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हाथों में संविधान लेकर माता-पिता के लिए न्याय मांग रहे 6 वर्षीय आदित्य; Pappu Yadav के आश्वासन पर खत्म किया धरना

पटना: बिहार की राजधानी पटना में महज 6 साल के आदित्य कुमार अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर चर्चा में हैं। पहली कक्षा में पढ़ने वाले आदित्य 30 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर हाथ में संविधान की प्रति लेकर बैठे थे। उनका आरोप है कि 25 अगस्त को छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने उनके माता-पिता के साथ थाने में मारपीट की। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। मामले में आज, 1 सितंबर 2026, नया मोड़ आया है। Purnia MP Pappu Yadav के न्याय दिलाने और जरूरत पड़ने पर मामला Supreme Court तक ले जाने के आश्वासन के बाद आदित्य ने अपना धरना समाप्त कर दिया। 25 अगस्त के Student Protest से जुड़ा मामला आदित्य 25 अगस्त को Patna में BPSC और TRE-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आए थे। प्रदर्शनकारी Teacher Recruitment Examination में single-tier examination समेत कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के आवास की ओर मार्च कर रहे थे। आदित्य अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई। माता-पिता से मारपीट का आरोप आदित्य और उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें कई घंटों तक माता-पिता से अलग रखा गया और थाने में उनके माता-पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आदित्य ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष या न्यायिक जांच हो और जिन पुलिसकर्मियों पर उनके माता-पिता के साथ मारपीट का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ये फिलहाल आदित्य और उनके परिवार के आरोप हैं और स्वतंत्र जांच में साबित होना बाकी है। Police ने आरोपों से किया इनकार Patna Police ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। Police का कहना है कि तनावपूर्ण प्रदर्शन और भीड़ के बीच बच्चे को उसकी सुरक्षा के लिए थाने लाया गया था और बाद में उसकी मां को सौंप दिया गया। Police ने गिरफ्तारी और माता-पिता से मारपीट के आरोपों से भी इनकार किया है। ऐसे में घटना को लेकर परिवार और Police के versions अलग-अलग हैं। हाथ में संविधान लेकर धरने पर बैठे आदित्य 30 अगस्त को आदित्य Patna के Gardanibagh protest site पर धरने पर बैठ गए। उनकी तस्वीरों और videos में वह हाथ में भारतीय संविधान की प्रति लिए दिखाई दिए। आदित्य ने सवाल उठाया कि क्या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से किसी बच्चे के माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता के लिए न्याय चाहते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने Prime Minister Narendra Modi से मिलने की इच्छा भी जताई थी। DGP से भी मिले थे आदित्य धरना शुरू करने से पहले आदित्य अपने परिवार के साथ Bihar के DGP Vinay Kumar से मिले थे और अपनी मांगों से जुड़ा आवेदन सौंपा था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिवार ने Gardanibagh में धरना शुरू किया। आदित्य ने कहा था कि न्याय मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा। Pappu Yadav पहुंचे, खत्म हुआ धरना 31 अगस्त की रात Purnia MP Pappu Yadav Gardanibagh धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उनके परिवार से मुलाकात की। Pappu Yadav ने परिवार को कानूनी मदद देने का भरोसा दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले को Supreme Court तक ले जाया जाएगा। इसके बाद आदित्य ने दो दिनों से चल रहा अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। आदित्य ने कहा कि धरना खत्म करना उनकी हार नहीं है और न्याय की लड़ाई अब court में जारी रहेगी। 1 September की Latest Situation आज 1 सितंबर 2026 तक स्थिति यह है: इसलिए आज के लिए सबसे accurate headline होगी: हाथों में संविधान लेकर माता-पिता के लिए न्याय मांग रहे 6 वर्षीय आदित्य; Pappu Yadav के आश्वासन पर खत्म किया धरना नोट: माता-पिता के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने की बात परिवार का आरोप है। Patna Police इन आरोपों से इनकार कर चुकी है, इसलिए इसे established fact के रूप में नहीं लिखना चाहिए। स्रोत – PTI, Navbharat Times, ABP News, ThePrint जय राष्ट्र न्यूज़

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चित्रकूट में मंदाकिनी फिर उफान पर; खतरे के निशान से करीब 4 मीटर ऊपर, Ramghat-Nirmohi Akhara जलमग्न

चित्रकूट: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर आज, 1 सितंबर 2026 को फिर तेजी से बढ़ गया। चित्रकूट धाम मंडल के Commissioner Ajit Kumar के मुताबिक UP side पर नदी करीब 4 मीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। Ramghat, Nirmohi Akhara और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है। सोमवार शाम पानी कुछ कम हुआ था, लेकिन Madhya Pradesh और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में रातभर हुई बारिश के बाद मंगलवार सुबह Mandakini ने फिर विकराल रूप ले लिया। Amar Ujala के मुताबिक सुबह 9 बजे नदी का level 129.750 metre तक पहुंच गया। चार दिनों में तीसरी बार Danger Mark पार पिछले कुछ दिनों से Mandakini के water level में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। आज नदी ने चार दिनों में तीसरी बार खतरे का निशान पार किया, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। Ramghat के आसपास की दुकानों और मकानों में पानी घुस गया, जबकि Kamadgiri की ओर जाने वाले कुछ रास्तों पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। Ramghat और Nirmohi Akhara में पानी आज की official reporting के मुताबिक Ramghat और Nirmohi Akhara समेत कई धार्मिक और low-lying areas जलमग्न हैं। प्रशासन ने vulnerable locations से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और प्रभावित परिवारों के लिए भोजन तथा दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। NDRF-SDRF की टीमें तैनात बढ़ते water level के बीच NDRF और SDRF की teams rescue operation में लगी हुई हैं। Police और administrative teams को Pahadi, Rajapur और Manikpur सहित संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। Madhya Pradesh side पर भी NDRF, SDRF और Satna Police को Mandakini के किनारे monitoring और evacuation के लिए deploy किया गया है। Army Helicopters से भी हुआ Rescue DIG Rajesh S के मुताबिक floodwaters में फंसे कई लोगों को rescue teams ने निकाला है, जबकि कुछ evacuations में Army helicopters की भी मदद ली गई। Authorities लोगों से riverbanks और flooded routes से दूर रहने की लगातार अपील कर रही हैं। Ramghat-Nayagaon Bridge भी क्षतिग्रस्त बाढ़ के कारण Ramghat और Nayagaon को जोड़ने वाला bridge क्षतिग्रस्त हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर उसके दोनों ओर police teams लगाई गई हैं। इससे पहले 29 अगस्त के flood surge में Madhya Pradesh side का Ramghat-Hanuman Dhara bridge भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होकर बह गया था। Rajapur में Yamuna भी खतरे के ऊपर चिंता सिर्फ Mandakini तक सीमित नहीं है। Mandakini का पानी आगे Yamuna में मिलने के कारण Rajapur इलाके में भी flood risk बढ़ा है। District Magistrate Pulkit Garg के मुताबिक Rajapur में Yamuna का danger level करीब 88 metre है, जबकि आज इसका जलस्तर लगभग 91 metre तक पहुंच गया। चार-पांच connecting roads पर floodwater आने की सूचना है। 1 September की Latest Situation आज शाम तक verified स्थिति: इसलिए सबसे accurate headline होगी: चित्रकूट में मंदाकिनी फिर उफान पर; खतरे के निशान से करीब 4 मीटर ऊपर, Ramghat-Nirmohi Akhara जलमग्न स्रोत – PTI, DD India, Chitrakoot District Administration, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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India Post GDS Recruitment 2026: 23,757 पदों के लिए OTR आज से शुरू; 2 September से भर सकेंगे Application Form

नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। India Post ने Gramin Dak Sevak (GDS) Recruitment 2026 के तहत 23,757 vacancies के लिए One-Time Registration यानी OTR आज, 31 अगस्त 2026 से शुरू कर दिया है। यह भर्ती Branch Postmaster (BPM), Assistant Branch Postmaster (ABPM) और Dak Sevak पदों के लिए की जा रही है। हालांकि candidates को ध्यान रखना होगा कि आज से केवल registration शुरू हुआ है। Actual online application और fee payment 2 सितंबर से शुरू होंगे। OTR की अंतिम तारीख 19 सितंबर है, जबकि application 21 सितंबर शाम 5 बजे तक जमा किया जा सकेगा। कुल 23,757 Vacancies Department of Posts की GDS Online Engagement Schedule-II, July 2026 recruitment drive में पूरे देश के postal circles में कुल 23,757 posts शामिल हैं। इनमें तीन प्रमुख पद हैं: Vacancies अलग-अलग states और local-language requirements के अनुसार बांटी गई हैं। Maharashtra में सबसे ज्यादा Vacancies Circle-wise vacancy list में Maharashtra की Marathi category में 2,297 posts हैं, जो सबसे बड़ा allocation है। इसके बाद: समेत दूसरे postal circles में vacancies जारी की गई हैं। कुल संख्या 23,757 है। 10वीं Pass Candidates कर सकते हैं Apply India Post GDS Recruitment के लिए candidate का किसी recognised board से Class 10 pass होना जरूरी है। 10वीं में: subjects होना आवश्यक है। इसके साथ जिस postal circle के लिए candidate apply कर रहा है, उसकी prescribed local language का knowledge भी जरूरी है। Candidates से basic computer knowledge और cycling का knowledge भी अपेक्षित है। Age Limit 18 से 40 साल Candidates की minimum age 18 वर्ष और maximum age 40 वर्ष निर्धारित की गई है। Age calculation 21 September 2026 के आधार पर की जाएगी। Reserved categories को Government rules के अनुसार upper-age relaxation मिलेगा। Written Exam नहीं होगा इस recruitment की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि GDS selection के लिए कोई written examination नहीं होगा। Candidates की selection Class 10 के marks के आधार पर system-generated merit list से की जाएगी। Marks की calculation चार decimal places तक की जाएगी। Shortlisted candidates को बाद में document verification और जरूरी eligibility checks से गुजरना होगा। कितनी मिलेगी Salary? Gramin Dak Sevak posts में payment Time Related Continuity Allowance (TRCA) के आधार पर होती है। तक TRCA range निर्धारित है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि GDS posts regular Central Government employee posts के समान नहीं हैं और इनकी service conditions अलग GDS rules के तहत governed होती हैं। Application Fee ₹100 UR, OBC और EWS category के eligible male candidates के लिए application fee ₹100 है। वहीं: को application fee से exemption दी गई है। Important Dates Candidates के लिए recruitment schedule इस प्रकार है: Department of Posts के official schedule में registration और actual application को अलग-अलग stages रखा गया है। Candidates रखें इस बात का खास ध्यान India Post ने candidates को केवल official recruitment portal का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। OTR के दौरान mobile number, email, Class 10 details, category और personal information सही भरना जरूरी है। Duplicate registration करने से candidature cancel हो सकती है। इसके अलावा BPM post के लिए selected candidate को Branch Post Office चलाने के लिए prescribed location पर accommodation की व्यवस्था से जुड़ी conditions भी पूरी करनी पड़ सकती हैं। 31 August की Latest Situation आज 31 अगस्त 2026 तक स्थिति यह है: इसलिए सबसे accurate headline होगी: India Post GDS Recruitment 2026: 23,757 पदों के लिए OTR आज से शुरू; 2 September से भर सकेंगे Application Form स्रोत – Department of Posts, India Post GDS Notification, The Economic Times, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Assam में ₹50,000 करोड़ का Mega Development Push; Schools, Health, Roads और Women-Focused Projects पर बड़ा खर्च

गुवाहाटी: Assam Cabinet ने राज्य में infrastructure और welfare projects को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ₹50,000 करोड़ के ‘Viksit Assam: Infra Vision’ package को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के मुताबिक यह investment healthcare, education, roads, power networks, Anganwadi centres, tea garden workers के housing, women’s markets और flood-protection infrastructure पर खर्च किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में बड़े capital-intensive projects के जरिए Assam की basic infrastructure और public services को मजबूत करना है। Package की funding state resources, NABARD और Central Government schemes के जरिए जुटाई जाएगी। करीब 1,000 High Schools होंगे Upgrade Education sector इस package का एक प्रमुख हिस्सा है। सरकार ने Assam के करीब 1,000 high schools को upgrade करने के लिए लगभग ₹700 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है। इसके अलावा colleges और दूसरे educational infrastructure को भी मजबूत किया जाएगा। यह investment classrooms, basic facilities और school infrastructure को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगा। 6,000 नए Anganwadi Centres की योजना Women और child welfare के तहत लगभग 6,000 नए Anganwadi centres बनाने की योजना है। इन centres के जरिए बच्चों और माताओं के लिए बेहतर nutrition, health और early-childhood facilities उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। कई पुराने centres को नई और बेहतर facilities से replace किया जाएगा। हर Assembly Constituency में Women’s Markets Package में महिलाओं से जुड़े infrastructure पर भी खास focus रखा गया है। सरकार की योजना हर Assembly constituency में दो women-focused markets बनाने की है। इसके साथ महिलाओं के लिए hostels भी बनाए और विकसित किए जाएंगे। इन projects का उद्देश्य women entrepreneurs और working women के लिए बेहतर infrastructure तैयार करना है। Tea Garden Workers को Housing Support Assam के tea garden workers के लिए भी package में बड़ा provision शामिल किया गया है। सरकार की पहले की घोषणा के तहत eligible tea garden workers को घर बनाने के लिए ₹1.5 लाख की financial assistance देने की योजना भी इस development programme का हिस्सा होगी। Tea industry Assam की economy और employment का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए workers के housing और welfare को package में priority दी गई है। Roads, Power और Flood Embankments पर खर्च ₹50,000 करोड़ package का बड़ा हिस्सा road connectivity, electricity networks और flood-control infrastructure को मजबूत करने पर खर्च होगा। Assam हर साल floods से प्रभावित होता है। इसे देखते हुए सरकार anti-flood embankments को मजबूत करने और vulnerable areas में infrastructure resilience बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके साथ road और power networks का expansion भी programme का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। ₹30,000 करोड़ NABARD से जुटाने की योजना NDTV की report के मुताबिक सरकार ₹50,000 करोड़ में से करीब ₹30,000 करोड़ NABARD funding के जरिए जुटाने की योजना बना रही है। बाकी करीब ₹20,000 करोड़ state government’s own resources, खासकर higher revenue collection के जरिए जुटाए जाने की उम्मीद है। Cabinet ने development programme की financing के लिए NABARD के साथ MoU को भी मंजूरी दी है। Stadium और Auditorium भी बनेंगे Development package में sports और community infrastructure को भी शामिल किया गया है। सरकार की योजना प्रत्येक Assembly constituency में एक stadium और एक auditorium बनाने की है। District level पर भी additional stadiums तैयार किए जाएंगे। इससे grassroots sports और public-event infrastructure को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। Healthcare में भी बड़ा Investment Primary healthcare infrastructure को मजबूत करना ₹50,000 करोड़ के programme की प्रमुख priorities में शामिल है। इसी Cabinet meeting में Gauhati Medical College and Hospital में ₹600 करोड़ की Proton Beam Therapy facility को भी मंजूरी दी गई है, जो advanced cancer treatment के लिए इस्तेमाल होगी। हालांकि यह ₹600 करोड़ का project Cabinet के broader healthcare decisions का हिस्सा है और ₹50,000 करोड़ framework के साथ घोषित अन्य major initiatives में शामिल है। Industrial Infrastructure को भी मिलेगा Boost Cabinet ने Kamrup Metropolitan और Nagaon districts में करीब 1,174 bighas land Industries Department को industrial estates और land banks विकसित करने के लिए allot करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा Dhemaji में milk project के लिए 27 bighas government land allot करने और Goalpara में solar power तथा battery energy-storage project को भी approval दिया गया है। कब शुरू होंगे Projects? NDTV के मुताबिक ₹50,000 करोड़ programme के तहत बड़े projects 2027 से phases में शुरू किए जाने की योजना है और overall implementation 2034 तक चल सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री की दूसरी briefing में ₹50,000 करोड़ investment को अगले पांच वर्षों में infrastructure development पर खर्च करने की बात कही गई है। अलग-अलग projects की timelines अलग हो सकती हैं। इसलिए पूरे package को एक ही fixed completion date से जोड़ना सही नहीं होगा। Latest Situation 31 अगस्त 2026 तक verified स्थिति यह है: इसलिए सबसे accurate headline होगी: Assam में ₹50,000 करोड़ का Mega Development Push; Schools, Health, Roads और Women-Focused Projects पर बड़ा खर्च स्रोत – Assam Government/Cabinet briefing, PTI, NDTV, The Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री सुरक्षित लौटे; बिहार सरकार ने भोजन, इलाज और ट्रेन की व्यवस्था कर पहुंचाया घर

पटना/नागपुर: नेपाल में आई विनाशकारी flash floods के बीच फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री सुरक्षित भारत लौट आए हैं। बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने नेपाल सीमा से यात्रियों को निकालने के बाद उनके लिए भोजन, medical check-up, ठहरने और आगे की रेल यात्रा की व्यवस्था की। यात्रियों का दल नेपाल से सीतामढ़ी होते हुए पटना पहुंचा, जहां से उन्हें नागपुर के लिए रवाना किया गया। यह समूह 19 अगस्त को धार्मिक यात्रा के लिए नेपाल गया था। 26 अगस्त को flash floods और लगातार बारिश के कारण वापसी के रास्ते प्रभावित होने लगे, जिसके बाद यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए महाराष्ट्र, बिहार और नेपाल के अधिकारियों के बीच coordination शुरू हुआ। 28 अगस्त को सीतामढ़ी पहुंचा दल बिहार सरकार के Disaster Management Department के मुताबिक 28 अगस्त को सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने नेपाल सीमा पर यात्रियों को receive किया। Administration की teams ने उन्हें border से सुरक्षित escort किया और भोजन, drinking water तथा दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। जिन यात्रियों को कमजोरी या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी थी, उनका medical check-up भी कराया गया। इसके बाद सभी यात्रियों को buses के जरिए पटना भेजा गया। ट्रेन में लगाए गए दो Extra AC Coaches यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए बिहार सरकार ने Railways से coordination किया। मुख्य सचिव की Railway Board के Chairman से बातचीत के बाद संबंधित train में दो अतिरिक्त 3-tier AC coaches लगाए गए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से महाराष्ट्र पहुंचाया जा सके। Hindustan Times की 31 अगस्त की report के मुताबिक 102 यात्री रविवार को Patna-Nanded Express से Nagpur पहुंचे, जबकि group के चार अन्य सदस्य एक दिन पहले ही वापस पहुंच चुके थे। इस तरह 106 सदस्यीय पूरा group सुरक्षित भारत लौट आया। यात्रियों ने सुनाई बाढ़ की भयावह कहानी नेपाल से लौटे यात्रियों ने बताया कि कई जगह roads और bridges floodwater से घिर चुके थे और उन्हें अपनी जान को लेकर गंभीर डर था। कुछ यात्रियों के मुताबिक वापसी के दौरान उन्होंने तेज पानी में दूसरी vehicles को बहते देखा। भारी बारिश और routes बंद होने के कारण कई लोगों को यह आशंका होने लगी थी कि वे सुरक्षित घर लौट पाएंगे या नहीं। यात्रियों का कहना है कि Bihar पहुंचने के बाद food, shelter और medical assistance मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली। महाराष्ट्र और बिहार सरकार के बीच Coordination तीर्थयात्रियों ने संकट के दौरान Maharashtra government से संपर्क किया था, जिसके बाद Bihar government और local administration से coordination किया गया। DD News के मुताबिक Bihar government के निर्देश पर Sitamarhi administration ने border से evacuation और onward journey की व्यवस्था की। बाद में Patna से Nagpur तक rail transport सुनिश्चित किया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के office ने भी Nepal side पर यात्रियों की safe return के लिए coordination किया था। Raksha Bandhan पर भावुक हुआ माहौल सीतामढ़ी में यात्रियों का पहुंचना Raksha Bandhan के आसपास हुआ, जिससे वहां भावुक माहौल बन गया। कुछ महिला यात्रियों ने उनकी मदद करने वाले Bihar के अधिकारियों और स्थानीय लोगों को राखी बांधी। यात्रियों ने कहा कि संकट के समय मिले सहयोग ने उन्हें यह महसूस कराया कि वे अपने घर से दूर होते हुए भी अकेले नहीं थे। 31 August की Latest Situation आज 31 अगस्त 2026 तक स्थिति यह है: इसलिए सबसे accurate headline होगी: नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री सुरक्षित लौटे; बिहार सरकार ने भोजन, इलाज और ट्रेन की व्यवस्था कर पहुंचाया घर स्रोत – बिहार आपदा प्रबंधन विभाग, DD News, Hindustan Times, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Chitrakoot में Mandakini River उफान पर; Ram Ghat और Nirmohi Akhada में Flood जैसे हालात, NDRF-SDRF का Rescue Operation जारी

चित्रकूट: Uttar Pradesh के धार्मिक शहर Chitrakoot में Mandakini River के बढ़ते जलस्तर ने रविवार, 30 अगस्त 2026 को गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। नदी का पानी बढ़ने के बाद प्रसिद्ध Ram Ghat और Nirmohi Akhada समेत कई low-lying areas में flood-like situation बन गई है। जिला प्रशासन ने इलाके को high alert पर रखा है, जबकि NDRF और SDRF की टीमें लगातार rescue operation में लगी हुई हैं। Chitrakoot Police के मुताबिक flood-affected areas की drone cameras से surveillance की जा रही है। Drones के जरिए water flow और ground situation को monitor किया जा रहा है, ताकि किसी भी नए खतरे पर तुरंत response दिया जा सके। Ram Ghat और Nirmohi Akhada में घुसा पानी Mandakini River का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद Chitrakoot के सबसे संवेदनशील इलाकों में Ram Ghat और Nirmohi Akhada शामिल हैं। दोनों क्षेत्रों में पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने आम लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। District administration ने लोगों से नदी और घाटों के पास नहीं जाने की अपील की है। Ram Ghat Chitrakoot का प्रमुख धार्मिक स्थल है और सामान्य दिनों में यहां बड़ी संख्या में pilgrims और tourists आते हैं। इसी वजह से यहां rescue और crowd safety को लेकर अतिरिक्त precautions लिए जा रहे हैं। Drone Cameras से हो रही निगरानी Chitrakoot Police ने रविवार सुबह बताया कि flood situation को monitor करने के लिए drone cameras deploy किए गए हैं। Drone surveillance के जरिए: पर नजर रखी जा रही है। Superintendent of Police Arun Kumar Singh के निर्देश पर यह surveillance operation चलाया जा रहा है। NDRF और SDRF की Teams Ground पर स्थिति को देखते हुए National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Force (SDRF) की teams affected areas में तैनात हैं। Chitrakoot Police के मुताबिक rescue personnel नदी और flood-affected areas में फंसे pilgrims और local residents को निकालकर safe locations तक पहुंचा रहे हैं। Teams को लगातार alert mode में रखा गया है ताकि water level बढ़ने या किसी नए area में flooding होने पर तुरंत rescue शुरू किया जा सके। DM और SP ने किया प्रभावित इलाकों का Inspection Chitrakoot के District Magistrate और Superintendent of Police ने flood-affected areas का ground inspection किया है। दोनों अधिकारियों ने relief और rescue arrangements का जायजा लिया और अधिकारियों को vulnerable locations पर लगातार monitoring करने के निर्देश दिए। District Magistrate ने कहा कि administration सभी जरूरी precautionary measures ले रहा है और फिलहाल situation control में है, लेकिन river level और low-lying areas पर लगातार नजर रखी जा रही है। फंसे लोगों तक Food और Medicines पहुंचाईं Rescue के साथ administration relief supplies भी पहुंचा रहा है। Chitrakoot Police के मुताबिक flood से प्रभावित या फंसे हुए लोगों के लिए: पहुंचाए गए हैं। Administration का focus फिलहाल लोगों को safe places तक पहुंचाने और प्रभावित इलाकों में basic supplies बनाए रखने पर है। लगातार बारिश से बिगड़े हालात Chitrakoot और आसपास के Uttar Pradesh-Madhya Pradesh border region में लगातार बारिश के कारण Mandakini River का water level तेजी से बढ़ा है। आज प्रकाशित reports के मुताबिक नदी ने कुछ locations पर पिछले वर्षों के flood levels को भी पार किया है और मंदिरों, मठों, दुकानों तथा roads तक पानी पहुंचा है। हालांकि अलग-अलग monitoring points और Chitrakoot के UP तथा MP हिस्सों में water-level figures अलग report किए जा रहे हैं। इसलिए किसी एक gauge reading को पूरे Chitrakoot का uniform water level मानना सही नहीं होगा। 23 साल पुराना Flood Record टूटने की Reports कुछ local और national reports के मुताबिक Mandakini ने 2003 के बड़े flood का record भी पार किया है। Times of India की Madhya Pradesh-side reporting में Chitrakoot क्षेत्र में river level के 2003 record से ऊपर पहुंचने की जानकारी दी गई है। लेकिन यह figure broader MP-UP Chitrakoot region के अलग monitoring points से जुड़ा है। इसलिए UP के Ram Ghat पर exact historical record को district administration के final hydrological assessment के बाद ही definitive माना जाना चाहिए। Madhya Pradesh वाले Chitrakoot में भी Rescue Mandakini flood का असर केवल Uttar Pradesh वाले Chitrakoot तक सीमित नहीं है। नदी और heavy rainfall ने Madhya Pradesh के Satna-Chitrakoot region में भी गंभीर flooding पैदा की है। आज की reports के मुताबिक MP side पर SDRF और अन्य rescue teams ने बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित निकाला है और कुछ stranded लोगों के लिए helicopter assistance का भी इस्तेमाल किया गया। यह rescue count Uttar Pradesh के Ram Ghat operation से अलग geographical operation से जुड़ा है, इसलिए दोनों के आंकड़ों को सीधे जोड़ना सही नहीं होगा। CM Mohan Yadav ने MP Side का लिया जायजा Madhya Pradesh के मुख्यमंत्री Mohan Yadav रविवार सुबह Chitrakoot पहुंचे और MP side के flood-affected areas का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को relief और rescue operations में तेजी लाने के निर्देश दिए। इससे साफ है कि Mandakini flood इस समय Uttar Pradesh और Madhya Pradesh दोनों sides पर बड़े disaster-response operation में बदल चुका है। Pilgrims के लिए विशेष सावधानी Chitrakoot एक प्रमुख pilgrimage destination होने के कारण administration की सबसे बड़ी चिंता local residents के साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं की safety भी है। NDRF-SDRF teams stranded pilgrims को affected locations से निकाल रही हैं। Administration ने लोगों से appeal की है कि: क्योंकि river level और weather conditions में तेजी से बदलाव हो सकता है। अभी Situation Control में, लेकिन High Alert जारी Chitrakoot District Magistrate के मुताबिक स्थिति फिलहाल control में है, लेकिन threat पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। NDRF, SDRF, police और district administration teams field में मौजूद हैं और river level लगातार monitor किया जा रहा है। Low-lying areas में पानी मौजूद रहने और आगे rainfall की संभावना के कारण high alert जारी रखा गया है। 30 August की Latest Situation आज 30 अगस्त 2026 की latest verified स्थिति यह है: इसलिए आज की सबसे accurate headline होगी: Chitrakoot में Mandakini River उफान पर; Ram Ghat-Nirmohi Akhada में Flood जैसे हालात, NDRF-SDRF का Rescue Operation जारी नोट: Chitrakoot Uttar Pradesh और Madhya Pradesh की सीमा पर…

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आज National Sports Day 2026 मना रहा भारत; Major Dhyan Chand की 121वीं जयंती पर देशभर में खेल और Fitness कार्यक्रम

नई दिल्ली: भारत में आज, 29 अगस्त 2026 को National Sports Day मनाया जा रहा है। यह दिन भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी Major Dhyan Chand की जयंती के सम्मान में हर साल मनाया जाता है। इस साल उनकी 121वीं birth anniversary है। National Sports Day 2026 के तहत देशभर में sports, fitness और youth participation से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस साल National Sports Day celebrations को 28 से 30 अगस्त तक तीन दिवसीय nationwide campaign के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसकी official theme “Tribute, Play, and Move” रखी गई है। आज के मुख्य कार्यक्रमों में Major Dhyan Chand को श्रद्धांजलि देने के साथ लोगों को मैदान में उतरकर खेल और physical activity में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। PM Modi ने Major Dhyan Chand को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज National Sports Day पर Major Dhyan Chand को श्रद्धांजलि दी और देश के सभी sports lovers को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि Major Dhyan Chand की भारतीय हॉकी में प्रतिभा और उनका योगदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। उन्होंने खिलाड़ियों के dedication, passion और determination की भी सराहना की और कहा कि उनकी उपलब्धियां पूरे देश को गौरवान्वित करती हैं। Mansukh Mandaviya ने National Stadium में दी श्रद्धांजलि Union Youth Affairs and Sports Minister Dr Mansukh Mandaviya ने आज सुबह New Delhi के Major Dhyan Chand National Stadium में hockey legend को floral tribute दिया। Sports Ministry के programme के मुताबिक समारोह सुबह 8:30 बजे शुरू हुआ। इसके बाद Ministers’ Team, Media Team और Sports Authority of India यानी SAI Team के बीच football, cricket, tug of war और दूसरे friendly sporting activities आयोजित किए गए। ‘Ek Ghanta Khel Ke Maidan Mein’ का संदेश इस साल के National Sports Day celebrations में fitness को खास महत्व दिया गया है। Sports Minister Mansukh Mandaviya ने आज लोगों से अपील की कि वे कम से कम हर सप्ताह एक घंटा playing field पर बिताएं और खुद को fit और healthy रखें। देशभर में ‘One Hour on the Playing Field’ यानी ‘Ek Ghanta Khel Ke Maidan Mein’ programme आयोजित किया जा रहा है। Mandaviya ने कहा कि fit youth और healthy society ही prosperous nation के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस बार Theme है ‘Tribute, Play, and Move’ Ministry of Youth Affairs and Sports के मुताबिक National Sports Day 2026 को “Tribute, Play, and Move” theme के तहत मनाया जा रहा है। तीन दिवसीय campaign का उद्देश्य: है। Celebrations 28 अगस्त से शुरू हुए हैं और 30 अगस्त तक जारी रहेंगे। कौन थे Major Dhyan Chand? Major Dhyan Chand का जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ था। अपनी extraordinary ball control और goal-scoring ability के कारण उन्हें “Hockey Wizard” और “The Magician” जैसे नाम मिले। भारतीय हॉकी को दुनिया में dominance दिलाने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है। Dhyan Chand उस दौर की Indian hockey teams का महत्वपूर्ण हिस्सा थे जिसने लगातार तीन Olympic gold medals जीते: 1936 Berlin Olympics में उन्होंने Indian team की captaincy भी की थी। क्यों 29 August को मनाया जाता है National Sports Day? 29 August को Major Dhyan Chand की birth anniversary होने के कारण इसी दिन National Sports Day मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य सिर्फ legendary hockey player को याद करना नहीं बल्कि देश में sports culture, fitness, discipline और sporting excellence को बढ़ावा देना भी है। Government information के मुताबिक National Sports Day को पहले 1995 में observe किया गया था और 2012 से इसे national level पर व्यापक रूप से celebrate किया जा रहा है। Fit India Movement से भी जुड़ा है 29 August National Sports Day का भारत के fitness movement से भी खास connection है। 29 August 2019 को Fit India Movement launch किया गया था, जिसका उद्देश्य लोगों को physical activity और fitness को daily lifestyle का हिस्सा बनाने के लिए encourage करना है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए 2026 celebrations में मैदान पर जाकर खेलने और active रहने पर ज्यादा जोर दिया गया है। Kolkata में Hockey Bengal Awards Ceremony National Sports Day के मौके पर Kolkata में Hockey Bengal Annual Awards Ceremony 2026 भी आज आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम में hockey के development में योगदान देने वाले players, coaches, umpires, journalists और organisations को सम्मानित किया जाएगा। यह event Major Dhyan Chand की 121वीं birth anniversary को भी mark कर रहा है। देशभर में हो रहे Sports Programmes National Sports Day celebrations केवल Delhi तक सीमित नहीं हैं। States, educational institutions, sports organisations और government bodies अलग-अलग sporting और fitness activities आयोजित कर रहे हैं। इस तीन दिवसीय campaign के तहत sports competitions, fitness programmes, youth engagement activities और cycling initiatives जैसे programmes शामिल किए गए हैं। Imphal में BRIC-IBSD ने 28 August को celebrations शुरू किए थे, जो 30 August को cycle rally के साथ conclude होंगे। Sports को Nation-Building से जोड़ने पर जोर National Sports Day से पहले आयोजित Khelo India Samvaad में PM Modi ने sports को केवल medals जीतने तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि sports power और youth energy को Viksit Bharat के निर्माण से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने Indian athletes की participation उन sporting disciplines में भी बढ़ाने पर जोर दिया जहां India अभी global level पर comparatively कम representation रखता है। India की long-term sporting strategy को 2036 Olympics ambitions से भी जोड़ा जा रहा है। 29 August की Latest Situation आज 29 अगस्त 2026 की latest verified स्थिति यह है: इसलिए आज की सबसे accurate headline होगी: आज National Sports Day 2026 मना रहा भारत; Major Dhyan Chand की 121वीं जयंती पर देशभर में ‘Ek Ghanta Khel Ke Maidan Mein’ अभियान नोट: National Sports Day हर साल 29 August को Major Dhyan Chand की birth anniversary पर मनाया जाता है। हालांकि मुख्य National Sports Day आज है, 2026 का nationwide celebration 28 से 30 August तक तीन दिनों के campaign के रूप में आयोजित किया जा रहा है। स्रोत – Ministry of Youth Affairs and Sports, Press Information Bureau (PIB), PMO, Akashvani…

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Delhi में CNG आज सुबह 6 बजे से ₹3.89/kg महंगी; नई कीमत ₹86.98 प्रति किलो, Auto-Taxi किराया बढ़ाने की मांग

नई दिल्ली: Delhi-NCR में वाहन चालकों को आज, 29 अगस्त 2026 से बड़ा झटका लगा है। Indraprastha Gas Limited (IGL) ने Compressed Natural Gas यानी CNG की कीमत ₹3.89 प्रति किलोग्राम बढ़ा दी है। नई दरें आज सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद Delhi में CNG की कीमत ₹83.09 से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलोग्राम हो गई है। IGL ने कीमत बढ़ाने के पीछे international market में Liquefied Natural Gas (LNG) की बढ़ती लागत, West Asia crisis और imported gas की ऊंची कीमतों को प्रमुख कारण बताया है। इस साल Delhi-NCR में CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। आज सुबह 6 बजे से लागू हुई नई कीमत IGL ने शुक्रवार देर शाम CNG prices revise करने की घोषणा की थी और नई दरें शनिवार, 29 अगस्त को सुबह 6 बजे से लागू हो गईं। Delhi में पहले CNG: ₹83.09 प्रति kg में मिल रही थी। ₹3.89 की बढ़ोतरी के बाद अब नई कीमत: ₹86.98 प्रति kg हो गई है। इसका सीधा असर private CNG car owners के साथ auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicle operators पर पड़ेगा। Delhi-NCR के दूसरे शहरों में भी बढ़े Rates CNG price revision केवल Delhi तक सीमित नहीं है। IGL ने अपने कई geographical areas में prices revise किए हैं। The Economic Times के मुताबिक नई कीमतें कुछ प्रमुख क्षेत्रों में इस प्रकार हैं: अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में VAT तथा दूसरे local factors की वजह से retail CNG prices अलग हो सकती हैं। इसलिए वाहन चालकों को अपने शहर या local CNG station की current selling price verify करने की सलाह दी जाती है। West Asia Crisis को बताया बड़ी वजह IGL के मुताबिक CNG price hike के पीछे सबसे महत्वपूर्ण factor international LNG prices में तेज बढ़ोतरी है। Company ने कहा कि July से West Asia crisis दोबारा escalate होने के बाद international gas market पर दबाव बढ़ा है। Imported LNG की लागत significantly बढ़ी है और CNG segment की gas requirement का एक बड़ा हिस्सा imported gas से पूरा करना पड़ रहा है। IGL ने कहा कि higher input cost को partially offset करने के लिए ₹3.89 प्रति kg का calibrated price revision जरूरी हो गया था। International LNG Prices लगभग दोगुने IGL द्वारा साझा किए गए figures के मुताबिक global LNG market में पिछले कुछ महीनों में sharp increase देखने को मिला है। India Today के मुताबिक European TTF gas price late February के करीब $11.36 per MMBtu से बढ़कर 27 August तक लगभग $23.35 per MMBtu पहुंच गया। इसी दौरान Asian JKM LNG price करीब $10.99 से बढ़कर $23.41 per MMBtu हुआ। इस हिसाब से international benchmark gas prices में करीब दोगुनी वृद्धि हुई है। Strait of Hormuz की स्थिति से बढ़ा Pressure West Asia में geopolitical tensions के साथ Strait of Hormuz में cargo movements को लेकर uncertainty ने भी global energy prices पर दबाव बढ़ाया है। यह maritime route दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण oil और gas transportation corridors में से एक है। IGL ने कहा कि international LNG supply और cargo movements से जुड़ी uncertainty imported gas की कीमतों को प्रभावित कर रही है। European countries में winter season से पहले gas storage demand बढ़ने से भी LNG market पर additional pressure पड़ रहा है। इस साल पांचवीं बार महंगी हुई CNG Delhi-NCR consumers के लिए यह 2026 में पहली CNG price hike नहीं है। The Economic Times के मुताबिक इस साल यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले May में IGL ने करीब 10 दिनों के अंदर चार phases में CNG prices कुल ₹6 प्रति kg बढ़ाई थीं। Latest ₹3.89 hike जोड़ने के बाद fuel cost में इस साल significant increase हो चुका है। IGL का कहना है कि उसने international LNG prices की पूरी वृद्धि consumers पर pass नहीं की है और CNG अभी भी alternative transport fuels के मुकाबले competitive बनी हुई है। Auto और Taxi Operators पर बढ़ा खर्च CNG prices बढ़ने का सबसे सीधा असर Delhi के commercial transport sector पर देखने को मिल सकता है। Delhi में बड़ी संख्या में: CNG पर चलते हैं। ₹3.89/kg की बढ़ोतरी से इनके daily operating cost में सीधे वृद्धि होगी। इसी के बाद transport organisations ने fares revise करने की मांग शुरू कर दी है। Auto-Taxi संगठनों ने Fare Hike की मांग की CNG की नई कीमत लागू होते ही Delhi के auto और taxi organisations ने सरकार से किराया बढ़ाने की मांग की है। Moneycontrol और The New Indian Express के मुताबिक city-based transport bodies ने कहा है कि fuel cost लगातार बढ़ रही है और existing fare structure में vehicles चलाना मुश्किल होता जा रहा है। कुछ organisations ने सरकार से जल्द बातचीत और fare revision की मांग की है। 9 September को Strike की चेतावनी CNG price hike को लेकर कुछ Delhi auto-taxi associations ने बड़ा कदम उठाने की चेतावनी भी दी है। Reports के मुताबिक transport bodies ने कहा है कि अगर उनकी fare revision की मांग पर action नहीं लिया गया तो वे 9 September को strike पर जा सकते हैं। हालांकि फिलहाल strike केवल warning है। इसलिए “9 सितंबर को Delhi में auto-taxi strike तय” कहना अभी सही नहीं होगा। आगे government और transport associations के बीच बातचीत के बाद स्थिति बदल सकती है। आम यात्रियों पर भी पड़ सकता है असर अगर auto और taxi fares revise होते हैं तो CNG price hike का indirect असर commuters की जेब पर भी पड़ सकता है। Commercial vehicle operators पहले से बढ़ी fuel cost का हवाला देकर किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। Goods carriers की transportation cost बढ़ने पर logistics और कुछ commodities की delivery costs पर भी indirect impact पड़ने की संभावना रहती है। हालांकि अभी Delhi government ने किसी नए auto या taxi fare की official announcement नहीं की है। IGL ने कहा—CNG अभी भी Economical Price hike के बावजूद Indraprastha Gas Limited का कहना है कि Delhi में CNG अभी भी consumers के लिए comparatively economical mobility fuel बनी हुई है। IGL ने कहा कि company sourcing cost optimize करने की कोशिश जारी रखेगी और consumers को reliable CNG…

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Poonch में LoC के पास suspected Pakistani drone दिखा; आज सुबह Security Forces ने शुरू किया Search Operation

पुंछ/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के Poonch district में Line of Control (LoC) के पास एक suspected Pakistani drone दिखाई देने के बाद security forces ने आज, 29 अगस्त 2026 की सुबह बड़े पैमाने पर search operation शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक drone शुक्रवार देर शाम Mendhar sector के Balakote इलाके में दिखाई दिया था और कुछ समय border के पास उड़ने के बाद वापस Pakistan की ओर चला गया। Army troops ने drone activity के तुरंत बाद LoC के forward areas में surveillance बढ़ा दी। शनिवार सुबह पहली रोशनी के साथ आसपास के इलाकों में तलाशी शुरू की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि drone ने हथियार, ammunition, narcotics या कोई दूसरी suspicious material तो नहीं गिराई। फिलहाल ऐसी किसी सामग्री की recovery की पुष्टि नहीं हुई है। शुक्रवार रात Behrooti Village के पास दिखा Drone अधिकारियों के मुताबिक suspected drone को शुक्रवार रात करीब 8:05 बजे Poonch के Mendhar sector में Balakote area के Behrooti village के आसपास देखा गया। Drone इसके बाद border के पास Mangalnar-Dabrote axis की तरफ बढ़ता दिखाई दिया। कुछ समय बाद UAV वापस Pakistan की तरफ चला गया। इसी के बाद Army ने पूरे forward sector में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी। आज सुबह First Light पर शुरू हुई तलाशी रात में surveillance बढ़ाने के बाद security forces ने आज सुबह first light पर ground search operation शुरू किया। इस दौरान soldiers उन संभावित locations की जांच कर रहे हैं जहां drone से कोई package या दूसरी suspicious object गिराए जाने की आशंका हो सकती है। Search operation अभी भी जारी बताया गया है और LoC के आसपास सुरक्षा बल heightened alert पर हैं। Weapons या Narcotics Drop की हो रही जांच Border areas में drones का इस्तेमाल पहले हथियार, ammunition और narcotics की smuggling के मामलों में सामने आता रहा है। इसी वजह से इस घटना के बाद Army और दूसरी security agencies यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि UAV ने भारतीय सीमा के अंदर कोई suspicious consignment drop तो नहीं किया। हालांकि 29 अगस्त दोपहर तक किसी हथियार, narcotics या दूसरे suspicious material की recovery की official confirmation सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि drone ने हथियार गिराए थे। Drone को ‘Pakistani’ क्यों कहा जा रहा है? Officials ने इसे “suspected to be from Pakistan” बताया है। Drone को LoC के पास Indian side के forward areas में देखा गया और बाद में इसे Pakistan की दिशा में लौटते देखा गया। इसी आधार पर शुरुआती reports में इसे suspected Pakistani drone कहा जा रहा है। लेकिन अभी UAV को physically recover नहीं किया गया है। इसलिए इसकी exact origin, model या operator की independent technical confirmation उपलब्ध नहीं है। Accurate wording इसलिए “suspected Pakistani drone” ही है। LoC पर बढ़ाई गई Surveillance Drone sighting के तुरंत बाद forward posts पर तैनात Army personnel ने monitoring बढ़ा दी। Security forces पूरे sector में यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि किसी और drone movement या cross-border suspicious activity को जल्दी detect किया जा सके। यह इलाका LoC के बेहद करीब होने के कारण पहले से ही high-security zone माना जाता है। Rajouri में भी अलग Search Operation Poonch drone incident के साथ ही Jammu region के दूसरे हिस्सों में भी security forces अलग-अलग search operations चला रही हैं। Rajouri district के Gaibas, Mithiyani, Mogla और Narla इलाकों में villagers ने दो suspected armed persons की movement की सूचना दी थी। इसके बाद वहां भी security forces ने search operation शुरू किया। Officials के मुताबिक अभी तक suspected persons के साथ कोई contact establish नहीं हुआ है। महत्वपूर्ण बात यह है कि Rajouri का यह operation Poonch drone incident से directly linked होने की पुष्टि नहीं हुई है। Udhampur-Kathua Forest Belt में भी तलाशी Police, Army और paramilitary forces ने Udhampur-Kathua forest belt में भी suspicious movement की inputs के बाद joint search operation चलाया है। Search areas में Khuban, Nagain, Khtrail, Godu Falal, Padetar, Chor Mottu, Kia, Kheba, Bhed, Marta और Joffar समेत आसपास के forest areas शामिल बताए गए हैं। यह operation शुक्रवार शाम से जारी है। लेकिन उपलब्ध information के मुताबिक इसे Poonch में देखे गए drone से जोड़ने वाला कोई confirmed evidence अभी सामने नहीं आया है। इस साल पहले भी Poonch में दिख चुके हैं Drones Poonch के LoC sector में इससे पहले भी cross-border drone sightings की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। Hindustan Times की report के मुताबिक 1 मार्च 2026 को Digwar area में एक drone ने briefly LoC cross किया था, जिसके बाद Army personnel ने उसे गिराने के लिए firing की थी। Drone वापस Pakistan-occupied Kashmir की दिशा में चला गया था और बाद में इलाके में यह पता लगाने के लिए search किया गया था कि उसने कोई weapon या narcotics package तो नहीं गिराया। इससे दो दिन पहले 27 फरवरी को भी उसी broader area में एक drone sighting report हुई थी। Border Security के लिए Drone Activity बड़ी चुनौती LoC और International Border के आसपास छोटे drones security agencies के लिए मुश्किल पैदा करते हैं क्योंकि इन्हें surveillance, reconnaissance या छोटी consignments पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी वजह से हर suspicious drone sighting के बाद forces संभावित flight path और ground area की तलाशी करती हैं। Poonch की आज की कार्रवाई भी इसी security protocol का हिस्सा है। हालांकि इस particular incident में drone का वास्तविक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। 29 August की Latest Situation आज 29 अगस्त 2026 की latest verified स्थिति यह है: इसलिए आज की सबसे accurate headline होगी: Poonch में LoC के पास suspected Pakistani drone दिखा; आज सुबह Security Forces ने शुरू किया Search Operation नोट: Drone शुक्रवार रात दिखाई दिया था, लेकिन search operation आज 29 अगस्त की सुबह शुरू हुआ, इसलिए search operation आज की fresh development है। फिलहाल drone से weapons या narcotics drop होने की पुष्टि नहीं हुई है और इसे officially “suspected to be from Pakistan” बताया गया है। स्रोत – Press Trust of India (PTI), Hindustan Times, The Tribune, The Economic Times जय…

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रक्षाबंधन पर पेड़ों को राखी बांधकर जंगल बचाने का संकल्प; लोहरदगा में वनकर्मियों और ग्रामीणों की अनोखी पहल

लोहरदगा: रक्षाबंधन के पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए झारखंड के लोहरदगा जिले में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी आजीवन रक्षा का संकल्प लिया। लोहरदगा वन प्रमंडल की ओर से कुड़ू-लोहरदगा मुख्य मार्ग पर स्थित कड़ाक जंगल में ‘वृक्ष रक्षा बंधन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने पेड़ों को परिवार के सदस्य की तरह सुरक्षित रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वनकर्मियों और ग्रामीणों ने हाथों में रक्षा सूत्र लेकर जंगल के पेड़ों को राखियां बांधीं। आयोजन का उद्देश्य सिर्फ रक्षाबंधन की परंपरा निभाना नहीं, बल्कि लोगों में जंगल और पेड़ों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना और वन संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाना था। कड़ाक जंगल में हुआ ‘वृक्ष रक्षा बंधन’ लोहरदगा वन प्रमंडल ने रक्षाबंधन के अवसर पर कुड़ू-लोहरदगा मुख्य पथ स्थित कड़ाक जंगल में यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। जंगल में लगाए गए बैनर पर ‘वृक्ष रक्षा बंधन’ लिखा था। ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों ने पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का वचन लिया। कार्यक्रम के जरिए संदेश दिया गया कि जिस तरह रक्षाबंधन भाई-बहन के बीच सुरक्षा और जिम्मेदारी के रिश्ते का प्रतीक है, उसी तरह इंसानों को प्रकृति और पेड़ों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। साल के पेड़ को राखी बांधकर हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत उपप्रमुख ऐनुल अंसारी ने साल के एक पेड़ को रक्षा सूत्र बांधकर की। उन्होंने कहा कि पेड़ को राखी बांधना केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प है। उन्होंने पेड़ों से मिलने वाली ऑक्सीजन और छाया का जिक्र करते हुए लोगों से उनकी रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। ‘झारखंड की पहचान उसके जंगलों से’ कार्यक्रम के दौरान जंगलों के महत्व पर भी जोर दिया गया। ऐनुल अंसारी ने कहा कि झारखंड की पहचान उसके जंगलों और लोहरदगा की पहचान उसकी हरियाली से है। इसलिए जंगल की रक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं हो सकती, बल्कि स्थानीय लोगों को भी सक्रिय रूप से इसके संरक्षण में हिस्सा लेना होगा। यह संदेश ऐसे समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब जंगलों पर अवैध कटाई, बढ़ती मानवीय गतिविधियों और पर्यावरणीय दबाव को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है। पेड़ों से भावनात्मक रिश्ता जोड़ना है उद्देश्य प्रभारी वनपाल पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ‘वृक्ष रक्षा बंधन’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को जंगल और पेड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बहन अपने भाई को राखी बांधकर सुरक्षा के रिश्ते को मजबूत करती है, उसी भावना के साथ पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया गया। उन्होंने ग्रामीणों से वन विभाग के साथ मिलकर जंगलों की सुरक्षा करने और प्रत्येक पेड़ को परिवार के सदस्य की तरह देखने की अपील की। वन विभाग के साथ ग्रामीणों की भागीदारी इस अभियान की खास बात यह रही कि इसमें केवल Forest Department के कर्मचारी नहीं बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी शामिल हुए। कार्यक्रम में संदीप कुमार राम, राजी अंसारी, मनौव्वर अंसारी, प्रयाग महली, गौतम राम, देवेंद्र लोहरा, राजेश उरांव, इरशाद अंसारी, सिकंदर उरांव और बबलू खान सहित वनकर्मी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। Forest Department ने ग्रामीणों से कहा कि जंगलों को बचाने के लिए community participation बेहद जरूरी है। रक्षाबंधन को मिला पर्यावरण संरक्षण का संदेश रक्षाबंधन का त्योहार परंपरागत रूप से भाई-बहन के रिश्ते और एक-दूसरे की रक्षा के वचन से जुड़ा है। लोहरदगा में आयोजित इस कार्यक्रम में इसी भावना को प्रकृति से जोड़ते हुए पेड़ों की सुरक्षा का संकल्प लिया गया। आयोजकों का संदेश था कि पेड़ और जंगल मानव जीवन के लिए जरूरी प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। केवल पेड़ लगाना नहीं, उनकी रक्षा भी जरूरी पर्यावरण संरक्षण अभियानों में अक्सर पौधरोपण पर जोर दिया जाता है, लेकिन ‘वृक्ष रक्षा बंधन’ कार्यक्रम के जरिए पहले से मौजूद पेड़ों और जंगलों की सुरक्षा पर ध्यान खींचा गया। कार्यक्रम में लोगों से Forest Department के साथ मिलकर जंगलों की रक्षा करने और पेड़ों को अपने परिवार का हिस्सा मानने की अपील की गई। यह पहल इस संदेश को मजबूत करती है कि पौधा लगाने के साथ उसे बड़ा होने तक सुरक्षित रखना और मौजूदा जंगलों को बचाना भी उतना ही जरूरी है। Jharkhand के कई इलाकों में दिखी ऐसी पहल इस रक्षाबंधन पर झारखंड के कई दूसरे इलाकों से भी पेड़ों को राखी बांधकर वन संरक्षण का संकल्प लेने की खबरें सामने आईं। चाईबासा के बुन्डू गांव में ग्रामीणों ने Forest Department के साथ मिलकर पेड़ों को राखी बांधी और जंगल की सुरक्षा का वचन लिया। वहीं अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के वृक्ष रक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण और community participation से जोड़ने का संदेश राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिला। 29 August की Latest Situation आज 29 अगस्त 2026 तक इस पहल से जुड़ी verified जानकारी यह है: इसलिए इस खबर की सबसे accurate headline होगी: रक्षाबंधन पर पेड़ों को राखी बांधकर जंगल बचाने का संकल्प; लोहरदगा में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने मनाया ‘वृक्ष रक्षा बंधन’ नोट: यह कार्यक्रम झारखंड के लोहरदगा जिले में स्थित कड़ाक जंगल में आयोजित किया गया था। पेड़ों को राखी बांधने का उद्देश्य उन्हें प्रतीकात्मक रूप से भाई मानने के साथ स्थानीय लोगों को वन और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना था। स्रोत – प्रभात खबर, हिन्दुस्तान जय राष्ट्र न्यूज़

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