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जय राष्ट्र न्यूज

Odisha में INDIA bloc का 12 घंटे का statewide bandh, mining law, textbook errors और SIR को लेकर विरोध

भुवनेश्वर: ओडिशा में 8 अक्टूबर 2026 को INDIA bloc की विभिन्न पार्टियों ने 12 घंटे का statewide bandh बुलाया। बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक रखा गया है। प्रदर्शनकारी MMDR Amendment Act, school textbooks में कथित errors और electoral rolls की Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विरोध कर रहे हैं। बंद का असर कई जिलों में transport, shops, petrol pumps और educational institutions पर दिखाई दिया। सुबह 6 बजे से शुरू हुआ bandh Odisha bandh सुबह 6 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलना है। Congress, CPI, CPI(M), CPI(ML) Liberation, Forward Bloc, NCP (Sharad Pawar), Samajwadi Party, RJD और JMM समेत INDIA bloc की कई पार्टियां इसमें शामिल हैं। कई जिलों में सड़कें जाम Bhubaneswar, Cuttack, Bargarh, Bhadrak, Balasore, Rayagada, Kendrapara, Bolangir, Berhampur और Sambalpur समेत कई जगह demonstrations और road blockades किए गए। कुछ स्थानों पर protesters ने buses, trucks, taxis और autorickshaws को रोकने की कोशिश की और tyres भी जलाए गए। Public transport पर पड़ा असर Bandh का सबसे ज्यादा असर public transport पर देखने को मिला। कई जगह buses और autorickshaws कम चले, जिससे commuters, students और office-goers को परेशानी हुई। कुछ routes पर Ama Bus services भी प्रभावित हुईं। Shops और educational institutions भी बंद राज्य के कुछ हिस्सों में shops, business establishments, petrol pumps और educational institutions बंद रहे। हालांकि बंद का असर हर जिले में एक जैसा नहीं रहा। Essential services को रखा गया बाहर Hospitals, ambulances, fire services, pharmacies और milk supply जैसी essential services को bandh से बाहर रखा गया। Opposition parties ने कहा कि emergency services बाधित नहीं की जाएंगी। Mining law को वापस लेने की मांग INDIA bloc की प्रमुख मांगों में MMDR Amendment Act, 2026 को वापस लेना शामिल है। Opposition का आरोप है कि नया mining framework mineral-rich states के taxation rights को सीमित करता है। केंद्र इस कानून को uniform national framework से जोड़ता है। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग Bandh में Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। Opposition SIR को लेकर voter-list irregularities के आरोप लगा रहा है। Election Commission इन आरोपों को खारिज करता रहा है और revision को electoral rolls की accuracy सुधारने की प्रक्रिया बताता है। Textbook errors भी बड़ा मुद्दा Odisha school textbooks में बड़ी संख्या में errors को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा है। एक जांच panel ने करीब 1,700 से अधिक mistakes के पीछे weak academic scrutiny और unrealistic timelines जैसे कारण बताए थे। Nityananda Gond के इस्तीफे की मांग Opposition ने Odisha School and Mass Education Minister Nityananda Gond के इस्तीफे की भी मांग की है। यह मांग school textbooks में कथित गलतियों को लेकर उठाई गई है। BJD ने bandh से बनाई दूरी Biju Janata Dal ने इस bandh में हिस्सा नहीं लिया। BJD ने कहा कि वह BJP और Congress दोनों से समान दूरी बनाए रखेगी, हालांकि पार्टी mining law और textbook errors जैसे मुद्दों पर अलग से सरकार का विरोध कर चुकी है। पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा Odisha सरकार ने district collectors और police अधिकारियों को preventive measures लेने और law and order बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। Bhubaneswar-Cuttack Police Commissioner ने कहा कि protesters को constitutional rights के दायरे में प्रदर्शन करने की अनुमति है, लेकिन हिंसा या जबरन disruption बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंद का राजनीतिक असर यह bandh केवल state-level issues तक सीमित नहीं है। Mining rights, education और electoral roll revision जैसे मुद्दों को जोड़कर INDIA bloc ने इसे broader political protest के रूप में पेश किया है, जिससे Odisha की राजनीति में BJP सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। Source – India Today, The Economic Times, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR, दिल्ली पुलिस ने पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट और ड्यूटी में बाधा का लगाया आरोप

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ INDIA bloc के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई 7 अक्टूबर को हुए उस प्रदर्शन के बाद हुई, जिसमें विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा था। 7 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा मामला मामला बुधवार को हुए INDIA bloc के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। Opposition MPs और नेताओं ने Election Commission तथा CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह धक्का-मुक्की हुई। राहुल-प्रियंका पर क्या आरोप हैं? Delhi Police की FIR में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट और उन्हें सरकारी ड्यूटी करने से रोकने के आरोप लगाए गए हैं। Police sources के मुताबिक FIR में assault और obstruction से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। कई FIR दर्ज होने की बात पूरे protest episode से जुड़े मामलों में कम से कम तीन FIRs दर्ज की गई हैं। इनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिसकर्मी ने हमले का लगाया आरोप Delhi Police के constable Ankit Kasana ने आरोप लगाया कि protest के दौरान करीब 30-35 लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी uniform फाड़ी गई, उन्हें scratch किया गया और bite भी किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। Viral videos की हो रही जांच Delhi Police protest के कई mobile और social media videos की जांच कर रही है। Police यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन लोगों ने कथित तौर पर personnel को obstruct या assault किया और किसकी क्या भूमिका थी। Akashvani Bhavan मामले में भी अलग FIR राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ एक अलग FIR उस घटना को लेकर भी दर्ज की गई है जिसमें वे पुलिस द्वारा Election Commission march रोके जाने के बाद Akashvani Bhavan परिसर में चले गए थे। Delhi Police ने उस मामले में भी unauthorized entry और related allegations की जांच शुरू की है। कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए जवाबी आरोप Congress ने Delhi Police के आरोपों को एकतरफा बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि police ने opposition MPs और workers के साथ force का इस्तेमाल किया और कई महिला नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ कथित बदसलूकी हुई। राहुल गांधी के कथित push पर भी विवाद एक viral video में राहुल गांधी और एक महिला police personnel के बीच interaction को लेकर भी विवाद हुआ। BJP ने इसे police officer को push करने का मामला बताया, जबकि Congress का कहना है कि राहुल गांधी एक महिला worker को बचाने की कोशिश कर रहे थे। CEC विरोध से जुड़ा पूरा मामला यह FIR उस व्यापक आंदोलन के बीच दर्ज हुई है जिसमें INDIA bloc Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग कर रहा है। Opposition SIR और voter-list revision को लेकर Election Commission पर सवाल उठा रहा है, जबकि BJP और Election Commission इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। राहुल गांधी बोले—FIR से नहीं रुकेंगे Rahul Gandhi ने संकेत दिया है कि FIRs के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह CEC के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेंगे और FIRs को लेकर भी चुनौतीपूर्ण रुख दिखाया। आरोप अभी साबित नहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ दर्ज FIRs में लगाए गए आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं। आगे police investigation, video evidence और judicial process के बाद ही किसी criminal liability पर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। Source – The Indian Express, India Today, Reuters, The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली के सीमापुरी में इमारत ढही, 4 की मौत; कई घायल, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में एक बहुमंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। घटना में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों में एक गर्भवती महिला और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद Delhi Fire Service, Police और rescue teams ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। दोपहर करीब 3:30 बजे ढही इमारत यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे न्यू सीमापुरी की संकरी गलियों में हुआ। Delhi Fire Service को collapse की सूचना मिलने के बाद कई fire tenders और rescue teams मौके पर भेजी गईं। 11 लोग मलबे में फंसे थे प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक collapse के बाद करीब 11 लोग मलबे में फंस गए थे। स्थानीय लोग भी firefighters के साथ debris हटाने और लोगों को निकालने में मदद करते नजर आए। गर्भवती महिला की भी मौत मृतकों में 21 वर्षीय Gulafsa भी शामिल थीं, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं। परिवार के अनुसार मलबे में दबे रहने के दौरान उन्होंने फोन कर पानी मांगा और सांस लेने में परेशानी की बात कही थी। बाद में उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। बच्चों की भी गई जान इस हादसे में बच्चों की मौत की भी पुष्टि हुई है। अलग-अलग शुरुआती reports में मृतकों की संख्या तीन बताई गई थी, लेकिन बाद में death toll बढ़कर चार हो गई। 8 लोग घायल पुलिस के मुताबिक कम से कम 8 लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें एक तीन साल का बच्चा भी शामिल था। घायलों का इलाज आसपास के hospitals में किया जा रहा है। इमारत की मंजिलों को लेकर अलग-अलग जानकारी शुरुआती reports में इसे पांच मंजिला building बताया गया, जबकि MCD के बयान में structure को ground-plus-three-floor बताया गया है। MCD के मुताबिक इमारत करीब 20-25 साल पुरानी थी और लगभग 25 square yards DUSIB land पर बनी थी। भूकंप के बाद cracks आने का दावा कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि हाल में आए tremors के बाद building में cracks दिखाई दिए थे। हालांकि collapse का वास्तविक कारण अभी official investigation से तय होना बाकी है। पास की इमारत भी demolition के लिए चिन्हित थी ताजा reports में यह भी सामने आया कि इलाके की एक nearby building पहले से demolition के लिए marked थी। इससे पूरे इलाके में पुराने और कमजोर structures की safety को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। संकरी गलियों ने rescue operation किया मुश्किल हादसे वाली जगह densely populated area में है। संकरी गलियों की वजह से heavy rescue equipment और ambulances को घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किल हुई, जिससे operation चुनौतीपूर्ण बना रहा। जांच के बाद पता चलेगा collapse का कारण Authorities अब यह जांच कर रही हैं कि building में structural weakness, unauthorized construction या अन्य किसी कारण से collapse हुआ। Structural safety और civic approvals की भी जांच की जा सकती है। इलाके में traffic advisory हादसे के बाद आसपास की सड़कों पर traffic restrictions भी लगाई गईं। लोगों को rescue operation पूरा होने तक affected area से बचने की सलाह दी गई। Source – The Indian Express, Hindustan Times, NDTV, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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“संविधान बचाने की लड़ाई में आप लोग जरूर आएं—10 अक्टूबर”: नेहा बोरा की अपील

नई दिल्ली: AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शन में लोगों से शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर है। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन CJP और कई student organisations ने 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर संयुक्त प्रदर्शन का आह्वान किया है। Organisers ने Delhi Police को प्रदर्शन की औपचारिक सूचना भी दे दी है और nationwide mobilisation की अपील की है। नेहा बोरा ने लोगों से की अपील Press conference में Neha Bora ने छात्र संगठनों, विपक्षी दलों और नागरिक समूहों से एकजुट होकर प्रदर्शन में शामिल होने को कहा। उन्होंने इसे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा से जुड़ी लंबी लड़ाई बताया। CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar का इस्तीफा शामिल है। Organisers ने उनके खिलाफ criminal action की मांग भी उठाई है, हालांकि ये राजनीतिक और आंदोलनकारी मांगें हैं और किसी अदालत ने उनके खिलाफ अपराध सिद्ध नहीं किया है। SIR पर रोक की मांग Student groups और CJP ने Special Intensive Revision यानी SIR को रोकने की भी मांग की है। उनका आरोप है कि voter-list revision से eligible voters के नाम प्रभावित हो सकते हैं। Election Commission इन आरोपों से इनकार करता रहा है और revision को voter rolls की accuracy सुधारने की प्रक्रिया बताता है। January 2025 Voter List बहाल करने की मांग Organisers ने January 2025 की voter list को restore करने की भी मांग रखी है। उनका कहना है कि इससे voter deletion को लेकर उठे विवादों का समाधान हो सकता है। Election Commission Appointment Law पर भी सवाल प्रदर्शन से जुड़े समूह 2023 के Election Commission appointments law को भी बदलने की मांग कर रहे हैं। वे Chief Election Commissioner और Election Commissioners की नियुक्ति के लिए ज्यादा independent selection mechanism चाहते हैं। “लंबी लड़ाई” की तैयारी CJP co-convener Saurav Das ने supporters से कहा कि वे लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहें। उन्होंने संकेत दिया कि Gyanesh Kumar के इस्तीफे के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं होगा, क्योंकि focus wider electoral reforms पर है। कई छात्र संगठन साथ AISA के अलावा AISF, SFI और अन्य student groups ने भी 10 अक्टूबर के protest में भाग लेने की घोषणा की है। इससे प्रदर्शन के बड़े student mobilisation में बदलने की संभावना जताई जा रही है। Delhi Police के नियम भी लागू Delhi Police ने साफ किया है कि Jantar Mantar पर protest के लिए prior permission जरूरी है और gathering size पर भी limits लागू हैं। Police के अनुसार आमतौर पर 10 दिन पहले अनुमति लेनी होती है और एक समय में 1,000 से ज्यादा लोगों की gathering की अनुमति नहीं होती। हाल के प्रदर्शनों में कई लोग हिरासत में इससे पहले Jantar Mantar और Election Commission के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में कई student leaders, activists और opposition leaders को हिरासत में लिया जा चुका है। Neha Bora भी पिछले दिनों police detention का सामना कर चुकी हैं। 10 अक्टूबर पर टिकी नजर अब सबसे ज्यादा नजर 10 अक्टूबर के Jantar Mantar protest पर रहेगी। Organisers इसे nationwide mobilisation का अगला बड़ा चरण बता रहे हैं, जबकि Delhi Police law and order और permission rules के पालन पर जोर दे रही है। Source – The Quint, The New Indian Express, The Indian Express, Times of India, Jansatta जय राष्ट्र न्यूज़

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देवघर में ATM चोरी का फिल्मी अंदाज, गैस कटर से काटकर 500 मीटर घसीटा; कार में लादकर फरार हुए चोर

देवघर: झारखंड के देवघर में चोरों ने फिल्मी अंदाज में SBI का पूरा ATM ही उखाड़ लिया। नंदन पहाड़ इलाके में करीब सात बदमाशों ने पहले ATM का shutter काटा, फिर gas cutter और रस्सी की मदद से मशीन बाहर निकाली। इसके बाद ATM को करीब 500 मीटर तक सड़क पर घसीटा और कार में लादकर फरार हो गए। मशीन में करीब ₹4.82 लाख cash होने की बात सामने आई है। तड़के 3:30 से 4 बजे के बीच वारदात घटना 6 अक्टूबर की सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच हुई। बदमाशों ने उस समय वारदात को अंजाम दिया जब ATM पर security guard मौजूद नहीं था। Guard की duty रात 10 बजे तक थी। पहले Shutter काटा, फिर पूरी ATM Machine उखाड़ी चोरों ने पहले ATM kiosk का shutter तोड़ा। इसके बाद gas cutter की मदद से machine को अलग किया और रस्सी से बांधकर बाहर खींच लिया। 500 मीटर तक सड़क पर घसीटा ATM CCTV footage में आरोपियों को भारी ATM machine को करीब 500 मीटर तक घसीटते देखा गया। इसके बाद मशीन को एक car में लादा गया और आरोपी मौके से फरार हो गए। करीब ₹4.82 लाख Cash था ATM में ताजा जांच के मुताबिक ATM में करीब ₹4.82 लाख cash मौजूद था। शुरुआती रिपोर्टों में रकम स्पष्ट नहीं थी, लेकिन बाद में bank records और जांच के आधार पर यह figure सामने आया। CCTV में सात सदस्यीय Gang की तस्वीर पुलिस को CCTV footage में करीब सात लोगों की गतिविधियां दिखाई दी हैं। सभी ने चेहरे ढके हुए थे और वारदात को काफी planning के साथ अंजाम दिया गया। ATM का Monitor Screen बरामद जांच के दौरान पुलिस को चोरी गई ATM machine का monitor screen देवीपुर इलाके से मिला। यह screen AIIMS Road के पास रामुडीह-तिलजोरी मोड़ के आसपास बरामद किया गया। छह थानों की पुलिस जांच में जुटी ताजा update में देवघर पुलिस ने investigation का दायरा बढ़ा दिया है। ATM theft case के खुलासे के लिए छह police stations की teams को लगाया गया है और आसपास के routes तथा vehicles की जांच की जा रही है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस CCTV footage, vehicle movement और mobile location data समेत अलग-अलग technical inputs की जांच कर रही है। ATM का Alarm नहीं बजा जांच में एक और सवाल सामने आया है कि वारदात के दौरान ATM का alarm या hooter क्यों नहीं बजा। कुछ reports के मुताबिक आरोपियों ने CCTV system को भी disable करने की कोशिश की थी। शहर की सीमाओं पर बढ़ाई गई Checking घटना के बाद Deoghar Police ने शहर के entry और exit points पर checking बढ़ाई। अधिकारियों ने संदिग्ध वाहनों की जांच और neighbouring districts की police से coordination शुरू किया है। Professional Gang का शक वारदात के तरीके को देखते हुए police को शक है कि इसके पीछे organised और experienced gang हो सकता है। Gas cutter, rope और getaway car का इस्तेमाल यह संकेत देता है कि theft पहले से plan की गई थी। Source – The Times of India, Hindustan, Aaj Tak, Navbharat Times जय राष्ट्र न्यूज़

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छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: चार्जशीट में कुमार विश्वास को ₹25 लाख भुगतान का उल्लेख, WhatsApp चैट का हवाला

रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित coal levy scam में Economic Offences Wing (EOW) की पूरक चार्जशीट से एक नया खुलासा सामने आया है। चार्जशीट में कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास के एक कार्यक्रम के लिए ₹25 लाख के भुगतान का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार इस भुगतान से जुड़ी बातचीत कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई WhatsApp chats में सामने आई। 9,500 पन्नों की पूरक चार्जशीट EOW ने coal levy case में करीब 9,500 पन्नों की supplementary chargesheet अदालत में पेश की है। इसमें कथित तौर पर ₹500 करोड़ से ज्यादा की अवैध वसूली, financial transactions और कई लोगों के बीच हुई communications का विवरण शामिल है। पेज 66 पर ₹25 लाख का जिक्र रिपोर्टों के मुताबिक चार्जशीट के page 66 पर कुमार विश्वास के एक कार्यक्रम के लिए ₹25 लाख दिए जाने का उल्लेख है। हालांकि इससे यह साबित नहीं होता कि कुमार विश्वास को रकम के source की जानकारी थी या उनकी किसी कथित घोटाले में भूमिका थी। Khairagarh में आयोजित हुआ था कार्यक्रम चार्जशीट से जुड़ी reports के अनुसार यह मामला 5 अप्रैल 2022 की WhatsApp conversation से जुड़ा है। उस समय Khairagarh में Ram Navami के अवसर पर कुमार विश्वास का एक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात सामने आई थी। देवेंद्र यादव-सूर्यकांत तिवारी की चैट का हवाला जांच एजेंसी ने कथित तौर पर Devendra Yadav और Suryakant Tiwari के बीच हुई chats को evidence के रूप में शामिल किया है। इन्हीं conversations में कार्यक्रम और payment की चर्चा होने का दावा किया गया है। घोटाले की रकम से भुगतान का आरोप EOW का आरोप है कि कार्यक्रम के लिए दी गई रकम कथित coal levy collection से जुड़े funds से आई थी। यह जांच एजेंसी का आरोप है और इसकी अंतिम कानूनी पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में होगी। कुमार विश्वास आरोपी नहीं यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उपलब्ध reports में कुमार विश्वास को chargesheeted accused के रूप में नहीं बताया गया है। उनका नाम कथित payment recipient के संदर्भ में सामने आया है, न कि घोटाले की साजिश या illegal collection में आरोपी के तौर पर। 540 करोड़ के आसपास का बताया जा रहा घोटाला EOW की जांच में coal levy scam की रकम करीब ₹540 करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि coal transportation और related businesses से संगठित तरीके से illegal levy वसूली गई। कई नेताओं और अधिकारियों के नाम चार्जशीट में कई राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों से जुड़े कथित transactions का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी का दावा है कि एक organised network के जरिए रकम collect और distribute की गई। WhatsApp और Digital Evidence अहम EOW ने इस मामले में WhatsApp chats, digital records और financial documents को investigation का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। इन digital records के आधार पर अलग-अलग payments और events के बीच alleged links तलाशे जा रहे हैं। न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी वास्तविकता Chargesheet में किसी व्यक्ति को payment का उल्लेख होना अपने आप में उस व्यक्ति की criminal involvement साबित नहीं करता। कुमार विश्वास को भुगतान, रकम के source और payment के उद्देश्य को लेकर EOW के दावों की अंतिम जांच और कानूनी स्थिति अदालत में तय होगी। Source – EOW Chhattisgarh, Navbharat Times, Times of India, Local Chhattisgarh Media जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian Games Gold Medallist Sanju Devi ने वायरल वीडियो पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं—“स्वागत में 8 हजार लोग आए थे”

नई दिल्ली/रायपुर: Asian Games 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ gold medal जीतने वाली Sanju Devi ने अपनी घर वापसी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और दावों पर सफाई दी है। कुछ वीडियो में उन्हें airport से अकेले सामान लेकर बाहर निकलते दिखाया गया था और दावा किया गया कि gold medal जीतने के बावजूद उनका कोई स्वागत नहीं हुआ। Sanju Devi ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि उनका भव्य स्वागत airport के भीतर किया गया था और बाहर करीब 8,000 लोग मौजूद थे। Viral Video से शुरू हुई चर्चा सोशल मीडिया पर Sanju Devi का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें वह airport से अकेले बाहर निकलती नजर आईं। वीडियो के आधार पर कई users ने सवाल उठाया कि Asian Games gold medallist को उचित स्वागत क्यों नहीं मिला। Sanju Devi ने खुद दी सफाई विवाद बढ़ने के बाद Sanju Devi ने खुद video message के जरिए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं, वे सही नहीं हैं और AKFI तथा Sports Authority of India ने खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया था। “बाहर 8 हजार लोगों की भीड़ थी” Sanju Devi ने कहा कि airport के बाहर लगभग 8,000 लोग मौजूद थे। इसी वजह से सुरक्षा और crowd management को देखते हुए reception airport premises के अंदर आयोजित किया गया। अकेले क्यों दिखीं Sanju Devi? उन्होंने यह भी बताया कि सभी खिलाड़ी अपने-अपने hometown के लिए अलग-अलग समय पर रवाना हुए थे। इसी वजह से वह बाहर निकलते समय अकेली दिखाई दीं और उसी वीडियो को गलत संदर्भ में वायरल किया गया। AKFI और SAI पर लगे आरोपों को किया खारिज Sanju Devi ने साफ कहा कि Amateur Kabaddi Federation of India और Sports Authority of India पर स्वागत न करने के आरोप गलत हैं। उनके मुताबिक officials ने पूरी टीम का सम्मान और स्वागत किया था। Asian Games में जीता था Gold Sanju Devi Indian women’s kabaddi team की सदस्य थीं जिसने Aichi-Nagoya Asian Games 2026 में gold medal जीता। इस उपलब्धि के साथ वह Chhattisgarh से Asian Games gold जीतने वाली प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हुईं। Chhattisgarh सरकार ने भी किया सम्मानित Sanju Devi की उपलब्धि के बाद Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai ने उन्हें सम्मानित किया था। राज्य सरकार ने उनके लिए ₹51 लाख की प्रोत्साहन राशि की घोषणा भी की। Viral Narrative और Ground Reality में फर्क Sanju Devi का clarification यह दिखाता है कि सोशल मीडिया के छोटे video clips कई बार पूरी घटना की तस्वीर पेश नहीं करते। Airport के बाहर अकेले निकलने का दृश्य देखकर स्वागत न होने का निष्कर्ष निकाला गया, जबकि खिलाड़ी ने खुद इस दावे को खारिज किया। खिलाड़ियों के सम्मान को लेकर उठी थी बहस Viral video के बाद sports fans ने खिलाड़ियों के सम्मान और recognition को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि Sanju Devi के बयान के बाद यह साफ हुआ कि उनके स्वागत को लेकर जो narrative बनाया गया था, वह अधूरा था। Sanju Devi ने अफवाहें न फैलाने की अपील की उन्होंने indirectly यह संदेश भी दिया कि बिना पूरी जानकारी के federation या sports authorities पर आरोप लगाना सही नहीं है। उनकी सफाई के बाद सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने पुराने दावों को revise करना शुरू किया। Gold Medal से गांव तक गर्व Sanju Devi Chhattisgarh के Korba जिले के Kerakachhar गांव से आती हैं। उनकी उपलब्धि को राज्य और स्थानीय स्तर पर बड़ी sporting success के रूप में देखा जा रहा है। Source – Free Press Journal, Navbharat Times, NDTV, IBC24 जय राष्ट्र न्यूज़

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दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा में आया कार्डियक अरेस्ट

गोवा, 8 अक्टूबर 2026: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह गोवा स्थित अपने residence पर अचेत पाए गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें revive करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने cardiac arrest को मौत का कारण बताया है। सुबह घर पर अचेत मिले नाना पाटेकर नाना पाटेकर को गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर unconscious पाया गया। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां medical team ने emergency treatment शुरू किया। करीब 45 मिनट तक चली CPR Hospital officials के मुताबिक डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक cardiac massage और CPR दिया। इसके बावजूद उनकी heartbeat वापस नहीं आ सकी और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सुबह करीब 5:30 बजे घोषित किया गया निधन Manipal Hospital से जुड़े डॉक्टर के मुताबिक नाना पाटेकर को अस्पताल लाए जाने तक उनकी हालत बेहद गंभीर थी। उन्हें सुबह करीब 5:30 बजे मृत घोषित किया गया। परिवार ने की निधन की पुष्टि नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने भी उनके निधन की पुष्टि की। उनके निधन की खबर सामने आते ही film industry, fans और public figures की ओर से श्रद्धांजलियों का सिलसिला शुरू हो गया। पांच दशक से ज्यादा लंबा फिल्मी सफर नाना पाटेकर ने करीब पांच दशकों तक हिंदी और मराठी cinema में काम किया। उन्होंने theatre से अपना career शुरू किया और बाद में parallel cinema तथा mainstream Bollywood दोनों में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘Krantiveer’ से मिली जबरदस्त पहचान नाना पाटेकर को खास तौर पर उनकी intense acting और powerful dialogue delivery के लिए जाना जाता था। ‘Krantiveer’, ‘Parinda’, ‘Prahaar’, ‘Agni Sakshi’, ‘Khamoshi’, ‘Welcome’ और कई अन्य फिल्मों में उनके performances को दर्शकों ने खूब पसंद किया। National Awards से भी हुए सम्मानित अपने लंबे career में नाना पाटेकर को कई बड़े honours मिले। वे तीन National Film Awards जीत चुके थे और serious तथा comic दोनों तरह के roles में अपनी versatility के लिए पहचाने जाते थे। Hindi और Marathi cinema दोनों में प्रभाव नाना पाटेकर सिर्फ Bollywood तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने Marathi cinema और theatre में भी महत्वपूर्ण काम किया और Indian acting landscape में अपनी अलग शैली स्थापित की। Akshay Kumar समेत कई सितारों ने दी श्रद्धांजलि उनके निधन के बाद film industry के कई बड़े नामों ने उन्हें याद किया। Akshay Kumar सहित कई कलाकारों ने उनकी acting, authenticity और screen presence की प्रशंसा करते हुए श्रद्धांजलि दी। Full State Honours के साथ अंतिम संस्कार Reports के मुताबिक नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके योगदान को देखते हुए state honours देने का फैसला किया गया है। भारतीय सिनेमा ने खोया दमदार अभिनेता नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ उनकी फिल्मों से नहीं, बल्कि उनके विशिष्ट अंदाज, सख्त screen persona और यादगार dialogues से भी थी। उनका निधन Indian cinema के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। Source – Reuters, The Indian Express, Hindustan Times, Manipal Hospital जय राष्ट्र न्यूज़

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Air Marshal Ashutosh Dixit नए IAF Chief नियुक्त, 31 अक्टूबर को संभालेंगे पदभार

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने Air Marshal Ashutosh Dixit को Indian Air Force का अगला Chief of the Air Staff नियुक्त किया है। वे 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर से Air Chief Marshal के rank में पदभार संभालेंगे। वर्तमान Air Chief Marshal Amar Preet Singh उसी दिन सेवा से सेवानिवृत्त होंगे। IAF के 29वें Chief होंगे Ashutosh Dixit सरकार के आधिकारिक आदेश के मुताबिक Ashutosh Dixit Indian Air Force के 29वें Chief of the Air Staff होंगे। वर्तमान में वह Vice Chief of the Air Staff के पद पर कार्यरत हैं। 31 अक्टूबर से संभालेंगे कमान उनकी नियुक्ति 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर से प्रभावी होगी। उसी दिन Air Chief Marshal Amar Preet Singh अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और सेवा से सेवानिवृत्त होंगे। 1986 में IAF में हुए थे commissioned Ashutosh Dixit को 6 दिसंबर 1986 को Indian Air Force की fighter stream में commissioned किया गया था। करीब चार दशक लंबे career में उन्होंने operational, training और strategic command से जुड़े कई अहम पद संभाले हैं। 3,500 घंटे से ज्यादा की flying Dixit एक experienced fighter pilot और experimental test pilot हैं। उन्होंने Mirage-2000, Jaguar, MiG variants, Tejas, Hawk, Kiran, An-32 और IL-78 समेत कई aircraft उड़ाए हैं और उनके पास 3,500 घंटे से ज्यादा की flying experience है। Mirage-2000 और Tejas से रहा खास जुड़ाव उनका career Mirage-2000 और indigenous Light Combat Aircraft Tejas से भी गहराई से जुड़ा रहा है। उन्होंने Mirage-2000 squadron की re-equipment process संभाली और France से नए aircraft की acceptance flights और ferrying में भी भूमिका निभाई। Operation Safed Sagar से Operation Sindoor तक अनुभव Ashutosh Dixit कई अहम military operations और exercises से जुड़े रहे हैं। इनमें Operation Safed Sagar, Operation Rakshak, Cope India और Operation Sindoor शामिल हैं। MMRCA trials में निभाई अहम भूमिका उन्होंने Medium Multi-Role Combat Aircraft programme के technical evaluation और field trials में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान छह competing fighter aircraft के radar, electronic warfare systems, weapons और overall performance का evaluation किया गया। Central Air Command भी संभाल चुके हैं Vice Chief बनने से पहले Dixit Air Officer Commanding-in-Chief, Central Air Command रह चुके हैं। इसके अलावा वह Chief of Integrated Defence Staff to the Chairman, Chiefs of Staff Committee के पद पर भी काम कर चुके हैं। Tri-services integration पर किया काम Chief of Integrated Defence Staff के रूप में उन्होंने Army, Navy और Air Force के बीच jointness और integration को मजबूत करने पर काम किया। उनके tenure में कई joint doctrines और operational coordination initiatives आगे बढ़ाए गए। कई military honours से सम्मानित Ashutosh Dixit को उनकी सेवा के लिए कई महत्वपूर्ण military honours मिल चुके हैं। उन्हें Vayu Sena Medal, Vishisht Seva Medal, Ati Vishisht Seva Medal और Param Vishisht Seva Medal से सम्मानित किया जा चुका है। Drones और AI पर रहेगा फोकस The Indian Express के मुताबिक Dixit modern warfare में drones, artificial intelligence और advanced technologies के ज्यादा इस्तेमाल के समर्थक माने जाते हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब IAF indigenous platforms, unmanned systems और network-centric warfare पर अपना focus बढ़ा रही है। IAF modernization के दौर में बड़ी जिम्मेदारी Ashutosh Dixit के सामने fighter squadron strength, indigenous aircraft induction, air defence modernisation और future warfare technologies को आगे बढ़ाने जैसी बड़ी चुनौतियां रहेंगी। उनकी appointment IAF के अगले modernisation phase के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। Source – PIB, The Indian Express, Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी ने executive public office में 25 साल पूरे किए, BJP ने देशभर में कार्यक्रम शुरू किए

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 7 अक्टूबर 2026 को executive public office में लगातार 25 साल पूरे कर लिए। 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था और इसके बाद मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सत्ता के शीर्ष कार्यकारी पदों पर बने रहे। इस अवसर पर BJP ने देशभर में विशेष कार्यक्रम, exhibitions और outreach campaigns शुरू किए। 7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। यहीं से उनके executive public office का सफर शुरू हुआ, जो बाद में गुजरात की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचा। गुजरात के तीन बार मुख्यमंत्री रहे मोदी ने गुजरात में लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीते और कई वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। उनका Gujarat tenure infrastructure, industrial investment, governance reforms और political centralisation को लेकर लगातार चर्चा में रहा। 2014 में बने प्रधानमंत्री 2014 के लोकसभा चुनाव में BJP ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके बाद मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली और राष्ट्रीय राजनीति में उनका नया दौर शुरू हुआ। 2019 और 2024 में भी सत्ता बरकरार 2019 में BJP ने और बड़े बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। 2024 में BJP अपने दम पर बहुमत से पीछे रही, लेकिन NDA गठबंधन ने सरकार बनाई और नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। Cabinet ने पास किया विशेष resolution 25 साल पूरे होने के अवसर पर Union Cabinet ने नरेंद्र मोदी के राजनीतिक और प्रशासनिक सफर पर एक विशेष resolution पास किया। Resolution में उनके governance model, policy initiatives और public service tenure का उल्लेख किया गया। BJP ने देशभर में शुरू किए कार्यक्रम BJP ने इस milestone को लेकर देशभर में कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें exhibitions, public meetings, service activities, digital campaigns और मोदी सरकार की योजनाओं से जुड़ी outreach शामिल है। ‘25 Years of Public Service’ campaign BJP ने इस अवसर को “25 Years of Public Service” के तौर पर project किया है। पार्टी मोदी के Gujarat model से लेकर केंद्र सरकार की योजनाओं तक के सफर को लोगों के सामने रखने की कोशिश कर रही है। विकास और welfare schemes पर जोर BJP के कार्यक्रमों में infrastructure, digital governance, DBT, UPI, housing, sanitation और welfare schemes को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश किया जा रहा है। सरकार इन योजनाओं को governance continuity और policy execution से जोड़ रही है। विपक्ष ने भी उठाए सवाल विपक्षी दलों ने इस milestone पर अलग रुख अपनाया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल Modi सरकार की economic policies, unemployment, institutional independence और federal relations को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। BJP के लिए बड़ा political milestone नरेंद्र मोदी का 25 साल का लगातार executive tenure BJP के लिए बड़ा राजनीतिक milestone माना जा रहा है। भारत की contemporary politics में इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे कार्यकारी पदों पर बने रहना बेहद असाधारण माना जाता है। 2029 से पहले political positioning पर नजर यह milestone ऐसे समय आया है जब 2029 Lok Sabha election की राजनीतिक positioning भी धीरे-धीरे तेज हो रही है। BJP मोदी के लंबे governance record को continuity और stability के narrative से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष accountability और performance को लेकर चुनौती देने की तैयारी में है। source – India Today / The Indian Express / Hindustan Times / BJP जय राष्ट्र न्यूज़

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