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International Masters League

सचिन तेंदुलकर की टीम ने वेस्टइंडीज को 6 विकेट से मात देकर जीती International Masters League

16 मार्च को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (International Masters League) के पहले संस्करण का फाइनल मुकाबला इंडिया मास्टर्स और वेस्टइंडीज मास्टर्स के बीच खेला गया। जिसमें वेस्टइंडीज मास्टर्स  ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज मास्टर्स की टीम ने इंडिया मास्टर्स को 149 रनों का लक्ष्य दिया था। गौर करने वाली बात यह कि उसकी आधी टीम 85 के स्कोर पर ही आउट हो गई थी। ब्रायन लारा मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। उसके बाद विलियम पर्किन्स 6 के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इस बीच लड़खड़ाती पारी को संभालने क्रीज पर आये लेंडल सिमंस ने अकेले अपने दम पर 57 रनों की आतिशी पारी खेल वेस्टइंडीज मास्टर्स को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। बता दें कि ड्वेन स्मिथ ने 35 गेंद पर 45 का स्कोर करके पारी का अंत किया। टीम के लिए स्मिथ और सिमंस के अलावा कोई और बड़ी पारी नहीं खेल पाया। शाहबाज नदीम टीम इंडिया के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने ओवर में 14 रन देकर 2 विकेट झटके।  सचिन तेंदुलकर की टीम ने इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (International Masters League) के रोमांचक मुकाबले में दी वेस्टइंडीज मास्टर्स को मात इस बीच सचिन तेंदुलकर की टीम ने इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (International Masters League) के रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज मास्टर्स की टीम को कड़ी पटखनी देते हुए और ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर (25) और अंबाती रायुडू (74) की 67 रनों की साझेदारी ने लक्ष्य को आसान बना दिया। मजे की बात यह कि इंडिया मास्टर्स ने अपनी बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया, इस दौरान क्योंकि तेंदुलकर और रायुडू ने पुराने स्ट्रोक्स खेले। तेंदुलकर ने जहां शानदार खेल दिखाया और अपने खास कवर ड्राइव तथा फ्लिक से दर्शकों से खचाखच भरे मैदान को हिला दिया। बता दें कि टीम इंडिया ने महज 4 विकेट खोकर इस आसान से लक्ष्य को हासिल किया। बेशक सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के बीच फाइनल मुकाबला हर क्रिकेट प्रेमी के लिए एक सपने जैसा ही है। बता दें कि इंटरनेशनल मास्टर्स लीग टी20 2025 में कुल 5 देशों की टीम ने हिस्सा लिया था। जिसमें इंडिया मास्टर्स ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में पहुंची थी तो वहीं वेस्टइंडीज मास्टर्स ने लीग के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका को हराकर मैच जीता था। दोनों टीमों के बीच फाइनल मुकाबला 16 मार्च को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया। मैच के दौरान फैंस को कांटे की टक्कर देखने को मिली। फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने इस मैच का भरपूर लुत्फ़ उठाया।  इसे भी पढ़ें:- WPL 2025 का फाइनल: दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच महामुकाबला आज बात करें इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (International Masters League) के फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के प्लेइंग 11 की तो  वेस्टइंडीज मास्टर्स: ब्रायन लारा, ड्वेन स्मिथ, विलियम पर्किन्स, दिनेश रामदीन, एश्ले नर्स, टिनो बेस्ट, लेंडल सिमंस, चैडविक वाल्टन, जेरोम टेलर, सुलेमान बेन, रवि रामपॉल इंडिया मास्टर्स: सचिन तेंदुलकर, अंबाती रायडू, यूसुफ पठान, इरफान पठान, पवन नेगी, युवराज सिंह, स्टुअर्ट बिन्नी, गुरकीरत सिंह मान, धवल कुलकर्णी, विनय कुमार, शाहबाज नदीम  Latest News in Hindi Today Hindi news International Masters League

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Venezuela gang members

Venezuela gang members: अवैध प्रवासियों पर सख्त ट्रंप प्रशासन, वेनेजुएला के गिरोह के 200 से अधिक सदस्यों को भेजा अल-सल्वाडोर,

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों पर जरा भी नरमी बरतने के मूड में नहीं हैं। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से ही वो अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों को खदेड़ने में लगे हुए हैं। सख्त रुख जारी है। इसी कड़ी में वेनेजुएला के एक गिरोह (Venezuela gang members) के तकरीबन 200 से अधिक कथित लोगों को ट्रंप प्रशासन ने निर्वासित कर अल साल्वाडोर भेज दिया है। जहां उन्हें उच्च सुरक्षा वाली जेल में ले जाया गया है। अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति ने खुद इस बात की जानकारी दी है। दरअसल, यह ट्रैन डे अरागुआ गिरोह है, जिसका ट्रंप ने शनिवार को जारी की गई अपनी असामान्य घोषणा में जिक्र किया था। हालांकि, अदालत ने अपने फैसले में इनका निर्वासन रोकने का आदेश सुनाया था, लेकिन इससे पहले ही विमान इन्हें लेकर उड़ गया। बता दें कि यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जेम्स ई. बोसबर्ग ने शनिवार को निर्वासन को अस्थायी रूप से रोकने का आदेश जारी किया। लेकिन वकीलों ने उन्हें बताया कि पहले से ही दो विमान अप्रवासियों के साथ हवा में हैं- एक अल साल्वाडोर जा रहा है, दूसरा होंडुरास जा रहा है।”  वेनेजुएला के आपराधिक संगठन, ट्रेन डी अरागुआ के पहले बैच के 238 सदस्य को (Venezuela gang members) भेजा गया अल साल्वाडोर गौर करने वाली बात यह कि बोसबर्ग ने मौखिक रूप से विमानों को वापस करने का आदेश दिया, लेकिन जाहिर तौर पर उन्हें वापस नहीं किया गया और उन्होंने अपने लिखित आदेश में निर्देश शामिल नहीं किया। इस बीच ट्रंप प्रशासन पर अदालती आदेश का उल्लंघन करने का भी आरोप लगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक बयान में इस बारे में अटकलों का जवाब देते हुए कहा कि “क्या प्रशासन अदालती आदेशों का उल्लंघन कर रहा है? कैरोलिन ने कहा कि “प्रशासन ने अदालती आदेश का पालन करने से इनकार नहीं किया। इस आदेश का कोई वैधानिक आधार नहीं था। इन्हें अमेरिकी क्षेत्र से पहले ही हटा दिए जाने के बाद आदेश जारी किया गया था।” इस संबंध में जानकारी देते हुए अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने कहा कि “वेनेजुएला के आपराधिक संगठन, ट्रेन डी अरागुआ के पहले बैच के 238 सदस्य (Venezuela gang members) अल साल्वाडोर आ गए हैं। इन सभी को एक साल के समय के लिए आतंकवाद कारावास केंद्र, सीईसीओटी में ट्रांसफर कर दिया गया है।” नायब बुकेले ने इसपर आगे कहा कि “अमेरिका इसके लिए काफी कम पैसे का भुगतान करेगा, लेकिन हमारे लिए यह काफी ज्यादा है।” उन्होंने आगे बताया कि “सरकार जीरो आइडलनेस कार्यक्रम चला रही है। इसके तहत 40,000 से अधिक कैदियों की मदद से देश की जेलों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। अमेरिका से भेजे गए कैदियों को भी इनके साथ ही प्रोडक्शन में लगाया जाएगा।” यही नहीं, अमेरिका ने अल साल्वाडोर द्वारा वांछित एमएस-13 के 23 सदस्यों को भी भेजा है। बता दें कि इसमें दो सरगना शामिल हैं जो कि आपराधिक संगठन के हाई लेवल का सदस्य है। अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने कहा कि इसकी मदद से खुफिया जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी का हमला: जाफर एक्सप्रेस हाईजैक, 400 से ज्यादा यात्री बंधक 1798 के एलियन एनिमीज एक्ट की घोषणा के बाद अप्रवासियों को (Venezuela gang members) किया गया निर्वासित  बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 1798 के एलियन एनिमीज एक्ट की घोषणा के बाद अप्रवासियों को निर्वासित (Venezuela gang members) किया गया था। इसका उपयोग अमेरिकी इतिहास में सिर्फ तीन ही बार किया गया है। पहला साल 1812 के युद्ध दूसरा, प्रथम और तीसरा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान। दरअसल, इस कानून के तहत राष्ट्रपति को सिर्फ यह घोषणा करनी पड़ती है कि संयुक्त राज्य अमेरिका युद्ध में है। फिर क्या यह घोषणा करते ही उसे विदेशियों को हिरासत में लेने या हटाने के लिए असाधारण शक्तियां मिलती हैं। जिन्हें आव्रजन या आपराधिक कानूनों के तहत सुरक्षा प्राप्त होती। ध्यान देने वाली बात यह कि आखिरी बार इसका इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी-अमेरिकी नागरिकों की हिरासत को सही ठहराने के लिए किया गया था। खैर, चाहे कुछ भी हो, अमेरिका में अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने का काम बड़े स्तर पर जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार इस मुद्दे को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर रखा है कि वह सभी अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकालकर ही दम लेंगे। बेशक ट्रंप के इस कदम चर्चा की पूरी दुनिया में हो रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Venezuela gang members #TrumpImmigrationPolicy #VenezuelaGangs #IllegalMigration #USBorderSecurity #ElSalvadorDeportation #MigrantCrisis #USImmigration #CrimeControl #BidenVsTrump #GangDeportation

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Sanjay Raut on Maharashtra Govt

महाराष्ट्र सरकार का शासन औरंगजेब से भी बदतर: संजय राउत 

महाराष्ट्र में मुगल शासक औरंगजेब (Aurangzeb) पर शुरू हुआ विवाद और राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बहस में अब शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) भी कूद पड़े हैं। राउत ने कहा है कि भाजपा की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार औरंगजेब से भी बदतर है। इस नकारी सरकार के कारण ही महाराष्ट्र के किसान मर रहे हैं, बेरोजगार और महिलाएं आत्महत्या करने को मजबूर हैं।  बता दें कि औरंगजेब (Aurangzeb) को लेकर पिछले कई दिनों से सियासी संग्राम चल रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सपा विधायक अबु आजमी ने औरंगजेब को क्रूर शासक मानने से इनकार करते हुए कहा कि औरंगजेब के समय में भारत सोने की चिड़िया थी। औरंगजेब के समय में मंदिर नहीं तोड़ गए थे और संभाजी महाराज की हत्या राजनीतिक कारण से हुई थी। आजमी के इस बयान का सभी पार्टियों ने विरोध किया और खूब सियासी बयानबाजी हुई। बात औरंगजेब की कब्र खोदने तक पहुंच गई। अब इस विवाद में संजय राउत (Sanjay Raut) भी कूद गए हैं।  जनता त्रस्त है, लेकिन ये अत्याचार करने में जुटे- संजय  संजय राउत (Sanjay Raut) ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘औरंगजेब को जमीन के नीचे दफन हुए 400 साल हो चुका है, उसे भूल जाइए। क्या महाराष्ट्र के किसान औरंगजेब (Aurangzeb) के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। वे भाजपा की अगुवाई वाली सरकार की वजह से ऐसा कर रहे हैं।’ संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से मुगल शासक औरंगजेब ने अत्याचार किए थे, उसी तरह ये सरकार भी जनता पर अत्याचार कर रही है। इनकी वजह से किसान, बेरोजगार और महिलाएं आत्महत्या कर रही। जनता त्रस्त है, लेकिन ये अत्याचार करने में जुटे हैं।   इसे भी पढ़ें:-गिरिडीह में होली जुलूस पर पत्थरबाजी, हिंसक झड़प और आगजनी संजय राउत ने यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के उस टिप्पणी पर दी। जिसमें फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा था कि हर देशवासी महसूस कर रहा है कि छत्रपति संभाजी नगर में मौजूद औरंगजेब की कब्र को हटा देना चाहिए। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता औरंगजेब का कब्र हटाने की नहीं सोच रही, वह इस अत्याचारी सरकार को हटाने की सोच रही है। यह सरकार राज्य को लूटने में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sanjay Raut #SanjayRaut #MaharashtraPolitics #ShivSena #UddhavThackeray #EknathShinde #BJPShivSena #Aurangzeb #MVA #MaharashtraNews #PoliticalControversy

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Tamil Nadu budget controversy

Stalin Removes ₹ Symbol from Budget: सीएम स्टालिन ने हिंदी विरोध की हदें की पार, बजट से हटाया ₹ का सिंबल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने हिंदी विरोध की सारी हदें पार कर दी हैं। हिंदी को लेकर उनके में इस कदर घृणा है कि उन्होंने तमिलनाडु बजट 2025-26 के लिए रुपये के सिंबल को ही हटा दिया।  दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु बजट 2025-26 के लिए अपने पहले के लोगो में रुपये के प्रतीक को बदलकर (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) तमिल भाषा का प्रतीक शामिल किया है। बता दें कि स्टालिन लगातार राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं और इसी कड़ी में उन्होंने रुपये सिंबल भी बदल दिया। लोगो में तमिल शब्द ‘रुबय’ का प्रथम अक्षर अंकित किया गया है। तमिल भाषा में भारतीय मुद्रा को ‘रुबय’ बोला जाता है। लोगो में यह भी लिखा है कि सबकुछ सबके लिए, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ द्रमुक शासन के समावेशी मॉडल के दावे का संकेत मिलता है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने वाले हैं। इस बीच स्टालिन ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विनाशकारी नागपुर योजना करार दिया और दोहराया कि राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा भले ही केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये ही क्यों न प्रदान करे।  तमिलनाडु में हिंदी के विरोध को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच लिया (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) यह फैसला गौर करने वाली बात यह कि तमिलनाडु सरकार का ये (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) फैसला ऐसे समय आया है, जब पहले से ही तमिलनाडु में हिंदी के विरोध को लेकर सियासी जंग छिड़ी हुई है। दरअसल, हाल ही में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने जबरन हिंदी थोपने का आरोप लगाया था। एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि “अखंड हिंदी पहचान की कोशिश के कारण प्राचीन भाषाएं खत्म हो रही हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश कभी भी हिंदी के इलाके नहीं रहे। लेकिन अब उनकी असली भाषा भूतपूर्व की प्रतीक चिन्ह बनकर रह गई हैं।” इस बीच राज्य सरकार के इस कदम की प्रदेश भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने आलोचना करते हुए कहा कि “द्रमुक सरकार का वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट एक तमिल द्वारा डिजाइन किये गए रुपये के उस प्रतीक चिह्न को प्रतिस्थापित करता है, जिसे पूरे भारत द्वारा अपनाया गया और हमारी मुद्रा में शामिल किया गया है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “तिरु उदय कुमार, जिन्होंने रुपये का प्रतीक चिह्ल डिजाइन किया था, द्रमुक के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं। उन्होंने तमिलनाडु के वित्त वर्ष 2024-25 के बजट का लोगो भी साझा किया, जिसमें भारतीय रुपये का प्रतीक चिह्न अंकित है।” बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विनाशकारी नागपुर योजना करार देते हुए कहा कि “राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा भले ही केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये प्रदान करे।”  इसे भी पढ़ें:- होली पर योगी बाबा की पुलिस फुल अलर्ट पर, ड्रोन, सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों से पैनी नजर, गड़बड़ी करना पड़ेगा भारी  हिंदी भाषा (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) ने न जाने कितनी दूसरी भाषाओं को लील लिया है बता दें कि स्टालिन ने चेन्नई के नजदीक चेंगलपेट में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि “कल आपने टेलीविजन पर संसदीय कार्यवाही देखी होगी। वह अहंकार से कह रहे हैं कि तमिलनाडु को 2,000 करोड़ रुपये तभी दिए जाएंगे, जब हिंदी और संस्कृत को स्वीकार किया जाएगा। कौन? वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान थे।” उन्होंने कहा कि राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहा है क्योंकि यह तमिलनाडु में शिक्षा के विकास को पूरी तरह से नष्ट कर देगा।” इस दौरान स्टालिन ने दूसरे राज्यों के लोगों से अपील करते हुए कहा कि “दूसरे राज्य में रहने वाले मेरे भाइयों और बहनों, क्या आपने कभी इस बारे में विचार किया है कि हिंदी भाषा (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) ने न जाने कितनी दूसरी भाषाओं को लील लिया है। मैथिली, अवधी, भोजपुरी, ब्रज, कुमाऊंनी, गढ़वाली और बुंदेली जैसी कई सारी भाषाएं हैं जो अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Stalin Removes ₹ Symbol from Budget #Stalin #HindiOpposition #TamilNaduPolitics #IndianPolitics #BudgetRow #RupeeSymbol #LanguageDebate #DMK #PoliticalNews #IndiaNews

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Dry Day liquor rush

Dry Day liquor rush: ड्राई डे से पहले ही लगी ठेकों पर शराबियों की लंबी कतारें, आपदा में अवसर, दोगुने हुए शराब के दाम

होली का त्योहार यानी रंगों का, मस्ती का और हुड़दंग का त्यौहार। देश भर में होली का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन क्या बूढ़े क्या जवां सब मस्ती के रंग में मस्त रहते हैं। अमूमन होली के समय लोग शराब के नशे में धुत दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में झगड़े फसाद भी होते रहते हैं।इस दौरान विशेषतौर पर होली के मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यों में पुलिस और प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किए जाते हैं। इसी वजह से हर साल कई राज्यों की सरकारें होली के दिन ड्राई-डे घोषित करती है। बता दें कि होली के दिन यानी 14 मार्च को देश के कई राज्यों में ड्राई-डे घोषित (Dry Day liquor rush) किया गया है। जिनमें दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में शामिल है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी होली के दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी। किसी भी तरह के हुड़दंग और कानूनी अव्यवस्था को टालने के लिए ही इन राज्यों की सरकारों ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। दरअसल, यह व्यवस्था राज्यों में सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है। बता दें कि बिहार और गुजरात में पहले से ही पूर्ण शराबबंदी लागू है। ड्राई-डे के चलते शराब दुकारों और ठेकों पर लगी हैं (Dry Day liquor rush) लंबी कतारें बता दें कि इस बीच 14 ड्राई डे घोषित किए गए राज्यों में आज सुबह से शराब दुकारों और ठेकों पर लंबी कतारें (Dry Day liquor rush) लगी हैं। गौर करने वाली बात यह कि गुजरात और बिहार में पूर्णत: शराबबंदी है। ऐसे में यहां के लोग होली या किसी भी त्योहार के दिन ड्राई डे घोषित होने पर पड़ोसी राज्यों से शराब की व्यवस्था करने में जुट जाते है। कल ड्राई डे घोषित होने की वजह से यहां के शराबी पड़ोसी राज्य से शराब का जुगाड़ कर रहे है। मजे की बात यह कि आपदा में अवसर मान बढ़ती मांग को देखते हुए कई जगहों पर शराब के दाम भी बढ़ गए हैं। कारण यही जो कई जगहों पर शराब के दाम बढ़ा दिए गए हैं। यहाँ तक कि कई जगहों पर शराब दोगुने दामों बिक रही है। इसे भी पढ़ें:- होली पर योगी बाबा की पुलिस फुल अलर्ट पर, ड्रोन, सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों से पैनी नजर, गड़बड़ी करना पड़ेगा भारी शराबियों ने पहले से ही इंतजाम करना (Dry Day liquor rush) शुरू कर दिया है होली के दिन दिल्ली-एनसीआर में भी शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी किया है। दिल्ली के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती का आदेश भी दिया गया है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी होली के दिन ड्राई डे रहेगा। हालांकि महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में 14 फरवरी को ड्राइ डे रहेगा। लेकिन जानकारी के मुताबिक शाम के बाद शराब परोसी जा सकेगी। खैर, कुछ भी हो, होली के रंग का मजा किरकिरा न हो इसलिए शराबियों ने पहले से ही इंतजाम करना (Dry Day liquor rush) शुरू कर दिया है। चाहे कुछ भी हो, चाहे पूर्णता: शराब बंदी हो या फिर ड्राई-डे ही क्यों न हो, शराबी चाहे किसी भी राज्य या देश का ही क्यों न हो वो अपने पीने का इंतजाम कर ही लेता है। प्रशासन लाख चाहे कोशिश कर ले, शराबियों पर अंकुश नहीं लगा सकती है। वो किसी न किसी तरह जतन कर ही लेते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि जहाँ शराब बंदी होती है वहीं सबसे अधिक शराब पी भी जाती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Dry Day liquor rush #DryDayRush #LiquorBan #AlcoholShortage #LiquorPriceHike #DryDayIndia #LiquorQueue #AlcoholLovers #LiquorStock #WeekendDrinks #HighDemand

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British Woman Assaulted in Delhi Hotel

British woman assault Delhi: ब्रिटेन से दिल्ली बुलाकर होटल में ब्रिटिश महिला के साथ की दरिंदगी, दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई है। निर्भया काण्ड के बाद बने माहौल के बाद लगा था कि दिल्ली में महिलाओं के साथ होने वाली दरिंदगी लगेगी लेकिन हादसों में कोई कमी नहीं हुई है। ताजा मामला है एक ब्रिटिश महिला का, जहाँ महिला के साथ होटल में दरिंदगी हुई है। कथित रेप की ये घटना एक ब्रिटिश युवती के साथ हुई है। कथित रेप की ये घटना एक ब्रिटिश युवती (British woman assault Delhi) के साथ हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ब्रिटिश युवती ने आरोप लगाया है कि “वह सोशल मीडिया पर बने एक दोस्त से मिलने भारत आई थी। इस दौरान युवक ने होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया।” इस दौरान ब्रिटिश युवती ने एक अन्य युवक पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया। फ़िलहाल पुलिस ने इस घटना से जुड़े दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। खैर, इस घटना की जानकारी ब्रिटिश के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। कमरे में पहुंचने के बाद युवक की नीयत पलट गई (British woman assault Delhi) बता दें कि सोशल मीडिया के जरिए आरोपी से दोस्ती करने वाली महिला उससे मिलने के लिए ब्रिटेन से दिल्ली आई थी। दरअसल, पीड़ित महिला ने दिल्ली पुलिस को बताया कि युवक से उसकी सोशल मीडिया के जरिये बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे रोज-रोज बातचीत होने लगी। इस बातचीत के दौरान युवती ने आरोपी मिलने और भारत घूमने की इच्छा जाहिर की। फिर क्या था, इसके बाद युवती उससे मिलने के लिए भारत आ गई। जानकारी के मुताबिक युवती ने ही दिल्ली के महिपालपुर में होटल में रूम भी बुक करवाया था। इस बीच मंगलवार को युवक और युवती दोनों होटल पहुंचे। कमरे में पहुंचने के बाद युवक की नीयत पलट गई और वो उसके साथ अश्लील हरकत करने लगा। इस दरम्यान थोड़ी देर में ही युवती को लगा कि युवक उसके साथ गलत करने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान दोनों में झगड़ा भी हुआ। इसके बाद गुस्साए आरोपी युवक ने युवती के साथ दुष्कर्म (British woman assault Delhi) किया। इसे भी पढ़ें:- बिहार के अररिया में गांजा तस्कर को पकड़ने गए दारोगा की इस वजह से हुई मौत  लिफ्ट से रूम तक ले जा रहे दूसरे युवक ने भी की छेड़छाड़ (British woman assault Delhi) हालांकि दिल्ली में ब्रिटिश युवती ने रेप के साथ-साथ एक अन्य युवक पर छेड़छाड़ की भी आरोप लगाया है। बता दें कि युवती ने पुलिस को दी गई जानकारी में बताया है कि “घटना के दौरान युवती ने चिल्लाया और होटल के रिसेप्शन तक पहुंच गई। तभी एक और युवक उसे लिफ्ट से रूम तक ले जा रहा था तो उसने भी छेड़छाड़ (British woman assault Delhi) की। इस बीच दिल्ली में ब्रिटिश युवती से रेप के मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने रेप और छेड़छाड़ मामले में दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने भारत में ब्रिटिश हाई कमीशन को भी इस घटना के बारे में जानकारी दे दी है। Latest News in Hindi Today Hindi News British woman assault Delhi #BritishWomanAssault #DelhiCrime #UKCitizenAttacked #DelhiPolice #HotelAssault #CrimeAgainstWomen #JusticeForVictim #IndiaCrime #SafetyConcerns #NewsUpdate

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Araria Police Officer Dies: बिहार के अररिया में गांजा तस्कर को पकड़ने गए दारोगा की इस वजह से हुई मौत

बिहार अपने जंगल राज के लिए मशहूर रहा है। वहां आए दिन दिल को दहला देने वाली घटनाएं होती रहती हैं। बिहार में बदमाशों और अपराधियों के मन में कानून का जरा भी भय नहीं है। आम जनता छोड़िये बिहार की पुलिस खुद इनसे सुरक्षित नहीं है। ताजा मामला है, बिहार के अररिया जिले का, जहाँ एक बदमाश को पकड़ने गए दारोगा (Araria Police Officer Dies) की मौत हो गयी। जानकारी के मुताबिक छापेमारी करने गए फुलकाहा थाना में तैनात एएसआई राजीव रंजन मल की मौत हो गयी। दरअसल, कुख्यात गांजा तस्कर को पकड़ने गयी पुलिस के साथ समर्थकों की धक्का-मुक्की होने लगी। इस धक्का-मुक्की में एएसआइ नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गयी। इस तरह एक पुलिस पदाधिकारी की संदिग्ध हालत में हुई मौत से पूरे जिले में सनसनी फैली गई है। एएसआई मुंगेर निवासी राजीव रंजन मल की ज्वाइनिंग साल 2007 में हुई थी। बता दें कि राजीव रंजन मल फुलकाहा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर में छापामारी करने देर रात को गये थे। एएसआई का शव सदर अस्पताल अररिया में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है। इस बीच बेटी का सिंदूरदान होने के बाद मुखिया पति सुभाष यादव समेत आधा दर्जन लोगों को पुलिस ने देर रात ही हिरासत में ले लिया।  धक्का-मुक्की में गई एएसआइ राजीव मल की (Araria Police Officer Dies) जान प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोसदाहा पंचायत के लक्ष्मीपुर गांव में मुखिया कंचन देवी की बेटी की शादी हो रही थी। शादी समारोह में गांजा और शराब तस्करों का भी जमावड़ा लगा हुआ था। तभी पुलिस को कुख्यात गांजा तस्कर अनमोल यादव के शादी में शामिल होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फुलकाहा थानेदार रौनक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम छापेमारी के लिए पहुंची थी। इस बीच पुलिस ने गांजा तस्कर अनमोल यादव को दबोच लिया। पुलिस ने अभी दबोचा ही था कि शादी समारोह में शामिल अनमोल यादव के समर्थकों ने पुलिस पर हमला बोल दिया और धक्का-मुक्की कर जबरन अनमोल को छुड़ा लिया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में एएसआइ राजीव मल गिर गए और उनकी हालत बिगड़ गयी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत (Araria Police Officer Dies) घोषित कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- धर्म विशेष के चार युवकों ने 14 साल की लड़की से 2 महीने तक की हैवानियत, जबरन खिलाया बीफ, डाला तेजाब एनडीपीएस सहित आर्म्स मामलों में आरोपी रहा है अनमोल यादव  इस बीच हैरान करने वाली बात यह कि सदर अस्पताल में फुलकाहा पुलिस व अररिया नगर थाना अध्यक्ष के अलावा कोई वरिष्ठ पदाधिकारी नहीं दिखे। खैर, सूचना मिलते ही कुछ देर बाद एसपी अंजनी कुमार भी सदर अस्पताल पहुंचे। इस पूरे मामले पर एसपी अंजनी कुमार ने कहा कि “नरपतगंज निवासी एक अपराधी अनमोल यादव के आने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। अपराधी को पुलिस ने पकड़ भी लिया था। लेकिन इस दौरान अपराधी के सहयोगी ग्रामीणों ने उसे पुलिस के कब्जे से छुड़वा लिया। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। जिसमें एएसआइ राजीव मल अचेत होकर गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मृत्यु (Araria Police Officer Dies) हो गयी। फिलहाल एसपी ने पीटकर हत्या किए जाने की बात को खारिज किया। बता दें कि अनमोल यादव नरपतगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव का रहने वाला है। इससे पहले भी वह एनडीपीएस सहित आर्म्स मामलों में आरोपी रहा है। गांजा तस्करी के दौरान वो पहले भी पुलिस पर हमला कर चुका है। यही नहीं भारत नेपाल के बीच गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के साथ ही आर्म्स सप्लायर और लूट,राहजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देने का वो आरोपी रहा है। बहरहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। Latest News in Hindi Today Hindi News Araria Police Officer Dies #ArariaPolice #BiharNews #PoliceOfficerDeath #GanjaSmuggling #CrimeNews #BreakingNews #BiharCrime #IndianPolice #LawAndOrder #PoliceSacrifice

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Pakistan Army lies

BLA Claim: सभी आतंकी मारे गए, BLA का दावा 150 लोग अभी भी कब्जे में, क्या झूठ बोल रही है पाकिस्तानी सेना?

मंगलवार को पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुई ट्रेन हाईजैक की घटना को लेकर सस्पेंस है कि बढ़ता ही जा रहा है। बीतते समय के साथ-साथ स्थिति अधिक पेचीदा होती जा रही है। सस्पेंस इसलिए भी क्योंकि बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) (BLA Claim) और पाकिस्तानी सेना के दावों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। दरअसल, एक तरफ पाकिस्तानी सेना का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और सुरक्षाबलों ने सभी आतंकियों को मार गिराया गया है। न सिर्फ आतंकियों को मार गिराया बल्कि सभी बंधकों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है। तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना के उलट बीएलए का दावा है कि “इस हमले में 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और अभी भी उनके कब्जे में अब भी 150 से अभी अधिक बंधक मौजूद हैं।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या पाकिस्तान की सेना झूठ बोल रही है? क्या पाकिस्तानी सेना अपनी अवाम को बरगलाने के लिए अपनी शेखी बघार रही है? और यदि मान भी ले कि पाकिस्तान का ये दावा सही है, तो फिर इस हकीकत को वो साबित क्यों नहीं कर पा रहा है। ट्रेन कब्जे में हैं तो फिर उसके वीडियो कहां हैं। और बड़ी बात यह कि मारे गए बलूच लड़ाकों के शव कहां हैं? बता दें कि 11 मार्च को दोपहर 1 बजे, आतंकियों ने बलूचिस्तान के बोलन जिले के दादर इलाके में जाफर एक्सप्रेस की पटरी को विस्फोट से उड़ा दिया और ट्रेन में सवार यात्रियों को बंधक बना लिया था। जानकारी के मुताबिक ट्रेन में कुल 440 यात्री मौजूद थे। डीजी आईएसपीआर के मुताबिक, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन शुरू करने से पहले ही आतंकियों ने 21 निर्दोष यात्रियों की निर्ममता से हत्या कर दी थी।  अब तक 100 पाकिस्तानी कर्मचारियों को मार गिराया है (BLA Claim) डीजी आईएसपीआर की माने तो, सुरक्षा बलों ने पूरी सावधानी और पेशेवर रणनीति के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। सुरक्षाबलों ने 33 आतंकवादियों को ढेर कर दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। डीजी आईएसपीआर के मुताबिक इस भयावह और कायराना हमले में शामिल सभी आतंकवादियों को मौके पर ही मार गिराया गया। तो वहीं, बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने एक बयान में कहा कि “उन्होंने सिर्फ सेना और आईएसआई के अधिकारियों को बंधक बनाया है। जबकि बाकी लोगों को रिहा कर दिया गया है। बता दें कि 12 मार्च को बीएलए ने दावा (BLA Claim) किया था कि “उन्होंने अब तक 100 पाकिस्तानी कर्मचारियों को मार गिराया है। उनके अनुसार, बुधवार को महज एक घंटे के भीतर 50 बंधकों को मौत के घाट उतारा दिया था। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि “11 मार्च की रात पाकिस्तान के ड्रोन हमले के जवाब में 10 बंधकों को मार दिया गया था।”  बीएलए का दावा (BLA Claim) है कि उनके कब्जे में अब भी 150 बंधक मौजूद हैं हालांकि बीएलए का दावा (BLA Claim) है कि उनके कब्जे में अब भी 150 बंधक मौजूद हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने बंधकों को 3-4 समूहों में विभाजित कर उनके पास आत्मघाती हमलावरों को तैनात कर दिया था। ये सभी आतंकी अफगानिस्तान में अपने हैंडलर्स से लगातार संपर्क में थे और निर्देश प्राप्त कर रहे थे। इस पूरे मामले पर पाकिस्तान के मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा है कि “सेना और एयरफोर्स ने ऑपरेशन पूरा कर लिया है। सुसाइड बॉम्बर्स को मार गिराया गया है।” पाक सेना के दावे के मुताबिक, हाइजैक के दौरान 21 यात्री और 4 सैनिक मारे गए हैं। बीएलए के सभी 33 लड़ाकों को मार गिराया गया है।”  तो वहीं, एक चश्मदीद ने 70-80 शव देखने का दावा किया है। बलोच लिबरेशन आर्मी के मुताबिक, ट्रेन में कुल 426 यात्री थे। जिसमें पाकिस्तान के 214 सैनिक थे। ट्रेन में मौजूद 212 नागरिकों को छोड़ दिया गया था। 60 सैनिक मारे जा चुके हैं। इसके अलावा पाकिस्तान आर्मी के हमले में बलूच आर्मी के 3 कमांडर भी मारे गए हैं।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी का हमला: जाफर एक्सप्रेस हाईजैक, 400 से ज्यादा यात्री बंधक मांगे नहीं मानी गई तो सभी 150 बंधक सैनिकों को मार देंगे (BLA Claim)  इस बीच बलूच आर्मी की डेडलाइन आज दोपहर 1 बजे खत्म हो रही। दरअसल, उसने बलूच कैदियों को नहीं छोड़ने पर ट्रेन में मौजूद सभी बंधकों को मारने की धमकी दी है। बीएलए ने (BLA Claim) अपने 48 घंटे के अल्टीमेटम में कहा कि “अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो सभी 150 बंधक सैनिकों को मार देंगे।” बता दें कि बीएलए ने पाकिस्तान की जेलों में बंद 241 बलोचों की रिहाई की मांग की है। खैर, अपने अल्टीमेटम पर बोलते हुए बीएलए ने कहा है कि “पाकिस्तान को अपने सैनिकों की फिक्र नहीं है। पाक की तरफ से बातचीत की कोई कोशिश नहीं हुई है। हम जो कहते हैं वो करने का माद्दा रखते हैं। डेडलाइन खत्म होने के हर घंटे में हम 5 बंधक मारेंगे। एक बार हमने फैसला कर लिया तो वो नहीं बदलेगा। पाकिस्तान के पास भूल सुधारने का आखिरी मौका है। वो प्रोपेगेंडा और फेक नैरेटिव चलाना बंद करे।” बलूचों का दावा है कि उसने आम रेल पैंसेजर्स को बगैर नुकसान पहुंचाए रिहा किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news BLA Claim #BLAClaim #PakistanArmy #BalochistanAttack #TerroristAttack #PakistanCrisis #BLAHostage #PakistanNews #MilitaryConflict #BalochistanCrisis #PakFakeClaims

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Test Cricket Championship

World Test Championship 2025 का फाइनल इन दो टीमों के बीच इंग्लैंड के इस ग्राउंड में खेला जाएगा

9 मार्च को दुबई के इंटरनेशनल ग्राउंड में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 (World Test Championship 2025) के मुकाबले में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से करारी शिकस्त देते हुए ख़िताब अपने नाम किया था। महत्वपूर्ण बात यह कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में टीम इंडिया अजेय रही, यानि कि भारतीय धुरंधर एक भी मैच नहीं हारे। रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम इंडिया के सामने कोई भी टीम टिक नहीं पाई। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद अब टीम इंडिया के खिलाड़ी अगले दो महीनों तक दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आईपीएल में व्यस्त रहेंगे। आईपीएल से फ्री होने के बाद फिर जून में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल का आयोजन होगा।  दरअसल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल मुकाबला 11 जून को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। यह पहली बार है जब डब्ल्यूटीसी फाइनल मैच की मेजबानी लॉड्स के पास है। इसमें क्रिकेट दुनिया की दो बड़ी टीमें खेलते हुए नजर आएंगी। गौर करने वाली बात यह कि यह पहली बार हुआ है जब साउथ अफ्रीका की टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम पिछली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप  का फाइनल जीत चुकी है। बड़ी बात यह कि ऑस्ट्रेलियाई टीम लगातार दूसरी बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलेगी। बता दें कि वर्तमान में साउथ अफ्रीका के मौजूदा टेस्ट कप्तान टेम्बा बावुमा हैं तो वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान पैट कमिंस के हाथों में है।   प्वाइंट्स टेबल के टॉप-2 में रहने वाली टीमों के बीच होता है फाइनल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 की प्वाइंट्स टेबल में साउथ अफ्रीका की टीम पहले नंबर पर थी। उसने कुल 12 मैच खेले, जिसमें से 8 में जीत हासिल की और सिर्फ 3 मैच हारे। इस तरह 69.44 पीसीटी के साथ उसने फाइनल में जगह बनाई। बात करें ऑस्ट्रेलिया की तो प्वाइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरे नंबर पर थी। उसने 19 मुकाबले खेले, जिसमें से 13 में जीत हासिल की और  सिर्फ चार में हार का मुंह देखना पड़ा। 67.54 पीसीटी के साथ उसने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। दरअसल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (World Test Championship 2025) उन दो टीमों के बीच होता है, जो प्वाइंट्स टेबल के टॉप-2 में होती हैं।  इसे भी पढ़ें:- भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 पर जमाया कब्जा, न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास दोनों ही बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (World Test Championship 2025) के फाइनल में टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा  बता दें कि अब तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (World Test Championship 2025) के दो चक्र साइकल हो चुके हैं। तीसरे चक्र का फाइनल मुकाबला 11 जून को लॉर्ड्स के मैदान पर साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। इससे पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के दो फाइनल हुए हैं। जिसमें एक बार न्यूजीलैंड ने और एक बार ऑस्ट्रेलियाई टीम ने खिताब जीता है। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि दोनों ही बार फाइनल में भारतीय टीम को हार का मुंह देखना पड़ा था।  Latest News in Hindi Today Hindi news World Test Championship 2025 #WTC2025Final #LordsCricketGround #TestCricket #CricketFinals #CricketAtLords #WTC #Cricket #WTC2025 #CricketLovers #CricketWorld

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Brother-Sister Marriage Ends in Suicide

Brother sister marriage: भाई-बहन ने पहले घर से भागकर की कोर्ट मैरिज, फिर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बताई वजह

प्रेम बेशक न जात-पात को मानता है न किसी रिश्ते को। प्रेम की नजर में ऊँच-नीच, अमीर-गरीब का कोई विशेष महत्व नहीं होता। प्रेम किसी भी रिश्ते में हो सकता है। यह तो ठीक, लेकिन कुछ रिश्तों में प्रेम नहीं किया जा सकता। न सिर्फ समाज बल्कि नात-रिश्तेदार ऐसे प्रेम को अपवित्र ही मानते हैं। इसी तरह के एक प्रेम ने ख़ुदकुशी की है। दरअसल, गाजियाबाद स्थित कविनगर थाना क्षेत्र के महेंद्रा एंक्लेव में एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक बीते 17 फरवरी को सगे चचेरे भाई-बहन ने कोर्ट मैरिज (Brother sister marriage) की थी। दोनों का फंदे से लटका शव मिला है। संदिग्ध परिस्थितियों में पति-पत्नी की मौत की खबर से हड़कंप मच गया। संभवतः घरवालों के डर से दोनों ने जिंदगी के बदले मौत को चुना। खैर, मौके से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें दोनों ने लड़की के परिजनों से खुद की जान को खतरा बताया है। बता दें कि फर्रुखाबाद के गांव अल्लापुर निवासी पीयूष सिंह और निशा महेंद्रा एनव के एफ-ब्लॉक में सोहनवीर सिंह के मकान में किराए पर रह रहे थे। पीयू, मजदूरी करके अपनी आजीविका चलाता था। कहने की जरूरत नहीं, इस शादी से लड़की परिवार वाले खुश नहीं थे। भाई-बहन होने के बावजूद दोनों एक दूसरे को दिल दे (Brother sister marriage) बैठे और कर ली शादी   प्राप्त जानकारी के मुताबिक तकरीबन 15 दिन पहले दोनों ने कविनगर के महेंद्रा एंक्लेव में किराए पर घर लिया था और पति पत्नी की तरह रह रहे थे। दोनों के शव बंद कमरे में फंदे से लटके मिले हैं। वैसे रिश्ते में तो दोनों चचेरे भाई-बहन थे। चचेरे भाई-बहन होने के बावजूद दोनों एक दूसरे को दिल दे (Brother sister marriage) बैठे। दोनों का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि जामने की बिना परवाह किये दोनों ने शादी के बंधन में बंधने का फैसला कर लिया। जाहिर सी बात है घरवाले शादी के लिए किसी भी शर्त पर राजी होने थे नहीं। सो, दोनों ने घर से भागकर कोर्ट मैरेज कर ली। फर्रुखाबाद के रहने वाले पियूष और निशा ने 17 फरवरी को ही शादी की थी। खैर, शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में लिखा है कि “परिवार वाले हमे नहीं मिलने देंगे, साथ नहीं रहने देंगे। हम दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह पाएंगे। साथ जी नहीं सकते, मर तो सकते हैं।” यह सुसाइड नोट छोड़कर सदा के लिए दुनिया से रुखसत कर लिया। खैर, मकान मालिक की सूचना पर पुलिस पहुंची। इस बीच जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो देखा कि दोनों के शव छत में कुंदे से लटके थे। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। फिलहाल पुलिस ने दोनों के शव का पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसे भी पढ़ें:- धर्म विशेष के चार युवकों ने 14 साल की लड़की से 2 महीने तक की हैवानियत, जबरन खिलाया बीफ, डाला तेजाब पीयूष सिंह और निशा आपस में चचेरे भाई-बहन (Brother sister marriage) थे:- एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह  इस पूरे मामले में एसीपी कविनगर स्वतंत्र कुमार सिंह ने अंदेशा जताते हुए कहा कि “नवविवाहित जोड़े ने संभवतः सोमवार देर रात फांसी लगाई थी। मंगलवार दोपहर बाद तक कमरे का दरवाजा न खुलने पर पड़ोसी किराएदारों ने खिडकी से झांक कर देखा तो दोनों के शव फंदे पर लटके मिले।” एसीपी ने आगे बताया कि “पीयूष सिंह और निशा आपस में चचेरे भाई-बहन (Brother sister marriage) थे दोनों 16 फरवरी को घर से लापता हुए थे। मौके से मिले सुसाइड नोट से पता चला है कि पीयूष और निशा ने 17 फरवरी को गाजियाबाद कोर्ट में शादी की थी। इस शादी से निशा के परिवार खुश नहीं थे। वह उन्हें और पीयूष के परिजनों को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। अंदेशा है कि लोकलाज और निशा के परिजनों के दबाव में ही दोनों ने आत्महत्या कर ली। अब दोनों के परिजनों के पहुंचने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।” Latest News in Hindi Today Hindi News  Brother sister marriage #BrotherSisterMarriage #CourtMarriageTragedy #SuicideCase #FamilyPressure #LoveVsSociety #ShockingNews #SuicideNote #TragicLoveStory #SocialStigma #BreakingNews

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