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मथुरा में दरोगा पंकज कुमार का गोली लगा शव मिला; गोकुल बैराज के पास सर्विस पिस्टल बरामद, जांच जारी

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में ट्रैफिक पुलिस में तैनात सब-इंस्पेक्टर पंकज कुमार यादव का गोली लगा शव मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उनका शव गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को सदर थाना क्षेत्र के गोकुल बैराज के पास यमुना किनारे मिला। घटनास्थल के पास उनकी service pistol भी बरामद हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। SP Traffic के कार्यालय में थे तैनात पंकज कुमार 2019 batch के sub-inspector थे और वर्तमान में SP Traffic के पेशकार/पैरोकार के रूप में तैनात थे। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा जिले के रहने वाले थे। उनकी पत्नी भी Uttar Pradesh Police में constable हैं और Mathura के Sadar थाना क्षेत्र में तैनात बताई गई हैं। माथे पर मिला गोली का निशान पुलिस को सूचना मिली कि गोकुल बैराज के पास वर्दी में एक पुलिसकर्मी का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची Police और forensic team ने क्षेत्र को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में पंकज कुमार के सिर पर गोली लगने की बात सामने आई है और पास से उनकी सरकारी pistol बरामद हुई। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका Mathura SSP Shlok Kumar के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों और परिस्थितियों की हर पहलू से जांच की जा रही है। कुछ reports में पारिवारिक विवाद को संभावित कारण बताया गया है, लेकिन इसे अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है। उसी दिन जारी कराई थी Service Pistol पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक पंकज कुमार ने घटना वाले दिन ही अपनी service pistol जारी कराई थी। Investigators अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह गोकुल बैराज तक किन परिस्थितियों में पहुंचे और घटना से पहले उनकी activities क्या थीं। Postmortem Report पर टिकी जांच Police ने शव को postmortem के लिए भेज दिया है। घटना स्थल से मिले forensic evidence, service weapon और अन्य circumstances की जांच के बाद मौत की सही वजह और sequence को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय reports में किसी बाहरी हमलावर की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को हत्या बताने के बजाय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और police investigation के रूप में report करना ज्यादा accurate है। स्रोत – Mathura Police, SSP Shlok Kumar, Amar Ujala, Navbharat Times जय राष्ट्र न्यूज़

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जालंधर में गद्दे की फैक्ट्री में भीषण आग; धमाकों से दहला इलाका, कई दमकल गाड़ियों ने पाया काबू

जालंधर: पंजाब के जालंधर में बस्ती पीर दाद रोड, बस्ती बावा खेल इलाके में स्थित मोदी मैट्रेस फैक्ट्री में गुरुवार, 3 सितंबर की सुबह भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में काले धुएं का घना गुबार छा गया। शुक्रवार, 4 सितंबर की latest reporting के मुताबिक किसी की मौत नहीं हुई है, हालांकि एक कर्मचारी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सुबह करीब 9:15 बजे लगी आग Fire Department के मुताबिक आग सुबह करीब 9:15 बजे लगी, उस समय फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद थे। आग दिखाई देते ही workers को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। अलग-अलग reports में सुरक्षित निकाले गए कर्मचारियों की संख्या अलग बताई गई है, लेकिन authorities ने किसी fatality की पुष्टि नहीं की है। The Tribune के मुताबिक बाहर निकलने के दौरान एक worker फिसलकर घायल हो गया और उसे hospital ले जाया गया। कुछ अन्य local reports ने उसके झुलसने की बात कही है। धमाकों से आसपास के इलाके में दहशत आग लगने के बाद factory परिसर में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। Local reports के मुताबिक फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में mattress-making material, chemicals और दूसरे ज्वलनशील पदार्थ मौजूद थे, जिससे flames तेजी से फैल गईं। घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में भी दहशत फैल गई। कुछ स्थानीय निवासियों ने residential area के पास industrial units के संचालन को लेकर safety concerns उठाए। करीब 10 Fire Tenders लगाए गए आग की गंभीरता को देखते हुए Fire Department की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। शुरुआती जानकारी में 5-6 fire tenders का उल्लेख था, जबकि बाद की reports में करीब 10 दमकल गाड़ियों को firefighting operation में लगाए जाने की जानकारी दी गई। दमकलकर्मियों को आग पर नियंत्रण पाने में करीब दो से तीन घंटे लगे। कुछ vehicles और factory में रखा सामान भी आग की चपेट में आया। लाखों के नुकसान की आशंका आग से factory में रखा mattress material, machinery और अन्य सामान जलने की खबर है। Punjabi Jagran ने शुरुआती नुकसान लाखों रुपये में होने की बात कही है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी final financial assessment जारी नहीं हुआ है। आग लगने का कारण अभी साफ नहीं Fire Department और Police घटना की जांच कर रहे हैं। कुछ शुरुआती local reports में short circuit की आशंका जताई गई है, लेकिन authorities ने आग लगने के exact cause की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल आग पर काबू पाया जा चुका है और सबसे बड़ी राहत यह है कि इतने बड़े अग्निकांड में किसी की मौत की सूचना नहीं है। स्रोत – Jalandhar Fire Department, Hindustan Times, The Tribune, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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नेपाल बाढ़: भारत की मदद पर PM Balendra Shah ने संसद में जताया आभार; आज 21.5 टन राहत सामग्री की नई खेप पहुंची

काठमांडू: विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra ‘Balen’ Shah ने भारत की त्वरित मानवीय सहायता और rescue support के लिए संसद में आभार जताया है। संसद को संबोधित करते हुए Shah ने कहा कि संकट की इस घड़ी में India, China, United States समेत कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से नेपाल को मदद मिली, जिसने बड़े पैमाने पर चल रहे rescue और relief operations को मजबूती दी। संसद में भारत की मदद का किया जिक्र 2 सितंबर को Nepal Parliament में flood situation पर जवाब देते हुए PM Shah ने बताया कि हजारों लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बचाया जा चुका है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में कई देशों ने Nepal का साथ दिया और विशेष रूप से India और China की ओर से तेजी से भेजी गई relief supplies और specialised assistance rescue operation में उपयोगी रही। आपदा के तुरंत बाद PM Modi ने दिया था मदद का भरोसा 26 अगस्त को बाढ़ की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Balendra Shah से फोन पर बात की थी। PM Modi ने जान-माल के नुकसान पर संवेदना जताते हुए कहा था कि भारत इस मुश्किल समय में Nepal के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव humanitarian assistance उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। भारतीय और नेपाली agencies ने इसके बाद rescue तथा relief efforts में coordination बढ़ाया। भारत ने भेजी Relief और Specialised Rescue Teams बाढ़ के बाद India ने Nepal को कई चरणों में relief material पहुंचाया। इसमें medicines, food packets, blankets, sleeping bags, tarpaulins, hygiene kits, water-purification supplies और portable generators जैसी आवश्यक सामग्री शामिल रही। इसके साथ India ने hydropower tunnels में फंसे लोगों की तलाश के लिए specialised tunnel-rescue experts और बड़ी संख्या में मृत व लापता लोगों की पहचान में मदद के लिए forensic support भी उपलब्ध कराया है। आज दो C-130J विमानों से पहुंची 21.5 टन मदद भारत की सहायता आज, 4 सितंबर, भी जारी रही। External Affairs Ministry के मुताबिक Indian Air Force के दो C-130J aircraft कुल 21.5 tonnes humanitarian assistance लेकर Kathmandu पहुंचे। Relief consignment Nepal के Science, Technology and Innovation Minister Mahabir Pun को सौंपी गई। इससे साफ है कि PM Shah के parliamentary acknowledgement के बाद भी India का relief operation लगातार जारी है। बाढ़ से अरबों डॉलर का नुकसान नेपाल अब rescue के साथ-साथ reconstruction की बड़ी चुनौती से भी जूझ रहा है। Nepal की National Disaster Risk Reduction and Management Authority के मुताबिक flood damage का शुरुआती अनुमान लगभग 387.5 billion Nepali rupees यानी $2.56 billion तक पहुंच गया है। करीब 7,500 घर पूरी तरह नष्ट हुए हैं और authorities का अनुमान है कि लगभग 20,000 homes को rebuild करने की जरूरत पड़ सकती है। Roads, bridges और hydropower infrastructure को भी भारी नुकसान हुआ है। Rescue Operation अभी भी जारी 4 सितंबर को rescue teams को एक बड़ी सफलता भी मिली, जब Upper Trishuli-3A hydropower tunnel से दो workers को नौ दिन बाद जीवित निकाला गया। Nepal Army और international experts अभी भी tunnels तथा दूसरे प्रभावित इलाकों में search operations चला रहे हैं। इसलिए सबसे accurate headline होगी: नेपाल बाढ़: भारत की मदद पर PM Balendra Shah ने संसद में जताया आभार; आज 21.5 टन राहत सामग्री की नई खेप पहुंची स्रोत – Nepal Parliament, Ministry of External Affairs, PMO India, Akashvani News, Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में बाढ़ का संकट; भारी बारिश से नदियां उफान पर, लाखों लोग प्रभावित

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश और बढ़ते river levels ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, बिहार में Ganga, Gandak, Kosi, Punpun और दूसरी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि मध्य प्रदेश में Narmada और Mandakini के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन को high alert पर रखा गया है। IMD ने आज भी कई क्षेत्रों में heavy से very heavy rainfall की चेतावनी जारी की है। यूपी में 3.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित Uttar Pradesh Relief Commissioner Office के मुताबिक राज्य के 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 4,847 लोग relief shelters में रह रहे हैं। सरकार ने प्रभावित इलाकों में 1,312 flood shelters, 1,634 flood outposts, 1,697 boats और motorboats तथा 1,068 medical teams तैनात की हैं। Ayodhya, Ballia, Ghazipur, Gorakhpur, Prayagraj, Varanasi, Lakhimpur Kheri और Unnao समेत कई जिले प्रभावित हैं। पिछले दिनों Ganga, Ghaghra और दूसरी नदियों के बढ़ते स्तर से कई low-lying villages और agricultural areas में पानी भर गया है। बिहार में Ganga कई जगह Danger Mark के ऊपर Bihar में flood situation लगातार गंभीर बनी हुई है। Water Resources Department के मुताबिक Ganga Patna के Digha Ghat, Gandhi Ghat, Hathidah और Maner में danger level से ऊपर बह रही है। Buxar, Munger, Bhagalpur और Kahalgaon में भी नदी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई है। Punpun नदी Patna के Sripalpur और Punpun में, जबकि Ghaghra Darauli और Siwan में danger level पार कर चुकी है। Gandak, Kosi, Burhi Gandak और Bagmati जैसी नदियों के बढ़े जलस्तर से भी कई जिलों में दबाव बना हुआ है। Patna के Cremation Grounds तक पहुंचा Ganga का पानी आज Patna में Ganga का पानी ghats से आगे बढ़कर cremation grounds और आसपास की सड़कों तक पहुंच गया। Malsalami, Didarganj, Chowk, Gaighat और कई riverfront इलाकों में waterlogging और inundation की स्थिति बनी हुई है। Low-lying क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। Floodwaters से प्रभावित कुछ इलाकों में students को भी boats के जरिए स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश में Narmada और Mandakini उफान पर Madhya Pradesh के कई हिस्सों में भी भारी बारिश के बाद flood-like conditions बन गई हैं। Mandla में Narmada River का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि Chitrakoot में Mandakini खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है और करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर shift किया गया है। Chhatarpur, Satna, Mandla और Maihar समेत कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। Bargi Dam के 5 Gates खोले गए बारिश और बढ़ते reservoir levels को देखते हुए Jabalpur के Bargi Dam के पांच gates खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। Chhatarpur के Kutni Dam से भी water release किया गया है। इससे downstream क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश में Son River के भी danger mark से ऊपर जाने की खबर है और मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने district collectors को high alert पर रहने के निर्देश दिए हैं। IMD ने Heavy Rain का Alert जारी रखा IMD ने आज Madhya Pradesh में heavy to very heavy rainfall के लिए orange warning जारी की है। Bihar में भी heavy rainfall के साथ thunderstorm और lightning की संभावना है। West Uttar Pradesh में widespread rain तथा East Uttar Pradesh में scattered rainfall का forecast है। Madhya Pradesh में Shivpuri, Guna, Chhatarpur, Sagar, Damoh और Narmadapuram समेत कई जिलों में very heavy rain का खतरा बना हुआ है। राहत और बचाव अभियान तेज तीनों राज्यों में administration river embankments, dams और low-lying areas की लगातार monitoring कर रहा है। प्रभावित लोगों को food packets, drinking water, medicines और temporary shelter उपलब्ध कराए जा रहे हैं। Bihar में अधिकारियों को vulnerable embankments पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि UP और MP में boats, rescue teams और medical units को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी और उफनती नदियों को देखते हुए अगले 24–48 घंटे कई flood-prone क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Central/State Water Resources Departments, UP Relief Commissioner Office, Akashvani News, PTI, The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बेहद भारी बारिश का खतरा; IMD ने जारी की ‘Take Action’ चेतावनी

भोपाल: पूर्वी मध्य प्रदेश में आज, 3 सितंबर 2026, मौसम बेहद खराब रहने की आशंका है। India Meteorological Department (IMD) के गुरुवार सुबह 8:17 बजे जारी latest national bulletin के मुताबिक क्षेत्र में heavy to very heavy rainfall के साथ isolated places पर extremely heavy rainfall हो सकती है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। 204.5 MM या उससे ज्यादा बारिश की आशंका IMD की classification में Extremely Heavy Rainfall का मतलब किसी station पर 24 घंटे में 204.5 mm या उससे ज्यादा बारिश होना है। हालांकि यह warning पूरे पूर्वी मध्य प्रदेश में इतनी बारिश होने की नहीं, बल्कि isolated locations के लिए है। इसके अलावा क्षेत्र के कई हिस्सों में heavy से very heavy rain होने की संभावना बनी हुई है। Low Pressure Area बना बड़ी वजह IMD के मुताबिक northeast Madhya Pradesh और आसपास के क्षेत्र पर Well-Marked Low Pressure Area बना हुआ है। इससे जुड़ा cyclonic circulation समुद्र तल से करीब 7.6 km ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह system अगले 24 घंटों के दौरान south Uttar Pradesh और adjoining north Madhya Pradesh की ओर west-northwest direction में बढ़ने की संभावना है। इसी system के चलते Central India में rainfall activity तेज हुई है। Satna में 9 CM, Jabalpur में 7 CM बारिश IMD के सुबह के observations के मुताबिक पिछले rainfall period में East Madhya Pradesh के कई हिस्सों में पहले ही भारी बारिश दर्ज हुई है। Satna में 9 cm, Jabalpur में 7 cm और Sagar में 6 cm rainfall record हुई। विभाग ने East Madhya Pradesh में कई स्थानों पर heavy rainfall observed होने की भी पुष्टि की है। 4 और 5 September को भी राहत नहीं बारिश का दौर आज के बाद भी जारी रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक 4 और 5 सितंबर को East Madhya Pradesh के isolated places पर heavy to very heavy rainfall हो सकती है। 6 और 7 सितंबर को भी isolated heavy rainfall की संभावना है, जबकि 8 सितंबर तक widespread rainfall activity जारी रहने का forecast है। जलभराव और Flash Flood का बढ़ सकता है खतरा बेहद भारी बारिश के दौरान low-lying areas में waterlogging, छोटे नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने और कमजोर सड़कों या कच्चे मकानों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। IMD ने thunderstorm और lightning की भी संभावना जताई है। लोगों को तेज बारिश के दौरान नदी-नालों, flooded roads और खुले स्थानों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन और IMD की latest advisories पर नजर रखने की सलाह दी गई है। ‘Red Warning’ को लेकर जरूरी बात IMD ने अपने bulletin में साफ किया है कि weather map में दिखाई देने वाला red colour technically “Red Alert” शब्द का पर्याय नहीं है। विभाग इसे “Take Action” warning के रूप में describe करता है। आज की warning सुबह 8:30 बजे से 4 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक valid है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बेहद भारी बारिश का खतरा; IMD ने जारी की ‘Take Action’ चेतावनी स्रोत – India Meteorological Department (IMD), National Weather Forecasting Centre जय राष्ट्र न्यूज़

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नेपाल बाढ़ के बाद अपनों की तलाश जारी; 4,200 से ज्यादा लापता, आठ दिन बाद टूटने लगी परिवारों की उम्मीद

काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के आठ दिन बाद भी हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। Hospitals, morgues, rescue camps और प्रभावित इलाकों में लगातार खोज के बावजूद कई लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है। 3 सितंबर तक कम से कम 1,204 लोगों की मौत और 4,200 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी है। समय बीतने के साथ जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ रही है। कई परिवार अब अपने लापता परिजनों के शव तक न मिलने पर कुश से प्रतीकात्मक पुतले बनाकर अंतिम संस्कार करने को मजबूर हो रहे हैं। आठ दिन बाद भी हजारों का सुराग नहीं Rasuwa, Nuwakot और Trishuli नदी के आसपास के इलाकों में floodwaters ने पूरे के पूरे settlements को तबाह कर दिया था। कई परिवारों के एक से अधिक सदस्य अब भी missing हैं। Kathmandu Post के मुताबिक केवल Bidur Municipality-7 के Sole इलाके में करीब 100 लोगों के लापता होने की बात स्थानीय पीड़ितों ने कही है। कई परिवार hospitals और police records में तस्वीरें देखकर अपने रिश्तेदारों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। शव न मिलने पर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार लंबे इंतजार के बाद कुछ परिवारों ने अपने लापता परिजनों के जीवित मिलने की उम्मीद छोड़नी शुरू कर दी है। Kathmandu के Pashupati Aryaghat में बुधवार को कई परिवारों ने कुश घास से बने प्रतीकात्मक शरीर का अंतिम संस्कार किया। Nuwakot के Nirajan Poudel ने बाढ़ में अपने माता-पिता सहित परिवार के पांच सदस्यों को खो दिया। कोई शव नहीं मिलने के बाद परिवार ने सभी के symbolic funeral rites किए। DNA Samples से पहचान की कोशिश Disaster के बाद बड़ी संख्या में मिले शवों की पहचान भी authorities के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई bodies की हालत ऐसी है कि visual identification संभव नहीं है। Authorities परिवारों से DNA samples लेने और recovered bodies के records तैयार करने का काम कर रही हैं। कुछ unidentified bodies को temporary graves में रखा गया है, ताकि बाद में DNA matching के जरिए उनकी पहचान की जा सके। Hydropower Tunnels में अब भी उम्मीद आम search areas में survivors मिलने की उम्मीद कम हुई है, लेकिन hydropower projects के tunnels में rescue operation अभी भी जारी है। Reuters के मुताबिक सैकड़ों workers अब भी missing हैं और rescuers को उम्मीद है कि कुछ लोग tunnel के ऐसे हिस्सों में हो सकते हैं जहां हवा, पानी या emergency supplies उपलब्ध हों। Rasuwagadhi project में 46 workers के एक सुरक्षित chamber में जीवित होने की संभावना अधिकारियों ने जताई है। India, China और दूसरे देशों की technical teams भी Nepal के rescue operations में सहायता कर रही हैं। घर भी गए, अपनों का भी पता नहीं बाढ़ में 7,000 से ज्यादा घर बह गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई survivors Kathmandu पहुंच तो गए हैं, लेकिन उनके पास न रहने की स्थायी जगह है और न ही मृत या लापता परिजनों के mourning rituals करने के लिए पर्याप्त स्थान। Kathmandu के कई Kiriyaputri Bhawan पूरी तरह भर चुके हैं। कुछ जगह अतिरिक्त tents लगाकर पीड़ित परिवारों के लिए व्यवस्था करनी पड़ी है। Rescue से Rehabilitation की ओर बढ़ रहा Nepal एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद Nepal government का focus धीरे-धीरे rescue के साथ relief, rehabilitation और reconstruction की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि missing लोगों की तलाश बंद नहीं की गई है। Roads, bridges, power projects और communication infrastructure को हुए भारी नुकसान के बीच प्रभावित परिवारों को shelter, food और basic services उपलब्ध कराना अब बड़ी चुनौती है। 3 सितंबर तक सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है जो अब भी किसी phone call, photograph, DNA match या rescue-team update का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कई परिवार आठ दिनों की तलाश के बाद अपने लापता रिश्तेदारों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने लगे हैं। स्रोत – Nepal Disaster Authorities, Associated Press, Reuters, The Kathmandu Post जय राष्ट्र न्यूज़

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पंचकूला में ICL के PCB प्लांट में भीषण आग; केमिकल ड्रम में धमाकों से मची अफरा-तफरी, दो प्लांट बुरी तरह प्रभावित

पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला जिले के बरवाला स्थित अलीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में India Circuits Private Limited (ICL) के PCB manufacturing plant में बुधवार को भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने कंपनी के प्लॉट नंबर 1 और 2 को अपनी चपेट में ले लिया। आग के दौरान chemical drums में धमाके होने की भी सूचना है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसमान में घना काला धुआं फैल गया। ICL यानी India Circuits Private Limited Printed Circuit Boards (PCB) के manufacturing business से जुड़ी कंपनी है और Barwala में उसके manufacturing plants स्थित हैं। कर्मचारियों को समय रहते निकाला गया आग लगते ही factory premises को खाली कराया गया। उपलब्ध reports के मुताबिक कर्मचारियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी जनहानि की सूचना नहीं है। तेजी से फैलती आग के बीच सबसे बड़ी प्राथमिकता workers की evacuation और आग को आसपास की industrial units तक पहुंचने से रोकना थी। करीब चार घंटे चला Firefighting Operation आग की गंभीरता को देखते हुए Panchkula के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी fire tenders बुलाए गए। Amar Ujala की latest report के मुताबिक करीब 20 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग चार घंटे तक आग बुझाने का अभियान चला। दूसरी शुरुआती reports में करीब 15 fire tenders का उल्लेख किया गया था। दमकल टीमों ने लंबे operation के बाद आग को नियंत्रित किया और उसे आसपास की factories तक फैलने से रोक लिया। Chemical Drums में धमाकों से बढ़ी मुश्किल Factory में electronic material के साथ chemicals और plastic-related material मौजूद होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लिया। आग के दौरान chemical drums में explosions की खबर भी सामने आई, जिससे firefighters के लिए operation और चुनौतीपूर्ण हो गया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया, जिसके बाद police और administrative officials भी मौके पर पहुंचे। करोड़ों के नुकसान की आशंका आग में दोनों plants की machinery, raw material और तैयार सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती reports में नुकसान करोड़ों रुपये का होने की आशंका जताई गई है। हालांकि total financial loss का official assessment अभी पूरा नहीं हुआ है। आग बुझने के बाद machinery और stock की विस्तृत जांच के आधार पर वास्तविक नुकसान तय किया जाएगा। Short Circuit की आशंका, कारण की जांच जारी कुछ शुरुआती reports में short circuit को आग की संभावित वजह बताया गया है, लेकिन authorities ने अभी final cause confirm नहीं किया है। Fire Department और संबंधित agencies घटना की जांच कर रही हैं। Chemical material की मौजूदगी, electrical systems और factory safety arrangements समेत विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद ही आग लगने का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि इतने बड़े अग्निकांड के बावजूद employees को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और आसपास की अन्य industrial units तक आग फैलने से रोक दी गई। स्रोत – Fire Department Panchkula, Amar Ujala, स्थानीय प्रशासन, India Circuits Private Limited जय राष्ट्र न्यूज़

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राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन; उत्तराखंड सचिवालय मार्च, कई जगह कार्यकर्ता हिरासत में

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को कई राज्यों में प्रदर्शन किया। पार्टी ने FIR वापस लेने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक विरोध की आवाज दबाने के लिए कानून का इस्तेमाल कर रही है। Congress ने Haldwani के कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में BJP से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। Haldwani के ‘शुद्धिकरण’ विवाद से जुड़ी FIR राहुल गांधी के खिलाफ FIR Haldwani में Congress president Mallikarjun Kharge की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान पर उनकी टिप्पणी को लेकर दर्ज की गई है। Police के मुताबिक शिकायत Haldwani निवासी Amit Kumar ने दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से Scheduled Caste community की भावनाएं आहत हुईं। FIR में SC/ST Act की धाराओं के साथ BNS Section 196 भी लगाया गया है। Uttarakhand में Secretariat March FIR के खिलाफ Uttarakhand Congress ने Dehradun में Secretariat तक march का ऐलान किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने caste discrimination के खिलाफ आवाज उठाई थी और उनके खिलाफ criminal case दर्ज करना अनुचित है। पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat समेत Congress नेताओं ने FIR पर सवाल उठाते हुए इसे politically motivated बताया। ये Congress के आरोप हैं; Uttarakhand सरकार ने इन्हें खारिज किया है। Lucknow में प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में भी Congress कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। Hazratganj स्थित Gandhi statue के पास सांसद Tanuj Punia के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने FIR के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर बड़ी संख्या में police personnel तैनात किए गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई Congress नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर Eco Garden ले जाया गया। Punjab-Haryana में भी विरोध Chandigarh में Punjab और Haryana Congress के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। Reports के मुताबिक कुछ Congress नेताओं को police ने हिरासत में लिया। Himachal Pradesh, Jammu-Kashmir और अन्य राज्यों में भी Congress units ने विरोध प्रदर्शन कर FIR वापस लेने की मांग की। Congress ने Nationwide Protest का किया ऐलान Congress MP Syed Naseer Hussain ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरे देश में state-level protest marches आयोजित करेगी। Congress की मांग है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाए और Haldwani में कथित purification ritual से जुड़े BJP workers के खिलाफ FIR दर्ज हो। Party ने इसे Dalit dignity और constitutional equality से जुड़ा मामला बताया है। BJP और CM Dhami का पलटवार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने Congress के आरोपों पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर caste politics करने का आरोप लगाया। Dhami ने कहा कि Congress हर मुद्दे में जाति और भेदभाव खोजने की कोशिश कर रही है। BJP का कहना है कि FIR शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज हुई है। फिलहाल Rahul Gandhi के खिलाफ FIR को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। Congress ने protests जारी रखने का संकेत दिया है, जबकि मामले में आगे की कार्रवाई Uttarakhand Police की investigation और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। स्रोत – Uttarakhand Police, ANI, Aaj Tak, The Economic Times, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO की नियुक्ति अंतिम दौर में; 3 सदस्यीय कमेटी ने तीन नामों की रिपोर्ट सौंपी

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक Chief Executive Officer (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय Search Committee ने 5,585 आवेदनों की जांच और 16 उम्मीदवारों के interview के बाद तीन नामों का अंतिम panel तैयार कर मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को ट्रस्ट को सौंप दिया। अब CEO के नाम पर अंतिम फैसला ट्रस्ट करेगा। तीनों shortlisted candidates के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। Reports के मुताबिक retired bureaucrats भी अंतिम दावेदारों में शामिल हैं। 5,585 Applications से चुने गए तीन नाम CEO पद के लिए देशभर से 5,585 applications प्राप्त हुए थे। शुरुआती screening के बाद उम्मीदवारों की संख्या घटाकर 16 की गई। इन candidates के साथ 3 से 6 अगस्त के बीच online interactions हुए और फिर 11 तथा 12 अगस्त को Ayodhya में face-to-face interviews लिए गए। Selection Committee ने leadership ability, administrative experience, integrity और management skills सहित कई parameters के आधार पर candidates का मूल्यांकन किया। कौन-कौन था Search Committee में? CEO चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय committee में: Retired Justice Permod Kohli, Lt Gen (Retd) V K Chaturvedi और Dr Suresh Haware शामिल थे। Committee के secretary के रूप में Sameer Panda को जिम्मेदारी दी गई थी। Committee का कहना है कि selection process में manual assessment के साथ technology और AI-enabled screening का भी इस्तेमाल किया गया। CEO बनने के लिए रखी गई थीं कड़ी शर्तें CEO पद के लिए applicants की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच और कम से कम 20 साल का administrative experience होना जरूरी रखा गया था। इसके साथ candidate का practising Hindu होना, भगवान राम में आस्था रखना, Hindi और English में दक्ष होना तथा नियुक्ति के बाद Ayodhya में रहने के लिए तैयार होना भी eligibility conditions में शामिल था। 2 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर अब सभी की नजर 2 सितंबर को Ayodhya में होने वाली Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust की महत्वपूर्ण बैठक पर है। इसी meeting में shortlisted names पर चर्चा कर CEO के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बैठक में CEO appointment के अलावा Trust के administrative structure, vacant positions, annual accounts और temple management से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। CEO संभालेगा मंदिर प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी नए CEO से Ram Mandir और Trust के day-to-day management को अधिक professional और व्यवस्थित बनाने की उम्मीद है। CEO की exact powers और General Secretary के साथ responsibilities का division भी Trust स्तर पर तय किया जाना है। पहले full-time CEO की नियुक्ति को मंदिर के बढ़ते administrative operations और management structure में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल Search Committee की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तीन नाम Trust के पास पहुंच गए हैं। अंतिम नाम की घोषणा अब Trust के फैसले के बाद होगी। स्रोत – श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, The Indian Express, India Today, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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हैदराबाद में BJP कार्यालय के घेराव की कोशिश; Youth Congress का जोरदार प्रदर्शन, गेट पर पोता काला रंग

हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में Congress और BJP के बीच तनाव बढ़ गया है। Telangana Youth Congress के कार्यकर्ताओं ने 31 अगस्त को हैदराबाद के Nampally स्थित BJP state headquarters का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने BJP और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, कार्यालय के एक गेट पर काला रंग पोता और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का पुतला जलाया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। Mallikarjun Kharge से जुड़े विवाद पर भड़का प्रदर्शन Youth Congress का मुख्य विरोध Uttarakhand के Haldwani में Congress president Mallikarjun Kharge की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर था। Congress ने इस घटना को Kharge के अपमान और caste discrimination से जोड़ते हुए BJP-RSS पर निशाना साधा है। दूसरी ओर Uttarakhand के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने BJP की भूमिका से इनकार करते हुए Congress पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। Students पर Pellet Gun के इस्तेमाल का भी विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व Telangana Youth Congress president Jakkidi Shiva Charan Reddy ने किया। प्रदर्शनकारियों ने हालिया student protests के दौरान कथित pellet-gun use का भी विरोध किया और Union Home Minister Amit Shah के इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ता BJP office की ओर बढ़े और कुछ प्रदर्शनकारी उसके gate तक पहुंच गए। इसी दौरान gate पर black paint लगाया गया और बाहर Amit Shah का effigy जलाया गया। Police ने कई Youth Congress कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने BJP headquarters के भीतर जाने की कोशिश की, जिसके बाद police ने उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कई protesters को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं में Youth Congress state president Jakkidi Shiva Charan Reddy भी शामिल थे। BJP ने Police पर उठाए सवाल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Bandi Sanjay Kumar ने घटना की निंदा करते हुए Telangana Police पर प्रदर्शनकारियों को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे intelligence failure बताते हुए police leadership से जवाब मांगा और Congress से माफी की मांग की। ये BJP के आरोप हैं; Telangana Police की ओर से इन आरोपों को स्वीकार करने वाली कोई पुष्टि उपलब्ध reports में नहीं है। Hyderabad से Nalgonda तक पहुंचा राजनीतिक टकराव Hyderabad की घटना के बाद तनाव Nalgonda तक फैल गया। BJP कार्यकर्ताओं ने Telangana minister Komatireddy Venkat Reddy के camp office के बाहर प्रदर्शन किया, उनके effigy और banners को नुकसान पहुंचाया तथा eggs और tomatoes फेंके जाने की reports सामने आईं। इसके बाद Congress workers पर BJP district president Nagam Varshith Reddy के office और residence पर हमला तथा vandalism करने के आरोप लगे। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के बाद police deployment बढ़ाया गया। 1 September को BJP State Chief House Arrest मामले में आज, 1 सितंबर 2026, नई development सामने आई। Telangana BJP president N Ramchander Rao को Nalgonda जाने से पहले police ने house arrest कर दिया। Police ने संभावित law-and-order situation को इसकी वजह बताया, जबकि Rao ने आरोप लगाया कि Congress government उन्हें अपने party leader से मिलने से रोक रही है। इस तरह 31 अगस्त को Hyderabad में शुरू हुआ BJP-Congress confrontation अब Telangana में बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। स्रोत – The New Indian Express, Times of India, PTI, The South First जय राष्ट्र न्यूज़

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