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Pakistan Behind Pahalgam Terror Attack Exposed

Pakistan behind Pahalgam attack: पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान का ही हाथ, झूठ बोलकर बच नहीं सकता पाकिस्तान

मंगलवार दोपहर तकरीबन 2:45 बजे मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से जाने जानी वाली बैसरन घाटी में यह हमला हुआ। यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के पहलगाम से करीब 6 किलोमीटर दूर है। यहाँ सिर्फ पैदल या फिर खच्चरों के माध्यम से जाया जा सकता है। जिस तरह से आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया, उसे देखकर तो ऐसा लग रहा है कि हमले से पहले इलाके की रेकी की गई थी। जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने एके-47 राइफलों से अंधाधुंध गोलीबारी की। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन ‘द रजिस्टेंट फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली। जानकारी के मुताबिक आतंकवादियों ने पर्यटकों को पहले नीच बिठाया और फिर सिर झुकाने को कहा। पर्यटकों के सिर झुकाने के बाद उनपर आतंकवादियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 17 लोग घायल हो गए। इस हमले को कुल 4 आतंकवादियों ने अंजाम दिया है। इनमें से 2 आतंकियों का संबंध पाकिस्तान Pakistan behind Pahalgam attack हैं। खबरों की माने तो आतंकियों ने अपने शरीर पर बॉडी कैमरा भी लगा रखा था, ताकि पर्यटकों को मारते हुए वो वीडियो बना सकें। रिपोर्ट्स के अनुसार आतंकियों ने एके47 से लगातार फायरिंग की। उनमें से दो आतंकी पश्तो भाषा में बात कर रहे थे। जो पाकिस्तानी आतंकी थे और 2 स्थानीय (आदिल और आसिफ) हैं। ये दोनों स्थानीय आतंकी बिजभेरा और त्राल के हैं।  पहलगाम में हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों ने पहले से ही इलाके की कर रखी (Pakistan behind Pahalgam attack) थी रेकी  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद डरे पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने झूठ बोलते हुए कहा कि “पाकिस्तान का पहलगाम हमले में कोई लेना देना नहीं है।” उल्टा भारत पर आरोप लगाते हुए आसिफ ने कहा कि “इस हमले के पीछे भारत के ही लोग (Pakistan behind Pahalgam attack) शामिल हैं।” पाकिस्तान चाहे कितना ही झूठ क्यों न बोले, लेकिन सच यही है कि पहलगाम में टूरिस्टों पर गोलियां बरसाने वाले आतंकियों में से 2 पाकिस्तान से ही आए थे। पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड भी पाकिस्तानी सैफुल्लाह कसूरी है। इसके बाद अब जो खबर आ रही है कि उसमें कहा जा रहा है कि पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने में 4 टेररिस्ट शामिल थे। जिसमें से 2 पाकिस्तान से आए थे। आतंकियों ने टूरिस्टों पर गोलियां बरसाने वाले विभत्स कृत्य को कैमरे में कैद किया है। और इसे बतौर हमले के सबूत ले गए हैं। संभवतः ये वीडियो पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका ऑनलाइन लीक भी कर सकते हैं। खबरों की माने तो पहलगाम में हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों ने पहले से ही इलाके की रेकी कर रखी थी। आसिफ को शायद ये पता नहीं है कि पहलगाम आतंकी हमले का कनेक्शन पाकिस्तान की ओर ही जा रहा है। ध्यान देने वाली बात यह कि हमले के एक दिन बाद ही सीमापार से आतंकियों ने बारामूला में घुसपैठ की कोशिश की है। जिसमे से दो आतंकियों को मार गिराया गया है।  इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  पहलगाम आतंकवादी हमला बहुत-सोच समझकर और साजिश के तहत किया गया (Pakistan behind Pahalgam attack) है कहने की जरूरत नहीं, इस कायराना हमले के बाद देश भर के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। लोग सड़कों पर उतारकर हत्याकांड के गुनहगारों और मास्टरमाइंड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बार आतंकियों ने ऐसे लोगों को निशाना बनाया जो पूरी तरह से निर्दोष थे। उनका कसूर मात्र इतना ही था कि वे हिंदू थे। आतंकियों ने लोगों का नाम और पहचान पूछकर उन्हें गोली मारी। यह हमला 2019 में पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद सबसे बड़ा हमला है। खैर, विशेषज्ञ इसे संयोग नहीं मान रहे। उनका मानना है कि पहलगाम आतंकवादी हमला बहुत-सोच समझकर और साजिश के तहत किया गया (Pakistan behind Pahalgam attack) है। इसके लिए विशेषज्ञ कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के भाषण का भी जिक्र कर रहे हैं। बता दें कि भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए आसिम ने कहा था कि पाकिस्तान की आने वाली पीढ़ियों को यह बताना होगा कि हिंदू और मुसलमान अलग हैं। हम हिंदुओं से अलग है। दोनों का खान-पान, रहन-सहन, धार्मिक रीति-रिवाज सबकुछ अलग है। इसी वजह से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत बना। हम दो मुल्क हैं।” इस दौरान मुनीर ने कश्मीर का भी राग अलापते हुए कहा कि “कश्मीर पाकिस्तान के गले की नस है।” Latest News in Hindi Today Hindi Pakistan behind Pahalgam attack #PahalgamAttack #PakistanExposed #KashmirTerror #IndiaSecurity #PakistanLies #JKViolence #TerrorAlert #PahalgamNews #IndiaFightsTerror #PakTerrorLinks

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Kashmiri Syed Dies Saving Tourists from Terrorist Attack

आतंकियों से अकेला भिड़ गया कश्मीरी सैयद, अपनी जान देकर बचा ली कई पर्यटकों की जान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) को जब आतंकवादी पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर अंजाम दे रहे थे, तब इस कायरतापूर्ण हमले को सैयद हुसैन शाह सहन नहीं कर पाया और आतंकियों से भिड़ गया। वह इस कायराना हमले को सहन करता भी कैसे, वह तो कश्मीरी था और कश्मीरी मेहमाननवाजी की परंपरा को देखते-सुनते बढ़ा हुआ था। इसलिए निहत्था सैयद अकेले ही उन अतंकियों को रोकने की कोशिश करता रहा और इस कोशिश में उसे अपनी जान भी गवानी पड़ गई। लेकिन उसने कई जानें बचा ली। बता दें कि सैयद हुसैन शाह पहलगाम के अशमुकाम गांव का रहने वाला था और वह बैसरन घाटी में आने वाले पर्यटकों को अपने घोड़े से सैर कराता था। जब पहलगाम में आतंकी हमला (Pahalgam Terror Attack) हुआ तब भी सैयद अपने घोड़े से पर्यटकों को घुमाने ले गया था। इस हमले में बाल-बाल बचे पर्यटकों ने बताया कि जब आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को मारना शुरू किया तो सैयद वहीं मौजूद था। सैयद ने पहले पर्यटकों को बचाने की कोशिश की और फिर आतंकियों को रोकने में जुट गया।  सैयद हुसैन ने अपनी बहादुरी से बचा ली कई पर्यटकों की जान  प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सैयद अकेले ही आतंकियों के पास पहुंच गया और उन्हें रोकते हुए कहा कि वह इन मासूमों के साथ ऐसा न करें। यह सभी हमारे मेहमान हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता कि ये हिन्दू हैं या मुस्लिम (Pahalgam Terror Attack)। लेकिन आतंकियों ने उसकी नहीं सुनी और उसे धक्का देकर पीटने लगे। बताया जा रहा है कि सैयद हुसैन भी आतंकियों से भिड़ गया और उनकी राइफल छीनने लगा। इसी दौरान एक आतंकी ने सैयद पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान  आतंकी मजहब पूछकर हत्या कर रहे थे सैयद के इस बहादुरी और आतंकियों के साथ भिड़त से वहां मौजूद पर्यटकों को भागकर जान बचाने का मौका मिल गया। आतंकी जब तक पर्यटकों पर फिर से गोलीबारी करते तब तक पर्यटक बहुत दूर जा चुके थे। सैयद के एक साथी बिलाल ने बताया कि आतंकी मजहब पूछ कर हत्या कर रहे थे।  अगर सैयद चाहता तो वह बच सकता था, लेकिन उसने आतंकियों के साथ बहादुरी से मुकाबला करने की कोशिश की। उसकी वजह से ही दर्जनों लोगों की जान बच सकी। अगर सैयद न होता तो वहां मौजूद सभी पर्यटक मारे जाते। सैयद के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करने के बाद देर रात सुपुर्दे खाक कर दिया गया।  Latest News in Hindi Today Hindi News Pahalgam Terror Attack #KashmirHero #BraveSyed #TerroristAttack #KashmirNews #TouristSafety #MartyrSyed #KashmirUpdates #HeroicAct #TerrorismInKashmir #RealLifeHero

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Omar Abdullah compensation

Omar Abdullah compensation: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी ने की अमित शाह से बात, उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में दिन दहाड़े हुए आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो (Omar Abdullah compensation) गई। पहलगाम की बैसरन घाटी में यह हमला दोपहर 2.45 बजे हुआ था। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल हैं। पीड़ितों का कहना है कि “धर्म पूछ कर आतंकी गोली मार रहे थे। इसके साथ बोल रहे थे।” इसके साथ ही यह कह रहे थे कि जाकर मोदी को बता देना।” फायरिंग के बाद आतंकी भागने में कामयाब हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है।  इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक पहलगाम अटैक में दो फॉरेन टेररिस्ट और दो लोकल आतंकी शामिल थे। इस बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष (एलओपी) राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले पर गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली है। बता दें कि पुलवामा के बाद कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। राहुल गांधी ने की पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की (Omar Abdullah compensation) निंदा राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट कर बताया कि उन्होंने गृहमंत्री से बात कर पहलगाम आतंकी हमले (Omar Abdullah compensation) की जानकारी ली है। यही नहीं, राहुल गांधी ने अमित शाह के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला से भी बात की। साथ ही जम्मू कश्मीर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से भी बात कर घटना की स्थिति पर जानकारी ली। मंगलवार को राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि “आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है और सरकार को इस केंद्रशासित प्रदेश में हालात सामान्य होने के खोखले दावे करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।” राहुल गांधी ने कहा कि “इस ‘कायराना आतंकी हमले’ में पर्यटकों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की ख़बर बेहद निंदनीय और दिल दहलाने वाली है। यही नहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह से बात करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक कर्रा से पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बारे में बात की। स्थिति पर अपडेट प्राप्त किया। पीड़ितों के परिवार न्याय और हमारे पूर्ण समर्थन के हकदार हैं।” इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को सीने-छाती और बाजू में मारी गोलियां, शादी की खुशियां बदल गईं मातम में सीएम उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए मुआवजे (Omar Abdullah compensation) की दी जानकारी  इस बीच जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला के कार्यालय ने एक बयान जारी करते हुए मुआवजे (Omar Abdullah compensation) की जानकारी दी है। उमर अब्दुल्ला के हवाले से सीएमऑफिस ने लिखा कि “पहलगाम में कल हुए घृणित आतंकवादी हमले से मैं बहुत स्तब्ध और व्यथित हूं। निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस बर्बर और मूर्खतापूर्ण क्रूरतापूर्ण कृत्य का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हैं। कोई भी धनराशि प्रियजनों के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन समर्थन और एकजुटता के प्रतीक के रूप में, जम्मू-कश्मीर सरकार मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों के लिए 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा करती है।” गौरतलब हो कि पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचकर कश्मीर की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के कुछ ही घंटे बाद श्रीनगर पहुंचे और हवाई अड्डे से सीधे राजभवन पहुंचे। राजभवन पहुंचकर शाह ने सेना, सीआरपीएफ और पुलिस सहित सुरक्षा अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान वहाँ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, और गुप्तचर ब्यूरो के निदेशक तपन डेका मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक पहलगाम हमले के बाद बॉर्डर और देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। Latest News in Hindi Today Hindi News Omar Abdullah compensation #OmarAbdullah #PahalgamAttack #TerrorAttack #RahulGandhi #AmitShah #KashmirTerror #Compensation #JammuAndKashmir #IndianPolitics #SecurityConcerns

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Pahalgam terrorist attack

Pahalgam terrorist attack: पहलगाम आतंकी हमले पर मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने कही यह बात, बड़े एक्शन की तैयारी

पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले ने पूरी देश को झकझोर (Pahalgam terrorist attack) दिया है। मंगलवार को पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 13 लोग घायल हो गए। आतंकी हमले में मारे गये लोगों में ज्यादातर पर्यटक थे। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला बताया जा रहा है। इस हमले का भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कड़ा विरोध हो रहा है। यही नहीं इस  आतंकवादी हमले की मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने खुलकर कड़ी निंदा की है। बता दें मुताबिक मुस्लिम वर्ल्ड लीग के सेक्रेटरी शेख मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इसा ने इस हमले की कड़ी निंदा की। जम्मू-कश्मीर में हुए भयावह आतंकी हमले’की निंदा करते हुए निर्दोष लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। गौरतलब हो कि अब्दुलकरीम अल-इसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र की सऊदी यात्रा के दौरान जेद्दा में नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय ने जारी अपने बयान में कहा कि “प्रधानमंत्री ने जुलाई 2023 में नई दिल्ली में महासचिव के साथ अपनी बैठक को याद किया। उन्होंने सहिष्णु मूल्यों को बढ़ावा देने, संयम की वकालत करने और सामाजिक सामंजस्य और सद्भाव को आगे बढ़ाने में मुस्लिम वर्ल्ड लीग की भूमिका की सराहना की।” पीएम मोदी ने आतंकवाद, हिंसा और उग्रवाद के खिलाफ मुस्लिम वर्ल्ड लीग के रुख की (Pahalgam terrorist attack) की सराहना  प्राप्त जानकारी के मुताबिक विदेश मंत्रालय (एमईए) के बयान के मुताबिक बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सहिष्णु मूल्यों को बढ़ावा देने, संयम की वकालत करने और सामाजिक सामंजस्य और सद्भाव को आगे बढ़ाने में मुस्लिम वर्ल्ड लीग की भूमिका की सराहना की है। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद, हिंसा और उग्रवाद के खिलाफ मुस्लिम वर्ल्ड लीग के रुख की सराहना (Pahalgam terrorist attack) की। बता दें कि बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।  इसे भी पढ़ें:- पहलगाम में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को सीने-छाती और बाजू में मारी गोलियां, शादी की खुशियां बदल गईं मातम में देश के गृह मंत्री अमित शाह आज पहलगाम जाएंगे (Pahalgam terrorist attack)  बता दें कि हमले के बाद पीएम मोदी अपना सऊदी दौरा बीच में छोड़ भारत आए हैं। कश्मीर के हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। सऊदी अरब से दिल्ली वापस लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी एक्शन मोड में आ गए हैं। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam terrorist attack) को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, एनएसए अजीत डोभाल और अन्य अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक में हिस्सा लिया। हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि यह बैठक एयरपोर्ट पर ही हुई। उन्होंने एयरपोर्ट पर अधिकारियों से इस हमले की ब्रीफिंग ली। यही नहीं, पीएम मोदी सुरक्षा मामलों पर होनेवाली कैबिनेट की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। देश के गृह मंत्री अमित शाह आज पहलगाम जाएंगे। गौर करने वाली बात यह कि गृह मंत्री अमित शाह, पर्यटकों पर हुए हमले के कुछ घंटे बाद श्रीनगर पहुंचे थे। Latest News in Hindi Today Hindi News Pahalgam terrorist attack #PahalgamAttack #TerrorismInKashmir #MuslimWorldLeague #IndiaSecurity #KashmirViolence #JammuAndKashmir #TerrorAlert #GlobalTerror #PeaceInKashmir #IndiaNews

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Lieutenant Vinay Narwal

Pahalgam terror attack: पहलगाम में आतंकियों ने लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को सीने-छाती और बाजू में मारी गोलियां, शादी की खुशियां बदल गईं मातम में

धरती की जन्नत कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर को नापाक आतंकियों ने जहन्नुम बना कर रखा दिया है। मंगलवार को एक बार फिर आतंकवादियों ने यहाँ की वादियों को दहला (Pahalgam terror attack) दिया है। आतंकियों ने पहलगाम से तकरीबन 85 किलोमीटर दूर बैसारण घाटी में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी। मरने वालों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इस हमले में करनाल के सेक्टर 7 के रहने वाले विनय नरवाल की मौत हई है। विनय नौसेना में विनय लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात थे। दो साल पहले ही वो नौसेना में भर्ती हुए थे। जानकारी के मुताबिक बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार के कुछ सदस्य श्रीनगर रवाना हो गए हैं। विनय के जाने से परिवार में मातम छा गया है और पूरा परिवार सदमे में हैं। ग्रामीणों ने कहा कि “आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि “अगर आतंकियों को छोड़ दिया गया तो इस तरह के हमले फिर से हो सकते हैं।” लोगों का कहना है कि “अभी शादी समारोह की खुमार उतरी भी नहीं थी कि यह अत्यंत दुखद घटना हो गई।”  परिवार में खुशियों का माहौल था कि अचानक खुशियां मातम में बदल (Pahalgam terror attack) गईं दरअसल, अभी कुछ ही दिन पहले विनय की शादी हुई थी। बता दें कि 16 अप्रैल को ही उनकी शादी हुई थी और 19 अप्रैल को रिसेप्शन हुआ था। गौरतलब हो कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कोच्चि में तैनात भारतीय नौसेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की उम्र 28 वर्ष के करीब थी। वो माता-पिता की इकलौती संतान थे। भूसली गांव के रहने वाले विनय शादी की छुट्टियां बीताने कश्मीर घाटी गए हुए थे। थे। करनाल के सेक्टर 7 में वह अपनी बहन और माता-पिता के साथ रहा करते थे। उनकी पत्नी का नाम हिमांशी है जो कि गुरुग्राम की रहने वाली हैं। विनय की शादी कुछ दिन पहले ही हुई थी और अभी परिवार में खुशियों का माहौल था कि अचानक खुशियां मातम में बदल (Pahalgam terror attack) गईं। गौर करने वाली बात यह कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत की यात्रा पर हैं और पर्यटन तथा ट्रैकिंग का सीजन जोर पकड़ रहा है। इसे भी पढ़ें:-  बेंगलुरु में वायुसेना अधिकारी दंपति से मारपीट, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल इस भीषण एवं क्रूर आतंकी हमले में जिन 26 लोगों की जान गई (Pahalgam terror attack) हैं इस भीषण एवं क्रूर आतंकी हमले में जिन 26 लोगों की जान गई (Pahalgam terror attack) हैं। इस नरसंहार में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। उनमें दो नागरिक यूएई से और दूसरा नेपाल से है। थी नहीं, मृतकों में दो स्थानीय निवासी भी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि “मृतकों की संख्या का अभी पता लगाया जा रहा है। उन्होंने इस आतंकी हमले को ‘हाल के वर्षों में आम लोगों पर सबसे बड़ा हमला’बताया।” इस भीषण हमले के बाद देशभर में आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Pahalgam terror attack #PahalgamTerrorAttack #VinayNarwal #IndianArmy #JammuAndKashmir #ArmyMartyr #Terrorism #KashmirAttack #SaluteToHeroes #IndiaFightsTerror #NationFirst

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JD Vance Receives Royal Welcome in Rajasthan Visit

JD Vance Rajasthan visit: राजस्थान का शाही वेलकम देख गदगद हुए जेडी वेंस, हाथियों ने दी सलामी

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस चार दिन की भारत यात्रा पर हैं। इस बीच उप राष्ट्रपति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ जयपुर (JD Vance Rajasthan visit) पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्हें रेड कारपेट पर ले जाया गया। उनका राजस्थानी परंपरा से अभिनंदन किया। वे सीधे रामबाग पैलेस होटल गए, जहां उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया और रात्रि विश्राम किया। इस दौरान उनकी राजस्थान में अद्भुत आमेर किला और यूपी में ताजमहल देखने की भी योजना है। मंगलवार यानी आज सुबह वह परिवार के साथ राजस्थान स्थित आमेर किला देखने पहुंचे। ध्यान देने योग्य बात यह कि यहां राजस्थान का शाही वेलकम देखकर जेडी वेंस और उनका परिवार गदगद हो गया है। बता दें कि अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस आज पत्नी ऊषा वेंस और दो बच्चों के साथ राजस्थान दौरे पर जयपुर पहुंचे। यहां उन्होंने आमेर के किले की भव्यता देखी और साथ ही राजस्थानी कला और संस्कृति से भी परिचित हुए। इस दौरान उन्होंने खुली जीप से आमेर के अद्भुत किले का नजारा देखा। यहां शाही वेलकम देखकर वह बेहद खुश हुए। सूरजपोल पर हथिनी पुष्पा और चंदा ने अमेरिकी मेहमानों का अपने अंदाज में स्वागत किया। किले में उनका रेड कार्पेट वेलकम किया गया। इसके बाद विदेशी मेहमान किले के अंदर गए और यहां की भव्यता देख प्रसन्न हो गए। किले की बनावट और नक्काशी देखकर वे बहुत (JD Vance Rajasthan visit) हुए प्रसन्न  बता दें कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने आमेर के अद्भुत किले का मुआइना किया और उसका इतिहास (JD Vance Rajasthan visit) भी जाना। किले की बनावट और नक्काशी देखकर वे बहुत प्रसन्न हुए। वेंस और उनके परिवार ने किले कई तस्वीरें भी खिंचवाई। इसके साथ ही मोबाइल में सेल्फी भी ली। फिर वह खुली जीप में आमेर के किले में घूमे। सुरक्षा की दृष्टि से किले को आम सैलानयों के लिए बंद रखा गया था। यही नहीं, इस दौरान वेंस के बच्चे भी किले में दौड़ते-खेलते नजर आए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने किले में राजस्थानी संस्कृति की झलक भी देखी। महल चौक में क्षेत्रीय कलाकारों ने राजस्थानी नृत्य भी प्रस्तुत किया, जिसे देखकर विदेशी मेहमान मंत्रमुग्ध हो गए। गौर करनेवाली बात यह कि वेंस ने राजस्थान की अद्भुत कला, संस्कृति और ऐतिहासिक भव्यता की जमकर तारीफ भी की। इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित अल्बर्ट हॉल को गोल्डन लाइट से सजाया (JD Vance Rajasthan visit) गया है अमरीकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस परिवार के साथ मंगलवार को सुबह पत्नी उषा वेंस और दो बच्चों के साथ आमेर का किला देखने (JD Vance Rajasthan visit) पहुंचे। जानकारी के मुताबिक इससे पहले उन्होंने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान पीएम ने वेंस के बच्चों को गिफ्ट भी दिया था। बता दें कि जेडी वेंस के स्वागत में पिंक सिटी जयपुर की इमारतों को सजाया गया है। शहर में जगह जगह वेंस के स्वागत में पोस्टर लगाए गए हैं। यही नहीं, जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित अल्बर्ट हॉल को गोल्डन लाइट से सजाया गया है। और तो और उनके जयपुर आने से पहले ही शहर के मुख्य मार्गों पर उनके स्वागत के पोस्टर लगाए गए हैं। गौरतलब हो कि फ्रांस के राष्ट्रपति आए थे, तब भी उनके स्वागत में ऐसे पोस्टर लगाए गए थे।रात्रि के समय यह इमारत जगमग ही रहती है, लेकिन जेडी वेंस के दौरे के तहत इसे विशेष रूप से सजाया गया है। योजना यह भी है कि जेडी वेंस परकोटे में स्थित कई दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करेंगे।   Latest News in Hindi Today Hindi news JD Vance Rajasthan visit #JDVance #RajasthanVisit #RoyalWelcome #IndiaTour #ElephantSalute #USSenator #JaipurVisit #CulturalIndia #IndianHospitality #JDVanceIndia

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Hindu Groups Protest Love Jihad, Accused Surrenders

Hindu groups protest Love Jihad: लव जिहाद को लेकर गुस्साए हिंदू संगठन कर रौद्र रूप द्देख कांप उठा आरोपी, किया सरेंडर

विगत वर्षों से राजस्थान में लव जिहाद के मामले हैं कि तेजी से बढ़ रहे हैं।  ऐसा ही एक मामला गुजरात से सटे सिरोही जिले के स्वरूपगंज से प्रकाश में आया है। लव जिहाद का नाम सुनते ही हिंदू संगठन इस कदर गुस्साए कि उन्होंने चक्का जाम कर (Hindu groups protest Love Jihad) दिया। उनका जोरदार प्रदर्शन देखा लव जिहाद का आरोपी सहम गया। अंततः मामला गरमाता देख आरोपी लड़का इस कदर घबरा गया कि उसने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दरअसल मामला तूल पकड़ चुका था। और पुलिस नहीं चाहती थी कि कोई इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल दे। इसलिए उसे सरेंडर करते ही पुलिस ने भी चैन की साँस ली। बता दें कि बीते दो दिन में राजस्थान के जोधपुर में लव जिहाद तीन से चार मामले आ चुके हैं। लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देख हिंदू समुदाय गुस्से में है।  मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया आक्रोश  जानकारी के मुताबिक बीते 18 अप्रैल को स्वरूपगंज थाने में एक केस दर्ज हुआ था। दर्ज के केस के अनुसार 16 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की को एक मुस्लिम शख्स भगा कर ले गया है। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया। देखते-ही-देखते भारी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के गुस्से का अंजादा इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने 19 अप्रेल को पूरे शहर में रैली निकालकर लव जिहाद के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। इस बीच उन्होंने शहर बंद करने की चेतावनी दी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव (Hindu groups protest Love Jihad) गए फूल  हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल (Hindu groups protest Love Jihad) गए। मामले की गंभीरता देख पुलिस प्रशासन की सांसें अटक गईं। मामला गर्माता देख पुलिस अब आरोपी की तलाश में हाथ-पाँव मार रही थी। इससे पहले कि पुलिस उसतक पहुँच पाती वो खुद ही 20 अप्रैल की देर रात को नाबालिग लड़की को लेकर पुलिस के सामने सरेंडर हो गया। इससे हुआ यह कि मामला शांत हो गया है। मामला तो शांत हो गया, लेकिन हिन्दू संगठन अब आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़का मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है। वह जोधपुर में नाबालिग लड़की से मिलने आया था। खैर, इस बीच आज यही 21 अप्रैल को स्वरूपगंज के गायत्री मंदिर में हिंदू सभा का आयोजन किया गया था। उसमें संगठनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देकर उनके कार्य की सराहना की। महत्वपूर्ण बात यह कि स्वरूपगंज में पहले भी इस तरह के लव जिहाद के मामले सामने आ चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Hindu groups protest Love Jihad #LoveJihad #HinduProtest #ReligiousTensions #IndiaNews #BreakingNews #LoveJihadControversy #HinduUnity #ProtestNews #IndianPolitics #JusticeForVictims

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Ajmer Dargah case update

Ajmer Dargah Dispute: राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर दरगाह विवाद में मुस्लिम पक्ष को नहीं दी राहत, इस दिन होगी अगली सुनवाई

विश्वप्रसिद्ध राजस्थान के अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर विवाद (Ajmer Dargah Dispute) है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरगाह को लेकर उठे विवाद में फिलहाल मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं मिल सकी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने दरगाह की अंजुमन द्वारा दाखिल की गई याचिका पर कोई त्वरित फैसला नहीं सुनाया है और न ही जिला अदालत की सुनवाई पर कोई रोक ही लगाई है। अहम बात यह कि याचिका खारिज भी नहीं की गई है। कारण यही जो उम्मीद की एक धुंधली सी किरण अभी भी दिखाई दे रही है।  हाईकोर्ट ने तत्काल (Ajmer Dargah Dispute) हस्तक्षेप करने से कर दिया इनकार  गौरतलब हो कि यह याचिका दरगाह की देख-रेख करने वाली संस्था अंजुमन की ओर से दायर की गई थी। अंजुमन के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय केस में स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि देशभर की अदालतों में धार्मिक स्थलों से जुड़े नए मुकदमे स्वीकार न किए जाएं, सर्वे न कराए जाएं और कोई निर्णायक आदेश पारित न हो। इसके बावजूद अजमेर की सिविल कोर्ट लगातार दरगाह विवाद से जुड़ी सुनवाई कर रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। यही नहीं, हाईकोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि “अजमेर की सिविल कोर्ट में कल यानी 19 अप्रैल को इस मामले की फिर सुनवाई होनी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर (Ajmer Dargah Dispute) दिया और अब अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय कर दी है।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की (Ajmer Dargah Dispute) की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक अंजुमन की याचिका में केंद्र सरकार समेत 8 पक्षों को शामिल किया गया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग (Ajmer Dargah Dispute) की। दरअसल, उनका तर्क था कि “अजमेर की जिला अदालत में चल रहे मुकदमे में अंजुमन अब तक पक्षकार नहीं है, ऐसे में वह हाईकोर्ट में हस्तक्षेप की मांग कर ही नहीं सकती। हालांकि, अंजुमन की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि “उन्होंने खुद को पक्षकार बनाने की मांग को लेकर सिविल कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। शनिवार को होने वाली सुनवाई में अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह व्यक्तिगत रूप से अपनी दलीलें पेश करेंगे।” बता दें कि दरगाह से जुड़ा यह विवाद न सिर्फ कानूनी मामला है, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक मामला भी बन चुका है। कहने की जरूरत नहीं अब सभी की निगाहें राजस्थान हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news Ajmer Dargah Dispute #AjmerDargah #RajasthanHighCourt #DargahDispute #AjmerNews #LegalUpdate #CourtNews #MuslimCommunity #IndiaNews #HighCourtVerdict #AjmerCase

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Singhast 2028 Ujjain Mahakal Temple Gears Up

Singhast 2028 Ujjain: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अभी से हुई तेज, महाकाल के दरबार पहुंचे ये अफसर

साल 2028 में मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ (Singhast 2028 Ujjain) लगेगा। खैर, अभी तीन वर्ष का समय है। लेकिन सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अभी से ही जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और मेला अधिकारी आशीष सिंह के पदभार सँभालते ही तैयारियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि सोमवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और मेला अधिकारी आशीष सिंह ने पदभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने से पहले दोनों अधिकारियों ने भगवान महाकालेश्वर के दरबार में हाजिरी लगाई और आशीर्वाद लिया। यही, गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने विधिवत पूजन भी किया गया। इस मौके पर मंदिर समिति की ओर से दोनों अधिकारियों का सम्मान किया गया। सम्मान में उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर प्रसाद भेंट किया गया।  सिंहस्थ 2028 (Singhast 2028 Ujjain) की तैयारियों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए प्राप्त जानकारी के मुताबिक अधिकारी आशीष सिंह ने इससे पहले श्री चिंतामन गणेश, श्री कालभैरव और श्री हरसिद्धि माता मंदिरों में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। दर्शन लेने के बाद उन्होंने मेला कार्यालय पहुंचकर सिंहस्थ मेला अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद संभागायुक्त संजय गुप्ता के साथ आयोजित बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। चर्चा के दौरान सभी बातों को बारीकी से रखा गया। चर्चा के बाद मेला अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि “हमारा प्रयास रहेगा कि सिंहस्थ 2028 (Singhast 2028 Ujjain) की तैयारियों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। सरकार ने उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व को भव्य और वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य तय किया है। अब नए अफसरों के आगमन से तैयारियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सारे काम समय सीमा में किए जाएंगे।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? महाकुंभ को देखकर सीख लेते हुए सरकार ने (Singhast 2028 Ujjain) अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ को देखकर सीख लेते हुए सरकार ने उज्जैन सिंहस्थ (Singhast 2028 Ujjain) के लिए खास तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रारंभिक तौर पर सरकार का अनुमान है कि सिंहस्थ में तकरीबन 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ सकते हैं। ऐसे में इनके लिए व्यवस्था करना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। जानकारी के मुताबिक कुंभ मेले के दौरान मेला क्षेत्र में प्रतिदिन 16 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी स्वच्छता की व्यवस्था संभालेंगे। श्रृद्धालुओं की सुविधा के लिए 50 हजार शौचालय का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा  श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 500 अस्थाई अस्पताल और कैम्प लगाने का भी निर्णय लिया गया है। यही नहीं, उज्जैन में सड़क और अन्य क्षेत्रों को मिलाकर 11 हजार 220 सफाईकर्मियों की आवश्यकता होगी। कचरा संग्रहण हेतु लगभग 5 हजार सफाईकर्मियों की जरूरत पड़ेगी। कुल मिलाकर 16 हजार 220 सफाई कर्मियों की आवश्यकता सिंहस्थ में होगी।   Latest News in Hindi Today Hindi news Singhast 2028 Ujjain #Singhast2028 #UjjainKumbhMela #MahakalDarshan #KumbhMela2028 #MahakalUjjain #ReligiousEvent #SpiritualIndia #UjjainNews #SinghastPreparations #MahakalTemple

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₹50 crore job scam

Constable fraud: सैकड़ों पुलिसकर्मियों को सुनहरे ख्वाब दिखाकर कांस्टेबल ने की 50 करोड़ रुपये की ठगी

ठग और पुलिस के कई किस्से सभी ने सुन ही रखे हैं। जहाँ एक ठग पहले तो आम लोगों को शार्टकट अमीर होने का लालच देकर उनसे लाखों करोड़ों वसूलता है और फिर मौका पाकर रफूचक्कर हो जाता है। लेकिन क्या हो जब एक पुलिस वाला ही पुलिस वालों से ठगी (Constable fraud) कर ले। वो भी हजार दो हजार की नहीं, करोड़ों की? दरअसल, अजमेर पुलिस का एक कांस्टेबल इतना शातिर निकला कि उसने अपने ही सैंकड़ों साथी पुलिसकर्मियों से करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करके फरार हो गया। जब उसके खेल का पर्दाफ़ाश हुआ तो सभी सन्न रह गए। बड़ी बात यह कि ठग कांस्टेबल का टीचर भाई भी उसके साथ इस ठगी में शामिल था। फ़िलहाल दोनों भाई अब फरार हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पवन कुमार ने पुलिस लाइन के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर तैनात जवानों को अपना निशाना बनाया। उन्हें जल्द पैसे डबल करने का लालच दिया और फिर विदेशी कंपनी में निवेश करने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ले लिए। यही नहीं, आरोपी पवन कुमार का भाई कुलदीप मीणा भी शिक्षा विभाग में सीनियर शिक्षक पद पर तैनात है। वह भी लंबे समय से फरार है। दोनों भाई पुलिस के जवानों और अधिकारियों के साथ ही आम जनता के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गए हैं।  साल भर से अजमेर में ठग कांस्टेबल की ओर से ठगी (Constable fraud) का यह खेल खेला जा रहा था जानकारी के मुताबिक बीते साल भर से अजमेर में ठग कांस्टेबल की ओर से ठगी (Constable fraud) का यह खेल खेला जा रहा था। इस बीच कइयों ने शिकायतें भी दर्ज कराई। लेकन मजे की बात यह कि तब अधिकारियों के कानों जूं तक नहीं रेंगी। धीरे-धीरे जब उसके खिलाफ शिकायतें बढ़ने लगी तब जाकर आधुकरियों की नींद टूटी। पुलिस ने जब मामले की जांच पड़ताल की, तो सामने आया कि कांस्टेबल ने साल भर कुछ नहीं तो सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तकरीबन 50 करोड़ रुपये का चुना लगा चुका है। ठगी का यह आंकड़ा सामने आते ही पुलिस अधिकारी सन्न रह गए। न सिर्फ सन्न रह गए बल्कि आनन-फानन में आरोपी कांस्टेबल को सस्पेंड भी कर दिया है। खैर, अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अजमेर एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जागिड़ के मुताबिक, “आरोपी कांस्टेबल पवन कुमार अजमेर पुलिस लाइन में तैनात था। वह करौली जिले के कोटड़ा का रहने वाला है और लंबे समय से छुट्टी पर चल रहा है। ठगी का भेद खुलने के बाद अब उसकी गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया है। आरोपी के खिलाफ अजमेर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज की गई है। इसके साथ ही क्लॉक टावर थाने में कांस्टेबल दीपक कुमार ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। ठगी किए गए रुपये का आंकड़ा 50 करोड़ से अधिक है।” इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर बहकावे में आकर सोने के गहने बेचकर कर (Constable fraud) दिया था लाखों रुपये का निवेश एएसपी के अनुसार पीड़ित कांस्टेबल ने बताया कि “पवन कुमार ने उन्हें अधिक पैसे का लालच दिया था। उसके बहकावे में आकर उसने सोने के गहने बेचकर लाखों रुपये का निवेश कर (Constable fraud) दिया था। लेकिन अभी तक एक भी पैसा नहीं मिला है। इसी तरह की मिलती-जुलती कई शिकायतें पुलिस को मिली हैं। एएसपी ने कहा कि “बढ़ती शिकायतों को देख मामले को गंभीरता से लिया गया। और इसके गड़बड़ी पाए जाने पर कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Constable fraud #ConstableFraud #JobScam #PoliceScam #50CroreScam #FraudAlert #FakeJobs #IndiaScam #RecruitmentScam #ScamNews #JobFraud

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