CM Fadnavis and BJP State President

‘राहुल गांधी महाराष्ट्र के बारे में कुछ नहीं जानते, बचकाना हरकतें कर फजीहत कराते हैं’, बोले सीएम फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष 

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक बार फिर से चुनाव आयोग (Election Commission) पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने राहुल गांधी को घेरते हुए करारा हमला बोला। बावनकुले ने कहा, ‘कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शायद महाराष्ट्र के बारे में कुछ भी पढ़ा नहीं है। जिसकी वजह से वो ऐसी बचकाना हरकतें कर रहे हैं। राज्य में कई ऐसी विधानसभा हैं, जहां पर 8 से लेकर 10% तक वोट बढ़े हैं। ऐसी विधानसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार भी चुने गए हैं और विपक्षी गठबंधन में शामिल कांग्रेस व एनसीपी के भी।’ बावनकुले ने कहा, ‘राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दरअसल चुनाव आयोग (Election Commission) पर झूठे आरोप लगाकर आगामी बिहार विधानसभा और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में अपने नेताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे वे चुनाव लड़ें। क्योंकि हार से निराश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता चुनाव लड़ने तक को तैयार नहीं।’ बावनकुले ने यह भी कहा कि ‘मैं राहुल गांधी को महाराष्ट्र के 50 ऐसे विधानसभा क्षेत्र बता सकता हूं, जहां पर वोट संख्या बढ़ने के बाद शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। राहुल गांधी इस तरह के बयान देकर सिर्फ और सिर्फ अपनी डैमेज लीडरशिप को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।’ राहुल ने चुनाव आयोग और सीएम फडणवीस पर लगाया आरोप  बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी चुनाव आयोग (Election Commission) को घेरते नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से सोशल मीडिया पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए है। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘लोकसभा और विधानसभा चुनाव  के बीच नागपुर साउथ वेस्ट सीट पर 8 परसेंट मतदाता बढ़ गए। इस सीट के कुछ बूथों पर तो वोटर्स की संख्या में 20 से 50 परसेंट तक का भारी इजाफा हुआ है। इनमें हजारों वोटर्स ऐसे थे, जिनके एड्रेस तक वेरिफाई नहीं हो पाए। ये सरेआम वोट की चोरी है और चुनाव आयोग खामोश बैठा है।   बता दें कि नागपुर साउथ वेस्ट सीट से देवेंद्र फडणवीस चुनाव लड़ते हैं और वो यहां से चौथी बार चुनाव जीते हैं। राहुल गांधी ने अपने इस पोस्ट में चुनाव आयोग के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को भी घेरने की कोशिश की।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? फडणवीस ने राहुल के आरोपों पर दिया करारा जवाब राहुल गांधी के इन आरोपों पर सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी पटवार करने में देरी नहीं की। सीएम फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि, राज्य में 25 से ज्यादा ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 8 फीसदी से ज्यादा वोट संख्या बढ़ा है। इनमें से कई सीटों पर विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। सीएम फडणवीस ने नागपुर नॉर्थ और वेस्ट सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सीटों पर 7 फीसदी मतदाता बढ़े और इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। फडणवीस ने पुणे की वड़गांव शेरी और मुंब्रा विधानसभा सीट के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वड़गांव शेरी सीट पर मतदाताओं की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई और यहां पर शरद पवार की पार्टी के उम्मीदवार बापू साहेब पठारे जीते। इसी तरह मुंब्रा सीट पर 9 फीसदी मतदाता बढ़े और यहां पर जितेंद्र आव्हाड को जीत मिली। इसलिए मैं राहुल गांधी को एक सलाह देता हूं कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले और कोई भी आरोप लगाने से पहले कम से कम महाराष्ट्र में मौजूद अपनी पार्टी के नेताओं से एक बार जरूर बात कर लें। इससे वो फजीहत होने से बच जाएंगे। फडणवीस ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को झूठ बोलने और दूसरों पर आरोप लगाने की आदत है। उनके लए मैं कहना चाहूंगा कि, ‘झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो’  Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #RahulGandhi #DevendraFadnavis #MaharashtraPolitics #BJPvsCongress #PoliticalNews

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AIMIM chief Asaduddin Owaisi

Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims: वक्फ बिल पर ओवैसी का नया राग, “काूनन बनाकर मुस्लिमों को नहीं डरा सकते”

वक्फ संशोधन बिल (Waqf Bill) को लेकर पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ है। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर ऑल इंडिया मजिलस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाते हुए बड़ा बयान (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) दिया है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जो लोग मानते हैं कि वे इस तरह के कानून बनाकर मुस्लिम समुदाय को डरा सकते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि पीएम मोदी या भाजपा सरकार हमसे वक्फ के तहत जमीन नहीं छीन सकती।  मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी- असदुद्दीन ओवैसी दरअसल। कर्नाटक के रायचूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि “ये लोग समझ रहे हैं कि मुस्लिमों को ये कानून बनाकर डराया जाएगा। पीएम मोदी और मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी। ये काला कानून है। ये संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के खिलाफ है। जोकि चैप्टर 3 का अधिकार है। ओवैसी यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, “हम रायचूर के हिंदू भाइयों को संदेश देना चाहते हैं कि आपको एंडोवमेंट बोर्ड में हिंदू सदस्य बन सकता है तो मुस्लिमों को वक्फ में कैसे गैर मुस्लिम सदस्य बनेगा?” इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा, यह कानून असंवैधानिक (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है एआईएमआईएम के मुखिया ने कहा कि “वक्फ कानून में पांच साल के प्रावधान पर सवाल उठाए गए हैं। ये 5 साल के मुसलमान का कानून क्या है? ये 5 साल का नियम कहां से लगाया गया (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है।” गौरतलब हो कि ओवैसी वक्फ संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि “वे गांधी की तरह इस बिल को फाड़ रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा। यह कानून असंवैधानिक है।” इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना भी साधा। वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है- सांसद इमरान प्रतापगढ़ी यही नहीं, बीते सोमवार को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि “केंद्र की मोदी सरकार की ओर से वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है। आने वाले दिनों में जब भी केंद्र में सरकार बदलेगी तब एक झटके में वक्फ संशोधित कानून को बदल दिया जाएगा, इसलिए आप मायूस न हो।” बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी रांची के बरियातू के पहाड़ी मैदान में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से आयोजित तहफ्फुज-ए-औकाफ कॉन्फ्रेंस में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? जाने क्या है वक्फ संसोधन बिल? दरअसल , वक्फ बिल 2024, वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने वाला एक ऐसा विधेयक है, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए नियमों को सख्त करना है। इसके साथ ही वक्फ बिल में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना, कलेक्टर को संपत्ति सर्वे का अधिकार देने और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान भी शामिल है। अब विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं। उनका दावा है कि यह बिल सिर्फ वक्फ संपत्तियों को कमजोर करेगा बल्कि सरकारी हस्तक्षेप को भी बढ़ाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims #owaisi #waqfbill #aimim #muslimrights #indianpolitics

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Lalu Prasad Yadav’s son Tej Pratap

Tej Pratap Yadav to Become Pilot: लालू के लाल तेजप्रताप यादव अब बनेंगे पायलट बनेंगे और उड़ाएंगे हवाई जहाज 

बीते दिनों बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सुरक्षा की गुहार लगाने वाले तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) अब पायलट बनने जा रहे हैं। एक तरह से वो अपने वो अपने सपने को पूरा करने के करीब (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं। दरअसल, उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय ने 18 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया है। इन उम्मीदवारों में तेज प्रताप का भी नाम शामिल है। इसके बाद उन्हें कमर्शियल पायलट लाइसेंस कोर्स में दाखिला लेने की अनुमति मिल गई है। दरअसल, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने इससे पहले प्राइवेट पायलट लाइसेंस और कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस कोर्स में दाखिल के लिए साक्षात्कार दिया था। इसके मुताबिक, बिहार के विधायक तेज प्रताप यादव को वाणिज्य विमान चालक कोर्स में दाखिले की अनुमति मिली है।  तेज प्रताप को मिला है (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) पांचवां स्थान गौरतलब हो कि उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय एक ऐसा संस्थान है जो पायलटों को ट्रेनिंग देता है। यह संस्थान उन लोगों को चुनता है, जो पायलट बनने के लिए सबसे योग्य होते हैं। तेज प्रताप यादव को इस संस्थान ने सफल घोषित किया (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) है। जानकारी के मुताबिक तेज प्रताप ने 2023-24 में सीपीएल कोर्स में एडमिशन के लिए इंटरव्यू दिया था। यह इंटरव्यू उन्होंने पास कर लिया है। इस बीच निदेशालय ने सफल उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में तेज प्रताप को पांचवां स्थान मिला है। कुल 20 सीटों में से 18 उम्मीदवार चुने गए हैं, जिनमें तेज प्रताप भी हैं। वो सामान्य श्रेणी के तहत चुने गए हैं। अब वे औपचारिक रूप से कोर्स में दाखिला लेकर पायलट बनने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं।  अगर देश को उनकी पायलट ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ी, तो वो तैयार (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) इससे पहले भी पायलट बनने की इच्छा जता चुके हैं। कुछ दिनों पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। तभी तेज प्रताप यादव ने अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर लिखा लिखा था कि अगर देश को उनकी पायलट ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ी, तो वो तैयार हैं। उन्होंने कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) कोर्स के लिए इंटरव्यू पास कर लिया है। बता दें कि कुछ दिनों पहले तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो पायलट की वर्दी में नजर आ (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) रहे थे। इस वीडियो को देखें तो उसमें उनके पीछे एक देशभक्ति गीत बज रहा है और वह एक विमान में बैठते भी दिखाई दे रहे हैं। तेज प्रताप ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा…”जो व्यक्ति हवाई जहाज उड़ाता है, उसे अदृश्य में विश्वास करना चाहिए। सर्वश्रेष्ठ पायलट दूसरों की तुलना में अधिक उड़ान भरते हैं; इसलिए वे सर्वश्रेष्ठ हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? अक्सर विवादों में रहते (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं तेजप्रताप यादव बात करें तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के निजी जीवन की तो वो अक्सर विवादों में रहते (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं। कारण यही जो उन्हें लेकर अक्सर परिवार में भी उथल-पुथल मची रहती है। बीते दिनों उन्हें आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक वीडियो वायरल होने के बाद परिवार और आरजेडी से बेदखल करने का फैसला लिया था। दरअसल, तेजप्रताप की एक महिला के साथ तस्वीरें और वीडियोज वायरल हुए थे। हालांकि तेज प्रताप यादव ने इसे अपने खिलाफ गहरी साजिश करार दिया है। खैर, अगर सब सही रहा, तो तेज प्रताप जल्द ही कमर्शियल पायलट बनकर देश की सेवा के लिए तैयार रहेंगे। देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप कब तक पायलट बनते हैं और देश के लिए क्या करते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news #TejPratapYadav #PilotTraining #LaluYadav #BiharPolitics #TejPratapNews

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Election Commission replies to Rahul Gandhi’s comments

ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks: राहुल गाँधी को चुनाव आयोग का जवाब, कहा- चुनाव नियमों के अनुसार होते हैं, देवेंद्र फडणवीस ने घेरा 

रायबरेली से कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने  भाजपा पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में धांधली करने का आरोप लगाया था। उनके द्वारा धांधली के लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने ईमेल भेजकर जवाब दिया (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) है। जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव पूरी तरह संसद द्वारा पारित कानूनों और निर्धारित नियमों के मुताबिक ही कराए जाते हैं। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस या उसके उम्मीदवारों को किसी प्रकार की आपत्ति थी, तो उसे चुनाव याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी जानी चाहिए थी। आयोग ने राहुल गांधी को आश्वासन दिया कि यदि उनके पास अभी भी कोई मुद्दा है तो वे लिखित में भेज सकते हैं। यहाँ तक कि आयोग ने व्यक्तिगत बैठक के लिए भी समय निर्धारित करने की विकल्प दिया।  महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव विकेंद्रीकृत प्रणाली के तहत (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) जाते हैं कराए  बता दें कि आयोग ने 12 जून को ईमेल के जरिए भेजे गए पत्र में कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव विकेंद्रीकृत प्रणाली के तहत कराए (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) जाते हैं। इसमें 1 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर, 288 चुनाव पंजीकरण अधिकारी, 139 सामान्य पर्यवेक्षक, 41 पुलिस पर्यवेक्षक, 71 व्यय पर्यवेक्षक और 288 निर्वाचन अधिकारी शामिल होते हैं। इसके अलावा, राज्यभर में राजनीतिक दलों द्वारा 1,08,026 बूथ स्तर के एजेंट नियुक्त किए गए, जिनमें से 28,421 एजेंट तो कांग्रेस के ही थे। आयोग ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर फैली चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं।   राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) उठाए सवाल  इस बीच मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर विधानसभा चुनाव में वोटर टर्नआउट में बढ़ोतरी को लेकर चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) पर सवाल (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) उठाए। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्वाचन क्षेत्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच महज पांच महीने में मतदाताओं की संख्या में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। मीडिया को हजारों ऐसे मतदाता मिले, जिनके पास आधिकारिक आवासीय पता भी नहीं था। राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाया था कि यह एक तरह की वोट चोरी है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? राहुल गांधी महाराष्ट्र में वोटर्स की संख्या को लेकर लगातार सवाल उठा (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) रहे हैं गौरतलब हो कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) महाराष्ट्र में वोटर्स की संख्या को लेकर लगातार सवाल उठा (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) रहे हैं। इस बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कांग्रेस नेता पर पलटवार किया है। राहुल गांधी के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में हार का राहुल गांधी का दर्द दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, लेकिन आप कब तक हवा में तीर चलाते रहेंगे? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र में 25 से ज़्यादा ऐसे निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच मतदाताओं की संख्या में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में 25 निर्वाचन क्षेत्रों में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान प्रतिशत में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और कई स्थानों पर कांग्रेस को जीत भी मिली है।  असलम शेख, विकास ठाकरे, नितिन राऊत जैसे पुराने सहयोगीयों से, इस ट्वीट से पहले एक बार बात कर लेते- मुख्यमंत्री फडणवीस  फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने उदाहरण देते हुए कहा कि मेरे दक्षिण-पश्चिम नागपुर निर्वाचन क्षेत्र से सटे पश्चिम नागपुर निर्वाचन क्षेत्र में मतदान प्रतिशत में 7 प्रतिशत (27,065) की वृद्धि हुई है और वहां से कांग्रेस के विकास ठाकरे चुने गए (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) हैं। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सहयोगी दलों से भले ही नहीं, लेकिन अपनी ही पार्टी के असलम शेख, विकास ठाकरे, नितिन राऊत जैसे पुराने सहयोगीयों से, इस ट्वीट से पहले एक बार बात कर लेते, तो अच्छा होता। कम से कम कांग्रेस में संवाद के अभाव का इतना बुरा प्रदर्शन नहीं होता।  Latest News in Hindi Today Hindi news ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks #eci #rahulgandhi #fadnavis #electioncommission #india2025 #politicsnews #rahulvsfadnavis

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Abu Azmi apologizes to Hindus

Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark: इस वजह से विधायक अबू आजमी को हिंदुओं से मांगनी पड़ी माफ़ी

अक्सर अपने बेतुके बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी (Abu Azmi) एक बार फिर फंसते नजर आ रहे हैं। खुद को फंसता देख उन्होंने वारकरी संप्रदाय की भावनाएं आहत होने पर माफी मांगी है। दरअसल, उन्होंने महाराष्ट्र की प्रसिद्ध वारी यात्रा को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया था। पंढरपुर में संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम की पालखी यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, इस यात्रा के चलते सड़कों पर जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) है। वो यहीं नहीं रुके, सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हिंदुओं के त्योहारों पर मुसलमान कोई आपत्ति नहीं जताते, लेकिन जब मुसलमान नमाज अदा करते हैं, तब शिकायतें की जाती हैं। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, मस्जिद के बाहर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, इसका विरोध किया जाता है। लेकिन, हम हमेशा हिंदू भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। उन्होंने आगे कहा, आज तक किसी भी मुसलमान ने यह शिकायत नहीं की कि हिंदू त्योहारों की वजह से रास्ता बंद होता है, लेकिन जब मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती है, तो यूपी के मुख्यमंत्री कहते हैं कि अगर बाहर नमाज पढ़ी गई तो पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।  वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है, लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) किया हालाँकि अपने बयान में अबू आजमी (Abu Azmi) ने यह भी आरोप लगाया कि मुसलमानों को सार्वजनिक जमीन या आयोजन के लिए आसानी से जगह नहीं मिलती। आज जब मैं सोलापुर आ रहा था, तब मुझे बताया गया कि पालखी आने वाली है, जल्दी निकलो वरना रास्ता जाम हो जाएगा। वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है, लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं किया। मुसलमानों के लिए जानबूझकर जमीन नहीं दी जाती।  फिर क्या था, उनके बयान के वायरल होते ही महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल मच गया। बीजेपी समेत अन्य दलों के नेताओं ने अबू आजमी के बयान की (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) कड़ी आलोचना करते हुए इसे सांप्रदायिक मुद्दा बना दिया। खुद को चौतरफा घिरता देख उन्होंने मांफी मांगी। और सफाई देते हुए लिखा, सोलापुर में मेरे द्वारा की गई एक टिप्पणी को लेकर जो गलतफहमियां फैली हैं। मैं उन्हें स्पष्ट करना चाहता हूं। मेरे वक्तव्य को तोड़-मरोड़ कर और दुर्भावनापूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। अगर इससे वारकरी सम्प्रदाय की धार्मिक भावना आहत हुई हो, तो मैं अपने शब्द पूरी तरह से वापस लेता हूं और क्षमा चाहता हूं। मेरी मंशा कभी भी किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? यह किसी प्रकार की तुलना नहीं थी और मेरी नीयत और मेरी मांग किसी भी रूप में अनुचित नहीं थी- अबू आजमी  अबू आजमी (Abu Azmi) ने सफाई देते हुए कहा, मैं एक समर्पित समाजवादी हूं और हमेशा से हर धर्म, संस्कृति, सूफी संतों तथा उनकी परंपराओं का आदर करता आया हूं। मैं वारी परंपरा का पालन कर रहे सभी वारकरी भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) देता हूं और उनके प्रति अपनी सम्मानभावना प्रकट करता हूं। यह परंपरा महाराष्ट्र की सर्वधर्मीय, समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का गौरवपूर्ण हिस्सा है, जिसका मैं व्यक्तिगत रूप से सम्मान करता हूं। सपा विधायक ने कहा, मेरे द्वारा वारी पालखी का उल्लेख केवल मुस्लिम समाज के साथ हो रहे भेदभाव और उनके अधिकारों के संदर्भ में किया गया था। यह किसी प्रकार की तुलना नहीं थी और मेरी नीयत और मेरी मांग किसी भी रूप में अनुचित नहीं थी। उन्होंने कहा, मेरी केवल इतनी मंशा थी कि सरकार का ध्यान इस बात की ओर आकृष्ट कर सकूं कि उसके दोहरे मापदंड अल्पसंख्यक समुदाय के मन में यह भावना न उत्पन्न करें कि उनके लिए इस देश में अलग कानून हैं, जबकि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कहते हैं सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। आखिर में अपनी बात रखते हुए अबू आजमी ने कहा, हम उपेक्षित समाज के हक़, सम्मान और बराबरी की लड़ाई मजबूती से जारी रखेंगे, लेकिन कभी भी देश की एकता पर आंच नहीं आने देंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark #abuazmi #hindusapology #politicalnews #controversialremark #indianpolitics #breakingnews #latestupdate

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MNS controversy

विधानमंडल में जो लोग बैठे, वो नपुंसक, मराठी भाषा विवाद में MNS नेता का बेतुका बयान, शिवसेना लाएगी विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव 

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद (Marathi Language Controversy) में मनसे मुंबई अध्यक्ष संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने विवादास्पद बयान दे दिया है। महाराष्ट्र विधानभवन में इस समय संसद और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानमंडल की प्राक्कलन समितियों का राष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा है। इस कार्यक्रम में मराठी का बैनर न होने को लेकर संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने कहा, जो लोग विधानमंडल में बैठे हुए हैं, वे ‘नपुंसक’ बन चुके हैं और यह महाराष्ट्र के लिए दुर्भाग्य है। देशपांडे के इस बयान पर अब सियासी घमासान शुरू हो गया। मराठी हमारी मातृभाषा है, इसे कोई मिटा नहीं सकता है देशपांडे की इस विवावदास्पद टिप्पणियों पर शिवसेना मंत्री गुलाबराव पाटिल (Gulabrao Patil) ने नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाटिल ने कहा, ”विधानमंडल का अपमान करने के लिए वे जल्द ही देशपांडे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएंगे। किसी भी चीज की आलोचना करना सही है, लेकिन हर आलोचना की एक गरिमा होती है, उस सीमा को पार नहीं करना चाहिए। विधानमंडल सम्मानित जगह है, जिसे अपमानित करने वालों को सजा जरूर मिलना चाहिए।” वहीं विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोर्हे (Neelam Gorhe) ने देशपांडे के बयान का जवाब देते हुए कहा, मराठी हमारी मातृभाषा है, इसे कोई मिटा नहीं सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मराठी भाषा को शास्त्रीय दर्जा दिलाया है। राजनीति के लिए छोटी-छोटी बातों पर आलोचना करना अनावश्यक है। इस तरह के अपमानित बयान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।    अपने बयान पर कायम, मराठी भाषा के लिए जेल जाने को भी तैयार- देशपांडे  संदीप देशपांडे (Sandeep Deshpande) ने अपने बयान का विरोध होता देख सफाई भी दी है। देशपांडे ने कहा, मैं अपने पहले के बयान पर अभी भी कायम हूं, क्योंकि मैंने केवल मराठी भाषा विरोधी मानसिकता के बारे में बात की थी, किसी व्यक्ति के बारे में मैनें कुछ नहीं कहा था। मैं किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हूं। इसके साथ देशपांडे ने यह भी कहा कि, अगर मेरी बात से कोई परेशान या नाराज है, तो उसे खुद पर विचार करना चाहिए। हम मराठी भाषी ही अगर अपनी भाषा को जीवित नहीं रखेंगे, तो कौन रखेगा, क्या बिहार और यूपी के बाहरी लोग? देशपांड ने आगे कहा, लोकसभा ने 22 प्रमुख भाषाओं को मान्यता दे रखी है, इसलिए जिस राज्य में कार्यक्रम हो रहा है, वहां की भाषा होनी चाहिए। मैं मराठी भाषा और मराठी मानुष के लिए जेल तक जाने को तैयार हूं। मराठी भाषा पर बढ़ते विवाद पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बयान दिया है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में शिंदे ने कहा, इस सम्मेलन का आयोजन लोकसभा सचिवालय द्वारा किया गया था। इसलिए कार्यक्रम का बैनर हिंदी और अंग्रेजी में था। अगर इसका आयोजन महाराष्ट्र सरकार द्वारा किया जाता तो कार्यक्रम का बैनर मराठी भाषा में होता।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? भारत करेगा अंतर-संसदीय मैत्री समूह- ओम बिरला बता दें कि संसद और राज्य विधायी निकायों की प्राक्कलन समितियों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार को शुरू हुआ। इस सम्‍मेलन में प्रशासन की दक्षता और बजट आकलन की प्रभावी निगरानी की भूमिका पर चर्चा किया जाएगा। इस सम्मेलन को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने भी संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान घोषणा कि की भारत की नीति को विदेशों में आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही विभिन्न देशों की संसदों के साथ एक मैत्री समूह की स्थापना की जाएगी। इस अंतर-संसदीय मैत्री समूह को स्थापित करने का सुझाव बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों का दौरा कर वापस लौटने के बाद दिया। इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आमे बिरला ने इस संसदीय मैत्री समूह को स्थापित करने के लिए कई देशों ने अनुरोध किया है। इसके बनने के बाद दूसरे देशों के साथ त्वरित संपर्क करने और मुद्दों को सुलझाने में आसानी होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Om Birla #mnscontroversy #marathilanguage #shivsenanews #maharashtrapolitics #privilegemotion #assemblydebate #politicalnews

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Arvind Kejriwal- AAP

गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट?

हाल ही में हुए उपचुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने दो महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। पहली जीत गुजरात की विसावदर (Visavadar Gujarat) और दूसरी जीत पंजाब की लुधियाना पश्चिम (Punjab Ludhiana West) में मिली है। इस जीत के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Former Chief Minister Arvind Kejriwal) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने इस विजय को जनता के विश्वास और पार्टी के कार्यों की स्वीकृति का प्रतीक बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह जीत साल 2027 के आम चुनावों का संकेत है और उस वर्ष तूफान आने वाला है। दो राज्यों में मिली बड़ी सफलता पांच राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने दो पर जीत हासिल की। इन सीटों में गुजरात की विसावदर और पंजाब की लुधियाना पश्चिम (Visavadar Gujarat and Punjab Ludhiana West) शामिल हैं। इन दोनों ही जगहों पर पार्टी ने पिछली बार की तुलना में दोगुने अंतर से जीत दर्ज की है। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहां पंजाब में उनकी सरकार पहले से है, वहीं गुजरात में भाजपा की मजबूत पकड़ के बावजूद जनता ने आम आदमी पार्टी को चुना। उन्होंने कहा कि “गुजरात में बीजेपी की शासन प्रणाली, पुलिस, प्रशासन और एजेंसियों पर मजबूत पकड़ है। इसके बावजूद, विसावदर की जनता ने हमें डबल मार्जिन से जिताया। यह इस बात का प्रमाण है कि लोग बीजेपी के 30 वर्षों के शासन से परेशान हो चुके हैं और अब बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।” View this post on Instagram A post shared by Aam Aadmi Party | AAP (@aamaadmiparty) लुधियाना पश्चिम की जीत और जनता का मूड लुधियाना पश्चिम सीट (Ludhiana West Seat) पर आप के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora), जो राज्यसभा सांसद भी हैं और अब चुनाव भी जीत चुके हैं। यह सीट पहले कांग्रेस (Congress) के कब्जे में थी, लेकिन अब वहां की जनता ने आम आदमी पार्टी के पक्ष में मतदान कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे पार्टी के कामकाज से संतुष्ट हैं। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा पंजाब में हमने जब 2022 में विधानसभा चुनाव जीता था, तब कहा गया था कि यह आम आदमी पार्टी की आंधी है। अब उपचुनाव में उसी सीट पर हम दुगने अंतर से जीते हैं, तो यह दर्शाता है कि जनता का भरोसा हम पर और मजबूत हुआ है। यह एक सेमीफाइनल जैसा है, 2027 में तो तूफान ही आएगा। राज्यसभा जाने की अटकलों पर जवाब प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) से पूछा गया कि क्या वे राज्यसभा जाने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं राज्यसभा नहीं जा रहा हूं। यह निर्णय पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी कि राज्यसभा कौन जाएगा।” इस उत्तर से उन्होंने यह संकेत भी दिया कि उनका लक्ष्य अभी ज़मीन पर रहकर पार्टी को आगे बढ़ाना है। इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! क्या है जनता का संदेश? अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जोर देकर कहा कि उपचुनाव के नतीजे केवल जीत का प्रमाण नहीं हैं, बल्कि जनता की ओर से एक स्पष्ट संदेश भी हैं कि जनता वही पार्टी चुनेगी जो उनके लिए काम करती है। दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकारों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दों पर जो काम किया है, उसका असर अब दूसरे राज्यों में भी दिखने लगा है। गुजरात जैसे राज्य जहां बीजेपी (BJP) की मजबूत पकड़ रही है, वहां भी अब बदलाव की हवा बहती दिख रही है। विसावदर सीट पर मिली जीत इस बात का संकेत है कि लोग अब पारंपरिक राजनीति से ऊपर उठकर परिणामों पर ध्यान दे रहे हैं। गुजरात और पंजाब (Gujrat and Punjab) में मिली इस जीत ने आम आदमी पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा दी है। यह जीत न सिर्फ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक है, बल्कि यह पूरे देश की राजनीति में एक नया संकेत भी दे रही है कि जनता अब विकल्प चाहती है और वह विकल्प उन्हें काम करने वाली पार्टियों में दिख रहा है। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के शब्दों में साल 2027 में तूफान आने वाला बयान सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि आने वाले सालों में भारतीय राजनीति की दिशा और दशा को दर्शाने वाला संकेत भी हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Arvind Kejriwal #Visavadar #Ludhiana #Election2025 #AAP #Arvindkejriwal

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Tej Pratap Yadav Claims Life Threat

Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help: लालू के लाल के नए बोल, बताया खुद की जान को खतरा, तेज प्रताप यादव ने नीतीश सरकार से लगाई गुहार

लालू प्रसाद यादव ने आज राष्ट्रिय जनता दल (आरजेडी) राष्ट्रीय अध्यक्ष का नॉमिनेशन दाखिल किया। नॉमिनेशन के बाद बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का पहला रिएक्शन सामने आया। उन्होंने अपने पिताजी के दोबारा अध्यक्ष होने पर खुशी जाहिर की और लगे हाथ तेजस्वी यादव को भी आशीर्वाद दे डाला। इस बीच अपनी जान को खतरा बताते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, बिहार सरकार से कहना चाहते हैं कि मेरी सुरक्षा बढ़ाई (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) जाए, हमें जान का खतरा है। हम अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटेंगे। जो भी 4-5 लोगों ने मेरे जीवन को खराब करने का काम किया है, मैं उनको नहीं छोडूंगा। पार्टी से निकालने वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे साथ अन्याय हुआ।  4-5 लोगों ने आपस में मिलकर मुझे पार्टी से बाहर करवाने की साजिश रची (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) है पार्टी से निकालने वाले सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि “जिस तरीके से मेरे खिलाफ साजिश की गई, वह किसी से छपा नहीं है। 4-5 लोगों ने आपस में मिलकर मुझे पार्टी से बाहर करवाने की साजिश रची और यह सबकुछ सबने अपनी आंखों से देखा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) है। बिहार की जनता जानती है कि मेरा स्वभाव कैसा है। मैं हमेशा सबके साथ सहजता से मिलता हूं, लेकिन कुछ लोग जो पार्टी में ऊंचे पदों पर बैठे हैं, उन्होंने ये सोचा कि तेज प्रताप को दबा लेंगे। पर उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि तेज प्रताप दबने वालों में से नहीं है। जो भी कुछ हुआ, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी, वो भी किसी से छिपा नहीं है।  मैं किसी से डरने वाला (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) नहीं हूं, मेरे लिए अदालत का रास्ता हमेशा खुला है पिता लालू यादव के आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने पर खुशी जताते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, मैंने हमेशा अपने माता-पिता का आदर और सम्मान किया है और आगे भी करता रहूंगा। मेरे ऊपर उनका आशीर्वाद और सहयोग हमेशा बना रहेगा। मेरे छोटे तेजस्वी यादव को मेरा पूरा आशीर्वाद है। मैं कामना करता हूं कि वे आगे बढ़ें और बिहार के मुख्यमंत्री बनें। वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि मैं किसी से डरने वाला (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) नहीं हूं। मेरे लिए अदालत का रास्ता हमेशा खुला है और अगर ज़रूरत पड़ी तो मैं वहां भी जाऊंगा। मैं आज मीडिया के माध्यम से पूरे बिहार की जनता को बताना चाहता हूं कि मेरे साथ अन्याय हुआ है और मैं उन लोगों को खुली चुनौती देता हूं, जिन्होंने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा।  यदि मुझ पर और दबाव डाला गया तो मैं कानूनी रास्ता (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) अपनाऊंगा निजी जीवन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मेरे निजी जीवन पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए, जो कोई भी इंसान बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि मुझ पर और दबाव डाला गया तो मैं कानूनी रास्ता (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) अपनाऊंगा। मैं बिहार सरकार से अपील करता हूं कि मेरी सुरक्षा बढ़ाई जाए। मुझे अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटूंगा। जिन 4-5 लोगों ने मेरे निजी जीवन में दखल देकर उसे खराब करने की कोशिश की है, उन्हें मैं किसी कीमत पर नहीं छोड़ूंगा।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा असली नेता वही होता है जो जनता के दुख-दर्द को समझे और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) रहे पार्टी बनाने की बात पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि पार्टी बनाने की बात कहकर अफवाह उड़ाई जा रही है। हमारा उद्देश्य पार्टी बनाना नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी आवाज बनना है. क्या चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ही जरूरी है? असली नेता वही होता है जो जनता के दुख-दर्द को समझे और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) रहे। मैं हर चुनौती का सामना खुलकर करूंगा। मुझे कोई रोक नहीं सकता। दुख की घड़ी में जो लोग मेरे साथ खड़े हैं, वही मेरे लिए भगवान हैं। और सबसे अहम बात, मेरा निजी जीवन है, उसमें दखल देने का किसी को अधिकार नहीं है। तेजस्वी जी को मेरी शुभकामनाएं हैं, वे आगे बढ़ें, राज्य का नेतृत्व करें, मेरा आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help #tejpratapyadav #nitishkumar #rjdnews #biharpolitics #laluyadav #lifethreatclaim #breakingnews

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BJP Congress TMC seats

AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each: 5 में से 2 सीटों पर जीती आप.., कांग्रेस, टीएमसी और बीजेपी को एक-एक सीट से करना पड़ा संतोष

4 राज्यों की 5 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए मतों की गणना का कार्य जारी है। 5 में से 2 सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिली है। कांग्रेस, बीजेपी और टीएमसी को एक-एक सीट पर जीत मिली है। गुजरात के कडी सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजेंद्र चावड़ा चुनाव जीत गए हैं। वहीं विसावदर सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गोपाल इटालिया चुनाव जीत गए हैं। केरल के नीलांबुर सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार ने माकपा के उम्मीदवार को हरा कर एक बार फिर सीट बरकरार रखा है। बंगाल की कलीगंज सीट से टीएमसी के उम्मीदवार अलीफा अहमद को बीजेपी के प्रत्याशी के खिलाफ निर्णायक बढ़त मिल गई है तो वहीं पंजाब के लुधियाना वेस्ट सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार चुनाव जीत गए (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, 19 जून को केरल की नीलांबुर सीट पर उपचुनाव में 75.27 प्रतिशत वोट पड़े थे। पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर 73.36 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। गुजरात की विसावदर सीट पर 56.89 प्रतिशत और कडी सीट पर 57.91 प्रतिशत मतदान हुआ था तो वहीं पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर 51.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गय था।  लुधियाना पश्चिम और विसाबदर विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) बड़ी जीत की हासिल  गौरतलब हो कि पंजाब के लुधियाना पश्चिम और गुजरात के विसाबदर विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने बड़ी जीत हासिल की है। बता दें कि गुजरात और पंजाब में हुए उप-चुनाव में आप ने तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से दो सीटों लुधियाना पश्चिम और विसाबदर पर आप ने जीत दर्ज की (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) है। आप के अलावा एक सीट पर बीजेपी  को जीत मिली। बेशक पांच महीने पहले दिल्ली की सत्ता से हाथ धो चुकी आम आदमी पार्टी के लिए यह जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है। उप-चुनाव में दोनों ही सीट बचाने के बाद आप ने अरविंद केजरीवाल के लिए एक्स पर पोस्ट कर राष्ट्रीय राजनीति पर उनके उभार की बात कही। वहीं इस जीत से लालायित आप नेता मनीष सिसोदिया ने एक्स पर लिखा, पंजाब में सेमीफाइनल में मिली शानदार जीत। अब फाइनल की बारी है! अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और संजीव अरोड़ा और आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को दिल से बधाई। अनुराग ढांढा ने एक्स पर लिखा लिखा कि रहते हैं वो ख़ामोश अकसर। ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं। मोदी के गढ़ गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस को विधानसभा उपचुनाव में पटकनी देकर अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजनीति में जबरदस्त वापसी की है।  हम आप के गढ़ गुजरात में भी उपचुनाव में बहुत बड़े अंतर से जीत रहे (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं- सौरभ भारद्वाज इस जीत पर दिल्ली में आप के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह आप के लिए बहुत बड़ी जीत है। राजनीतिक विश्लेषक कह रहे थे कि आप पार्टी के रूप में खत्म हो जाएगी, लेकिन दिल्ली में हार के बाद आप लुधियाना पश्चिम (विधानसभा उपचुनाव) जीत रही है और हम आप के गढ़ गुजरात में भी उपचुनाव में बहुत बड़े अंतर से जीत रहे (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं। मुझे लगता है कि यह एक बड़ी जीत है। कुछ लोग कहते थे कि अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय राजनीति में हाशिए पर चले जाएंगे। यह एक शानदार वापसी है। खैर, गुजरात और पंजाब में हुए उप-चुनाव के बाद अब आप मिशन 2027 में जुट गई है। उसके लिए एक तरफ जहाँ पंजाब में सत्ता बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है तो वहीं दूसरी तरफ गुजरात में बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस को पछाड़ते हुए अपनी जमीन तैयार करनी है। कहने की जरूरत उप-चुनाव में जीत से आप कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा सभी 5 विधानसभा चुनावों पर उपचुनावों को लेकर 26 मई को जारी हुई थी अधिसूचना  बता दें कि कालीगंज सीट विधायक नसरुद्दीन अहमद के निधन के बाद खाली हुई (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) थी। गुजरात की कडी सीट विधायक करसन सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई, जबकि विसावदर में आप विधायक भूपेंद्र भयानी ने इस्तीफा दिया था। केरल की नीलांबुर विधानसभा सीट विधायक पीवी अनवर के इस्तीफे के बाद खाली हुई तो पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट से विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी का निधन हुआ था। जिस कारण उपचुनाव कराने पड़े। सभी 5 विधानसभा चुनावों पर उपचुनावों को लेकर 26 मई को अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद 2 जून तक नॉमिनेशन दाखिल करने की प्रक्रिया चली। उम्मीदवारों के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 5 जून थी।  Latest News in Hindi Today Hindi  AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each #aapvictory #bypollresults #indianelections #bjpnews #congressupdate #tmcnews #aapvsbjp

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Maharashtra 2025 elections

महाराष्ट्र की राजनीति में क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दबाव बनाने के आरोप पर संजय राउत ने कह दी बड़ी बात 

शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा अभी खत्म नहीं हुई है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने इस गठबंधन को लेकर विराम लगती चर्चा को एक बार फिर से हवा दे दी है। संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा है कि दोनों दलों के बीच अभी बातचीत चल रही है। किसी भी अन्य की तरफ से इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करना अनुचित है। आखिरी निर्णय उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे खुद करेंगे।  संजय राउत (Sanjay Raut) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ठाकरे बंधुओं के बीच फिर से गठबंधन होने की चर्चा पर विराम लगता नजर आ रहा था। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के नेता एक तरफ तो राज ठाकरे को गठबंधन के लिए संकेत भेज रहे थे, लेकिन मनसे अध्यक्ष इससे दूरी बनाते नजर आ रहे थे। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से एक होटल में मुलाकात कर यह संदेश दिया था कि वो भाजपा के साथ रहना पसंद करेंगे। लेकिन संजय राउत ने अब एक बार फिर से बयान देकर इस चर्चा को हवा दे दी है कि दोनों भाईयों के बीच अभी भी गठबंधन पर चर्चा चल रही है।   राजनीति में देर से आए लोग गठबंधन के खिलाफ- राउत संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि दावा किया, “मनसे के कुछ लोग इस गठबंधन के खिलाफ बयान दे रहे हैं, ऐसे लोग राजनीति में देर से आए हैं और इनकी जानकारी बेहद सीमित है। दूसरे लोग क्या कहते हैं और क्या करते हैं उसका कोई महत्व नहीं है। मैंने दोनों भाईयों (ठाकरे बंधुओं) को कई सालों तक करीब से देखा है और साथ में काम किया है। मैं जानता हूं कि आगे क्या होने जा रहा है और क्या नहीं होगा। शायद मुझसे बेहतर कोई दूसरा नहीं जानता। इस गठबंधन पर अंतिम फैसला लेने वाले केवल उद्धव और राज ही हैं।” संजय राउत यह बयान मनसे नेता संदीप देशपांडे के दबाव बनाने के आरोप के जवाब में दे रहे थे। राउत ने इस दौरान देशपांडे को कम जानकारी रखने वाला नेता तक कह दिया।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा गठबंधन के लिए दबाव बना रही है उद्धव की सेना- देशपांडे बता दें कि, मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बीते दिनों कहा था कि उद्धव गुट गठबंधन के लिए मनसे पर दबाव बनाने की कोशिश न करे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि, ”आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर शिवसेना (Uddhav Thackeray) गठबंधन करने पर आतुर नजर आ रही है। आखिर उद्धव की सेना  मनसे से गठबंधन को लेकर इतना उत्साह क्यों दिखा रही है? मैं अच्छे से समझ सकता हूं कि उनके दिन बेहद खराब चल रहे हैं, इसलिए उनके शीर्ष नेता इस समय मनसे के साथ गठबंधन की कोशिश में जुटे हैं।” संदीप देशपांडे ने इस दौरान यह भी कहा कि,  गठबंधन के लिए प्रयास करना गलत बात नहीं है, लेकिन इसके लिए उद्धव की पार्टी मनसे पर दबाव नहीं बना सकती है। हमारे नेता राज ठाकरे समय आने पर गठबंधन के बारे में उचित निर्णय लेंगे। देशपांडे ने यह भी कहा कि उद्धव की शिवसेना गठबंधन करने के लिए उत्साह तो दिखा रही है, लेकिन उनकी क्षमता क्या है। इस पार्टी को बीते विधानसभा चुनाव में मात्र 20 सीटें ही मिली हैं। उनके पास अभी अगर 60 विधायक होते तो क्या वो गठबंधन के लिए इतना ही उत्साह दिखाते? देशपांडे ने यह भी बताया कि मनसे ने साल 2014 और साल 2017 के चुनाव में उद्धव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस समय उन लोगों ने इंकार कर दिया और अब गठबंधन के लिए दबाव बना रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #uddhavthackeray #rajthackeray #sanjayraut #maharashtrapolitics #shivsenamns #indianpolitics #uddhavrajalliance

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