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अरब सागर में बड़ी कार्रवाई! 526 किलो ड्रग्स बरामद, 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार

नई दिल्ली: भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात ATS ने अरब सागर में बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ईरानी नाव से करीब 526 किलो हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत ₹3,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। लक्षद्वीप के पश्चिम में पकड़ी गई संदिग्ध नाव यह कार्रवाई अरब सागर में लक्षद्वीप के पश्चिमी क्षेत्र में की गई। खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र और हवा से निगरानी शुरू की। संदिग्ध नाव की पहचान होने के बाद उसका पीछा किया गया और 25 सितंबर को उसे रोककर तलाशी ली गई। 526 किलो हेरोइन और Methamphetamine बरामद तलाशी के दौरान नाव से करीब 526 किलो हाई-ग्रेड नारकोटिक्स बरामद किए गए। जब्त खेप में हेरोइन और Methamphetamine शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत ₹3,000 करोड़ से अधिक हो सकती है। नाव पर सवार थे पांच पाकिस्तानी नागरिक जिस नाव से नशीले पदार्थ बरामद किए गए, वह Iranian dhow बताई गई है। उस पर सवार पांच लोगों की पहचान पाकिस्तानी नागरिकों के रूप में की गई है। सभी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। Sea-Air Surveillance के बाद हुआ ऑपरेशन संदिग्ध नाव तक पहुंचने के लिए Coast Guard ने coordinated sea-air surveillance अभियान चलाया। लंबे समय तक निगरानी के बाद नाव का पीछा किया गया और सुरक्षाबलों की टीम ने उसे घेरकर boarding operation को अंजाम दिया। मुंबई लाई गई नाव और जब्त खेप ऑपरेशन पूरा होने के बाद नाव, पांचों हिरासत में लिए गए लोगों और बरामद ड्रग्स को सशस्त्र सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया। अब अलग-अलग जांच एजेंसियां उनसे संयुक्त पूछताछ कर रही हैं और पूरे नेटवर्क के स्रोत तथा संभावित destination का पता लगाया जा रहा है। 10 सितंबर को मिला था Intelligence Input जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार गुजरात ATS को 10 सितंबर के आसपास एक संभावित अंतरराष्ट्रीय ड्रग डील के बारे में खुफिया इनपुट मिला था। इसके बाद जानकारी भारतीय तटरक्षक बल के साथ साझा की गई और समुद्री मार्ग पर निगरानी तेज कर दी गई। भारत में खेप पहुंचाने की थी कथित योजना प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि ड्रग्स की यह खेप भारतीय जलक्षेत्र में दूसरी नाव को सौंपे जाने वाली थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप का अंतिम destination क्या था, इसे किस नेटवर्क ने भेजा और भारत में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इन बिंदुओं की जांच अभी जारी है। International Drug Network की जांच तेज इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स मिलने के बाद जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक बढ़ाया गया है। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि इस खेप के पीछे कौन-से लोग और संगठन सक्रिय थे तथा समुद्री रास्ते से ड्रग्स भारत पहुंचाने की योजना कैसे बनाई गई। समुद्री तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता भारतीय एजेंसियां पिछले कुछ वर्षों से अरब सागर में ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए कई संयुक्त अभियान चला चुकी हैं। 526 किलो की यह ताजा बरामदगी हाल के बड़े maritime narcotics seizures में शामिल है। मामले में आगे की जांच और पूछताछ के बाद नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं। source – Indian Coast Guard / Gujarat ATS / The Indian Express / Hindustan Times / Times of India The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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पितृपक्ष में गया पहुंचीं स्मिता ठाकरे, बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के साथ किया पिंडदान

गया: पितृपक्ष मेले के दौरान शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे 29 सितंबर 2026 को बिहार के गयाजी पहुंचीं। उन्होंने विष्णुपद मंदिर परिसर में अपने ससुर बालासाहेब ठाकरे और पिता मधुकर चितरे के लिए विधि-विधान से श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया। अनुष्ठान के दौरान उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर अपने सामने रखी और पितरों की आत्मा की शांति की कामना की। विष्णुपद मंदिर परिसर में किया पिंडदान स्मिता ठाकरे ने गयाजी स्थित विष्णुपद मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहितों के मार्गदर्शन में श्राद्ध कर्म संपन्न किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने पिंड अर्पित किए और पितरों के लिए तर्पण किया। इस दौरान वह भावुक भी नजर आईं। बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर रखकर किया श्राद्ध पिंडदान के दौरान स्मिता ठाकरे ने अपने ससुर और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर सामने रखी। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के साथ अपने पिता मधुकर चितरे और अन्य पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए भी प्रार्थना की। लंबे समय से गयाजी आने की थी इच्छा अनुष्ठान के बाद स्मिता ठाकरे ने कहा कि वह लंबे समय से गयाजी आकर अपने पितरों के लिए श्राद्ध और पिंडदान करना चाहती थीं। उन्होंने बताया कि गुरु के आशीर्वाद से उनकी यह इच्छा पूरी हुई और धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद उन्हें आत्मिक संतोष महसूस हुआ। पिंडदान के दौरान हुईं भावुक स्मिता ठाकरे ने कहा कि पूर्वजों को याद करते समय कई पुरानी यादें सामने आ जाती हैं और यह उनके लिए बेहद भावुक क्षण था। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष में गयाजी की पवित्र भूमि पर अपने पूर्वजों का स्मरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। महिलाओं के पिंडदान पर भी की बात स्मिता ठाकरे ने बताया कि शुरुआत में उनके मन में भी सवाल था कि क्या महिलाएं पिंडदान कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मार्गदर्शन के दौरान उन्हें माता सीता द्वारा गयाजी में राजा दशरथ के लिए पिंडदान किए जाने की कथा के बारे में बताया गया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं अनुष्ठान करने का निर्णय लिया। सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने की कही बात स्मिता ठाकरे ने सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति, कर्तव्य और समाजसेवा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राजनीति में आने के सवाल पर दिया जवाब इस दौरान जब उनसे सक्रिय राजनीति में आने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि राजनीति में आना या जाना हमेशा किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं होता, लेकिन समाजसेवा करना उसके हाथ में होता है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं और आगे भी लोगों की मदद से जुड़े काम करती रहेंगी। गयाजी में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंच रहे हैं। फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और विभिन्न पिंडवेदियों पर लोग अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार गयाजी में किए गए पिंडदान का विशेष महत्व माना जाता है। बालासाहेब ठाकरे को किया याद स्मिता ठाकरे ने अनुष्ठान के दौरान बालासाहेब ठाकरे को याद करते हुए उनके दिखाए रास्ते और विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए सामाजिक कार्य और अपनी जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाती रहेंगी। source – Dainik Jagran / India TV / ABP News / Times of India / Prabhat Khabar जय राष्ट्र न्यूज़

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विथ्या रामराज की स्वर्णिम दौड़! 4×400 मीटर रिले में भारत को गोल्ड

आइची-नागोया: Asian Games 2026 में भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Gold Medal जीत लिया है। किरण पहल, एम.आर. पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने 3 मिनट 29.69 सेकंड में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। अंतिम चरण में विथ्या रामराज की जबरदस्त दौड़ ने भारत को शीर्ष पर पहुंचाया। 3:29.69 के समय के साथ भारत बना चैंपियन भारतीय टीम ने महिलाओं की 4×400 मीटर रिले का Final 3:29.69 में पूरा किया। Bahrain की टीम 3:30.21 के समय के साथ Silver Medal पर रही, जबकि China ने 3:31.02 के साथ Bronze Medal हासिल किया। अंतिम लैप में विथ्या ने पलटी बाजी रेस के शुरुआती चरण में भारत शीर्ष स्थान पर नहीं था। पहली runner किरण पहल के बाद भारत चौथे स्थान के आसपास था। एम.आर. पूवम्मा और प्राची चौधरी ने धीरे-धीरे अंतर कम किया और जब baton विथ्या रामराज को मिला, तब भारत दूसरे स्थान पर था। चीन को पीछे छोड़ आगे निकलीं विथ्या Final lap में विथ्या रामराज ने शानदार गति दिखाई। उन्होंने bend पर China की runner को पीछे छोड़ा और इसके बाद Bahrain की चुनौती के बावजूद बढ़त बनाए रखी। Finish line पार करते ही भारत का Gold Medal पक्का हो गया। Athletics में भारत का पहला Gold महिला 4×400 मीटर Relay का यह Gold Asian Games 2026 में भारत के लिए Athletics का पहला स्वर्ण पदक रहा। एथलेटिक्स के अंतिम चरण में मिली इस जीत ने भारत के अभियान को यादगार बना दिया। 2018 के बाद फिर मिला Gold भारत ने महिलाओं की 4×400 मीटर Relay में पिछली बार 2018 Asian Games में Gold Medal जीता था। 2022 Asian Games में भारतीय टीम को Silver से संतोष करना पड़ा था। अब 2026 में भारतीय महिलाओं ने फिर से इस स्पर्धा का Asian Games title अपने नाम कर लिया है। 44 वर्षों से जारी है भारत का Medal Streak महिलाओं की 4×400 मीटर Relay Asian Games में भारत की सबसे सफल athletics events में शामिल रही है। 1982 से इस स्पर्धा में भारत लगातार podium पर पहुंचता रहा है। इस दौरान भारतीय महिला टीम ने कुल 12 पदक—7 Gold और 5 Silver जीते हैं। विथ्या रामराज के नाम तीन Medal Asian Games 2026 में विथ्या रामराज का प्रदर्शन खास रहा है। उन्होंने महिलाओं की 4×400 मीटर Relay में Gold के अलावा Mixed 4×400 मीटर Relay में Silver Medal और महिलाओं की 400 मीटर Hurdles में Bronze Medal भी जीता है। PT Usha का 42 साल पुराना Record भी तोड़ा इससे पहले महिलाओं की 400 मीटर Hurdles में विथ्या ने 54.75 सेकंड का समय निकाला था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने पीटी उषा का करीब 42 साल पुराना भारतीय National Record तोड़ दिया। पीटी उषा ने 1984 में 55.42 सेकंड का रिकॉर्ड बनाया था। Poovamma की शानदार वापसी 36 वर्षीय एम.आर. पूवम्मा के लिए भी यह जीत बेहद खास रही। अपने लंबे athletics career में कई उतार-चढ़ाव देखने के बाद उन्होंने भारतीय टीम की वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उनके Asian Games career का छठा पदक भी है। भारतीय चौकड़ी ने लिखी नई कहानी किरण पहल, पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज ने अलग-अलग चरणों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को Gold तक पहुंचाया। शुरुआती पिछड़ने के बावजूद भारतीय runners ने दबाव में संयम बनाए रखा और अंतिम दो laps में रेस का रुख पूरी तरह बदल दिया। भारत के लिए यादगार रहा Golden Finish Asian Games 2026 के athletics programme के अंतिम चरण में मिली इस जीत ने भारत को एक यादगार Golden Finish दिया। विथ्या रामराज की अंतिम lap की दौड़ इस जीत का सबसे बड़ा आकर्षण बनी और भारत ने महिलाओं की 4×400 मीटर Relay में एक बार फिर एशिया में अपनी मजबूत पहचान साबित की। source – Olympics.com / Times of India / The Indian Express / PTI Olympics जय राष्ट्र न्यूज़

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बिहार | समस्तीपुर में दिखा हैरान करने वाला नजारा, आसमान में उठा जल बवंडर!

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में बारिश और तेज हवाओं के बीच प्रकृति का एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला। मोहिउद्दीननगर प्रखंड में पानी की सतह से आसमान की ओर उठता घूमता हुआ जल स्तंभ दिखाई दिया। मौसम विभाग ने इस घटना की पुष्टि Waterspout यानी जल बवंडर के रूप में की है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 26 सितंबर को दिखा दुर्लभ नजारा यह घटना 26 सितंबर 2026 को मोहिउद्दीननगर इलाके में हुई। आसमान में घने बादलों और तेज हवा के बीच अचानक पानी के ऊपर घूमता हुआ लंबा स्तंभ बन गया। दूर से देखने पर इसकी आकृति किसी विशाल कीप या हाथी की सूंड जैसी दिखाई दे रही थी। मौसम विभाग ने की पुष्टि मौसम विभाग के पटना केंद्र ने 27 सितंबर को घटना का वीडियो साझा करते हुए बताया कि समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर प्रखंड में Waterspout देखा गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई कि यह कोई रहस्यमयी घटना नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक मौसमी प्रक्रिया थी। पानी से आसमान तक दिखाई दिया घूमता स्तंभ वायरल वीडियो में जल सतह के ऊपर एक संकरा घूमता हुआ स्तंभ दिखाई देता है, जिसका ऊपरी हिस्सा बादलों से जुड़ा नजर आता है। तेज हवा और नमी के कारण यह संरचना काफी दूर से भी साफ दिखाई दे रही थी। स्थानीय लोगों ने इसे मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। तेज हवा में उड़ीं टीन की चादरें जल बवंडर के दौरान इलाके में हवा की रफ्तार भी काफी तेज थी। वीडियो में आसपास के कुछ घरों की टीन और एस्बेस्टस की चादरें तेज हवा में उड़ती दिखाई दीं। हालांकि घटना में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। क्या होता है Waterspout? Waterspout पानी की सतह के ऊपर बनने वाला तेजी से घूमती हवा का स्तंभ होता है। यह आमतौर पर समुद्र, बड़ी झीलों या नदियों जैसे जल क्षेत्रों के ऊपर बन सकता है। इसका एक सिरा पानी के पास और दूसरा बादलों की ओर दिखाई देता है। क्या पानी सच में आसमान में खिंचता है? देखने पर ऐसा लगता है कि जल बवंडर नीचे का पानी खींचकर सीधे आसमान तक पहुंचा रहा है, लेकिन इसकी दिखाई देने वाली संरचना का बड़ा हिस्सा वातावरण में मौजूद नमी और संघनित जल बूंदों से बनता है। घूमती हुई हवा के कारण पानी की फुहार और बूंदें भी ऊपर उठ सकती हैं, जिससे यह दृश्य और ज्यादा प्रभावशाली दिखाई देता है। दो तरह के हो सकते हैं Waterspout Waterspout को सामान्य तौर पर दो प्रमुख प्रकारों में बांटा जाता है। एक Fair Weather Waterspout होता है, जो अपेक्षाकृत शांत मौसमी परिस्थितियों में बन सकता है और आमतौर पर कम शक्तिशाली होता है। दूसरा Tornadic Waterspout है, जो गंभीर तूफानी परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है और ज्यादा नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है। बिहार में बारिश के बीच सामने आई घटना घटना के समय बिहार के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर चल रहा था। समस्तीपुर समेत कई जिलों में बारिश के कारण जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। इसी मौसमी स्थिति के बीच मोहिउद्दीननगर में जल बवंडर का यह दुर्लभ दृश्य देखने को मिला। वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कई लोग इसे ‘पानी का टॉरनेडो’ और ‘आसमान तक पहुंचता पानी’ बता रहे थे। मौसम विभाग की पुष्टि के बाद साफ हुआ कि यह Waterspout था। ऐसी घटना दिखे तो बनाए रखें दूरी Waterspout कमजोर होने पर भी उसके आसपास तेज हवा और उड़ती हुई वस्तुओं से खतरा पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में लोगों को वीडियो बनाने के लिए करीब जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखने और स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। source – IMD Patna / Amar Ujala / Hindustan / Aaj Tak Hindustan Live जय राष्ट्र न्यूज़

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उज्जैन में प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई, भारी सुरक्षा के बीच काम जारी

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच बनी सहमति के बाद आगे बढ़ रही है। तय व्यवस्था के अनुसार मस्जिद कमेटी से जुड़े लोग स्वयं प्रभावित हिस्से को हटा रहे हैं। इससे पहले कार्रवाई के दौरान विरोध, पथराव और पुलिस के साथ झड़प के कारण इलाके में तनाव पैदा हो गया था। करीब तीन फीट हिस्सा हटाने पर बनी सहमति मस्जिद पक्ष और प्रशासन के बीच हुई बातचीत के बाद करीब तीन फीट हिस्से को हटाने पर सहमति बनी। इससे पहले प्रशासन की ओर से लगभग 9.5 फीट हिस्से की जरूरत बताई गई थी। बातचीत के बाद हटाए जाने वाले हिस्से को सीमित करने की व्यवस्था सामने आई। मस्जिद कमेटी खुद करा रही कार्रवाई उज्जैन प्रशासन के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को मस्जिद कमेटी स्वयं हटा रही है। मौके पर scaffolding लगाई गई है और निर्माण के प्रभावित हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पूरी मस्जिद को नहीं हटाया जा रहा, बल्कि केवल सड़क के निर्धारित alignment में आने वाला हिस्सा प्रभावित है। मीनार को परिसर में ही किया जाएगा Shift सहमति के तहत प्रभावित मीनार के हिस्से को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय मस्जिद परिसर के भीतर दूसरी जगह स्थानांतरित करने की व्यवस्था भी तय की गई है। इसके अलावा प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, अतिरिक्त Floor Area Ratio और नियमों के अनुसार मुआवजे जैसे मुद्दों पर भी प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है। High Court में भी पहुंचा था मामला मस्जिद के हिस्से को हटाने का मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच तक पहुंचा था। पहले एकल पीठ ने सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इसके बाद मस्जिद पक्ष की ओर से अपील दाखिल की गई। दोनों पक्षों के बीच व्यवस्था बनने के बाद हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपीलों का निपटारा कर दिया। अदालत ने नगर निगम की ओर से दिए गए आश्वासनों और संबंधित शर्तों का पालन करने को कहा। सिंहस्थ 2028 के लिए चौड़ी हो रही सड़क उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। सड़क को लगभग 15 मीटर चौड़ा किया जाना है ताकि सिंहस्थ 2028 के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही बेहतर तरीके से हो सके। सिर्फ मस्जिद नहीं, कई दूसरे ढांचे भी प्रभावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दायरे में केवल शाही मस्जिद नहीं है। इस परियोजना से कुल 272 के आसपास संरचनाएं प्रभावित होने की बात सामने आई है। इनमें कई धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार 80 से अधिक धार्मिक स्थलों के प्रभावित हिस्सों को हटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है और इनमें अधिकांश मंदिर हैं। कार्रवाई के दौरान हुआ था पथराव 28 सितंबर की सुबह मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान कुछ लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस के मुताबिक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग की ओर बढ़ने की कोशिश की और बाद में पुलिस पर पथराव किया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल और हल्का बल प्रयोग किया। शहर काजी ने की शांति की अपील घटना के बाद शहर काजी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और मौके पर अनावश्यक रूप से जमा नहीं होने की अपील की। उन्होंने कहा कि मस्जिद से जुड़े मामले में बातचीत के जरिए सहमति बन चुकी है और लोगों को शांति बनाए रखनी चाहिए। ढाई हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात तनाव को देखते हुए उज्जैन के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और Rapid Action Force की भारी तैनाती की गई। करीब 2,500 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को अलग-अलग क्षेत्रों में लगाया गया। पुलिस ने flag march भी किया और CCTV तथा drone footage के जरिए पथराव में शामिल लोगों की पहचान शुरू की। पथराव मामले में पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने पथराव और उपद्रव से जुड़े मामलों में कई लोगों को हिरासत में लिया और गिरफ्तारियां भी की हैं। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब इलाके में स्थिति शांत झड़प के अगले दिन शाही मस्जिद और आसपास के क्षेत्र में स्थिति सामान्य होती दिखाई दी। प्रशासन के मुताबिक मस्जिद कमेटी के सदस्य सहमति के अनुसार प्रभावित हिस्से को हटा रहे हैं और काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखी गई है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से किसी भी अफवाह पर विश्वास न करने और सड़क चौड़ीकरण से जुड़े काम में शांति बनाए रखने की अपील की है। source – PTI / The Indian Express / The New Indian Express / Aaj Tak / Madhya Pradesh High Court The New Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन, बारिश के बीच सड़कों पर उतरीं छात्राएं

नई दिल्ली: दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच Delhi University (DU) की सैकड़ों छात्राओं ने North Campus में विरोध मार्च निकाला। भारी बारिश के बावजूद छात्राएं Miranda House से Faculty of Arts तक पहुंचीं और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान, बेहतर street lighting, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की आवाजाही पर पाबंदियों के बजाय अपराध रोकने के ठोस उपायों की मांग की। यह एक सप्ताह के भीतर महिला सुरक्षा को लेकर DU छात्रों का तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन था। Miranda House से Faculty of Arts तक निकला मार्च 28 सितंबर को छात्राओं ने ‘Hum Auratein Azaad Hain’ अभियान के तहत विरोध मार्च आयोजित किया। Miranda House की छात्राओं ने कॉलेज से मार्च शुरू किया, जबकि दूसरे कॉलेजों की छात्राएं Faculty of Arts के पास प्रदर्शन में शामिल हुईं। बारिश के बावजूद प्रदर्शन में जुटीं सैकड़ों छात्राएं प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में तेज बारिश हुई, लेकिन छात्राएं हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर मार्च करती रहीं। प्रदर्शन में DU के अलग-अलग कॉलेजों की छात्राओं के साथ queer community के सदस्य भी शामिल हुए। Aastha Kunj की घटना के बाद बढ़ा आक्रोश महिला सुरक्षा को लेकर ये प्रदर्शन दक्षिण दिल्ली के Aastha Kunj Park में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद शुरू हुए। छात्राओं का कहना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह देना समाधान नहीं है। प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने पर ध्यान देना चाहिए। ‘रातों पर भी हक है हमारा’ के लगे नारे प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े कई नारे लगाए। तख्तियों पर ‘Raaton Par Bhi Haq Hai Hamara’, ‘We Should Not Need A Protest To Feel Safe’ और ‘Pinjra Todna Nahi Chhodenge’ जैसे संदेश लिखे दिखाई दिए। Street Lights और Unsafe Routes पर उठाए सवाल कई छात्राओं ने कॉलेज और PG तक जाने वाले रास्तों पर खराब या गायब street lights को बड़ी समस्या बताया। छात्राओं ने कहा कि कई रास्ते रात में अंधेरे रहते हैं और वहां पर्याप्त सुरक्षा या निगरानी नहीं होती, जिससे उन्हें अकेले आने-जाने में डर महसूस होता है। परिवार की पाबंदियों पर भी हुई चर्चा प्रदर्शन में शामिल कई छात्राओं ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर अक्सर महिलाओं की स्वतंत्रता सीमित कर दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी अपराध के बाद महिलाओं को जल्दी घर लौटने, location share करने या रात में बाहर न निकलने के लिए कहना समस्या का स्थायी समाधान कैसे हो सकता है। एक सप्ताह में तीसरा बड़ा प्रदर्शन महिला सुरक्षा को लेकर DU और उससे जुड़े कॉलेजों में पिछले एक सप्ताह में लगातार प्रदर्शन हुए हैं। 23 सितंबर को करीब 200 छात्रों ने महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद Lady Shri Ram College, Gargi College और Kamala Nehru College के आसपास भी छात्राओं ने मार्च निकाला। 28 सितंबर का North Campus प्रदर्शन इन प्रदर्शनों में अब तक सबसे बड़ा बताया गया। DUSU ने भी उठाया सुरक्षा का मुद्दा Delhi University Students’ Union ने भी महिला छात्रों की सुरक्षा को लेकर बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई है। छात्र संघ ने DU के कॉलेजों में अधिक hostels बनाने, निजी PG accommodations की नियमित safety audit और campus तथा आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। PG में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल DU में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आने वाले विद्यार्थी निजी PG और rented accommodation में रहते हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि ऐसे accommodations में fire safety, building safety और महिलाओं की सुरक्षा की नियमित जांच होनी चाहिए। छात्राओं ने मांगे ठोस बदलाव प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि केवल CCTV लगाने या महिलाओं की आवाजाही सीमित करने से सुरक्षा की समस्या हल नहीं होगी। उनकी मांग है कि खराब street lights ठीक की जाएं, unsafe routes की पहचान की जाए, सार्वजनिक परिवहन बेहतर हो और महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया तेज तथा जवाबदेह बनाई जाए। महिला सुरक्षा को लेकर जारी रहेगा अभियान छात्राओं ने संकेत दिया है कि महिला सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर समान अधिकार को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि सुरक्षा का अर्थ महिलाओं को घर के अंदर रखना नहीं बल्कि ऐसा वातावरण बनाना होना चाहिए, जहां वे दिन या रात किसी भी समय बिना डर के पढ़ाई, काम और यात्रा कर सकें। source – The Indian Express / Times of India / PTI The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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गुजरात में फिल्म सब्सिडी को लेकर उठे गंभीर सवाल! ₹4 करोड़ से ज्यादा भुगतान पर विवाद

अहमदाबाद: गुजरात में गुजराती फिल्मों को दी जाने वाली सरकारी सब्सिडी एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म निर्माता मनोज पटेल की ओर से गुजरात हाई कोर्ट में उठाए गए सवालों में आरोप लगाया गया है कि कई फिल्मों को उस समय लागू नीति के बजाय बाद में आई अधिक लाभकारी 2019 की subsidy policy के तहत सहायता दी गई। RTI से प्राप्त जानकारी के आधार पर अतिरिक्त भुगतान की राशि ₹4 करोड़ से अधिक होने का दावा किया गया है। हालांकि ये आरोप अभी न्यायिक जांच और विवाद का विषय हैं, इन्हें अंतिम रूप से साबित तथ्य नहीं माना गया है। 2016 और 2019 की Policy को लेकर विवाद गुजरात सरकार ने 2016 में गुजराती फिल्मों के लिए performance-based subsidy system लागू किया था। इसके तहत फिल्मों को उनकी quality, technical standards और अन्य तय मानकों के आधार पर अलग-अलग grades दिए जाते थे। Grade के अनुसार ही निर्माताओं को आर्थिक सहायता मिलती थी। बाद में 2019 में नई नीति लागू की गई, जिसमें कुछ श्रेणियों में मिलने वाली सहायता बढ़ा दी गई। पुरानी फिल्मों को नई Policy का लाभ देने का आरोप विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि कुछ ऐसी फिल्मों को भी 2019 की नई subsidy policy का लाभ देने का आरोप है, जो नई नीति लागू होने से पहले ही रिलीज हो चुकी थीं। याचिकाकर्ता का दावा है कि इन फिल्मों का मूल्यांकन उस नीति के तहत किया जाना चाहिए था जो उनकी रिलीज के समय लागू थी। अगर पुराने मामलों में नई नीति लागू की गई, तो इससे कुछ निर्माताओं को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिली हो सकती है। ₹4 करोड़ से ज्यादा अतिरिक्त भुगतान का दावा RTI से मिली जानकारी के आधार पर याचिका में दावा किया गया कि subsidy distribution में कथित अनियमितताओं के कारण ₹4 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त भुगतान हुआ। याचिकाकर्ता ने मांग की कि जिन फिल्मों को सहायता दी गई, उनके eligibility और grading process की दोबारा जांच की जाए। यह राशि याचिकाकर्ता का अनुमान है और किसी अंतिम सरकारी audit या अदालत के फैसले से इसे अभी प्रमाणित नहीं किया गया है। फिल्म की Grading पर भी उठे सवाल Gujarati film subsidy system में फिल्मों की grading बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी से तय होता है कि किसी फिल्म को कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ फिल्मों के मूल्यांकन में निर्धारित criteria का समान रूप से पालन नहीं किया गया और कुछ projects को अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिला। इस विवाद का प्रमुख मुद्दा यह है कि सभी फिल्मों के लिए एक समान grading standards लागू किए गए या नहीं। Eligibility Rules को लेकर भी आपत्ति कुछ फिल्मों की eligibility को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि Gujarati language के इस्तेमाल, cultural content, remake status और आवेदन की समयसीमा जैसे नियमों के अनुपालन में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं रही। इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत या संबंधित सरकारी जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। आवेदन की समयसीमा भी विवाद में पुरानी subsidy policy में फिल्म की रिलीज के बाद तय समय के भीतर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करना जरूरी था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कुछ मामलों में निर्धारित समयसीमा पूरी नहीं होने के बावजूद फिल्मों को बाद की नीति के तहत लाभ दिया गया। इसी आधार पर subsidy approval process में समानता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। Screening Committee की प्रक्रिया पर सवाल फिल्मों को subsidy देने से पहले screening committee उनका मूल्यांकन करती है। लेकिन विवाद में committee की बैठकों, grading decisions और evaluation records की transparency को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि subsidy देने के कारण और grading के पूरे रिकॉर्ड को ज्यादा स्पष्ट और सार्वजनिक बनाया जाए। सितंबर में Industry ने फिर उठाया Subsidy Implementation का मुद्दा इस बीच सितंबर 2026 में Gujarat Chamber of Commerce & Industry ने Films Taskforce 2026-27 का गठन किया और National Award-winning filmmaker अभिषेक जैन को इसका chairman बनाया। 26 सितंबर को हुई taskforce की पहली बैठक में Gujarati film industry से जुड़ी कई समस्याओं पर चर्चा हुई। इसमें राज्य की film subsidy व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। Shooting Permission और Theatre Screens भी बने मुद्दा बैठक में केवल subsidy ही नहीं, बल्कि shooting permissions को आसान बनाने, single-window system को मजबूत करने, production पर लगने वाले service charges और theatre infrastructure जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। Gujarati filmmakers लंबे समय से राज्य में regional cinema के लिए बेहतर distribution और पर्याप्त screens उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं। Court से जांच और Re-evaluation की मांग फिल्म निर्माता की याचिका में subsidy allocation की जांच, संबंधित फिल्मों के दोबारा मूल्यांकन और गलत तरीके से भुगतान साबित होने पर रकम वापस लेने जैसी मांगें उठाई गई हैं। मामले का मुख्य सवाल यह है कि क्या अलग-अलग वर्षों में लागू subsidy policies को सभी निर्माताओं पर समान तरीके से लागू किया गया था। आरोप साबित होना अभी बाकी फिल्म सब्सिडी मामले में उठाए गए ₹4 करोड़ से अधिक के कथित अतिरिक्त भुगतान सहित कई दावे याचिकाकर्ता के आरोपों पर आधारित हैं। अभी इन्हें किसी अंतिम न्यायिक फैसले में साबित अनियमितता या घोटाला घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में पूरे मामले में सरकारी रिकॉर्ड, अदालत की कार्यवाही और भविष्य में होने वाली जांच महत्वपूर्ण रहेगी। Gujarati Film Industry में Transparency की मांग Gujarati cinema हाल के वर्षों में तेजी से आगे बढ़ा है और कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की है। ऐसे समय में filmmakers और industry representatives चाहते हैं कि सरकारी subsidy, certification, shooting permission और distribution से जुड़ी प्रक्रियाएं ज्यादा पारदर्शी और समयबद्ध हों। फिलहाल film subsidy को लेकर उठे सवालों ने सरकार की incentive policy की implementation और monitoring को फिर चर्चा में ला दिया है। source – Gujarat High Court proceedings / The Indian Express / Times of India / Vibes of India / GCCI Vibes of India जय राष्ट्र न्यूज़

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उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के दौरान तनाव, पुलिस से झड़प; पथराव के बाद छोड़े आंसू गैस के गोले

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान तनाव हो गया। 28 सितंबर को बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस के साथ झड़प हुई। पुलिस के मुताबिक भीड़ की ओर से पथराव किया गया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और हल्का बल प्रयोग किया गया। मामले में पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं और अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सिंहस्थ 2028 के लिए हो रहा सड़क चौड़ीकरण उज्जैन में कंथल चौराहा से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने का काम चल रहा है। यह परियोजना 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों का हिस्सा है। सड़क चौड़ीकरण की जद में कई मकान, दुकानें और धार्मिक स्थल आए हैं। शाही मस्जिद का हिस्सा भी आया दायरे में सड़क चौड़ीकरण के निर्धारित alignment में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा भी आ रहा था। मस्जिद कमेटी ने नगर निगम की कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी थी। इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने पहले नगर निगम की प्रक्रिया को कानून के अनुरूप माना था। तीन फीट हिस्सा हटाने पर बनी सहमति बाद में प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच बातचीत के बाद समझौता हुआ। समझौते के मुताबिक सड़क की ओर से मस्जिद का करीब तीन फीट हिस्सा हटाया जाना है। इससे पहले प्रशासन की मांग इससे अधिक हिस्से को खाली कराने की थी। मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने प्रभावित हिस्से को स्वयं हटाने पर सहमति जताई। रविवार रात से जमा होने लगी थी भीड़ कार्रवाई से पहले रविवार रात बड़ी संख्या में लोग शाही मस्जिद के आसपास जमा हो गए थे। लोगों के बीच यह आशंका फैल गई थी कि पूरी मस्जिद को गिराया जा सकता है। इसके बाद रातभर इलाके में लोगों की मौजूदगी बनी रही और प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प सोमवार सुबह सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई शुरू होने के दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम किया। पुलिस के अनुसार भीड़ को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके। इसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। करीब 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहे तैनात तनाव को देखते हुए शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस ने बैरिकेडिंग की और करीब 500 मीटर के क्षेत्र में आवाजाही पर भी पाबंदियां लगाई गईं। CCTV और ड्रोन कैमरों के जरिए इलाके की निगरानी की गई। ‘पूरी मस्जिद गिराने’ की अफवाह पर पुलिस का दावा पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर शाही मस्जिद को पूरी तरह गिराए जाने से जुड़ी गलत सूचनाएं और भ्रामक सामग्री फैलाई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक कुछ AI-generated पोस्ट और वीडियो ने लोगों के बीच भ्रम पैदा किया। पुलिस अब सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी जांच कर रही है। शहर काजी ने की थी शांति की अपील उज्जैन के शहर काजी ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने और मौके पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मस्जिद से जुड़ा मामला प्रशासन और कमेटी के बीच बातचीत से सुलझा लिया गया है और प्रभावित हिस्से को सहमति के अनुसार हटाया जाएगा। हाई कोर्ट में भी हुआ समझौता मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने समझौते की जानकारी दी। इसके बाद अदालत ने संबंधित याचिकाओं का निपटारा कर दिया। समझौते में मस्जिद के सीमित हिस्से को हटाने, कुछ दुकानों को स्थानांतरित करने और सड़क चौड़ीकरण का काम जारी रखने पर सहमति बनी। 8 FIR, 20 लोगों की गिरफ्तारी पथराव और उपद्रव के मामले में पुलिस ने अब तक 8 FIR दर्ज की हैं। 30 से अधिक लोगों को मामलों में नामजद किया गया है और 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से नौ आरोपियों को 30 सितंबर को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा काम तनाव के बाद प्रशासन और पुलिस की निगरानी में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया जारी है। मस्जिद कमेटी से जुड़े लोग स्वयं निर्माण का प्रभावित हिस्सा हटा रहे हैं। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। दूसरे धार्मिक स्थल और मकान भी आए दायरे में प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का असर केवल शाही मस्जिद पर नहीं पड़ा है। परियोजना की जद में कई अन्य धार्मिक स्थल, दुकानें और मकान भी आए हैं। प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई सभी प्रभावित निर्माणों पर तय प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। source – The Indian Express / DW / PTI / Navbharat Times / Ujjain Police The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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शिमला के रोहड़ू में भारी लैंडस्लाइड, सड़क पर गिरा मलबा; जांगलिख गांव का संपर्क कटा

शिमला: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में भारी बारिश के बाद बड़ा भूस्खलन हुआ है। जांगलिख क्षेत्र में पहाड़ी का करीब 100 मीटर हिस्सा पेड़ों समेत खिसककर सड़क पर आ गया, जिससे टांगणू-जांगलिख संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। भारी मलबे के कारण जांगलिख गांव का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जांगलिख पुल के पास दरका पहाड़ यह भूस्खलन 28 सितंबर को जांगलिख क्षेत्र के पास हुआ। लगातार बारिश के बीच अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गया। मलबे के साथ कई बड़े पेड़ भी जड़ों समेत सड़क पर गिर गए, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। करीब 100 मीटर हिस्सा आया नीचे प्रशासनिक जानकारी के अनुसार पहाड़ी का करीब 100 मीटर लंबा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आया। मलबे की मात्रा इतनी अधिक थी कि तत्काल सड़क खोलना संभव नहीं हो सका। लगातार पत्थर और मिट्टी गिरने के कारण मशीनरी लगाने में भी परेशानी हुई। करीब 800 लोगों का संपर्क प्रभावित सड़क बंद होने से जांगलिख क्षेत्र में रहने वाले करीब 800 लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीणों के लिए यह मार्ग आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुंदरू खड्ड का बहाव भी हुआ बाधित भूस्खलन का मलबा सड़क के साथ-साथ पास बहने वाली सुंदरू खड्ड में भी जा गिरा। इससे कुछ समय के लिए पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया। मलबे के पीछे पानी जमा होने की आशंका के चलते प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखी। फिलहाल बड़े खतरे की सूचना नहीं प्रशासन के अनुसार खड्ड के बहाव में आई रुकावट के बावजूद तत्काल किसी बड़े खतरे की सूचना नहीं मिली। हालांकि पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने और पानी जमा होने की संभावना को देखते हुए आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। SDM ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा रोहड़ू के SDM धर्मेश रामोत्रा समेत प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सड़क, खड्ड और पहाड़ी की स्थिति का आकलन किया तथा मार्ग को जल्द बहाल करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए। बारिश के कारण Restoration Work में परेशानी घटना के बाद सड़क से मलबा हटाने की तैयारी शुरू की गई, लेकिन लगातार मलबा गिरने के कारण शुरुआत में भारी मशीनरी इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना गया। स्थिति स्थिर होने के बाद सड़क बहाल करने का काम शुरू करने की योजना बनाई गई ताकि जांगलिख का संपर्क जल्द दोबारा स्थापित किया जा सके। हिमाचल में कई सड़कें प्रभावित हाल की बारिश और भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दर्जनों सड़कें प्रभावित हुई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान पत्थर गिरने और landslide का खतरा बढ़ने के कारण प्रशासन ने लोगों को संवेदनशील इलाकों और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। घटना का वीडियो भी आया सामने जांगलिख के पास हुए इस बड़े भूस्खलन का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। वीडियो में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा नीचे खिसकता और सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर तथा पेड़ गिरते दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। source – The Tribune / The New Indian Express / Amar Ujala / Dainik Jagran The Tribune जय राष्ट्र न्यूज़

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AAP के Donations में 68% गिरावट, BJD ने घोषित किया Zero Contribution

नई दिल्ली: राजनीतिक दलों की ओर से चुनाव आयोग को सौंपे गए 2025-26 के contribution reports में फंडिंग को लेकर बड़े बदलाव सामने आए हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस वित्त वर्ष में करीब ₹12.09 करोड़ का चंदा घोषित किया, जो पिछले वर्ष के ₹38.10 करोड़ की तुलना में करीब 68% कम है। वहीं बीजू जनता दल (BJD) ने ₹20,000 से अधिक की श्रेणी में कोई contribution घोषित नहीं किया। AAP का चंदा ₹38 करोड़ से घटकर ₹12 करोड़ AAP ने वित्त वर्ष 2024-25 में करीब ₹38.10 करोड़ के donations घोषित किए थे। 2025-26 में यह राशि घटकर लगभग ₹12.09 करोड़ रह गई। यानी एक साल के भीतर पार्टी की घोषित contribution receipts में करीब 68% की गिरावट दर्ज हुई। दो Donors से आए ₹10 करोड़ AAP को मिले कुल contributions में सबसे बड़ा हिस्सा Prudent Electoral Trust और Trident Limited का रहा। दोनों ने पार्टी को ₹5-₹5 करोड़ दिए। इस तरह सिर्फ इन दो donors से AAP को कुल ₹10 करोड़ मिले, जो पार्टी की कुल घोषित राशि का बड़ा हिस्सा है। Trident Limited का नाम चर्चा में Trident Limited की स्थापना पंजाब के कारोबारी राजिंदर गुप्ता ने की थी। गुप्ता पहले AAP से राज्यसभा सदस्य रहे और बाद में BJP में शामिल हो गए। Contribution report के मुताबिक Trident Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 में AAP को ₹5 करोड़ का donation दिया। Ashutosh Ranka ने भी दिया Donation रिपोर्ट में CJP के मौजूदा सह-संयोजक आशुतोष रांका का नाम भी donor के रूप में दर्ज है। AAP के पूर्व प्रवक्ता रहे रांका ने पार्टी को ₹21,100 का contribution दिया था। BJD ने क्यों दिखाया Zero Contribution? ओडिशा की बीजू जनता दल ने 2025-26 की contribution report में ₹20,000 से अधिक का कोई donation घोषित नहीं किया। यहां “zero contribution” का अर्थ यह नहीं है कि पार्टी के पास कोई आय या पैसा नहीं था। Contribution report मुख्य रूप से कानून के तहत रिपोर्ट किए जाने वाले राजनीतिक donations से संबंधित होती है। पिछले साल BJD को मिले थे ₹60 करोड़ 2024-25 में BJD ने करीब ₹60 करोड़ के contributions घोषित किए थे। उस वर्ष Vedanta Limited पार्टी का सबसे बड़ा donor था और उसने करीब ₹25 करोड़ का योगदान दिया था। इसके मुकाबले 2025-26 में reportable contributions का nil होना बड़ा बदलाव है। सत्ता से बाहर होने के बाद पहला पूरा वित्त वर्ष BJD ने ओडिशा में करीब 24 साल तक सरकार चलाई थी, लेकिन 2024 विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी सत्ता से बाहर हो गई। 2025-26 सत्ता से बाहर रहने के बाद पार्टी का पहला पूरा वित्त वर्ष था। हालांकि donation में आई गिरावट के कारण को लेकर contribution report स्वयं कोई निष्कर्ष नहीं देती। TDP को मिले ₹58.25 करोड़ अन्य क्षेत्रीय दलों की बात करें तो Telugu Desam Party (TDP) ने 2025-26 में करीब ₹58.25 करोड़ के contributions घोषित किए। इसमें अकेले Prudent Electoral Trust से करीब ₹45 करोड़ मिले। YSRCP ने घोषित किए ₹24.30 करोड़ आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी YSR Congress Party ने करीब ₹24.30 करोड़ के donations घोषित किए। इसमें सबसे बड़ा ₹10 करोड़ का contribution Chennai स्थित Goodwood Sanctuary Pvt Ltd से आया। LJP (Ram Vilas) को मिले ₹3.23 करोड़ चिराग पासवान की Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने करीब ₹3.23 करोड़ के contributions दर्ज किए। इसमें ₹1 करोड़ Prudent Electoral Trust से मिला, जबकि बाकी राशि विभिन्न कंपनियों और अन्य donors से आई। BJP-Congress की Reports अभी सार्वजनिक नहीं चुनाव आयोग ने अभी तक BJP, Congress और कुछ अन्य राष्ट्रीय दलों की 2025-26 contribution reports सार्वजनिक नहीं की थीं। इसलिए उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सभी प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों की funding की सीधी तुलना फिलहाल पूरी तरह संभव नहीं है। Political Funding के आंकड़ों पर बढ़ी चर्चा AAP के donations में 68% गिरावट और BJD के nil contributions ने राजनीतिक फंडिंग को फिर चर्चा में ला दिया है। ये आंकड़े दलों द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए contribution reports पर आधारित हैं और इन्हें पार्टी की कुल संपत्ति, कुल आय या सभी प्रकार की funding के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। source – Election Commission of India / The Indian Express / Times of India / The New Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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