Shubhanshu Shukla

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे शुभांशु शुक्‍ला, अब अंतरिक्ष में रहकर करेंगे रिसर्च 

भारत के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जब ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने Axiom Mission 4 (Ax-4) के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर उड़ान भरें और सफलतापूर्वक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) 28 घंटे में अपने 3 अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ पहुंच चुके हैं। यह मिशन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से भारत कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोधों की नींव रख रहा है, जो भविष्य में अंतरिक्ष में मानव जीवन और खेती को संभव बना सकते हैं। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) को भारतीय वायुसेना से चयनित किया गया है और वे इस मिशन में 14 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर कुल सात प्रमुख प्रयोग करेंगे। ये सभी प्रयोग अत्यधिक वैज्ञानिक महत्व रखते हैं और भारत के गगनयान मिशन से लेकर भविष्य के अंतरिक्ष उपनिवेश की नींव तक जुड़ते हैं। अंतरिक्ष में  शुभांशु शुक्ला क्या-क्या करेंगे रिसर्च?  1. मायोजेनेसिस पर रिसर्च – अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न के बराबर होता है, जिसे माइक्रोग्रैविटी कहते हैं। ऐसे में शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) इस पर मायोजेनेसिस नाम का प्रयोग करेंगे, जो Institute of Stem Cell Science and Regenerative Medicine द्वारा प्रस्तावित है। इसका मकसद यह समझना है कि अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने वाले यात्रियों की मांसपेशियों को कैसे सुरक्षित रखा जाए। यह रिसर्च ना केवल अंतरिक्ष यात्रियों के लिए, बल्कि धरती पर बुजुर्गों और मांसपेशी से जुड़ी समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए भी अहम हो सकता है। 2. फसलों के बीजों पर माइक्रोग्रैविटी का असर- शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) अंतरिक्ष में छह अलग-अलग फसलों के बीजों पर माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव का अध्ययन करेंगे। खास बात यह है कि वे अपने साथ मूंग और मेथी के बीज ले गए हैं। इसका उद्देश्य यह जानना है कि बिना गुरुत्वाकर्षण के बीज कैसे अंकुरित होते हैं, उनमें कौन-कौन से जेनेटिक बदलाव होते हैं, उनकी पोषण क्षमता में क्या फर्क आता है और वे कितने सूक्ष्मजीव प्रतिरोधी बनते हैं। यह रिसर्च केरल कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है और इसका दीर्घकालिक उद्देश्य अंतरिक्ष में खेती को संभव बनाना है। एक ऐसी तकनीक जो भविष्य में मंगल या चंद्रमा जैसे ग्रहों पर मानव जीवन की कल्पना को साकार कर सकती है। 3. टार्डीग्रेड्स पर रिसर्च-  टार्डीग्रेड्स एक तरह का सूक्ष्म जीव होता हैजो अत्यंत विषम परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं, चाहे वह अत्यधिक गर्मी हो या ठंड हो। शुभांशु माइक्रोग्रैविटी में इन टार्डीग्रेड्स के जीवन चक्र, अनुकूलन क्षमता और व्यवहार का अध्ययन करेंगे। इस शोध से यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन-कौन से जीव अंतरिक्ष में जीवन बनाए रख सकते हैं और क्या हम किसी प्रकार की जैविक अनुकूलता के जरिए दूसरे ग्रहों पर जीवन संभव कर सकते हैं। 4. माइक्रोएल्गी- शुभांशु अंतरिक्ष में तीन प्रकार की एककोशिकीय माइक्रोएल्गी (unicellular microalgae) पर अध्ययन करेंगे। इसका उद्देश्य यह जानना है कि क्या ये एल्गी माइक्रोग्रैविटी में भी सही रूप से बढ़ सकती हैं और क्या वे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पोषण, ऑक्सीजन रिसाइक्लिंग और कचरा प्रबंधन जैसी जरूरतों को पूरा कर सकती हैं। 5. सायनोबैक्टीरिया पर प्रयोग- शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) का अगला प्रयोग सायनोबैक्टीरिया की जैव रासायनिक प्रक्रियाओं पर आधारित है। ये जीव अपनी प्रकाश-संश्लेषण क्षमता के लिए जाने जाते हैं और ऑक्सीजन उत्पन्न कर सकते हैं। माइक्रोग्रैविटी में इनकी क्रियाशीलता को समझकर लाइफ-सस्टेनेबिलिटी के लिए मॉडल तैयार किया जा सकता है, जिससे अंतरिक्ष में बायोसिस्टम बनाया जा सके। इसे भी पढ़ें:-  Axiom-4 मिशन में शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक उड़ान 6. स्पेस स्क्रीन और आँखों पर प्रभाव- एक और अहम अध्ययन अंतरिक्ष में स्क्रीन टाइम और उसके मानसिक और शारीरिक असर से जुड़ा है। शुभांशु यह देखेंगे कि कंप्यूटर स्क्रीन का आंखों की गतिविधि, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और नींद पर क्या असर पड़ता है। यह प्रयोग गगनयान मिशन के लिए भी जरूरी है, क्योंकि अंतरिक्ष यात्रियों का ध्यान, थकावट और मानसिक संतुलन मिशन की सफलता के लिए बेहद अहम होते हैं। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) की यह अंतरिक्ष यात्रा केवल भारत के लिए एक गर्व का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए विज्ञान, कृषि और जीवन प्रणाली की नई दिशा भी है। उनके प्रयोग अंतरिक्ष में जीवन को संभव बनाने, खेती करने और स्वास्थ्य को बनाए रखने की नींव रख सकते हैं। इस मिशन से यह समझा जा सकता है कि भारत अब सिर्फ अंतरिक्ष की दौड़ में शामिल नहीं, बल्कि अग्रणी भूमिका निभा रहा हैऔर शुभांशु शुक्ला इस वैज्ञानिक युग के आइडल भी बन चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Shubhanshu Shukla #shubhanshushukla #internationalspacestation #indianinscience #spaceresearch #space2025 #issmission #indiaspace

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Nitish Kumar Approves New Gun License

Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy: नीतीश कुमार के आदेश पर इन्हें मिलेगा बंदूक का लाइसेंस

आगामी कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले में हाई-प्रोफाइल हत्याओं का सिलसिला भी जोर पकड़ लिया है। इन हत्याओं की वजह से नीतीश कुमार की सरकार खासी चिंतित है। हाल के दिनों में हुई हत्याओं के मद्देनज़र सूबे की सरकार ने अहम कदम उठाते हुए राज्यभर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फैसला किया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही लखीसराय जिले में एक मुखिया और उसके सहयोगी की एक समारोह से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले फरवरी में गया जिले के चिरैला पंचायत के उप मुखिया और जेडीयू के ब्लॉक सचिव महेश मिश्रा की हत्या कर दी गई थी।  पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी गौरतलब हो कि पिछले कुछ महीनों में बिहार में इस तरह के हमले बढ़ गए हैं। राज्य में हत्या की कोशिश और धमकियों की ढेरों घटनाएं कई अन्य जिलों समस्तीपुर, सारण, जमुई, नवादा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी सामने आई हैं। निरंतर हो रहे हमलों और खराब होती सुरक्षा को लेकर चिंतित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी। जाहिर सी बात है, राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सरकार के जिम्मे होता है। ऐसे में लोगों के मन से डर खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया।  शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन करने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) आदेश दिया  बता दें कि सरकार की तरफ से यह फैसला पंचायत प्रतिनिधियों और मुखियाओं पर एक के बाद एक हुए कई हिंसक हमलों के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्वाचित पंचायत सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गया है। निर्देश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि “सत्यापन प्रक्रिया को बिना किसी अनावश्यक देरी के तत्काल पूरा किया जाये।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) दिया निर्देश  हो रही हत्याओं के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गयी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचायत प्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन पाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों में से यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले पंचायत सदस्यों के भत्ते बढ़ा दिए गए थे। कुल-मिलाकर बिहार सरकार की ओर से यह कदम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मद्देनजर उठाया गया है। इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की शादी के लिए हर पंचायत में मैरिज हॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 4,026 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। खबर के मुताबिक इसे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों जीविका दीदियों के जरिए लागू किया जाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy #nitishkumar #gunlicensepolicy #biharnews #firearmpermit #biharupdate #selfdefense #bihargovernment

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Madhya Pradesh crime

MP Man gave his wife to a friend to repay debt: मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत 

इंसान पैसों के खातिर किस कदर गिर सकता है इसका कोई निश्चित पैमाना नहीं है। देश में जितने में क्राइम होते हैं, उनमें अधिकतर मामलों का संबंध पैसों और हवस से ही होता है। ऐसी ही एक सनसनीखेज घटना घटी है मध्य प्रदेश के थार में, जहाँ एक सनकी पति ने बेशर्मी की सभी हदें पार कर (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दीं। उसने कर्ज न चुका पाने कारण अपनी पत्नी को अपने दोस्त के हाथों बेच दिया। दोस्त ने भी मजबूरी का नाजायज फायदा उठाते हुए उसके साथ एक नहीं कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी कहानी सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, महिला का पति धार जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर कानवन थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसकी पत्नी इंदौर में रहती थी। फ़िलहाल महिला की शिकायत पर इंदौर के महिला थाने में ही जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई। अब पुलिस जुए में पत्नी को जीतने वाले मित्र की तलाश कर रही है।  कर्ज में डूबे पति ने उसे दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए किया (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) था मजबूर  धार जिले के कानवन थाना प्रभारी अभय नीमा ने बताया कि “महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति जुआरी है। जुए की बुरी लत के कारण दिन-ब-दिन  उसका कर्ज बढ़ता जा रहा है।” कानवन थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत कहा कि “कर्ज में डूबे उसके पति ने उसे अपने उस दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जिससे उसने पैसे उधार (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिए थे।” शिकायत के मुताबिक, जब पति कर्ज चुकाने में असमर्थ हो गया, तो उसने एक दोस्त के साथ सौदा किया और कर्ज चुकाने के लिए अपनी पत्नी को उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। थाना प्रभारी ने बताया कि “फिलहाल आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।”  कर्ज चुकाने के लिए उसने पत्नी के जेवर तक रख (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिए गिरवी  जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 2016 में उसकी शादी कानवन में युवक से हुई। पीड़िता के मुताबिक शादी से पहले सब ठीक-ठाक था। लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद उसे जुए की लत लग गई। वो जुआ खेलने के लिए अक्सर अपने मित्र अभिमन्यु सिंह से पैसे उधार लिया करता था। दिल्ली में रहने वाला अभिमन्यु जानते-बूझते उसे पैसे उधार देता रहा। इस तरह जुए की लत की वजह से ऊपर तकरीबन 8 लाख का कर्ज हो गया। इस बीच कर्ज इतना बढ़ा कि देनदारों ने भी हाथ खड़े कर दिए। लेनदार अब तकाजा करने (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) लगे। कर्ज चुकाने के लिए उसने पत्नी के जेवर तक गिरवी रख दिए, लेकिन फिर भी कर्ज कम नहीं हुआ। अब वो अपनी पत्नी पर ही बाहरी लोगों से पैसे मांगकर लाने का दबाव बनाने लगा।  इसे भी पढ़ें:- क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम यह कहकर पीड़िता का जबरन दो बार शारीरिक शोषण किया कि (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) उसने उसे 50 हजार में ख़रीदा है कहीं से कोई जुगाड़ होता न देख उसने दोस्त का उधार चुकाने के लिए अपनी पत्नी को ही दांव पर लगाने की सोची। कारण यही जो दो बार वो पत्नी को दिल्ली ले गया और उसे अपने मित्र अभिमन्यु के पास छोड़ (MP Man gave his wife to a friend to repay debt) दिया। अभिमन्यु ने भी कोई दया नहीं दिखाई। उसने यह कहकर पीड़िता का जबरन दो बार शारीरिक शोषण किया कि उसने उसे 50 हजार में ख़रीदा है। इस बीच 22 मई को जब अभिमन्यु इंदौर आया तो उसने महिला को होटल में बुलाया। इस दौरान उसने जबरन संबंध बनाने की कोशिश की। इस बार पीड़िता ने इसका विरोध किया। न सिर्फ उसने विरोध किया बल्कि अपने परिचितों के जरिए पुलिस में शिकायत भी की। शिकायत के बाद इंदौर के महिला थाने में केस दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले पर धार के एएसपी गीतेश कुमार गर्ग ने कहा कि “मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता का बयान इंदौर में दर्ज किया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi MP Man gave his wife to a friend to repay debt #mpcrime #madhyapradesh #shockingnews #womanassault #indianews #viralnews #crimealert #trendingindia

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Yogi Adityanath news,

9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath: 9वीं पास रिंकू सिंह बने अफसर, योगी सरकार ने दी ये बड़ी जिम्मेदारी

टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज रिंकू सिंह न सिर्फ अपनी विस्फ्टोक बल्लेबाजी बल्कि अपनी शादी को लेकर भी इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से सगाई की थी। खैर, पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे खराब, वाली कहावत शायद रिंकू सिंह पर सटीक न बैठती हो। ऐसा इसलिए कि अपने बल्ले से गेंदबाजों को दिन में तारे दिखाने वाले रिंकू सिंह अब सरकारी नौकरी (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) करते नजर आएंगे। दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए सरकारी नौकरी प्रदान की है। क्रिकेट के बाद रिंकू सिंह अब सरकारी नौकरी भी अपना करिश्मा दिखाते नजर आएंगे। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रिंकू सिंह को बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया गया है। काबिलियत (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) देख उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया है बात करें रिंकू सिंह की शिक्षा की तो वो महज नौवीं पास हैं। क्रिकेट जगत में अपने बल्लेबाजी के दम पर अपनी पहचान बनाने वाले सिंह सिर्फ कक्षा नौ तक ही पढ़े हैं। दरअसल, घर की माली हालत और परिस्थिति की वजह से वो अधिक पढ़ नहीं सके। घर की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के चलते उनको अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। गौरतलब हो कि उनके पिता गैस सिलेंडर की डिलवरी करने का काम किया करते थे। बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद रिंकू सिंह ने अपने हुनर और जज्बे के बल पर क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। कारण यही जो उनकी काबिलियत (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) देख उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनाया है।  रिंकू सिंह नियमों के तहत ये सरकारी नौकरी दी गई (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) है बता दें कि क्रिकेटर रिंकू सिंह सीधे भर्ती नियमों के तहत ये सरकारी नौकरी दी गई (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) है। बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बनने के बाद अब रिंकू सिंह अपने जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की देख रेख करेंगे। बेसिक एजुकेशन ऑफिसर का काम जिले की प्राथमिक आर उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों में शिक्षा का संचालन और व्यवस्था देखना होता है। महत्वपूर्ण बात यह कि पूरे जिले के सरकारी स्कूलों की जिम्मेदारी भी बेसिक एजुकेशन ऑफिशर के ऊपर ही होती है। बीएसए जिले के सरकारी स्कूलों का समय-समय पर निरीक्षण करके देखते है कि वहां शिक्षा व्यावस्था सही है या नहीं। इस तरह अब रिंकू शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं देते हुए दिखाई देंगे। कहने की जरूरत नहीं, इन दिनों उनके सितारें बुलंदियों पर हैं।  इसे भी पढ़ें:- सौरव गांगुली ने विराट कोहली के रिटायरमेंट पर फोड़ा बम, कही यह बात रिंकू सिंह ने अभी तक टीम इंडिया के लिए 33 टी20 और 2 वनडे मैच (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) खेले हैं रही बात रिंकू सिंह के करियर की तो उन्होंने अभी तक टीम इंडिया के लिए 33 टी20 और 2 वनडे मैच खेले हैं। टी20 क्रिकेट में रिंकू सिंह ने 546 रन बनाए है, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा वनडे में रिंकू ने महज 55 रन बनाए हैं। बात करें आईपीएल की तो आईपीएल में उन्होंने अब तक 59 मैच खेले है, जिसमें रिंकू ने 1099 रन बनाए हैं। इनमें 4 अर्धशतक शामिल हैं। खैर, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि टी20 क्रिकेट में अपने बल्ले से धमाल मचाने रिंकू (9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath) बेसिक एजुकेशन ऑफिसर बन किस तरह शिद्द्त के साथ अपने कर्तव्यों का वहन करते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news 9th Pass Rinku Singh Gets Govt Role from Yogi Adityanath #rinkusingh #yogiadityanath #upnews #governmentjob #latestnews #breakingnews

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SBI PO Salary 2025

बैंकिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो जानें क्या हैं एसबीआई पीओ की सैलरी और सुविधाएं

एसबीआई (SBI) यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) देश के बड़े और प्रतिष्ठित बैंकों में से एक है। हाल ही में इस बैंक ने एक नोटिफिकेशन जारी की है जिसके अनुसार उन्होंने एसबीआई (SBI) पीओ के लिए नयी पोस्ट्स निकाली हैं। पीओ का अर्थ है प्रोबेशनरी ऑफिसर और इस जॉब में कस्टमर सर्विस, अकाउंट मैनेजमेंट, लोन और क्रेडिट मैनेजमेंट आदि शामिल है। अगर आप इस जॉब के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो यह जान लें कि अभी आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है क्योंकि यह जॉब बेहतरीन सैलरी के साथ ही जॉब सिक्योरिटी और अच्छे करियर के अवसर प्रदान करती है। अगर आप इस जॉब के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है। आइए जानें एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के बारे में। एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए 541 पदों के लिए एप्लिकेशन फॉर्म लेना शुरू कर दिए हैं। ध्यान रखे कि इसके लिए आवेदन 24 जून से शुरू हो चुके हैं और इच्छुक कैंडिडेट 14 जुलाई तक ही आवेदन भर सकते हैं। इसके बाद आप आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आसानी से अप्लीकेशन फॉर्म को भरा जा सकता है। यह भी जान लें कि इसके लिए 541 पद भरें जाएंगे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) द्वारा निकाली इन पोस्ट्स के लिए योग्यता डिटेल इस प्रकार है: सिलेक्शन प्रोसेस  एसबीआई पीओ पोस्ट्स के लिए सैलेरी एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए यह जानना भी आवश्यक है कि सेलेक्ट होने पर एम्प्लोयी को शुरुआती बेसिक सैलेरी 48,480 रुपये दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें सीसीए, पीएफ, एनपीएस, एचआरए, मेडिकल फैसिलिटी आदि एलोवेन्स भी मिलेंगे। कुछ अन्य सुविधाएं भी उन्हें मिलेंगी, जिसके बारे में अन्य जानकारी आपको बैंक की वेबसाइट पर मिल जाएगी।  कैसे करें अप्लाई? एसबीआई पीओ पोस्ट्स (SBI PO Posts) के लिए अगर आपको आवेदन भेजना है, तो सबसे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। आप इस का लिंक गूगल सर्च से भी प्राप्त कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? इस लिंक से आप अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news SBI PO Posts #sbi2025 #sbiPOsalary #bankingcareer #sbiPOperks #bankjobupdate #careerinbanking #salarystructure

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चीन की धरती से पाकिस्तान को फटकार… SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर जमकर लताड़ा

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को चीन की धरती पर आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री ने चीन के किंगदाओ शहर में हो रहे SCO (शंघाई सहयोग संगठन) सम्मेलन में रक्षा मंत्रियों की बैठक में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा। राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पाकिस्तान का बिना नाम लिए कहा कि कुछ देश ऐसे हैं, जो सीमा पार आतंकवाद को खास रणनीति की तरह इस्तेमाल कर आतंकवादियों को पनाह देते हैं और दूसरे देशों में आतंक फैलाते हैं। ऐसे दोहरे मापदंडों को अपनाने वाले देशों के लिए दुनिया में कोई सुरक्षित जगह नहीं होनी चाहिए।    उन्होंने एससीओ (SCO) से कहा कि ऐसे आतंक परस्त देशों की आलोचना करने में किसी को संकोच नहीं करना चाहिए। क्योंकि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए बड़ा खतरा है। इसलिए एससीओ (SCO) को एकजुट होकर आतंकवाद से मुकाबला करना चाहिए। इस दौरान राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सदस्य देशों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने और एकजुट रहने का आह्वान किया। बता दें कि मई 2020 में लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर सैन्य गतिरोध के बाद भारतीय रक्षा मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। इस सैन्य झड़प की वजह से दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। हालांकि हाल ही में दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय बैठक हुई हैं, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते सामान्य होते नजर आ रहे हैं। दोनों देश कूटनीति से सीमा विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।   आतंकवादी और उनके ठिकानों को हम ढूंढ-ढूंढ कर खत्म करेंगे- सिंह  रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) ने अपने संबोधन में भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टोरलेन्स आज उसके कार्यों में झलकती है। इस नीति में आतंकवाद के खिलाफ खुद की रक्षा करने का अधिकार भी शामिल है। हमने यह करके दिखा दिया है कि आतंकवादी और उनका ठिकाना अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। वो चाहे जहां छुपकर बैठे हों, हम उन पर प्रहार करने में एक पल भी संकोच नहीं करेंगे। आतंकवाद के ठिकाने चाहे जहां पर भी हों, अगर वो हम पर अटैक करते हैं तो हम उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर खत्म कर देंगे। राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंक फैलाने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। इसलिए  हमें सीमा पार से हथियार और ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रोन को रोकने की कोशिश करनी चाहिए। हम सभी के हित आपस में जुड़े हैं, हम एक ऐसी नई चुनौती का सामना कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और साइबर हमलों से लेकर हाइब्रिड युद्ध तक फैला हुए है। इस आतंकवाद को फैलने से रोकने के लिए हमें मिलकर सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? आतंक को रोकने के लिए एकजुट होना होगा- सिंह  रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के ये खतरे किसी राष्ट्रीय सीमा का सम्मान नहीं करते हैं। इनको रोकने के लिए आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित एकीकृत प्रतिक्रिया की जरूरत है। भारत आतंकवाद के सभी रूपों का सामना करने के लिए अपने संकल्प की पुष्टि करता है। दुनिया को कोई भी देश, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली और विशाल क्यों न हो, अकेले अपने दम पर इन्हें नहीं रोक सकता है। इसलिए सभी राष्ट्रों को अपने पारस्परिक लाभ के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। हमारे यहां सदियों पुरानी एक कहावत ‘सर्वे जन सुखिनो भवन्तु’ है, जो हमारी इस भावना को दर्शाता है। इसका अर्थ है ”सभी के लिए शांति और समृद्धिय”।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rajnath Singh #rajnathsingh #scomeeting2025 #operationsindoor #pakistanterror #indiadiplomacy #chinaindiarelations #terrorism

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CBSE Class 10 students will appear for board exams

CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 से साल में दो बार होगी परीक्षा 

भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक अहम बदलाव किया गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) ने घोषणा की है कि साल 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं (10th Board Exam) साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। एक ही साल में दो बार परीक्षा लेने का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना है। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को मल्टीपल एग्जिट और एंट्री विकल्प देना है। CBSE के इस फैसले के अनुसार पहली परीक्षा फरवरी के मध्य में होगी और दूसरी मई में आयोजित की जाएगी। छात्र इन दोनों परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे, लेकिन उनके पास यह विकल्प भी होगा कि वे केवल एक बार परीक्षा दें। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल होकर अपनी स्कोर में सुधार ला सकते हैं। यह मॉडल काफी हद तक जेईई मेन (JEE Main) और सीयूईटी (CUET) जैसी परीक्षाओं के जैसा होगा, जिसमें स्टूडेंट्स को साल में एक से ज्यादा मौके मिल सकते हैं। बदलाव का मकसद क्या है? CBSE के अनुसार इस पहल का मकसद छात्रों को एक परीक्षा, एक मौका जैसी मानसिकता से बाहर निकालना है। अभी तक की छात्रों को केवल एक मौका मिलता था, जिससे उनमें असफलता का डर और तनाव बहुत अधिक होता था। साल में दो बार परीक्षा का मौका मिलने से छात्रों को कई तरह से लाभ मिलेंगे-   एक ही साल में 2 बार परीक्षा देने का मौका मिलेगा।  तनाव कम होगा।  परीक्षा बेहतर तरीके से दे पाएंगे।  व्यक्तिगत विकास और आत्मविश्वास बढ़ेगा।  किन छात्रों को होगा ज्यादा लाभ? इस नई व्यवस्था से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र, मध्यम या कमजोर स्टूडेंट्स के साथ-साथ परीक्षा के दिन बीमार या मानसिक रूप से अस्वस्थ छात्र को ज्यादा फायदा मिलेगा। अब उन्हें पूरे साल की मेहनत सिर्फ एक दिन पर निर्भर नहीं करनी पड़ेगी। CBSE के इस निर्णय के साथ-साथ बोर्ड ने यह भी कहा है कि अब प्रश्नपत्र इस तरह से बनाए जाएंगे कि छात्रों को परेशानी ना हो और मूल्यांकन (Marking) करने में भी समस्या ना हो। साल 2024 से ही CBSE ने प्रश्नपत्रों में केस-स्टडी, एप्लिकेशन-बेस्ड सवालों को शामिल करना शुरू कर दिया है और यह प्रक्रिया 2026 तक और भी बेहतर हो जाएगी। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? क्या छात्रों को दोनों परीक्षाएं देनी होंगी? नहीं। CBSE ने साफ कहा है कि दोनों परीक्षाएं वैकल्पिक (Optional Exam) होंगी। यानी अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में ही अच्छा स्कोर कर लेता है, तो उसे दूसरी परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, जो छात्र सुधार करना चाहते हैं, वे दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। अंतिम रिपोर्ट कार्ड में उसी प्रयास के अंक शामिल किए जाएंगे जिसमें छात्र का स्कोर बेहतर होगा। यह व्यवस्था छात्रों को एक अतिरिक्त मौका देती है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें। पहली परीक्षा को एक ट्रायल रन की तरह लिया जा सकता है, जबकि दूसरी परीक्षा (Second Exam) उन छात्रों के लिए सहायक होगी जो पहले प्रयास में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं सभी स्कूल, शिक्षक और छात्र 2026 तक इस सिस्टम के लिए खुद को तैयार कर सकें इसलिए इसकी घोषणा अभी ही कर दी गई है, जिससे इसका फायदा साल 2026 में बोर्ड परीक्षा (2026 Board Exam) देने वाले स्टूडेंट्स उठा सकें। इसके साथ ही CBSE यह सुनिश्चित कर रहा है कि परीक्षा के बीच पर्याप्त अंतर हो, जिससे छात्रों को दोबारा तैयारी करने का समय मिल सके। यह नया ढांचा छात्रों की मानसिक सेहत (Mental Health), आत्म-विश्लेषण (Self-analysis) और सुधार की प्रक्रिया को बेहतर बनाएगा। उम्मीद है इस पहल से एजुकेशन सिस्टम (Education System) और बेहतर होगा और NEP 2020 (National Education Policy 2020) के विजन का एक प्रमुख हिस्सा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news JEE Main CBSE #cbse2026 #class10board #cbsenews #cbseupdate #boardexam2026

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भारत में जल्द ही लांच होगी वजन कम करने की यह दवा 

वजन का बढ़ना या मोटापा (Obesity) आजकल न केवल वयस्कों बल्कि बच्चों के लिए भी एक बड़ी समस्या बन चुका है। अधिक वजन कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का एक कारण भी है। इसके लिए लोग जिम में घंटों समय बिताते हैं और कई तरह की डायट्स फॉलो करते हैं। यही नहीं, इसके लिए आजकल लोग इसके लिए सर्जरी और कई दवाईयों का भी सहारा ले रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स इनकी सलाह नहीं देते हैं। लेकिन अगर आप दवा से वजन कम करने चाहते हैं तो यह आपके लिए एक अच्छी खबर हो सकती है क्योंकि अब डेनमार्क की एक मशहूर दवा “वेगोवी (Wegovy)” भारत में भी जल्दी ही उपलब्ध होगी। आइए जानें डेनमार्क मशहूर दवा वेगोवी (Wegovy) के बारे में विस्तार से। इसकी कीमत के बारे में भी जानें।  पाएं जानकारी वजन कम करने वाली दवा वेगोवी (Wegovy weight loss medicine) के बारे में वजन और मोटापा (Obesity) कम करने वाली दवा वेगोवी (Wegovy) को वजन कम करने में बहुत प्रभावी पाई गयी है। इस दवा को खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो मोटापा (Obesity) से पीड़ित हैं और जिन्हें वजन कम करने में समस्या हो रही है। इस दवा को डेनमार्क की कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo nordisk) ने बनाया है। यह दवा पेन के आकार में उपलब्ध है। उन दवा का इस्तेमाल बीएमआई 30 ज्यादा लोगों के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही वो लोग भी इसे ले सकते हैं जिनका बीएमआई 27 से अधिक है और जिन्हें कई हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हैं। लेकिन, ध्यान रहे डॉक्टर की सलाह के बिना इस दवा को लेने से बचें अन्यथा वजन कम करने वाली दवा वेगोवी (Wegovy weight loss medicine) कई परेशानियों का कारण बन सकती है। कैसे करती है यह दवा काम? वेगोवी (Wegovy) एक जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट है जो भूख को कम करने का काम करती है और इसके साथ ही इससे पाचन भी स्लो हो जाता है। यही नहीं, इससे इन्सुलिन सेक्रेशन भी बढ़ सकता है। इन सबसे वजन कम करने में मदद मिल सकती है और मोटापा (Obesity) कम हो सकता है। भारत में भी उपलब्ध है वजन कम करने वाली दवा वेगोवी (Wegovy weight loss medicine)  अब यह दवा भारत में भी मिलने वाली है। इसे बनाने वाली कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo nordisk) से यह बताया है कि वो जल्दी ही इसे भारत में लांच करने वाले हैं। अगर बात की जाए इसकी कीमत की तो उम्मीद है कि यह लगभग 17,000 रुपये की शुरुआती कीमत पर लोगों के लिए उपलब्ध होगी। हालांकि, इसकी कीमत कुछ अन्य फैक्टर्स पर भी डिपेंड करेगी। यह दवा इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध होगी और यह अलग-अलग डोज में मिलेगी। विभिन्न डोज की कीमत अलग रहेगी। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा सन फार्मा, सिप्ला आदि भी वेगोवी (Wegovy) जैसी दवाइयां बनाने की दिशा में कर रही हैं काम  ऐसा माना गया है कि नोवो नॉर्डिस्क (Novo nordisk) द्वारा बनाई वेगोवी (Wegovy) के हेल्थ पर कई अन्य पॉजिटिव इफेक्ट्स हो सकते हैं। लेकिन इसे बिना डॉक्टर की सलाह के लेने से बचें।  ऐसा पाया गया है कि पिछले कुछ सालों में भारत में मोटापे की समस्या बहुत अधिक बढ़ी है लेकिन यहां ऐसे लोग बहुत कम हैं जो इसके लिए दवाइयों का सेवन करते हों। भारत की कुछ दवा कंपनियां जैसे सन फार्मा, सिप्ला आदि भी वेगोवी (Wegovy) जैसी दवाइयां बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इनके द्वारा बनाई दवा भी आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। इस बात का भी ध्यान रखें कि दवा के साथ ही मरीज को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की भी राय दी जाती है। इस दवा के परिणाम रोगी की हेल्थ और जीवनशैली पर निर्भर करता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Wegovy #weightloss #healthnews #indiahealth #fatloss #obesitytreatment #newdruglaunch #fitnessindia #slimmingpill

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Mallikarjun Kharge slams Shashi Tharoor

हमारे लिए ‘सबसे पहले देश’, लेकिन कुछ लोगों के लिए सबसे पहले…’थरूर पर खरगे का बड़ा अटैक

कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की खुलकर तारीफ करने पर कांग्रेस भड़क गई है। थरूर के भाजपा प्रेम को लेकर कांग्रेस के नेता लंबे समय से उन्हें निशाना बना रहे हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा हमला खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने बोला है। उन्होंने थरूर पर हमलावार होते हुए कहा कि हम सभी (कांग्रेस) के लिए सबसे पहले देश है, लेकिन उनके लिए ‘मोदी सबसे पहले’ हैं। खरगे के इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से थरूर के लिए अब तक की सबसे तीखी प्रतिक्रिया मानी जा रही है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही शशि थरूर (Shashi Tharoor) खुलकर पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते आ रहे हैं। भाजपा ने उन्हें विदेश भेजे गए सांसद डेलीगेशन का नेतृत्व भी सौंपा था, जबकि कांग्रेस ने उनका नाम तक नहीं सौंप था। इसके बाद से ही कांग्रेस के नेता उन पर पाला बदलकर भाजपा के साथ जाने का आरोप लगाते आ रहे हैं। सभी के अपने-अपने विचार, कौन क्या कह रहा, यह उनकी निजी राय- खरगे मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थरूर के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘शशि थरूर (Shashi Tharoor) की भाषा पर मजबूत पकड़ है, उनका संवाद बहुत अच्छा है, इसलिए उन्हें हमने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में रखा है। जब हम लोग गुलबर्गा गए थे तो, हम सभी ने एक मत होकर कहा था कि हम सभी देश के साथ खड़े हैं, हम ऑपरेशन सिंदूर में भी एक साथ है। हमारे लिए देश पहले है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके लिए ‘मोदी पहले’ हैं और देश बाद में है। खरगे ने मीडिया से पूछते हुए कहा कि, तो ऐसे लोगों के लिए हमें क्या करना चाहिए?’ हालांकि मीडिया ने जब खरगे (Mallikarjun Kharge) से पूछा कि क्या कांग्रेस अब थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई करने जा रही है, तो उन्होंने कहा, ‘लोग अपनी मर्जी से कुछ भी लिख सकती है, लेकिन हम इसमें शामिल नहीं होना चाहते। कांग्रेस देश के लिए एकजुटता चाहती है और हम एक होकर देश के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। खरगे ने यह भी कहा कि, कांग्रेस में करीब 34 सीडब्ल्यूसी सदस्य के साथ 30 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। इन सभी के अपने-अपने अलग विचार हैं। वह क्या कह रहे हैं, यह उनकी निजी राय है। अभी हम देश को बचाने और मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं। अगर किसी को इस विषय की ज्यादा चिंता है, तो वह संबंधित व्यक्ति से सीधा पूछ सकता है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? शशि थरूर के एक लेख ने मचा दी कांग्रेस में खलबली  बता दें कि शशि थरूर ने हालही में ‘द हिंदू’ अखबार में एक लेख लिखा था। इस लेख में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बताया था। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते हुए लिखा था कि, ‘मोदी की एनर्जी, तेजी और दूसरों से जुड़ने की इच्छा भारत को वैश्विक स्तर पर ‘प्रमुख संपत्ति’ बना रही है, लेकिन इस कार्य को उतना समर्थन नहीं मिल रहा है, जितना इसे मिलना चाहिए था। थरूर के इस लेख को लेकर कांग्रेस काफी नाराज है। पार्टी के कई नेता थरूर की आलोचना करते हुए कह चुके हैं कि वो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और इसके लिए चटुकारिता कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘यह थरूर की निजी राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी की नहीं है। कांग्रेस का दृष्टिकोण इससे काफी अलग है। हालांकि थरूर ने कहा कि उनके इस लेख को ‘भाजपा में शामिल होने’ का संकेत न समझा जाए। यह लेख राष्ट्रीय एकता और हित के साथ भारत के लिए खड़े होने का विचार है। थरूर ने यह भी कहा वो अपने इस लेख के माध्यम से देश के हित में अपने विचार रख रहे थे, न कि किसी खास व्यक्ति या पार्टी के हित में।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mallikarjun Kharge #kharge #tharoor #congress #nationfirst #politicalnews #india #breakingnews #mallikarjunkharge #shashitharoor

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Iran uranium missing

400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran- Real or Drama?: क्या सच में ईरान का 400 Kg संवर्धित यूरेनियम लापता हुआ है या फिर खेला अभी बाकी है?

बेशक ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर लागू होने से दोनों देशों के बीच युद्ध रुक गया है, लेकिन इस बीच तेहरान के 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को लेकर अफवाहें हैं कि थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, इजरायल और अमेरिका के हमले एकमात्र लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना था। हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना था। इसी उद्देश्य अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हवाई हमले किए। लेकिन इस बीच बड़ा सवाल यह कि 60 प्रतिशत संवर्धित 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम कहां (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है? फ़िलहाल इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। कई रिपोर्टों में तो यहाँ तक दावा किया गया है कि परमाणु संयंत्रों पर हमलों से पहले ही ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। जेडी वेंस ने कहा कि इस यूरेनियम से बनाए जा सकते (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) हैं 10 परमाणु हथियार ऐसे में महत्वपूर्ण बात यह कि यदि ईरान का 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम सुरक्षित (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है? तो फिर तो वो भविष्य में अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा सकता है। इस हिसाब से तो इजरायल और अमेरिका दोनों के हाथ खाली ही रहे। जिस उद्देश्य से उन्होंने युद्ध किया था वो तो पूरा ही नहीं हुआ, यदि 400 किलोग्राम यूरेनियम 60 प्रतिशत तक संवर्धित हैं तो। हालांकि इस बात को अधिक गंभीरता से इसलिए भी लिए जा रहा है क्योंकि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने एबीसी न्यूज चैनल से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि “ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर अमेरिकी हवाई हमले किए। अमेरिकी हमलों में ईरान के परमाणु संयंत्र ‘बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए या उन्हें एक तरह से मिटा दिया गया। फिर भी उन्हें संदेह है।” जेडी वेंस ने कहा कि इस यूरेनियम से 10 परमाणु हथियार बनाए जा सकते हैं।” इसे भी पढ़ें:- अमेरिकी बमों से नष्ट नहीं हुए ईरानी परमाणु ठिकानें, पेंटागन के खुफिया रिपोर्ट से हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा यदि 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है, तो वो आज नहीं तो, कल परमाणु हथियार बना ही लेगा यहाँ तक कि कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी हमलों से पहले ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में फोर्डो परमाणु सुविधा के बाहर 16 ट्रकों का काफिला दिखाई दिया था। हालांकि इस बीच इजरायली खुफिया ने भी शंका जताई है कि हो सकता है कि ईरान ने हमलों से पहले ही यूरेनियम को स्थानांतरित कर दिया हो। यही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के परमाणु संयंत्रों की तत्काल निरीक्षण की अपील की है। इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि गायब यूरेनियम को लेकर अमेरिका और इजरायल दोनों के माथे पर चिंता की लकीरे उठ रही हैं। खैर, इसमें कोई राय नहीं है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों ने ईरान को काफी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन बात फिर वही कि यदि 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास (400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama?) है, तो वो आज नहीं तो, कल परमाणु हथियार बना ही लेगा। फ़िलहाल ईरान और इजरायल के बीच अभी अस्थायी सीजफायर हुआ है। लापता 400 किलोग्राम यूरेनियम को नष्ट करने के लिए इजरायल आगे ईरान पर यदि हमला करता है, तो इसमें कोई हैरानी भी नहीं होनी चाहिए। देखना दिलचस्प होगा कि यह सीजफायर कब तक रहता है? Latest News in Hindi Today Hindi 400 Kg Enriched Uranium Missing from Iran – Real or Drama? #iran #uranium #missinguranium #nuclearnews #irannews #enricheduranium #truthordrama

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