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Voter List Scam: कांग्रेस ने लगाया बीजेपी पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप

एक के एक बाद लगातार कई राज्यों में चुनाव जीतने वाली बीजेपी पर कांग्रेस लंबे अरसे से एवीएम से छेड़छाड़ (Voter List Scam) जैसे कई गंभीर आरोप लगाती आ रही है।  पहले एवीएम और अब मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप मढ़ा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि भगवा पार्टी चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर पहले मतदाता सूची में हेरफेर करती है और फिर चुनाव जीतती है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस का कहना है कि वह इसका समाधान कानूनी, राजनीतिक एवं अन्य तरीकों से निकालने की कोशिश करेगी।  जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के एक समूह ने एक ही पहचान संख्या वाले कई मतदाताओं पर निर्वाचन आयोग (ईसी) की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि “पार्टी इस मुद्दे को ऐसे ही जाने नहीं देगी क्योंकि इससे देश के चुनावी लोकतंत्र को गंभीर खतरा है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के नेताओं और विशेषज्ञों के अधिकार प्राप्त कार्य समूह (ईगल) ने एक बयान में कहा कि “यह चुनावी लोकतंत्र के रूप में भारत के विचार के लिए एक गंभीर खतरा है। यह राजनीतिक दलों और राजनीति से परे है। बाबासाहेब आंबेडकर ने चुनावों में विधायिका के हस्तक्षेप का विरोध करने के लिए एक स्वतंत्र चुनाव आयोग की स्थापना के लिए लड़ाई लड़ी थी। कांग्रेस इस मुद्दे को मिटने नहीं देगी और वह कानूनी, राजनीतिक, विधायी तथा किसी भी अन्य माध्यम से समाधान की तलाश में सक्रिय रूप से काम कर रही है।” बता दें कि इस समूह में अभिषेक सिंघवी, पवन खेड़ा, अजय माकन, दिग्विजय सिंह, नितिन राउत, गुरदीप सिंह सप्पल और वामशी चंद रेड्डी शामिल हैं। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं (Voter List Scam) के लिए किया जा रहा है कोंग्रेसी समूह ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में हेरफेर (Voter List Scam) में सहभागी है। और यह दावा भी किया कि इस मुद्दे पर कुछ चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आए हैं। पूरे मामले पर समूह ने कहा कि “एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं के लिए किया जा रहा है, चाहे वे एक ही राज्य के एक ही निर्वाचन क्षेत्र के हों या दूसरे राज्यों के। यह पूरी तरह से चौंकाने वाला है। प्रत्येक भारतीय मतदाता के लिए एक अद्वितीय मतदाता पहचान पत्र एक स्वच्छ मतदाता सूची की मूलभूत आवश्यकता और आधार है। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या वाले कई मतदाता एक ही पंजीकरण संख्या वाले कई वाहनों की तरह विचित्र हैं। किसी भी चुनावी लोकतंत्र में ऐसा सुनने में नहीं आता है।” गौरतलब हो कि दिसंबर में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूचियों में भारी अनियमितताओं और असामान्य स्थितियों की ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि यह तार्किक और सांख्यिकीय दोनों तरह से बेतुका है कि निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच पांच महीनों में (40 लाख) ज्यादा नए मतदाता पंजीकृत किए, जबकि 2019 और 2024 के बीच पूरे पांच साल की अवधि में (32 लाख) इतने मतदाता पंजीकृत नहीं किए गए।”   इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में उठाया था चुनावों में धांधली (Voter List Scam) का मुद्दा  बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में यह मुद्दा (Voter List Scam) उठाया था। हालांकि इस मामले पर महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन के घटक दलों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन भी बुलाया था। इस दरम्यान कांग्रेस नेताओं ने बयान में कहा कि “निर्वाचन आयोग की चुप्पी ने मतदाता सूची में हेराफेरी में उसकी मिलीभगत को और पुख्ता किया है। जब कई मतदाताओं द्वारा एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के सबूत सामने आए, तो आयोग ने शुरू में यह दावा किया कि एक मतदाता पहचान पत्र संख्या सभी राज्यों में हो सकती है, लेकिन यह किसी एक राज्य के लिए अलग होती है।” उन्होंने कहा कि “यह भी एक सरासर झूठ निकला, क्योंकि एक ही राज्य और एक ही निर्वाचन क्षेत्र में कई मतदाताओं द्वारा एक ही पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए हैं। इस ओर ध्यान दिलाए जाने के बाद इस पर चुप्पी साध ली गई है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Voter List Scam #VoterListScam #CongressVsBJP #ElectionFraud #IndianPolitics #VoteTampering #BJPCongressClash #ECUnderFire #ElectionScam #DemocracyAtRisk #PoliticalControversy

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Trump suspends Ukraine aid: अमेरिका ने यूक्रेन को दिया बड़ा झटका, सैन्य सहायता पर लगाई गई रोक

पिछले 3 वर्षों से भी अधिक समय से रूस और यूक्रेन के बीच खूनी जंग जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में जल्द से जल्द जंग को रुकवाना चाहते हैं। यही नहीं, वो इस हेतु हर संभव प्रयास भी कर रहे हैं। इसी सिलसिले में हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच बैठक भी हुई थी। उम्मीद थी कि इस बैठक में कोई न कोई हल निकाल लिया जायेगा। हल तो निकलना दूर की बात दोनों में आपस में ही तू-तू, मैं-मैं हो गई। हैरत यह कि इस बैठक में राष्ट्रपति अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वांस और वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच बुरी तरह से बहस हो गई थी। हालांकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक अमेरिकी चैनल को दिए एकसाक्षात्कार में ट्रंप के साथ अभद्र व्यवहार करने के लिए ज़ेलेंस्की से माफ़ी मांगने को कहा था। लेकिन उन्होंने से साफ इंकार कर दिया था। कहने की जरूरत नहीं, इस बहस के बाद डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह झल्लाए हुए हैं। अपनी इसी झल्लाहट के ही चलते यूक्रेन को सबक सिखाने के लिए उन्होंने यूक्रेन को बड़ा झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर रोक (Trump suspends Ukraine aid) लगा दी है। दरअसल, एपी द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर रूस के साथ शांति वार्ता में शामिल होने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से ओवल ऑफ़िस की एक बुरी बैठक के बाद यूक्रेन को अमेरिकी सहायता पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।” ज़ेलेंस्की के साथ हुई बहस के बाद अमेरिकी ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने (Trump suspends Ukraine aid) का दिया आदेश  अमेरिकी और यूक्रेन के तनाव के बीच सोमवार को व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि” राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ हुई बहस के बाद यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने का आदेश दिया है। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि “राष्ट्रपति ने साफ किया कि उनका ध्यान शांति पर है। अपने भागीदारों से भी उस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी सहायता रोक (Trump suspends Ukraine aid) रहे हैं। और इसकी समीक्षा कर रहे हैं कि यह पीस डील में मदद करेगा।” एक अन्य अधिकारी ने बताया कि “यह रोक उन सभी सैन्य उपकरणों पर लागू होगी जो अभी यूक्रेन को दिए नहीं गए हैं। जो हथियार यूक्रेन को अमेरिका की ओर से पहले मिल चुके हैं, अभी भी वह उनका इस्तेमाल कर सकता है।”  इसे भी पढ़ें :– भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल यूक्रेन की सैन्य मदद रोकना (Trump suspends Ukraine aid) ट्रंप की यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति का है हिस्सा  बता दें कि ब्लूमबर्ग न्यूज और फॉक्स न्यूज ने सोमवार को ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप तब तक सभी सहायता रोक देंगे जब तक कि कीव शांति के लिए बात करने के लिए प्रतिबद्धता न दिखाए। ट्रंप ने ये आदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ज़ेलेंस्की पर आरोप लगाने के कुछ घंटों बाद दिया है। ट्रंप ने आरोप लगाया था कि जेलेंस्की “जब तक अमेरिका का समर्थन उनके साथ है, वो शांति नहीं चाहते हैं।” सीएनएन के मुताबिक यूक्रेन की सैन्य मदद रोकना (Trump suspends Ukraine aid) ट्रंप की यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। ट्रंप को लगता है कि सहायता रोकने के बाद जेलेंस्की फिर समझौता करने के लिए तैयार होंगे। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को दी जाने वाली मदद पर रोक लगा दी है तो वहीं दूसरी तरफ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वाशिंगटन दौरे के बाद अमेरिका ने इजराइल को दी जाने वाली मदद बढ़ा दी है। यही नहीं, बाइडेन प्रशासन में हथियारों की सप्लाई पर लगाए आर्जी प्रतिबंध को भी हटा दिया है। अमेरिका की इस पहल से गदगद नेतन्याहू ने ट्रंप का धन्यवाद किया है और अमेरिका को अपने सच्चा साथी बताया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump suspends Ukraine aid #TrumpUkraineAidPause #USMilitaryAidSuspension #ZelenskyPeaceTalks #USUkraineRelations #TrumpForeignPolicy #UkraineRussiaConflict #MilitaryAidReview#PeaceNegotiations #USForeignAssistance #GeopoliticalTensions

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Husband murder for insurance

Husband murder for insurance: 1 करोड़ के इंश्योरेंस की रकम पाने के लिए पत्नी ने बेटे के साथ मिलकर की अपने ही पति की हत्या

पैसा इंसान की नीयत ख़राब कर देता है। बहुत मुमकिन है कि कभी-कभी पैसों की लालच में आकर अपने सगे रिश्ते ही खून के प्यासे हो जाते हैं। कई मामले ऐसे भी देखे गए हैं जहां चंद पैसों की लालच में सगे खून ने ऐसा रंग बदला कि समूची इंसानियत ही शर्मसार हो उठी। ऐसा ही एक मामला हुआ है महाराष्ट्र के सांगली जिले में, जहाँ एक करोड़ रुपये की बीमा राशि के लिए पत्नी ने बेटे और एक साथी के साथ मिलकर अपने ही पति को ही (Husband murder for insurance) मौत की नींद सुला दिया। सोचने वाली बात यह कि यह हत्या पति के एक करोड़ रुपये के बीमा को हथियाने के लिए की गई। दोनों मां बेटे को मौत को दुर्घटना बताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान वनिता बाबूराव पाटिल, उसके बेटे तेजस बाबूराव पाटिल और उसके मित्र भीमराव गणपतराव हुलवान के रूप में हुई है। 1 मार्च को इन्हें पुलिस ने सांगली से गिरफ्तार किया था। इस मामले पर सहायक पुलिस इंस्पेक्टर अमोल शिवशरण ने कहा कि “हालाँकि वनिता अपराध स्थल पर नहीं थी, लेकिन उसने ही योजना बनाई थी।” वनिता अपने पति पर आत्महत्या (Husband murder for insurance) का दबाव बनाने लगी बता दें कि पूरा मामला बीमा राशि के लिए किये कत्ल से जुड़ा है। दरअसल, 56 वर्षीय बाबूराव पाटिल पर 50 लाख रुपये का कर्ज था, जिसमें एक होम लोन भी शामिल था। अक्सर देनदार तकाजा करने घर आया करते थे। इस दरम्यान जब बैंक ने नीलामी नोटिस जारी कर दिया। रोज-रोज के तकाजे और बैंक की नोटिस से पत्नी वनिता और बेटा तेजस दोनों परेशान हो चुके थे। वो किसी भी तरह से इस कर्ज से मुक्त होना चाहते थे। आखिर समाज में उनकी अपनी इज्जत धूमिल जो हो रही थी। इस दरम्यान उन्हें अपने पति के इन्सुरेंस पॉलिसी के बारे में पता चला। उन्हें यह भी पता चला कि इन्सुरेंस के रकम करोड़ों में है। बता दें कि बाबूराव के पास चार बीमा पॉलिसियाँ थीं, जिनमें एक 1 करोड़ रुपये की टर्म प्लान भी शामिल थी। फिर क्या था, अपनी झूठी साख को बचाने के लिए एक दिन पत्नी वनिता बाबूराव से कहती है कि “वो आत्महत्या (Husband murder for insurance) कर ले। इससे हम कर्ज से मुक्त हो जाएंगे।” लेकिन पति ने उसे अनसुना कर दिया।  पति द्वारा अनदेखा किए जाने से वनिता नाराज थी (Husband murder for insurance) अब वो आये दिन बाबूराव पर आत्महत्या करने के लिए दबाव बनाने लगी। वो दबाव तो बना रही थी लेकिन बाबूराव था कि हर बार अनदेखा किए जा रहा था। पति द्वारा इस तरह अनदेखा किए जाने से वनिता क्रोधित हो उठी। और इस बीच उसने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने ही पति को ठिकाने लगाने की साजिश बनाने लगी। चूँकि वनिता कोई पेशेवर कातिल तो थी नहीं। उसे यह भी पता था कि यह काम अकेले माँ-बेटे के बस का नहीं है। इस काम में एक और शख्स की आवश्यकता होगी। सो, इस काम के लिए उसने अपने बेटे के दोस्त भीमराव गणपतराव हुलवान को पैसों का लालच देकर राजी किया। फिर तीनों ने मिलकर एक्सीडेंट (Husband murder for insurance) दिखाने की साजिश रचने लगे।  बेटे तेजस और उसके मित्र ने उसे कार से कुचल (Husband murder for insurance) दिया इस बीच वनिता रोज-रोज बाबूराव पर आत्महत्या करने हेतु दबाव बनाने लगी। पैसों के खातिर पत्नी यह रवैया देख बाबूराव टूट गया और हाईवे पर जाकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की। लेकिन वो असफल रहा। इस बीच 10 फरवरी की रात 2 से 3 बजे के बीच मिरज-पंढरपुर हाईवे स्थित लांडेवाड़ी के पास उसके अपने बेटे तेजस और उसके मित्र ने उसके सर को डिवाइडर पर इतने जोर से पटका कि उसकी मौत (Husband murder for insurance) हो गई। इसके बाद दोनों घटनास्थल से फरार हो गए। ऐसा इसलिए ताकि पुलिस इसे एक्सीडेंट समझकर मामला रफादफा कर दे। अगले दिन सुबह बाबूराव पाटिल का शव आर्या होटल के पास उसके भाई सागर पाटिल को मिला। भाई को इस तरह जख्मी हालत में देख उसने आनन-फानन में उसे नजदीकी हॉस्पिटल ले गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच डॉक्टरों ने घटना की सूचना पुलिस और उसके परिजनों को दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस इसे एक्सीडेंट ही मानकर चल रही थी। इस संबंध में पुलिस ने मृतक के परिवार वालों से पूछताछ शुरू कर दी। सबके बयान से तो पुलिस संतुष्ट दिखी, लेकिन माँ-बेटे के गुमराह करने वाले बयान ने पुलिस को शक करने पर मजबूर कर दिया। पुलिस की पहली शक की सुई माँ-बेटे पर ही गई।  इसे भी पढ़ें:- इस वजह से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या, आरोपी ने खोले कई राज़ शुरुआती जांच में माँ-बेटे ने किया पुलिस को गुमराह (Husband murder for insurance) दरअसल, दोनों ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वे कराड में थे। खैर, पुलिस ने फिर से ज़ेरोईन करना शुरू किया। इसी बीच पुलिस मोबाइल के कॉल रिकार्ड्स, मोबाइल के लास्ट लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया। फिर उनके हाथ ऐसा सुराख़ लगा कि पुलिस ने एक बार फिर माँ-बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया। और इस बात सख्ती से पूछताछ की। जब पुलिस ने उन्हें कॉल डिटेल्स और लोकेशन दिखाई तो माँ-बेटे दंग रह गए। थोड़ी ही देर में उन्होंने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। इसके बाद सांगली पुलिस ने मृतक बाबूराव की पत्नी वनिता, बेटे तेजस और उसके साथी भीमराव को हत्या और हत्या की साजिश रचने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Husband murder for insurance #InsuranceMurder #CrimeForMoney #HusbandMurder #ShockingCrime #FamilyBetrayal #CrimeNews #InsuranceFraud #TrueCrime #MurderMystery #JusticeForVictim

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Rohit Sharma fat remark

Rohit Sharma Fat Remark: कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की टीम ने अभी तक बड़ा ही उम्दा प्रदर्शन किया है। अपने प्रदर्शन के दम पर ही रोहित की सेना ने सेमीफइनल में प्रवेश किया है।।इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही तक टीम इंडिया ने बांग्लादेश, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को क्रिकेट के मैदान में धूल चटाई है। इतना शानदार परफॉर्मेंस करने के बावजूद रोहित शर्मा (Rohit Sharma Fat Remark) को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह आलोचना किसी क्रिकेटर ने नहीं बल्कि कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने की है। शमा मोहम्मद ने रोहित शर्मा की तुलना भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गजों से करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, कपिल देव, राहुल द्रविड़, महेंद्र सिंह धोनी,और रवि शास्त्री जैसे दिग्गजों की तुलना में रोहित शर्मा में ऐसा क्या है जो विश्व स्तरीय है? वह एक औसत खिलाड़ी और कप्तान है जिसे संयोग से भारतीय टीम की कप्तानी मिल गई।” उनके इस बयान की वजह से सियासी घमासान छिड़ गया है। उनके इस विवादित बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। दरअसल, कांग्रेस प्रवक्ता ने कप्तान रोहित शर्मा को एक खिलाड़ी के तौर पर मोटा कहा है। इसके अलावा उन्होंने रोहित शर्मा को भारत का अब तक का सबसे अप्रभावी कप्तान बताया है। कांग्रेस नेता शमा ने रोहित शर्मा के फिटनेस पर सवाल खड़े करते हुए उनकी कप्तानी को भी खराब कह दिया है। जिसके बाद भाजपा ने भी उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई है। बवाल बढ़ता देख कांग्रेस ने शमा मोहम्मद को अपनी पोस्ट (Rohit Sharma Fat Remark) डिलीट करने के लिए कहा  भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की सोच बताते हुए शमा मोहम्मद पर कड़ा हमला बोला है। मजे की बात यह कि पूरे मामले पर कांग्रेस पार्टी ने उनके इस पोस्ट से किनारा कर लिया है। कांग्रेस का कहना है कि “वह देश के खिलाड़ियों का सम्मान करती है।” बढ़ते विरोध को देखते हुए कांग्रेस ने शमा मोहम्मद को अपनी पोस्ट (Rohit Sharma Fat Remark) डिलीट करने के लिए भी कहा है। जानकारी के मुताबिक़ इसके बाद शमा मोहम्मद ने एक्स पर की गई अपनी पोस्ट को डिलीट कर दिया है। वहीं पूरे विवाद पर शमा मोहम्मद ने कहा कि “मैंने किसी का अपमान करने के लिए ट्वीट नहीं किया था। उस ट्वीट में मैंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते उनका (रोहित शर्मा) वजन ज्यादा है। ये बॉडी शेमिंग नहीं है। मैंने कहा कि वे एक अप्रभावी कप्तान हैं, क्योंकि मैंने उनकी तुलना पहले के कप्तानों से की थी। उन्होंने अपनी सफाई में आगे कहा कि जब विराट कोहली मोहम्मद शमी के साथ खड़े थे, तब उन पर भाजपा के लोगों ने क्यों हमला किया था? वे एक अच्छे कप्तान थे, वे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और रन बनाते हैं। वे दूसरे टीम के खिलाड़ियों की भी अच्छा करने पर तारीफ करते हैं। मेरे हिसाब से विराट अच्छे कप्तान हैं। आज कल प्रधानमंत्री भी फिट इंडिया के बारे में बात करते हैं। खिलाड़ी को फिट होना चाहिए।” खैर, इस बीच जब शमा का एक्स पर किया गया पोस्ट वायरल हुआ तब न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “यह एक खिलाड़ी की फिटनेस के बारे में एक सामान्य ट्वीट था। यह बॉडी शेमिंग नहीं था। मुझे अधिकार है। कहने में क्या गलत है? यह लोकतंत्र है।” Those who have lost 90 elections under captaincy of Rahul Gandhi are calling captaincy of Rohit Sharma unimpressive! I guess 6 ducks in Delhi and 90 election losses is impressive but winning T20 World Cup isn’t! Rohit has a brilliant track record as captain by the way! pic.twitter.com/5xE8ecrr4x — Shehzad Jai Hind (Modi Ka Parivar) (@Shehzad_Ind) March 3, 2025 इसे भी पढ़ें:-  हम तीनों ने मिलकर लड़ाई लड़ी’, CM फडणवीस ने मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा- सब कुछ ‘कूल’ पूनावाला ने की रोहित के ट्रैक रिकॉर्ड (Rohit Sharma Fat Remark) की तारीफ  हालाँकि इस पूरे विवाद पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि “राहुल गांधी की कप्तानी में 90 चुनाव हारने वाले रोहित शर्मा की कप्तानी को बेकार बता रहे हैं। पूनावाला ने रोहित के ट्रैक रिकॉर्ड (Rohit Sharma Fat Remark) की भी तारीफ की और उनकी टी20 वर्ल्ड कप जीत का जिक्र किया। तो वहीं, कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुईराधिका खेड़ा ने आरोप लगाया कि “कांग्रेस ने दशकों तक खिलाड़ियों का अपमान किया और अब एक क्रिकेट लीजेंड का मजाक उड़ा रही है।” राधिका ने कहा कि “यह वही कांग्रेस है जिसने दशकों तक खिलाड़ियों का अपमान किया, उन्हें पहचाना नहीं और अब एक सेल्फ मेड चैंपियन का मजाक उड़ा रही है।” खैर, यह पहली बार नहीं हुआ है, जब किसी ने रोहित शर्मा की फिटनेस पर सवाल उठाया है, लेकिन इस बार कांग्रेस नेता नेत्री का भारतीय कप्तान की कप्तानी को बेअसर बताना और उन्हें मोटा कहना भारी पड़ गया है। अब उनके बयान को लेकर जमकर आलोचना हो रही है। जानकारी के लिए बता दें कि चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफइनल मैच में टीम इंडिया की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से होगी। यह मुकाबला 4 मार्च को भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा। #WATCH | On her comment on Indian Cricket team captain Rohit Sharma, Congress leader Shama Mohammed says, "It was a generic tweet about the fitness of a sportsperson. It was not body-shaming. I always believed a sportsperson should be fit, and I felt he was a bit overweight, so I… pic.twitter.com/OBiLk84Mjh — ANI (@ANI) March 3, 2025 Latest News in Hindi Today Hindi news Rohit Sharma Fat Remark #RohitSharma #RohitSharmaFatRemark #CongressVsBJP #RohitVsRahul #PoliticalDebate #CricketControversy #BJPvsCongress #ViralNews #SportsPolitics #RohitSharmaFans

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US-Canada tension

US-Canada tensions : अमेरिका की धमकी से डरे जस्टिन ट्रूडो मदद के लिए पहुंचे किंग चार्ल्स के पास,करेंगे ट्रंप की शिकायत

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) यूरोपीय संघ (ईयू) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इस समय ब्रिटेन यात्रा पर हैं। इस दौरान ट्रूडो सोमवार को ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) से भी मुलाकात करेंगे। कहा जा रहा है कि इस मुलाकात में जस्टिन ट्रूडो कनाडा और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद की जानकारी देते हुए किंग चार्ल्स से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की शिकायत भी कर सकते हैं। ब्रिटिश मीडिया दावा कर रही है कि इस बैठक में जस्टिन ट्रूडो, ट्रंप के उस धमकी का मुद्दा उठाएंगे, जिसमें ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका में मिलाने को कहा था। ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) और किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) की मुलाकात सोमवार को होने वाली है। इस दौरान वह किंग से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की शिकायत करते हुए उनकी उस धमकी पर चर्चा करेंगे, जिसमें ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने को कहा था। हालांकि, किंग चार्ल्स अभी तक ट्रंप की धमकियों पर चुप्प ही नजर आए हैं, ऐसे में कम ही उम्मीद है कि वो जस्टिन ट्रूडो का समर्थन करेंगे।  बैठक से पहले जस्टिन ट्रूडो ने भी दी जानकारी  किंग चार्ल्स तृतीय के साथ बैठक से पहले प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह किंग के सामने कनाडाई लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण मद्दों को उठाने वाले हैं। कनाडा के लोगों के लिए राष्ट्र की संप्रभुता और स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण इस समय कुछ नहीं है। आज हमारे राष्ट्र को तोड़ने की कोशिश हो रही है, हमें धमकी दी जा रही। इसलिए हम कनाडा के राष्ट्र प्रमुख से इस संबंध में चर्चा करेंगे। हम अपने लिए सुरक्षा चाहते हैं।    इसे भी पढ़ें :– भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल कनाडा के भी राष्ट्र प्रमुख हैं किंग चार्ल्स बता दें कि ब्रिटने के किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) कनाडा के भी राष्ट्र प्रमुख हैं। क्योंकि कनाडा भी कई दूसरे देशों की तरह पूर्व उपनिवेशों के ब्रिटिश राष्ट्रमंडल का सदस्य है। कनाडा अभी इस राजशाही को स्वीकार्य करता है। वहां पर कभी भी इसका विरोध नहीं हुआ है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा कनाडा को अमेरिकी में मिला लेने की लगातार धमकी देने के बाद भी किंग चार्ल्स ने चुप्पी साध रखी है। जिसका कुछ लोग विरोध भी कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात के बाद किंग चार्ल्स अमेरिका के विरोध में कोई बयान देते हैं या फिर वो पहले की तरह ही मौन धारण किए रहते हैं।    Latest News in Hindi Today Hindi news Justin Trudeau King Charles III #JustinTrudeau #KingCharlesIII #DonaldTrump #USCanadaTensions #TrudeauVsTrump #RoyalIntervention #Geopolitics #CanadaUK #PoliticalDrama #GlobalRelations

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Team India in semi-final

Champions Trophy: न्यूजीलैंड को पटखनी देने के बाद सेमीफइनल में कंगारुओं से होगी टीम इंडिया की भिड़ंत, जानिए किसका पलड़ा है भारी 

रविवार को दुबई में खेले गए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 (Champions Trophy) के आखिरी ग्रुप मुकाबले में न्यूजीलैंड को 44 रन से मात देते हुए भारत ग्रुप ए शीर्ष पायदान पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड की टीम जीत के लिए आवश्यक 250 रन के आसान से लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर सकी और 45.5 ओवर में 205 रन पर ही ढेर हो गई। बता दें कि ग्रुप ए से भारत-न्यूजीलैंड और ग्रुप बी से ऑस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका की टीमें पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी थीं। लेकिन भारत और न्यूजीलैंड के मैच से पहले यह तय नहीं हो पा रहा था कि ग्रुप ए में टॉपर कौन होगा। क्योंकि ग्रुप में दूसरे पायदान पर रहने वाली ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला ग्रुप ए की टॉपर टीम से होना था। ऐसे में न्यूजीलैंड के भारत से हारने अब ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला टीम इंडिया से होगा और न्यूजीलैंड का मुकाबला ग्रुप बी की टॉपर साऊथ अफ्रीका से होगा।  दोपहर 2.30 बजे खेला जाएगा आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) 2025 के सेमीफाइनल का पहला मुकाबला  बता दें कि 4 मार्च को भारतीय समयनुसार दोपहर 2.30 बजे आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) 2025 के सेमीफाइनल का पहला मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। तो वहीं दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच 5 मार्च , 2025 को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद 9 मार्च को (यदि सेमि फाइनल में भारत जीता तो) दुबई और (यदि ऑस्ट्रेलिया जीता तो) लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में चैंपियंस ट्रॉफी के फिनाले का महामुकाबला होगा। जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान के बिगड़े मौसम को देखते हुए दोनों सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले के लिए आईसीसी ने रिजर्व डे का प्रावधान किया है। इसके पीछे की वजह यह कि सेमीफाइनल मैच यदि बारिश की भेंट चढ़ा तो अगले दिन या फिर दो तीन दिनों नतीजा निकाला जा सके।  इसे भी पढ़ें:– बारिश की वजह से Champions Trophy 2025 के 2 मुकाबले हो चुके हैं रद्द, भारत और न्यूजीलैंड मैच भी कहीं…. चैंपियंस ट्रॉफी में 2 बार भारत की हो चुकी है ऑस्ट्रेलिया से भिड़ंत  खैर, मंगलवार को टीम इंडिया का मुकाबला कंगारुओं से होना है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) में किस टीम का पलड़ा भारी रहा है? बता दें कि अब तक चैंपियंस ट्रॉफी में 2 बार भारत की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से हो चुकी है। साल 1998 में चैंपियंस ट्रॉफी भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली बार भिड़ी थी। इस मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 44 रनों से हराया था। इसके बाद अगली भिड़ंत साल 2000 में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें नैरोबी में भिड़ी थीं। इस बार भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रनों से हरा दिया था। साल 2009 में भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था। अतीत के आंकड़ों पर गौर करें तो टीम इंडिया का पलड़ा भारी ही रहा है। मजे की बात यह कि चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया भारत को मात देने में नाकाम रहा है। वहीं बात करें वनडे फॉर्मेट की तो, अब तक भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 151 वनडे खेले गए हैं। जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने कुल 84 जीते हैं और भारत को 57 मैचों में ही जीत मिली है। खैर, बता दें कि मंगलवार को भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा। भारतीय समयनुसार यह मुकाबला दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा। Latest News in Hindi Today Hindi News Champions Trophy #ChampionsTrophy #INDvsAUS #TeamIndia #CricketSemiFinal #AUSvsIND #CricketFans #NZvsIND #TrophyHunt #RohitSharma #ViratKohli

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food shortage in Pakistan

Pakistan food crisis: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में खाने के लाले, इफ्तारी का भी नहीं हो पा रहा है जुगाड़

1 मार्च से इस्लाम धर्म के पवित्र महीने रमजान की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में दुनिया भर करोड़ों लोग रोजा रखते हैं और शाम को इफ्तारी करते हैं। मुस्लिम देशों में बड़ी धूमधाम के साथ इफ्तारी मनाई जाती है। बता दें कि इफ्तारी में कई तरह के व्यंजन का समावेश होता है। लेकिन आप जानते हैं पड़ोसी मूल पाकिस्तान में लोगों की हालत इस कदर खस्ता (Pakistan food crisis) है कि वो इफ्तारी भी नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान में महंगाई अपने चरम पर है। पाकिस्तान में इफ्तारी के लिए जरूरी सामान की कीमतें आसमान छू रही है। आपको जानकार हैरानी होगी कि पाकिस्तान में सिर्फ फलों की कीमत ही नहीं बल्कि सब्जियों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। रमजान से पहले ही राशन की दुकानों में आटा, चावल, दाल और बेसन जैसे बुनियादी चीजों की कमी हो गई है। कारण यही जो पाकिस्तान के लिए इफ्तारी बड़ी महंगी पड़ रही है। वैसे भी त्योहारों के मौके पर देश भर महंगाई अपने आप बढ़ जाती है।  पिछले 6 महीने से स्थिति हो गई है बेहद खराब (Pakistan food crisis)  दुकानदारों के अनुसार पिछले 6 महीने से स्थिति बेहद खराब (Pakistan food crisis) हो गई है और ग्राहकों की लंबी कतारें लगी हैं। महंगाई की मार से बचने ग्राहक स्थानीय बड़े बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं और अधिक कीमतों वाले सामान खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अभी भी लोगों को कोई राहत की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है, क्योंकि सरकार ने कुछ बड़ा कदम नहीं उठाया है। इस बढ़ती महंगाई के खिलाफ लोगों के मन में रोष है। लोगों का कहना है कि सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उसे लोगों की कोई परवाह नहीं है। आसमान छूती महंगाई के इस दौर में रोजेदार भला इफ्तारी करे भी तो कैसे करे? सरकार को हम गरीबों के बारे में सोचना चाहिए और जरूरी कदम उठाने चाहिए।  सब्जी, फल और मीट की कीमतों में काफी (Pakistan food crisis) हो चुकी है वृद्धि  जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान में रमजान से पहले ही सब्जी, फल और मीट की कीमतों में काफी वृद्धि (Pakistan food crisis) हो चुकी है। पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट समा टीवी के मुताबिक पिछले तीन दिनों की तुलना में कीमतों में काफी अंतर देखा गया है। रोजमर्रा की चीजें मसलन, टमाटर, केले लहसुन और सेब की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। कीमतें सुनकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। बात करें लाहौर की तो, लाहौर में सेब 335 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। अंडे के दाम 200 रुपये से बढ़कर 290 रुपये हो गया है। यही नहीं, मीट की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लाहौर में मीट 800 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसे भी पढ़ें :–  चैंपियंस ट्राफी के बीच पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, 5 की मौत पाकिस्तान के लोग हैं कि इफ्तारी का भी (Pakistan food crisis) नहीं कर पा रहे हैं जुगाड़  बता दें कि 1 मार्च को रमजान का चांद दिखने के साथ ही तरावीह शुरू हो गई है और इसी दिन से माहे रमजान की शुरुआत हो गई जबकि 2 मार्च से पहला रोजा रखा गया। इस्लामिक मान्यता के अनुसार पवित्र रमजान के महीने में अपनों ईमानदारी से कमाए गए पैसों से सहरी और इफ्तार की जाती है। गौर करने वाली बात यह कि रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्य उदय से पहले उठकर सहरी करते हैं और फिर नमाज पढ़ते हैं। इसके बाद दिनभर रोजेदार रोजा रखते हैं। सूर्यास्त होने के बाद वे खजूर खाकर अपना रोजा खोलते हैं। रोजा खोलने के बाद शाम को नमाज पढ़ी जाती है। उसके बाद इफ्तार शुरू होता है। इफ्तार के लिए स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। लोग अपने परिजनों, दोस्तों और शुभ​ चिंतकों के साथ मिलकर इफ्तारी करते हैं। लेकिन पाकिस्तान के लोग हैं कि इफ्तारी का भी जुगाड़ (Pakistan food crisis) नहीं कर पा रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan food crisis #PakistanFoodCrisis #PakistanHunger #FoodShortage #RamadanCrisis #PakEconomy #InflationPakistan #PakCrisis #IftarStruggle #FoodInflation #PakistanNews

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Himani Narwal murder

Himani Narwal murder: इस वजह से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या, आरोपी ने खोले कई राज़

हरियाणा पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल (Himani Narwal murder) की हत्या के सिलसिले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद, अपराध में शामिल एक संदिग्ध की पहचान की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को हिमानी का बॉयफ्रेंड बताया और साथ ही यह भी दावा किया है कि उसने ही हिमानी के घर पर ही उसकी हत्या की थी। आरोपी के मुताबिक हिमानी को मारने के बाद उसने उसके शव को एक सूटकेस में डाला। ये सूटकेस भी हिमानी का था। 28 फरवरी की सुबह उसने ये सूटकेस झाड़ियों में छोड़ दिया। इस दरम्यान आरोपी ने दावा किया है कि “वो हिमानी के साथ काफी समय से रिलेशनशिप में था।” बता दें कि आरोपी बहादुरगढ़ का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में ब्लैकमेल करने की बात भी आई सामने है। आरोपी के अनुसार उसने हिमानी को काफी पैसे दिए थे, इसके बावजूद भी वह हर बार अधिक पैसे की मांग कर रही थी। हालांकि पुलिस आरोपी के दावों की अभी जांच कर रही है।  रोहतक के सांपला बस स्टैंड के पास एक सूटकेस में मिला था (Himani Narwal murder) हिमानी नरवाल का शव  दरअसल, शनिवार (1 मार्च की) सुबह रोहतक के सांपला बस स्टैंड के पास एक सूटकेस (Himani Narwal murder) पड़ा हुआ था। कुछ राहगीरों की नजर सूटकेस पर पड़ती है। इस बीच पुलिस को सूचना दी जाती है। सूचना मिलते ही वह पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँचती है। सूटकेस खोलने पर उसमें 20 से 22 साल की एक युवती का शव मिला। उसके हाथों में चूड़ियां और गले में दुपट्टा था। चेहरा जाना पहचाना इसलिए भी था क्योंकि वो कांग्रेस की सक्रीय कार्यकर्ता थी और राहुल गाँधी की भारत जोड़ी यात्रा में शामिल हुई थी। खैर, इस दरम्यान एफएसएल टीम को बुलाया गया। पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच में बताया कि युवती को देखने पर ऐसा लग रहा था कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है और फिर उसके शव को सूटकेस में डाल दिया गया है। पुलिस के अनुसार वह पिछले पांच महीनों से रोहतक के विजयनगर में अपने पैतृक घर में अकेली रह रही थी और पिछले हफ्ते एक शादी में शामिल हुई थी। पिछले 3 दिन से वो लापता थी। फिलहाल पुलिस ने हिमानी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के असली कारणों का पता चल पाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हिमानी की हत्या के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इसे भी पढ़ें:- पुलिस की लापरवाई की वजह से आगरा में हुआ बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष जैसा हादसा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हिमानी नरवाल की हत्या (Himani Narwal murder) पर दुख जताया  हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हिमानी नरवाल की हत्या (Himani Narwal murder) पर दुख जताया है। भूपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट कर कहा कि “रोहतक में सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की नृशंस हत्या की खबर बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। मैं मृतका को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। संबंधित मामले पर संवेदना जताते हुए उन्होंने आगे लिखा कि “एक लड़की की इस तरह से हत्या और उसका शव सूटकेस में मिलना बेहद दुखद और चौंकाने वाला है। यह अपने आप में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग है। इस हत्या की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और सरकार पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाए तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा दे।” Latest News in Hindi Today Hindi News Himani Narwal murder #HimaniNarwalMurder #CongressWorkerKilled #HaryanaCrime #JusticeForHimani #MurderMystery #BreakingNews #CrimeReport #PoliceInvestigation #IndiaNews #LatestUpdate

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Navi Mumbai murder

Navi Mumbai Murder: नवी मुंबई में पति को नशीली दवा पिलाकर घोटा गला, पत्नी और बेटे समेत तीन गिरफ्तार

पति और पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का रिश्ता होता है। बेशक यह विश्वास और प्रेम पर टिका होता है। कहने का अर्थ यह कि जब तक दोनों तरफ से बराबर का प्रेम और विश्वास होता है तब तक रिश्ता बना रहता है। लेकिन जैसे ही अविश्वास या फिर घृणा की भवना घर कर जाती है, वैसी ही मामला बिगड़ जाता है। फिर चाहे खून का रिश्ता कितना ही क्यों न ख़ास हो, रिश्तों में दरार आते देर नहीं लगती। एक बार रिश्तों में तल्खी आने के बाद, लोग एक दूसरे का मुंह तक नहीं देखना चाहते। कारण यही जो एक दूसरे की जान लेने से भी बाज आते। खैर, महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई से स्टे नवी मुंबई (Navi Mumbai Murder) में कुछ इसी तरह का हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां एक पत्नी ने अपने ही पति का गला घोट दिया।  23 फरवरी को एक अज्ञात व्यक्ति का शव (Navi Mumbai Murder) वावहाल गांव में एक पुल के पास पड़ा हुआ मिलता है दरअसल, बात है 23 फरवरी की। बात है नवी मुंबई के उल्वे इलाके की, जहाँ 23 फरवरी की सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव (Navi Mumbai Murder) वावहाल गांव में एक पुल के पास पड़ा हुआ था। इस बीच स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को इसकी सूचना दी जाती है। सूचना पाकर पुलिस घटनास्थल पर आती है। पूछताछ कर अज्ञात शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज देती है। चूँकि मृतक की कोई पहचान नहीं थी। सो पुलिस एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर देती है। यहाँ शव की पहचान करना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। शव की पहचान करने के लिए पुलिस सबसे पहले आस-पास लगे सीसीटीवी की खंगालती है। यह सब चल ही रहा था कि इसी बीच एक महिला अपने 16 वर्षीय बेटे के साथ थाने जाकर पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए कहती है कि 22 फरवरी से उसका पति लापता है। पूछताछ के दौरान दोनों गोलमोल जवाब देने लगते (Navi Mumbai Murder) हैं चूँकि ताजा मामला था, तो पुलिस मृतक की तस्वीर माँ-बेटों की दिखाकर उनसे यह पूछती है कि “क्या यह शख्स ही आपका पति है? तस्वीर देखते ही दोनों उसे पहचान जाते हैं। मृतक की पहचान 38 वर्षीय सचिन मोरे के रूप में होती है। अब पुलिस चैन की सांस लेती है। इस बीच पुलिस माँ-बेटे से मृतक के बारे में पूछताछ करती है। पूछताछ के दौरान दोनों गोलमोल जवाब देने लगते (Navi Mumbai Murder) हैं। इससे पुलिस को शक होता है। चूँकि कोई सबूत नहीं और प्रत्यक्ष गवाह नहीं था। ऐसे में बिना ठोस सबूत के पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी नहीं कर सकती थी। सो, शक के आधार पर पुलिस महिला के कॉल डिटेल्स और आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू करती है। इस दरम्यान पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के शक को और गहरा देती है। दरअसल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस को मृतक के दम घुटने से मौत होने की बात पता चलती है।  पति उसे बहुत परेशान (Navi Mumbai Murder) करता था पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पुलिस पूछताछ के लिए फिर माँ-बेटे को थाने बुलाती है और इस बार पुलिसिया अंदाज में पूछताछ करती है। पहले तो दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश, लेकिन उनकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चलती और टूट जाती है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान महिला बताती है कि उसका पति उसे बहुत परेशान (Navi Mumbai Murder) करता था। रोज अकारण झगड़े किया करता था। रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर वो पति से तलाक लेना चाहती थी। लेकिन उसका पति उसे किसी भी हाल में तलाक नहीं देना चाहता था। इस बीच जब सचिन तलाक देने के लिए तैयार नहीं हुआ, तो उसने अपने बेटे, दोस्त रोहित टेमकर और ऑटोरिक्शा चालक प्रथमेश म्हात्रे के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी।  इसे भी पढ़ें:- पुलिस की लापरवाई की वजह से आगरा में हुआ बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष जैसा हादसा हत्या के जुर्म में पुलिस उसकी पत्नी और बेटे गिरफ्तार कर लेती है (Navi Mumbai Murder) इस तरह दिन बीतते गए और एक दिन मौका पाकर वो अपने पति को करेले के जूस में नींद की दवा मिलाकर पिला देती है। जूस पीने के बाद जब वह बेहोश हो जाता है तो, बेहोशी की हालत में उसे ऑटो रिक्शा में बिठाकर एक लंबे कपड़े से उसका गला घोंट देती है। और तब तक उसका गला घोटती है जबतक कि वह मर नहीं जाता। इस काम में उसके दोस्त रोहित टेमकर और ऑटोरिक्शा चालक प्रथमेश म्हात्रे और बेटे ने साथ दिया था। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने गुरुवार को मृतक की 35 वर्षीय पत्नी और दोस्त रोहित टेमकर और ऑटोरिक्शा चालक प्रथमेश म्हात्रे को मर्डर के जुर्म में गिरफ्तार (Navi Mumbai Murder) कर लेती है। साथ ही महिला के 16 वर्षीय बेटे को भी हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज देती है। इस घटना ने सभी को हैरानी में डाल दिया है कि एक पत्नी भला इतनी भी क्रूर कैसे हो सकती है। खैर, चाहे जो भी हो सच यही है कि पत्नी ने सिर्फ तलाक ने देने की वजह से अपने पति को ही मार दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi News Navi Mumbai Murder #NaviMumbaiMurder #CrimeNews #MumbaiCrime #FamilyTragedy #MurderCase #CrimeInvestigation #BreakingNews #IndiaNews #CrimeUpdate #PoliceAction

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high paying nurse job

High-paying nurse jobs : ऑस्ट्रेलिया-ब्रिटेन समेत इन 5 देशों में है नर्सों की भारी डिमांड, 8 लाख महीने मिल सकती है तनख्वाह

हेल्थकेयर सेक्टर में नर्सों की अहम भूमिका होती है। उनके सहयोग के बिना यह हेल्थकेयर सेक्टर की कल्पना भी नहीं की जा सकती। बता दें कि नर्स का काम मरीजों की देखभाल करना होता है। याद करिए कोविड का वो दौर जब नर्सों ने पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन किया था। बेशक 19 महमारी के दौर में तो दुनिया ने नर्सों की अहमियत को बड़े अच्छे से समझा भी है। खैर, भारतीय हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए देश में नौकरी के अवसर तो होते ही हैं, साथ ही साथ दुनिया के कई देशों में भी जाकर वे काम कर सकते हैं। कुछ ऐसे देश हैं, जहां सबसे ज्यादा नर्सों की जरूरत है। अच्छी बात यह है कि यहां पर नर्सों को भारी भरकम तनख्वाह भी दी जा रही है। गौरतलब हो कि हाल ही में कई देशों में नर्सों की भारी कमी देखी गई है। जाहिर सी बात है, कमी होने की वजह से नर्सों की डिमांड बढ़नी ही है। सो, विदेशों में नर्सों को लाखों की सैलरी दी जा रही है। आपको बता दें कि दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहाँ नर्सों की बड़ी दरकार है और वो नर्सों को मोटी रकम देने के लिए भी तैयार हैं। आइये एक नजर डालते हैं उन देशों पर जहाँ भारतीय नर्सों की बड़ी डिमांड है।  इन टॉप 5 देशों में है नर्सों की सबसे अधिक डिमांड ऑस्ट्रेलिया में नर्सों को सालाना मिलते हैं तकरीबन 96 लाख रुपये  ऑस्ट्रेलिया में हेल्थकेयर इंडस्ट्री सबसे बड़ी इंडस्ट्री है। अन्य देशों के मुकाबले यहाँ नर्सों को अच्छी सैलरी भी दी जाती है। हैरत यह कि इन सब के बावजूद यहाँ नर्सों की भारी कमी है। एक आकलन के मुताबिक आगामी दस वर्षों में ऑस्ट्रेलिया को करीब 80 हजार नर्सों की जरूरत पड़ने वाली है। ऐसे में इस वक्त ऑस्ट्रेलिया में नर्सों की सबसे अधिक डिमांड है। यहां नर्स की औसतन वार्षिक सैलरी 82,942 डॉलर यानी लगभग 72 लाख रुपये है। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि अनुभवी नर्स की सैलरी 1,10,433 डॉलर लगभग 96 लाख रुपये तक है। इस तरह महीने की तनख्वाह तकरीबन 8 लाख रुपये होते हैं। आयरलैंड में नर्सों को नागरिकता लेने का भी मिलता है विकल्प  आयरलैंड में नर्सों की काफी डिमांड है। नर्सों के लिए यह देश लोकप्रिय होते जा रहा है। बता दें कि साल 2023 में यहाँ कुल 72,543 नर्सें थीं। बड़ी बात यह कि यहाँ विदेशी नर्सों को नागरिकता के लिए अप्लाई करने का भी विकल्प दिया जाता है। यही नहीं, नागरिकता मिलने पर पेंशन भी दी जाती है। यहां पर नर्सों की औसतन सालाना सैलरी 49,966 डॉलर यानी लगभग 43 लाख रुपये है।  ब्रिटेन में है नर्सों की बड़ी डिमांड  ब्रिटेन में नर्सिंग जॉब के लिए सबसे अधिक वैकेंसी निकली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल के अंत तक तकरीबन 10 हजार नर्सों की कमी हो सकती है। कारण यही है जो हेल्थकेयर सेक्टर में लगातार इनकी डिमांड बढ़ है और बढ़ती डिमांड को पूरा करने हेतु विदेशों से भी नर्सों की हायरिंग की जा रही है। बात करें लंदन जैसे शहर में नर्स की सालाना तनख्वाह की तो नर्स की औसतन सालाना तनख्वाह लगभग 30 हजार पाउंड (लगभग 33 लाख रुपये) से लेकर 47 हजार पाउंड (लगभग 51 लाख रुपये) तक है यानी के साल के लगभग 50 लाख रुपये। इसे भी पढ़े:– राजस्थान लोक सेवा आयोग में लेक्चरर पदों पर भर्ती: जानें आवेदन करने के लिए क्या है योग्यता? दुबई हेल्थ अथॉरिटी ने नर्सों को हायर करना शुरू कर दिया है  दुबई यूएई का सबसे बड़ा शहर है। जानकारी के मुताबिक साल 2040 तक दुबई की आबादी 58 लाख हो जाएगी। इस वजह से शहर के हेल्थकेयर सिस्टम  में सुधार किया जा रहा है। कारण यही जो यूएई में नर्सों की बढ़ती मांग को देखते हुए दुबई हेल्थ अथॉरिटी ने नर्सों को हायर करने के लिए प्रोग्राम भी शुरू किया है। इसी कड़ी में यूएई में नर्सों की डिमांड भी बढ़ रही है।यहां पर भी नर्सों की सैलरी पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। सैलरी भी लगभग सऊदी अरब जितनी ही है।  सऊदी अरब में नर्स की नौकरी करने के हैं बहुत से फायदे मिडिल ईस्ट के इस देश में नर्स की नौकरी करने के बहुत से फायदे हैं, मसलन उन्हें रहने के लिए घर दिया जाता है। कंपनियां फ्री हवाई टिकट देती हैं, छुट्टियों के पैसे मिलते हैं और सबसे बड़ी बात यह कि आय पर कोई टैक्स भी नहीं लगता है। गल्साडोर के मुताबिक सऊदी अरब में नर्सों की औसतन मासिक सैलरी 1,414 डॉलर यानी लगभग 1.23 लाख रुपये है। कुछ नर्सों की सैलरी 1,551 डॉलर यानी कि लगभग 1.35 लाख रुपये तक भी पहुंच जाती है। Latest News in Hindi Today Hindi news High Paying Nurse Job #NursingJobsAbroad #NursesInDemand #UKNurseJobs #AustraliaNursing #HighSalaryNurses #GlobalNursing #HealthcareCareers #WorkAbroad #NurseSalary #NursingOpportunities

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