प्रमुख खबरें

Elon Musk की Tesla Roadster का हैरतअंगेज Stunt, हवा में Flip और SpaceX Thrusters से Controlled Landing

टेक्सास, 16 अक्टूबर 2026: Elon Musk की कंपनी Tesla ने अपनी अगली पीढ़ी की Roadster का एक नाटकीय डेमो पेश किया, जिसमें इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार को रैंप पर उल्टा चलते, हवा में उछलते, मिड-एयर फ्लिप करते और थ्रस्टर्स की मदद से नियंत्रित लैंडिंग करते दिखाया गया। इस प्रदर्शन को Tesla और SpaceX की इंजीनियरिंग तकनीकों के संयोजन के रूप में पेश किया गया। हवा में कैसे उड़ी Roadster? डेमो से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, Roadster के निचले हिस्से में फैन-आधारित सक्शन सिस्टम दिखाया गया, जो कार को उल्टे रैंप पर टिकाए रखने में मदद करता है। इसके बाद SpaceX से प्रेरित थ्रस्टर्स की मदद से कार को रैंप से ऊपर उठाने, हवा में उसकी दिशा नियंत्रित करने और लैंडिंग में सहायता देने का प्रदर्शन किया गया। हालांकि, इन तकनीकों की वास्तविक क्षमता और उत्पादन मॉडल में उनके इस्तेमाल को लेकर विस्तृत तकनीकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। Mid-Air Flip ने खींचा सबसे ज्यादा ध्यान लाइव प्रदर्शन में Roadster एक घुमावदार रैंप पर ऊपर चढ़ी, उल्टी हुई और फिर हवा में निकलकर फ्लिप करते हुए जमीन पर उतरी। एक अन्य स्टंट में कार को Tesla की कई गाड़ियों के ऊपर से छलांग लगाते हुए भी दिखाया गया। इन करतबों ने पारंपरिक इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कारों से अलग Roadster की संभावित क्षमताओं को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, प्रदर्शन में दिखाई गई क्षमताओं की पुष्टि वास्तविक सड़क परिस्थितियों में होना अभी बाकी है। Musk बोले—“Basically Fly Like a Rocket” Elon Musk ने बताया कि Roadster में पीछे की ओर मुख्य थ्रस्टर्स और ऊंचाई नियंत्रित करने वाले थ्रस्टर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। उनके मुताबिक, इससे कार सीमित रूप से रॉकेट की तरह उड़ने और हवा में दिशा बदलने जैसे करतब कर सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, Musk ने यह भी संकेत दिया कि इस वाहन का मुख्य जोर असाधारण प्रदर्शन पर है। ऐसे में इसकी सुरक्षा, व्यावहारिक उपयोग और सामान्य सड़क परिस्थितियों में संचालन से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण होंगे। 0-60 mph एक सेकंड से कम का दावा प्रदर्शन के दौरान Tesla ने Roadster के 0 से 60 मील प्रति घंटे की रफ्तार एक सेकंड से कम समय में हासिल करने का दावा भी पेश किया। रॉकेट थ्रस्टर्स वाले वेरिएंट के लिए 230 मील प्रति घंटे से अधिक की शीर्ष गति और 300 मील से ज्यादा की रेंज का उल्लेख किया गया है। इन आंकड़ों को फिलहाल कंपनी के दावों के रूप में देखना चाहिए। वास्तविक उत्पादन मॉडल के प्रदर्शन और प्रमाणित परीक्षणों के नतीजे सामने आने के बाद ही इनकी स्वतंत्र पुष्टि हो सकेगी। अभी Prototype, Production का लक्ष्य 2028 फिलहाल दिखाई गई Roadster को प्रोटोटाइप या डेमो वाहन के रूप में देखा जा रहा है। Tesla ने इसके उत्पादन संस्करण को 2028 में लॉन्च करने का लक्ष्य बताया है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शन में दिखाए गए सभी हवाई करतब और थ्रस्टर-आधारित सुविधाएं व्यावसायिक रूप से उपलब्ध Roadster में भी उसी रूप में शामिल होंगी या नहीं। अंतिम डिजाइन, सुरक्षा मानकों, कीमत और उत्पादन मॉडल की क्षमताओं को लेकर अधिक जानकारी का इंतजार है। स्रोत: Reuters, TechCrunch, Euronews जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

दिल्ली में CJP की तिरंगा यात्रा पर पुलिस की चेतावनी, DCP Neha Yadav की अपील—“यात्रा में शामिल न हों”

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: CJP की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर Delhi Police ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। New Delhi district की DCP Neha Yadav ने कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से लोग इस यात्रा में शामिल न हों। Connaught Place और आसपास के इलाकों में पहले से ही heavy security deployment और traffic restrictions लागू हैं। Police ने क्यों जारी की चेतावनी? Delhi Police का कहना है कि बड़ी भीड़, restricted zones और ongoing protest-related tensions को देखते हुए public safety priority है। इसी वजह से लोगों से advised routes follow करने और बिना जरूरत Central Delhi की ओर न जाने को कहा गया है। DCP Neha Yadav की अपील DCP Neha Yadav ने लोगों से appeal की कि वे proposed march का हिस्सा न बनें और police instructions का पालन करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी unlawful gathering या restricted area में entry पर action लिया जा सकता है। Connaught Place में security कड़ी CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ programme को देखते हुए Connaught Place, Central Park, Parliament Street और आसपास के इलाकों में barricading, checking और अतिरिक्त force deployment की गई है। Central Park पर भी restrictions लागू किए गए हैं। Traffic पर भी असर Traffic Police ने Central Delhi के कई routes पर diversions और restrictions लागू किए हैं। Commuters को alternate routes इस्तेमाल करने और journey plan पहले से करने की सलाह दी गई है। CJP ने क्या कहा? CJP का कहना है कि उसका programme peaceful और democratic है। संगठन Chief Election Commissioner, voter-list revision और recent police action को लेकर protest जारी रखे हुए है। Police और protesters आमने-सामने हाल के दिनों में CJP protests, Jantar Mantar access और Connaught Place gathering को लेकर police और organisers के बीच लगातार टकराव देखने को मिला है। आज की tiranga yatra इसी broader confrontation का हिस्सा मानी जा रही है। source – Delhi Police, media reports जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ march से पहले Connaught Place में कड़ी सुरक्षा, Central Park बंद; traffic curbs लागू

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ march को देखते हुए Delhi Police ने Connaught Place और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। Central Park को बंद किया गया है और बड़ी संख्या में police तथा paramilitary personnel तैनात किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक पूरे New Delhi district में लगभग 25,000 security personnel deployment का हिस्सा हैं। Central Park क्यों किया गया बंद? CJP ने Connaught Place के Central Park में gathering और march का call दिया था। इसी के मद्देनजर police ने area को secure कर दिया और entry पर restrictions लगाईं, ताकि crowd control और law-and-order situation को manage किया जा सके। करीब 25,000 personnel की deployment Reuters की report के मुताबिक Delhi में करीब 25,000 police और paramilitary personnel तैनात किए गए हैं। Connaught Place, Parliament Street, Jantar Mantar और आसपास के sensitive zones में अतिरिक्त barricading और checking की गई है। Traffic पर भी असर Security arrangements की वजह से Connaught Place के आसपास traffic diversions और restrictions लागू किए गए हैं। कई roads पर checking बढ़ाई गई है और commuters को alternate routes लेने की सलाह दी गई है। Protest का मुद्दा क्या है? CJP और उससे जुड़े groups Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, voter-list revision और हाल के police action के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। Protesters ने ‘Lehra Do Tiranga’ कार्यक्रम को peaceful democratic protest बताया है, जबकि police law-and-order concerns का हवाला दे रही है। Delhi High Court ने protest को रोकने से किया था इनकार एक दिन पहले Delhi High Court ने Connaught Place में proposed protest को पूरी तरह restrain करने से इनकार किया था और police को gathering regulate करने की अनुमति दी थी। इससे आज के security arrangements और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। source – Reuters, The New Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

एयर इंडिया की फ्लाइट में ‘हाइजैक अलर्ट’, बीच हवा में बदला रास्ता; जयपुर में हुई इमरजेंसी लैंडिंग

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI2030 को संदिग्ध हाइजैक अलर्ट मिलने के बाद बीच रास्ते में जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। विमान में 293 यात्री और 13 क्रू सदस्य समेत कुल 306 लोग सवार थे। विमान जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया। बाद में की गई जांच में हाइजैक अलर्ट को फॉल्स अलार्म बताया गया। फ्लाइट में क्या हुआ था? रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान से कुछ सेकंड के लिए Squawk 7500 सिग्नल मिला। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है, जिसका इस्तेमाल विमान के अपहरण या किसी अन्य गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति में अलर्ट देने के लिए किया जाता है। सिग्नल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय किया गया और विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए जरूरी कदम उठाए गए। दिल्ली की जगह जयपुर क्यों उतारा गया विमान? सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत दिल्ली एयरपोर्ट के वॉर रूम ने एहतियात के तौर पर विमान को जयपुर डायवर्ट करने का फैसला लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, Boeing 787-9 विमान सुबह करीब 9:35 बजे जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। इसके बाद विमान को आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां सुरक्षा जांच की गई। विमान में सवार सभी 306 लोगों की जांच फ्लाइट में 293 यात्री और 13 क्रू सदस्य मौजूद थे। लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से उतारा गया और सुरक्षा संबंधी जांच की गई। विमान और क्रू की जांच के बाद फ्लाइट को दिल्ली के लिए आगे बढ़ने की अनुमति दिए जाने की जानकारी सामने आई। घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। हाइजैक अलर्ट कैसे आया? तकनीकी गड़बड़ी की आशंका इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाइजैक अलर्ट आखिर कैसे जारी हुआ। बाद की रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रू ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने हाइजैक कोड को मैन्युअल रूप से सक्रिय नहीं किया था। इसी वजह से अब यह जांच की जा रही है कि कहीं ATC सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी या किसी तकनीकी त्रुटि के कारण गलत सिग्नल तो नहीं मिला। हालांकि, तकनीकी खराबी को अभी अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। बम की धमकी भी निकली फर्जी इस फ्लाइट को संदिग्ध बम धमकी से जुड़ी रिपोर्टों में भी शामिल किया गया था। सुरक्षा जांच के दौरान विमान में किसी खतरे का पता नहीं चलने के बाद धमकी को फर्जी माना गया। Air India की ओर से बताया गया कि विमान सुरक्षित उतरा और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया। DGCA और अन्य एजेंसियां कर रही हैं जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि Squawk 7500 सिग्नल कैसे उत्पन्न हुआ। जांच में संभावित तकनीकी खराबी, ATC से जुड़ी समस्या और प्रक्रियागत त्रुटि जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह अलर्ट किस कारण आया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन कदमों की जरूरत होगी। स्रोत – India Today, NDTV, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Supreme Court में DMRC ने मांगी unconditional apology, कहा—10 October की Metro restrictions Delhi Police के निर्देश पर लगी थीं

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026: Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) ने Supreme Court को बताया कि 10 October को कुछ Metro stations पर entry-exit restrictions Delhi Police के directions पर लागू की गई थीं। यह मामला उन restrictions से जुड़ा है जो anti-CEC protests और Central Delhi में security arrangements के दौरान लगाई गई थीं। DMRC ने Court के contempt notice के जवाब में unconditional apology भी दी। DMRC ने Supreme Court में क्या कहा? DMRC ने अपने affidavit में कहा कि उसने Metro access पर restrictions independently नहीं लगाईं, बल्कि Delhi Police की advisory और security instructions के अनुसार action लिया। Corporation ने यह भी कहा कि उसका उद्देश्य law-and-order arrangements में cooperation करना था। Contempt notice क्यों जारी हुआ था? Supreme Court ने Metro stations पर access restrictions को लेकर नाराजगी जताते हुए सवाल किया था कि क्या public transport services को इस तरह restrict करना Court के पहले के directions के अनुरूप था। इसी मामले में DMRC से explanation मांगा गया और contempt notice जारी हुआ। DMRC ने मांगी unconditional apology DMRC ने Court के सामने कहा कि अगर उसके action से किसी judicial direction का उल्लंघन माना गया हो तो वह उसके लिए बिना शर्त माफी मांगता है। साथ ही उसने यह position ली कि restrictions operational decision के बजाय police instructions पर आधारित थीं। Delhi Police की भूमिका पर बढ़े सवाल DMRC के इस stand के बाद focus अब Delhi Police की उस decision-making पर भी आ गया है जिसके तहत Central Delhi में Metro entry-exit controls लगाए गए थे। Protest organisers और opposition groups पहले से ही restrictions को लेकर सवाल उठा रहे थे। 10 October को कई stations पर लगी थीं पाबंदियां Anti-CEC protest के चलते Central Delhi में heavy security deployment किया गया था। कुछ Metro stations पर gates बंद किए गए या entry-exit सीमित की गई, जिससे commuters को भी परेशानी हुई थी। इसी action को लेकर मामला Supreme Court तक पहुंचा। Court अब क्या देखेगा? Supreme Court आगे यह देख सकता है कि restrictions लगाने की legal responsibility किस authority की थी, क्या proper procedure follow हुआ और क्या public transport access को प्रभावित करने से पहले पर्याप्त safeguards मौजूद थे। source – The Indian Express, Supreme Court proceedings जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

यमुना नदी में फिर दिखी जहरीले झाग की मोटी परत, बढ़ते प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026: दिल्ली में यमुना नदी की सतह पर एक बार फिर मोटी झाग की परत दिखाई देने से नदी के बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता गहरा गई है। हालिया निगरानी रिपोर्टों में भी नदी के कई हिस्सों में पानी की गुणवत्ता खराब रहने के संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना उपचार वाला सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और ठोस कचरा यमुना के प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। नदी में बार-बार झाग दिखाई देना सीवेज प्रबंधन, अपशिष्ट निस्तारण और सफाई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है। सितंबर में भी कई हिस्सों में बढ़ा प्रदूषण दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में यमुना के कई निगरानी बिंदुओं पर प्रदूषण का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक दर्ज किया गया। मानसून की बारिश के बावजूद नदी की जल गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं देखा गया। यह स्थिति संकेत देती है कि बारिश से पानी की मात्रा बढ़ने के बावजूद प्रदूषण के मूल कारणों पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। बिना उपचार वाला सीवेज बना बड़ी समस्या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की निगरानी में यमुना में गिरने वाले कई नालों में बिना उपचार वाले सीवेज और ठोस कचरे की समस्या सामने आई है। सीवेज को नदी तक पहुंचने से पहले रोकने और उसका उपचार करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में कमियां होने पर प्रदूषक सीधे नदी में पहुंच सकते हैं। नालों में कचरा फेंकना और अपशिष्ट जल का उचित उपचार न होना यमुना की सफाई के प्रयासों के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। यमुना में जहरीला झाग क्यों बनता है? विशेषज्ञों के अनुसार, सीवेज और कुछ औद्योगिक अपशिष्टों में मौजूद डिटर्जेंट, फॉस्फेट और सर्फेक्टेंट जैसे पदार्थ पानी में झाग बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकते हैं। जब ऐसा प्रदूषित पानी तेज बहाव या हलचल के संपर्क में आता है, तो उसकी सतह पर मोटी झागदार परत बन सकती है। इस तरह का झाग प्रदूषण की समस्या का दिखाई देने वाला संकेत हो सकता है। हालांकि, झाग की मौजूदगी मात्र से उसके सभी रासायनिक घटकों या विषाक्तता के स्तर का निर्धारण नहीं किया जा सकता। इसके लिए पानी के नमूनों की वैज्ञानिक जांच आवश्यक है। कई हिस्सों में पानी की गुणवत्ता गंभीर चिंता का विषय 2026 की प्रदूषण संबंधी रिपोर्टों में दिल्ली के यमुना क्षेत्र के कुछ हिस्सों में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) का स्तर बेहद कम, यहां तक कि शून्य तक दर्ज होने की बात सामने आई थी। इसके साथ ही फीकल प्रदूषण भी अधिक पाया गया। पानी में ऑक्सीजन की कमी जलीय जीवों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। वहीं, सीवेज से होने वाला मलजनित प्रदूषण मानव स्वास्थ्य और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी चिंता का विषय है। यमुना की सफाई योजनाओं पर फिर उठे सवाल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नालों की सफाई और नदी पुनर्जीवन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के बावजूद झाग का बार-बार दिखाई देना उनके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नालों में कचरा डालने पर रोक, सीवेज का समुचित उपचार, औद्योगिक अपशिष्ट की निगरानी और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। साथ ही, नदी के विभिन्न हिस्सों में नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण और निगरानी के निष्कर्षों को सार्वजनिक करना भी महत्वपूर्ण है। स्थायी समाधान के लिए जरूरी प्रभावी कार्रवाई यमुना में प्रदूषण की समस्या केवल नदी की सतह पर दिखाई देने वाले झाग तक सीमित नहीं है। इसके पीछे अपशिष्ट जल प्रबंधन, सीवेज उपचार और नियमों के पालन से जुड़ी व्यापक चुनौतियां हैं। जब तक प्रदूषित नालों के पानी का उचित उपचार सुनिश्चित नहीं किया जाता और ठोस कचरे को नदी में पहुंचने से नहीं रोका जाता, तब तक सफाई के प्रयासों के स्थायी परिणाम हासिल करना मुश्किल बना रहेगा। Source – केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), The Times of India, The Indian Express और India Today जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में महारैली, राहुल गांधी-प्रियंका गांधी समेत INDIA bloc के कई बड़े नेता शामिल

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में 12 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA bloc के नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने बड़ा मार्च निकाला। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े आरोपों की न्यायिक समीक्षा की मांग उठाई। Supreme Court की ओर निकला बड़ा मार्च INDIA bloc के नेताओं और समर्थकों ने मध्य दिल्ली से Supreme Court की ओर मार्च शुरू किया। पुलिस ने कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की और आवाजाही को नियंत्रित किया। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को अदालत तक पहुंचने से पहले रोक दिया गया। इसके बाद वकीलों की एक टीम ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर याचिका दाखिल करने की कार्रवाई की। राहुल गांधी ने संभाला मोर्चा कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रदर्शन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा और लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उठाता रहेगा। उन्होंने युवाओं से भी इन विषयों पर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। प्रियंका गांधी भी रहीं साथ प्रियंका गांधी वाड्रा भी मार्च में राहुल गांधी के साथ दिखाई दीं। इससे पहले भी वह मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR के विरोध में आयोजित प्रदर्शनों में शामिल रही हैं। हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल मार्च में INDIA bloc से जुड़े विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया की समीक्षा की मांग का समर्थन किया। प्रदर्शन में अलग-अलग दलों की भागीदारी ने इसे विपक्ष के साझा राजनीतिक अभियान के रूप में सामने रखा। नेहा बोरा और छात्र संगठनों की मौजूदगी प्रदर्शन में छात्र संगठनों और युवा कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा हाल के दिनों में CEC और SIR विरोधी आंदोलनों में सक्रिय रही हैं। दिल्ली में हुए विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान छात्र नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। मुख्य मांग—ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा विपक्ष और CJP से जुड़े समूहों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट प्रविष्टियों सहित अपात्र नामों को हटाकर सूची को अधिक सटीक बनाना है। आयोग राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार करता रहा है। 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटने को लेकर विवाद Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का आंकड़ा सामने आया। इनमें मृत, दूसरी जगह स्थानांतरित और सत्यापन में नहीं मिल सके मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियां शामिल बताई गईं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया का राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि पात्र मतदाताओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा जुड़वाने का विकल्प उपलब्ध है। नाम हटाए जाने के आंकड़े और उनके प्रभाव को समझने के लिए संबंधित राज्य, समयावधि और आधिकारिक आंकड़ों का संदर्भ महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए आरोप राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर विरोध की आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार और बार-बार हिरासत में लिए जाने की घटनाओं पर भी सवाल उठाए। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; संबंधित पक्षों के जवाब और आधिकारिक विवरण को इनके साथ अलग से देखना जरूरी है। दिल्ली मेट्रो की सेवाओं पर पड़ा असर प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को लेकर प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें सामने आईं। रिपोर्टों में पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड सहित छह स्टेशनों का उल्लेख किया गया। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान भीड़ और आवाजाही को नियंत्रित करना बताया गया। Batman मास्क बने प्रदर्शन का प्रतीक मार्च के दौरान Batman मास्क भी चर्चा में रहे। रिपोर्टों के अनुसार, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मास्क वितरित किए और राहुल गांधी ने भी Batman मास्क के साथ अपनी तस्वीर साझा की। प्रदर्शनकारियों ने इन मास्कों को अपने राजनीतिक संदेश और विरोध के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया। CJI से मुलाकात नहीं हो सकी विपक्षी नेता भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन बैठक नहीं हो सकी। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष संवैधानिक और कानूनी माध्यमों से अपनी लड़ाई जारी रखेगा। Supreme Court में याचिका दाखिल मार्च के दौरान चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर Supreme Court में याचिका दाखिल किए जाने की खबर सामने आई। विपक्ष न्यायिक हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, याचिका दाखिल होना और अदालत द्वारा आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष देना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों से बढ़ी राजनीतिक हलचल दिल्ली के अलावा मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR के विरोध में प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों और पुलिस की तैनाती को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। इस मुद्दे ने चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और विरोध प्रदर्शन के अधिकार पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को बढ़ाया है। आरोपों पर अंतिम फैसला बाकी विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और SIR के प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता है और मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया पर जोर देता है। फिलहाल, किसी न्यायिक निष्कर्ष के अभाव में इन आरोपों को आरोपों के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए। स्रोत: Reuters / The Indian Express / Loksatta / The Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

राहुल गांधी बने ‘ढाल’! प्रियंका गांधी और नेहा बोरा के साथ मार्च का वीडियो चर्चा में

नई दिल्ली: Chief Election Commissioner (CEC) ज्ञानेश कुमार और Special Intensive Revision (SIR) के विरोध में 12 अक्टूबर को INDIA bloc के Supreme Court मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। कुछ मीडिया रिपोर्टों में राहुल गांधी को दोनों महिला नेताओं के आगे और आसपास चलते हुए ‘ढाल’ की तरह पेश किया गया। हालांकि, ‘ढाल’ इस दृश्य की मीडिया और सोशल मीडिया में की गई व्याख्या है, किसी आधिकारिक सुरक्षा आकलन का निष्कर्ष नहीं। Supreme Court की ओर निकला INDIA bloc का मार्च 12 अक्टूबर को INDIA bloc के कई नेताओं और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में Supreme Court की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच आयोजित किया गया था। राहुल, प्रियंका और नेहा बोरा एक साथ नजर आए मार्च के दौरान सामने आए वीडियो में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी दिखाई दीं। नेहा बोरा हालिया CEC और SIR विरोधी प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं और विभिन्न विरोध प्रदर्शनों के दौरान उन्हें हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। क्यों कहा जा रहा है राहुल गांधी को ‘ढाल’? वायरल वीडियो में राहुल गांधी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रियंका गांधी और नेहा बोरा के करीब चलते दिखाई देते हैं। इसी दृश्य को कुछ मीडिया रिपोर्टों ने इस अंदाज में पेश किया कि राहुल गांधी दोनों महिला नेताओं के लिए ‘शील्ड’ यानी ढाल की तरह आगे बढ़ रहे थे। हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि उस समय दोनों नेताओं को किसी विशेष शारीरिक खतरे का सामना करना पड़ रहा था। ‘ढाल’ शब्द इस दृश्य की प्रतीकात्मक व्याख्या के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो मार्च के दौरान सामने आए इस दृश्य को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। राहुल गांधी के समर्थकों ने इसे एकजुटता और साथ खड़े रहने के संकेत के रूप में देखा, जबकि राजनीतिक विरोधियों ने प्रदर्शन को विपक्ष की राजनीतिक लामबंदी से जोड़कर पेश किया। Barricades पर रोका गया मार्च मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, INDIA bloc के मार्च को Supreme Court पहुंचने से पहले भगवान दास रोड के पास लगाए गए बैरिकेड्स पर रोक दिया गया। इसके बाद वकीलों की एक टीम Supreme Court पहुंची और चुनाव से संबंधित आरोपों को लेकर याचिका दाखिल किए जाने की खबर सामने आई। राहुल गांधी ने आंदोलन जारी रखने की बात कही प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने आंदोलन जारी रखने और पीछे नहीं हटने की बात कही। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक संस्थाओं और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने की अपील भी की। प्रियंका गांधी भी प्रदर्शनों में सक्रिय प्रियंका गांधी वाड्रा हाल के दिनों में CEC और SIR के विरोध में आयोजित प्रदर्शनों में सक्रिय दिखाई दी हैं। 6 अक्टूबर को हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित विपक्षी सांसदों तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। नेहा बोरा आंदोलन का प्रमुख युवा चेहरा AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा हालिया विरोध प्रदर्शनों में लगातार सक्रिय रही हैं। 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें विजय चौक के पास हिरासत में लिए जाने की खबर आई थी। इससे पहले RK आश्रम इलाके में उनसे मिलती-जुलती दिखने वाली एक अन्य महिला को पुलिस द्वारा गलती से नेहा बोरा समझे जाने का मामला भी रिपोर्ट किया गया था। मल्लिकार्जुन खरगे भी मार्च में शामिल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी 12 अक्टूबर के मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान उनका Batman मास्क पहने दिखाई देने वाला दृश्य भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा और विरोध प्रदर्शन के प्रतीकात्मक दृश्यों में शामिल हो गया। SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद विपक्ष और कुछ संबंधित समूहों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए और इसका राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने का उद्देश्य मृत, डुप्लिकेट और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है। पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें दोबारा शामिल कराने का रास्ता उपलब्ध है। BJP ने आरोपों को बताया राजनीतिक भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताया है। BJP का आरोप है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है। ‘ढाल’ वाला दृश्य बना चर्चा का विषय राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और नेहा बोरा का साथ चलते हुए वीडियो INDIA bloc के प्रदर्शन से जुड़ी प्रमुख चर्चाओं में शामिल हो गया है। हालांकि, इस दृश्य को ‘राहुल गांधी बने ढाल’ कहना मीडिया और सोशल मीडिया की व्याख्या है। वीडियो से अपने आप किसी विशिष्ट खतरे या सुरक्षा घटना की पुष्टि नहीं होती। स्रोत: Reuters / The Economic Times / The Times of India / Navbharat Times / The Indian Express / Loksatta जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

CJP Protest के चलते दिल्ली से जुड़ी 245 ट्रेनें रद्द, राजधानी-शताब्दी समेत कई प्रीमियम सेवाएं प्रभावित

नई दिल्ली: 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन और मध्य दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भारतीय रेलवे ने दिल्ली से शुरू होने या दिल्ली में समाप्त होने वाली कुल 245 ट्रेनों को रद्द कर दिया। इनमें 75 मेल/एक्सप्रेस और 170 यात्री ट्रेनें शामिल हैं। रद्द की गई सेवाओं में राजधानी, शताब्दी, तेजस और हमसफर जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, रेलवे ने यह फैसला दिल्ली के रेलवे स्टेशनों के आसपास संभावित भारी यातायात जाम और यात्रियों की आवाजाही में आने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए लिया। इस कदम से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। 245 ट्रेनों की सेवाएं रद्द रेलवे के फैसले के तहत 10 अक्टूबर को कुल 245 ट्रेन सेवाएं रद्द की गईं। इनमें नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्टेशनों से चलने वाली या यहां पहुंचने वाली ट्रेनें शामिल हैं। बड़े पैमाने पर सेवाएं रद्द होने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े। राजधानी, शताब्दी, तेजस और हमसफर भी प्रभावित ट्रेनों को रद्द करने का असर केवल सामान्य यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। कई राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस सेवाओं के साथ तेजस और हमसफर एक्सप्रेस भी प्रभावित हुईं। इन प्रीमियम ट्रेनों के रद्द होने से विभिन्न शहरों से दिल्ली आने और राजधानी से दूसरे शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 75 मेल/एक्सप्रेस और 170 यात्री ट्रेनें रद्द रिपोर्ट के मुताबिक, रद्द की गई 245 ट्रेनों में 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 170 यात्री ट्रेनें शामिल हैं। यह फैसला दिल्ली से जुड़े रेल परिचालन पर अस्थायी रूप से बड़े पैमाने पर असर डालने वाला कदम रहा। सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक की सेवाएं प्रभावित रेलवे की योजना के तहत 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दिल्ली पहुंचने या दिल्ली से रवाना होने वाली कई ट्रेनें रद्द की गईं। इस अवधि में रेलवे स्टेशनों के आसपास भारी यातायात, भीड़ और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा होने की आशंका जताई गई थी। केरल एक्सप्रेस जैसी कुछ ट्रेनें चालू रहीं हालांकि, सभी ट्रेन सेवाएं बंद नहीं की गईं। रिपोर्ट के अनुसार, केरल एक्सप्रेस जैसी कुछ चुनिंदा ट्रेनें निर्धारित योजना के तहत परिचालन में रहीं। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि जरूर करें, क्योंकि अलग-अलग सेवाओं पर अलग-अलग फैसले लागू किए गए थे। दो ट्रेनें रीशेड्यूल, नौ सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनों को रद्द करने के अलावा रेलवे ने कुछ सेवाओं के समय और संचालन में भी बदलाव किया। रिपोर्ट के अनुसार, दो ट्रेनों को रीशेड्यूल किया गया, जबकि नौ सेवाओं को उनके निर्धारित गंतव्य से पहले समाप्त करने या शुरुआती स्टेशन में बदलाव के साथ चलाने का निर्णय लिया गया। इन बदलावों के कारण संबंधित यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में संशोधन करना पड़ा। कई राज्यों से दिल्ली आने वाले यात्रियों पर असर ट्रेनों के रद्द होने से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों पर असर पड़ा। गुजरात के अहमदाबाद से दिल्ली आने वाली स्वर्ण जयंती राजधानी एक्सप्रेस भी प्रभावित सेवाओं में शामिल रही। रेलवे स्टेशनों के आसपास जाम की आशंका बनी वजह रिपोर्टों के मुताबिक, रेलवे ने ट्रेनों को रद्द करने के पीछे संभावित भारी सड़क यातायात और यात्रियों की आवाजाही में आने वाली दिक्कतों को प्रमुख कारण बताया। मध्य दिल्ली में बैरिकेडिंग, यातायात प्रतिबंध और बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती के चलते यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशनों तक पहुंचना मुश्किल होने की आशंका थी। CJP ने ट्रेनें रद्द करने के फैसले पर उठाए सवाल CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बड़े पैमाने पर ट्रेनें रद्द किए जाने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से प्रदर्शन में शामिल होने के इच्छुक लोगों की भागीदारी सीमित हो सकती है। हालांकि, यह CJP की ओर से लगाया गया आरोप है। रेलवे के फैसले को लेकर सामने आई रिपोर्टों में परिचालन संबंधी परिस्थितियों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का उल्लेख किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में भी उठा परिवहन प्रतिबंधों का मुद्दा दिल्ली में लगाए गए प्रतिबंधों और परिवहन व्यवस्था पर उनके असर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने सुरक्षा उपायों में आनुपातिकता बनाए रखने और आम लोगों को होने वाली असुविधा कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मेट्रो और नमो भारत सेवाओं पर भी असर रेलवे के अलावा दिल्ली मेट्रो और नमो भारत सेवाओं पर भी प्रतिबंधों का असर पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों पर प्रवेश और निकास संबंधी पाबंदियां लगाई गईं। इसके साथ ही सराय काले खां और न्यू अशोक नगर स्थित नमो भारत स्टेशनों को भी 10 अक्टूबर को बंद रखने का फैसला किया गया। यात्रियों को ट्रेन का ताजा स्टेटस जांचने की सलाह ट्रेनों के रद्द होने, समय बदलने और कुछ सेवाओं के आंशिक रूप से संचालित होने के कारण यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जांचने की सलाह दी गई है। यात्रियों को स्टेशन के लिए निकलने से पहले रेलवे की आधिकारिक जानकारी से अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए, ताकि अंतिम समय में होने वाली परेशानी से बचा जा सके। स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस / हिंदुस्तान टाइम्स / भारतीय रेलवे जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे पहुंचा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि; राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

पुणे: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम गोवा से पुणे लाया गया। पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस ले जाया गया, जहां देर रात पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। Goa से airlift कर पुणे लाया गया पार्थिव शरीर नाना पाटेकर का निधन गुरुवार तड़के गोवा में हुआ था। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से पुणे लाया गया। एयरपोर्ट पर राज्य सरकार के प्रतिनिधि और परिवार के सदस्य मौजूद रहे। देवेंद्र फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि पुणे एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर के दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। फडणवीस ने कहा कि नाना पाटेकर को अंतिम विदाई देते समय उनका मन बेहद भारी था और महाराष्ट्र ने एक असाधारण कलाकार खो दिया है। Guard of Honour दिया गया राज्य सरकार की ओर से नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान दिया गया। पुणे एयरपोर्ट पर उनके पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद अंतिम यात्रा डोंजे गांव की ओर रवाना हुई। Donje farmhouse पर पहुंचे हजारों लोग नाना पाटेकर के डोंजे स्थित फार्महाउस पर बड़ी संख्या में प्रशंसक, ग्रामीण और फिल्म जगत से जुड़े लोग पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, एक हजार से ज्यादा लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए मौजूद रहे। इस दौरान प्रशंसकों ने “नाना अमर रहें” के नारे भी लगाए। बेटे मल्हार ने दी मुखाग्नि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात करीब 11:30 बजे किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं और मुखाग्नि दी। पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई नाना पाटेकर को महाराष्ट्र सरकार की ओर से पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और औपचारिक सलामी के साथ अंतिम विदाई दी गई। कई बड़े नेता और कलाकार पहुंचे अंतिम संस्कार में महाराष्ट्र के कई मंत्री, सांसद और फिल्म जगत की हस्तियां शामिल हुईं। जैकी श्रॉफ, मकरंद अनासपुरे, अनिल शर्मा समेत कई लोगों ने नाना पाटेकर को अंतिम श्रद्धांजलि दी। Donje farmhouse से था गहरा लगाव नाना पाटेकर का पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस से खास लगाव था। परिवार के मुताबिक, उनकी इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार इसी जगह किया जाए। वह लंबे समय तक यहां आते-जाते रहे और स्थानीय लोगों के साथ उनका गहरा जुड़ाव था। महाराष्ट्र में शोक की लहर नाना पाटेकर के निधन के बाद महाराष्ट्र और फिल्म जगत में शोक की लहर है। राजनीतिक नेताओं, अभिनेताओं और प्रशंसकों ने उन्हें बेबाक अंदाज, दमदार अभिनय और सामाजिक कार्यों के लिए याद किया। Goa Police ने भी शुरू की प्रक्रिया नाना पाटेकर की मौत के बाद गोवा पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। यह नियमित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिलहाल किसी साजिश या आपराधिक साजिश का दावा सामने नहीं आया है। एक युग का अंत नाना पाटेकर ने मराठी और हिंदी सिनेमा में दशकों तक अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज, अभिनय क्षमता और बेबाक अंदाज ने उन्हें दर्शकों के बीच खास स्थान दिलाया। उन्हें महाराष्ट्र सरकार के राजकीय सम्मान और हजारों प्रशंसकों की मौजूदगी में अंतिम विदाई दी गई। Source – Hindustan Times, The Indian Express, The Times of India, Maharashtra Times जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »