WhatsApp Introduces AI Summarize Feature for Chats

WhatsApp Launches AI Summarize Feature for Chats: वाट्सऐप ने पेश किया नया AI फीचर, अब कोई मैसेज नहीं होगा अनरीड

जीवन की आपाधापी में अक्सर हम कई वाट्सऐप मैसेज को अनदेखा कर देते हैं या फिर उन्हें पढ़ ही नहीं पाते। लेकिन अब आप एक भी मैसेज को अनदेखा नहीं कर सकेंगे। क्योंकि वाट्सऐप में एक ऐसा फीचर आ गया है, जो यूजर्स को अपने सभी बिना पढ़े मैसेज को मिस नहीं करने देगा। दरअसल, यूजर्स इसके जरिए अपने सभी मैसेज को एक ही जगह देख (WhatsApp Launches AI Summarize Feature for Chats) पाएंगे। वाट्सऐप ने एक नया एआई फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर का नाम है एआई समराइज। यह फीचर सभी अनरीड मैसेज को शार्ट में ब्रीफ कर देगा। इससे यूजर्स बिना हर मैसेज खोले जरूरी जानकारी जान सकेंगे, वो भी पूरी प्राइवेसी के साथ। इस नए फीचर की एक और खास बात ये है कि ये न सिर्फ मैसेज का सारांश देगा, बल्कि आपको यह भी सुझाव देगा कि कौन से मैसेज जरूरी हैं और किसे पढ़ने की तुरंत जरूरत नहीं। कहने की जरूरत नहीं वाट्सऐप का यह नया एआई समराइज फीचर उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा  जो रोजाना सैकड़ों मैसेज से परेशान रहते हैं या समय की कमी के चलते सब कुछ पढ़ नहीं पाते।  यह ग्रुप चैट्स और पर्सनल दोनों तरह के मैसेज के लिए काम (WhatsApp Launches AI Summarize Feature for Chats) करेगा वाट्सऐप का यह नया एआई फीचर ग्रुप चैट्स और पर्सनल दोनों तरह के मैसेज के लिए काम (WhatsApp Launches AI Summarize Feature for Chats) करेगा। बेशक यदि आप आप भी उन लोगों में से हैं, जो कई बार जरूरी मैसेज पढ़ना भूल जाते हैं या ढेर सारे मैसेज देखकर बोर हो जाते हैं तो यह आपके लिए किसी खुशखबर से कम नहीं है। फिलहाल यह फीचर अमेरिका में कुछ यूजर्स के लिए उपलब्ध है और अभी सिर्फ अंग्रेजी भाषा को सपोर्ट करता है। लेकिन कंपनी की योजना के मुताबिक आने वाले समय में इसे दूसरी भाषाओं में भी लाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस टेक्नोलॉजी का लाभ उठा सकें। कुल-मिलाकर वाट्सऐप के लिए इस फीचर को एआई समराइज के नाम से जोड़ा गया है। यह फीचर मेटा एआई पर बेस्ड है। यह यूजर्स को उन सभी अनरीड मैसेज का ओवरव्यू देगा, जो उन्होंने मिस कर दिए हैं या फिर उन्हें ओपन नहीं करना चाहते हैं। मेटा ने अपने ब्लॉग के जरिए बताया कि “इस फीचर के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसका नाम प्राइवेट प्रोसेसिंग है। यह फीचर यूजर्स के मैसेज को प्राइवेट और सिक्योर रखेगा, ताकि कोई और मैसेज को एक्सेस न कर सके। इसे भी पढ़ें:-  इस ऐप पर आपकी प्राइवेसी की कीमत सिर्फ 99 रूपये है, मोबाइल नंबर से डिटेल्स हो रही हैं लीक यह एआई फीचर ग्रुप और पर्सनल दोनों तरह के मैसेज पर काम (WhatsApp Launches AI Summarize Feature for Chats) करेगा वाट्सऐप के ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक,”यह एआई फीचर ग्रुप और पर्सनल दोनों तरह के मैसेज पर काम (WhatsApp Launches AI Summarize Feature for Chats) करेगा। इसमें यूजर्स को जितने भी अनरीड मैसेज मिलेंगे, उनको यह समराइज करके दिखाएगा, ताकि कोई भी जरूरी अपडेट मिस न हो सके।” गौर करने अच्छी बात यह कि वाट्सऐप ने अपने ब्लॉग पोस्ट में  इस बात पर जोर दिया है कि “मेटा एआई यूजर के निजी मैसेज को प्राइवेट ही रखेगा। यह कंडेंस्ड विंडो केवल यूजर को ही नजर आएगी।” इसकी सुरक्षा को लेकर ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि “यूजर के निजी मैसेज को प्राइवेट प्रोसेसिंग के जरिए प्रोटेक्ट किया जाएगा।” इस बीच कंपनी ने दावा किया है कि “एआई इन मैसेज को बिना पढ़े रिप्लाई करने का भी सजेशन देगा। इस फीचर को फिलहाल कंपनी ने अमेरिकी यूजर्स के लिए रोल आउट किया है। यह सिर्फ अंग्रेजी भाषा में आए मैसेज को समराइज कर पाएगा।” बता दें कि कंपनी ने यह भी दावा किया है कि यह प्राइवेट प्रोसेसिंग एक तरह का कम्प्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसे ट्रस्टेड एग्जीक्यूशन एन्वॉयरोमेंट (टीईई) के तर्ज पर डेवलप किया गया है। वाट्सऐप ने दावा किया है कि यह पूरी तरह से सेफ है। इस फीचर को एक्सेस करने के लिए यूजर को अपने वाट्सऐप के चैट सेक्शन में जाना होगा। यहां अनरीड मैसेज वाले टैब में जितने भी मैसेज होंगे उनको बुलेट्स या फिर लिस्ट व्यू में दिखाएगा, ताकि यूजर को अपने सभी मैसेज को खोलने करने की जरूरत न पड़े और उनका कोई जरूरी मैसेज मिस भी न हो। है न कमाल का फीचर।  Latest News in Hindi Today Hindi WhatsApp Launches AI Summarize Feature for Chats #whatsapp #aifeature #chatsummarize #whatsappupdate #whatsappnews #technologynews #aitech

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Pakistan suicide bombing, 13 soldiers killed

13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack: पाकिस्तान में हुए आत्मघाती हमले में सेना के 13 जवानों की मौत, 10 घायल

आतंकियों को पनाह देने वाला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अब खुद ही आतंवाद का शिकार होने लगा है। वहाँ आये दिन बम धमाके में लोगों की जान जाती रहती है। ताजा मामला है पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी हिस्से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले का जहाँ एक आत्मघाती हमले में 13 सैनिकों की मौत हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गई। जानकारी के मुताबिक आत्मघाती हमलावर विस्फोटक से भरे वाहन में सवार था। और उसने सेना के काफिले को सीधी टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद हुए धमाके में पाकिस्तानी सेना के 13 जवानों की मौत हो गई। इस हमले में 10 गंभीर रुप से घायल हुए हैं और 19 आम नागरिक भी चोटिल हुए हैं।  धमाके में 13 सैनिक मारे गए, 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गए इस पूरे मामले पर स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि एक “आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन को सैन्य काफिले में घुसा दिया। इसके बाद हुए धमाके में 13 सैनिक मारे गए, 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) गए। इस हमले में आस-पास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है।” पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “विस्फोट के कारण दो घरों की छतें भी गिर गईं, जिससे छह बच्चे घायल हो गए।” अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पीटीआई की माने तो घटना के समय सैन्य आवाजाही के कारण इलाके में कर्फ्यू लगाया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोट के बाद राहत अभियान शुरू किया है। गौरतलब हो कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पाकिस्तान के सबसे तनावपूर्ण इलाकों में से एक है। यहां अक्सर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के हमले होते रहे हैं। यही नहीं, पाकिस्तान में पिछले कुछ समय में आतंकी हमलों में बढ़ोतरी हुई है।  यह हमला अफगानिस्तान सीमा के पास (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) हुआ यहाँ गौर करने वाली बात यह कि पिछले एक साल में पाकिस्तानी सेना पर कई आतंकी हमले हुए हैं। दिसंबर 2024 में एक हमले में 16 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे और 8 घायल हुए थे। यह हमला अफगानिस्तान सीमा के पास (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) हुआ। इस हमले की जिम्मेदारी टीटीपी ने ली। फिर जनवरी में बलूच लिबरेशन आर्मी ने केच में 35 हमले किए।  इन हमलों में 94 सैनिकों की मौत का दावा किया गया। इसके बाद जून में ग्वादर के सयाबद में बलोच आर्मी ने हमला किया था, जिसमें 16 सैनिकों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी हमले बड़ी तेजी से बढ़े हैं। कहने की जरूरत नहीं, ऐसे में एक और बड़ा हमला पाकिस्तान की चिंता बढ़ाने वाला है। बेशक यह दिखाती है कि पिछले एक वर्ष में पाकिस्तानी सेना को कई आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने कनाडा से तोड़े व्यापारिक रिश्ते, डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की जड़ पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) था जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च में पाकिस्तानी सेना ने बड़ा दावा करते हुए कहा था कि उसने टीटीपी से संबंध रखने वाले 10 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया (13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack) है। दरअसल दक्षिणी वजीरिस्तान स्थित जंडोला चेकपोस्ट के पास फ्रंटियर कोर के शिविर पर एक आत्मघाती हमला हुआ था। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों को मार गिराया था। एएफपी के मुताबिक साल की शुरुआत से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान दोनों में सरकार से लड़ने वाले सशस्त्र समूहों द्वारा अब तक लगभग 290 लोग, जिनमें ज्यादातर सुरक्षा अधिकारी हैं, मारे गए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news 13 Soldiers Killed in Pakistan Suicide Bombing Attack #pakistan #suicidebombing #soldierskilled #terrorattack #breakingnews #pakistanarmy #worldnews

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Illegal arms factory

Illegal Arms Factory Busted in Lucknow: लखनऊ से धरे गए कालीन भैया, 72 वर्षीय हकीम के यहाँ से पुलिस ने बरामद असलहों की फैक्ट्री

मिर्जापुर के कालीन भइया का किरदार तो काल्पनिक था लेकिन छापामारी में पुलिस ने असली कालीन भइया को धर लिया है। दरअसल, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मिर्जागंज में पुलिस ने हकीम के घर छापे मारी कर भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सलाउद्दीन के घर में अवैध हथियारों का भंडारण हो (Illegal Arms Factory Busted in Lucknow) रहा है। मिर्जागंज निवासी सलाउद्दीन के घर पर कई थानों की पुलिस फोर्स ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।   पुलिस को 312 और 315 बोर की सैकड़ों बंदूकें, डीबीबीएल रायफल, पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद (Illegal Arms Factory Busted in Lucknow) हुए जानकारी के मुताबिक हकीम के घर सैंकड़ों अवैध असलाह और कारतूस बरामद किया है। छापे के दौरान पुलिस को 312 और 315 बोर की सैकड़ों बंदूकें, डीबीबीएल रायफल, पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद (Illegal Arms Factory Busted in Lucknow) हुए। यही नहीं, उसके घर से हथियार बनाने के उपकरण भी मिले हैंकहने की जरूरत नहीं, इतनी भारी मात्रा में हथियार देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। असलहे और कारतू इतने थे कि पुलिस को 20 बोरों में भरकर ले जाना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने 72 वर्षीय हकीम सलाउद्दीन उर्फ लाला को हिरासत में लिया है।  इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मच गई है। हैरानी की बात यह कि जिस जगह से यह हथियार बनाने वाली फैक्ट्री बरामद हुई है, वह जगह मलिहाबाद थाने से मुश्किल से 100 मीटर की दूरी पर है। फिलहाल हकीम के घर और उसके आसपास तथा गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देख एटीएस भी अब एक्टिव हो गई है।  अवैध रूप से असलहे बनाकर उनकी सप्लाई की जा रही (Illegal Arms Factory Busted in Lucknow) थी छापेमारी के दौरान पुलिस को सलाउद्दीन के घर से हथियार ही नहीं बल्कि हथियार बनाने के उपकरण भी मिले। इससे पुलिस का शक गहरा गया कि हकीम का घर न सिर्फ हथियारों के भंडारण का अड्डा था, बल्कि यहां से अवैध रूप से असलहे बनाकर उनकी सप्लाई भी की जा रही (Illegal Arms Factory Busted in Lucknow) थी। पुलिस ने सलाउद्दीन, उनकी पत्नी, बेटी और एक अन्य युवक से पूछताछ की। लेकन शुरुआती जांच में सिर्फ सलाउद्दीन को ही हिरासत में लिया गया है। बात करें 72 वर्षीय सलाउद्दीन उर्फ लाला की तो उनका परिवार मिर्जागंज में बेहद साधारण जीवन जीता था। परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं। एक बेटी नॉर्वे में रहती है, तो दूसरी लखनऊ के इंटीग्रल विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सलाउद्दीन पहले मिर्जागंज में डाकघर के पास दवाखाना चलाता था। लेकिन उसके इस काले बाजार ने सभी को चौंका दिया।  इसे भी पढ़ें:- मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत  अवैध हथियारों का नेटवर्क काफी बड़ा हो (Illegal Arms Factory Busted in Lucknow) सकता है इस पूरे मामले पर एडीसीपी जितेंद्र दुबे ने बताया कि “सलाउद्दीन के घर से बरामद असलहे, कारतूस और उपकरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार कहां से आए और इन्हें कहां सप्लाई किया जा रहा था? फ़िलहाल सलाउद्दीन से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। आशंका ये भी है कि यह अवैध हथियारों का नेटवर्क काफी बड़ा हो (Illegal Arms Factory Busted in Lucknow) सकता है।” बेशक इलाके में इतने बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों की बरामदगी ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। लोग ये सोचकर हैरान हैं कि एक हकीम, जो इलाज के लिए जाना जाता था। कैसे इस खतरनाक कारोबार में शामिल हो गया? फ़िलहाल पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आगे चलकर पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ होगा सकेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi  Illegal Arms Factory Busted in Lucknow #lucknowcrime #illegalarms #kaleenbhaiya #weaponfactory #uppews #lucknownews #hakeemarrest

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US Cuts Trade Ties with Canada Over Digital Tax

अमेरिका ने कनाडा से तोड़े व्यापारिक रिश्ते, डिजिटल सर्विस टैक्स बना विवाद की जड़

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए कनाडा के साथ सभी व्यापारिक संबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए हैं। ट्रंप प्रशासन ने कनाडा को व्यापार के लिए कठिन देश करार देते हुए यह फैसला लिया है। इस निर्णय के पीछे कनाडा की ओर से लगाए गए डिजिटल सर्विस टैक्स (Digital Service Tax) और अत्यधिक टैरिफ को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ट्रंप ने सोहल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर पोस्ट कर लिखा है कि जब कनाडा अमेरिकी डेयरी उत्पादों पर 400 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है और अब डिजिटल सेवाओं पर कर थोप रहा है, तो अमेरिका ऐसे देश के साथ व्यापारिक रिश्ता क्यों बनाए रखे? इस फैसले से अमेरिका-कनाडा (America-Canada) के लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंधों को तगड़ा झटका लगा है। कनाडा पर संभावित असर कनाडा की अर्थव्यवस्था (Canada’s Economy) में अमेरिका की हिस्सेदारी अत्यधिक है। साल 2024 में कनाडा ने कुल निर्यात का लगभग 75% और आयात का 50% हिस्सा अमेरिका के साथ किया था। अमेरिका-कनाडा (America-Canada) का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। ऐसे में अमेरिका के साथ व्यापार का टूटना कनाडा के लिए बहुआयामी संकट खड़ा कर सकता है। समस्या खासकर ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र इस निर्णय से सीधे प्रभावित होंगे। कनाडा की GDP में 10 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। यह गिरावट बेरोजगारी और आर्थिक अस्थिरता को जन्म दे सकती है। ओंटारियो, क्यूबेक जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में लाखों नौकरियों पर संकट मंडरा सकता है। तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं पर संकट अमेरिका द्वारा रोजाना लगभग 4 मिलियन बैरल तेल कनाडा से आयात किया जाता था। इस आयात के रुकते ही कनाडा की ऑयल और एनर्जी कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका से इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और उपभोक्ता वस्तुओं का निर्यात भी बंद हो जाएगा, जिससे कनाडा में उत्पादन लागत और महंगाई में इजाफा होगा। कनाडा को विकल्प के रूप में चीन, भारत या यूरोप जैसे देशों के साथ नए व्यापार समझौते करने होंगे, जो न केवल समय लेगा बल्कि जियोपॉलिटिकल के अनुसार भी चुनौतीपूर्ण भी होगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ा झटका कनाडा का ऑटो सेक्टर (Canada’s Auto Sector) भी इस फैसले से खासा प्रभावित होगा। अमेरिका से व्यापार रुकने के कारण फोर्ड, जनरल मोटर्स (GM), स्टेलेंटिस जैसी बड़ी कंपनियों के संचालन पर असर पड़ेगा। संभावनाएं हैं कि इन कंपनियों को या तो उत्पादन कम करना पड़े या फिर ऑफिस बंद करने पड़ें। इससे न केवल रोजगार पर असर पड़ेगा, बल्कि तकनीकी निवेश पर भी ब्रेक लग जाएगा। कमजोर होता कनाडाई डॉलर और निवेश में गिरावट इस निर्णय के चलते कनाडाई डॉलर पर दबाव बढ़ेगा और उसकी वैल्यू में गिरावट हो सकती है। इसका सीधा असर आयातित वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे आम जनता को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका से निवेश बंद होने के कारण कनाडा के इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स भी रुक सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-  ‘जरूरत पड़ने पर बिना सवाल ईरान पर फिर से बरसाएंगे बम’, सीनेट में समर्थन मिलने के बाद बोले ट्रंप रणनीतिक साझेदारियों पर भी खतरा अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के बीच हुआ USMCA (पूर्व NAFTA) समझौता भी इस निर्णय से टूट सकता है। इससे न केवल व्यापारिक बल्कि सामरिक सहयोग पर भी असर पड़ेगा। NORAD और NATO जैसे रक्षा संगठनों में साझेदारी कमजोर हो सकती है, जिससे उत्तर अमेरिका की क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का यह फैसला केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी बड़े प्रभाव वाला है। कनाडा के लिए अमेरिका के बिना व्यापार चलाना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य होगा। जहां एक ओर अमेरिका कनाडा पर कर नीति को लेकर सख्ती बरत रहा है, वहीं कनाडा को अपने व्यापारिक रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करना होगा। निकट भविष्य में दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव और गहराने की संभावना है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखा जा सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Truth Social #uscanadadispute #digitalservicestax #ustraderelations #canadataxrow #tradeconflict

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Trump Warns of Bombing Iran Again if Needed

‘जरूरत पड़ने पर बिना सवाल ईरान पर फिर से बरसाएंगे बम’, सीनेट में समर्थन मिलने के बाद बोले ट्रंप

इजरायल और ईरान युद्ध (Israel–Iran War) के दौरान अमेरिका ने भी ईरान पर बम गिराए थे। अमेरिका ने यह बम ईरान के तीन प्रमुख न्यूक्लियर साइट पर गिराए थे और दावा किया था कि इस हमले में ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह से नष्ट हो गए, वहीं ईरान का दावा है कि उसके परमाणु ठिकानों को सिर्फ मामूली नुकसान हुआ है। हालांकि अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस हमले को लेकर अपने ही देश में अपने विरोधियों के निशाने पर हैं। अमेरिका के कांग्रेस का ऊपरी सदन में अमेरिकी हमले को लेकर बहस भी हुई और डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को ईरान पर आगे हमला करने से रोकने का प्रयास भी हुआ। लेकिन विपक्षी पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी का यह प्रयास विफल हो गया। डेमोक्रेटिक पार्टी सीनेट में अमेरिकी राष्ट्रपति के युद्ध शक्तियों को फिर से स्थापित करने का प्रयास लेकर आई थी। डेमोक्रेटिक पार्टी का दावा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना कांग्रेस से अनुमति लिए ईरान पर हमला (Israel–Iran War) किया था, लेकिन डेमोक्रेटिक सांसदों के इस प्रस्ताव को रिपब्लिकन पार्टी ने विफल कर दिया। इस प्रस्ताव को वर्जीनिया के डेमोक्रेिटक सीनेटर टिम कैन ने रखा था। इसमें टिम कैन ने लिखित में प्रस्ताव दिया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर राष्ट्रपति ट्रंप ने नियम का उल्लंघन किया है। अगर आगे इस तरह की सैन्य कार्रवाई शुरू की जाए तो पहले ट्रंप को कांग्रेस से अनुमति लेनी होगी।  ईरान पर फिर हमला कर सकते हैं- ट्रंप सीनेट में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी अपनी बात रखी। इस दौरान जब उनसे पूछे गया कि क्या वह आवश्यक समझे जाने पर फिर से ईरान के न्यूक्लियर साइट पर बमबारी करने पर विचार कर सकते हैं, तो इस पर ट्रंप ने कहा, ‘हां, जरूर बिना किसी सवाल के। अगर जरूरत पड़ी तो वह बगैर सोचे ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।’ वहीं, सीनेट में इस प्रस्ताव को रखने को विपक्ष की ट्रंप को घेरने की एक लंबी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।  सीनेट में ट्रंप को मिला पूरा समर्थन  बता दें कि सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53-47 का बहुमत हैं। जब इस प्रस्ताव को रखा गया तो वे राष्ट्रपति के समर्थन में खड़े हो गए। इन सीनेटर का कहना था कि ईरान न सिर्फ इजरायल के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि अमेरिका समेत पूरी दुनिया के लिए खतरा है। इसलिए ईरान तक कठोर कार्रवाई जरूरी था। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर हमला करने का जो निर्णाय लिया वह ठीक था, इस कार्रवाई के कारण ही ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई साल पीछे चला गया है। इस दौरान रिपब्लिकन सीनेटर एकमत होकर कांग्रेस की मंजूरी लिए बिना ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट पर अमेरिकी बमबारी करने के फैसले का समर्थन किया।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? ट्रंप अगर डील करना चाहते हैं तो सम्मान करें- ईरान  डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ जहां अपने ही देश में घेरे जा रहे हैं, वहीं बड़बोलेपन की वजह से ईरान भी उन पर पलटवार कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर ट्रंप ईरान के साथ वास्तव में कोई समझौता करना चाहते हैं तो उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के प्रति सम्मानजनक भाषा का उपयोग करा होगा। दरअसल, ट्रंप ने कहा था कि अयातुल्ला खामेनेई को अपमानजनक मौत मिलने वाली थी, लेकिन हमने बचा लिया। इसी के जवाब में ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘ईरानी लोगों का आत्मसम्मान और दृढ़ता खून में है। हमारी राष्ट्रीय भावना बेहद सीधी और स्पष्ट है। हम अपनी स्वतंत्रता को समझते और पहचानते हैं। हम किसी को अपने भाग्य का निर्धारण करने की इजाजत नहीं देते। इसके लिए हम अपनी आखिरी सांस तक लड़ते हैं। अगर ट्रंप को ईरान के साथ कोई समझौता करना है, तो उन्हें सम्मानपूर्वक बात करनी होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump #trump #iran #bombing #senate #usnews #worldnews #middleeast

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Pakistan approached Court of Arbitration on Indus Water Treaty

सिंधु जल समझौते पर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन पहुंचा पाकिस्तान तो भारत ने दे दिया करारा झटका

सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को भारत द्वारा स्थगित करने के बाद से ही पाकिस्तान कभी युद्ध की धमकी दे रहा है तो कभी बातचीत की भीख मांग रहा है। लेकिन इससे भी दाल नहीं गली तो वह सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को लेकर नया ड्रामा शुरू कर दिया था, लेकिन यहां भी भारत को तगड़ा झटका दिया। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा और रतले जलविद्युत परियोजनाओं (Hydroelectric Projects) को लेकर पाकिस्तान ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (Court of Arbitration) में भारत की शिकायत की थी। जिसे भारत ने गैरकानूनी और अवैध बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने कहा है कि इस कोर्ट की न तो कानूनी मान्यता है और न ही यह मुद्दा इसके अधिकार क्षेत्र में आता है।  बता दें कि, साल 1960 में भारत और पाकिस्तान ने वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) किया था। इस संधि के तहत सिंधु नदी बेसिन की 6 नदियों में से 3 पूर्वी नदियों (ब्यास, रावी और सतलुज) का पानी भारत को और 3 पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) का पानी पाकिस्तान को मिला था। किशनगंगा नदी झेलम की एक उपनदी है और इस पर भारत का अधिकार है, लेकिन पाकिस्तान लंबे समय से भारत के किशनगंगा (330 मेगावाट) और रतले (850 मेगावाट) परियोजना पर रोक लगाने की मांग कर रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि भारत की यह परियोजनाएं सिंधु जल समझौते का उल्लंघन कर रही है। इसकी वजह से झेलम में आने वाला पानी प्रभावित हो रहा है। वहीं भारत का कहना है कि यह दोनों प्रोजेक्ट ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ (पानी नहीं रोका जाता) तकनीक पर आधारित है, जो समझौते के किसी भी नियम को नहीं तोड़ता।  पाकिस्तान के कोर्ट ड्रामे पर भारत का करारा जवाब भारत के इस प्रोजेक्ट पर रोक लगाने के लिए ही पाकिस्तान कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (Court of Arbitration) पहुंचा था। पाकिस्तान ने कोर्ट से इन प्रोजेक्ट पर ‘सप्लीमेंटल अवॉर्ड’ (पूरक फैसला) की मांगा की थी, लेकिन भारत ने इस कोर्ट को ही अवैध बता दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय (Indian Foreign Ministry) ने बयान जारी कर कहा, ‘यह कोर्ट गैरकानूनी रूप से बनाया गया है और इसके किसी भी फैसले का न तो कानूनी आधार है और न ही बाध्यता। इस अवैध कोर्ट के फैसले हमेशा से शून्य और अमान्य रहे हैं।’ इस दौरान विदेश मंत्रालय Indian Foreign Ministry ने यह भी बताया कि विश्व बैंक द्वारा नियुक्त तटस्थ विशेषज्ञ मिशेल लिनो को भारत ने पत्र लिखकर मौजूदा विवाद समाधान प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग की है। भारत अब न तो पाकिस्तान को इन नदियों से जुड़ा कोई लिखित दस्तावेज या जानकारी देगा और न ही संयुक्त बैठक करेगा।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? भारत ने क्या दिया है पाकिस्तान को संदेश? भारत ने पाकिस्तान को यह साफ कर दिया है कि सिंधु जल समझौता पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है। भारत अब पूर्वी नदियों के साथ पश्चिमी नदियों के पानी को भी पूरा इस्तेमाल करने का हक रखता है। खासकर तब, जब पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर रहा है। भारत अब न सिर्फ पाकिस्तान की हर चाल को नाकाम कर रहा है, बल्कि यह भी दिखा दिया कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत पश्चिमी नदियों के पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में पानी की कमी को पूरा कर सकता है। भारत ने इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। इन राज्यों में पश्चिमी नदियों का पानी पहुंचाने के लिए भारत नए नहर बनाने पर विचार कर रहा है। पाकिस्तान को मिर्ची लगी हुई है और वहां के नेता युद्ध की धमकी दे रहे हैं। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा है कि, ‘पाकिस्तान की ये सारी कोशिशें महज गीदड़भभकी हैं। भारत पहले की तरह अपने रुख पर अडिग है।’ Latest News in Hindi Today Hindi news Hydroelectric Projects Indian Foreign Ministry #induswatertreaty #pakistannews #indiaresponse #courtofarbitration #sindhuwaterdispute

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Kolkata Gangrape Case

Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced: कोलकाता गैंगरेप केस में बड़ा खुलासा, जबरन संबंध बनाया, दांत काटा और नाखूनों से खरोंचा

आरजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप और मर्डर काण्ड के बाद एक बार फिर कोलकाता सुर्ख़ियों में है। लॉ स्टूडेंट के साथ हुए दुष्कर्म के बाद पश्चिम बंगाल की ममता सरकार एक बार फिर घिरती नजर आ रही है। दरअसल, दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में कथित तौर पर पूर्व छात्र और दो वरिष्ठ छात्रों ने 24 वर्षीय लॉ छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया है। गैंगरेप की शिकार हुई छात्रा की मेडिकल जांच में क्रूर यौन उत्पीड़न के सबूत मिले हैं, जिसमें “जबरन शारीरिक संबंध बनाने, शरीर पर दांत से काटने के निशान और उसके शरीर पर नाखून के खरोंच के निशान” शामिल (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) हैं। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने पीटीआई को ये जानकारी दी है। विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार करने पर छात्रा पर कथित तौर पर किया गया (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) था हमला  मामले के बारे पुलिस ने बताया कि “गैंगरेप की यह घटना 25 जून की शाम को छात्र संघ कार्यालय से सटे एक गार्ड के कमरे में हुई। मुख्य आरोपी के विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार करने पर छात्रा पर कथित तौर पर हमला किया गया (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) था। एक प्रैक्टिसिंग क्रिमिनल लॉयर और दो वरिष्ठ छात्रों सहित तीन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अपराध स्थल को सील कर दिया है और आगे की जांच के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं।” छात्रा परीक्षा फॉर्म भरने के लिए कॉलेज गई (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) थी कस्बा पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के मुताबिक, छात्रा परीक्षा फॉर्म भरने के लिए कॉलेज गई थी। इस बीच उसे वहीं रहने के लिए कहा गया। उसने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी ने उसे जबरन शादी करने का प्रस्ताव दिया था जिसे उसने नहीं माना तो उसे खींचकर गार्ड के कमरे तक ले गए और वहां आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया, मारपीट की। उसके शरीर पर दांत से काटा और नाखून से (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) खरोंचा। जब वह घटना को अंजाम दे रहा था तो दो अन्य आरोपी गार्ड के कमरे के बाहर पहरा दे रहे थे।” उसके प्रेमी और परिवार के खिलाफ धमकियां भी दी गई (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) थीं जानकारी के मुताबिक घटना शाम 7.30 बजे से 10.30 बजे के बीच हुई। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि “मारपीट के दौरान उसका वीडियो भी बनाया गया और उस वीडियो को वायरल करने की भी धमकी दी गई।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्रा को किसी को भी इस बारे में कुछ भी नहीं बताने की चेतावनी दी गई थी, साथ ही उसके प्रेमी और परिवार के खिलाफ धमकियां भी दी गई (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) थीं। इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फुटेज को दूसरे नंबरों पर भेजा गया था या नहीं?” तो वहीं मुख्य लोक अभियोजक सोरिन घोषाल ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि “सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, सामूहिक बलात्कार के मामलों में शामिल समूह के सभी लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। भले ही उन सभी ने बलात्कार का कृत्य न किया हो। इस मामले में दो अन्य व्यक्तियों ने बलात्कार में मदद की। इसलिए यह सामूहिक बलात्कार का मामला है। वे भी मामले में आरोपी हैं।” इसे भी पढ़ें:- आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद इकाई का पूर्व अध्यक्ष और टीएमसी के छात्र निकाय की दक्षिण कोलकाता शाखा का वर्तमान पदाधिकारी (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) था आरोपी  बात करें मुख्य आरोपी की तो मुख्य आरोपी लॉ कॉलेज का पूर्व छात्र है, जिसे 45 दिनों के लिए अस्थायी गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में काम पर रखा गया था। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल ने दावा किया कि वह कॉलेज की तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद इकाई का पूर्व अध्यक्ष और टीएमसी के छात्र निकाय की दक्षिण कोलकाता शाखा का वर्तमान पदाधिकारी (Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced) था। यही नहीं ऑनलाइन प्रसारित तस्वीरों में उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी दिखाया गया है। हैरत महत्वपूर्ण बात यह कि तृणमूल कांग्रेस ने आरोपी के साथ किसी भी तरह के संबंध से साफ़ इनकार करते हुए आरोपी को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। Latest News in Hindi Today Hindi Kolkata Gangrape: Victim Bitten, Scratched, Forced #kolkatagangrape #kolkatacrime #sexualassault #womansafety #breakingnews #indiacrime #kolkatapolice

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BJP MLA scandal

BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct: बीजेपी नेत्री ने अपने ही विधायक पर लगाया समलैंगिकता और 13 वर्षीय नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप

वैसे तो भाजपा बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ और नारी सशक्तिकरण पर जोर देती नजर आती तो है, लेकिन धरातल स्थिति बिलकुल इसके विपरीत ही नजर आ रही है। पार्टी के नेता और विधायक इन नारों पर अमल करते नजर नहीं आते। ताजा मामला है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का, जहाँ भाजपा विधायक को लेकर हंगामा मचा हुआ है। दरअसल, भाजपा विधायक पर समलैंगिक होने के साथ ही 13 वर्षीय नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) लगा है। यह आरोप किसी विरोधी पार्टी की नहीं बल्कि भाजपा महिला मोर्चा नेता द्वारा लगाया गया है। यही नहीं, इसे लेकर बुलाई महापंचायत में पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। बता दें कि यह महापंचायत भाजपा महिला मोर्चा की नेता कोमल गुर्जर द्वारा गंगोह भाजपा विधायक कीरत सिंह गुर्जर के खिलाफ बुलाई गई थी। कोमल गुर्जर द्वारा बुलाई गई महापंचायत में दोनों पक्ष से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। पंचायत में दोनों पक्षों में जमकर बहस भी हुई। इस बीच मामला बिगड़ता देख पुलिस ने लाठी भांजनी शुरू कर दी। बड़ी बात यह कि बवाल बढ़ता देख इस महापंचायत के बाद भाजपा ने कोमल गुर्जर के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से निकाल दिया। जल्द ही पुख्ता सबूत सार्वजनिक (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) करुँगी- कोमल  कोमल ने विधायक पर उनके पति और परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “जल्द ही वह पुख्ता सबूत सार्वजनिक (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) करेंगी।” अब इन आरोपों को खारिज करते हुए विधायक कीरत ने सबूत दिखाने की चुनौती दी है। बता दें कि इससे पहले कोमल गुर्जर ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर कहा था कि “गंगोह विधायक के इशारे पर मेरे परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। मेरे पैर में टक्कर मारी गई। इसके बाद मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए।” यही नहीं, इसी वीडियो में उन्होंने महापंचायत बुलाई थी। वीडियो में उन्होंने कहा कि “इस पंचायत में वही आएं जो मेरे भाई हैं, चमचों की जरूरत नहीं है। भाजपा कहती है कि हम महिलाओं का सम्मान करते हैं। तो मेरा भी सम्मान है।” पंचायत में महिला के आरोपों को लेकर लोगों ने उलटे महिला पर ही नाराजगी (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) जताई खैर, भाजपा नेत्री कोमल के आरोपों के चलते ही 24 जून रंढेड़ी गांव स्थित बाबा घूमरा देव मंदिर परिसर में गुर्जर समाज की पंचायत हुई थी। गौर करने वाली बात यह कि इस पंचायत में महिला के आरोपों को लेकर लोगों ने उलटे महिला पर ही नाराजगी (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) जताई। पंचायत में वक्ताओं ने इसे साजिश और विधायक के खिलाफ षडयंत्र करार दिया। इसके बाद पंचायत में गुर्जर समाज लोगों भी 27 जून को पंचायत में पहुंचे। 24 जून की पंचायत में वक्ताओं ने विधायक कीरत के खिलाफ भाजपा के ही एक दूसरे नेता की साजिश बताते हुए मामले में सम्मानजनक समाधान की चेतावनी दी थी।  इसे भी पढ़ें:- मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत कोमल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गंगोह विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया है मामला यहीं ठंडा नहीं हुआ। इसके बाद शहरी पुल स्थित रमेश पंवार घसौती के यहां गुर्जर समाज की पंचायत हुई। इस पंचायत में वक्ताओं ने विधायक के खिलाफ कोमल के आरोपों पर रोष जताया। सामाजिक नेताओं ने कहा कि “अगर शिकायत थी भी तो संगठन के सामने अपनी बात रखते। सोशल मीडिया पर समाज के नेता की छवि धुमिल करने पर की क्या जरूरत (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) थी? नेत्री के बवाल के बाद इस मामले में रामपुर मनिहारान क्षेत्र के उमाही कलां गांव निवासी सुधीर कुमार ने महिला कोमल चौधरी के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। सुधीर कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि “कोमल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गंगोह विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया है।” Latest News in Hindi Today Hindi BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct #bjp #mla #minorabuse #homosexualmisconduct #politics #breakingnews #bjpcontroversy #sexualabusecase #indianpolitics

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Kanhaiya Kumar Reveals CM Face

Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar: कन्हैया कुमार ने बता दिया कौन होगा महागठबंधन से बिहार का मुख्यमंत्री?

इस साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार में विधानसभा के चुनाव होने की संभावना है। हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा, इसको लेकर कांग्रेस ने तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है। दरअसल, 27 जून को न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि “महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव के प्रमुख चेहरा होने को लेकर कोई असमंजस और विवाद (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) नहीं है।” उन्होंने कहा कि “विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के जीतने पर सबसे बड़े घटक दल के रूप में राष्ट्रीय जनता दल का नेता ही स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव में मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एक साजिश के तहत इनसे ध्यान भटकाने के लिए बार-बार चेहरे की बात की जा रही है।  बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर, इस पद पर अपना चेहरा लाने की कोशिश (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) में है कन्हैया कुमार ने कहा कि “मेरे खयाल से पिछली बार भी बदलाव का माहौल था। थोड़े अंतर से महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई। पिछले पांच वर्षों से बिहार की जो स्थिति है, उससे लगता है कि इस बार बदलाव की हवा पहले से कहीं  ज्यादा मजबूत है।” इस दौरान कन्हैया कुमार ने दावा किया (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) कि “बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर, इस पद पर अपना चेहरा लाने की कोशिश में है।” उन्होंने कहा कि “ऐसा नहीं है कि वे नीतीश जी के अस्वस्थ होने पर यह कोशिश कर रहे हैं। वह पहले भी प्रयास कर चुके हैं। भाजपा पिछले कई दशकों से बिहार में वही करना चाहती है जो दूसरी जगह करने में सफल रही है। मतलब पहले क्षेत्रीय दल का साथ पकड़ो और फिर धीरे-धीरे उसे निगल जाओ। बिहार में ऐसा न कर पाने की वजह से बीजेपी नीतीश का साथ लेने को मजबूर हुई।” सीएम कौन होगा इस पर हमारे यहां कोई कोई संकट या संदेह नहीं (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) है  सीएम के सवाल पर कन्हैया ने कहा कि “सीएम कौन बनेगा, इस जनता तय करती है, जिनके पास संख्या बल होगा, वह सीएम बनेगा। आरजेडी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो जाहिर है कि वह ज्यादा सीटें जीतेगी। संख्या बल उसके पास होगा। सीएम कौन होगा इस पर हमारे यहां कोई कोई संकट या संदेह नहीं है। इसे लेकर एनडीए में (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) है। वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इस चुनाव में नीतीश चेहरा होंगे या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है। लेकिन लोकतंत्र में चेहरा महत्वपूर्ण नहीं होता, मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं।” बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि “सत्ता पक्ष के लोग जानबूझकर सीएम फेस के नाम पर जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। इसलिए महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़कर इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे के मामले को उठाकर ध्यान भटकाने की साजिश रच रहे हैं। जैसे ही भाजपा को मौका मिलेगा, वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाकर अपने नेता को बिहार में स्थापित करेगी। बिहार की जनता इस बार बदलाव चाहती है। वह एनडीए सरकार के छल को समझ चुकी है। संविधान विरोधी लोगों को जनता पसंद नहीं करती है।” इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? बिहार में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के गठजोड़ को महागठबंधन के नाम से जाना (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) जाता है बता दें कि बिहार में इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन के घटक दलों के गठजोड़ को महागठबंधन के नाम से जाना (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) जाता है। इस गठबंधन में वाम दलों के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। उसका मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से है। एनडीए में बीजेपी, नीतीश कुमार की जेडीयू, चिराग पासवान की एलजेपी (आर), जीतन राम मांझी की हम, और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम शामिल है। गौरतलब हो कि पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के सबसे बड़े घटक राजद ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 52 प्रतिशत की सफलता दर से 75 सीटें हासिल की थी तो वहीं कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसमे से सिर्फ 19 सीटें जीती थीं। इसके आलावा भाकपा (माले) लिबरेशन ने 19 सीट पर चुनाव लड़ा और 12 पर जीत हासिल की थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस इस बार भी पिछली बार इतनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन राजद इस बार उसे उतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं है। फिर भी कांग्रेस इस बार ज्यादा मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। Latest News in Hindi Today Hindi news Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar #kanhaiyakumar #biharpolitics #mahagathbandhan #biharcmface #2025elections #cmcandidate

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RG Kar incident

Gangrape at Kolkata Law College: आरजी कर कांड के बाद अब कोलकाता के लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुआ सामूहिक दुष्कर्म

साल भर पहले कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में छात्रा के साथ हुई दरिंदगी को कोई नहीं भूल सकता। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस अमानवीय घटना के विरोध में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अभी इसकी आग ठंडी भी नहीं हुई कि एक बार फिर से कोलकाता के एक और शिक्षण संस्थान से दरिंदगी की घटना प्रकाश में आई है। जानकारी के मुताबिक शहर के लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ गैंगरेप की (Gangrape at Kolkata Law College) घटना हुई है। गैंगरेप की इस घटना के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। फ़िलहाल इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ में जुटी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपियों में उसी संस्थान का एक पूर्व छात्र और दो कर्मचारी शामिल हैं।  25 जून को शाम 7.30 बजे से 8.50 बजे के बीच तौर पर बलात्कार किया (Gangrape at Kolkata Law College) गया  पुलिस की माने तो, पीड़िता कस्बा थाने पहुंचकर कॉलेज के दो कर्मचारियों और एक पूर्व छात्र के खिलाफ गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की शिकायत के आधार पर नेशनल मेडिकल कॉलेज में उसकी जांच कराई गई। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि “उसके साथ बुधवार, 25 जून को शाम 7.30 बजे से 8.50 बजे के बीच तौर पर बलात्कार किया (Gangrape at Kolkata Law College) गया।” आरोपियों में से एक ने उसके साथ बलात्कार किया और बाकियों ने मुख्य आरोपी की मदद की। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अगले दिन यानी 26 जून को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं और तीनों को कोर्ट ले जाने की तैयारी हो रही है। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के परिजनों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि, परिजन से पूछताछ के दौरान वारदात को लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं मिल पाई है।  गैंगरेप में टीएमसी का कार्यकर्ता भी शामिल (Gangrape at Kolkata Law College) है अब इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासत भी शुरू हो गई है। घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। बीजेपी ने इस घटना को लेकर सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। बीजेपी का आरोप है कि इस गैंगरेप में टीएमसी का कार्यकर्ता भी शामिल (Gangrape at Kolkata Law College) है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “25 जून को कोलकाता के उपनगर कस्बा में एक लॉ कॉलेज के अंदर एक महिला लॉ छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। जिसमें कोई और नहीं बल्कि एक पूर्व छात्र और कॉलेज के दो कर्मचारी शामिल थे। चौंकाने वाली बात यह है कि रिपोर्ट बताती है कि इसमें एक टीएमसी सदस्य भी शामिल है।” ममता सरकार को घेरते हुए उन्होंने यह भी लिखा कि “आरजी कर का खौफ अभी भी कम नहीं हुआ है और फिर भी बंगाल में इस तरह के जघन्य अपराध हर रोज बढ़ रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत  ममता बनर्जी के राज में महिला असुरक्षित कर (Gangrape at Kolkata Law College) रही है महसूस  ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल महिलाओं के लिए एक बुरा सपना बन गया है। बीजेपी के मुताबिक ममता बनर्जी के राज में महिला असुरक्षित महसूस कर रही है। बलात्कार एक आम त्रासदी बन गई है।” इस पूरे मामले पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि “भाजपा पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ी है। हम दंड से बचने की इस संस्कृति को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्प (Gangrape at Kolkata Law College) हैं। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हर अपराधी को सजा नहीं मिल जाती।” हालांकि कोलकाता में छात्रा के साथ रेप की यह कोई पहली वारदात नहीं है। पिछले साल आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भी एक छात्रा के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद खूब हंगामा बरपा था।  Latest News in Hindi Today Hindi Gangrape at Kolkata Law College #kolkatalawcollege #gangrapeincident #rgkarkolkata #westbengalcrime #studentassault #campuscrime #breakingnews #kolkatanews

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