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साड़ी पहनकर नंगे पांव 1600 मीटर दौड़ी महिला अभ्यर्थी, जज्बे की हो रही चर्चा

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ में Home Guard भर्ती की तैयारी के दौरान महिला अभ्यर्थी कविता महतो का जज्बा चर्चा का विषय बना हुआ है। कविता साड़ी पहनकर और नंगे पांव 1600 मीटर की trial race में उतरीं और पूरी दूरी सफलतापूर्वक तय की। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके हौसले तथा मेहनत की तारीफ कर रहे हैं। Home Guard भर्ती से पहले हुआ trial रामगढ़ में 24 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच Home Guard के 284 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है। इससे पहले अभ्यर्थियों की तैयारी के लिए Siddho-Kanho मैदान में 1600 मीटर की trial race आयोजित की गई थी। साड़ी और नंगे पांव दौड़ीं कविता Trial के दौरान कविता महतो किसी sports dress या running shoes में नहीं थीं। वह पारंपरिक साड़ी पहनकर और नंगे पांव मैदान में उतरीं और पूरी 1600 मीटर की दौड़ पूरी की। करीब 6 मिनट में पूरी की दूरी एक रिपोर्ट के मुताबिक कविता ने 1600 मीटर की दूरी करीब 6 मिनट में पूरी की। महिला अभ्यर्थियों के लिए यह दूरी पूरी करने का निर्धारित समय 10 मिनट है, जबकि 8 मिनट के भीतर दौड़ पूरी करने वालों को बेहतर performance category में रखा जाता है। मैदान में लोगों ने बढ़ाया हौसला साड़ी पहनकर और बिना जूतों के दौड़ रही कविता को देखकर मैदान में मौजूद लोग भी प्रभावित हुए। दौड़ पूरी करने के दौरान वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। विधवा हैं कविता महतो रिपोर्टों के अनुसार कविता महतो विधवा हैं और उनके दो छोटे बच्चे हैं। उनके ऊपर बुजुर्ग सास-ससुर और बच्चों की जिम्मेदारी भी है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के उद्देश्य से वह Home Guard में भर्ती होने की तैयारी कर रही हैं। सरकारी नौकरी का सपना कविता का लक्ष्य Home Guard की नौकरी हासिल कर अपने परिवार को आर्थिक सहारा देना है। इसी उद्देश्य से वह नियमित रूप से physical test की तैयारी कर रही हैं। कई महिलाएं साड़ी में उतरीं मैदान में रामगढ़ में केवल कविता ही नहीं, बल्कि कई अन्य महिला अभ्यर्थियों ने भी trial के दौरान साड़ी पहनकर दौड़ में हिस्सा लिया। इन महिलाओं की भागीदारी ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर महिलाओं के उत्साह को भी सामने रखा है। महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित रामगढ़ Home Guard recruitment में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त reservation का भी प्रावधान है। 284 पदों पर होनी है भर्ती रामगढ़ जिले में Home Guard के कुल 284 पदों पर भर्ती होनी है। Physical test में 1600 मीटर दौड़ उम्मीदवारों की fitness जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो कविता के साड़ी पहनकर नंगे पांव दौड़ने का वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग platforms पर तेजी से share किया जा रहा है। Users उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद नौकरी हासिल करने के संकल्प की तारीफ कर रहे हैं। 24 अक्टूबर से होगी असली परीक्षा यह दौड़ केवल preparation trial थी। कविता और दूसरे अभ्यर्थियों की असली physical examination 24 अक्टूबर से शुरू होने वाली भर्ती प्रक्रिया के दौरान होगी, जहां उनके प्रदर्शन के आधार पर आगे का चयन तय होगा। source – TV9 Bharatvarsh / Aaj Tak / Times Now Navbharat / Jansatta जय राष्ट्र न्यूज़

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World Teachers’ Day 2026 आज, UNESCO ने दुनिया में 44 million teachers की कमी की चेतावनी दोहराई

नई दिल्ली/पेरिस: आज 5 अक्टूबर को दुनिया भर में World Teachers’ Day 2026 मनाया जा रहा है। इस साल का आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि 1966 में अपनाई गई ILO-UNESCO Recommendation concerning the Status of Teachers के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी अवसर पर UNESCO ने एक बार फिर चेताया है कि 2030 तक वैश्विक शिक्षा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दुनिया को करीब 44 million यानी 4.4 करोड़ अतिरिक्त primary और secondary teachers की जरूरत होगी। 5 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है World Teachers’ Day? World Teachers’ Day हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1966 में UNESCO और International Labour Organization ने शिक्षकों के अधिकार, जिम्मेदारियों, भर्ती, प्रशिक्षण, रोजगार और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानक तय करने वाली Recommendation अपनाई थी। World Teachers’ Day का औपचारिक आयोजन 1994 से किया जा रहा है। 2026 में 60 साल का बड़ा milestone इस साल 1966 की ILO-UNESCO Recommendation के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। UNESCO ने कहा है कि पिछले छह दशकों में teaching profession के सामने नई चुनौतियां आई हैं, जिनमें digital technologies, climate change, inclusion, migration और displacement शामिल हैं। इस साल की theme क्या है? World Teachers’ Day 2026 की theme है: “Standing with teachers: 60 years of protecting the profession, advancing its status and shaping our futures.” इस theme का फोकस teachers के professional status, working conditions, recognition और policy-making में उनकी भूमिका को मजबूत करने पर है। दुनिया को 44 million teachers की जरूरत UNESCO के Global Report on Teachers के अनुसार 2030 तक primary और secondary education के लिए दुनिया में करीब 44 million अतिरिक्त teachers की जरूरत पड़ेगी। यह shortage Sustainable Development Goal 4 यानी सभी के लिए quality education हासिल करने की दिशा में बड़ी चुनौती मानी जा रही है। Sub-Saharan Africa में सबसे गंभीर स्थिति Teacher shortage का सबसे बड़ा दबाव Sub-Saharan Africa में देखा जा रहा है। UNESCO के मुताबिक अकेले इस क्षेत्र को 2030 तक करीब 15 million अतिरिक्त teachers की जरूरत होगी। कई देशों में तेजी से बढ़ती student population और सीमित recruitment इस समस्या को और गंभीर बना रही है। सिर्फ recruitment नहीं, teachers को रोकना भी चुनौती UNESCO का कहना है कि समस्या केवल नए teachers की भर्ती तक सीमित नहीं है। कई देशों में low salaries, excessive workload, limited professional autonomy और कमजोर working conditions की वजह से teaching profession की attractiveness कम हो रही है। इससे trained teachers को profession में बनाए रखना भी मुश्किल हो रहा है। AI और digital technology ने बदली teaching की भूमिका Artificial Intelligence और digital learning tools के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने teachers की भूमिका पर भी नई बहस शुरू की है। UNESCO का रुख है कि technology teaching को support कर सकती है, लेकिन qualified teachers की जरूरत खत्म नहीं होती। Human interaction, mentoring, emotional support और classroom judgment जैसे aspects अभी भी teachers की केंद्रीय भूमिका को बनाए रखते हैं। भारत में भी teacher vacancies बड़ी चुनौती World Teachers’ Day के मौके पर भारत में भी teacher vacancies को लेकर चर्चा तेज हुई है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि देश में 11 लाख से ज्यादा teaching posts खाली हैं और बड़ी संख्या में schools single-teacher system पर निर्भर हैं। हालांकि अलग-अलग राज्यों और education levels पर vacancy figures अलग हो सकते हैं। UNESCO Headquarters में global celebration World Teachers’ Day 2026 का मुख्य वैश्विक कार्यक्रम Paris स्थित UNESCO Headquarters में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में teaching profession के status, teachers की working conditions और भविष्य की education policy पर high-level discussions के साथ UNESCO-Hamdan Prize for Teacher Development का award ceremony भी शामिल है। UNESCO ने governments से क्या कहा? UNESCO, ILO, UNICEF और Education International ने governments से teachers के professional status को मजबूत करने की अपील की है। संस्थाओं ने बेहतर salaries, manageable workload, professional development, policy-making में teachers की भागीदारी और सुरक्षित working environment पर जोर दिया है। Teacher shortage से quality education पर असर अगर पर्याप्त संख्या में qualified teachers उपलब्ध नहीं हुए तो इसका सीधा असर class size, student attention और learning outcomes पर पड़ सकता है। इसी वजह से UNESCO ने teacher recruitment, training और retention में investment बढ़ाने को global education priority बताया है। World Teachers’ Day सिर्फ सम्मान का दिन नहीं World Teachers’ Day को केवल teachers को शुभकामनाएं देने का दिन नहीं माना जाता। इसका उद्देश्य teaching profession की चुनौतियों, teachers के अधिकारों और education systems में उनकी केंद्रीय भूमिका पर global policy attention बढ़ाना भी है। source – UNESCO / ILO / UNICEF / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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IIT Bombay छात्र Sahil Wakode Death Case में प्रोफेसर Suryanarayana Doolla से Crime Branch ने करीब 8 घंटे पूछताछ की

मुंबई: IIT Bombay के छात्र Sahil Wakode की मौत के मामले में मुंबई Crime Branch ने प्रोफेसर Suryanarayana Doolla से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी ने छात्र और प्रोफेसर के बीच शैक्षणिक संबंध, कथित विवाद और मृतक द्वारा पहले लगाए गए आरोपों से जुड़े सवाल पूछे। प्रोफेसर ने पूछताछ के दौरान जातिगत टिप्पणी या उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है। करीब आठ घंटे चली पूछताछ Crime Branch की टीम ने प्रोफेसर Doolla को पूछताछ के लिए बुलाया और उनसे कई घंटे तक सवाल किए। रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ करीब आठ घंटे चली, जिसमें Sahil Wakode के academic record, supervision और दोनों के बीच हुई बातचीत के बारे में जानकारी ली गई। जातिगत टिप्पणी के आरोप से प्रोफेसर का इनकार जांच के दौरान प्रोफेसर से उन आरोपों के बारे में भी सवाल किए गए जिनमें कथित तौर पर casteist remarks का जिक्र था। प्रोफेसर ने ऐसे किसी भी बयान या भेदभाव से इनकार किया और कहा कि उनका छात्र के साथ व्यवहार अकादमिक दायरे तक सीमित था। Sahil Wakode की मौत के बाद शुरू हुई जांच IIT Bombay के छात्र Sahil Wakode की मौत के बाद परिवार और छात्र संगठनों ने मामले की गहराई से जांच की मांग की थी। इसके बाद पुलिस और Crime Branch ने कॉलेज प्रशासन, faculty members और अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटानी शुरू की। Academic pressure और कथित harassment भी जांच के दायरे में जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि Sahil पर किसी तरह का academic pressure, harassment या discrimination था या नहीं। इन सभी पहलुओं की जांच statements, electronic records और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर की जा रही है। अभी किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। परिवार ने उठाए थे गंभीर सवाल Sahil के परिवार ने पहले आरोप लगाया था कि छात्र मानसिक दबाव में था और उसे संस्थान में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। परिवार की शिकायतों के बाद मामले ने व्यापक ध्यान खींचा और छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की। IIT Bombay प्रशासन से भी जानकारी ली जा रही Crime Branch संस्थान से संबंधित records और communication भी देख रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि Sahil ने किसी औपचारिक grievance mechanism का इस्तेमाल किया था या नहीं और क्या संस्थान को पहले किसी शिकायत की जानकारी थी। छात्र संगठनों का प्रदर्शन भी जारी मामले के बाद कई छात्र संगठनों ने campus में प्रदर्शन किए और पारदर्शी जांच की मांग उठाई। छात्र समूहों का कहना है कि academic institutions में grievance redressal और anti-discrimination mechanisms को मजबूत किया जाना चाहिए। ये छात्र संगठनों के दावे और मांगें हैं। Crime Branch आगे और लोगों से कर सकती है पूछताछ जांच एजेंसी मामले में अन्य faculty members, छात्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से भी सवाल कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका थी। अंतिम निष्कर्ष अभी बाकी फिलहाल प्रोफेसर से पूछताछ जांच का हिस्सा है और इसे दोष सिद्धि नहीं माना जा सकता। मामले में लगाए गए आरोपों और अलग-अलग पक्षों के दावों की सत्यता पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से तय होगी। Source – India Today / The Indian Express / Mumbai Police जय राष्ट्र न्यूज़

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जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बीच AISA की नेहा बोरा हिरासत में, CEC के खिलाफ प्रदर्शन में सैकड़ों डिटेन

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान All India Students’ Association यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके साथ पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, AAP नेता सौरभ भारद्वाज, कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और कई छात्र व राजनीतिक कार्यकर्ता भी हिरासत में लिए गए। प्रदर्शनकारी SIR और मतदाता सूची से जुड़े कथित अनियमितताओं को लेकर CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश के दौरान हिरासत प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कई स्थानों पर रोक दिया। नेहा बोरा और AISA के अन्य कार्यकर्ता भी प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। करीब 500 से 700 लोगों को हिरासत में लेने की रिपोर्ट अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग बताई गई है। The Indian Express ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी, जबकि अन्य रिपोर्टों में यह संख्या लगभग 700 बताई गई। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को बसों के जरिए विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर ले जाया गया। नेहा बोरा ने प्रदर्शन जारी रखने की अपील की हिरासत में लिए जाने के बाद भी नेहा बोरा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की। उन्होंने समर्थकों से जंतर-मंतर लौटने और कथित मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने को कहा। आतिशी और सौरभ भारद्वाज भी डिटेन पुलिस कार्रवाई में केवल छात्र संगठन के सदस्य ही नहीं बल्कि कई राजनीतिक नेता भी हिरासत में लिए गए। पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी, AAP दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी उन प्रमुख लोगों में शामिल थे जिन्हें पुलिस ने डिटेन किया। SIR विवाद बना प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा प्रदर्शनकारी Special Intensive Revision यानी SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही शामिल थी। ये प्रदर्शनकारियों के आरोप और मांगें हैं; चुनाव आयोग का इन आरोपों पर अलग आधिकारिक रुख है। दिल्ली पुलिस ने पहले नहीं दी थी अनुमति दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों से जुड़े लोग जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे। पुलिस ने दस या उससे अधिक लोगों के समूहों को रोकते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। AISA और अन्य छात्र संगठन रहे सक्रिय AISA के अलावा SFI, NSUI और दूसरे छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। छात्र संगठनों ने इसे मतदाता अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा बताया, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था और बिना अनुमति जुटने को कार्रवाई का आधार बताया। हिरासत के खिलाफ वाम दलों ने जताई नाराजगी वाम दलों ने छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों की हिरासत की आलोचना की। CPM ने बयान जारी कर हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को लेकर आपत्ति जताई और SIR तथा CEC के खिलाफ उठाई जा रही मांगों का समर्थन किया। 3 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर पर हलचल 2 अक्टूबर की पुलिस कार्रवाई के बाद 3 अक्टूबर को भी प्रदर्शनकारी और कार्यकर्ता जंतर-मंतर लौटते दिखाई दिए। इसके चलते दिल्ली पुलिस फिर सतर्क रही और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। SIR विवाद पर जारी है राजनीतिक टकराव SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का विरोध जारी है। वहीं इन आरोपों की तथ्यात्मक और कानूनी स्थिति संबंधित संस्थाओं और अदालतों में उपलब्ध रिकॉर्ड तथा आगे की प्रक्रिया से तय होगी। source – The Indian Express / The Times of India / PTI / The Week जय राष्ट्र न्यूज़

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रेलवे में 590 पैरामेडिकल पदों पर भर्ती शुरू, RRB ने खोला आवेदन पोर्टल

नई दिल्ली: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने भारतीय रेलवे में विभिन्न पैरामेडिकल पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। CEN 05/2026 के तहत कुल 590 रिक्तियों पर भर्ती की जाएगी। योग्य उम्मीदवार क्षेत्रीय RRB वेबसाइटों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 रात 11:59 बजे तय की गई है। 590 पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती अभियान के तहत Nursing Superintendent, Pharmacist, Health & Malaria Inspector, Radiographer, Lab Assistant समेत कई पैरामेडिकल पद भरे जाएंगे। सभी RRB को मिलाकर कुल 590 पदों की घोषणा की गई है। किस पद पर कितनी वैकेंसी? भर्ती में सबसे ज्यादा 365 पद Nursing Superintendent के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा Pharmacist (Entry Grade) के 118 पद, Health & Malaria Inspector Grade-II के 43 पद, Lab Assistant Grade-II के 31 पद और Radiographer X-Ray Technician के 25 पद शामिल हैं। ECG Technician के 4 पद, Optometrist के 2 पद और Dialysis Technician तथा Audiologist & Speech Therapist के एक-एक पद पर भी भर्ती होगी। 14 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन RRB Paramedical Recruitment 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 14 अक्टूबर 2026 रात 11:59 बजे तक आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर निर्धारित की गई है। फॉर्म में सुधार का भी मिलेगा मौका आवेदन जमा करने के बाद उम्मीदवारों को अपने फॉर्म में जरूरी सुधार करने के लिए modification window भी दी जाएगी। यह सुविधा 17 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। उम्मीदवारों को आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी सावधानी से जांचने की सलाह दी गई है। कितनी है आवेदन फीस? सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क ₹500 रखा गया है। CBT में शामिल होने के बाद इसमें से ₹400 वापस किए जाएंगे। SC, ST, Ex-Servicemen, PwBD, Female, Transgender और EBC उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹250 है। CBT में उपस्थित होने पर यह राशि लागू बैंक शुल्क काटने के बाद वापस की जाएगी। एक से ज्यादा आवेदन करने पर कार्रवाई RRB ने उम्मीदवारों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि एक ही या अलग-अलग RRB के लिए एक से अधिक आवेदन जमा न करें। एक से ज्यादा आवेदन मिलने पर उम्मीदवार की candidature रद्द की जा सकती है। साथ ही भविष्य की RRB या RRC परीक्षाओं से भी debar किया जा सकता है। CBT के जरिए होगा चयन पैरामेडिकल भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन Computer-Based Test यानी CBT के माध्यम से किया जाएगा। CBT की तारीख और आगे की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों पर बाद में जारी की जाएगी। योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग हर पद के लिए शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है। Nursing, Pharmacy, Radiography, Laboratory और अन्य संबंधित मेडिकल क्षेत्रों के उम्मीदवार आवेदन से पहले अपने पद की eligibility, age limit और medical standard जरूर जांचें। आवेदन से पहले नोटिफिकेशन पढ़ना जरूरी उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले विस्तृत CEN notification पढ़ने की सलाह दी गई है। इसमें post-wise eligibility, pay level, medical standard, age limit, reservation और recruitment process की पूरी जानकारी दी गई है। रेलवे में मेडिकल क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए बड़ा मौका 590 पदों की यह भर्ती Nursing और Allied Health क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। source – Railway Recruitment Board / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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‘नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, ई-रिक्शा चलाओ’—बृजेश पाठक का बयान वायरल, विपक्ष ने साधा निशाना

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का रोजगार और स्वरोजगार को लेकर दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लखनऊ में ‘भारत टैक्सी’ सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पाठक ने लोगों से कहा कि वे केवल नौकरी के पीछे न भागें, बल्कि अपनी गाड़ी चलाकर कमाई करें और परिवार को भी समय दें। सोशल मीडिया पर उनके बयान को “नौकरी मत ढूंढो, ई-रिक्शा चलाओ” के रूप में शेयर किया जा रहा है, जिसके बाद विपक्ष ने उन पर युवाओं के रोजगार के मुद्दे को लेकर निशाना साधा है। 23 सितंबर को ‘भारत टैक्सी’ कार्यक्रम में दिया बयान यह बयान 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में आयोजित ‘भारत टैक्सी’ सेवा के औपचारिक शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान दिया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल समेत कई नेता मौजूद थे। ‘भारत टैक्सी’ एक cooperative-led ride-hailing platform है, जिसमें ड्राइवरों को ‘सारथी’ के रूप में सदस्य और हिस्सेदार बनाने की व्यवस्था है। सेवा उत्तर प्रदेश में लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी शुरू की गई। बृजेश पाठक ने आखिर क्या कहा? वायरल वीडियो में बृजेश पाठक लोगों को स्वरोजगार के फायदे बताते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी के चक्कर में ही न पड़े रहें, बल्कि कुछ घंटे अपनी गाड़ी चलाएं, कमाई करें और दोपहर में परिवार तथा बच्चों के साथ समय बिताएं। उन्होंने दूसरे के अधीन नौकरी करने की तुलना में खुद का काम करने पर जोर दिया। उनकी टिप्पणी का संदर्भ ‘भारत टैक्सी’ के driver-owner model और स्वरोजगार से जुड़ा था। Times of India ने भी कार्यक्रम की रिपोर्ट में लिखा कि पाठक ने अपनी गाड़ी खुद चलाकर कमाई को स्थानीय परिवारों और अर्थव्यवस्था के भीतर रखने की बात कही थी। क्या उन्होंने सीधे ‘ई-रिक्शा चलाओ’ कहा था? कई सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ खबरों में बयान को “ई-रिक्शा चलाओ” के रूप में पेश किया गया है। हालांकि उपलब्ध विस्तृत रिपोर्ट में पाठक का सीधा उद्धरण “नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, अपना चार घंटा चलाओ” है और पूरा संदर्भ टैक्सी तथा अपनी गाड़ी चलाने से जुड़ा है। ‘भारत टैक्सी’ प्लेटफॉर्म में टैक्सी के साथ दो-पहिया और तीन-पहिया वाहन चालक भी जुड़ सकते हैं। इसलिए ई-रिक्शा वाली व्याख्या इसी व्यापक परिवहन मॉडल से जोड़ी जा रही है, लेकिन वायरल headline को पाठक का शब्दशः पूरा बयान मानना सही नहीं होगा। सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने किया पलटवार बृजेश पाठक के बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि देश का युवा देश चलाएगा और यदि उपमुख्यमंत्री को रिक्शा चलाने में रुचि है तो वह उन्हें एक रिक्शा उपहार में भेज सकते हैं। यह विपक्षी नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। कांग्रेस ने भी बयान पर उठाए सवाल कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी वायरल वीडियो शेयर करते हुए बृजेश पाठक की आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि क्या उपमुख्यमंत्री अपने परिवार के युवाओं को भी यही सलाह देंगे। कांग्रेस की ओर से इस बयान को बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों के मुद्दे से जोड़कर देखा गया, जबकि पाठक का मूल भाषण ‘भारत टैक्सी’ के जरिए स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के संदर्भ में था। ‘भारत टैक्सी’ क्या है? केंद्र सरकार के अनुसार ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला cooperative-led ride-hailing platform है। इसमें ड्राइवरों को केवल service provider नहीं बल्कि cooperative का stakeholder बनाने का मॉडल अपनाया गया है। प्लेटफॉर्म zero-commission मॉडल पर काम करता है, यानी ऐप के जरिए मिली ride के किराये में से driver-partner से commission नहीं काटा जाता। सरकार इसे रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल के रूप में पेश कर रही है। उत्तर प्रदेश के पांच शहरों में हुई शुरुआत 23 सितंबर को ‘भारत टैक्सी’ को उत्तर प्रदेश में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। लखनऊ के अलावा गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी सेवा की शुरुआत हुई। PIB के मुताबिक लॉन्च के समय उत्तर प्रदेश के लगभग 40 हजार ड्राइवर प्लेटफॉर्म से पंजीकृत हो चुके थे। कार्यक्रम में ड्राइवरों को cooperative model के जरिए आर्थिक भागीदारी देने पर जोर दिया गया। वायरल क्लिप बनाम पूरा संदर्भ बृजेश पाठक का बयान ऐसे समय वायरल हुआ है जब रोजगार और सरकारी नौकरियां उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय हैं। विपक्ष उनके शब्दों को युवाओं को नौकरी की जगह रिक्शा या टैक्सी चलाने की सलाह के रूप में पेश कर रहा है। दूसरी ओर पूरा कार्यक्रम और आधिकारिक संदर्भ देखें तो पाठक ‘भारत टैक्सी’ के driver-owner मॉडल और स्वरोजगार के विकल्प की बात कर रहे थे। इसलिए वायरल क्लिप का संदर्भ समझना जरूरी है—पाठक ने नौकरी के बजाय स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात जरूर कही, लेकिन “ई-रिक्शा चलाओ” वाला वाक्य सोशल मीडिया और मीडिया headlines में की गई संक्षिप्त व्याख्या है। source – PIB / Hindustan / ABP News / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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LPU में छात्रों का हंगामा, Jalandhar-Phagwara हाईवे जाम; कथित रेप मामले को लेकर रातभर प्रदर्शन

फगवाड़ा: पंजाब के Lovely Professional University (LPU) में एक छात्रा के साथ कथित रेप से जुड़ी सूचना के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। रविवार तड़के बड़ी संख्या में छात्र कैंपस से बाहर निकले, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर धरना देकर यातायात रोक दिया। पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि कथित घटना की पुष्टि करने वाली कोई शिकायत नहीं मिली थी, लेकिन बाद में जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों के बयान के आधार पर रेप का मामला दर्ज किया जा रहा है। रात करीब 2 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक LPU कैंपस में तनाव शनिवार देर रात से बढ़ना शुरू हुआ। सोशल मीडिया और छात्रों के बीच एक संदेश फैल रहा था कि विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ है। The Tribune के मुताबिक प्रदर्शन सबसे पहले गर्ल्स हॉस्टल के आसपास शुरू हुआ और इसके बाद अलग-अलग हॉस्टलों के छात्र भी इसमें शामिल होते गए। तड़के करीब 4 बजे तक प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट से निकलकर नेशनल हाईवे पर पहुंच गए। कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी वायरल वीडियो में छात्रों की भीड़ कैंपस के अंदर खिड़कियों के शीशे, गमले और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाती दिखाई दी। कुछ वस्तुओं में आग लगाए जाने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक विश्वविद्यालय की संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Jalandhar-Phagwara हाईवे पर लगा लंबा जाम प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय के बाहर जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी ब्लॉक कर दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कपूरथला पुलिस की बड़ी टीम मौके पर पहुंची और छात्रों से बातचीत शुरू की गई। पहले पुलिस ने कहा- शिकायत नहीं मिली कपूरथला के SSP गौरव तूरा ने शुरुआती बयान में कहा था कि पुलिस को कथित रेप की कोई औपचारिक शिकायत या उसकी पुष्टि करने वाला सबूत नहीं मिला था। उन्होंने बताया कि वायरल संदेशों के बाद छात्र बड़ी संख्या में जमा हो गए थे और विश्वविद्यालय प्रशासन को लेकर उनकी कुछ शिकायतें थीं। पुलिस ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति शांत करने का प्रयास किया। DIG बोले- छात्रों के बयान पर दर्ज हो रहा केस बाद में जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने कहा कि छात्रों का दावा है कि करीब तीन दिन पहले एक छात्रा के साथ कथित रेप हुआ था और इसके बाद वह अपने घर चली गई। DIG के मुताबिक छात्रों के बयान के आधार पर रेप का मामला दर्ज किया जा रहा है। हालांकि कथित पीड़िता की पहचान, घटना की परिस्थितियां और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। छात्र ने लगाया निर्माण मजदूर पर आरोप प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने दावा किया कि कथित घटना में एक निर्माण मजदूर शामिल था। उसी छात्र ने यह भी दावा किया कि पीड़िता को घर भेज दिया गया और बाद में उसके बारे में आत्महत्या की अफवाह फैली। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने अभी तक कथित पीड़िता के बारे में सार्वजनिक रूप से ऐसी कोई पुष्टि नहीं की है। LPU ने अफवाहों को बताया ‘झूठा और भ्रामक’ Lovely Professional University ने छात्रों के लिए जारी संदेश में सोशल मीडिया पर चल रही सूचनाओं को “false and misleading” बताया। विश्वविद्यालय ने छात्रों से किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह में शामिल न होने और हॉस्टल या अपने कमरों में सुरक्षित रहने की अपील की। LPU प्रशासन का कहना है कि कैंपस सुरक्षित है। बाहर के लोगों के शामिल होने का भी दावा एक प्रदर्शनकारी छात्र ने वीडियो में दावा किया कि शुरुआत में विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में विश्वविद्यालय का गेट खुलने के बाद कुछ बाहरी लोग परिसर में घुस आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। यह प्रदर्शनकारी छात्र का दावा है। पुलिस ने अभी तक सार्वजनिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि हिंसा में कितने बाहरी लोग शामिल थे या उनकी पहचान हो चुकी है। पुलिस की भारी तैनाती, स्थिति नियंत्रण में घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और हाईवे के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कपूरथला पुलिस के मुताबिक छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत की गई और स्थिति को धीरे-धीरे नियंत्रण में लाया गया। मामले में अब पुलिस का मुख्य फोकस कथित यौन अपराध से जुड़े आरोपों की जांच, हिंसा में शामिल लोगों की पहचान और विश्वविद्यालय संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करने पर है। source – NDTV / The Indian Express / The Tribune / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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आदिवासी स्कूल में ₹2.5 लाख की पानी की टंकी? वायरल वीडियो में उठे सवाल

जयपुर: राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में लगी पानी की टंकी को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि आदिवासी बच्चों के स्कूल में लगाई गई पानी की टंकी पर करीब ₹2.5 लाख खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। हालांकि ₹2.5 लाख की लागत के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया? 20 सितंबर को आशुतोष रांका के सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो साझा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में उन्होंने स्कूल परिसर में लगी एक पानी की टंकी दिखाते हुए दावा किया कि इसकी कीमत करीब ₹2.5 लाख है। उन्होंने कहा कि टंकी में तीन आउटलेट दिखाई देते हैं, लेकिन केवल एक नल लगा है और उससे भी पानी नहीं आ रहा। रांका ने सवाल उठाया कि यदि इस व्यवस्था पर वास्तव में इतनी राशि खर्च की गई है तो विद्यार्थियों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा और पैसा कहां खर्च हुआ। ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान सामने आया मामला यह मामला CJP के ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान सामने आया। सात सदस्यीय टीम ने राजस्थान के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी गांवों में सरकारी स्कूलों का दौरा किया था। टीम ने देमत, पोंगली और बाबरी जैसे गांवों में स्कूल भवन, पीने के पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार CJP ने आदिवासी विकास के लिए निर्धारित फंड के इस्तेमाल पर भी पारदर्शिता की मांग की और स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। स्कूलों में पानी और शौचालय की समस्या का भी दावा उदयपुर क्षेत्र में किए गए निरीक्षणों के दौरान आशुतोष रांका और उनकी टीम ने कई सरकारी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली, पंखे और फर्नीचर जैसी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया। Amar Ujala की रिपोर्ट के अनुसार रांका ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर सुधार की मांग भी की। इन निरीक्षणों को लेकर प्रकाशित दूसरी रिपोर्ट्स में कुछ स्कूलों में जर्जर भवन और पर्याप्त कक्षाओं की कमी जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया गया है। ₹2.5 लाख की कीमत की पुष्टि नहीं वायरल वीडियो में टंकी की कीमत ₹2.5 लाख बताए जाने के बावजूद अभी ऐसी कोई सार्वजनिक आधिकारिक दस्तावेजी जानकारी सामने नहीं आई है जिससे यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सके कि संबंधित टंकी की वास्तविक स्वीकृत या खर्च की गई लागत इतनी ही थी। The Nation Mirror ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि पानी की टंकी की कीमत और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है। इसलिए ₹2.5 लाख की राशि को फिलहाल रांका द्वारा किया गया दावा ही माना जाना चाहिए। राजस्थान के सरकारी स्कूल पहले भी रहे चर्चा में राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर हाल के महीनों में कई मामले सामने आए हैं। अगस्त में राज्य सरकार ने स्कूलों की सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और भवनों की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का भौतिक सत्यापन करने को भी कहा गया था। इसके अलावा जयपुर के रामपुरा गांव के एक सरकारी स्कूल की खराब स्थिति पर विवाद के बाद सरकार ने नए भवन के निर्माण के लिए करीब ₹18 लाख मंजूर किए थे। प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार ₹2.5 लाख की पानी की टंकी के विशेष दावे को लेकर उपलब्ध प्रमुख रिपोर्ट्स में संबंधित विभाग की कोई विस्तृत आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन टंकी की वास्तविक लागत और भुगतान से जुड़े निष्कर्ष आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। source – The Indian Express / Amar Ujala / The Nation Mirror जय राष्ट्र न्यूज़

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UP PCS 2026 की करीब 500 Posts के लिए 8.90 लाख Applications; पिछले साल से 42% से ज्यादा उछाल

प्रयागराज, 19 सितंबर 2026: Uttar Pradesh Public Service Commission (UPPSC) की PCS 2026 examination के लिए इस बार record 8.90 लाख candidates ने आवेदन किया है। करीब 500 advertised posts के मुकाबले applications की संख्या इतनी ज्यादा है कि औसतन एक पद पर लगभग 1,780 candidates की competition बन रही है। UPPSC Secretary Girijesh Kumar Tyagi के मुताबिक यह पिछले एक दशक में applications की सबसे तेज year-on-year बढ़ोतरी है। पिछले साल से 2.64 लाख ज्यादा Applications PCS 2025 में 6,26,387 candidates ने आवेदन किया था। इस बार यह संख्या बढ़कर 8.90 लाख पहुंच गई है। यानी एक साल में applications में करीब 2.64 लाख या 42.1% की बढ़ोतरी हुई है। एक Post पर करीब 1,780 Candidates लगभग 500 posts के मुकाबले 8.90 लाख applications होने से competition बेहद कड़ा हो गया है। Available figures के हिसाब से हर एक advertised post पर औसतन करीब 1,780 aspirants दावेदार हैं। 6 December को होगी Preliminary Exam UPPSC के मुताबिक PCS 2026 की Preliminary Examination 6 December 2026 को आयोजित की जानी है। Commission ने यह भी स्पष्ट किया है कि final vacancies की संख्या आगे बढ़ सकती है, अगर विभिन्न departments से additional requisitions प्राप्त होते हैं। पिछले कई वर्षों का Record टूटा UPPSC data के मुताबिक PCS के लिए applications: रहे थे। 2026 का 8.90 लाख का आंकड़ा इन सभी वर्षों से काफी ज्यादा है। Government Jobs का Craze अब भी मजबूत Experts के मुताबिक PCS जैसी administrative services में job security, authority, social recognition और career growth की वजह से युवाओं का आकर्षण अब भी काफी मजबूत है। इतनी बड़ी application संख्या यह भी दिखाती है कि सरकारी administrative jobs को लेकर Uttar Pradesh में competition लगातार बढ़ रहा है। source – UPPSC / Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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APPSC ने Group-I समेत 17 नई Recruitments के Brief Notifications जारी किए; कई Departments में होगी भर्ती

अमरावती, 15 सितंबर 2026: Andhra Pradesh Public Service Commission (APPSC) ने आज Group-I Services समेत 17 अलग-अलग recruitments के brief notifications जारी किए हैं। इनमें Forest Section Officer, Horticulture Officer, Assistant Environmental Engineer, Assistant Director, Assistant Statistical Officer और Pollution Control Board से जुड़े posts समेत कई vacancies शामिल हैं। सभी notifications APPSC की official website पर उपलब्ध कराए गए हैं। Group-I Services का नया Notification जारी APPSC ने Group-I Services के विभिन्न posts के लिए Notification No. 07/2026 जारी किया है। Group-I के तहत Andhra Pradesh Government के विभिन्न departments में senior administrative posts पर recruitment की जाएगी। Eligibility, post-wise vacancies, application dates और examination schedule की विस्तृत जानकारी detailed notification में दी जाएगी। Pollution Control Board में भी Recruitment आज जारी notifications में Andhra Pradesh Pollution Control Board के लिए दो महत्वपूर्ण recruitments शामिल हैं। इनमें Assistant Environmental Engineer – Notification No. 08/2026 और Analyst Grade-II – Notification No. 21/2026 शामिल हैं। Horticulture और Forest Department में भी Jobs APPSC ने Horticulture Officer – Notification No. 19/2026 और Forest Section Officer – Notification No. 17/2026 के लिए भी brief notification जारी किया है। इन recruitments से agriculture, horticulture और forest services की तैयारी कर रहे candidates को नई opportunity मिलेगी। Assistant Director के कई Posts शामिल नई recruitment list में अलग-अलग departments में Assistant Director level के posts भी शामिल हैं। इनमें: जैसे posts शामिल हैं। इसके अलावा Assistant Statistical Officer और Assistant Social/Tribal Welfare Officer के notifications भी जारी हुए हैं। इन Posts के लिए भी Notification APPSC ने आज जिन अन्य recruitments के brief notifications जारी किए हैं, उनमें Inspector of Factories, Industrial Promotion Officer, Executive Officer Grade-III, District Probation Officer, Hostel Welfare Officer Grade-II, Supervisor Grade-I और English/Telugu Reporters जैसे posts भी शामिल हैं। Detailed Notification का रखें ध्यान Candidates को सलाह दी गई है कि वे eligibility, educational qualification, age limit, reservation, application fee और selection process के लिए संबंधित detailed notification जरूर check करें। Applications APPSC के official portal के जरिए लिए जाएंगे और individual recruitments की application dates post-wise notification में घोषित की जाएंगी। AP Job Calendar के तहत चल रही बड़ी Recruitment Drive Andhra Pradesh Government के 2026 Job Calendar में 10,000 से ज्यादा direct recruitment vacancies को अलग-अलग phases में भरने की योजना बनाई गई थी। Group-I समेत आज के notifications इसी बड़े recruitment programme का हिस्सा हैं। source – Andhra Pradesh Public Service Commission (APPSC) / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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