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महिला पत्रकारों से कथित मारपीट पर आधी रात साकेत थाने पहुँचीं Huda Zariwala, Delhi Police से मांगा जवाब

नई दिल्ली: साकेत पुलिस स्टेशन में दो महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के बाद देर रात पत्रकार और मीडिया से जुड़े कई लोग Saket Police Station पहुंचे। इनमें अंतरराष्ट्रीय मीडिया अनुभव रखने वाली पत्रकार Huda Zariwala भी शामिल थीं, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले में जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की। एक रिपोर्ट में उन्हें Saket Police Station में गुरुवार रात मौजूद बताया गया है, जबकि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह पुलिस से सवाल करती नजर आती हैं। क्या है पूरा मामला? 4PM News Network से जुड़ी पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान 3 सितंबर को Saket स्थित Max Hospital में एक कार्यक्रम की coverage करने पहुंची थीं। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta भी मौजूद थे। दोनों पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें वहां से हिरासत में लेकर Saket Police Station ले जाया गया और थाने के अंदर उनके साथ मारपीट की गई। धार्मिक पहचान को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप दोनों पत्रकारों ने आरोप लगाया कि थाने में उनका नाम और धार्मिक पहचान पूछी गई और उसके बाद उनके साथ व्यवहार और ज्यादा कठोर हो गया। पत्रकारों ने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए वीडियो भी जारी किए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आधी रात तक जारी रहा विरोध घटना के बाद पत्रकारों और समर्थकों ने Saket Police Station में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर overnight protest किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध देर रात से अगले दिन सुबह तक जारी रहा और कई पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता थाने पहुंचे। Huda Zariwala की मौजूदगी भी इसी दौरान रिपोर्ट की गई। Huda Zariwala ने पुलिस से किए सवाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में Huda Zariwala पुलिस अधिकारियों से पत्रकारों की शिकायत पर FIR और कार्रवाई को लेकर सवाल करती दिखाई दीं। उपलब्ध professional profile के अनुसार वह Dubai-based 99 News HD में news leadership role से जुड़ी हैं और international media experience रखती हैं। Delhi Police ने आरोपों को किया खारिज Delhi Police ने दोनों पत्रकारों के आरोपों को “factually incorrect” और “misleading” बताया है। पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाओं ने designated VVIP route के पास scooter खड़ा किया था और बार-बार कहने के बावजूद उसे हटाने से इनकार किया। इसी कारण उन्हें further enquiry के लिए police station ले जाया गया। पुलिस ने मारपीट और धार्मिक आधार पर निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। Press Organisations ने मांगी निष्पक्ष जांच Press Club of India, Indian Women’s Press Corps, Delhi Union of Journalists, Press Association और Kerala Union of Working Journalists ने संयुक्त बयान जारी कर मामले की independent और impartial investigation की मांग की। संगठनों ने आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। CCTV Footage की मांग 4PM News Network की ओर से कहा गया है कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए police station और आसपास के CCTV footage को सुरक्षित रखा और सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पत्रकारों ने कानूनी रास्ता अपनाने की बात भी कही है। फिलहाल महिला पत्रकारों और Delhi Police के दो अलग-अलग versions सामने हैं। मारपीट और धार्मिक पहचान के आधार पर कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की अंतिम पुष्टि किसी स्वतंत्र जांच या न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। source – The Indian Express / PTI / The New Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत भरभराकर गिरी, 7 की मौत; मलबे में अब भी लोगों की तलाश

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के PG के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर अचानक पूरी इमारत कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गई। आज तक हादसे में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को बचाया गया है। राहत एवं बचाव टीमें मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा Delhi Police को 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे Satya Niketan में building collapse की PCR call मिली थी। सूचना मिलते ही Delhi Police, Delhi Fire Services, NDRF, DDMA और ambulance teams मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर rescue operation शुरू किया गया। CCTV में कैद हुआ इमारत गिरने का खौफनाक मंजर हादसे का CCTV footage भी सामने आया है। वीडियो में इमारत से पहले मलबा गिरता दिखाई देता है और कुछ ही सेकंड बाद पूरी building भरभराकर नीचे आ जाती है। पास मौजूद एक दुकानदार खतरा देखकर समय रहते भागता हुआ भी दिखाई देता है। Basement और Ground Floor पर चल रहा था काम पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 40 से 50 साल पुरानी इमारत में renovation और basement से जुड़ा काम चल रहा था। अधिकारियों को आशंका है कि structural pillar या walls से छेड़छाड़ के कारण building कमजोर हुई होगी। हादसे के सही कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। PG में रहते थे Delhi University के छात्र इस building का इस्तेमाल student PG के रूप में किया जा रहा था। Satya Niketan Delhi University के South Campus के नजदीक है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और hostels में रहते हैं। हादसे के समय इमारत के अंदर कई छात्रों के मौजूद होने की आशंका जताई गई थी। Building Owner के खिलाफ FIR Delhi Police ने कथित building owner Hariram Bansal और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला BNS की धारा 105, 290 और 125(a) सहित संबंधित provisions के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने मालिक की तलाश के लिए कई teams बनाई हैं और उसके खिलाफ Look Out Circular भी जारी किया गया है। पांच MCD अधिकारी Suspended आज Delhi government ने हादसे के बाद बड़ी administrative कार्रवाई करते हुए MCD के पांच अधिकारियों को suspend कर दिया। इनमें South Zone के Deputy Commissioner और building department से जुड़े engineering officials शामिल हैं। आसपास की unsafe buildings की जांच और demolition की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। PM Modi ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। PMO ने कहा कि authorities मौके पर राहत और सहायता उपलब्ध करा रही हैं। Rescue Operation जारी NDRF और अन्य agencies मलबा हटाकर search operation चला रही हैं। आसपास की कमजोर इमारतों को भी खाली कराया जा रहा है ताकि किसी और हादसे का खतरा न रहे। हादसे ने Satya Niketan में चल रहे student PGs की building safety और construction norms पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। source – India Today / Aaj Tak / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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NEET PG 2026 की Answer Key पहली बार जारी करेगा NBEMS, Supreme Court के आदेश के बाद बड़ा बदलाव

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: NEET PG परीक्षा की प्रक्रिया में पहली बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है। National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) NEET PG 2026 की provisional answer key जारी करेगा। इसके साथ candidates को उनके marked responses और question IDs भी देखने को मिलेंगे। यह कदम Supreme Court के transparency से जुड़े निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। पहली बार जारी होगी NEET PG Answer Key अब तक NBEMS NEET PG परीक्षा के बाद candidates के लिए provisional answer key जारी नहीं करता था। NEET PG 2026 से पहली बार उम्मीदवार अपने applicant login के जरिए question IDs, correct answers और अपने marked responses देख सकेंगे। Supreme Court के आदेश के बाद बदलाव इस बदलाव के पीछे Supreme Court का transparency को लेकर दिया गया निर्देश है। Court ने examination process में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए raw scores, answer keys और normalisation से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया था। Candidates को क्या-क्या मिलेगा? NBEMS के information bulletin के मुताबिक applicant login में उम्मीदवारों को Question ID number, उस प्रश्न का सही उत्तर, candidate द्वारा चुना गया response और marking scheme के अनुसार उस प्रश्न के लिए allotted score दिखाई देगा। Answer Key अभी नहीं हुई जारी Candidates के लिए जरूरी है कि वे किसी unofficial answer key को NBEMS की official key न समझें। 6 सितंबर तक official provisional answer key जारी नहीं की गई है। Board इसे जल्द अपनी official website पर उपलब्ध कराएगा। Exact release date की घोषणा अभी नहीं हुई है। 2.65 लाख से ज्यादा Candidates हुए थे शामिल NEET PG 2026 की मुख्य परीक्षा 30 अगस्त को देशभर में आयोजित की गई थी। कुल 2,73,096 candidates registered थे और 2,65,980 candidates परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा 1,111 centres पर आयोजित की गई थी। Jaipur के Candidates का हुआ Re-Exam Jaipur के Sitapura centres पर power failure के कारण करीब 2,445 candidates अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए थे। NBEMS ने इन candidates के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की। कैसे Download कर सकेंगे Answer Key? Answer key जारी होने के बाद candidates को NBEMS की official website पर NEET PG 2026 section में जाकर अपने login credentials से sign in करना होगा। इसके बाद answer key और response sheet का active link उपलब्ध होगा, जहां से इसे देखा और download किया जा सकेगा। Result 30 सितंबर तक आने की संभावना NBEMS के NEET PG 2026 schedule के मुताबिक परीक्षा का result 30 सितंबर 2026 तक घोषित किया जाना है। Answer key और response details उपलब्ध होने से candidates को result से पहले अपने performance का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी। source – NBEMS / The Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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Germany के Saxony-Anhalt में आज मतदान, AfD की ऐतिहासिक जीत की संभावना पर दुनिया की नजर

बर्लिन, 6 सितंबर 2026: जर्मनी के पूर्वी राज्य Saxony-Anhalt में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव पर पूरे जर्मनी के साथ यूरोप की नजरें टिकी हैं, क्योंकि चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में दक्षिणपंथी Alternative for Germany (AfD) स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। अगर पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचती है, तो यह आधुनिक जर्मन राजनीति में बड़ा बदलाव होगा। Polls में 40% से ऊपर AfD चुनाव से पहले के प्रमुख opinion polls में AfD को 40% से अधिक समर्थन मिलता दिखा, जबकि Chancellor Friedrich Merz की Christian Democratic Union (CDU) करीब 23% पर थी। AfD के lead candidate Ulrich Siegmund राज्य के अगले premier बनने की दौड़ में हैं। Absolute Majority पर टिकी नजर AfD के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह पूर्ण बहुमत हासिल कर पाएगी। Germany की mainstream parties लंबे समय से AfD के साथ coalition बनाने से इनकार करती रही हैं। ऐसे में पार्टी को अकेले सरकार बनाने के लिए पर्याप्त seats की जरूरत होगी। 1.6 Million Voters डाल रहे वोट Saxony-Anhalt में करीब 16 लाख eligible voters नए state parliament का चुनाव कर रहे हैं। जनसंख्या के लिहाज से यह Germany के छोटे राज्यों में शामिल है, लेकिन इस बार इसका चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CDU के Sven Schulze के सामने बड़ी चुनौती राज्य के मौजूदा premier Sven Schulze की CDU के सामने सत्ता बचाने की बड़ी चुनौती है। अगर AfD सबसे बड़ी पार्टी बनती है लेकिन majority से चूकती है, तो CDU अन्य दलों के साथ coalition बनाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि छोटे दलों का 5% electoral threshold पार करना अगली सरकार की तस्वीर तय करने में महत्वपूर्ण होगा। Chancellor Friedrich Merz के लिए भी बड़ा Political Test Saxony-Anhalt election को Chancellor Friedrich Merz और उनकी CDU के लिए भी महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है। Merz ने चुनाव प्रचार के दौरान चेतावनी दी थी कि AfD की जीत राज्य में foreign investment को नुकसान पहुंचा सकती है। क्यों ऐतिहासिक हो सकता है Result? यदि AfD अपने दम पर सरकार बनाने में सफल होती है, तो वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद Germany में किसी state government का नेतृत्व करने वाली पहली far-right party बन सकती है। इसी वजह से Saxony-Anhalt का यह regional election international attention हासिल कर रहा है। Final Result का इंतजार फिलहाल मतदान जारी है और final परिणाम सामने नहीं आए हैं। असली तस्वीर votes की counting और seats distribution के बाद ही साफ होगी। यह चुनाव आने वाले वर्षों में AfD की national ambitions और 2029 federal election की राजनीति पर भी असर डाल सकता है। source – Reuters / Associated Pressजय राष्ट्र न्यूज़

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जंतर-मंतर विवाद पर CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर हुए कथित मारपीट मामले को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने Delhi Police की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। मामला CJP के प्रदर्शन से जुड़े संजय कुमार पर कथित हमले से संबंधित है। सौरव दास ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल सौरव दास ने आरोप लगाया कि संजय कुमार को गंभीर चोट लगने के बावजूद शुरुआत में मामले में पर्याप्त सख्त धाराएं नहीं लगाई गईं। उन्होंने पुलिस से मामले की दोबारा गंभीरता से जांच करने और सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग लेकर पहुंची CJP 4 सितंबर को सौरव दास, CJP के co-convenor Ashutosh Ranka और अन्य समर्थक Patel Chowk से Parliament Street Police Station पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और FIR में गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की। Viral Video के बाद बढ़ा विवाद मामला उस समय फिर चर्चा में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक कथित podcast/video clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। CJP का आरोप था कि वीडियो में कथित हमले को लेकर किए गए दावों के बाद पुलिस को आरोपी के खिलाफ अधिक कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। Delhi Police ने आरोपों को किया था खारिज Delhi Police ने CJP के कुछ आरोपों से असहमति जताई। पुलिस के मुताबिक RML Hospital की medical examination में संजय कुमार की चोट को simple injury बताया गया और skull fracture के दावे को MLC से मेल न खाने वाला बताया गया। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक दबाव या अनुचित हस्तक्षेप का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत है। बाद में FIR में जोड़ा गया SC/ST Act CJP के विरोध और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद संबंधित FIR में Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act की धाराएं जोड़ी गईं। इसके अलावा नाबालिग को कथित धमकियों से जुड़े मामले में अलग POCSO case दर्ज किया गया। निष्पक्ष जांच की मांग सौरव दास और CJP नेताओं का कहना है कि मामले में केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि घटना में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों और उसके बाद सोशल मीडिया पर दी गई धमकियों की भी जांच होनी चाहिए। मामला अब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। source – The Indian Express / NDTVजय राष्ट्र न्यूज़

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Panchayat Season 5 की Release Window सामने आई, October-November में आ सकता है नया Season

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: Prime Video की लोकप्रिय web series Panchayat के Season 5 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। Series के director Deepak Kumar Mishra ने बताया है कि नए season का काम editing stage में पहुंच चुका है और इसे October-November 2026 के आसपास release किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि अभी exact release date final नहीं हुई है। Editing Stage में पहुंचा Season 5 Deepak Kumar Mishra ने India Today से बातचीत में बताया कि Panchayat Season 5 का editing process फिलहाल जारी है। Team नए season को तैयार करने में जुटी हुई है और tentative तौर पर October या November में इसकी streaming शुरू हो सकती है। अभी Final नहीं हुई Release Date Fans के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि makers ने अभी किसी specific तारीख की घोषणा नहीं की है। इसलिए October-November को फिलहाल possible release window के तौर पर देखा जा रहा है, न कि officially confirmed release date के रूप में। Phulera में Election के बाद बदलेगी कहानी नए season की कहानी गांव के elections के बाद की परिस्थितियों पर आगे बढ़ेगी। Director के मुताबिक Pradhan Ji की हार के बाद उनकी जिंदगी और गांव में उनकी बदलती स्थिति को explore किया जाएगा। इसके साथ दूसरे characters की stories भी आगे बढ़ेंगी। Sachiv Ji की कहानी भी बढ़ेगी आगे Director ने संकेत दिया है कि Season 5 में Abhishek Tripathi यानी Sachiv Ji की कहानी में भी progression देखने को मिलेगा। हर प्रमुख character के लिए अलग growth arc तैयार किया जा रहा है। Season 5 नहीं होगा आखिरी Season Deepak Kumar Mishra ने इस speculation को भी खारिज किया कि Season 5 Panchayat का आखिरी season हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल series को खत्म करने जैसी कोई योजना नहीं है, जिससे आगे भी Phulera की कहानी जारी रहने की संभावना बनी हुई है। Prime Video ने पहले ही Confirm किया था Season 5 Prime Video पहले ही Panchayat Season 5 के development की पुष्टि कर चुका है। Platform ने Season 4 को मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद बताया था कि अगले season पर काम शुरू हो चुका है और इसे 2026 में दर्शकों के सामने लाने की योजना है। source – India Today / Prime Videoजय राष्ट्र न्यूज़

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निशु आजाद के पिता से मारपीट मामले में चिराग पासवान की सफाई, बोले- स्वतंत्र भारद्वाज ने मेरे नाम का गलत इस्तेमाल किया

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा अपने नाम का इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका नाम गलत तरीके से इस विवाद से जोड़ा गया है। स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज चिराग पासवान ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच करने और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। ‘ऐसी घटना बेहद गंभीर’ पासवान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुले तौर पर किसी को इतनी गंभीर चोट पहुंचाने का दावा करता है और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा के मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। Podcast में लिया गया था चिराग पासवान का नाम विवाद उस समय बढ़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक podcast clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह कथित तौर पर निशु आजाद के पिता पर हमला करने की बात कहते हुए कई राजनीतिक नेताओं का नाम लेते नजर आए। इसी दौरान उन्होंने चिराग पासवान को भी अपना ‘बड़ा भाई’ बताया था। LJP ने किसी संबंध से किया इनकार Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने भी भारद्वाज के साथ किसी तरह के संबंध से इनकार किया है। पार्टी की शिकायत में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री के नाम का इस्तेमाल कथित राजनीतिक प्रभाव दिखाने के लिए किया गया, जिसे पार्टी ने गलत और भ्रामक बताया है। दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि पुलिस बिना किसी दबाव के मामले की जांच करे। उन्होंने कहा कि उनके या अन्य नेताओं के नाम का सहारा लेकर किसी कानूनी कार्रवाई से बचने का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। हिरासत में लिया जा चुका है स्वतंत्र भारद्वाज विवाद बढ़ने और प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया। मामले में जांच जारी है और पुलिस पहले ही राजनीतिक हस्तक्षेप से जुड़े आरोपों को खारिज कर चुकी है। source – Times of India / Moneycontrolजय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्र भारद्वाज के इंटरव्यू में गंभीर दावे, वायरल वीडियो के बाद उठे नए सवाल; पुलिस ने राजनीतिक दबाव के आरोप नकारे

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के वीडियो सामने आने के बाद जंतर-मंतर पर हुई मारपीट का मामला फिर चर्चा में आ गया है। इंटरव्यू में भारद्वाज ने एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला करने और राजनीतिक संपर्कों को लेकर कई गंभीर दावे किए। इसके बाद विपक्षी नेताओं और Cockroach Janta Party (CJP) ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी के पिता पर हमले को लेकर दावा वायरल पॉडकास्ट में भारद्वाज ने दावा किया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार को मारा था। उन्होंने चोट की गंभीरता को लेकर भी बड़ा दावा किया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। राजनीतिक संरक्षण को लेकर भी कही बातें इंटरव्यू में भारद्वाज ने कुछ राजनीतिक नेताओं के साथ अपने संबंधों का दावा किया और कथित तौर पर कहा कि इन संपर्कों के कारण उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। इन्हीं बयानों के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ा और कई नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। दिल्ली पुलिस ने दावों को बताया बेबुनियाद दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से साफ इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक जांच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की गई और किसी नेता के दबाव में कार्रवाई रोकने का दावा तथ्यों पर आधारित नहीं है। पुलिस ने यह भी कहा कि medical reports में संजय कुमार की skull fracture की पुष्टि नहीं हुई और चोट को simple injury बताया गया। भारद्वाज ने बाद में कहा—Self Defence में किया था हमला विवाद बढ़ने के बाद भारद्वाज ने NDTV को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह भीड़ से घिर गए थे और उन्होंने जो किया, वह self-defence में किया था। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे कई आरोपों से भी इनकार किया। गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन शुक्रवार को CJP समर्थकों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन कर भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। आरोप और पुलिस के बयान में बड़ा अंतर मामले में सबसे बड़ा सवाल भारद्वाज के वायरल इंटरव्यू में किए गए दावों और दिल्ली पुलिस के आधिकारिक version के बीच अंतर को लेकर है। जहां भारद्वाज ने गंभीर चोट और राजनीतिक संरक्षण जैसी बातें कहीं, वहीं पुलिस ने skull fracture और political interference—दोनों दावों को नकार दिया है। अब आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। source – The Indian Express / Delhi Police / NDTVजय राष्ट्र न्यूज़

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श्रीनगर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, नवी मुंबई से पहुंची IndiGo फ्लाइट पार्किंग के दौरान पोल से टकराई

श्रीनगर, 5 सितंबर 2026: श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नवी मुंबई से पहुंची IndiGo की फ्लाइट 6E-225 लैंडिंग के बाद पार्किंग के दौरान हादसे का शिकार हो गई। विमान Bay No. 6 पर खड़ा किए जाने के दौरान Visual Docking Guidance System (VDGS) pole से टकरा गया। राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद सभी यात्री और crew members सुरक्षित रहे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सुबह करीब 9:02 बजे हुई घटना Airports Authority of India के अनुसार विमान, जिसका registration VT-NOG है, शुक्रवार सुबह करीब 9:02 बजे Bay No. 6 पर position किया जा रहा था। इसी दौरान विमान VDGS pole के संपर्क में आ गया। सभी यात्रियों और crew को सुरक्षित उतारा गया घटना के बाद यात्रियों और crew members को manual aircraft stairs की मदद से सुरक्षित विमान से उतारा गया। किसी यात्री या crew member के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। विमान को हुआ नुकसान पोल से टकराने के कारण aircraft को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद विमान की technical inspection की गई और संबंधित अधिकारियों ने परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी। ब्रेक फेल होने की पुष्टि नहीं कुछ शुरुआती रिपोर्टों में brake system में खराबी की बात कही गई थी, लेकिन Airports Authority of India ने इसका कारण officially confirm नहीं किया है। AAI के अनुसार घटना की सही वजह जांच पूरी होने के बाद ही तय की जाएगी और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। एयरपोर्ट संचालन रहा सामान्य इस घटना के बावजूद श्रीनगर एयरपोर्ट पर flight operations प्रभावित नहीं हुए। अधिकारियों के मुताबिक arrivals और departures निर्धारित schedule के अनुसार जारी रहे। source – Airports Authority of India / PTIजय राष्ट्र न्यूज़

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मणिपुर में हाईवे जाम करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

इंफाल, 4 सितंबर 2026: मणिपुर सरकार ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों सहित सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध करने, यातायात बाधित करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। राज्य के गृह विभाग ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल कदम उठाने और दोषियों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बंद और नाकेबंदी पर सरकार सख्त सरकार ने कहा कि उसे विभिन्न संगठनों, समूहों और व्यक्तियों द्वारा बंद, सड़क नाकेबंदी, जबरन आवाजाही रोकने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी मिली है। इनसे आम लोगों को परेशानी होने के साथ जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। आवश्यक सेवाओं की आवाजाही रोकने पर भी कार्रवाई आदेश के तहत ईंधन, दवाइयों, आवश्यक वस्तुओं, आपातकालीन सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन, मालवाहक और निजी वाहनों की आवाजाही रोकने या बाधित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। DC और SP को तत्काल कार्रवाई के निर्देश मणिपुर सरकार ने सभी Deputy Commissioners, Superintendents of Police और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सड़कों और राजमार्गों पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। पांच साल तक की सजा का प्रावधान सरकारी आदेश में National Highways Act, Prevention of Damage to Public Property Act, Motor Vehicles Act, Bharatiya Nyaya Sanhita और Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita सहित संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। National Highways Act की धारा 8B के तहत राजमार्ग को असुरक्षित या आवाजाही के लिए बाधित करने पर पांच साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। शांति और सामान्य आवाजाही बनाए रखने की अपील सरकार ने नागरिकों, छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, यूनियनों और अन्य समूहों से शांति बनाए रखने और बंद, सड़क नाकेबंदी तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है। source – Manipur Home Department / The Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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