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Rashtriya Janata Dal: इन 5 नेताओं ने बनाई पार्टी की पहचान

बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal {RJD}) लंबे समय से एक मजबूत और प्रभावशाली राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित है। इस पार्टी की नींव सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों और वंचित समुदायों की आवाज़ उठाने के उद्देश्य से रखी गई थी। पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Former Chief Minister Lalu Prasad Yadav)ने जिस राजनीतिक विचारधारा और रणनीति से इस दल को खड़ा किया, वह आज भी राज्य की सियासत में अहम भूमिका निभा रही है। RJD सुप्रीमों और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव  लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) का नाम बिहार की राजनीति में एक विचारधारा, एक आंदोलन और एक साहसिक नेतृत्व का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने 1990 के दशक में बिहार की राजनीति को पूरी तरह बदलकर रख दिया। पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों को सत्ता की मुख्यधारा में लाकर उन्होंने एक नया राजनीतिक समीकरण तैयार किया। भले ही लालू प्रसाद यादव कानूनी मामलों के चलते सक्रिय राजनीति से कुछ दूर हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक पकड़ और विचारधारा आज भी RJD की रीढ़ बनी हुई है। तेजस्वी यादव: युवा नेतृत्व की नई पहचान लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Former Deputy Chief Minister Tejaswi Yadav)ने अब पार्टी की कमान संभाल रखी है। 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Election) में तेजस्वी ने आरजेडी (RJD) को सबसे बड़ी पार्टी बनाकर यह साबित कर दिया कि वे राज्य की जनता, खासकर युवाओं और वंचित वर्गों के बीच लोकप्रिय हैं। आगामी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) के लिए भी पार्टी ने तेजस्वी को अपना चेहरा घोषित कर दिया है। उनका फोकस रोजगार (Employment), शिक्षा (Education) और स्वास्थ्य (Health) जैसे मुद्दों पर है, जो युवाओं को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। पांच प्रमुख नेता जो बना रहे हैं RJD की रणनीति मजबूत RJD की मजबूती सिर्फ लालू या तेजस्वी तक सीमित नहीं है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता हैं जो नीति निर्माण, संगठन संचालन और चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से पांच प्रमुख नेता निम्नलिखित हैं: स्व. रघुवंश प्रसाद सिंह – भले ही वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी की नीतिगत संरचना में जो योगदान दिया, उसके लिए उन्होंने हमेशा याद किया जाएगा। उनके विचार आज भी पार्टी की रणनीति में झलकते हैं। अब्दुल बारी सिद्दीकी – RJD के वरिष्ठ मुस्लिम चेहरे के रूप में सिद्दीकी न केवल पार्टी के अंदरूनी निर्णयों में शामिल रहते हैं, बल्कि राज्य में मुस्लिम वोट बैंक (Muslim Vote Bank) को भी पार्टी के पक्ष में संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिवानंद तिवारी – लंबे समय तक लालू यादव के करीबी रहे शिवानंद तिवारी ने पार्टी को वैचारिक मजबूती दी है। वे मीडिया और सार्वजनिक बहसों में पार्टी का मुखर पक्ष रखते हैं। जगदानंद सिंह – वर्तमान में RJD के प्रदेश अध्यक्ष, जगदानंद सिंह संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने का कार्य कर रहे हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव पार्टी के लिए एक बड़ी ताकत है। मनोज झा – राज्यसभा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में मनोज झा ने RJD की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर प्रखर और विचारशील पार्टी के रूप में प्रस्तुत किया है। उनकी वक्तृत्व शैली और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर पकड़ उन्हें पार्टी का प्रमुख चेहरा बनाती है। सामाजिक समीकरणों में RJD की पकड़ बिहार में जातीय और सामाजिक समीकरण राजनीति को काफी हद तक प्रभावित करते हैं। RJD का परंपरागत समर्थन यादव, मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के बीच रहा है। पार्टी ने समय के साथ महादलित और अति पिछड़ा वर्गों को भी अपने पाले में लाने की कोशिश की है। इसके अलावा महिलाओं और युवाओं को लेकर भी पार्टी नई रणनीतियाँ बना रही है, जिसमें डिजिटल माध्यम, युवाओं के लिए रोजगार योजनाएँ और शिक्षा पर ज़ोर शामिल हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? 2025 विधानसभा चुनाव: तैयारी ज़ोरों पर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) को लेकर RJD ने पहले से ही अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी ने हाल ही में अपना कैंपेन सॉन्ग भी लॉन्च किया है, जिसमें तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) को मुख्य चेहरा बताया गया है। यह सॉन्ग रोजगार, बदलाव और न्याय के मुद्दों को प्रमुखता देता है। पार्टी की जमीनी पकड़, मजबूत संगठन और नेतृत्व के अनुभव ने उसे एक बार फिर से सत्ता के करीब ला दिया है। गठबंधन की संभावनाओं को लेकर भी बातचीत चल रही है, जिसमें कांग्रेस और वाम दलों के साथ तालमेल की कोशिशें हो रही हैं। RJD न सिर्फ बिहार की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है, बल्कि यह राज्य की सामाजिक और राजनीतिक चेतना को प्रभावित करने वाली विचारधारा भी है। लालू यादव से लेकर तेजस्वी यादव तक, और अब्दुल बारी सिद्दीकी से लेकर मनोज झा तक, पार्टी एक संतुलित मिश्रण है अनुभव और युवा ऊर्जा का। 2025 के चुनाव में RJD का प्रदर्शन यह तय करेगा कि बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय की यह धारा कितनी प्रभावी बनी रहती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Tejaswi Yadav #RJD #RashtriyaJanataDal #BiharPolitics #IndianPolitics #RJDLoyalists

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BJP MLA scandal

BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct: बीजेपी नेत्री ने अपने ही विधायक पर लगाया समलैंगिकता और 13 वर्षीय नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप

वैसे तो भाजपा बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ और नारी सशक्तिकरण पर जोर देती नजर आती तो है, लेकिन धरातल स्थिति बिलकुल इसके विपरीत ही नजर आ रही है। पार्टी के नेता और विधायक इन नारों पर अमल करते नजर नहीं आते। ताजा मामला है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का, जहाँ भाजपा विधायक को लेकर हंगामा मचा हुआ है। दरअसल, भाजपा विधायक पर समलैंगिक होने के साथ ही 13 वर्षीय नाबालिग के शारीरिक शोषण का आरोप (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) लगा है। यह आरोप किसी विरोधी पार्टी की नहीं बल्कि भाजपा महिला मोर्चा नेता द्वारा लगाया गया है। यही नहीं, इसे लेकर बुलाई महापंचायत में पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। बता दें कि यह महापंचायत भाजपा महिला मोर्चा की नेता कोमल गुर्जर द्वारा गंगोह भाजपा विधायक कीरत सिंह गुर्जर के खिलाफ बुलाई गई थी। कोमल गुर्जर द्वारा बुलाई गई महापंचायत में दोनों पक्ष से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। पंचायत में दोनों पक्षों में जमकर बहस भी हुई। इस बीच मामला बिगड़ता देख पुलिस ने लाठी भांजनी शुरू कर दी। बड़ी बात यह कि बवाल बढ़ता देख इस महापंचायत के बाद भाजपा ने कोमल गुर्जर के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से निकाल दिया। जल्द ही पुख्ता सबूत सार्वजनिक (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) करुँगी- कोमल  कोमल ने विधायक पर उनके पति और परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “जल्द ही वह पुख्ता सबूत सार्वजनिक (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) करेंगी।” अब इन आरोपों को खारिज करते हुए विधायक कीरत ने सबूत दिखाने की चुनौती दी है। बता दें कि इससे पहले कोमल गुर्जर ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर कहा था कि “गंगोह विधायक के इशारे पर मेरे परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। मेरे पैर में टक्कर मारी गई। इसके बाद मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए।” यही नहीं, इसी वीडियो में उन्होंने महापंचायत बुलाई थी। वीडियो में उन्होंने कहा कि “इस पंचायत में वही आएं जो मेरे भाई हैं, चमचों की जरूरत नहीं है। भाजपा कहती है कि हम महिलाओं का सम्मान करते हैं। तो मेरा भी सम्मान है।” पंचायत में महिला के आरोपों को लेकर लोगों ने उलटे महिला पर ही नाराजगी (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) जताई खैर, भाजपा नेत्री कोमल के आरोपों के चलते ही 24 जून रंढेड़ी गांव स्थित बाबा घूमरा देव मंदिर परिसर में गुर्जर समाज की पंचायत हुई थी। गौर करने वाली बात यह कि इस पंचायत में महिला के आरोपों को लेकर लोगों ने उलटे महिला पर ही नाराजगी (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) जताई। पंचायत में वक्ताओं ने इसे साजिश और विधायक के खिलाफ षडयंत्र करार दिया। इसके बाद पंचायत में गुर्जर समाज लोगों भी 27 जून को पंचायत में पहुंचे। 24 जून की पंचायत में वक्ताओं ने विधायक कीरत के खिलाफ भाजपा के ही एक दूसरे नेता की साजिश बताते हुए मामले में सम्मानजनक समाधान की चेतावनी दी थी।  इसे भी पढ़ें:- मध्य प्रदेश में कर्ज चुकाने के लिए पत्नी को किया दोस्त के हवाले, दोस्त ने लूटी इज्जत कोमल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गंगोह विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया है मामला यहीं ठंडा नहीं हुआ। इसके बाद शहरी पुल स्थित रमेश पंवार घसौती के यहां गुर्जर समाज की पंचायत हुई। इस पंचायत में वक्ताओं ने विधायक के खिलाफ कोमल के आरोपों पर रोष जताया। सामाजिक नेताओं ने कहा कि “अगर शिकायत थी भी तो संगठन के सामने अपनी बात रखते। सोशल मीडिया पर समाज के नेता की छवि धुमिल करने पर की क्या जरूरत (BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct) थी? नेत्री के बवाल के बाद इस मामले में रामपुर मनिहारान क्षेत्र के उमाही कलां गांव निवासी सुधीर कुमार ने महिला कोमल चौधरी के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। सुधीर कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि “कोमल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर गंगोह विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया है।” Latest News in Hindi Today Hindi BJP MLA Accused of Minor Abuse & Homosexual Misconduct #bjp #mla #minorabuse #homosexualmisconduct #politics #breakingnews #bjpcontroversy #sexualabusecase #indianpolitics

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Kanhaiya Kumar Reveals CM Face

Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar: कन्हैया कुमार ने बता दिया कौन होगा महागठबंधन से बिहार का मुख्यमंत्री?

इस साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार में विधानसभा के चुनाव होने की संभावना है। हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा, इसको लेकर कांग्रेस ने तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है। दरअसल, 27 जून को न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि “महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव के प्रमुख चेहरा होने को लेकर कोई असमंजस और विवाद (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) नहीं है।” उन्होंने कहा कि “विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के जीतने पर सबसे बड़े घटक दल के रूप में राष्ट्रीय जनता दल का नेता ही स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री होगा। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव में मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एक साजिश के तहत इनसे ध्यान भटकाने के लिए बार-बार चेहरे की बात की जा रही है।  बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर, इस पद पर अपना चेहरा लाने की कोशिश (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) में है कन्हैया कुमार ने कहा कि “मेरे खयाल से पिछली बार भी बदलाव का माहौल था। थोड़े अंतर से महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई। पिछले पांच वर्षों से बिहार की जो स्थिति है, उससे लगता है कि इस बार बदलाव की हवा पहले से कहीं  ज्यादा मजबूत है।” इस दौरान कन्हैया कुमार ने दावा किया (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) कि “बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर, इस पद पर अपना चेहरा लाने की कोशिश में है।” उन्होंने कहा कि “ऐसा नहीं है कि वे नीतीश जी के अस्वस्थ होने पर यह कोशिश कर रहे हैं। वह पहले भी प्रयास कर चुके हैं। भाजपा पिछले कई दशकों से बिहार में वही करना चाहती है जो दूसरी जगह करने में सफल रही है। मतलब पहले क्षेत्रीय दल का साथ पकड़ो और फिर धीरे-धीरे उसे निगल जाओ। बिहार में ऐसा न कर पाने की वजह से बीजेपी नीतीश का साथ लेने को मजबूर हुई।” सीएम कौन होगा इस पर हमारे यहां कोई कोई संकट या संदेह नहीं (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) है  सीएम के सवाल पर कन्हैया ने कहा कि “सीएम कौन बनेगा, इस जनता तय करती है, जिनके पास संख्या बल होगा, वह सीएम बनेगा। आरजेडी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो जाहिर है कि वह ज्यादा सीटें जीतेगी। संख्या बल उसके पास होगा। सीएम कौन होगा इस पर हमारे यहां कोई कोई संकट या संदेह नहीं है। इसे लेकर एनडीए में (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) है। वे तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौन कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इस चुनाव में नीतीश चेहरा होंगे या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है। लेकिन लोकतंत्र में चेहरा महत्वपूर्ण नहीं होता, मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं।” बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि “सत्ता पक्ष के लोग जानबूझकर सीएम फेस के नाम पर जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं। इसलिए महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़कर इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे के मामले को उठाकर ध्यान भटकाने की साजिश रच रहे हैं। जैसे ही भाजपा को मौका मिलेगा, वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाकर अपने नेता को बिहार में स्थापित करेगी। बिहार की जनता इस बार बदलाव चाहती है। वह एनडीए सरकार के छल को समझ चुकी है। संविधान विरोधी लोगों को जनता पसंद नहीं करती है।” इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? बिहार में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के गठजोड़ को महागठबंधन के नाम से जाना (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) जाता है बता दें कि बिहार में इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन के घटक दलों के गठजोड़ को महागठबंधन के नाम से जाना (Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar) जाता है। इस गठबंधन में वाम दलों के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। उसका मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से है। एनडीए में बीजेपी, नीतीश कुमार की जेडीयू, चिराग पासवान की एलजेपी (आर), जीतन राम मांझी की हम, और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम शामिल है। गौरतलब हो कि पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के सबसे बड़े घटक राजद ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 52 प्रतिशत की सफलता दर से 75 सीटें हासिल की थी तो वहीं कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसमे से सिर्फ 19 सीटें जीती थीं। इसके आलावा भाकपा (माले) लिबरेशन ने 19 सीट पर चुनाव लड़ा और 12 पर जीत हासिल की थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस इस बार भी पिछली बार इतनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन राजद इस बार उसे उतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं है। फिर भी कांग्रेस इस बार ज्यादा मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। Latest News in Hindi Today Hindi news Kanhaiya Kumar Reveals Mahagathbandhan’s CM Face in Bihar #kanhaiyakumar #biharpolitics #mahagathbandhan #biharcmface #2025elections #cmcandidate

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CM Mohan Yadav convoy halted

CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed: सीएम मोहन यादव के काफिले की गाड़ियां अचनाक हुईं बंद, इस वजह से पेट्रोल पंप हुआ सीज

क्या हो यदि आप पेट्रोल पंप से डीजल भरवाएं और कुछ दूरी पर जाने के बाद अचानक से आपकी गाड़ी बंद पड़ जाए? निश्चित आप इसे तकनीकी खरीब समझकर धक्का मारने पर मजबूर होंगे। ये तो बात रही आम इंसान की। यही घटना अगर सूबे के मुख्यमंत्री के साथ हो तो? निश्चित ही सरकारी अमले में हड़कंप मचना तय है। दरअसल, मध्य प्रदेश के रतलाम में इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के काफिले में शामिल एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियां अचानक रास्ते में बंद हो गईं। पहले तो मामला तकनीकी खराबी का लगा, लेकिन जब जांच हुई तो सामने आया कि इन गाड़ियों में पानी मिला डीजल भरा गया था। सीएम के दौरे को देखते हुए प्रशासन को सीएम काफिले के लिए तत्काल इंतजाम करना (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) पड़ा। सीएम काफिले के लिए इंदौर से गाड़ियों का दूसरा रैक भेजा गया। मुख्यमंत्री मोहन आज रतलाम के पोलो ग्राउंड में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड इम्पलॉयमेंट कॉन्क्लेव 2025 में शिकरत करेंगे। जानकारी के मुताबिक, इन सभी वाहनों में डोसीगांव स्थित पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया गया था। घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है और ईंधन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।  चलते-चलते काफिले की 19 गाड़ियां अचानक बंद हो (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) गईं रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार शाम सीएम मोहन के रतलाम दौरे से पहले रतलाम के लिए रवाना हुईं सीएम काफिले की 19 गाड़ियों ने एक पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया था। मुख्यमंत्री का काफिला रतलाम जा रहा था, लेकिन चलते-चलते काफिले की 19 गाड़ियां अचानक बंद हो (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) गईं, जिससे चालकों का गाड़ियों से उतरकर धक्का लगाना पड़ गया। आशंका जताई जा रही है कि गईं कि पेट्रोल पंप का डीजल मिलावटी होने के कारण काफिले की गाड़ियां बंद पड़ गई। सीएल काफिले की 19 गाड़ियों के अचानक बंद होने की सूचना मिलते ही जिले में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने आनन-फानन में उस पेट्रोल पंप को सील कर दिया, जहां से काफिले की गाड़ियों में तेल भऱवाया गया था। बता दें कि डीजल में मिलावट की पुष्टि की है, जिसके बाद प्रशासन ने पेट्रोल पंप के खिलाफ एक्शन लिया। गौरतलब है मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव आज रतलाम दौरे पर है। सीएम मोहन दोपहर भोपाल से रतलाम पहुंच रहे हैं।   इसे भी पढ़ें:- हिंदी अनिवार्यता पर बोले शरद पवार, कहा राजनीति नहीं, समझदारी है ज़रूरी काफिले की गाड़ियों में डीजल डालने के दौरान आया (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) पानी  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच में यह बात पता चली है कि जिन गाड़ियों में 20 लीटर डीजल डलवाया गया था, उनमें से लगभग 10 लीटर पानी निकला है। सभी वाहनों में लगभग यह स्थिति (CM Mohan Yadav Convoy Halted, Petrol Pump Sealed) है। यही नहीं, एक ट्रक चालक ने भी 200 लीटर डीजल भरवाया था। वो भी थोड़ी दूरी पर ही बंद हो गया। प्रशासन की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि बारिश के चलते डीजल टैंक में पानी का रिसाव हो सकता है। फिलहाल, कलेक्टर और जिला प्रशासन की टीम पूरे मामले की जांच में जुट गई है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। तहसीलदार ने कहा, काफिले की गाड़ियों में डीजल डालने के दौरान पानी आया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता जांचने के क्या इंतजाम हैं? क्या सच में आम लोगों को भी ऐसा ही मिलावटी ईंधन दिया जा रहा है? Latest News in Hindi Today Hindi news CM Mohan Yadav #cmMohanyadav #convoyhalted #petrolpumpsealed #madhyapradeshnews #fuelqualityissue

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Sharad Pawar says imposition of Hindi

हिंदी अनिवार्यता पर बोले शरद पवार, कहा राजनीति नहीं, समझदारी है ज़रूरी

हाल ही में देशभर में हिंदी भाषा (Hindi Language) को अनिवार्य किए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप अनिवार्य किये जाने पर सभी राजनीतिक पार्टियों की अपनी-अपनी सोच है। कुछ राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं, तो कुछ इसका समर्थन। अब इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार (NCP (SP) Sharad Pawar) का बड़ा बयान सामने आया है। शरद पवार ने न सिर्फ हिंदी के महत्व को स्वीकार किया, बल्कि यह भी समझाने की कोशिश की कि भाषा के सवाल पर संतुलन और संवेदनशीलता ज़रूरी है। हिंदी को पूरी तरह इग्नोर नहीं किया जा सकता शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा है कि हिंदी को देश की एक महत्वपूर्ण भाषा के रूप में नकारा नहीं जा सकता। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह भी माना कि देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिंदी (Sharad Pawar) है और इसे अनदेखा करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने इस विषय को भावनात्मक नहीं बल्कि तर्कसंगत तरीके से देखने की सलाह दी है। पांचवी कक्षा के बाद हिंदी अनिवार्य करने का सुझाव शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा है कि पहली से चौथी कक्षा तक हिंदी को अनिवार्य करने से बच्चों पर दबाव पड़ सकता है। उनके अनुसार इस उम्र में मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए ताकि बच्चे अपनी मूल भाषा में मजबूत आधार बना सकें। उन्होंने यह सुझाव दिया कि पांचवीं कक्षा के बाद हिंदी को अनिवार्य किया जा सकता है, जिससे बच्चे बिना मानसिक दबाव के हिंदी सीखने में सक्षम हो सकते हैं। महाराष्ट्र के लोग हिंदी विरोधी नहीं शरद पवार (Sharad Pawar) ने ये भी कहा कि महाराष्ट्र के लोग हिंदी के विरोध में नहीं हैं। महाराष्ट्र की जनता अन्य भाषाओं के प्रति भी उतना ही स्नेह रखते हैं जितना मराठी के प्रति। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी को लेकर जो विरोध दिखाई देता है, वह भाषा से अधिक राजनीतिक भावनाओं और क्षेत्रीय अस्मिता से जुड़ा है। ठाकरे परिवार की बातों पर गौर शरद पवार ने यह भी बताया कि उन्होंने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे (Raj Thackeray) दोनों की इस मुद्दे पर राय सुनी है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के विचारों को समझना और उनका विश्लेषण करना ज़रूरी है। पवार ने यह संकेत दिया कि वह किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने से पहले उसके उद्देश्य और एजेंडे को पूरी तरह से समझना चाहेंगे। राज ठाकरे के मोर्चे पर प्रतिक्रिया जब पवार से पूछा गया कि क्या वे राज ठाकरे के हिंदी-विरोधी मोर्चे में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी के बुलावे पर सिर्फ़ इसलिए शामिल नहीं हो सकते कि वह कोई बड़ा नेता है। यदि मुद्दा वाकई में जनहित का है और गंभीरता से उठाया गया है, तो ही वह उसका समर्थन करेंगे। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? सभी राजनीतिक दलों से समझदारी की अपील शरद पवार ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि भाषा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जल्दबाज़ी या भावनात्मक बयानबाज़ी से बचें। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा को थोपना या किसी भाषा को नीचा दिखाना देश की एकता और विविधता के लिए ठीक नहीं है। क्योंकि भाषा संस्कृति से जुड़ी होती है और इस पर संवाद, समझ और सम्मान की ज़रूरत होती है। शरद पवार (Sharad Pawar) का बयान ऐसे वक्त में महत्वपूर्ण है जब देशभर में भाषायी पहचान और राष्ट्रीय एकता के सवाल पर बहस चल रही है। उनका दृष्टिकोण संतुलित, व्यावहारिक और भविष्य को ध्यान में रखकर है। भाषा का सवाल केवल शिक्षा या प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और सांस्कृतिक दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में शरद पवार जैसे अनुभवी नेताओं की भूमिका इस बहस को सही दिशा देने में अहम हो सकती है। वैसे अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या केंद्र सरकार (Central Government) इस दिशा में कोई नई नीति अपनाती है और क्या राज्य सरकारें इस पर सहयोग करती हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sharad Pawar #sharadpawar #hindiimposition #languagepolitics #indianpolitics #hindidebate

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A Shiv Sena MP's driver received a ₹150 crore gift deed

Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe: शिवसेना सांसद के ड्राइवर को मिली 150 करोड़ रुपये की गिफ्ट डीड, EOW हुई एक्टिव

उपहार देने में कोई बुराई नहीं है। अक्सर लोग अपने परिचितों को उपहार भेंट स्वरूप देते हैं। लेकिन क्या हो यदि कोई अनजान शख्स किसी को करोड़ों की जमीन गिफ्ट में दे दे? आप कहेंगे आज के इस दौर में कौन दानवीर है जो करोड़ों की जमीन गैर परिचित शख्स को दान कर रहा है? जाहिर सी बात है जब देने और लेनेवाले में किसी भी तरह का कोई संबंध ही न हो, तो ऐसे में शक होना स्वाभाविक है। दरअसल, पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम से नजदीकी संबंध रखने वाले परिवार के वंशज ने शिवसेना सांसद के ड्राइवर को तकरीबन 150 करोड़ रुपये मूल्‍य की तीन एकड़ जमीन गिफ्ट कर दी है। इसकी शिकायत मिलते ही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) की टीम जांच में जुट (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) गई है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गिफ्ट देने और लेने वाले में दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।  फिर भी ड्राइवर को प्राइम लोकेशन पर तीन एकड़ जमीन उपहार के तौर पर क्‍यों दी गई? शिकायत के बाद संबंधित ड्राइवर और सांसद के विधायक बेटे से पूछताछ की गई है।  सालार जंग परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्‍य संबंधियों ने किए (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) हैं हस्‍ताक्षर  बता दें कि 150 करोड़ रुपये की जमीन गिफ्ट देने का यह मामला हैदराबद के मशहूर सालार जंग फैमिली और शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर जावेद रसूल शेख से जुड़ा है। रसूल शेख सांसद के साथ ही उनके विधायक बेटे विलास भुमरे से पिछले 13 साल से जुड़े हैं। गौरतलब हो कि सालार जंग पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम के काल में दीवान थे। सालार जंग परिवार की बड़ी प्रतिष्‍ठा है। जानकारी के मुताबिक इस गिफ्ट डीड पर सालार जंग परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्‍य संबंधियों ने हस्‍ताक्षर किए (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) हैं। हालांकि, इन लोगों ने ईओडब्लू की ओर से जारी नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। उनसे अपना बयान दर्ज करवाने को कहा गया है। बता दें कि मुजाह‍िद खान के एक वकील ने इस बाबत शिकायत की थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई है। कहने की जरूरत नहीं, हैदराबाद के प्रतिष्ठित सालार जंग परिवार द्वारा महाराष्ट्र में स्थित तकरीबन 150 करोड़ रुपये मूल्य की तीन एकड़ ज़मीन शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर के नाम गिफ्ट किए जाने के मामले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को एक वकील की शिकायत मिली कि सांसद के ड्राइवर जावेद रसूल शेख के नाम गिफ्ट डीड के जरिए कीमती ज़मीन ट्रांसफर कर दी गई है।  सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) चाहेंगे? जांच अधिकारियों की माने तो यह ज़मीन संभाजीनगर के दौलतपुरा इलाके में जलना रोड पर स्थित है। इसे प्राइम लोकेशन माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईओडब्लू के इंस्पेक्टर संभाजी पवार ने इस पूरे मामले पर कहा कि “हम जावेद के इनकम टैक्स रिटर्न और आय के अन्य स्रोतों की जांच करेंगे। उसे यह स्पष्ट करना होगा कि सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) चाहेंगे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जावेद जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। जावेद का कहना है कि वह सालार जंग परिवार के वंशजों से अच्छे संबंध रखता है। इसलिए उन्होंने उसे यह ज़मीन तोहफे में दी। दस्तावेजों के मुताबिक, गिफ्ट डीड उसी समय बनाई गई जब मजहर अली और अन्य ने एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 12 में से 3 एकड़ ज़मीन पर अपना दावा साबित किया था। फ़िलहाल पुलिस ने गिफ्ट डीड पर हस्ताक्षर करने वाले सालार जंग परिवार के सदस्य मीर मजहर अली खान और उनके छह रिश्तेदारों को बयान दर्ज करने के लिए नोटिस भेजा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? दोनों में न तो कोई संबंध है और न ही ये इस्लाम के एक ही सेक्‍ट से ताल्लुक रखते (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe हैं टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता वकील मुजाहिद खान ने सवाल उठाया कि बिना किसी पारिवारिक या रिश्तेदारी के इतनी कीमती ज़मीन किसी ड्राइवर को क्यों दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गिफ्ट डीड सिर्फ रक्त संबंधियों के बीच मान्य होती है। यहां दोनों में न तो कोई संबंध है और ये इस्लाम के अलग-अलग सेक्‍ट से ताल्लुक रखते (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe हैं। फिलहाल यह पहेली बनी हुई है कि ड्राइवर जावेद का सालार जंग परिवार से क्या वास्तविक संबंध है और यह ज़मीन उसे गिफ्ट क्यों की गई? हालांकि इस मामले में सांसद संदीपनराव भुमरे और उनके बेटे विलास भुमरे ने सफाई देते हुए कहा कि “ड्राइवर हमारे यहां काम करता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम उसके हर फैसले के लिए जिम्मेदार हैं। इस बीच उन्होंने यह भी बताया कि “पुलिस ने उनसे और उनके पिता से भी पूछताछ की है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe #shivsenanews #150crgift #eowprobe #maharashtrapolitics #driverscandal #politicalnews #mumbainews #indianpolitics

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बिहार चुनाव से पहले आयोग कर रहा वोटर लिस्ट की एसआईआर, मतदाताओं को दिखाने होंगे ये खास दस्तावेज

बिहार में इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर एक तरफ जहां राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारी में जुटी हैं, तो वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग भी अपनी तैयारी को पुख्ता कर रहा है। चुनाव आयोग (Election Commission) इस समय वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कर रहा है। इस दौरान चुनाव आयोग के कर्मचारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वे कर रहे हैं। इसके आधार पर ही वोटर लिस्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने और फर्जी मतदाताओं को हटाने का कार्य किया जाएगा। एसआईआर (SIR) अभियान को लेकर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिस (Election Commission) द्वारा एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें बताया गया है कि ग्राउंड पर लिस्ट तैयार होने के बाद उसकी जांच बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) करेंगे। इस दौरान मतदाताओं के वैध दस्तावेजों की जांच होगा, फिर लिस्ट की सत्यापन कर उसे वोटर लिस्ट में अपडेट किया जाएगा। इसके बाद लिस्ट में सुधार के लिए मतदाताओं को भी कुछ समय दिया जाएगा और फिर फाइनल लिस्ट जारी कर मतदान के चुनाव तारीखों (Bihar Assembly Elections) का ऐलान कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा बिहार में मतदाता सूची का एसआईआर करीब 22 साल बाद किया जा रहा है। इससे पहले यह काम साल 2003 में किया गया था। ऐसे में मतदाताओं के मन में भी यह सवाल है कि चुनाव आयोग के कर्मचारी जब उनके घ्घर आएंगे तो उन्हें क्या-क्या दस्तावेज दिखाना होगा? 27 जुलाई तक होगा सत्यापन चुनाव आयोग के अनुसार एसआईआर (SIR) का कार्य शुरू हो गया है और यह अगले कुछ सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद बीएलओ 27 जुलाई तक मतदाताओं द्वारा दिए गए दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। एसआईआर के दौरान आयोग के कर्मचारी जब घर पहुंचेंगे तो हर वोटर को एक फॉर्म देंगे, जिसे उन्हें भरना होगा। मतदाता इस फॉर्म को भरकर अपने सभी डॉक्यूमेंट के साथ वापस बीएलओ को देंगे। अगर मतदाता चाहे तो इस फॉर्म को भरने के बाद उसे निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी अपलोड कर सकता है। आइये जानते हैं कि मतदाताओं को क्या-क्या दस्तावेज देना होगा।  1 जुलाई 1987 से पहले जन्म लेने वाले मतदाता जिन मतदाताओं का जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, उन्हें अपनी जन्म तिथि और  स्थान की सत्यापन के लिए कोई भी एक वैध दस्तावेज देना होगा।  1987 से 2004 के बीच जन्में मतदाता जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद और 2 दिसंबर 2004 से पहले भारत में हुआ है, उन्हें अपने पहचान पत्र के साथ अपने माता-पिता में से भी किसी एक का पहचान पत्र देना होगा।  2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाता वहीं, जिन मतदाताओं (Election Commission) का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में हुआ है उन्हें अपने साथ अपने माता-पिता (दोनों) का वैध दस्तावेज देना होगा। अगर माता-पिता में से कोई या फिर दोनों विदेशी नागरिक है, तो उसे अपने जन्म प्रमाण पत्र के साथ  विदेशी नागरिक के वैध पासपोर्ट और वीजा की सेल्फ अटेस्टेड प्रति भी जमा करनी होगी।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? चुनाव आयोग को देने होंगे ये दस्तावेज 1. आम मतदाता कोई भी वैध पहचान पत्र दे सकता है। वहीं केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारी अपने वेतन या पेंशन भुगतान आदेश की प्रति भी लगा सकते हैं।  2. सरकार द्वारा जारी 1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र, स्थानीय निकाय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी या पीएसयू द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज मान्य होगा।  3. जन्म प्रमाण पत्र  4. विदेशी नागरिकों के लिए पासपोर्ट जरूरी  5. मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय या बोर्ड द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाण पत्र या मैट्रिक का सर्टिफिकेट भी मान्य  6. केंद्र सरकार और राज्य सरकार की किसी संस्था द्वारा जारी मूल निवास प्रमाण पत्र मान्य है।  7. ओबीसी, एससी और एसटी का जाति प्रमाण पत्र 8. वन अधिकार प्रमाण पत्र 9. राज्य सरकार या किसी स्थानीय निकाय का फैमिली रजिस्टर में शामिल नाम का पत्र  10. सरकार द्वारा जारी किसी जमीन का या फिर घर का प्रमाण पत्र Latest News in Hindi Today Hindi news Election Commission #bihar2025 #voterlistupdate #elections2025 #voterverification #biharnews

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Nitish Kumar Approves New Gun License

Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy: नीतीश कुमार के आदेश पर इन्हें मिलेगा बंदूक का लाइसेंस

आगामी कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले में हाई-प्रोफाइल हत्याओं का सिलसिला भी जोर पकड़ लिया है। इन हत्याओं की वजह से नीतीश कुमार की सरकार खासी चिंतित है। हाल के दिनों में हुई हत्याओं के मद्देनज़र सूबे की सरकार ने अहम कदम उठाते हुए राज्यभर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फैसला किया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही लखीसराय जिले में एक मुखिया और उसके सहयोगी की एक समारोह से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले फरवरी में गया जिले के चिरैला पंचायत के उप मुखिया और जेडीयू के ब्लॉक सचिव महेश मिश्रा की हत्या कर दी गई थी।  पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी गौरतलब हो कि पिछले कुछ महीनों में बिहार में इस तरह के हमले बढ़ गए हैं। राज्य में हत्या की कोशिश और धमकियों की ढेरों घटनाएं कई अन्य जिलों समस्तीपुर, सारण, जमुई, नवादा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी सामने आई हैं। निरंतर हो रहे हमलों और खराब होती सुरक्षा को लेकर चिंतित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी। जाहिर सी बात है, राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सरकार के जिम्मे होता है। ऐसे में लोगों के मन से डर खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया।  शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन करने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) आदेश दिया  बता दें कि सरकार की तरफ से यह फैसला पंचायत प्रतिनिधियों और मुखियाओं पर एक के बाद एक हुए कई हिंसक हमलों के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्वाचित पंचायत सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गया है। निर्देश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि “सत्यापन प्रक्रिया को बिना किसी अनावश्यक देरी के तत्काल पूरा किया जाये।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) दिया निर्देश  हो रही हत्याओं के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गयी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचायत प्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन पाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों में से यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले पंचायत सदस्यों के भत्ते बढ़ा दिए गए थे। कुल-मिलाकर बिहार सरकार की ओर से यह कदम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मद्देनजर उठाया गया है। इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की शादी के लिए हर पंचायत में मैरिज हॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 4,026 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। खबर के मुताबिक इसे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों जीविका दीदियों के जरिए लागू किया जाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy #nitishkumar #gunlicensepolicy #biharnews #firearmpermit #biharupdate #selfdefense #bihargovernment

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चीन की धरती से पाकिस्तान को फटकार… SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर जमकर लताड़ा

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को चीन की धरती पर आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री ने चीन के किंगदाओ शहर में हो रहे SCO (शंघाई सहयोग संगठन) सम्मेलन में रक्षा मंत्रियों की बैठक में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा। राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पाकिस्तान का बिना नाम लिए कहा कि कुछ देश ऐसे हैं, जो सीमा पार आतंकवाद को खास रणनीति की तरह इस्तेमाल कर आतंकवादियों को पनाह देते हैं और दूसरे देशों में आतंक फैलाते हैं। ऐसे दोहरे मापदंडों को अपनाने वाले देशों के लिए दुनिया में कोई सुरक्षित जगह नहीं होनी चाहिए।    उन्होंने एससीओ (SCO) से कहा कि ऐसे आतंक परस्त देशों की आलोचना करने में किसी को संकोच नहीं करना चाहिए। क्योंकि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए बड़ा खतरा है। इसलिए एससीओ (SCO) को एकजुट होकर आतंकवाद से मुकाबला करना चाहिए। इस दौरान राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सदस्य देशों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने और एकजुट रहने का आह्वान किया। बता दें कि मई 2020 में लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर सैन्य गतिरोध के बाद भारतीय रक्षा मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। इस सैन्य झड़प की वजह से दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। हालांकि हाल ही में दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय बैठक हुई हैं, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते सामान्य होते नजर आ रहे हैं। दोनों देश कूटनीति से सीमा विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।   आतंकवादी और उनके ठिकानों को हम ढूंढ-ढूंढ कर खत्म करेंगे- सिंह  रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) ने अपने संबोधन में भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टोरलेन्स आज उसके कार्यों में झलकती है। इस नीति में आतंकवाद के खिलाफ खुद की रक्षा करने का अधिकार भी शामिल है। हमने यह करके दिखा दिया है कि आतंकवादी और उनका ठिकाना अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। वो चाहे जहां छुपकर बैठे हों, हम उन पर प्रहार करने में एक पल भी संकोच नहीं करेंगे। आतंकवाद के ठिकाने चाहे जहां पर भी हों, अगर वो हम पर अटैक करते हैं तो हम उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर खत्म कर देंगे। राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंक फैलाने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। इसलिए  हमें सीमा पार से हथियार और ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रोन को रोकने की कोशिश करनी चाहिए। हम सभी के हित आपस में जुड़े हैं, हम एक ऐसी नई चुनौती का सामना कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और साइबर हमलों से लेकर हाइब्रिड युद्ध तक फैला हुए है। इस आतंकवाद को फैलने से रोकने के लिए हमें मिलकर सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? आतंक को रोकने के लिए एकजुट होना होगा- सिंह  रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के ये खतरे किसी राष्ट्रीय सीमा का सम्मान नहीं करते हैं। इनको रोकने के लिए आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित एकीकृत प्रतिक्रिया की जरूरत है। भारत आतंकवाद के सभी रूपों का सामना करने के लिए अपने संकल्प की पुष्टि करता है। दुनिया को कोई भी देश, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली और विशाल क्यों न हो, अकेले अपने दम पर इन्हें नहीं रोक सकता है। इसलिए सभी राष्ट्रों को अपने पारस्परिक लाभ के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। हमारे यहां सदियों पुरानी एक कहावत ‘सर्वे जन सुखिनो भवन्तु’ है, जो हमारी इस भावना को दर्शाता है। इसका अर्थ है ”सभी के लिए शांति और समृद्धिय”।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rajnath Singh #rajnathsingh #scomeeting2025 #operationsindoor #pakistanterror #indiadiplomacy #chinaindiarelations #terrorism

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Mallikarjun Kharge slams Shashi Tharoor

हमारे लिए ‘सबसे पहले देश’, लेकिन कुछ लोगों के लिए सबसे पहले…’थरूर पर खरगे का बड़ा अटैक

कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की खुलकर तारीफ करने पर कांग्रेस भड़क गई है। थरूर के भाजपा प्रेम को लेकर कांग्रेस के नेता लंबे समय से उन्हें निशाना बना रहे हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा हमला खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने बोला है। उन्होंने थरूर पर हमलावार होते हुए कहा कि हम सभी (कांग्रेस) के लिए सबसे पहले देश है, लेकिन उनके लिए ‘मोदी सबसे पहले’ हैं। खरगे के इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से थरूर के लिए अब तक की सबसे तीखी प्रतिक्रिया मानी जा रही है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही शशि थरूर (Shashi Tharoor) खुलकर पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते आ रहे हैं। भाजपा ने उन्हें विदेश भेजे गए सांसद डेलीगेशन का नेतृत्व भी सौंपा था, जबकि कांग्रेस ने उनका नाम तक नहीं सौंप था। इसके बाद से ही कांग्रेस के नेता उन पर पाला बदलकर भाजपा के साथ जाने का आरोप लगाते आ रहे हैं। सभी के अपने-अपने विचार, कौन क्या कह रहा, यह उनकी निजी राय- खरगे मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थरूर के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘शशि थरूर (Shashi Tharoor) की भाषा पर मजबूत पकड़ है, उनका संवाद बहुत अच्छा है, इसलिए उन्हें हमने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में रखा है। जब हम लोग गुलबर्गा गए थे तो, हम सभी ने एक मत होकर कहा था कि हम सभी देश के साथ खड़े हैं, हम ऑपरेशन सिंदूर में भी एक साथ है। हमारे लिए देश पहले है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके लिए ‘मोदी पहले’ हैं और देश बाद में है। खरगे ने मीडिया से पूछते हुए कहा कि, तो ऐसे लोगों के लिए हमें क्या करना चाहिए?’ हालांकि मीडिया ने जब खरगे (Mallikarjun Kharge) से पूछा कि क्या कांग्रेस अब थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई करने जा रही है, तो उन्होंने कहा, ‘लोग अपनी मर्जी से कुछ भी लिख सकती है, लेकिन हम इसमें शामिल नहीं होना चाहते। कांग्रेस देश के लिए एकजुटता चाहती है और हम एक होकर देश के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। खरगे ने यह भी कहा कि, कांग्रेस में करीब 34 सीडब्ल्यूसी सदस्य के साथ 30 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। इन सभी के अपने-अपने अलग विचार हैं। वह क्या कह रहे हैं, यह उनकी निजी राय है। अभी हम देश को बचाने और मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं। अगर किसी को इस विषय की ज्यादा चिंता है, तो वह संबंधित व्यक्ति से सीधा पूछ सकता है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? शशि थरूर के एक लेख ने मचा दी कांग्रेस में खलबली  बता दें कि शशि थरूर ने हालही में ‘द हिंदू’ अखबार में एक लेख लिखा था। इस लेख में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बताया था। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते हुए लिखा था कि, ‘मोदी की एनर्जी, तेजी और दूसरों से जुड़ने की इच्छा भारत को वैश्विक स्तर पर ‘प्रमुख संपत्ति’ बना रही है, लेकिन इस कार्य को उतना समर्थन नहीं मिल रहा है, जितना इसे मिलना चाहिए था। थरूर के इस लेख को लेकर कांग्रेस काफी नाराज है। पार्टी के कई नेता थरूर की आलोचना करते हुए कह चुके हैं कि वो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और इसके लिए चटुकारिता कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘यह थरूर की निजी राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी की नहीं है। कांग्रेस का दृष्टिकोण इससे काफी अलग है। हालांकि थरूर ने कहा कि उनके इस लेख को ‘भाजपा में शामिल होने’ का संकेत न समझा जाए। यह लेख राष्ट्रीय एकता और हित के साथ भारत के लिए खड़े होने का विचार है। थरूर ने यह भी कहा वो अपने इस लेख के माध्यम से देश के हित में अपने विचार रख रहे थे, न कि किसी खास व्यक्ति या पार्टी के हित में।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mallikarjun Kharge #kharge #tharoor #congress #nationfirst #politicalnews #india #breakingnews #mallikarjunkharge #shashitharoor

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