BJP Congress TMC seats

AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each: 5 में से 2 सीटों पर जीती आप.., कांग्रेस, टीएमसी और बीजेपी को एक-एक सीट से करना पड़ा संतोष

4 राज्यों की 5 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए मतों की गणना का कार्य जारी है। 5 में से 2 सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिली है। कांग्रेस, बीजेपी और टीएमसी को एक-एक सीट पर जीत मिली है। गुजरात के कडी सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजेंद्र चावड़ा चुनाव जीत गए हैं। वहीं विसावदर सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गोपाल इटालिया चुनाव जीत गए हैं। केरल के नीलांबुर सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार ने माकपा के उम्मीदवार को हरा कर एक बार फिर सीट बरकरार रखा है। बंगाल की कलीगंज सीट से टीएमसी के उम्मीदवार अलीफा अहमद को बीजेपी के प्रत्याशी के खिलाफ निर्णायक बढ़त मिल गई है तो वहीं पंजाब के लुधियाना वेस्ट सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार चुनाव जीत गए (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, 19 जून को केरल की नीलांबुर सीट पर उपचुनाव में 75.27 प्रतिशत वोट पड़े थे। पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर 73.36 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। गुजरात की विसावदर सीट पर 56.89 प्रतिशत और कडी सीट पर 57.91 प्रतिशत मतदान हुआ था तो वहीं पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट पर 51.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गय था।  लुधियाना पश्चिम और विसाबदर विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) बड़ी जीत की हासिल  गौरतलब हो कि पंजाब के लुधियाना पश्चिम और गुजरात के विसाबदर विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने बड़ी जीत हासिल की है। बता दें कि गुजरात और पंजाब में हुए उप-चुनाव में आप ने तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से दो सीटों लुधियाना पश्चिम और विसाबदर पर आप ने जीत दर्ज की (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) है। आप के अलावा एक सीट पर बीजेपी  को जीत मिली। बेशक पांच महीने पहले दिल्ली की सत्ता से हाथ धो चुकी आम आदमी पार्टी के लिए यह जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है। उप-चुनाव में दोनों ही सीट बचाने के बाद आप ने अरविंद केजरीवाल के लिए एक्स पर पोस्ट कर राष्ट्रीय राजनीति पर उनके उभार की बात कही। वहीं इस जीत से लालायित आप नेता मनीष सिसोदिया ने एक्स पर लिखा, पंजाब में सेमीफाइनल में मिली शानदार जीत। अब फाइनल की बारी है! अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और संजीव अरोड़ा और आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को दिल से बधाई। अनुराग ढांढा ने एक्स पर लिखा लिखा कि रहते हैं वो ख़ामोश अकसर। ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं। मोदी के गढ़ गुजरात में बीजेपी और कांग्रेस को विधानसभा उपचुनाव में पटकनी देकर अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजनीति में जबरदस्त वापसी की है।  हम आप के गढ़ गुजरात में भी उपचुनाव में बहुत बड़े अंतर से जीत रहे (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं- सौरभ भारद्वाज इस जीत पर दिल्ली में आप के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह आप के लिए बहुत बड़ी जीत है। राजनीतिक विश्लेषक कह रहे थे कि आप पार्टी के रूप में खत्म हो जाएगी, लेकिन दिल्ली में हार के बाद आप लुधियाना पश्चिम (विधानसभा उपचुनाव) जीत रही है और हम आप के गढ़ गुजरात में भी उपचुनाव में बहुत बड़े अंतर से जीत रहे (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) हैं। मुझे लगता है कि यह एक बड़ी जीत है। कुछ लोग कहते थे कि अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय राजनीति में हाशिए पर चले जाएंगे। यह एक शानदार वापसी है। खैर, गुजरात और पंजाब में हुए उप-चुनाव के बाद अब आप मिशन 2027 में जुट गई है। उसके लिए एक तरफ जहाँ पंजाब में सत्ता बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है तो वहीं दूसरी तरफ गुजरात में बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस को पछाड़ते हुए अपनी जमीन तैयार करनी है। कहने की जरूरत उप-चुनाव में जीत से आप कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा सभी 5 विधानसभा चुनावों पर उपचुनावों को लेकर 26 मई को जारी हुई थी अधिसूचना  बता दें कि कालीगंज सीट विधायक नसरुद्दीन अहमद के निधन के बाद खाली हुई (AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each) थी। गुजरात की कडी सीट विधायक करसन सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई, जबकि विसावदर में आप विधायक भूपेंद्र भयानी ने इस्तीफा दिया था। केरल की नीलांबुर विधानसभा सीट विधायक पीवी अनवर के इस्तीफे के बाद खाली हुई तो पंजाब की लुधियाना पश्चिम सीट से विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी का निधन हुआ था। जिस कारण उपचुनाव कराने पड़े। सभी 5 विधानसभा चुनावों पर उपचुनावों को लेकर 26 मई को अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद 2 जून तक नॉमिनेशन दाखिल करने की प्रक्रिया चली। उम्मीदवारों के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 5 जून थी।  Latest News in Hindi Today Hindi  AAP Wins 2 of 5 Seats, BJP-Congress-TMC Get One Each #aapvictory #bypollresults #indianelections #bjpnews #congressupdate #tmcnews #aapvsbjp

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Maharashtra 2025 elections

महाराष्ट्र की राजनीति में क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दबाव बनाने के आरोप पर संजय राउत ने कह दी बड़ी बात 

शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा अभी खत्म नहीं हुई है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने इस गठबंधन को लेकर विराम लगती चर्चा को एक बार फिर से हवा दे दी है। संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा है कि दोनों दलों के बीच अभी बातचीत चल रही है। किसी भी अन्य की तरफ से इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करना अनुचित है। आखिरी निर्णय उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे खुद करेंगे।  संजय राउत (Sanjay Raut) का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ठाकरे बंधुओं के बीच फिर से गठबंधन होने की चर्चा पर विराम लगता नजर आ रहा था। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) के नेता एक तरफ तो राज ठाकरे को गठबंधन के लिए संकेत भेज रहे थे, लेकिन मनसे अध्यक्ष इससे दूरी बनाते नजर आ रहे थे। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से एक होटल में मुलाकात कर यह संदेश दिया था कि वो भाजपा के साथ रहना पसंद करेंगे। लेकिन संजय राउत ने अब एक बार फिर से बयान देकर इस चर्चा को हवा दे दी है कि दोनों भाईयों के बीच अभी भी गठबंधन पर चर्चा चल रही है।   राजनीति में देर से आए लोग गठबंधन के खिलाफ- राउत संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि दावा किया, “मनसे के कुछ लोग इस गठबंधन के खिलाफ बयान दे रहे हैं, ऐसे लोग राजनीति में देर से आए हैं और इनकी जानकारी बेहद सीमित है। दूसरे लोग क्या कहते हैं और क्या करते हैं उसका कोई महत्व नहीं है। मैंने दोनों भाईयों (ठाकरे बंधुओं) को कई सालों तक करीब से देखा है और साथ में काम किया है। मैं जानता हूं कि आगे क्या होने जा रहा है और क्या नहीं होगा। शायद मुझसे बेहतर कोई दूसरा नहीं जानता। इस गठबंधन पर अंतिम फैसला लेने वाले केवल उद्धव और राज ही हैं।” संजय राउत यह बयान मनसे नेता संदीप देशपांडे के दबाव बनाने के आरोप के जवाब में दे रहे थे। राउत ने इस दौरान देशपांडे को कम जानकारी रखने वाला नेता तक कह दिया।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा गठबंधन के लिए दबाव बना रही है उद्धव की सेना- देशपांडे बता दें कि, मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बीते दिनों कहा था कि उद्धव गुट गठबंधन के लिए मनसे पर दबाव बनाने की कोशिश न करे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि, ”आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर शिवसेना (Uddhav Thackeray) गठबंधन करने पर आतुर नजर आ रही है। आखिर उद्धव की सेना  मनसे से गठबंधन को लेकर इतना उत्साह क्यों दिखा रही है? मैं अच्छे से समझ सकता हूं कि उनके दिन बेहद खराब चल रहे हैं, इसलिए उनके शीर्ष नेता इस समय मनसे के साथ गठबंधन की कोशिश में जुटे हैं।” संदीप देशपांडे ने इस दौरान यह भी कहा कि,  गठबंधन के लिए प्रयास करना गलत बात नहीं है, लेकिन इसके लिए उद्धव की पार्टी मनसे पर दबाव नहीं बना सकती है। हमारे नेता राज ठाकरे समय आने पर गठबंधन के बारे में उचित निर्णय लेंगे। देशपांडे ने यह भी कहा कि उद्धव की शिवसेना गठबंधन करने के लिए उत्साह तो दिखा रही है, लेकिन उनकी क्षमता क्या है। इस पार्टी को बीते विधानसभा चुनाव में मात्र 20 सीटें ही मिली हैं। उनके पास अभी अगर 60 विधायक होते तो क्या वो गठबंधन के लिए इतना ही उत्साह दिखाते? देशपांडे ने यह भी बताया कि मनसे ने साल 2014 और साल 2017 के चुनाव में उद्धव को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस समय उन लोगों ने इंकार कर दिया और अब गठबंधन के लिए दबाव बना रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #uddhavthackeray #rajthackeray #sanjayraut #maharashtrapolitics #shivsenamns #indianpolitics #uddhavrajalliance

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Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav

Bihar Assembly Election 2025: बदलते समीकरणों में 2025 के चुनाव में बिहार की जनता किसका देगी साथ?

बिहार, ऐतिहासिक दृष्टि से भारत की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहां की राजनीति में जातीय समीकरण, सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय अस्मिता और विकास के मुद्दे हमेशा प्रभावी भूमिका निभाते रहे हैं। जैसे-जैसे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) नज़दीक आ रहे हैं, बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीतियों से चुनाव जीतने का मौका तलाश रहें हैं। राजनीतिक परिदृश्य मौजूदा समय में बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सत्ता में है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) एक बार फिर से NDA का चेहरा हैं, जो अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व में एकजुटता लाने की कोशिश हो रही है, जिसमें कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल भी शामिल हो सकते हैं। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के प्रमुख मुद्दे 2025 के विधानसभा चुनाव में कई मुद्दे चर्चा में रहेंगे: विकास और बेरोजगारी- बिहार में शिक्षा और युवाओं की बेरोजगारी (Unemployment) लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। RJD जहां सरकार की बेरोजगारी नीति पर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार यह दावा कर रही है कि नए उद्योगों और योजनाओं के ज़रिए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय- जातीय जनगणना (Caste Census) एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे RJD और अन्य विपक्षी दल जोरशोर से उठा रहे हैं। यह सवाल न केवल वोट बैंक की राजनीति से जुड़ा है, बल्कि इससे सरकारी योजनाओं के पुनर्गठन की मांग भी जुड़ी हुई है। कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा- हाल के वर्षों में बढ़ते अपराध और महिला उत्पीड़न के मामले भी चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनने वाले हैं। माई समीकरण और नया जनाधार- RJD अपने पारंपरिक M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण को मजबूत करने में जुटी है, वहीं BJP ने महिला वोटर्स, अति पिछड़े वर्गों और दलितों पर ज़ोर देना शुरू कर दिया है। नए गठजोड़ और समीकरण- राजनीति में कोई स्थायी मित्र या दुश्मन नहीं होता। इसी सिद्धांत पर बिहार की राजनीति (Bihar Politics) आगे बढ़ती रही है। जहां एक ओर JDU और BJP के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी देखा गया है कि RJD और कांग्रेस के बीच तालमेल में कई बार दरार आती है। बिहार विधानसभा 2025 के चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में यह देखना रोचक होगा कि क्या तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD एक प्रभावशाली विपक्ष खड़ा कर पाएगी या फिर नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) अपने शासन के अनुभव और विकास योजनाओं के दम पर एक बार फिर सरकार बनाने में सफल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बिहार में NDA की चुनावी रणनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की लोकप्रियता एक बड़ा फैक्टर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2025) में भी भाजपा ने बिहार में अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसे वह विधानसभा में दोहराना चाहेगी। पीएम मोदी (PM Modi) द्वारा बिहार को दी जा रही विकास परियोजनाएं, जैसे कि रेलवे, सड़कों और प्रधानमंत्री आवास योजना, लोगों के बीच में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा युवा और महिला मतदाता 2025 का चुनाव युवाओं और महिलाओं के रुझान पर बहुत हद तक निर्भर करेगा। युवा मतदाता शिक्षा, रोज़गार और टेक्नोलॉजी से जुड़ी नीतियों की ओर देख रहे हैं, जबकि महिला मतदाता सुरक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं में भागीदारी के आधार पर वोट कर सकती हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) महज सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मौका होगा। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि अब मतदाता केवल जाति और परंपरा के आधार पर वोट नहीं करते, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। आगामी चुनाव में किसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) एक बार फिर देशभर के लिए चर्चा का केंद्र बनने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi  Chief Minister Nitish Kumar #BiharElection2025 #NitishKumar #TejashwiYadav #BiharPolitics #BJPvsRJD #BiharVoters #INDIABloc #NDABihar

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Nitish Kumar boosts pension by ₹700

चुनाव से पहले नीतीश का मास्टरस्ट्रोक, पेंशन में 700 रुपये की बढ़ोतरी

बिहार सरकार (Bihar Government) की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत विधवाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगों को दी जाने वाली मासिक पेंशन (Monthly Pension) की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर अब 1,100 रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने इस फैसले की घोषणा की है, जो कि चुनाव से पहले राज्य में करोड़ों वंचित वर्गों को सोच-समझकर लिया गया फैसला है।   पेंशन वृद्धि का उद्देश्य और सुविधा बढ़ी हुई वित्तीय सहायता बजट में बढ़त  राजनीतिक रणनीति यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से कुछ ही महीने पहले किया गया है। ऐसे में नीतीश सरकार (Nitish Government) के इस निर्णय को चुनावी रणनीति के साथ भी जोड़कर में देखा जा सकता है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने हालांकि 1,500 रुपये तक पेंशन बढ़ाने की मांग की थी, वहीं भाजपा (BJP) की कांग्रेस और राजद (Congress and RJD) ने इस कदम की सराहना की है।  सामाजिक-आर्थिक प्रभाव क्या हैं इसके राजनीतिक परिदृश्य?  राजद (RJD) का प्रस्ताव कांग्रेस ने भी पैकेज का किया ऐलान  नीतीश सरकार का सम्पूर्ण दृष्टिकोण इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या होंगी चुनौतियां?   बिहार सरकार (Bihar Government) द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में 700 रुपये की वृद्धि एक मजबूत और स्वागत योग्य कदम है, जो राज्य के गरीब, बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांग वर्ग को आर्थिक राहत उपलब्ध कराएगा। यह कदम चुनावी रणनीति का भी एक हिस्सा प्रतीत होता है, लेकिन साथ ही यह वास्तविक आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है। सरकारी बजट और सामाजिक योजनाओं की सक्रियता यह दर्शाती है कि बिहार में बड़ी संख्या में जरूरतमंदों तक सही समय पर सहायता पहुंचाना प्राथमिकता बना हुआ है। आगे जनता और प्रशासन दोनों को इस योजनाओं के कार्यान्वयन की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि यह पहल सिर्फ घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक बदलाव एवं सामाजिक न्याय का वाहन बने। Latest News in Hindi Today Hindi Tejaswi Yadav #NitishKumar #PensionHike #BiharElections2025 #PoliticalMasterstroke #BiharPolitics #SeniorCitizenBenefits

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PM Modi Bihar Visit: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने एक बार फिर बिहार का दौरा (PM Modi Bihar Visit) किया और सीवान की धरती से कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए जनता को सतर्क रहने का संदेश दिया। यह दौरा चुनावी दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह छह महीने में पीएम मोदी का चौथा और बीते 20 दिनों में दूसरा बिहार दौरा है। संविधान और स्वतंत्रता संग्राम की भूमि को नमन सीवान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहार की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, “यह धरती संविधान को ताकत देने वाली, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा देने वाली है। बिहार ने देश को नेतृत्व दिया है और आने वाले समय में भारत को तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनाने में बिहार की बड़ी भूमिका होगी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बताया कि वह हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और समृद्ध देशों के नेताओं से मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि विदेशी नेता भारत की तेज प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका से प्रभावित हैं। ऐसे में बिहार (Bihar) को इस प्रगति का केंद्र बताया और राज्य की जनता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सतर्क रहें। विपक्ष पर हमला: जंगलराज और पलायन का जिक्र अपने संबोधन में पीएम मोदी (PM Modi) ने आरजेडी और कांग्रेस (RJD and Congress) पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “जंगलराज वाले फिर से मौके तलाश रहे हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।” उन्होंने लालू यादव की पार्टी और उनके सहयोगियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि “पंजे और लालटेन वाले दलों ने बिहार की पहचान पलायन से जोड़ दी थी। उन्होंने बिहार के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंचाई।” उन्होंने आगे कहा कि एनडीए सरकार (NDA Government) को जब बिहार की जनता ने मौका दिया, तब गरीबी हटाने का वास्तविक प्रयास दिखा और देशभर में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। पीएम ने बताया कि आज दुनिया भारत के इस प्रयास की तारीफ कर रही है। विकास की बौछार: 5736 करोड़ की योजनाएं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहारवासियों को 5736 करोड़ रुपये की 22 बड़ी विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें प्रमुख योजनाएं शामिल हैं: इन योजनाओं से न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और जीवनस्तर में भी सुधार होगा। इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री राजनीतिक हलचल: विपक्ष का तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के इस दौरे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “पीएम मोदी बिहार आएंगे (PM Modi Bihar Visit) और फिर से जंगलराज की स्क्रिप्ट पढ़ेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार पुराने मुद्दों को उछालती है और असल समस्याओं से ध्यान हटाती है। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का यह दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि विकासात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जनता के सामने एक बार फिर एनडीए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की झलक पेश की गई है। वहीं, विपक्ष को घेरते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने जनता से अपील की कि वे विकास के इस मार्ग को बनाए रखें और भूतकाल की राजनीति से सावधान रहें। आने वाले महीनों में बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में इस दौरे की बड़ी भूमिका होगी। Latest News in Hindi Today Hindi  PM Modi Bihar Visit #PMModiBiharVisit #PMModi #BiharElection #BiharAssemblyElection

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International Yoga Day 2025

PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पीएम मोदी यहाँ करेंगे योग, ऐसे बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड

21 जून को दुनिया भर में 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कहा जा रहा है कि इस मौके पर तकरीबन तीन लाख से अधिक लोग एक साथ योग कर (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) सकेंगे। जानकारी के मुताबिक यह आयोजन शहर के आर के बीच से भोगापुरम तक 26 किलोमीटर लंबे गलियारे में कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा। दरअसल, आंध्र प्रदेश सरकार का लक्ष्य 21 जून को न सिर्फ विशाखापत्तनम बल्कि पूरे राज्य में एक साथ कई गतिविधियों का आयोजन कर, कई लाख लोगों को योगाभ्यास में शामिल कर रिकॉर्ड बनाने का है।  बता दें कि दुनिया भर के कई देशों द्वारा मनाए जाने वाले 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग रखी गई है। 25,000 से अधिक आदिवासी छात्र 108 मिनट तक (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) करेंगे सूर्य नमस्कार इस भव्य आयोजन से उत्साहित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा, यह कार्यक्रम सुबह साढ़े छह बजे से आठ बजे तक चलेगा। इस कार्यक्रम को इस तरह से आयोजित किया जाएगा कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सहित कई रिकॉर्ड स्थापित (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) हों। मुख्यमंत्री नायडू ने यह भी कहा कि 25,000 से अधिक आदिवासी छात्र 108 मिनट तक सूर्य नमस्कार करेंगे। इसका उद्देश्य सबसे बड़े समूह और सबसे अधिक लोगों द्वारा एक साथ सूर्य नमस्कार करने का रिकॉर्ड बनाना है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक सरकार का लक्ष्य राज्य भर में एक लाख से अधिक केंद्रों में योग सत्र आयोजित करना और विशाखापत्तनम में योग गतिविधियों में भाग लेने के लिए पांच लाख लोगों को इसके लिए आकर्षित करना है।  2.39 करोड़ लोगों ने (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) करवाया है रजिस्ट्रेशन  विशाखापत्तनम में आर के बीच से भोगापुरम तक 26 किलोमीटर के क्षेत्र में व्यापक व्यवस्था किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान एक साथ 3.19 लाख लोग योग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य, देश और दुनिया भर के आठ लाख स्थानों से प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग दिवस की गतिविधियों में भागीदारी के लिए तकरीबन 2.39 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) करवाया है। इस महा आयोजन के सुचारू संचालन हेतु 1,000 लोगों की क्षमता वाले 326 कम्पार्टमेंट तैयार किए गए हैं। 3.32 लाख टी-शर्ट और योग के लिए पांच लाख चटाइयों की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने 21 जून को योग गतिविधियों के लिए राज्य भर में 1.3 लाख से अधिक स्थानों की पहचान की है और उन्हें पंजीकृत किया है। विशाखापत्तनम में 30,000 लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है।  इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री सुरक्षा के लिए करीब 10,000 पुलिसकर्मी किए (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) गए हैं तैनात  बेशक जब इतनी बड़ी तादात में लोग इकट्ठा होंगे तो सुरक्षा भी चाकचौबंद होगी। कार्यक्रम के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने पहले कहा, 1,200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन 26 किलोमीटर के उस हिस्से पर नजर रखेंगे जहां हजारों लोग योग करेंगे। सुरक्षा के लिए करीब 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए (PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record) गए हैं। यही नहीं इस आयोजन के दौरान समन्वय और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च प्रौद्योगिकी से लैस एक पुलिस नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। कहने की जरूरत नहीं, इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। डीजीपी गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और अन्य प्रमुख मंत्रियों के शामिल होने के कारण हर स्तर पर मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi  PM Modi to Lead Yoga on Intl Yoga Day, Eyes World Record #InternationalYogaDay2025 #PMModiYoga #WorldRecordYoga #YogaInSrinagar #YogaWithModi #GlobalYogaMovement #YogaDayCelebration

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Eknath Shinde on Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल करने वाले पाक एजेंट, इन्हें पाकिस्तान से अवॉर्ड चाहिए- एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे पर बोला हमला 

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना मुखिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने पार्टी की स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने वाले लोगों को ‘गद्दार’ बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पाकिस्तानी एजेंट तक कह दिया। एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने इस दौरान शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर भी निशाना साधा और उन पर  हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ने का आरोप लगाया।  हमें भारत के इस ऑपरेशन पर गर्व है- एकनाथ शिंदे एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) वर्ली के एनएससीआई डोम में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा, “हमें भारत के इस ऑपरेशन पर गर्व है। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को हमारी ताकत का एहसास करा दिया। लेकिन जो लोग हमारी सेना की ताकत पर संदेह करते हैं, उन्हें भारतीय सेना पर भरोसा नहीं है। ऐसे लोगों को पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर भरोसा है। जिसके कारण ही ये लोग हमारी सेना की वीरता को सलाम करने की जगह हमारे नुकसान के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। इस तरह देश की सेना पर सवाल उठाना देशद्रोह की तरह है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और उनकी पार्टी इस समय पाकिस्तानी एजेंट की तरह काम करके देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।” शिंदे ने आगे कहा कि कांग्रेस के लोग भारतीय सेना पर जिस तरह सवाल उठा कर पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, इसके लिए इन्हें पाकिस्तान से अवॉर्ड मिलना चाहिए। जो लोग हमारी सेना पर सवाल उठा कर पूछ रहे हैं कि हमने कितने फाइटर जेट खोए और हमें कितना नुकसान हुआ, क्या उन्हें पाकिस्तान से इनाम चाहिए?” उद्धव ठाकरे पर भी जमकर बरसे शिंदे  एकनाथ शिंदे इस दौरान उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर भी जमकर बरसे। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व त्यागने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो सत्ता में वापसी के लिए हिंदुत्व से समझौता करने वाले कार्यक्रम आयोजित करा रहे हैं। जबकि हम दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और उनके द्वारा बताए गए रास्ते पर चलते हुए हिन्दुत्व पर आधारित कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। शिंदे ने UBT गुट पर ठाकरे की विरासत को छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा, “वे लोग सत्ता में वापसी के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, गठबंधन के लिए विचारधारा के खिलाफ जाने वाली पार्टियों से भी विनती कर रहे हैं।” राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव जब एकबार फिर से नजदीक आ चुका है, तो उन्हें अचानक हिंदुत्व याद आने लगा, मराठी मानुस याद आने लगा, लेकिन महाराष्ट्र की जनता अब समझ चुकी है कि यह केवल इन लाेगों का पाखंड है।” बता दें कि एकनाथ शिंदे बाल ठाकरे द्वारा 1966 में स्थापित शिवसेना का 59वें स्थापना दिवस मना रहे थे। इस दौरान मुंबई में कई जगह शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा रैली भी निकाली गई और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।  इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री शिवसेना को मिटाने वाले खुद मिट जाएंगे- उद्धव ठाकरे उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की शिवसेना (यूबीटी) ने भी स्थापना दिवस को मनाया और विभिन्न जगहों पर रैली निकाली। उद्धव ठाकरे की पार्टी का मुख्य कार्यक्रम सायन इलाके के षणमुखानंद हॉल में आयोजित हुआ। यहां पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने फिल्मी अंदाज विरोधियों को चैलेंज किया- कम ऑन किल मी, बाद में उन्होंने कहा कि जो लोग शिवसेना को मिटाने का सपना देख रहे हैं, वे आने वाले दिनों में खुद मिट जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वो गद्दारों को पूरा सबक सिखाएंगे। उनका यह इशारा एकनाथ शिंदे की तरफ था। इस दौरार उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि उनकी अगुवाई वाली पार्टी ही असली शिवसेना है और स्थानीय निकाय चुनाव में यह पार्टी भारी जीत हासिल करने वाली है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Uddhav Thackeray #EknathShinde #RahulGandhi #UddhavThackeray #OperationSindoor #PoliticalNews #IndiaPolitics #PakistanAgent #BJPvsCongress

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Amit Shah

हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर कहा है कि अब समय आ गया है जब भारत को अपनी भाषाई विरासत पर गर्व करते हुए, देसी भाषाओं के बल पर वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहिए। गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने साफ किया कि “हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है।” अंग्रेज़ी का मोह छोड़, देसी भाषाओं का अभिमान ज़रूरी अमित शाह (Amit Shah) ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “अब वह समय दूर नहीं जब अंग्रेज़ी बोलने वालों को शर्म महसूस होगी। हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहां देसी भाषाओं को सम्मान और गर्व का प्रतीक माना जाएगा।” उन्होंने कहा कि केवल दृढ़ संकल्प वाले लोग ही सामाजिक बदलाव ला सकते हैं और भारतीय भाषाओं को अपनाकर हम एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “भाषाएं हमारी संस्कृति का रत्न हैं और इन रत्नों के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं बन सकते।” विदेशी भाषाएं भारत की आत्मा को नहीं समझ सकतीं गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अपने भाषण में इस बात पर बल दिया कि किसी भी विदेशी भाषा के जरिए भारत को पूरी तरह से समझा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “देश, संस्कृति, इतिहास और धर्म को जानने और समझने के लिए भारतीय भाषाएं (Mother tongue) ही पर्याप्त हैं। हम अधूरी विदेशी भाषाओं के सहारे संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं कर सकते।” उन्होंने स्वीकार किया कि यह बदलाव आसान नहीं होगा, क्योंकि दशकों से देश में अंग्रेज़ी को श्रेष्ठता का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भारतीय समाज इस बदलाव में सफल होगा। पंच प्रण से जुड़े भाषाई गर्व का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा प्रस्तुत पांच प्रतिज्ञा का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह अब 130 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुका है। ये पंच प्रण हैं: उन्होंने कहा कि इन प्रतिज्ञाओं को पूरा करने की दिशा में भाषाओं की भूमिका अहम होगी। “2047 तक जब भारत आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक हम शिखर पर होंगे – और इस यात्रा की बुनियाद भारतीय भाषाएं ही होंगी।” प्रशासनिक प्रशिक्षण में भारतीय भाषाओं का समावेश ज़रूरी गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने यह भी ज़ोर दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण में अब बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी सिविल सेवाओं को भारतीय भाषाओं में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना होगा। इससे न केवल प्रशासन लोगों के और करीब आएगा, बल्कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन में भी स्थानीय सांस्कृतिक और भाषाई जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।” इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री नई शिक्षा नीति से मिला भाषाओं को समर्थन गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह वक्तव्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें मातृभाषा में शिक्षा देने पर बल दिया गया है। नीति में कहा गया है कि कक्षा 5 तक और यदि संभव हो तो कक्षा 8 तक बच्चों को मातृभाषा या स्थानीय भाषा में शिक्षा दी जाए। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि वे अपनी जड़ों से भी जुड़े रहते हैं। भारत जैसे बहुभाषी देश के लिए भाषाई गौरव केवल संस्कृति की बात नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय एकता की नींव भी है। गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह आह्वान कि भारतीय भाषाएं ही हमारी असली शक्ति हैं, एक महत्वपूर्ण संदेश है — खासकर उस समय जब वैश्वीकरण के दबाव में देश अपनी भाषाई विविधता और गहराई को खोता जा रहा है। अब यह आवश्यक हो गया है कि नीतियों, प्रशासन और शिक्षा में भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी रूप से, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सके। Latest News in Hindi Today Hindi  #mothertongue #AmitShah #PMModi #Hindi #HindiLanguage

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RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise: इस बार आरजेडी 130 से 135 सीटों पर लड़ सकती है चुनाव, कांग्रेस को करना पड़ सकता है समझौता

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। समय नजदीक आता देख दोनों गठबंधन चुनाव की तैयारियों में में जुट गए हैं। जेडीयू की अगुवाई वाली एनडीए सरकार अपने कार्यों के प्रमोशन में व्यस्त है तो वहीं तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन में बैठकों का लम्बा सिलसिला जारी है। इस बीच खबर यह है कि 4 बैठकों के बाद सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तकरीबन फाइनल हो गया (RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise) है। खबर के मुताबिक तेजस्वी यादव ने सहनी और पशुपति पारस के लिए कांग्रेस और वामदलों के बीच लगभग सहमति बना ली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जो फॉर्मूले सेट हुआ है उसके मुताबिक 2020 की तुलना में कांग्रेस और आरजेडी इस बार कम सीटों पर चुनाव लड़ेंगी तो वहीं सीपीआई माले को पिछली बार की तुलना में इस बार अधिक सीटें मिलेंगी।  पिछले चुनाव में कांग्रेस 70 सीटों पर (RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise) लड़ी थी चुनाव  गौरतलब हो कि 12 जून को तेजस्वी यादव के घर इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चौथी बैठक हुई (RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise) थी। जिसमें तेजस्वी ने सभी पार्टियों से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम और सीटों का ब्योरा मांगा था। इस दौरान कांग्रेस ने अपनी सीटों की लिस्ट आरजेडी को दे दी है। कांग्रेस ने 2020 में जीती हुई 19 सीटों के अलावा 39 उन सीटों के नाम भी दिए हैं जिस पर वह पिछले साल दूसरे नंबर पर रही। इसके अलावा वामदलों की कुछ सीटों पर भी कांग्रेस ने चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है। बता दें कि पिछले चुनाव में कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस बार उसकी रणनीति इतनी ही सीटों पर चुनाव लड़ने की है। पिछली बार की हार की सफाई देते हुए कांग्रेस ने कहा कि वह इसलिए चुनाव हारे थे क्योंकि उन्हें अपनी परंपरागत सीटें सहयोगी दलों को देनी पड़ी थी। ऐसे में उम्मीद यह कि संभवतः इस बार वामदल कांग्रेस के लिए वे सीटें छोड़ दें। कांग्रेस को 55-60 सीटें दे सकते (RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise) हैं तेजस्वी यादव कांग्रेस के अलावा मुकेश सहनी 60 सीटों की मांग कर रहे हैं तो वहीं सीपीआई माले ने 40 सीटों की डिमांड रखी है। बड़ी बात यह कि सीपीआई और सीपीएम अभी लिस्ट नहीं सौंपी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पशुपति पारस, सीपीआई माले और सहनी को किसके हिस्से की सीटें दी जाएँगी? पार्टी के करीबी सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी कांग्रेस को इस बार मनपसंद सीटें दे सकते हैं। सहनी और माले को अधिक सीटें दी जा सके इसलिए तेजस्वी 70 सींटे तो नहीं लेकिन कांग्रेस को 55-60 सीटें दे सकते (RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise) हैं। रही बात आरजेडी की तो आरजेडी 130 से 135 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। बता दें कि पिछली बार आरजेडी 144 सीटों पर चुनाव लड़ी थी।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा सीटों का बंटवारा जीत के आधार पर करने का फैसला किया (RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise) है तेजस्वी यादव ने  इसके अलावा महत्वपूर्ण बात यह कि तेजस्वी यादव ने इस बार सीटों का बंटवारा जीत के आधार पर करने का फैसला किया (RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise) है। सभी दल जीत की संभावना के आधार पर साथ बैठेंगे और फिर सीटों का बंटवारा करेंगे। तेजस्वी यादव की नई रणनीति के मुताबिक अधिक मार्जिन से हार वाली सीटों पर उम्मीदवार बदला जा सकता है। फ़िलहाल अभी सींटों के बंटवारे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उम्मीद है जल्द ही पार्टी सीटों के बंटवारे की घोषणा करेगी और सहयोगी दलों को सम्मानजनक सीटें देगी।  Latest News in Hindi Today Hindi RJD to Contest 130–135 Seats, Congress May Compromise #RJD #Congress #BiharElections2025 #SeatSharing #TejashwiYadav #Mahagathbandhan #PoliticsNews

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Delhi Water Crisis

दिल्ली में पानी का संकट: आम आदमी पार्टी का बीजेपी सरकार पर तीखा हमला

देश की राजधानी दिल्ली इस समय एक गंभीर जल संकट (Water crisis in Delhi) से जूझ रही है। गर्मी के चरम पर पहुंचते ही राजधानी में पानी की भारी किल्लत ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। इस संकट को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली सरकार पर कड़ा हमला बोला है। आप नेता सौरभ भारद्वाज (AAP Politician Saurabh Bharadwaj) ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि “चार इंजन वाली सरकार” के बावजूद दिल्ली के नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बीजेपी सरकार (BJP Government) बने चार महीने हो चुके हैं, लेकिन जनता की सबसे बुनियादी ज़रूरत यानी पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में यह सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। राजधानी के कई इलाकों में जनता परेशान  आप नेता सौरभ भारद्वाज (AAP Politician Saurabh Bharadwaj) ने बताया कि अंबेडकर नगर, देवली, तुगलकाबाद, छतरपुर, मेहरौली, पालम, हरिनगर, रजौरी गार्डन, ग्रेटर कैलाश और जनकपुरी जैसे कई इलाकों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। खास बात यह है कि ग्रेटर कैलाश जैसे क्षेत्रों में पहले कभी पानी की कमी नहीं थी, लेकिन अब वहां भी टंकियों में पानी नहीं आ रहा है। इस संकट के चलते जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर उतर आए हैं, पानी की टंकी और मटके लेकर विरोध कर रहे हैं, और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के दफ्तरों का घेराव कर रहे हैं। बुधवार को दक्षिणी दिल्ली में महिलाओं ने मटके फोड़कर अपना गुस्सा जताया और “भाजपा हाय-हाय” के नारे लगाए। NGT की फटकार ने खोली पोल नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (NGT) ने भी दिल्ली जल बोर्ड को गंभीर फटकार लगाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक NGT ने राजधानी में दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए इसे नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि पीने के पानी में पाए जाने वाले प्रदूषक तत्व, जैसे की ई. कोलाई, लेड और आर्सेनिक, गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। वहीँ ICMR की रिपोर्ट के अनुसार गर्मियों में दूषित जल के सेवन से होने वाले संक्रमणों, जैसे कि डायरिया, टायफाइड और हेपेटाइटिस-A, के मामलों में 25–30% की वृद्धि दर्ज की जाती है। जल संकट के पीछे क्या कारण है? जानकारों के अनुसार दिल्ली की जल समस्या (Water crisis in Delhi) के पीछे कई वजहें हैं:-  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा क्या कर रही है सरकार? दिल्ली में बीजेपी (BJP) की तरफ से कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने अब तक स्थिति पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, जिससे जनता में नाराजगी और बढ़ गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि जल बोर्ड की कार्यप्रणाली में सुधार किया जा रहा है और जल्द ही अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन ये प्रयास तब तक अधूरे लगते हैं जब तक ज़मीन पर बदलाव दिखाई न दे। दिल्ली का जल संकट (Water crisis in Delhi) एक चेतावनी है कि यदि अब भी सरकारें सचेत नहीं हुईं तो भविष्य में ये परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है। आम आदमी पार्टी की तरफ से उठाए गए सवाल जायज हैं और यह सरकार की जवाबदेही तय करने का समय है। इस पूरे मसले में यह स्पष्ट होता जा रहा है कि पानी सिर्फ एक संसाधन नहीं, बल्कि राजनीति का भी केंद्र बन चुका है। लेकिन इस राजनीति के बीच आम दिल्लीवासी की प्यास कौन बुझाएगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। Latest News in Hindi Today Hindi Water crisis in Delhi #DelhiWaterCrisis #AAPvsBJP #WaterShortageDelhi #Kejriwal #BJP #DelhiPolitics #WaterCrisis2025

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