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PM Modi latest speech

उधर से गोली आएगी तो इधर से गोला चलेगी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक भव्य रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाया और विकास की नई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। जंबूरी मैदान में आयोजित इस विशाल जनसभा में उन्होंने न केवल देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया, बल्कि सामाजिक सुधारों और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी ऐतिहासिक योगदान देने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर (Ahilyabai Holkar) को श्रद्धांजलि दी। “गोली के बदले गोला मिलेगा” – ऑपरेशन सिंदूर पर दो टूक अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “आज 140 करोड़ भारतीय कह रहे हैं कि अगर तुम उधर से गोली चलाओगे, तो यहां से गोला चलेगा।” यह बयान देश की सुरक्षा नीति में भारत के बदले हुए रुख और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की भावना को दर्शाता है। पीएम मोदी (PM Modi) ने यह भी स्पष्ट किया कि अब भारत किसी भी प्रकार के हमले या उकसावे पर चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि देश की सीमाएं पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हैं और सरकार आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। दतिया और सतना को मिली हवाई सेवा की सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रैली के दौरान दतिया और सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन कर इन शहरों को देश के हवाई नेटवर्क से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि “अब दतिया और सतना जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर भी आधुनिक हवाई सेवा से जुड़ गए हैं। यह सिर्फ यात्रा की सुविधा नहीं, बल्कि विकास का नया द्वार है।” पीएम मोदी (PM Modi) ने आगे कहा कि यह अवसर सिर्फ एक उद्घाटन नहीं है, बल्कि यह लोकसेवा और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाएगा। अहिल्याबाई होल्कर को दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंच से समाज सुधारक और महान शासिका अहिल्याबाई होल्कर (Ahilyabai Holkar) को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि “अहिल्याबाई का जीवन हमें सिखाता है कि शासन का अर्थ सिर्फ सत्ता नहीं, सेवा है। उनके कार्य आज भी हमारी प्रेरणा हैं।” इस अवसर पर उनकी 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया। पीएम मोदी (PM Modi) ने अहिल्याबाई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला सशक्तिकरण को बताया सरकार की प्राथमिकता रैली से पहले पीएम मोदी (PM Narendra Modi) लोकमाता अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि “अहिल्याबाई का जीवन महिलाओं की शक्ति और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। आज उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सरकार बेटियों को हर क्षेत्र में आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।” इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  जनता का जोरदार समर्थन रैली स्थल पर लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। पीएम मोदी (PM Modi) को देखने के लिए हजारों लोग तिरंगे लेकर पहुंचे थे। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) के स्वागत में हाथ लहराए और नारे लगाए। पीएम भी अपनी खुली गाड़ी में बैठकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते नजर आए। इस अवसर पर पीएम मोदी का संबोधन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद अहम रहा। उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब निर्णायक नेतृत्व और तेज़ विकास के रास्ते पर है—जहां जनता की सेवा और देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Narendra Modi #PMModi #ModiSpeech #IndiaSecurity #ModiWarning #ModiOnTerror #NationalSecurity #IndiaNews #ModiStatement

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action on Shashi Tharoor

Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor: इस एक वजह से चाह कर भी शशि थरूर पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है कांग्रेस

ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए इन दिनों भारत के सात सर्वदलीय शिष्टमंडल विदेशी दौरे पर हैं। इनमें से एक शिष्टमंडल की अगुवाई कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर कर रहे हैं। अन्य शिष्टमंडलों में मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद शामिल हैं। लेकिन कांग्रेस को सबसे ज्यादा आपत्ति शशि थरूर के बयानों से। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि जिस तरह से वो आये दिन पाकिस्तान को घेर रहे हैं, इसे देखकर ऐसा लगता है कि वो बीजेपी के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके इस कदम से पार्टी असहज दिख रही है। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो थरूर जिस तरह से बयान दे रहे हैं, उससे कांग्रेस खुश नहीं है। एक तरफ जहाँ सीजफायर होने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित दखल को लेकर कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर है और उससे लगातार सवाल कर रही है तो वहीं थरूर और खुर्शीद लगातार अमेरिकी या ट्रंप के दखल के दावों को सिरे से खारिज कर रहे (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) हैं। कई मौकों पर दोनों नेताओं ने साफ तौर पर कहा है कि 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर जो सहमति बनी वह दोनों देशों के बीच हुई सीधी बातचीत का नतीजा है। दोनों जोर देते हुए कहा कि इस सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।  थरूर पर करवाई या उनका विरोध करने का मतलब है बीजेपी को सीधा लाभ (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) पहुँचाना इस बात के इंकार नहीं किया जा सकता कि थरूर के बयानों से कांग्रेस के आला नेताओं में नाराजगी है। नाराजगी ऐसी वैसी भी नहीं, चरम वाली। नाराजगी तो है, लेकिन चाहकर भी वो इसका विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का अपना ऐसा अनुमान है कि थरूर पर करवाई या उनका विरोध करने का मतलब है बीजेपी को सीधा लाभ (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) पहुँचाना। और बीजेपी इसे मुद्दा बना सकती है। ऐसे में कांग्रेस किसी भी कीमत पर बीजेपी को लाभ नहीं ही पहुंचाएगी। इसलिए पार्टी जवाब न देकर उदित राज द्वारा थरूर पर हमला करवा रही है। वो बात और है कि पवन खेड़ा जैसे नेता उदित राज के ट्वीट को लगातार री-पोस्ट कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कि विवाद बढ़ने पर इसे उदित राज का निजी विचार बता पार्टी के शीर्ष नेता अपना पल्ला आसानी से झाड़ सकते हैं। पार्टी से जुड़े करीबी सूत्रों की माने तो कांग्रेस, थरूर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के मूड में नहीं है। दरअसल, इसके पीछे की बड़ी वजह है अगले साल केरल में होनेवाले विधानसभा चुनाव। बता दें कि थरूर तिरूवनंतपुरम से सांसद हैं। पिछले चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  केरल में लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) चाहती कांग्रेस हाल के वर्षों में थरूर ने केरल में अपना एक नया समर्थक वर्ग तैयार किया है, इसमें युवा, महिलाएं और सर्विस सेक्टर के लोग शामिल हैं। तिरूवनंतपुरम के बाहर भी थरूर का अच्छा प्रभाव है। बेशक कांग्रेस किसी भी तरह की कार्रवाई कर केरल में लोगों की नाराजगी मोल नहीं लेना (Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor) चाहती। बता दें कि थरूर नायर जाति से आते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि परंपरागत रूप से यह वर्ग भाजपा का समर्थक है, लेकिन इसके बावजूद थरूर चुनाव जीतते आ रहे हैं। वह तिरूवनंतपुरम से चार बार के सांसद हैं। वजह यही जो अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस थरूर को पार्टी का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ना चाहती है। बेशक वह थरूर की राजनीतिक लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहती है। ऐसे में उसे लगता है कि थरूर पर किसी भी तरह की कार्रवाई चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचा सकती है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं, केरल में थरूर के नुकसान की भरपाई कर पाना कांग्रेस पार्टी के लिए बेहद मुश्किल हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Why Congress Can’t Act Against Shashi Tharoor #ShashiTharoor #Congress #CongressNews #IndianPolitics #TharoorControversy #PoliticalNews #CongressLeadership

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BJP leader's son caught in a scandal

BJP leader’s son caught in a scandal : बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात 

बीजेपी शासित राज्यों का फोकस महिला सशक्तिकरण पर होता है। यह तो ठीक, लेकिन यदि पार्टी के नेता या उनके परिवार के लोग ही महिलाओं का उत्पीड़न करने पर उतर जाएँ तो क्या हो? निश्चित ही किसी भी पार्टी के लिए यह बड़े शर्म की बात होगी। गौरतलब हो कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के प्रज्ज्वला रेवन्ना सेक्स स्कैंडल ने नेताओं की करनी और कथनी को उजागर किया (BJP leader’s son caught in a scandal) था। इसी तरह का एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता के बेटे के दर्जनों अश्लील वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक दो नहीं बल्कि 130 से अधिक वीडियो वायरल हुए हैं। अधिकतर वीडियो होटलों और रेस्टोरेंट में बनाए गए हैं। दरअसल, मामला मैनपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले भाजपा नेता के बेटे का है। जिस भाजपा नेता के बेटे का वीडियो वायरल हो रहा है वह मैनपुरी शहर में एक मंडल का अध्यक्ष है। इस मामले पर पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।  इस पूरे मामले पर भाजपा ने साध रखी है (BJP leader’s son caught in a scandal) चुप्पी  हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह वीडियो कैसे वायरल हुआ। इस पूरे मामले पर भाजपा ने चुप्पी साध रखी है। भाजपा संगठन की ओर से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया। तो वहीं इस मामले पर पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह वीडियो कैसे वायरल (BJP leader’s son caught in a scandal) हुआ। इस पूरे मामले पर भाजपा ने चुप्पी साध रखी है। भाजपा संगठन की ओर से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया। बड़ी बात यह कि वीडियो में दिख रही लड़की ने खुद सामने आकर भाजपा नेता के बेटे के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है। वीडियो में दिख रही लड़की ने पुलिस को बताया कि उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ यह घटना हुई और वीडियो बनाया गया। पुलिस ने युवती की तहरीर के आधार पर भाजपा नेता के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवती शादीशुदा है और अपने पति से अलग रहती है। हालाँकि पुलिस ने केस दर्ज कर नेता के बेटे की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल बेटा फरार बताया जा रहा है।  इसे भी पढ़ें:- एमपी-हरियाणा में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, ऑब्जर्वरों की टीम तैनात भाजपा नेता के बेटे के अपनी पत्नी से ठीक नहीं हैं (BJP leader’s son caught in a scandal) संबंध  मामला संज्ञान में आते ही विपक्षी दलों ने भी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यही नहीं, सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई की मांग हो रही है।  विपक्षी सपा, बसपा और कांग्रेस ने भाजपा पर करारा हमला बोला है। विपक्ष ने इसे मप्र के भाजपा नेता और गोंडा के भाजपा जिला अध्यक्ष के वायरल वीडियो के बहाने भाजपा को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इस खुलासे पर अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि (BJP leader’s son caught in a scandal) भाजपा नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों की करतूतों के खुलासों की श्रृंखला में मैनपुरी से ‘130 वीडियो’ का महा-खुलासा भाजपा सदस्यों के कुख्यात कर्नाटक कांड से होड़ करता नजर आ रहा है। बता दें कि यह खुलासा मैनपुरी के भाजपा सदस्यों के घर से हुआ है, इसलिए भाजपा का आईटी सेल इसके लिए विपक्ष को दोष भी नहीं दे सकता। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता के बेटे के अपनी पत्नी से भी रिश्ते ठीक नहीं हैं। हैरत की बात यह कि पत्नी को भी पति के अवैध संबंधों के बारे में काफी समय से पता है। इस पर पत्नी का कहना है कि पति खुद ऐसी अश्लील हरकतों का वीडियो बनाता है। वह वीडियो बनाकर मुझे दिखाता है। वह कहता है कि तुम मेरा कुछ नहीं कर पाओगी। मेरी मां भाजपा की बड़ी नेता हैं। शादी के बाद से ही मुझे परेशान किया जा रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news BJP leader’s son caught in a scandal #BJPScandal #ObsceneVideoLeak #AkhileshYadav #Politics2025 #BreakingNews

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CM Nitish Kumar

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सभी वर्गों को मिलेगा सम्मान

बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की सरकार ने सामाजिक समावेशिता और सभी वर्गों के न्यायोचित विकास को सुनिश्चित करने के लिए दो नए आयोगों का गठन किया है। यह कदम समाज के हर तबके की समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। समाज के हर वर्ग के लिए सुनवाई और समाधान बिहार सरकार (Bihar Government) ने उच्च जाति विकास आयोग (Upper Caste Development Commission) और राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग (State Scheduled Tribe Commission) का गठन करके यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राज्य के हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इन दोनों आयोगों का कार्य केवल समस्याएं पहचानना नहीं होगा, बल्कि यह आयोग सरकार को नीतिगत सुझाव भी देंगे ताकि हर वर्ग को उसका अधिकार मिल सके। उच्च जाति विकास आयोग की भूमिका सरकार द्वारा गठित उच्च जाति विकास आयोग का नेतृत्व भाजपा नेता और पूर्व मंत्री महाचंद्र प्रसाद सिंह को सौंपा गया है। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद होंगे और इसके अन्य सदस्य दयानंद राय, जय कृष्ण झा और राजकुमार सिंह हैं। इनका कार्यकाल तीन वर्षों का निर्धारित किया गया है। यह आयोग बिहार में उच्च जातियों की शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन करेगा। इसके आधार पर आयोग राज्य सरकार को सुझाव देगा कि इस वर्ग के उत्थान के लिए किन योजनाओं और संसाधनों की आवश्यकता है। अक्सर यह धारणा बनी रहती है कि केवल पिछड़े वर्गों को ही सहायता की आवश्यकता है, लेकिन इस आयोग के गठन से यह संदेश गया है कि हर वर्ग की जरूरतें अलग हैं और उन्हें ध्यान में रखते हुए नीति बनानी चाहिए। अनुसूचित जनजाति आयोग: अधिकारों की रक्षा की ओर कदम बिहार सरकार (Bihar Government) ने अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा और उनके सतत विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना की है। इस आयोग के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार बनाए गए हैं, जबकि उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सुरेंद्र उरांव को दी गई है। अन्य सदस्य प्रेमशिला गुप्ता, तल्लू बासकी और राजू कुमार हैं। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य बिहार की आदिवासी आबादी की समस्याओं की गहराई से पड़ताल करना और उनके समाधान के लिए सरकार को व्यावहारिक और प्रभावी सुझाव देना है। यह आयोग भी तीन वर्षों तक कार्य करेगा और एक माध्यम बनेगा जिससे आदिवासी समुदाय की आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचे। समावेशी विकास की ओर निर्णायक कदम इन दोनों आयोगों का गठन बिहार सरकार की एक रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसमें समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का यह कदम स्पष्ट करता है कि सरकार अब केवल किसी एक वर्ग के विकास पर ध्यान नहीं देगी, बल्कि हर समाज, जाति और समुदाय को विकास के पथ पर साथ लेकर चलेगी। यह प्रयास इस बात का भी संकेत है कि समाज में समानता और न्याय की स्थापना बिना समग्र दृष्टिकोण के संभव नहीं है। यदि राज्य का हर नागरिक अपने आप को प्रशासनिक निर्णयों में सहभागी और प्रतिनिधित्व प्राप्त महसूस करेगा, तो सामाजिक ताना-बाना और मजबूत होगा। इसे भी पढ़ें:- एमपी-हरियाणा में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, ऑब्जर्वरों की टीम तैनात ऐसे में कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े होते हैं। जैसे: 1. क्या इन दोनों आयोगों द्वारा दिए गए सुझावों को कानूनी रूप से लागू करने की कोई गारंटी या स्पष्ट नीति बनाई गई है? 2. क्या इन आयोगों के गठन के बाद अन्य वर्गों (जैसे पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय) के लिए भी समान रूप से ठोस और प्रभावी नीतिगत प्रयास किए जाएंगे? 3. आयोगों द्वारा प्राप्त रिपोर्टों और सिफारिशों को सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता भी निगरानी रख सके? इस नई पहल के साथ बिहार सरकार (Bihar Government) ने यह संकेत दिया है कि सामाजिक संतुलन और हर वर्ग को विकास में सहभागी बनाना उसकी प्राथमिकता है। यदि यह प्रयास ईमानदारी से लागू किए जाते हैं, तो यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news #BiharGovernment #NitishKumar #CMNitishKumar #BiharPolitics

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Rahul Gandhi POK statement

Rahul as PM Could Bring Back POK: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया बड़ा दावा करते हुए कहा, “राहुल पीएम होते तो वापस लाते पीओके”

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद जहां समूचा भारत जश्न में डूबा है, तो वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी को कमतर दिखाने की  कोशिश में लगे हुए हैं। इस क्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है। मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए रेवंत रेड्डी ने पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के नतीजों पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल (Telangana CM’s Big Claim) उठाया। इस बीच उन्होंने यह भी पूछा कि “चार दिन के युद्ध के बाद क्या (Rahul as PM Could Bring Back POK) हुआ? किसने आत्मसमर्पण किया? हमें कुछ नहीं पता।” उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी को 140 करोड़ भारतीयों को यह बताना चाहिए कि हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना ने हमारे कितने राफेल विमान मार गिराए। दरअसल, जय हिंद नाम से आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा, प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष शुरू करने से पहले सर्वदलीय बैठक क्यों बुलाई थी? जबकि पड़ोसी देश के साथ सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने से पहले उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? मोदी प्रतिबंधित 1,000 रुपये के नोट की तरह हैं, हमें राहुल गांधी जैसे नेताओं की जरूरत (Rahul as PM Could Bring Back POK) है प्रधानमंत्री के इस बयान का मखौल उड़ाते हुए कि युद्ध भाषण देना नहीं है। उन्होंने कहा कि युद्ध रोककर मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान की शपथ ली है। मोदी सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, चार दिनों के युद्ध के बाद, हमें नहीं पता कि किसने किसको धमकाया और किसने किसके आगे घुटने टेक दिए। अचानक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सामने आए और कहा कि (Telangana CM’s Big Claim) उन्होंने भारत को धमकाया और युद्ध रोक दिया। लोकसभा सांसद राहुल गाँधी की प्रशंसा करते हुए रेड्डी ने कहा कि “राहुल गांधी इस स्थिति को अलग तरीके से संभालते। उन्होंने कहा, अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते तो वह पीओके को वापस ले (Rahul as PM Could Bring Back POK) आते। मोदी प्रतिबंधित 1,000 रुपये के नोट की तरह हैं। हमें राहुल गांधी जैसे नेताओं की जरूरत है। मोदी हमारे लिए कभी युद्ध नहीं जीत सकते। केवल प्रधानमंत्री के रूप में राहुल गांधी ही ऐसा कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस हजारों करोड़ रुपये के ठेके मोदी के करीबी लोगों को दिए गए- रेवंत रेड्डी पीएम मोदी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा के बावजूद मोदी बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने और पीओके पर नियंत्रण करने में विफल रहे। यही नहीं, इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा, (Telangana CM’s Big Claim) सिकंदराबाद छावनी के सैनिकों ने युद्ध में भाग लिया था। तेलंगाना में निर्मित युद्धक विमानों ने हमारे देश के सम्मान को बनाए रखा। नरेन्द्र मोदी द्वारा लाए गए राफेल विमानों को पाकिस्तान ने मार गिराया। इस बात पर कोई चर्चा नहीं हुई कि कितने राफेल मार गिराए गए। नरेन्द्र मोदी को जवाब देना चाहिए कि हालिया युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने कितने राफेल विमान मार गिराए। आप हमें इसका हिसाब दें। पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए रेड्डी ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये के ठेके मोदी के करीबी लोगों को दिए गए, जिन्होंने फिर राफेल विमान खरीदे।आगे उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी,(Rahul as PM Could Bring Back POK) मल्लिकार्जुन खरगे और मीनाक्षी नटराजन ने केवल एक बात कही कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो राजनीतिक विचारधारा से परे सभी को एक साथ आना चाहिए और तदनुसार उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार को आश्वासन दिया कि वह पाकिस्तान के साथ लड़ाई के दौरान उसके साथ खड़ी रहेगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Telangana CM’s Big Claim #RahulGandhi #POK #TelanganaCM #IndianPolitics #BreakingNews #RahulAsPM #POKReclaim

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Team 50 Congress Madhya Pradesh

MP में कांग्रेस की ताकत बनेगी राहुल की Team 50, जानिए क्या है जीत का मास्टर प्लान

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) बीते कुछ वर्षों से लगातार चुनावी पराजयों का सामना कर रही है। विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तरों पर पार्टी की कमजोर होती स्थिति ने शीर्ष नेतृत्व को पुनः संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। इसी दिशा में कांग्रेस ने अब गुजरात मॉडल (Gujrat Model) को अपनाते हुए संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 3 जून को भोपाल से करेंगे। राहुल गांधी का 10 वर्षों बाद पीसीसी कार्यालय दौरा संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की खास बात यह है कि करीब एक दशक बाद राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचेंगे, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व अब मध्य प्रदेश को लेकर गंभीर और सक्रिय रणनीति बना रहा है। राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल और उत्साह को बढ़ाने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।  ‘टीम 50’ की भूमिका और जिम्मेदारी राहुल गांधी संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) के तहत अपनी ‘टीम 50’ को भी प्रदेश में सक्रिय करने जा रहे हैं। यह टीम देशभर से चुने गए 50 ऑब्जर्वरों की है, जिसमें असम, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के सांसद, विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं। इन पर्यवेक्षकों को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाएगा, जहां ये जिले की पार्टी इकाई का मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक ऑब्जर्वर को संबंधित जिले में जिला अध्यक्ष चुनने का अधिकार भी दिया जाएगा। उनका कार्य केवल नामांकन नहीं बल्कि ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करना होगा जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और जनसंपर्क बनाए रखते हैं। इसके साथ ही ये टीम निष्क्रिय नेताओं पर भी नजर रखेगी जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।  सीधे दिल्ली को रिपोर्टिंग संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की एक और खासियत यह है कि ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को नहीं, बल्कि सीधे दिल्ली के आलाकमान को सौंपेंगे। इसका उद्देश्य है पारदर्शिता बनाए रखते हुए स्थानीय गुटबाजी और सिफारिशी संस्कृति से बचना। इस टीम को मध्य प्रदेश कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं के जरिए को-ऑर्डिनेट किया जाएगा, जिन्हें को-ऑब्जर्वर की भूमिका दी जाएगी। ये नेता राहुल गांधी से चर्चा कर PCC में फीडबैक देंगे और ऑब्जर्वरों तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने का कार्य करेंगे। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस  गुजरात मॉडल का विस्तार गौरतलब है कि कांग्रेस ने अहमदाबाद अधिवेशन के बाद गुजरात में संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की शुरुआत की थी, जिसमें जिलेवार रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय नेतृत्व को नया आकार दिया गया। गुजरात में इस मॉडल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और अब इसी मॉडल को मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। मध्य प्रदेश दूसरा राज्य है जहां यह अभियान लागू हो रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब देशभर में संगठनात्मक ढांचे को फिर से खड़ा करने की दिशा में गंभीर है। कांग्रेस के लिए आगे की राह यह संगठन सृजन अभियान केवल एक सांगठनिक कवायद नहीं, बल्कि पार्टी के पुनर्जन्म की नींव रखने का प्रयास है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो कांग्रेस को मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपने कार्यकर्ता नेटवर्क को पुनः सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ाव बढ़ाने और विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए ठोस आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का यह अभियान कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद की तरह है। अब देखना होगा कि यह प्रयास व्यावहारिक परिणाम दे पाता है या नहीं। लेकिन एक बात तय है — कांग्रेस (Congress) ने पुनर्गठन की दिशा में ठोस और गंभीर कदम उठाया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Sangathan Srijan Abhiyan #RahulGandhi #Team50 #Congress #MPElections #PoliticalStrategy #MadhyaPradesh #IndianPolitics

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Himanta Biswa Sarma arms policy

Assam arms policy: इस वजह से असम सरकार आम जनता के हाथ में देने जा रही है हथियार

असम की सरकार अपने राज्य के बासिंदों को हथियार रखने की अनुमति देने जा (Assam arms policy) रही है। दरअसल, सरकार ने जनता के हाथ में हथियार देने की स्कीम को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम कैबिनेट बांग्लादेश के पास दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले मूल निवासियों और स्थानीय नागरिकों को हथियार देगी। इस पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) का कहना है कि “इससे लोगों को साहस मिलेगा।” यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “इस स्कीम के तहत धुबरी, मोरीगांव, बारपेटा, नागांव और दक्षिण सलमारा-मनकचर, रूपाही, ढिंग और जानिया जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन इलाकों में हमारे लोग माइनॉरिटी में हैं। इन जिलों में असम के लोगों को असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, खासकर बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों से, उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमलों का खतरा है। इस दौरान उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों में असम के लोग 1979-85 में हुए असम आंदोलन के बाद से सुरक्षा के लिए लाइसेंस वाले हथियार की मांग कर रहे हैं।” बंगाली-मुस्लिम मूल के संदिग्ध अवैध विदेशियों के असम में अतिक्रमण की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि “पिछली सरकारों ने यदि उन्हें हथियारों के लाइसेंस दिए होते, तो कई लोगों को अपनी जमीनें बेचकर जगह नहीं छोड़नी पड़ती। हम बहुत सारी जमीनों पर कब्जा होने से बचा सकते थे।” सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं मांग- हिमंत बिस्वा सरमा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि “इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से हथियार की मांग कर (Assam arms policy) रहे हैं, उनकी इस मांग को रिव्यू करने के बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “यह योजना पूरे राज्य में लागू होगी। इसलिए, अगर लोग इसके लिए आवेदन करते हैं तो हम गुवाहाटी शहर के हतीगांव इलाके में रहने वाले अपने लोगों को हथियार देने पर विचार कर सकते हैं।” सीएम सरमा ने स्पष्ट करते हुए कहा कि “बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम और संदिग्ध विदेशियों के खिलाफ राज्य सरकार के हालिया अभियान के चलते, ऐसे क्षेत्रों में स्वदेशी लोगों को लगता है कि उन पर या तो सीमा पार से या अपने ही गांवों से हमला हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि “सरकार इस स्कीम के लिए एलिजिबल लोगों को लाइसेंस देने में नरमी अपनाएगी। जो लोग असम के मूल निवासी हैं और राज्य के कमजोर और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले स्वदेशी समुदाय हैं, उन्हें इस स्कीम से साहस मिलेगा।”  इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  भारतीय आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है खैर, बात करें 1959 के भारतीय आर्म्स एक्ट की तो आर्म्स एक्ट हथियार (Assam arms policy) को दो प्रकारों में बांटता है। निषिद्ध बोर (प्रोहिबिटेड बोर) और गैर-निषिद्ध बोर (नॉन-प्रोहिबिटेड बोर ) पीबी हथियारों को आमतौर पर सेना, राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों जैसी सरकारी एजेंसियां इस्तेमाल करती हैं। एनपीबी व्यक्ति के लिए होता है। नॉन-प्रोहिबिटेड बोर उन लोगों को दिया जाता जिन्हें अपनी जानमाल का खतरा होता है। प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस गृह मंत्रालय जारी करता है तो वहीं नॉन-प्रोहिबिटेड बोर आर्म्स के लिए लाइसेंस डीएम और राज्य सरकार जारी करती हैं। यही नहीं, इन हथियारों को रखने के लिए कुछ शर्तें भी हैं। शर्त यह कि इसके लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। हिंसा से जुड़े किसी भी अपराध का दोषी न ठहराया गया हो। इसके अलावा शांति बनाए रखने हेतु बॉन्ड भरने का आदेश न दिया गया हो और शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हो। इन बेसिक शर्तों के आधार पर ही लइसेंस आवंटित किया जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #AssamArmsPolicy #AssamNews #SelfDefenseIndia #WeaponsLicense #HimantaBiswaSarma #IndiaNews #CitizensWithGuns #ArmsPolicyChange

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Farmer loan relief 2025

MSP और ब्याज छूट योजना पर मोदी सरकार का फैसला क्या किसानों के लिए है लाभकारी?

केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ब्याज छूट योजना में बदलाव की घोषणा की है। बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी दी। इस मीटिंग में खासतौर पर खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान की MSP और किसानों को कर्ज में दी जाने वाली ब्याज छूट पर निर्णय लिए गए हैं। ये फैसले सीधे तौर पर देश के करोड़ों किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक और प्रयास हैं। धान की MSP में 69 रुपये की बढ़ोतरी कैबिनेट ने खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान की MSP को 69 रुपये बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। पहले यह दर 2300 रुपये प्रति क्विंटल थी। इसका मतलब यह है कि अब किसानों को 1 क्विंटल धान बेचने पर न्यूनतम 2369 रुपये की गारंटी मिलेगी। सरकार का यह कदम किसानों को फसल की बेहतर कीमत दिलाने और कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के लिए अहम माना जा रहा है। MSP में यह बढ़ोतरी न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने, और उन्हें बाजार में उचित मोल मिलने की दिशा में भी एक मजबूत संकेत है। इस फैसले से देशभर के धान उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी और वे अगली फसल की बुवाई के लिए बेहतर योजना बना सकेंगे। ब्याज छूट योजना (MISS) को मिली मंजूरी कैबिनेट ने इसके साथ ही संशोधित ब्याज छूट योजना (Modified Interest Subvention Scheme – MISS) को जारी रखने की मंजूरी भी दे दी है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (Farmer loan relief 2025) के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर लोन दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को 7 प्रतिशत की दर से लोन मिलता है, जिसमें सरकार 1.5 प्रतिशत की ब्याज सहायता देती है। अगर किसान समय पर लोन का भुगतान कर देता है तो उसे अतिरिक्त 3 प्रतिशत की छूट मिलती है। इस प्रकार प्रभावी ब्याज दर घटकर मात्र 4 प्रतिशत रह जाती है। यह लाभ 3 लाख रुपये तक के अल्पकालीन लोन पर लागू होता है, जबकि मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए 2 लाख रुपये तक के लोन पर भी यही सुविधा उपलब्ध है। किसान क्रेडिट कार्ड: एक प्रभावी पहल किसान क्रेडिट कार्ड (Farmer loan relief 2025) योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कार्यशील पूंजी के लिए बैंकों से आसान और त्वरित लोन दिलाना था। KCC के तहत मिलने वाली ब्याज छूट योजना ने किसानों की लागत में भारी कमी लाई है। आज भी यह योजना किसानों के लिए एक बुनियादी आर्थिक मदद का जरिया बनी हुई है। इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  अन्य महत्वपूर्ण पहलू MSP तय करने में उत्पादन लागत, मांग और आपूर्ति जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। सरकार की यह रणनीति किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में एक और कदम है, जो 2022 तक प्राप्त करने का संकल्प लिया गया था। ब्याज सहायता योजना से किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ती है और वे बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना सीधे बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। मोदी सरकार द्वारा लिए गए ये फैसले निश्चित ही किसानों के लिए राहत भरे हैं। MSP में वृद्धि और ब्याज छूट योजना को जारी रखने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, कृषि में निवेश बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। अब यह आवश्यक है कि इन योजनाओं का लाभ हर किसान तक समय पर और पारदर्शी ढंग से पहुंचे। Latest News in Hindi Today Hindi news Farmer loan relief 2025 #MSPScheme2025 #FarmersRelief #ModiGovernment #InterestSubsidy #AgriculturePolicy #LoanWaiver2025 #IndianFarmers

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Tharoor vs Congress leaders

Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim: शशि थरूर से इस कांग्रेस नेता को ही होने लगी है दिक्कत, कहा- ये तो उनका पब्लिसिटी स्टंट है

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बनाये गए ऑल पार्टी डेलीगेशन में गए कांग्रेस सांसद शशि थरूर विदेशों में पाकिस्तान की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। एक तरफ जहाँ थरूर विदेशों में पाकिस्तान की पोल खोल रहे हैं तो वहीं देश में उनकी ही पार्टी के नेता उनपर तंज कसने से बाज नहीं आ (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) रहे हैं। पता नहीं क्यों कांग्रेस के कुछ नेताओं को पाकिस्तान से क्यों प्रेम है? थरूर से चिढ़े कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि “बीजेपी के नेता जो बात नहीं कह रहे हैं, वो शशि थरूर कह रहे हैं। ये बीजेपी के सुपर प्रवक्ता हैं। ऐसा तो इस सरकार में हो रहा है कि सेना का श्रेय बीजेपी ले रही है। कांग्रेस सरकार में सेना की कार्रवाई को सार्वजनिक नहीं किया जाता था।” उदित राज ने शशि थरूर को बीजेपी का सुपर प्रवक्ता बताते हुए कहा कि “शशि थरूर बीजेपी के सुपर प्रवक्ता हैं। जो बीजेपी नेता नहीं कह रहे हैं, यानी पीएम मोदी और सरकार के पक्ष में बोल रहे हैं, वह शशि थरूर कर रहे हैं। क्या उन्हें पता भी है कि पहले की सरकारें क्या करती थीं?” ये भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) हैं- उदित राज मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उदित राज ने कहा कि “ये भारतीय सशस्त्र बलों का श्रेय ले रहे (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) हैं। पहले सर्जिकल स्ट्राइक होती थी पता नहीं चलता था। ये मोदी जी जैसा नहीं कि कुछ करेंगे नहीं और प्रचार करेंगे, शेखी बघारेंगे। सेना की कार्रवाई का लाभ लेंगे।” उन्हें बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने ऐसा नहीं किया और सेना की कार्रवाई को पब्लिक डिक्लेयर नहीं करती थी, लेकिन ये सेना का सारा श्रेय खुद ही ले रहे हैं। इसमें सेना का कोई सम्मान नहीं है। ये तो शशि थरूर का पब्लिसिटी स्टंट है। ये भारतीय जनता पार्टी के इस समय प्रवक्ता बन गए हैं।”  पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर आतंकवादी कारनामों को (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) रखा जारी  गौरतलब हो कि पनामा में एक डेलीगेशन का नेतृत्व करते हुए शशि थरूर ने कहा कि “पाकिस्तान ने भारतीय क्षेत्र को निशाना बनाकर आतंकवादी कारनामों को जारी रखा।” इस दौरान उन्होंने आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की घनघोर आलोचना करते हुए कहा कि “हाल के वर्षों में जो बदलाव आया है वह यह है कि आतंकवादियों को अब पता है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) पड़ेगी।” वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि “हाल के वर्षों में जो बदलाव आया है, वह यह है कि आतंकवादियों को भी एहसास हो गया है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।” थरूर ने जोर देते हुए कहा कि इस रंच मात्र भी  संदेह नहीं होना चाहिए। जब ​​पहली बार भारत ने सितंबर 2016 में उरी में सर्जिकल स्ट्राइक करके भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया था। पहले से ही कुछ ऐसा था जो हमने पहले कभी नहीं किया था।” इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने नियंत्रण रेखा नहीं की (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) थी पार  कांग्रेस सांसद ने कहा कि “कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने नियंत्रण रेखा पार नहीं की (Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim) थी। हालांकि, उरी में उसने ऐसा किया और इसके बाद जनवरी 2019 में पुलवामा हमला हुआ।” उन्होंने कहा कि “इस बार हमने न केवल नियंत्रण रेखा बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा भी पार की और बालाकोट में आतंकवादी मुख्यालय पर हमला किया। इस बार हम उन दोनों से आगे निकल गए हैं। हम न केवल नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा से आगे निकल गए हैं। हमने नौ जगहों पर आतंकी ठिकानों, प्रशिक्षण केंद्रों और आतंकी मुख्यालयों पर हमला करके पाकिस्तान के पंजाबी गढ़ पर हमला किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Rift Over Tharoor’s Publicity Stunt Claim #ShashiTharoor #CongressRift #PublicityStunt #IndianPolitics #CongressParty #PoliticalNews

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Shashi Tharoor warns Pakistan: गुयाना में पाक को चेताते हुए शशि थरूर ने कहा कि “यदि वे हमला करेंगे तो इससे भी होगा बुरा हाल”

आतंकवाद के खिलाफ बनाई गई सर्वदलीय शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को पुनः एक बार पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी (Shashi Tharoor warns Pakistan) दी। बता दें कि गुयाना के जॉर्ज टाउन में थरूर ने कहा कि “यदि वे फिर से हमला करते हैं तो उनका हाल इस बार से भी बुरा होगा।” थरूर ने आगे कहा कि “हम चाहते हैं कि दुनिया डर में नहीं साहस के साथ प्रतिक्रिया दे।” इस दौरान पाकिस्तान को समझाते हुए थरूर ने कहा कि “हमारे बीच अभी शांति है और हम शांति में रहना चाहते हैं। यह बहुत बड़ा संदेश है लेकिन जैसा कि आपके राष्ट्रपति ने कहा कि हम अपनी ताकत के साथ शांति में रहना चाहते हैं न कि दहशत की वजह से। ये लोग कल फिर से हमला करेंगे, यह सोचकर हम दहशत में नहीं हैं। यदि वे फिर हमला करेंगे तो इससे भी बुरा हाल होगा।” आतंकवादियों की मंशा (Shashi Tharoor warns Pakistan) भारत में हिंदुओं-मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की थी इस बीच मीडिया से रूबरू होते हुए थरूर ने कहा कि “पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकवादियों की मंशा (Shashi Tharoor warns Pakistan) भारत में हिंदुओं-मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की भी थी, लेकिन यह कामयाब नहीं हो सका। भारत का पूरा समुदाय एकजुट रहा। चार दिन तक चले संघर्ष के बारे में जानकारी देने के लिए सरकार और सेना ने जो दो सैन्य महिलाओं को आगे किया उनमें से एक मुस्लिम है। यह भी बहुत बड़ा और स्पष्ट संदेश है। यह हिंदू-मुस्लिम के बारे में नहीं बल्कि आतंकवाद के बारे में है।” दरअसल, थरूर का शिष्टमंडल अमेरिका की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद गुयाना पहुंचा है। गौरतलब हो कि “यह शिष्टमंडल पनामा, ब्राजील और कोलोंबिया भी जाएगा।”  पाकिस्तानी आतंकवाद की समस्या केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है- बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा एक तरफ जहाँ थरूर पाकिस्तान को चेता (Shashi Tharoor warns Pakistan) रहे थे तो वहीं कांगो के किंशासा में बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि “भारत एकजुट है। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है, पाकिस्तानी आतंकवाद की समस्या केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। हमें सतर्क रहना होगा। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की धारणा को पूरी तरह बदल दिया है और भारत पर किया गया कोई भी आतंकी हमला अब युद्ध की तरह माना जाएगा। नया भारत और नई कहानी यह है कि अगर आप आकर हमें मारते हैं, तो हम आपको वहीं जाकर अपनी मिसाइलों से मारेंगे, जहां आप सो रहे हैं।” इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है- कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी सस्मित पात्रा के अलावा दोहा में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि “भारत कई विभिन्न धर्मों, समुदायों, भाषाओं का एक अद्भुत संगम है और हमारी इसी संस्कृति और विरासत में हमने हमेशा शांति से रहने और अपने पड़ोसियों के साथ समन्वय में आगे बढ़ने की कोशिश की है। हमारा पश्चिमी पड़ोसी पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है। भारत ने इस स्थिति को बहुत धैर्य और सहनशीलता के साथ रोकने की कोशिश की है, लेकिन भारत के प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान की मंशा कभी खत्म नहीं हुई।” कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, आतंकवाद एक घृणित कैंसर है, जिसे पूरे विश्व से अलग करना जरूरी है। इसे नष्ट करना जरूरी है। और इसलिए हम यह संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Shashi Tharoor warns Pakistan #ShashiTharoor #PakistanWarning #GuyanaSpeech #IndiaPakistan #TharoorSpeech #BreakingNews #GlobalPolitics

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