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LTCG टैक्स की समीक्षा पर सरकार तैयार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं—निवेशकों की मांग पर करेंगे विचार

मुंबई/नई दिल्ली: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार शेयर बाजार में लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स यानी LTCG टैक्स की समीक्षा की मांग पर विचार करेगी। खास तौर पर विदेशी निवेशकों की ओर से इस टैक्स व्यवस्था को लेकर उठाई गई चिंताओं को सरकार ने गंभीरता से लिया है।

वित्त मंत्री ने क्या कहा?

निर्मला सीतारमण ने एक मीडिया कार्यक्रम में कहा कि परिस्थितियां बदल गई हैं और अब निवेशकों की चिंताएं पहले से ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार इन मांगों को समझती है और उन पर विचार करेगी, लेकिन अभी किसी तत्काल टैक्स बदलाव की घोषणा करना उचित नहीं होगा।

अभी LTCG टैक्स कितना है?

मौजूदा व्यवस्था में सूचीबद्ध शेयरों को 12 महीने से ज्यादा समय तक रखने के बाद होने वाले लाभ पर LTCG टैक्स लगाया जाता है।

वर्तमान में ऐसे दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 12.5% टैक्स लगता है। वहीं 12 महीने या उससे कम समय में शेयर बेचने पर होने वाले शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर 20% टैक्स लागू है।

विदेशी निवेशकों ने उठाई है टैक्स में बदलाव की मांग

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का कहना है कि भारत उन चुनिंदा बड़े बाजारों में शामिल है जहां विदेशी निवेशकों पर पूंजीगत लाभ कर लगाया जाता है।

उनका तर्क है कि LTCG टैक्स और अन्य लेनदेन लागत भारतीय बाजार को कुछ अन्य उभरते बाजारों की तुलना में कम आकर्षक बना सकती हैं।

SEBI ने भी हटाने की सिफारिश की

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI ने सरकार को विदेशी इक्विटी निवेशकों के लिए LTCG टैक्स हटाने की सिफारिश की है।

यह सिफारिश बाध्यकारी नहीं है और अंतिम फैसला केंद्र सरकार तथा वित्त मंत्रालय को करना है।

घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी प्रस्ताव

SEBI ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी कुछ राहत देने का सुझाव दिया है।

प्रस्ताव के अनुसार अगर निवेशक एक साल से ज्यादा समय तक फंड में बने रहते हैं और बाद में एक योजना से दूसरी योजना में स्विच करते हैं, तो ऐसे स्विच पर टैक्स राहत देने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल यह केवल प्रस्ताव है।

विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली से बढ़ी चिंता

इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला है।

रॉयटर्स के मुताबिक 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की शुद्ध बिकवाली करीब 31 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है। इससे सरकार और बाजार नियामक दोनों के स्तर पर विदेशी निवेश आकर्षित करने के उपायों पर चर्चा तेज हुई है।

वित्त मंत्री ने माना—परिस्थितियां बदल गई हैं

सीतारमण ने कहा कि टैक्स संरचना में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियां बदल गई हैं।

अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने और डॉलर की मजबूती के कारण उभरते बाजारों से पूंजी बाहर जा रही है। ऐसे में भारत को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया है।

सिर्फ विदेशी निवेशकों को राहत देना आसान नहीं

वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार को कोई फैसला करते समय घरेलू निवेशकों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा।

उन्होंने कहा कि यदि केवल विदेशी निवेशकों को राहत दी जाती है तो घरेलू निवेशक भी समान व्यवहार की मांग कर सकते हैं। इसलिए किसी भी टैक्स बदलाव को संतुलित तरीके से देखना होगा।

Budget 2027 से पहले बढ़ी चर्चा

सरकार पहले से ही केंद्रीय बजट 2027-28 की तैयारी शुरू कर चुकी है।

अक्टूबर में वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार LTCG टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT पर निवेशकों और विशेषज्ञों के सुझाव सुनने के लिए तैयार है।

SBI Research भी दे चुका है टैक्स हटाने का सुझाव

इससे पहले SBI Research ने भी इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने का सुझाव दिया था।

उसका तर्क था कि इससे लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा मिल सकता है और विदेशी पूंजी आकर्षित करने में मदद हो सकती है। हालांकि यह भी केवल एक सुझाव है और अभी सरकारी नीति नहीं है।

निवेशकों को अभी पुराने नियम ही मानने होंगे

फिलहाल निवेशकों के लिए मौजूदा टैक्स नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इसलिए शेयर, इक्विटी म्यूचुअल फंड और संबंधित निवेश बेचते समय अभी भी वर्तमान LTCG और STCG दरें ही लागू होंगी।

क्या LTCG टैक्स खत्म हो जाएगा?

अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार LTCG टैक्स पूरी तरह खत्म कर देगी।

वित्त मंत्री ने केवल समीक्षा की मांग पर विचार करने की बात कही है। अंतिम फैसला बजट प्रक्रिया, राजस्व प्रभाव, घरेलू निवेशकों के हित और विदेशी पूंजी प्रवाह जैसे कई पहलुओं के आधार पर लिया जाएगा।

शेयर बाजार के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

अगर सरकार LTCG टैक्स में कटौती या राहत देती है तो इससे भारतीय शेयर बाजार में निवेश के बाद मिलने वाला वास्तविक रिटर्न बढ़ सकता है।

इससे विदेशी निवेश को आकर्षित करने और लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। हालांकि सरकार के लिए टैक्स राजस्व और निवेश प्रोत्साहन के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी होगा।

स्रोत – वित्त मंत्रालय, इकोनॉमिक टाइम्स, रॉयटर्स, बिजनेस स्टैंडर्ड, मनीकंट्रोल

जय राष्ट्र न्यूज़

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