भोजपुरी स्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह को मिली ‘वाई प्लस’ कैटेगरी की सुरक्षा, अब 24 घंटे कमांडो रहेंगे तैनात

भोजपुरी स्टार और बीजेपी नेता पवन सिंह को मिली ‘वाई प्लस’ कैटेगरी की सुरक्षा, अब 24 घंटे कमांडो रहेंगे तैनात

भोजपुरी फिल्मों के पावर स्टार और अब बीजेपी नेता बने पवन सिंह को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. उन्हें अब वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है. यह सुरक्षा गृह मंत्रालय ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की थर्ड परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर मंजूर की है. इस रिपोर्ट में पवन सिंह की जान को खतरा बताया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा को लेकर यह अहम कदम उठाया है. पवन सिंह अब देश के उन चुनिंदा चेहरों में शामिल हो गए हैं जिन्हें वाई प्लस स्तर की सुरक्षा दी गई है. वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा का मतलब है कि पवन सिंह के साथ अब 24 घंटे हथियारों से लैस कमांडो तैनात रहेंगे. इस सुरक्षा घेरे में कुल 11 से 12 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं, जिनमें केंद्रीय बलों के कमांडो, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ), और अन्य सुरक्षाकर्मी होते हैं. ये सुरक्षाकर्मी हर वक्त पवन सिंह के आसपास मौजूद रहेंगे, चाहे वह घर पर हों, किसी कार्यक्रम में, या यात्रा के दौरान. इस सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य पवन सिंह को किसी भी संभावित खतरे से बचाना है. क्यों मिली भोजपूरी स्टार को सुरक्षा यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब पवन सिंह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. एक तरफ वह अपने राजनीतिक करियर को लेकर चर्चा में हैं, वहीं दूसरी ओर उनका निजी जीवन भी विवादों में घिरा हुआ है. हाल ही में उन्होंने दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल थे. इसके बाद उन्होंने 5 अक्टूबर को एक बार फिर बीजेपी की सदस्यता ली. माना जा रहा है कि बीजेपी उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव में आरा या काराकाट सीट से मैदान में उतार सकती है. निजी जिंदगी से भी सुर्खियों में हैं पवन सिंह राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ पवन सिंह का निजी विवाद भी इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ज्योति हाल ही में लखनऊ स्थित उनके फ्लैट पर पहुंच गईं और सोशल मीडिया के जरिए लाइव होकर कहा कि वे मानसिक तनाव में हैं और आत्महत्या करने की सोच रही हैं. इस पूरे मामले ने पवन सिंह की छवि और व्यक्तिगत जिंदगी को लेकर काफी सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें, तो चुनाव दो चरणों में होने हैं, पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा. ऐसे में पवन सिंह जैसे लोकप्रिय चेहरे का राजनीति में सक्रिय होना बीजेपी के लिए एक बड़ा दांव हो सकता है. भोजपुरी सिनेमा में उनकी लोकप्रियता और जन-आकर्षण क्षमता को देखते हुए बीजेपी उन्हें एक प्रभावशाली उम्मीदवार के रूप में पेश कर सकती है, खासकर बिहार के शाहाबाद क्षेत्र में, जहां उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.

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PM मोदी करेंगे नवी मुंबई एयरपोर्ट और मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन, मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब

PM मोदी करेंगे नवी मुंबई एयरपोर्ट और मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन, मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को महाराष्ट्र के दौरे पर नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करने जा रहे हैं. करीब 19,650 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एयरपोर्ट को देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट माना जा रहा है. यह एयरपोर्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर तैयार किया गया है और इसे डीबी पाटिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट नाम दिया गया है, जो किसान नेता दीनबंधु पाटिल को समर्पित है. मुंबई को मिलेगा नया ट्रांसपोर्ट हब… बढ़ती भीड़ को कम करने की योजना एनएमआईए मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) के साथ मिलकर काम करेगा ताकि बढ़ती भीड़ को कम किया जा सके और मुंबई को मल्टी एयरपोर्ट सिस्टम की ग्लोबल कैटेगरी में शामिल किया जा सके. एयरपोर्ट की खासियत इस एयरपोर्ट की खासियतों की बात करें तो यह 1160 हेक्टेयर में फैला है और सालाना 9 करोड़ यात्रियों और 32.5 लाख मीट्रिक टन सामान को संभालने की क्षमता रखता है. एयरपोर्ट का डिजाइन कमल के फूल से प्रेरित है और इसे मशहूर Zaha Hadid Architects ने तैयार किया है. इसमें ऑटोमेटेड पीपल मूवर सिस्टम, Digi Yatra, सेल्फ बैगेज ड्रॉप, ऑटोमेटिक लगेज सिस्टम जैसी स्मार्ट सुविधाएं होंगी. साथ ही सड़क, मेट्रो, रेल और वॉटर टैक्सी से एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा भी दी जाएगी. मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन इसके साथ ही पीएम मोदी ने मुंबई मेट्रो लाइन-3 के चरण 2बी का भी उद्घाटन करेंगे, जो आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक फैला है. इस लाइन की कुल लंबाई 33.5 किलोमीटर है और इसमें 27 स्टेशन होंगे. इसकी कुल लागत 37,270 करोड़ रुपये है और इससे रोजाना करीब 13 लाख यात्रियों को फायदा मिलेगा. ‘मुंबई वन’ ऐप की शुरुआत पीएम मोदी ‘मुंबई वन’ नामक एकीकृत कॉमन मोबिलिटी ऐप की भी शुरुआत करेंगे, जो मेट्रो, मोनोरेल, लोकल ट्रेन और बस सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाएगा. सुरक्षा के कड़े इंतजाम पीएम के दौरे को देखते हुए मुंबई और नवी मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप, बम निरोधक दस्ते, विशेष सुरक्षा इकाई और ट्रैफिक पुलिस को तैनात किया गया है. कल गुरुवार को पीएम मोदी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर की मेजबानी भी करेंगे और दोनों नेता ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में हिस्सा लेंगे.

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रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान, पुतिन की ट्रंप को चेतावनी; दबाव बनाना बंद करे अमेरिका

रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान

रत्तीभर अपमान नहीं सहेगा पीएम मोदी का हिंदुस्तान, पुतिन की ट्रंप को चेतावनी; दबाव बनाना बंद करे अमेरिका रूस के ब्लैक सी के रिसॉर्ट शहर सोची में आयोजित वलदाई डिस्कशन ग्रुप से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. यह संदेश सीधे तौर पर भारत से जुड़ा है. पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह भारत पर दबाव बनाना बंद करे, क्योंकि भारत जैसा देश कभी किसी के सामने अपमान स्वीकार नहीं करेगा. रूसी राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि ऐसा कोई भी कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गहरा संकट पैदा कर सकता है. पुतिन (Vladimir Putin) ने कहा कि अमेरिका भारत और चीन पर दबाव डालकर रूस से ऊर्जा संबंध खत्म नहीं करवा सकता. उन्होंने कहा कि भारत जैसा देश अपने नेतृत्व के फैसलों पर करीब से नजर रखता है और कभी किसी के सामने अपमानजनक स्थिति स्वीकार नहीं करेगा. पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि मोदी ऐसे कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे देश की गरिमा को ठेस पहुंचे. डोनाल्ड ट्रंप की दोहरी नीति पर सवाल (Vladimir Putin Target Donald Trump)पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार भारत की आलोचना कर रहा है कि वह रूस से तेल खरीद रहा है. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगियों ने भी कई बार भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है. पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद रूस से समृद्ध यूरेनियम खरीदता है, लेकिन बाकी देशों को रूसी ऊर्जा से दूर रहने के लिए कहता है. पुतिन (Vladimir Putin) के संदेश की मुख्य बातेंअमेरिका को भारत और चीन जैसे देशों के साथ बातचीत का तरीका बदलना होगा. अब उपनिवेशवाद का समय खत्म हो चुका है, और इन देशों को बराबरी का सम्मान देना होगा. अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद करता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. लेकिन भारत की जनता और नेतृत्व ऐसा कभी नहीं होने देंगे.अगर अमेरिका रूस के व्यापारिक साझेदारों पर ज्यादा शुल्क लगाता है, तो इससे वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी.सभी नाटो देश उनके खिलाफ लड़ रहे हैं और अब इसे छिपा भी नहीं रहे. यूरोप में एक केंद्र बनाया गया है जो यूक्रेनी सेना की हर गतिविधि को समर्थन देता है. भारत की मजबूत और संप्रभु स्थितिरूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह तीखा और मुखर बयान अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति में भारत की मजबूत और संप्रभु स्थिति को स्पष्ट करता है. उन्होंने न केवल भारत की तेल खरीद नीति का बचाव किया, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के प्रति भी गहरा भरोसा जताया. पुतिन ने जोर देकर कहा कि भारत-रूस के व्यापार और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान ब्रिक्स मंच या अन्य चैनलों के जरिये किया जा सकता है. पुतिन के इस बयान से यह साफ होता है कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, और वह अमेरिका को चेतावनी दे रहा है कि वह भारत पर दबाव बनाने की कोशिश न करे.

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दिल्ली पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आईपी एक्सटेंशन रामलीला समिति द्वारा आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज क्षेत्र में आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे, जहां वे पारंपरिक रावण दहन समारोह में शामिल होंगे. यह समारोह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. सत्य की जीत का शाश्वत संदेश यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री दिल्ली के दशहरा समारोह में शामिल हो रहे हैं. पिछले साल, उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के मैदान में लव कुश रामलीला में भाग लिया था, जहां उन्होंने रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतलों को जलाने के लिए तीर चलाया था. उस दौरान पीएम मोदी ने इस त्योहार के साहस, शांति और सत्य की जीत के शाश्वत संदेश पर जोर दिया था. दस संकल्प लेने का आग्रह इसके अलावा, साल 2023 में प्रधानमंत्री ने दिल्ली के द्वारका में डीडीए मैदान में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया था. उस दौरान उन्होंने लोगों से दस संकल्प लेने का आग्रह किया, जिसमें कम से कम एक गरीब परिवार की मदद करना शामिल था. उनका पारंपरिक सम्मान के साथ स्वागत किया गया था. इस दौरान हजारों लोग ‘लंका दहन’ के लिए इकट्ठा हुए थे. हथियारों की पूजा, संप्रभुता की रक्षा पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ की थी और नवरात्रि व विजयादशमी की शुभकामनाएं दी थीं. उन्होंने जातिवाद और क्षेत्रवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का आह्वान किया, जो सामाजिक सद्भाव को कमजोर करते हैं. उन्होंने विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि भारत में हथियारों की पूजा आक्रामकता या विजय के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए की जाती है. इस साल आईपी एक्सटेंशन में होने वाले समारोह में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है और प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं

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दिल्ली में पीएम मोदी ने सीआर पार्क में मां दुर्गा के किए दर्शन, काली बाड़ी मंदिर में भी की पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अष्टमी के शुभ अवसर पर दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क स्थित प्रतिष्ठित काली मंदिर में दुर्गा पूजा समारोह में हिस्सा लिया. उन्होंने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने दिल्ली के चितरंजन पार्क (CR Park) में लगे दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन किए. साथ ही उन्होंने काली बाड़ी मंदिर में पूजा की. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मां दुर्गा और मां काली की आरती उतारी और हाथ जोड़कर पूजा-अर्चना की. वहां मौजूद पंडित ने प्रधानमंत्री मोदी के माथे पर तिलक लगाया. राजधानी में हर साल सीआर पार्क दुर्गा पूजा में भव्य पंडाल, जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जिसमें दिल्ली-एनसीआर समेत दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते हैं. सीआर पार्क स्थित काली मंदिर परिसर, जिसकी स्थापना 1970 के दशक में हुई थी, शहर के बंगाली समुदाय के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है. पीएम के दौरे से पहले एसपीजी ने किया सुरक्षा का आकलन बता दें कि पीएम मोदी के दौरे से पहले विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की एक टीम ने सोमवार को क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया था. सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत स्थानीय निवासियों को कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों पर खड़े सभी वाहनों को हटाने का निर्देश दिया गया. इस बीच, दिल्ली यातायात पुलिस ने उत्सव के दौरान होने वाली भीड़ के मद्देनजर सीआर पार्क और उसके आसपास यातायात में महत्वपूर्ण व्यवधान की चेतावनी देते हुए एक एडवाइजरी जारी की. इसके मुताबिक, आउटर रिंग रोड (विशेषकर पंचशील और ग्रेटर कैलाश के बीच के हिस्से), लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, जेबी टीटो मार्ग, इंद्र मोहन भारद्वाज मार्ग और सीआर पार्क मेन रोड सहित प्रमुख मुख्य सड़कों पर भारी जाम की संभावना जताई है. 2 अक्टूबर तक वैकल्पिक मार्गों का करें प्रयोग यह भी संकेत दिया गया है कि गुरुद्वारा रोड, बिपिन चंद्र पाल मार्ग और सीआर पार्क व जीके-टू की कई आंतरिक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी. पंचशील, आईआईटी और नेहरू प्लेस फ्लाईओवर के नीचे सहित प्रमुख स्थानों से रूट डायवर्ट रहेंगे. हल्के और भारी मालवाहक वाहनों को इसी के अनुसार पुनर्निर्देशित किया जाएगा. यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए एमजी रोड, अरबिंदो मार्ग, मथुरा रोड, लाला लाजपत रायरोड और महरौली-बदरपुर रोड जैसी वैकल्पिक सड़कों का उपयोग करने की सलाह दी गई है. ये प्रतिबंध 2 अक्टूबर तक लागू रहने की उम्मीद है

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मोदी सरकार पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध- अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार पंजाब के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के प्रति कटिबद्ध है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार की शाम को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें मानसून के दौरान आई बाढ़ से राज्य में हुए नुकसान की जानकारी दी. उन्होंने आपदा राहत एवं पुनर्स्थापन के लिए राज्य के लिए अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत करने की भी मांग की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में राज्य के पास 12,589.59 करोड़ रुपए की पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, जिसका उपयोग भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और तत्काल पुनर्वास के लिए किया जा सकता है. केंद्र सरकार ने राज्य में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान खोज, बचाव और तत्काल पुनर्वास के लिए केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से राज्य प्रशासन को हरसंभव सहायता प्रदान की है. प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का किया आंकलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर को पंजाब का दौरा किया था और राज्य में बाढ़ की स्थिति और उससे हुए नुकसान की समीक्षा की थी. प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता में से, 805 करोड़ रुपए (एनएचएआई द्वारा स्वीकृत 170 करोड़ रुपए सहित) विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य सरकार, लाभार्थियों को पहले ही जारी किए जा चुके हैं और शेष राशि राज्य से संबंधित जानकारी प्राप्त होने पर जारी कर दी जाएगी. इसके अलावा, पंजाब राज्य से ज्ञापन प्राप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना, 1 सितंबर को एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) का गठन किया गया था. केंद्रीय टीम ने 3 से 6 सितंबर तक राज्य में मौके पर नुकसान के आंकलन के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा अभी एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत करना बाकी है. ज्ञापन प्राप्त होने के बाद भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मानदंडों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा उस पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा, राज्य, आजीविका और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए एक रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन योजना तैयार कर सकता है. गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पहले ही 14.08.2024 को एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ ) के तहत रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन फंडिंग विंडो के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं.

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BJP के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा के निधन से दिल्ली और भाजपा में शोक की लहर

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के विकास में अहम योगदान देने वाले विजय कुमार मल्होत्रा का निधन हो गया है. उनके निधन से दिल्ली के राजनीतिक, व्यापारिक और खेल जगत में शोक की लहर छा गई है. भाजपा नेताओं ने उनके निधन को दिल्ली और पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. प्रवीण खंडेलवाल ने मल्होत्रा के खेल प्रेम को किया याद भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रवीण खंडेलवाल ने मल्होत्रा को दिल्ली का सच्चा मित्र और व्यापारियों का मसीहा करार दिया. उन्होंने कहा, “मल्होत्रा जी ने दिल्ली के आधुनिक विकास की नींव रखी और राजधानी की प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया. वे व्यापारिक समुदाय के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील थे. उनका सहयोग व्यापारियों के लिए ताकत का स्रोत था.” खंडेलवाल ने उनके खेल प्रेम को भी याद किया और कहा कि मल्होत्रा का खेलों के विकास में योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा. उन्होंने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और परिवार को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की. मनोज सिंह बिष्ट ने भी मल्होत्रा के निधन पर जताया गहरा दुख वहीं, भाजपा नेता मनोज सिंह बिष्ट ने भी मल्होत्रा के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा, “विजय कुमार मल्होत्रा दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष थे. वे कुशल संगठनकर्ता थे और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में माहिर थे. वे हमेशा दिल्ली के विकास के बारे में सोचते थे. उनका निधन दिल्ली भाजपा और शहर के लिए बड़ा नुकसान है.” बिष्ट ने मुस्तफाबाद विधानसभा की जनता की ओर से प्रार्थना की कि ईश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें. कौन हैं विजय कुमार मल्होत्रा? बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. दिसंबर 1931 में लाहौर में जन्मे विजय कुमार मल्होत्रा दिल्ली से पांच बार सांसद और दो बार विधायक रह चुके थे. वे 1972 से 1975 तक दिल्ली जनसंघ के अध्यक्ष रहे और इसके बाद दो बार भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष (1977-80 और 1980-84) के पद पर भी रहे.

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पवन सिंह की सियासी पारी का नया मोड़, अब इस पार्टी में होंगे शामिल

पवन सिंह की सियासी पारी का नया मोड़, अब इस पार्टी में होंगे शामिल

भोजपुरी सिंगर और एक्टर पवन सिंह अब राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय होने जा रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना नया सियासी ठिकाना भी तय कर लिया है. खबर है कि मंगलवार सुबह 10 बजे पवन सिंह दिल्ली में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात करेंगे और औपचारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. लोकसभा चुनाव में थे आमने-सामनेदिलचस्प बात ये है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पवन सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ ताल ठोकी थी, जिससे कुशवाहा को हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन अब सियासत ने ऐसी करवट ली है कि पवन सिंह उसी कुशवाहा की पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. कहां से चुनाव लड़ने की तायारी?माना जा रहा है कि पवन सिंह बिहार की आरा विधानसभा सीट से एनडीए उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ सकते हैं. इससे पहले पवन सिंह बीजेपी में शामिल हुए थे और उन्हें बंगाल की आसनसोल सीट से टिकट भी मिला था लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उन्होंने बिहार की काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा. बीजेपी में दोबारा एंट्री कोशिशपवन सिंह की बीजेपी में दोबारा एंट्री कराने की कोशिश आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह कर रहे थे लेकिन अब पवन सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जरिए अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. पवन सिंह की लोकप्रियता और भोजपुरी बेल्ट में उनकी पकड़ को देखते हुए माना जा रहा है कि उनकी एंट्री से राष्ट्रीय लोक मोर्चा को मजबूती मिलेगी. अब देखना होगा कि पवन सिंह की यह सियासी चाल उन्हें विधानसभा में पहुंचाती है या नहीं लेकिन इतना तय है कि बिहार की राजनीति में एक नया चेहरा पूरी ताकत से उतरने को तैयार है.

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महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद सामने आया है. इस बार मामला मुंबई के अंधेरी मेट्रो स्टेशन का है, जहां सिर्फ हिंदी में विज्ञापन लिखे जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया. उन्होंने स्टेशन के नाम पर कालिख पोत दी और नारेबाजी की. उनका कहना था कि मराठी को नजरअंदाज करना महाराष्ट्र की अस्मिता का अपमान है. पहले भी विवाद ये कोई पहली बार नहीं है जब भाषा को लेकर विवाद हुआ हो. जुलाई में मीरा रोड पर एक मिठाई दुकानदार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने मराठी बोलने से इनकार किया था. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. इनमें से तीन को नोटिस भी जारी किया गया. इसके बाद सैकड़ों MNS कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मराठी गौरव की रक्षा के लिए विरोध मार्च निकाला. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया ताकि माहौल बिगड़ने से रोका जा सके. वीरार और पालघर में मारपीट भाषाई विवाद यहीं नहीं रुका. जुलाई 2025 में ही वीरार और पालघर में एक ऑटो-रिक्शा चालक को मराठी न बोलने पर पीटा गया. इस बार हमला शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने किया. वीडियो में देखा गया कि चालक ने कहा, “हिंदी या भोजपुरी बोलना मेरा हक है.” लेकिन ऐसा कहने पर उसे थप्पड़ मारे गए और सार्वजनिक माफी मांगने को मजबूर किया गया. महाराष्ट्र बैंक की शाखा में मारपीट लोनावाला के महाराष्ट्र बैंक की एक शाखा में भी ऐसा ही मामला सामने आया. वहां MNS कार्यकर्ताओं ने मैनेजर से मराठी में बात करने की मांग की. जब एक कर्मचारी ने हिंदी के इस्तेमाल का समर्थन किया, तो उसे भी पीटा गया. इन घटनाओं से साफ है कि महाराष्ट्र में भाषा को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. मराठी को लेकर भावनाएं गहरी हैं लेकिन हिंसा और जबरदस्ती से समाधान नहीं निकलता. भाषा का सम्मान जरूरी है लेकिन साथ ही हर नागरिक को अपनी पसंद की भाषा बोलने का अधिकार भी मिलना चाहिए.

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कमाए 241 करोड़…प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, कहा- 98 करोड़ पार्टी को किए डोनेट

राज्य में चुनावी माहौल गरम है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. इसी बीच जन सुराज अभियान चला रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने अपनी पार्टी जनसुराज को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पिछले साल 2 अक्टूबर को उन्होंने जनसुराज को राजनीतिक पार्टी के रूप में लॉन्च किया था और अब बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. प्रशांत किशोर ने तोड़ी चुप्पी प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) पर कई नेता आरोप लगा रहे हैं कि वो बीजेपी के एजेंट हैं. साथ ही उनकी बड़ी टीम और प्रचार को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतना पैसा कहां से आ रहा है. अब प्रशांत किशोर ने इन सवालों पर चुप्पी तोड़ते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,आरोप पर पीके ने क्या कहा? पीके (Prashant Kishore) ने आगे कहा कि उन्होंने देश के कई नेताओं को राजनीतिक सलाह दी है और अब 2022 से वो इसके लिए फीस भी लेते हैं.प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने यह भी कहा कि उनके पास सरस्वती से पैसा आता है. उन्होंने कहा कि पहले वो फीस नहीं लेते थे लेकिन अब उन्होंने इसे प्रोफेशनल तरीके से करना शुरू किया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष पर निशाना बिहार में घूम-घूमकर जनसभाएं कर रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर निशाना साध रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि वो बीजेपी की B टीम की तरह काम कर रहे हैं जबकि प्रशांत का दावा है कि जनसुराज (Jan Suraaj) बिहार के लोगों को एक नया और साफ विकल्प देने की कोशिश कर रही है.

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