शन करने आया था परिवार
पुलिस के अनुसार पंजाब से आया यह परिवार धार्मिक यात्रा पर मणिकर्ण पहुंचा था। गुरुद्वारा मणिकर्ण साहिब में दर्शन करने के बाद परिवार पार्वती नदी के किनारे चला गया।
यहां तीन सदस्य नदी के काफी करीब खड़े होकर फोटो और सेल्फी लेने लगे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तेज बहाव की चपेट में आ गए।
तीनों अचानक नदी में बहे
पार्वती नदी में पानी का बहाव काफी तेज था। तीनों लोगों के नदी में गिरते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बचाव की कोशिश शुरू की।
दो लोग खुद किनारे तक पहुंचे
रिपोर्टों के मुताबिक तीन में से दो सदस्य किसी तरह खुद किनारे की ओर पहुंचने में सफल रहे। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने उन्हें खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला।
तीसरा सदस्य तेज बहाव में फंस गया था, जिसे बाद में मौके पर पहुंची बचाव टीम ने सुरक्षित निकाला।
तीनों की हालत स्थिर
पुलिस ने बताया कि बचाव के बाद तीनों पर्यटकों की हालत स्थिर थी। किसी की मौत की सूचना नहीं मिली।
इस तरह स्थानीय लोगों और बचाव दल की तेजी से एक बड़ा हादसा टल गया।
सेल्फी और फोटो का जुनून पड़ा भारी
घटना ने एक बार फिर पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर नदी और झरनों के पास फोटो या सेल्फी लेने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं।
पार्वती नदी अपने तेज और अनिश्चित बहाव के लिए जानी जाती है। खासकर बारिश और बर्फ पिघलने के मौसम में पानी का स्तर तेजी से बदल सकता है।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं।
अधिकारियों ने पर्यटकों से नदी, नालों और तेज बहाव वाले जलस्रोतों के बेहद करीब न जाने की अपील की।
पर्यटकों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
घटना के बाद पुलिस ने पर्यटकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की।
प्रशासन ने कहा कि फोटो और वीडियो बनाने के लिए किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और नदी किनारे लगाए गए चेतावनी संकेतों का पालन करें।
मणिकर्ण में बड़ी संख्या में आते हैं श्रद्धालु
मणिकर्ण कुल्लू जिले की पार्वती घाटी में स्थित प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है। यहां गुरुद्वारा मणिकर्ण साहिब और गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोतों के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं।
पार्वती नदी के किनारे पहले भी हो चुके हादसे
पार्वती घाटी में पहले भी नदी के तेज बहाव की वजह से हादसे हो चुके हैं। प्रशासन समय-समय पर पर्यटकों को नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चेतावनी देता रहा है।
ऐसे इलाकों में पानी शांत दिखाई देने के बावजूद बहाव अंदर से काफी तेज हो सकता है।
स्थानीय लोगों की तत्परता से बची जान
इस घटना में स्थानीय लोगों की भूमिका अहम रही। नदी में गिरते ही आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए, जिससे शुरुआती मिनटों में ही दो लोगों को बचाया जा सका।
इसके बाद बचाव दल ने तीसरे सदस्य को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने पर्यटकों से खास तौर पर अपील की है कि वे सोशल मीडिया के लिए फोटो या वीडियो बनाते समय अपनी सुरक्षा से समझौता न करें।
नदी, झरने, पहाड़ी किनारों और तेज बहाव वाली जगहों पर थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
स्रोत – पीटीआई, कुल्लू पुलिस, दैनिक जागरण, टाइम्स ऑफ इंडिया
जय राष्ट्र न्यूज़

