श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इंटर्न डॉक्टर मौजूदा ₹12,300 प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि करीब सात वर्षों से स्टाइपेंड में कोई संशोधन नहीं हुआ, जबकि महंगाई और काम का बोझ लगातार बढ़ा है।
हड़ताल 31 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। 2 सितंबर को आंदोलन तीसरे दिन में प्रवेश कर गया और जम्मू-कश्मीर के कई Government Medical Colleges तथा SKIMS से जुड़े इंटर्न इसमें शामिल रहे। मांग पूरी नहीं होने पर डॉक्टरों ने आगे भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है।
₹400 प्रतिदिन के बराबर पड़ता है स्टाइपेंड
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि ₹12,300 प्रतिमाह का मौजूदा स्टाइपेंड लगभग ₹400 प्रतिदिन के बराबर बैठता है।
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक वे emergency departments, OPDs, wards, procedures, night duties और rural postings में नियमित जिम्मेदारियां निभाते हैं। कई बार लंबी और 24 घंटे से ज्यादा की shifts भी करनी पड़ती हैं। उनका कहना है कि इस workload के मुकाबले मौजूदा भुगतान बेहद कम है।
सात साल से नहीं बढ़ा स्टाइपेंड
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में medical interns का stipend करीब सात वर्षों से ₹12,300 के आसपास ही बना हुआ है।
उनका दावा है कि देश के कई अन्य राज्यों में medical interns को ₹25,000 से ₹45,000 या उससे ज्यादा monthly stipend मिलता है। इसी disparity को देखते हुए वे इसे कम से कम ₹30,000 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
2023 की Committee ने भी सुझाई थी बढ़ोतरी
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि Health and Medical Education Department ने 2023 में stipend revision पर विचार के लिए committee बनाई थी।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार committee ने 2025-26 के लिए stipend करीब ₹25,000 करने की सिफारिश की थी। 2026 Assembly session में करीब ₹26,300 के प्रस्ताव का भी उल्लेख हुआ, लेकिन अब तक revised stipend का formal order जारी नहीं हुआ है।
Government बोली—मांग पर विचार जारी
Jammu and Kashmir की Health and Medical Education Minister Sakina Itoo ने कहा है कि interns की मांग सरकार के विचाराधीन है।
उनके मुताबिक stipend enhancement से जुड़ा proposal financial implications की जांच के लिए Finance Department को भेजा जा चुका है। उन्होंने doctors से strike पर पुनर्विचार करने की अपील भी की है, क्योंकि इससे patient services प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि protesting interns का कहना है कि उन्हें अब केवल verbal assurance नहीं, बल्कि revised stipend का written order चाहिए।
कई Medical Colleges में प्रदर्शन
हड़ताल में GMC Jammu, GMC Srinagar, GMC Baramulla, GMC Rajouri, GMC Anantnag, GMC Handwara, SKIMS और SKIMS Bemina समेत कई institutions के interns शामिल हैं।
1 सितंबर को doctors ने विभिन्न campuses में peaceful candle marches भी निकाले। 2 सितंबर तक आंदोलन जारी रहा और interns ने कहा कि concrete decision नहीं आने पर protest और तेज किया जाएगा।
Political Support भी मिला
इंटर्न डॉक्टरों की मांग को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। Congress की Jammu-Kashmir unit के president Tariq Hameed Karra ने Chief Minister Omar Abdullah को पत्र लिखकर stipend बढ़ाने की मांग पर तुरंत विचार करने को कहा है।
PDP नेता Iltija Mufti भी GMC Srinagar में protesting interns से मिलीं और ₹30,000 stipend की मांग का समर्थन किया।
फिलहाल सरकार ने मांग को genuine बताते हुए consideration में होने की बात कही है, लेकिन interns revised stipend का official order आने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।
स्रोत – PTI, The Indian Express, The Tribune, India Today, Medical Dialogues
जय राष्ट्र न्यूज़

