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BSNL financial loss

BSNL financial loss: बीएसएनएल की अपनी इस लापरवाही के चलते मोदी सरकार को लगा 1758 करोड़ रुपये का चूना

कहा जाता है कि सरकारी काम में बड़ी हीलाहवाली और लापरवाही होती है। सरकारी महकमा अक्सर अपने लेटलतीफी के लिए जाना भी जाता है। कभी-कभी यह लेटलतीफी और लापरवाही सरकार को करोड़ों-अरबों का नुकसान करा देती है। ऐसा ही एक मामला एक जमाने में देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रही भारतीय संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल से जुड़ा है, जिसकी घोर लापरवाही की वजह से भारत सरकार को करोड़ों (BSNL financial loss) का चूना लगा। आप सोचेंगे कि हाशिये पर पड़ी बीएसएनएल ने भला ऐसा क्या कर दिया, जिससे गवर्नमेंट को करोड़ों का नुकसान हो गया? तो आपको बता दें अपने ढिलाई के लिए मशहूर बीएसएनएल ने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को दस साल तक बिल ही भेजना भूल गई। आपको यह जानकर हैरत होगी कि साल 2014 से 2024 तक का समय बीत गया, लेकिन बीएसएनएल ने जियो को अपने बुनियादी ढांचे मसलन, जैसे टावर, फाइबर नेटवर्क और अन्य संसाधनों – के इस्तेमाल के लिए एक भी बिल नहीं भेजा। नतीजतन सरकार को 1758 करोड़ रुपये का चूना लग गया।  10 साल तक वसूली नहीं करने की वजह से सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का हुआ (BSNL financial loss) नुकसान  दरअसल, हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। बीते मंगलवार को सीएजी ने कहा कि “दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने टावर जैसे बुनियादी ढांचे को साझा करने पर अपने समझौते के अनुसार रिलायंस जियो से 10 साल कोई वसूली नहीं की। इससे सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कैग ने यह भी कहा कि बीएसएनएल दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं को दिए जाने वाले राजस्व हिस्से से लाइसेंस शुल्क का हिस्सा काटने में विफल रही। इससे सरकारी कंपनी को 38.36 करोड़ रुपये का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। यही नहीं बयान में यह भी कहा गया है कि “बीएसएनएल मेसर्स रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि.के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट को लागू करने में विफल रही।   मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था (BSNL financial loss) बीएसएनएल के साझा टावर जैसे बुनियादी ढांचे पर इस्तेमाल की गई अतिरिक्त प्रौद्योगिकी के लिए बिल नहीं दिया। इससे मई, 2014 से मार्च, 2024 के बीच सरकारी खजाने को 1,757.76 करोड़ का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। और उस पर दंडात्मक ब्याज भी देना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि बीएसएनएल ने बुनियादी ढांचा साझाकरण शुल्क का कम बिल बनाया था।” जानकारी के मुताबिक मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था। करार के मुताबिक बीएसएनएल के निष्क्रिय पड़े टावर और फाइबर नेटवर्क जैसे संसाधनों को जियो के साथ साझा करना तय हुआ। और बदले में जियो को बीएसएनएल को भुगतान करना था। यह तो ठीक, लेकिन विगत दशकों से नुकसान झेल रही बीएसएनएल ने तय समय पर बिल भेजना जरूरी ही नहीं समझा। इस तरह दस साल बीत गए। और 10 साल बाद यह लापरवाही जाकर सामने आई।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है हैरत की बात यह है कि बीएसएनएल की लापरवाही सिर्फ जियो तक ही सीमित नहीं रही। कंपनी ने जियो के अलावा कई अन्य टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के साथ भी रेवन्यू शेयरिंग के करार किए थे। इन करारों के तहत बीएसएनएल को लाइसेंस फीस वसूलनी थी, जो सरकार के खजाने में जमा होती। मगर बीएसएनएल इस कदर लापरवाह रही कि ये फीस वसूलना ही भूल गई। इस गलती की कीमत सरकार को 38 करोड़ 36 लाख रुपये के अतिरिक्त नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी। बड़ी बात यह कि दोनों नुकसानों को जोड़ दिया जाये तो तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है। यानी टैक्स पेयर के पैसों को स्वाहा कर दिया। गौरतलब हो कि बीएसएनएल का इतिहास नुकसानों से भरा रहा है। साल 2013-14 में कंपनी को 14,979 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उसके बाद से यह सरकारी दया और अभयदान पर ही निर्भर रही है। भारत सरकार द्वारा हजारों करोड़ निवेश करने के बाद कंपनी की हालत खस्ता बनी हुई है। कहने की जरूरत नहीं इससे बीएसएनएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Latest News in Hindi Today Hindi BSNL financial loss #BSNL #BSNLLoss #ModiGovernment #IndianTelecom #TelecomCrisis #BSNLFinancialLoss #GovernmentLoss #BSNLNews #EconomicImpact #BSNLUpdate

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MP Launch Pad Yojana 2025 Youth Employment Scheme

MP Launch Pad Yojana 2025: युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर

मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) प्रदेश में बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए समय-समय पर नई योजनाएं लागू करती रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, राज्य सरकार ने 5 जनवरी 2021 को एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को अपने व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य चाइल्ड केयर संस्थानों (Child Care Organisation) से बाहर आने वाले युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत ₹60,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके अलावा, सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी, ताकि वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें। इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर को कम करना है। युवाओं को रोजगार के लिए एक मंच प्रदान करने से वे अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण जारी रख सकेंगे, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा। योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता और जिलों का चयन एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) के लाभ और विशेषताएं एमपी लॉन्च पैड योजना के लिए पात्रता आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सरकार ने इस योजना के लिए एक आधिकारिक पोर्टल (www.mpwcdmis.gov.in) तैयार किया है, जहां इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक आवेदन की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। जैसे ही सरकार आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी, संबंधित जानकारी अपडेट कर दी जाएगी। एमपी लॉन्च पैड योजना 2025 (MP Launch Pad Yojana 2025) राज्य सरकार की एक प्रभावी पहल है, जो युवाओं को स्व-रोजगार के लिए आर्थिक सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगी। इस योजना से न केवल प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं को अपने व्यवसाय के माध्यम से एक उज्जवल भविष्य बनाने का अवसर भी मिलेगा। यदि आप इस योजना के पात्र हैं, तो आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदन अवश्य करें और सरकार की इस पहल का लाभ उठाएं। Latest News in Hindi Today Hindi MP Launch Pad Yojana #MPLaunchPadYojana #YouthEmployment #MPScheme2025 #StartupIndia #SkillDevelopment

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Kia EV6 Facelift Launched – Features, Specs & Range

दमदार फीचर्स और शानदार रेंज के साथ लॉन्च हुई Kia EV6 Facelift 

भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ती जा रही है और इसी बढ़ती डिमांड्स को देखते हुए Kia India ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कार Kia EV6 Facelift को लॉन्च किया है। Kia EV6 Facelift अपने शानदार डिजाइन, एडवांस टेक्निक और दमदार बैटरी क्षमता के साथ लॉन्च की गई है। कंपनी ने अपनी इस इलेक्ट्रिक कार की कीमत ₹65.9 लाख (एक्स-शोरूम) रुपय रखी है, जो इस गाड़ी की शुरुआती कीमत है। इस बार यह कार सिर्फ GT Line AWD वेरिएंट में उपलब्ध होगी। Kia ने इस मॉडल में कई नई एडवांस टेक्नोलॉजी और सेफ्टी फीचर्स जोड़े हैं, जिससे  Kia EV6 Facelift और भी आकर्षक हो चुकी है।   Kia EV6 Facelift: डिजाइन और लुक  Kia ने इस नई इलेक्ट्रिक कार में 15 बदलाव किए हैं, जिससे इसका लुक पहले से ज्यादा स्पोर्टी और प्रीमियम नजर आता है। यह किआ के ‘Opposites United’ डिजाइन से प्रेरित है, जो इसे एक अलग पहचान देता है। लक्जरी इंटीरियर और हाई-टेक फीचर्स EV6 Facelift के इंटीरियर को बेहद प्रीमियम और स्पेसियस बनाया गया है, ताकि यात्रियों को एक शानदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिल सके। सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS और 27 एडवांस फीचर्स Kia EV6 Facelift को सेफ्टी के लिहाज से भी काफी अपडेट किया गया है। इसमें ADAS 2.0 पैकेज दिया गया है, जिसमें 27 एडवांस सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स शामिल हैं-  शक्तिशाली बैटरी और दमदार परफॉर्मेंस Kia EV6 Facelift को कंपनी के E-GMP (Electric Global Modular Platform) पर तैयार किया गया है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार हुआ है-  कलर ऑप्शन और उपलब्धता Kia EV6 Facelift को कंपनी ने 5 आकर्षक रंगों में पेश किया है: इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? क्या Kia EV6 Facelift खरीदना फायदेमंद रहेगा? अगर आप एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार की तलाश में हैं, जो शानदार रेंज, बेहतरीन फीचर्स और अत्याधुनिक सेफ्टी टेक्नोलॉजी से लैस हो, तो Kia EV6 Facelift एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन यह कार लग्जरी, परफॉर्मेंस और टेक्नोलॉजी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन प्रदान करती है। Kia ने EV6 Facelift को भारत में लॉन्च कर इलेक्ट्रिक कार बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इसकी लंबी रेंज, स्पोर्टी लुक, एडवांस सेफ्टी फीचर्स और फास्ट चार्जिंग तकनीक इसे एक शानदार विकल्प बनाते हैं। अगर आप फ्यूचरिस्टिक और हाई-परफॉर्मेंस EV की तलाश में हैं, तो यह कार निश्चित रूप से आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। अगर आप एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं तो बेहतर रेंज, एडवांस फीचर्स और टेक्नोलॉजी से लैस Kia EV6 Facelift बेहतर ऑप्शन हो सकता है। हालांकि कीमत के मामले में KIA की EV6 Facelift महंगी है। ऐसे में आप अपने बजट को ध्यान में रखकर कार ले सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Kia EV6 Facelift #KiaEV6Facelift #KiaEV6 #ElectricCar #EVRevolution #KiaMotors #EV6Facelift #ElectricSUV #CarLaunch #EVFuture #KiaCars

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ATM Withdrawal Fees to Increase from May 1, 2025​

1 मई 2025 से ATM से पैसे निकालना हो सकता है महंगा, लेकिन क्यों? 

आज के डिजिटल वर्ल्ड में एटीएम (ATM) का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लोग जब भी पैसों की जरूरत महसूस करते हैं, तो सबसे पहले एटीएम का रुख करते हैं। बैंक में लंबी लाइन लगने के बजाय 24×7 उपलब्ध एटीएम से आसानी से पैसे निकाल लेते हैं। लेकिन अब यह सुविधा भी थोड़ी महंगी होने वाली है। दरअसल 1 मई 2025 से एटीएम से कैश निकालने पर ज्यादा फी देना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि नए नियमों के तहत ATM से बार-बार पैसे निकालना कितना कॉस्टली होगा। कैश निकालने पर बढ़ेगी फी  अब तक बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन (Free Transaction) की सुविधा देते थे। यदि कोई ग्राहक इस निर्धारित सीमा से अधिक पैसे निकालता है, तो उसे अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। अब नई रिपोर्ट के अनुसार एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज (ATM Transaction Charge) बढ़ाने का फैसला भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा लिया गया है। अभी तक एक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर बैंक 17 रुपये शुल्क लेता था, लेकिन अब यह बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा। कब से लागू होंगे नए नियम? नए एटीएम शुल्क 1 मई 2025 से लागू होने की संभावना है। सिर्फ कैश निकालने पर ही नहीं, बल्कि बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट निकालने पर भी चार्ज बढ़ सकता है। वर्तमान में, इन सेवाओं पर 6 रुपये शुल्क लिया जाता है, जिसे बढ़ाकर 7 रुपये किया जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि बैलेंस चेक करने पर भी कटते हैं पैसे? कई लोग एटीएम (ATM) में जाकर बार-बार अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं या मिनी स्टेटमेंट (Mini Statement) निकालते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसके लिए भी शुल्क लिया जाता है। ऐसे में बिना सोचे-समझे बार-बार एटीएम का उपयोग करना अब जेब पर भारी पड़ सकता है। एक महीने में कितनी ट्रांजेक्शन फ्री? बैंकों ने ग्राहकों को कुछ निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा दी हुई है। स्वयं के बैंक के एटीएम से: ग्राहक प्रत्येक महीने तीन बार तक बिना किसी शुल्क के पैसे निकाल सकते हैं। अन्य बैंकों के एटीएम से: यदि आप अपने बैंक के एटीएम (ATM) के अलावा किसी अन्य बैंक के एटीएम का उपयोग करते हैं, तो केवल तीन बार तक मुफ्त निकासी की अनुमति होती है। इसके बाद इंटरचेंज फीस (Interchange Fees) देनी होती है। इसे भी पढ़ें:- क्या है अटल कैंटीन योजना? बढ़ते शुल्क का असर आम जनता पर बढ़ते एटीएम चार्ज (ATM Charge) का असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ेगा, जो बार-बार नकद पैसे निकालते हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि लोग ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई (UPI) का अधिक इस्तेमाल करें। अगर आप एटीएम चार्ज (ATM Charge) से बचना चाहते हैं, तो डिजिटल पेमेंट सिस्टम जैसे यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट का अधिक उपयोग करें। यह न सिर्फ आपके समय की बचत करेगा, बल्कि आपको अतिरिक्त चार्ज से भी बचाएगा।  1 मई 2025 से एटीएम से पैसे निकालने और अन्य सेवाओं पर बढ़े हुए शुल्क लागू हो सकते हैं। अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 19 रुपये और बैलेंस चेक करने या मिनी स्टेटमेंट निकालने पर 7 रुपये का शुल्क देना होगा। ऐसे में बेवजह एटीएम का उपयोग करने से बचें और डिजिटल ट्रांजेक्शन की ओर रुख करें, ताकि आपका पैसा बच सके। Latest News in Hindi Today Hindi News   #ATMWithdrawalCharges #RBIInterchangeFee #ATMFees2025 #BankingUpdates #CashWithdrawalCost #ATMTransactionFees #ReserveBankOfIndia #FinancialNews #BankCharges #DigitalBanking

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Atal Canteen Yojana Affordable Meals for Everyone

क्या है अटल कैंटीन योजना?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। यह बजट खासतौर पर दिल्ली के बुनियादी ढांचे, प्रदूषण नियंत्रण, महिला सशक्तीकरण और गरीब वर्ग के कल्याण पर केंद्रित है। यह बजट खास इसलिए भी है क्योंकि बीजेपी के 27 साल बाद सत्ता में लौटने के बाद यह पहला बजट है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने इसमें कई बड़े ऐलान किए, जिनमें सबसे चर्चित योजना अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को कम कीमत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) क्या है? दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित अटल कैंटीन योजना  (Atal Canteen Scheme), तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन (Amma Canteen Scheme) और कर्नाटक की इंदिरा कैंटीन  (Indira Canteen) की तर्ज पर बनाई गई है। इस योजना के तहत दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में 100 अटल कैंटीन खोली जाएंगी। हर कैंटीन में 5 रुपये में गरम, ताजा और पौष्टिक भोजन (Healthy Food) उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गरीब और श्रमिक वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। यह कैंटीन खासकर रिक्शा चालक, मजदूर, फुटपाथ पर काम करने वाले लोग और अन्य दिहाड़ी मजदूरों के लिए मददगार साबित होगी। किन लोगों को मिलेगा अटल कैंटीन योजना का लाभ? झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवार रिक्शा चालक, मजदूर और फुटपाथ पर काम करने वाले लोग दिहाड़ी मजदूर, सफाई कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग ऐसे लोग जो अत्यधिक महंगाई के कारण पौष्टिक भोजन नहीं ले पाते हैं योजना का उद्देश्य और सरकार की मंशा अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। सरकार इस योजना के तहत स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण की समस्या को दूर करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, इससे दिल्ली में भोजन की बर्बादी को भी कम करने में मदद मिलेगी। बजट में अन्य प्रमुख घोषणाएं 1. यमुना की सफाई और पुनरुद्धार दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई और पुनरुद्धार को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। इस परियोजना को अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट से प्रेरित बताया जा रहा है। इसके तहत यमुना नदी के किनारे सौंदर्यीकरण, प्रदूषण नियंत्रण और जल की शुद्धता बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। 2. दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। इस बजट में सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं: इसे भी पढ़ें:-आगरा और पानीपत में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य ‘शिव स्मारक, CM फडणवीस ने बताया इस फैसले का कारण? 3. महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए सरकार ने नई योजनाओं की घोषणा की: 4. बुनियादी ढांचा विकास और परिवहन सुधार सरकार ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 28,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का ऐलान किया है। 5. व्यापार और उद्योग को बढ़ावा नई औद्योगिक नीति लागू होगी। दिल्ली सरकार (Delhi Government) का यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। गरीबों के लिए अटल कैंटीन (Atal Canteen), महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाएं, पर्यावरण सुधार के लिए यमुना पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण तथा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति जैसे कई अहम फैसले इस बजट का हिस्सा हैं। बीजेपी सरकार (BJP Government) ने इस बजट के जरिए दिल्ली की जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका ध्यान सिर्फ बुनियादी विकास ही नहीं बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग की समस्याओं के समाधान पर भी है। अब देखना यह होगा कि ये योजनाएं जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव डालती हैं और दिल्ली के विकास में कितना योगदान देती हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News  Atal Canteen Scheme #AtalCanteenYojana #AffordableMeals #SubsidizedFood #GovtScheme #BudgetMeals #PublicWelfare #FoodForAll #IndiaGovt #CanteenScheme #CheapMeals

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Government Scheme Review Meeting

नय वित्त वर्ष में सरकार की योजनाओं की होगी समीक्षा, हो सकते हैं बड़े बदलाव!

1 अप्रैल से नय फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत होने जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें कई बड़े बदलावकिये जा सकते हैं। केंद्र सरकार (Central Government) इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के खर्च की गुणवत्ता, फंड्स के सही उपयोग और उनकी प्रभावशीलता पर विचार विमर्श करेगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अनावश्यक योजनाओं को खत्म करना और सरकारी फंड्स (Government Funds) के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना होगा। हर पांच साल में होती है समीक्षा यह समीक्षा हर पांच साल में एक बार की जाती है, जिससे योजनाओं को उनकी उपयोगिता और आवश्यकता के आधार पर जारी रखने, संशोधित करने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सके। सरकार इस रिव्यू प्रक्रिया को नए वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आगे बढ़ाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं में अनावश्यक खर्च को रोका जाए और अधिक प्रभावी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। किन बिंदुओं पर की जा सकती है समीक्षा? सरकार इस समीक्षा में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने जा रही है। इनमें निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा— समीक्षा प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग प्रमुख भूमिका निभाएगा और विभिन्न मंत्रालयों से फीडबैक लेकर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार की 10 प्रमुख योजनाएं और उनका बजट अप्रैल में आ सकती है समीक्षा रिपोर्ट सरकार ने नीति आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां राज्य सरकारों की योजनाएं केंद्र की योजनाओं के समान हैं। अप्रैल 2025 तक नीति आयोग की रिपोर्ट आने की संभावना है, जिसमें यह सिफारिशें शामिल होंगी कि- नीति आयोग की रिपोर्ट को वित्त आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) का बजट और महत्व केंद्र सरकार (Central Government) विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) को भी लागू कर रही है, जिनमें शामिल हैं— CSS बजट 2025-26 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने CSS के तहत 5.41 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया है।2024-25 में यह बजट 5.05 लाख करोड़ रुपये था, जिसे संशोधित कर 4.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने मार्च 2015 में मुख्यमंत्रियों के एक उप-समूह का गठन कर CSS योजनाओं की संख्या 130 से घटाकर 75 कर दी थी। यह फैसला योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया था। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल क्या होगा बदलाव? इस समीक्षा से सरकार बिना उपयोग वाली योजनाओं को बंद करेगी।कम प्रभावी योजनाओं को मिलाकर एक नई, प्रभावी योजना बनाई जा सकती है।सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजनाओं का क्रियान्वयन राज्यों में बेहतर तरीके से हो।फंड्स का सही उपयोग हो, जिससे लाभार्थियों को अधिक फायदा मिले। केंद्र सरकार (Central Government) का यह कदम सरकारी योजनाओं को बेहतर, प्रभावी और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस समीक्षा से बेहतर योजना प्रबंधन और फंड के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि अप्रैल में आने वाली नीति आयोग की रिपोर्ट में कौन-कौन सी योजनाओं पर बदलाव की सिफारिश की जाती है और वित्त आयोग इस पर क्या निर्णय लेता है! Latest News in Hindi Today Hindi news Government Scheme Review Meeting #GovernmentScheme #RivewMeeting #CentralGovernment #GovernmentScheme

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Omega Seiki NRG

Omega Seiki NRG: भारत की सबसे लंबी रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) तेजी से बढ़ रही है और इस दिशा में कई नई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च भी कर रही है। ओमेगा सेकी प्राइवेट लिमिटेड Omega Seiki Pvt. Ltd. एक प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी है। कंपनी ने हाल ही में अपने नए इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा Omega Seiki NRG को लॉन्च किया। इस वाहन को स्वच्छ ऊर्जा के प्रचारक क्लीन इलेक्ट्रिक के सहयोग से विकसित किया गया है। इसे 3.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर पेश किया गया है। Omega Seiki NRG के फीचर्स और खासियत 300 किमी की रेंज: एक महत्वपूर्ण कदम Omega Seiki NRG की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रेंज है। यह एक बार चार्ज होने पर 300 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकता है। यह दावा किया जा रहा है कि यह भारत का सबसे लंबा रेंज वाला इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) है। यह वाहन अपने पेटेंटेड कॉम्पैक्ट 15 kWh बैटरी पैक से चलता है, जिसे क्लीन इलेक्ट्रिक द्वारा विकसित किया गया है। इस बैटरी पैक के साथ, यह ऑटो रिक्शा न केवल लंबी यात्रा के लिए उपयुक्त है, बल्कि कस्टमर्स को इसके साथ 5 साल की बैटरी वारंटी भी दी जा रही है, जो इसकी विश्वसनीयता और दीर्घायु को सुनिश्चित करती है। बेहतर थर्मल प्रबंधन और पर्यावरण के अनुकूल Omega Seiki NRG में क्लीन इलेक्ट्रिक का अभिनव डायरेक्ट कॉन्टैक्ट लिक्विड कूलिंग (DCLC) सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो बैटरी के थर्मल प्रबंधन को बेहतर बनाता है। इस प्रणाली के माध्यम से, वाहन अधिकतम गर्मी और प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी सुचारू रूप से कार्य कर सकता है। खासकर भारत जैसे देश में, जहां गर्मी और मौसम की चुनौतियां बहुत होती हैं, यह सिस्टम वाहन को उच्च तापमान में भी स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। Omega Seiki NRG के फीचर्स इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे Omega Seiki NRG का लॉन्च भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (Electric Auto Rickshaw) की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईवी इकोसिस्टम के बढ़ने के साथ-साथ, इस तरह के वाहनों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। Omega Seiki NRG न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को लंबे समय तक चलने वाले और किफायती परिवहन समाधान भी प्रदान करता है। यह वाहन अपने उच्च प्रदर्शन और किफायती रेंज के साथ बाजार में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में उभर सकता है। Omega Seiki NRG ने इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा की दुनिया में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इसकी लंबी रेंज, किफायती कीमत, और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं के साथ, यह निश्चित रूप से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है। बढ़ते ईवी इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचारों के साथ, यह वाहन भारत में स्वच्छ और सस्टेनेबल गतिशीलता के दृष्टिकोण को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Omega Seiki NRG #electricautorickshaw #electricauto #Autorickshaw #OmegaSeikiNRG

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Lado Lakshmi Scheme

हरियाणा सरकार का 2025-26 का बजट और ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ की घोषणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है, जो राज्य की महिलाओं के लिए बड़ी राहत का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) के तहत हरियाणा की महिलाओं के लिए 5000 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए वादे का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने सत्ता में लौटने के बाद महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने की बात की थी। लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राज्य सरकार ने इस योजना के तहत कुल 5000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना हरियाणा की महिलाओं को एक नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने का अवसर मिलेगा। योजना का नाम लाडो लक्ष्मी (Lado Lakshmi) रखा गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण का निर्माण करना है। लाडो लक्ष्मी योजना का किन-किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ? इस योजना के तहत हरियाणा की सभी महिलाओं को 2100 रुपये की मासिक सहायता नहीं मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लाभार्थियों के लिए कुछ विशिष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं। इसके अनुसार केवल वही महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त करेंगी जो इन शर्तों को पूरा करेंगी: बीपीएल राशन कार्ड – इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके पास सक्रिय बीपीएल (Below poverty line) राशन कार्ड है। यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि महिला आर्थिक दृष्टि से जरूरतमंद है और राज्य सरकार से सहायता की पात्र है। परिवार पहचान पत्र – योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए महिला के पास परिवार पहचान पत्र (FPP) होना आवश्यक है। यह पहचान पत्र राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसमें परिवार की सभी जानकारी होती है, जो महिला के परिवार से संबंधित होती है। बैंक खाता और आधार लिंक – महिलाओं के बैंक खाते को उनके आधार कार्ड (Aadhar Card) के साथ लिंक करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करता है कि वित्तीय सहायता सीधे महिला के खाते में पहुंचे और कोई धोखाधड़ी न हो। यदि कोई शर्त पूरी न हो तो क्या होगा? यदि किसी महिला के पास बीपीएल राशन कार्ड नहीं है, परिवार पहचान पत्र नहीं है या उसका बैंक खाता (Bank Account) आधार से लिंक नहीं है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। यह तीनों शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। यदि इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो महिला के खाते में हर महीने 2100 रुपये की सहायता राशि नहीं पहुंचेगी। इसलिए, जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ चाहिए, उन्हें इन शर्तों को समय रहते पूरा करना होगा। इसे भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे योजना का उद्देश्य और राज्य के विकास में योगदान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने इस योजना के तहत महिलाओं को एक आर्थिक समर्थन प्रदान करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी और उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का अवसर देगी। इसके अतिरिक्त, इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं की मदद करना है जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर हैं और जिन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कठिनाई हो रही है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं के उत्थान के लिए है, बल्कि इससे हरियाणा की समग्र विकास प्रक्रिया को भी गति मिलेगी। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी और राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। हरियाणा सरकार का लाडो लक्ष्मी योजना (Lado Lakshmi Scheme) का फैसला राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिल रही है, जो उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। हालांकि, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करेंगी। ऐसे में महिलाओं के लिए यह जरूरी होगा कि वह इन शर्तों को पूरा करके इस योजना का लाभ उठा सकें। इस योजना से न केवल महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Lado Lakshmi Scheme #LadoLakshmiScheme #Money #CMNayabSinghSaini #Haryana #NayabSinghSaini

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Amitabh Bachchan

अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) अपने अंदाज और एक्टिंग की वजह से तो चर्चा में रहते हैं लेकिन अभी उनकी चर्चा सबसे ज्यादा टैक्स पेयर (Highest Tax Payer) होने के कारण हो रही है। दरअसल वित्तीय वर्ष 2024-25 में वह भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी बन गए हैं और उन्होंने इस मामले में बॉलीवुड के किंगखान शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) को भी पीछे छोड़ दिया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके शानदार करियर को बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग में उनकी सफलता को भी साबित किया है। अमिताभ बच्चन की कमाई और टैक्स भुगतान पिंकविला के अनुसार अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की कुल कमाई वित्तीय वर्ष 2024-25 में 350 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने 120 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया। यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे साफ जाहिर होता है कि वह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे सशक्त सितारे बने हुए हैं। खास बात यह है कि 15 मार्च 2025 को उन्होंने 52.50 करोड़ रुपये की एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त भी अदा कर दी। वैसे इससे पहले अमिताभ बच्चन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 71 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया (Tax Payer) था, जो अब इस साल की तुलना में 69% अधिक है। यह उनकी बढ़ती कमाई और सफलता का संकेत है। उनकी इस उपलब्धि से यह भी साफ है कि भले ही उनका करियर छह दशकों से अधिक पुराना हो, लेकिन उनके पास अब भी हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने की क्षमता बरकरार है। कहां से हुई कमाई? अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की कमाई के कई स्रोत हैं, जिनमें प्रमुख फिल्में, ब्रांड एंडोर्समेंट और उनका प्रसिद्ध टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC)। KBC को वह पिछले 20 सालों से होस्ट कर रहे हैं और यह शो अब भी बेहद लोकप्रिय है। इसके साथ ही, वे कई बड़े ब्रांड्स के एंडोर्समेंट भी करते हैं। इनमें से कुछ ब्रांड्स भारतीय बाजार में उनके नाम और छवि का पूरा लाभ उठाते हैं। इसके अलावा अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) के कुछ सबसे बड़े और हिट फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। उनकी अभिनय क्षमता और फिल्मों में निभाए गए सशक्त किरदार उन्हें आज भी दर्शकों का प्रिय बनाते हैं। अभी भी अभिनय की दुनिया में सक्रिय अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने 82 साल की उम्र में भी बॉलीवुड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उनका काम और फैन बेस आज भी पहले की तरह मजबूत है। उन्होंने हाल ही में फिल्म कल्कि 2898 ई. में अभिनय किया था और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे जल्द ही फिल्म कल्कि 2 की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। अमिताभ बच्चन का नाम केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया जाता है। उनकी फिल्मों का प्रभाव न केवल भारतीय दर्शकों पर है, बल्कि उन्होंने दुनियाभर में अपना एक विशेष स्थान बना लिया है। इसे भी पढ़ें:-  दुबई में सस्ता क्यों हैं सोना? विदेश से सोना लाने के क्या हैं नियम? संपत्ति और व्यक्तिगत जीवन अमिताभ बच्चन की संपत्ति (Amitabh Bachchan’s Property) में हाल ही में एक और बड़ी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ओशिवारा में स्थित अपने डुप्लेक्स अपार्टमेंट को 83 करोड़ रुपये में बेच दिया है। यह संपत्ति 1.55 एकड़ में फैली हुई थी और इसमें 4, 5 और 6 बीएचके वाले फ्लैट्स थे। इस संपत्ति को बेचने के बाद, अमिताभ ने अपनी संपत्ति को एक नई दिशा में निवेश किया है, जो उनके बेहतर फाइनेंशियल समझ को दर्शाता है। अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) न केवल भारतीय सिनेमा के एक जीवित किंवदंती हैं, बल्कि उनके करियर की सफलता, उनकी बढ़ती कमाई और लगातार टैक्स भुगतान यह साबित करते हैं कि वह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री (Indian Film Industry) के सबसे प्रभावशाली और सम्मानित कलाकार हैं। उनकी मेहनत, समर्पण, और समय के साथ लगातार खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की क्षमता ने उन्हें एक अनमोल हीरा बना दिया है। 82 साल की उम्र में भी वह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारे बने हुए हैं, और उनकी यह यात्रा प्रेरणा देने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi news Amitabh Bachchan #AmitabhBachchan #Tax #TaxPayer #FY2024-25 #Bollywood

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Lexus LX 500D

Lexus LX 500D: भारत में लॉन्च हुआ लग्जरी SUV का नया  और भी एडवांस अपडेटेड मॉडल

प्रीमियम कार निर्माता कंपनी लेक्सस ने भारतीय बाजार में अपनी नई LX 500D SUV का अपडेटेड मॉडल लॉन्च कर दिया है। इस SUV दो अलग-अलग वेरिएंट अर्बन और ओवरटेल में लॉन्च किया गया है। इस गाड़ी को पहली बार जनवरी 2024 में भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में शोकेस किया गया था। लेक्सस जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा की एक सब्सिडरी है, जो प्रीमियम सेगमेंट की शानदार लग्जरी कारें बनाने के लिए मशहूर है। नई LX 500D की पेशकश के साथ, कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने का संकेत दिया है। Lexus LX 500D की कीमत और वेरिएंट्स लेक्सस ने अपने इस नए मॉडल की कीमतों में पिछले वर्जन की तुलना में बढ़ोतरी की है। इससे पहले, LX 500D की शुरुआती कीमत ₹2.83 करोड़ थी, लेकिन अब इसके अपडेटेड वर्जन की कीमत में लगभग ₹17 लाख की बढ़ोतरी हुई है। अर्बन बनाम ओवरटेल: कौन सा वेरिएंट आपके लिए सही? एक्सटीरियर डिजाइन के मामले में दोनों वेरिएंट काफी हद तक एक जैसे हैं, लेकिन इनकी अलग-अलग ग्रिल, अलॉय व्हील्स और टायर्स का लुक अलग है।  पावरफुल इंजन और दमदार परफॉर्मेंस Lexus LX 500D को 3.3-लीटर V6 डीजल इंजन के साथ पेश किया गया है, जो इसे बेहतरीन पावर और शानदार स्पीड देता है। यह इंजन ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है, जो न केवल स्मूथ ड्राइविंग अनुभव देता है, बल्कि फ्यूल एफिशिएंसी को भी बेहतर बनाता है। सेफ्टी और फीचर्स: पहले से और भी ज्यादा है सेफ  नई LX 500D को पहले से ज्यादा सुरक्षित और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनाया गया है। इसमें कंपनी ने Lexus Safety System 3.0 दिया है, जो कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस है: इसे भी पढ़ें:-  दुबई में सस्ता क्यों हैं सोना? विदेश से सोना लाने के क्या हैं नियम? लक्जरी और आराम का बेहतरीन अनुभव Lexus LX 500D SUV को सिर्फ एक SUV के रूप में नहीं, बल्कि लक्जरी ऑन व्हील्स के रूप में डिजाइन किया गया है। इसमें अपग्रेडेड सीट मसाजर सिस्टम दिया गया है, जो लंबी यात्रा के दौरान ज्यादा आरामदायक सफर का अनुभव कराता है। इसके अलावा, इस एसयूवी में अत्याधुनिक इंटीरियर, लेदर सीट्स, और हाई-टेक इंफोटेनमेंट सिस्टम भी दिया गया है, जो इसे अन्य SUVs से अलग बनाता है। Lexus LX 500D क्यों पसंद किया जा सकता है?  अगर आप एक अल्ट्रा-लक्जरी SUV की तलाश में हैं, जो शानदार परफॉर्मेंस, हाई-टेक सेफ्टी फीचर्स और कम्फर्टेबल ड्राइविंग एक्सपीरियंस दे सके, तो Lexus LX 500D एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। हालांकि इसकी कीमत ₹3 करोड़ से अधिक है, लेकिन जो लोग लक्जरी और परफॉर्मेंस को महत्व देते हैं, उनके लिए यह एक परफेक्ट SUV साबित हो सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news LX 500D SUV #LexusLX500D #LexusIndia #LuxurySUV #SUVLaunch #CarLovers #AutomobileNews #PremiumSUV #NewCarLaunch #SUVUpdate #LuxuryCars

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