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IPL 2027 से पहले Punjab Kings के coaching staff में बड़ा बदलाव, James Hopes और Brad Haddin ने छोड़ा साथ

नई दिल्ली: IPL फ्रेंचाइजी Punjab Kings के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव हुआ है। टीम के फास्ट-बॉलिंग कोच James Hopes और फील्डिंग कोच Brad Haddin ने अपने पद छोड़ दिए हैं। दोनों ऑस्ट्रेलिया में नई कोचिंग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। उनके जाने से मुख्य कोच Ricky Ponting के सपोर्ट स्टाफ में महत्वपूर्ण पद खाली हो गए हैं। James Hopes ने क्यों छोड़ा Punjab Kings? James Hopes को ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें Queensland और Brisbane Heat का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। इसी नई भूमिका के चलते उन्होंने Punjab Kings के कोचिंग स्टाफ से अलग होने का फैसला किया। Hopes IPL 2025 से पहले Ricky Ponting के साथ पंजाब की टीम से जुड़े थे। उन्होंने टीम के तेज गेंदबाजों के विकास और गेंदबाजी रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। Brad Haddin को मिली New South Wales की जिम्मेदारी ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर Brad Haddin ने भी Punjab Kings का साथ छोड़ दिया है। वह अब New South Wales की पुरुष टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। Haddin लंबे समय तक पंजाब के कोचिंग सेटअप का हिस्सा रहे। उन्होंने शुरुआत में सहायक कोच के रूप में काम किया और बाद में उन्हें फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई। Ricky Ponting के सपोर्ट स्टाफ में बढ़ीं रिक्तियां दोनों कोचों के जाने से Ricky Ponting के सपोर्ट स्टाफ में दो अहम पद खाली हो गए हैं। इसके अलावा, स्पिन-बॉलिंग कोच Sairaj Bahutule भी फ्रेंचाइजी से अलग होकर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोचिंग सेटअप में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में पंजाब किंग्स को IPL 2027 से पहले तेज गेंदबाजी, फील्डिंग और स्पिन गेंदबाजी विभागों के लिए नए कोच नियुक्त करने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। IPL 2025 में फाइनल तक पहुंची थी Punjab Kings James Hopes और Brad Haddin उस कोचिंग टीम का हिस्सा थे, जिसने IPL 2025 में Punjab Kings के शानदार प्रदर्शन में योगदान दिया था। Shreyas Iyer की कप्तानी में टीम 11 साल बाद IPL के फाइनल में पहुंची थी। इस प्रदर्शन ने फ्रेंचाइजी की उम्मीदें बढ़ाई थीं। ऐसे में कोचिंग स्टाफ में हुए बदलाव का असर आगामी सीजन की तैयारियों पर पड़ सकता है। IPL 2026 में शानदार शुरुआत के बाद बिगड़ा प्रदर्शन Punjab Kings ने IPL 2026 में मजबूत शुरुआत की थी। टीम ने शुरुआती छह मुकाबले जीतकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की, लेकिन सीजन के दूसरे हिस्से में उसका प्रदर्शन गिर गया। इसके चलते टीम प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी। अब फ्रेंचाइजी के सामने पिछले सीजन के अनुभवों से सीख लेते हुए टीम की कमजोरियों को दूर करने और आगामी सीजन के लिए बेहतर तैयारी करने की चुनौती होगी। IPL 2027 से पहले नई नियुक्तियों पर रहेगी नजर James Hopes, Brad Haddin और Sairaj Bahutule के जाने के बाद Punjab Kings के प्रबंधन को अपने कोचिंग सेटअप को फिर से मजबूत करना होगा। नए कोचों की नियुक्ति टीम की गेंदबाजी योजनाओं, फील्डिंग और खिलाड़ियों के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। Ricky Ponting की रणनीति और नए सपोर्ट स्टाफ के चयन पर भी नजर रहेगी। फ्रेंचाइजी के लिए ऐसे कोचों को चुनना अहम होगा, जो टीम के मौजूदा खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर पिछले सीजन के अनुभवों का फायदा उठा सकें। स्रोत: PTI, The Economic Times, Hindustan Times, The Times of India और The Print जय राष्ट्र न्यूज़

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जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू, अब 10 अक्टूबर के प्रदर्शन का क्या होगा? पुलिस ने साफ किया रुख

नई दिल्ली: 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP, AISA और अन्य छात्र संगठनों के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है। इसके तहत बिना पूर्व लिखित अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने, धरना देने और पिकेटिंग पर रोक लगाई जा सकती है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में बिना अनुमति सभा आयोजित करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। 10 अक्टूबर का प्रदर्शन अभी आधिकारिक रूप से मंजूर नहीं CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने Parliament Street Police Station में प्रस्तावित प्रदर्शन की औपचारिक सूचना दी थी। हालांकि, उन्होंने कहा था कि उन्होंने अनुमति नहीं मांगी, बल्कि केवल पुलिस को सूचना दी है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि धारा 163 लागू होने के कारण केवल सूचना देना पर्याप्त नहीं है और प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति जरूरी है। Section 163 में क्या-क्या प्रतिबंधित है? धारा 163 के तहत जारी आदेश के अनुसार, बिना लिखित अनुमति निम्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है: इन प्रतिबंधों का सटीक दायरा संबंधित आदेश की शर्तों पर निर्भर करता है। प्रदर्शन होने पर पुलिस रोक सकती है जमावड़ा अगर आयोजक 10 अक्टूबर को अनुमति के बिना जंतर-मंतर पहुंचते हैं, तो दिल्ली पुलिस उन्हें वहां एकत्र होने से रोक सकती है। स्थिति के अनुसार पुलिस बैरिकेडिंग, लोगों को हिरासत में लेने और भीड़ को तितर-बितर करने जैसी कार्रवाई कर सकती है। इससे पहले भी प्रदर्शनों के दौरान प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन को लेकर FIR दर्ज होने की खबरें सामने आई हैं। 40 Metro stations तक बंद करने की तैयारी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान जरूरत पड़ने पर 40 मेट्रो स्टेशनों तक अस्थायी रूप से बंद करने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में ऐप आधारित कैब की आवाजाही पर प्रतिबंध, ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ नियंत्रण के उपाय भी लागू किए जा सकते हैं। इन व्यवस्थाओं का वास्तविक क्रियान्वयन प्रशासन के फैसलों पर निर्भर करेगा। 10 detention centres तैयार संभावित बड़े जमावड़े और हिरासत की स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 डिटेंशन सेंटर तैयार किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। पुलिस को आशंका है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंच सकते हैं। दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर निगरानी पुलिस उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से दिल्ली आने वाले मार्गों पर भी नजर रख रही है। बड़े समूहों की आवाजाही को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में बैरिकेडिंग और जांच बढ़ाई जा सकती है। CJP का दावा—प्रदर्शन होकर रहेगा CJP ने कहा है कि वह 10 अक्टूबर के कार्यक्रम को वापस नहीं ले रहा है। अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद समर्थक दिल्ली पहुंचेंगे। संगठन ने देशभर में बड़ी संख्या में समर्थकों को हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया है, हालांकि इन सभी आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नेहा बोरा और सौरव दास ने क्या कहा? नेहा बोरा और सौरव दास ने कहा है कि आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR पर रोक और चुनावी सुधारों की मांग को लेकर जारी रहेगा। आयोजकों का कहना है कि जंतर-मंतर निर्धारित प्रदर्शन स्थलों में शामिल है और लोगों को शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। हालांकि, प्रदर्शन के लिए लागू प्रशासनिक आदेशों और अनुमति संबंधी शर्तों का पालन करना भी जरूरी है। मामला Delhi High Court भी पहुंचा Indian Youth Congress ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन संबंधी प्रतिबंधों को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। इस मामले में होने वाली सुनवाई और आदेश प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े घटनाक्रम को प्रभावित कर सकते हैं। अगर Court या Police से अनुमति मिली तो? अगर 10 अक्टूबर से पहले अदालत या दिल्ली पुलिस प्रदर्शन को सीमित अनुमति देती है, तो कार्यक्रम निर्धारित शर्तों के साथ आयोजित किया जा सकता है। इन शर्तों में भीड़ की सीमा, निश्चित समय, निर्धारित स्थान और मार्च निकालने पर रोक जैसी व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि, वास्तविक शर्तें संबंधित आदेश में स्पष्ट होंगी। अनुमति नहीं मिली तो क्या होगा? अगर प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिलती और कोई न्यायिक राहत भी नहीं मिलती, तो आयोजकों के लिए जंतर-मंतर पर सभा करना कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में पुलिस लोगों को निर्धारित स्थल तक पहुंचने से रोक सकती है, उन्हें हिरासत में ले सकती है और लागू आदेशों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई कर सकती है। 10 अक्टूबर पर टिकी नजर फिलहाल स्थिति यह है कि आयोजकों ने प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा नहीं की है, लेकिन पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसलिए 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर क्या स्थिति बनेगी, यह पुलिस की कार्रवाई, अदालत के संभावित आदेश और आयोजकों के अगले कदम पर निर्भर करेगा। Source – The Indian Express, The New Indian Express, Reuters, The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे पहुंचा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि; राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

पुणे: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम गोवा से पुणे लाया गया। पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस ले जाया गया, जहां देर रात पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। Goa से airlift कर पुणे लाया गया पार्थिव शरीर नाना पाटेकर का निधन गुरुवार तड़के गोवा में हुआ था। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से पुणे लाया गया। एयरपोर्ट पर राज्य सरकार के प्रतिनिधि और परिवार के सदस्य मौजूद रहे। देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि पुणे एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर के दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। फडणवीस ने कहा कि नाना पाटेकर को अंतिम विदाई देते समय उनका मन बेहद भारी था और महाराष्ट्र ने एक असाधारण कलाकार खो दिया है। Guard of Honour दिया गया राज्य सरकार की ओर से नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान दिया गया। पुणे एयरपोर्ट पर उनके पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद अंतिम यात्रा डोंजे गांव की ओर रवाना हुई। Donje farmhouse पर पहुंचे हजारों लोग नाना पाटेकर के डोंजे स्थित फार्महाउस पर बड़ी संख्या में प्रशंसक, ग्रामीण और फिल्म जगत से जुड़े लोग पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, एक हजार से ज्यादा लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे। इस दौरान प्रशंसकों ने “नाना अमर रहें” के नारे भी लगाए। बेटे मल्हार ने दी मुखाग्नि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात करीब 11:30 बजे किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं और मुखाग्नि दी। पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई नाना पाटेकर को महाराष्ट्र सरकार की ओर से पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और औपचारिक सलामी के साथ अंतिम विदाई दी गई। कई बड़े नेता और कलाकार पहुंचे अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के कई मंत्री, सांसद और फिल्म जगत की हस्तियां शामिल हुईं। जैकी श्रॉफ, मकरंद अनासपुरे, अनिल शर्मा समेत कई लोगों ने नाना पाटेकर को अंतिम श्रद्धांजलि दी। Donje farmhouse से था गहरा लगाव नाना पाटेकर का पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस से खास लगाव था। परिवार के मुताबिक, उनकी इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार इसी जगह किया जाए। वह लंबे समय तक यहां आते-जाते रहे और स्थानीय लोगों के साथ उनका गहरा जुड़ाव था। महाराष्ट्र में शोक की लहर नाना पाटेकर के निधन के बाद महाराष्ट्र और फिल्म जगत में शोक की लहर है। राजनीतिक नेताओं, अभिनेताओं और प्रशंसकों ने उन्हें बेबाक अंदाज, दमदार अभिनय और सामाजिक कार्यों के लिए याद किया। Goa Police ने भी शुरू की प्रक्रिया नाना पाटेकर की मौत के बाद गोवा पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। यह नियमित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिलहाल किसी साजिश या आपराधिक साजिश का दावा सामने नहीं आया है। एक युग का अंत नाना पाटेकर ने मराठी और हिंदी सिनेमा में दशकों तक अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज, अभिनय क्षमता और बेबाक अंदाज ने उन्हें दर्शकों के बीच खास स्थान दिलाया। उन्हें महाराष्ट्र सरकार के राजकीय सम्मान और हजारों प्रशंसकों की मौजूदगी में अंतिम विदाई दी गई। Source – Hindustan Times, The Indian Express, The Times of India, Maharashtra Times जय राष्ट्र न्यूज़

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CJP के मंच पर पहुंचे ध्रुव राठी, बोले—“यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई”; SIR और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

बेंगलुरु: YouTuber ध्रुव राठी ने 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के Freedom Park में आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन Special Intensive Revision (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था। ध्रुव राठी ने मंच से कहा कि वह किसी सरकार को बदलने के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने के लिए आए हैं। Freedom Park में हुआ बड़ा प्रदर्शन CJP ने बेंगलुरु के Freedom Park में “People’s Tribunal” और प्रतीकात्मक “चप्पल प्रदर्शन” आयोजित किया। इसमें ध्रुव राठी के साथ अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और सौरव दास समेत कई लोग शामिल हुए। “लोकतंत्र बचाने की लड़ाई” ध्रुव राठी ने प्रदर्शन से पहले भी लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने इसे लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ी लड़ाई बताया और बेंगलुरु के साथ-साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में भी लोगों से पहुंचने की अपील की थी। “Regime change के लिए नहीं आया” CJP के मंच से ध्रुव राठी ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार बदलना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह चुनाव आयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाने आए हैं। Election Commission पर उठाए सवाल ध्रुव राठी ने अपने भाषण में चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। ये प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं। वहीं, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूचियों को अधिक सटीक बनाने की प्रक्रिया बताता रहा है। SIR से कथित रूप से प्रभावित लोगों ने रखी बात People’s Tribunal में ऐसे लोगों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया, जिन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान उनके नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटा दिए गए। आयोजकों ने इन बयानों के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठ रहे सवालों को सामने रखने की कोशिश की। प्रकाश राज भी पहुंचे मंच पर अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने SIR को समाप्त करने और चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन किया। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग CJP और प्रदर्शन में शामिल अन्य संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान “SIR रद्द करो” और “ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो” जैसे नारे भी लगाए गए। अभिजीत दिपके ने गिरफ्तारी से न डरने को कहा CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने समर्थकों से कहा कि वे 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी से न डरें। उन्होंने आंदोलन को मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जोड़ा। 10 अक्टूबर के Delhi protest की तैयारी बेंगलुरु में हुए प्रदर्शन को 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। CJP और उससे जुड़े छात्र संगठनों ने लोगों से दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। आंदोलन को मिला नया चेहरा ध्रुव राठी और प्रकाश राज की मौजूदगी से CJP के प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा मिली। सोशल मीडिया पर दोनों की भागीदारी और प्रदर्शन से जुड़े वीडियो भी तेजी से प्रसारित हुए। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की कथित भूमिका को लेकर प्रदर्शनकारी कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण संबंधित रिकॉर्ड, आधिकारिक जांच और न्यायिक समीक्षा के आधार पर ही किया जा सकता है। Source – The Indian Express, India Today, The Times of India, Jansatta, Loksatta जय राष्ट्र न्यूज़

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आने वाले महीनों में बड़ा खाद्य संकट? जयशंकर ने जताई चिंता, fertiliser shortage और El Niño को बताया खतरा

न्यूयॉर्क: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि आने वाले महीनों में दुनिया बड़े खाद्य संकट का सामना कर सकती है। उन्होंने Ukraine war, Iran-Gulf conflict, प्रमुख अनाज निर्यातक देशों की बाधित आपूर्ति, उर्वरकों की कमी और Super El Niño को इसके प्रमुख कारणों में गिनाया। जयशंकर ने कहा कि इन संकटों का सबसे ज्यादा असर Global South की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। प्रमुख अनाज निर्यातक देशों की आपूर्ति पर खतरा जयशंकर ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण कुछ बड़े अनाज निर्यातक देश अपनी नियमित खेप भेजने में सक्षम नहीं हो सकते। इससे अंतरराष्ट्रीय खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ सकता है और आयात पर निर्भर देशों में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं। Fertiliser shortage भी बड़ी चिंता उन्होंने वैश्विक उर्वरक संकट को भी गंभीर समस्या बताया। उर्वरकों की कमी सीधे कृषि उत्पादकता को प्रभावित कर सकती है। इससे आने वाली फसल चक्रों में उत्पादन घटने और खाद्य महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है। Super El Niño से बढ़ सकता है संकट जयशंकर ने Super El Niño का भी उल्लेख किया। अत्यधिक मौसमी बदलाव, बारिश के पैटर्न में परिवर्तन और सूखे जैसी स्थितियां फसलों की पैदावार तथा खाद्य उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में भू-राजनीतिक व्यवधान और जलवायु संबंधी दबाव मिलकर खाद्य सुरक्षा के लिए दोहरी चुनौती पैदा कर सकते हैं। Ukraine conflict का असर अब भी जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष ने वैश्विक अनाज और उर्वरक बाजारों को पहले ही प्रभावित किया है। यूक्रेन और रूस दोनों गेहूं, मक्का तथा उर्वरकों की वैश्विक आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए संघर्ष के कारण निर्यात और परिवहन में आने वाली बाधाओं का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है। Iran-Gulf conflict से ऊर्जा संकट भी गहरा जयशंकर ने कहा कि खाद्य संकट को ऊर्जा संकट से अलग करके नहीं देखा जा सकता। तेल बाजार में आपूर्ति संबंधी दबाव और भू-राजनीतिक तनाव कीमतों को बढ़ा सकते हैं। इससे परिवहन, कृषि मशीनरी और खेती में इस्तेमाल होने वाले अन्य संसाधनों की लागत भी बढ़ सकती है। Global South पर सबसे ज्यादा असर विदेश मंत्री ने कहा कि यूक्रेन और ईरान-खाड़ी क्षेत्र के संघर्षों का विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है। कम आय वाले देशों के लिए महंगे ईंधन, उर्वरक और आयातित खाद्य पदार्थों की लागत एक साथ संभालना मुश्किल हो सकता है। इससे उनकी अर्थव्यवस्था और आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। Energy और food का दोहरा संकट जयशंकर ने मौजूदा स्थिति को ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा दोहरा संकट बताया। एक ओर ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर दबाव है, तो दूसरी ओर अनाज निर्यात और उर्वरकों की उपलब्धता प्रभावित होने का खतरा है। दोनों संकट मिलकर महंगाई और गरीबी बढ़ा सकते हैं। India पर कितना असर? भारत के लिए स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर मानी जा रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत में फिलहाल बड़े खाद्य या उर्वरक संकट की आशंका कम बताई गई है। घरेलू भंडार और आपूर्ति प्रबंधन इसमें मददगार हो सकते हैं। हालांकि, वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी का असर आयात लागत और महंगाई के जरिए भारत पर भी पड़ सकता है। Food inflation का खतरा अगर उर्वरकों की लागत, कच्चे तेल और अनाज की कीमतें एक साथ बढ़ती हैं, तो खाद्य महंगाई पर इसका असर दिखाई दे सकता है। गरीब और कम आय वाले परिवार इससे अधिक प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि उनके कुल खर्च का बड़ा हिस्सा भोजन और ऊर्जा पर जाता है। IMF ने भी जीवन-यापन की लागत से जुड़े बार-बार पैदा होने वाले संकटों को गरीबी और महंगाई की उम्मीदों के लिए गंभीर चुनौती बताया है। Global cooperation पर जोर जयशंकर ने इस संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि यदि देश ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति को भू-राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं, तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और बढ़ सकती है। आने वाले महीने अहम अब वैश्विक अनाज निर्यात, उर्वरकों की उपलब्धता, El Niño की परिस्थितियों और मध्य पूर्व के ऊर्जा बाजारों पर नजर रहेगी। यदि इन मोर्चों पर हालात बिगड़ते हैं, तो आने वाले महीनों में खाद्य सुरक्षा दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती बन सकती है। जयशंकर की चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब वैश्विक संघर्षों और जलवायु संबंधी जोखिमों के कारण खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। Source – The Indian Express, The Times of India, NDTV, IMF जय राष्ट्र न्यूज़

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ज्ञानपुर जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, प्रसव पीड़ा में पहुंची महिला ने अस्पताल के बाहर दिया बच्चे को जन्म

भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 20 वर्षीय गर्भवती महिला को कथित तौर पर भर्ती न किए जाने के बाद उसने अस्पताल के बाहर सड़क किनारे बच्चे को जन्म दिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर कई डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रसव पीड़ा में अस्पताल पहुंची थी महिला रानी देवी नाम की 20 वर्षीय महिला को प्रसव पीड़ा होने पर एम्बुलेंस से ज्ञानपुर जिला अस्पताल लाया गया था। परिवार का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद उसे भर्ती नहीं किया गया और इलाज करने के बजाय दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अस्पताल के बाहर हुआ प्रसव अस्पताल से बाहर निकलने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों ने चादर की आड़ बनाकर सड़क किनारे ही प्रसव कराया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। जाति के आधार पर भेदभाव का भी आरोप महिला के परिवार ने आरोप लगाया कि उसे मुशहर समुदाय से होने के कारण कथित तौर पर इलाज से वंचित किया गया। हालांकि, यह परिवार की ओर से लगाया गया आरोप है। मामले की जांच में चिकित्सकीय लापरवाही और प्रशासनिक खामियों के पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया। Deputy CM ने लिया संज्ञान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने भदोही के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को मामले की जांच के लिए समिति गठित करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। Emergency Medical Officer पर कार्रवाई जांच में Emergency Medical Officer डॉ. पंकज कुमार को महिला की जांच और शुरुआती उपचार में लापरवाही का दोषी पाया गया। इसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। Staff nurse भी कार्रवाई के दायरे में स्टाफ नर्स नीलम मौर्य पर भी मरीज की जांच और एम्बुलेंस की व्यवस्था करने में लापरवाही का आरोप लगा। जांच के बाद उनके खिलाफ निलंबन और स्थानांतरण से जुड़ी कार्रवाई की गई। Gynaecologist की सैलरी रोकी गई स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति का सितंबर महीने का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया। एक अन्य डॉक्टर डॉ. नीलिमा धवन के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश भेजी गई। CMS के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. ए.के. तिवारी के खिलाफ प्रशासनिक लापरवाही को लेकर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई। इससे मामला केवल व्यक्तिगत लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अस्पताल के प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए। DM ने अस्पताल का किया निरीक्षण घटना के बाद जिला प्रशासन ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समय पर उपचार और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल यह मामला सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, कर्मचारियों की जवाबदेही और मरीजों के साथ व्यवहार जैसे अहम मुद्दों को सामने लाता है। प्रसव पीड़ा में अस्पताल पहुंची महिला को शुरुआती उपचार नहीं मिलने का आरोप जिला स्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कार्रवाई के बाद भी निगरानी जरूरी स्वास्थ्य विभाग ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन अब सबसे अहम सवाल यह है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों में निगरानी, आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों की जवाबदेही कितनी मजबूत की जाती है। Source – The Times of India, TV9 Bharatvarsh, Hindustan, Asianet News जय राष्ट्र न्यूज़

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10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी, नेहा बोरा और सौरव दास ने दी जानकारी

नई दिल्ली: Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, Special Intensive Revision (SIR) पर रोक और Election Commission की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी तेज हो गई है। CJP के co-convener सौरव दास और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शन की जानकारी दी और देशभर के युवाओं, छात्र संगठनों तथा नागरिक समूहों से दिल्ली पहुंचने की अपील की। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन CJP, AISA, AISF, SFI और अन्य छात्र संगठनों ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर संयुक्त प्रदर्शन का आह्वान किया है। आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल CEC के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें व्यापक चुनावी सुधारों की मांग भी उठाई जाएगी। Delhi Police को दी गई औपचारिक सूचना सौरव दास ने Parliament Street Police Station जाकर प्रस्तावित प्रदर्शन की औपचारिक सूचना Delhi Police को दी। उन्होंने कहा कि आयोजकों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ी आवश्यक अंडरटेकिंग भी जमा की हैं और पुलिस से सहयोग की उम्मीद है। नेहा बोरा ने युवाओं से की अपील प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेहा बोरा ने छात्रों और युवाओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इस आंदोलन को मतदान के अधिकार, संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन की प्रमुख मांग Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। CJP और उससे जुड़े संगठनों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताएं हुई हैं। Election Commission और BJP इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। SIR पर रोक लगाने की भी मांग आयोजक Special Intensive Revision प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मतदाता सूची में संशोधन को लेकर उठे सवालों का समाधान नहीं होता, तब तक इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। ‘लंबी लड़ाई’ के लिए तैयार रहने की अपील सौरव दास ने समर्थकों से कहा कि वे केवल एक दिन के प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बाद भी चुनावी सुधारों की मांग जारी रहेगी। कई छात्र संगठन साथ आए AISA, AISF, SFI और AAP की छात्र इकाई ASAP समेत कई संगठनों ने प्रदर्शन में भाग लेने की घोषणा की है। इससे 10 अक्टूबर का कार्यक्रम बड़े छात्र जुटाव में बदल सकता है। BKU ने भी भाग लेने का ऐलान किया 9 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने भी घोषणा की कि संगठन 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होगा। इससे आंदोलन में किसान संगठनों की भागीदारी भी जुड़ गई है। Delhi Police ने अनुमति के नियमों का दिया हवाला Delhi Police का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है। पुलिस ने यह भी कहा है कि निर्धारित भीड़ सीमा और कानून-व्यवस्था से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। भारी सुरक्षा की तैयारी 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को देखते हुए Delhi Police और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, मेट्रो स्टेशनों, कैब की आवाजाही, हिरासत केंद्रों और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं को लेकर आकस्मिक योजनाएं तैयार की गई हैं। हिरासत में लिए जाने को लेकर आरोप 9 अक्टूबर को CJP ने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वाले कई समर्थकों और छात्रों को हिरासत में लिया गया। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया है, हालांकि सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। 10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर टिकी नजर अब सभी की नजर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन पर है। एक तरफ आयोजक इसे राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का अगला चरण बता रहे हैं, वहीं Delhi Police कानून-व्यवस्था और अनुमति से जुड़ी शर्तों के पालन पर जोर दे रही है। Source – The Indian Express, Reuters, Hindustan Times, The New Indian Express, The Quint, Navbharat Times जय राष्ट्र न्यूज़

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Texas में Jamaal Howard को lethal injection से execution, Supreme Court ने आखिरी अपील खारिज की

टेक्सास: अमेरिका के Texas राज्य में 46 वर्षीय Jamaal Howard को 7 अक्टूबर 2026 की रात lethal injection देकर मृत्युदंड दिया गया। Howard को 2000 में convenience store clerk Vickie Swartout की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। Execution से कुछ समय पहले उनकी legal team ने U.S. Supreme Court से stay मांगा, लेकिन Court ने उनकी आखिरी appeal और habeas petition खारिज कर दी। Supreme Court ने stay से किया इनकार Jamaal Howard की ओर से Supreme Court में emergency application दाखिल की गई थी। उनकी legal team ने execution रोकने की मांग की, लेकिन 7 अक्टूबर को Supreme Court ने stay application और habeas corpus petition दोनों खारिज कर दिए। रात 8:03 बजे मृत घोषित Texas Department of Criminal Justice के अनुसार Howard को Huntsville Unit में lethal injection दिया गया। उन्हें रात 8:03 बजे मृत घोषित किया गया। Execution में pentobarbital का इस्तेमाल किया गया। 2000 की हत्या के मामले में मिली थी सजा Howard को 2001 में capital murder का दोषी ठहराया गया था। आरोप था कि उन्होंने 2000 में Silsbee स्थित convenience store में robbery के दौरान 42 वर्षीय Vickie Swartout को गोली मार दी थी। आखिरी appeal में intellectual disability का मुद्दा Howard की legal team ने दावा किया था कि वह intellectually disabled हैं और इसलिए Eighth Amendment के तहत उन्हें execute नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने नए clinical standards का हवाला देते हुए दोबारा hearing की मांग की, लेकिन Fifth Circuit और Supreme Court दोनों से राहत नहीं मिली। Lethal injection की safety पर भी उठे सवाल Howard के lawyers ने execution drug की quality और safety को लेकर भी चिंता जताई थी। यह argument Tennessee में Christa Pike की हालिया failed lethal injection attempt के बाद और अहम हो गया था, क्योंकि Howard के execution में भी pentobarbital इस्तेमाल हुआ। Tennessee की failed execution के बाद पहला मामला Howard का execution अमेरिका में उस failed execution attempt के बाद पहला था, जिसमें Tennessee में Christa Pike को lethal injection देने की कोशिश सफल नहीं हुई थी। उस घटना के बाद execution protocols पर nationwide debate तेज हो गई थी। आखिरी बयान में मांगी माफी Execution से पहले Howard ने victim Vickie Swartout के परिवार से माफी मांगी। उन्होंने forgiveness की अपील की और अपने परिवार तथा करीबी लोगों को भी संदेश दिया। 2026 में Texas का सातवां execution Reports के अनुसार Jamaal Howard का execution 2026 में Texas का सातवां और पूरे अमेरिका का करीब 30वां execution था। Death penalty पर फिर तेज हुई बहस Christa Pike की failed lethal injection और Howard के execution के बाद अमेरिका में death penalty और lethal injection protocols को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। Critics drug quality, pain और execution procedures पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि समर्थक इसे अदालत द्वारा दी गई सजा के enforcement के रूप में देखते हैं। कानूनी लड़ाई का अंत Howard की अंतिम appeals खारिज होने के बाद execution पूरा किया गया। उनकी intellectual disability और execution method से जुड़े arguments अदालतों में अंतिम राहत नहीं दिला सके। Source – U.S. Supreme Court, Texas Tribune, Associated Press, The Guardian जय राष्ट्र न्यूज़

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Pramod Bhagat और Bhavina Patel Asian Para Games के लिए India के flag bearers चुने गए

नई दिल्ली: भारत के स्टार para athletes Pramod Bhagat और Bhavina Patel को आगामी Asian Para Games 2026 के opening ceremony के लिए भारत का flag bearer चुना गया है। दोनों खिलाड़ी अपने-अपने खेल में भारत के सबसे सफल para athletes में शामिल हैं और international level पर कई बड़े medals जीत चुके हैं। Pramod Bhagat para badminton के दिग्गज Pramod Bhagat para badminton में भारत के सबसे बड़े नामों में शामिल हैं। उन्होंने Paralympics, World Championships और Asian competitions में देश के लिए कई medals जीते हैं और लंबे समय से international circuit पर India का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। Bhavina Patel table tennis की बड़ी स्टार Bhavina Patel para table tennis में भारत की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं। Tokyo Paralympics में silver medal जीतने के बाद उन्होंने international stage पर लगातार भारत का नाम रोशन किया है। Opening Ceremony में थामेंगे तिरंगा Asian Para Games की opening ceremony में Pramod Bhagat और Bhavina Patel भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे। Flag bearer बनना किसी भी athlete के लिए बड़ा सम्मान माना जाता है और यह उनकी sporting achievements की recognition भी है। India का बड़ा contingent Asian Para Games में भारत एक बड़े contingent के साथ उतरने जा रहा है। Athletics, badminton, table tennis, shooting, archery और अन्य para sports में Indian athletes से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। Medal tally सुधारने पर नजर भारत पिछले Asian Para Games editions में लगातार बेहतर प्रदर्शन करता आया है। इस बार भी लक्ष्य medal tally को और मजबूत करना और ज्यादा events में podium finish हासिल करना होगा। अनुभवी athletes पर बड़ी जिम्मेदारी Pramod Bhagat और Bhavina Patel जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी युवा para athletes के लिए भी motivation मानी जा रही है। दोनों athletes पहले ही बड़े international events में pressure handle कर चुके हैं और team environment में leadership role निभा सकते हैं। Para sports को मिल रही ज्यादा पहचान हाल के वर्षों में भारत में para sports की visibility और support बढ़ा है। Paralympics और Asian Para Games में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने para athletes को mainstream sporting recognition दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है। भारत को दोनों से medal की उम्मीद Flag bearer की जिम्मेदारी के साथ Pramod Bhagat और Bhavina Patel से अपने respective events में भी medals की उम्मीद रहेगी। दोनों athletes का experience भारत की medal campaign में अहम साबित हो सकता है। Opening Ceremony पर रहेगी नजर Asian Para Games की opening ceremony में दोनों भारतीय तिरंगा लेकर contingent के आगे चलेंगे। यह moment भारतीय para sports के लिए symbolic और inspiring दोनों माना जा रहा है। source – The Times of India / Asian Para Games Organising Committee / Paralympic Committee of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Elon Musk ने Starlink India launch में देरी पर उठाए सवाल, सरकार बोली—Security clearance और spectrum allocation अभी बाकी

नई दिल्ली: SpaceX प्रमुख Elon Musk ने भारत में Starlink की commercial satellite internet service शुरू होने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। Musk ने आरोप लगाया कि कुछ “oligarchs” Starlink की entry रोककर telecom market पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहते हैं। केंद्र सरकार ने इस आरोप को “baseless and misconceived” बताते हुए कहा कि Starlink समेत satellite communication licences पाने वाली तीनों कंपनियां लगभग एक ही regulatory stage पर हैं और mandatory security approvals तथा spectrum allocation की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। Musk ने ‘oligarchs’ पर लगाया आरोप Elon Musk ने social media platform X पर एक post का जवाब देते हुए कहा कि Starlink को भारत में कुछ शक्तिशाली कारोबारी हितों द्वारा कथित तौर पर रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे देश के underserved और remote इलाकों को satellite broadband का फायदा मिलने में देरी हो रही है। Musk ने हालांकि किसी व्यक्ति या company का नाम नहीं लिया। केंद्र सरकार ने आरोप किया खारिज Ministry of Communications ने Musk का नाम लिए बिना satellite communication approvals में भेदभाव के आरोप को खारिज किया। सरकार ने कहा कि भारत में satcom services के लिए fair और non-discriminatory authorisation framework लागू है और सभी applicants पर समान नियम लागू होते हैं। तीन कंपनियां लगभग एक ही regulatory stage पर सरकार के मुताबिक satellite communication licences प्राप्त कर चुकी तीनों entities फिलहाल broadly एक ही regulatory stage पर हैं। इसका मतलब है कि Starlink को किसी अलग प्रक्रिया या विशेष देरी का सामना कराने का सरकारी दावा नहीं है। Security clearance अभी सबसे बड़ा hurdle Starlink को commercial service शुरू करने से पहले national security से जुड़े mandatory approvals पूरे करने होंगे। Security agencies satellite communication networks की monitoring, lawful interception, data handling और strategic security से जुड़े नियमों की जांच कर रही हैं। Spectrum allocation भी बाकी Security clearance के अलावा satellite spectrum allocation पर भी final प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। TRAI ने satellite spectrum pricing को लेकर recommendations दी हैं, लेकिन commercial rollout के लिए सरकार की अंतिम allocation प्रक्रिया जरूरी है। Starlink ने तैयार किए 20 gateway sites SpaceX का कहना है कि उसने भारत में commercial operations की तैयारी काफी हद तक पूरी कर ली है। Company executive के मुताबिक देश में 20 gateway sites तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें hundreds of antennas लगाए गए हैं और infrastructure को Indian security requirements के अनुरूप तैयार किया गया है। ‘India तैयार होते ही हम तैयार’ Starlink की Business Operations VP Lauren Dreyer ने India Mobile Congress में कहा कि company पिछले करीब पांच साल से Indian regulators के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि Starlink India में service शुरू करने के लिए तैयार है और केवल remaining regulatory approvals का इंतजार कर रहा है। Manipur में मिले Starlink devices पर भी सवाल Security concerns की पृष्ठभूमि में 2024 में Manipur में security forces को operations के दौरान Starlink equipment मिला था। हालांकि Musk ने दावा किया है कि उस समय Starlink satellite beams India के ऊपर बंद थे और service officially active नहीं थी। Starlink को licence पहले ही मिल चुका Starlink को भारत में satellite communication services से जुड़े शुरुआती licences और कुछ statutory approvals पहले ही मिल चुके हैं। इसके बावजूद final security clearance और spectrum allocation के बिना company commercial customers के लिए network शुरू नहीं कर सकती। Jio और Airtel भी satellite internet race में भारत का satellite broadband market केवल Starlink तक सीमित नहीं है। Reliance Jio और Bharti Airtel से जुड़े satellite ventures भी इस market में मौजूद हैं और उन्हें भी commercial operations से पहले regulatory approvals पूरे करने होंगे। बड़ा हो सकता है India का satellite broadband market India का satellite broadband sector आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने की संभावना है। Reuters के मुताबिक Deloitte ने अनुमान लगाया है कि 2030 तक भारतीय satellite broadband market करीब $1.9 billion तक पहुंच सकता है। Launch date अभी तय नहीं Starlink की India launch date को लेकर अभी कोई official तारीख घोषित नहीं की गई है। Commercial operations तभी शुरू हो पाएंगे जब security clearance, spectrum allocation और बाकी regulatory conditions पूरी हो जाएंगी। इसलिए Musk के आरोपों के बावजूद launch timeline फिलहाल approvals पर निर्भर है। Source – Reuters, The Indian Express, India Today, Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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