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Stone Pelting in Guna During Hanuman Jayanti

Guna MP stone pelting: एमपी के गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव के बाद हुआ बवाल, बुलडोजर चलाने की मांग

धार्मिक आयोजन के दौरान हुए पत्थराव के बाद सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हनुमान चौराहे पर हिंदू समुदाय के लोगों ने जमा होकर धरना प्रदर्शन किया और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की (Guna MP stone pelting) मांग की है। इसके साथ ही चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च भी निकाला। फ़िलहाल हालात को संभालने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कर्नलगंज में फ्लैग मार्च भी निलाका। इस दरम्यान पुलिस ने न सिर्फ लोगों को अपने-अपने घरों में रहने की अपील की है बल्कि बाहरी लोगों के कर्नलगंज में एंट्री पर रोक भी लगा दी है। तो वहीं इस पूरे मामले पर “गुना एसपी संजीव कुमार का कहना है कि “स्थिति नियंत्रण में है। मैं खुद कर्नलगंज में कलेक्टर के साथ निकाला हूं। जिन लोगों ने भी यहां घुसने का प्रयास किया है उनका सीसीटीवी के जरिए पहचाना जा रहा है। और उनकी खोज भी की जा रही है। अब तक इस मामले में 17 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी।” हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में है भारी आक्रोश  बता दें कि गुना शहर के कर्नलगंज क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। सोमवार को गुना के हनुमान चौराहे पर विभिन्न संगठनों के हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने पथराव के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ अज्ञात लोग आक्रोशित होकर कर्नलगंज इलाके की ओर रवाना हो गए। हालांकि इन्हें हाट रोड पर पुलिस ने रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर दूसरे रास्ते से कर्नलगंज इलाके की तरफ बढ़ गए। इस बीच प्रधान डाकघर के सामने स्थित एक गली में कुछ घरों के अंदर तोडफ़ोड़ की भी बात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने घरों के दरवाजों पर डंडे बरसाए, कुछ मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। मामला बिगड़ता देख गुना एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने मोर्चा संभाला और पुलिस बल के साथ खुद मौके पर जा पहुंचे। इस दरम्यान हंगामा कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाठीचार्ज भी करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद हंगामा कर रहे उपद्रवी मौके से भाग निकले। खैर, इस दौरान हनुमान चौराहे पर संगठनों की ओर से लगातार नारेबाजी की जाती रही। हैरत की बात यह कि पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि कितने संगठन विरोध जता रहे हैं और कौन हंगामा कर रहा है? इस अनियंत्रित भीड़ को काबू करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।  इसे भी पढ़ें:– राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी  हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद शुरू हुई राजनीति  इस बीच  गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद जमकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने तो पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अब्बास हफ़ीज़ का कहना है कि “पुलिस ने एकतरफा एक्शन लिया है।” यही नहीं, जिले के एसपी का वीडियो भी जारी जारी किया है। जिसमें एसपी ने ये कबूला कि “जुलूस गलत रूट पर निकल। CCTV में पत्थरबाजी नहीं दिखी। जिस रूट पर जुलूस निकला उसकी अनुमति नहीं ली गई, मस्जिद के सामने जानबूझकर नारे लगाए गया। अब कांग्रेस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मां की है। उनका कहना है कि “पक्षपात कौन कर रहा है, एसपी का पहला बयान सही है या बाद की कार्रवाई सही है, जवाब मिलना चाहिए।” भाजपा प्रवक्ता मिलन भार्गव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि “जब महू में घटना हुई थी तब भी कांग्रेस ने रास्ते पर सवाल उठाए थे। अब फिर कांग्रेस प्रवक्ता कह रहे हैं कि गलत रास्ते से जुलूस निकाला गया। भारत में आदमी क्या जय श्री राम नहीं बोल सकता?” कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “कांग्रेस का चरित्र है दूसरा पाकिस्तान बनाना। कांग्रेस देश को बंटवारे के रास्ते पर ले जा रही है। हिंदुओं की यात्रा निकलती हैं, तो तकलीफ किसे हो रही है देख सकते हैं।”   Latest News in Hindi Today Hindi news Guna MP stone pelting #GunaNews #HanumanJayanti #StonePelting #MPNews #BulldozerAction #ReligiousProcession #GunaViolence #MadhyaPradesh #HinduFestival #BreakingNews

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Drinking water problem

Rajasthan water crisis: राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी 

राजस्थान अपनी गर्मी के लिए मशहूर है। यहाँ की तपती गर्मी के झेल पाना सबके बस की बात नहीं। गर्मी का मौसम आते ही यहाँ पीने की पानी समस्या होना आम है। हर साल यहाँ पानी की किल्ल्त देखी जाती है। ऐसा ही एक मामला है, राजस्थान के सीकर जिले स्थित सबलपुरा गांव का, जहाँ पानी की समस्या खड़ी (Rajasthan water crisis) हो गई है। पानी कमी से गुस्साएं गाँव वालों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जल आपूर्ति विभाग की ओर से बनाई गई पानी की टंकी से एक बूंद भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस वजह से लगभग 800 घरों में पीने के पानी का संकट बना हुआ है। पानी का संकट गहराता देख स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लगातार जिला कलेक्टर आवास, जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन के पास अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। यहां तक कि प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। परंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इस बीच ग्रामीणों ने जलदाय विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया।   पैसे खर्च कर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं प्राइवेट पानी के टैंकर पानी की कमी का आलम यह है कि सबलपुरा के ग्रामीणों को मजबूरन पैसे खर्च कर प्राइवेट पानी के टैंकर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं। हालांकि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जलदाय विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सबलपुरा के उप-सरपंच गजेंद्र सिंह ने बताया कि “गांव में करीब एक सप्ताह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। दरअसल, पहले सबलपुरा ग्राम पंचायत में आता था। परिसीमन के बाद इसे सीकर नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। लगभग 30 साल पहले विधायक कोटे से गांव में एक ट्यूबवेल का निर्माण करवाया गया था। इसी ट्यूबवेल से पानी की टंकी में सप्लाई होती है। अब यह ट्यूबवेल काफी पुराना हो चुका है और उसकी मोटर भी बार-बार खराब हो रही है।  इसे भी पढ़ें:–  रेखा गुप्ता रबर स्टांप CM…’,अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री पति के बैठक पर AAP का हमला, भाजपा का जबरदस्त पलटवार 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी (Rajasthan water crisis) करवाया अवगत  ग्रामीणों का कहना है कि “जलदाय विभाग की टंकी से आधे गांव में ही पानी पहुंचता है और वह भी कुछ ही मिनटों की सप्लाई में सीमित होता है, जिससे जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। जब इस समस्या की शिकायत विधायक से की गई, तो उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया। अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने दूसरे ट्यूबवेल के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही है, लेकिन उसमें भी समय लगेगा।” इस बीच ग्रामीणों ने यह भी कहा कि “उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी अवगत (Rajasthan water crisis) करवाया। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।   Latest News in Hindi Today Hindi news  Rajasthan water crisis #RajasthanWaterCrisis #WaterShortage #DrinkingWaterCrisis #NoWater #WaterScarcity #SaveWater #RuralCrisis #IndiaWaterIssue #DroughtAlert #WaterCrisisNews

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Vasundhara Raje's Rift Shakes BJP

Vasundhara Raje BJP rift: वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी में मचा हड़कंप, अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कही यह बात

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी ने (Vasundhara Raje BJP rift) बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के बयान का असर यह हुआ कि आनन-फानन मेंसीएम भजनलाल शर्मा को जलदाय विभाग के अधिकारियों को तलब करना पड़ा। दरअसल, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ से राजस्थान में पानी के संकट का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद से सूबे सियासत गरमा गई थी।  विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वसुंधरा राजे हकीकत में पानी के संकट पर गंभीर हैं तो पूरे राजस्थान को लेकर बात करनी चाहिए। इसके बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई। सीएम भजनलाल ने संबंधित विभाग से जुड़े अधिकारियों की क्लास ले ली। और सख्त चेतावनी देते हुए सूबे में पानी का विशेष इंतजाम करने की हिदायत दे दी।  पानी की किल्लत के चलते राजे ने अफसरों को लगाई फटकार (Vasundhara Raje BJP rift)  बता दें कि बीते दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़ के अपने निर्वाचन क्षेत्र में अचानक जा पहुंची और तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने लगी। स्थानीय लोगों ने पानी संकट की बात रखी, तो राजे ने अफसरों को फटकार (Vasundhara Raje BJP rift) लगाते हुए कहा कि “अफसर सो रहे हैं। जनता रो रही है, वे ऐसा नहीं होने देंगी।” गौर करने वाली बात यह कि राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी का फैसला होना है। और ऐसे समय में राजे ने भजनलाल सरकार की ब्यूरोक्रेसी की क्लास उस समय लगाकर सीएम को सकते में डाल दिया है। कहने की जरूरत नहीं, राजे की इस नाराजगी को भजनलाल सरकार पर बिना नाम लिए हमला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे पानी का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करके खुद की भी नाराजगी जाहिर कर दी। राजे की नाराजगी के बाद सकते में आई बीजेपी ने सफाई दी। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “राजे अपनी क्षेत्र की चिंता कर रही हैं। उन्हें अधिकारियो को ऐसे समझना पड़ा।  इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका दे दिया है कहने की जरूरत नहीं, राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी में गुटबाजी और सरकार से नाराजगी पर वार करने का मौका दे दिया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजे के बयान को जायज ठहराते हुए कहा कि “वसुंधरा राजे ने ठीक मुद्दा उठाया लेकिन वो दो बार सीएम रह चुकी हैं और सरकार को पानी को लेकर काम से संतुष्ट नहीं है तो पूरे राज्य के हित में इस मुद्दे को उठाना चाहिए और सरकार की पानी की योजना की खामियों को गिनाना चाहिए।” इत्तेफ़ाक की बात यह कि वसुंधरा राजे बयान के अगले दिन ही उनके करीबी सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अतिक्रमण हटाने के सरकारी अभियान का विरोध करते हुए अपनी ही सरकार पर हिन्दू विरोधी काम करने का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि एक बार फिर राजथान बीजेपी की गुटबाजी खुलकर जाहिर होने लगी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vasundhara Raje BJP rift #VasundharaRaje #BJP #AshokGehlot #RajasthanPolitics #PoliticalRift #BJPNews #RajeVsBJP #GehlotRemark #BJPConflict #IndianPolitics

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Suicide over daughter’s marriage

Suicide over daughter’s marriage: बेटी के प्रेम विवाह करने व्यथित पिता ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द

हमारे देश में बालिग होने पर अपनी मर्जी से विवाह करने की आजादी है। कई बार लड़के लड़कियां माँ-बाप के खिलाफ जाकर शादी कर लेते हैं। ऐसे में या तो घर उन्हें त्याग देता है या बात बहुत बढ़ने पर उन्हें रास्ते से ही हटा देता है। कई मामलों में तो कुछ दिन बाद ही सही उन्हें स्वीकार भी कर लेता है। लेकिन क्या अपने सुना है कि बेटी की शादी से व्यथित एक पिता ने खुद को ही गोली मारली? यह अक्सर काम देखा गया है जिसमें बापने खुद को ही गोली मार ली। दरअसल, ग्वालियर जिले में एक पिता ने बेटी के प्रेम विवाह करने पर खुद को गोली मारकर अपनी (Suicide over daughter’s marriage) जान दे दी। सुसाइड नोट में पिता ने लिखा, ‘यह कैसा कानून है जो बेटी के बालिग होते ही पिता से उसके सारे अधिकार छीन लेता है? बेटी को अपनी मर्जी से जीने का हक है, लेकिन क्या एक पिता की भावनाओं की कद्र भी नहीं? क्या एक पिता की भूमिका बेटी के बालिग होते ही खत्म हो जाती है? मृतक पिता ने खुदकुशी से पहले लिखे सुसाइड नोट में लिखा कि उनका दुख बेटी के पसंद से नहीं, बल्कि बेटी को खो देने का है। अपना दर्द साझा करते हुए पिता ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने बेटी को समझाया, लेकिन वो नहीं मानी।  बेटी के फैसले से इस कदर टूटे कि अपनी जीवन लीला (Suicide over daughter’s marriage) ही समाप्त कर दी रिपोर्ट के मुताबिक 49 वर्षीय मृतक संजू जायसवाल ने गुरुवार को अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर (Suicide over daughter’s marriage) अपनी जान दे दी। मेडिकल स्टोर चलाने वाले पिता संजू की 21 वर्षीय बेटी हर्षिता ने पड़ोसी युवक आनंद अटालिया से प्रेम विवाह किया था। परिवार ने इस शादी का विरोध किया। बेटी को लाख समझाया लेकिन वो अपने फैसले पर अड़ी रही। इस बीच बात इतनी बढ़ गई कि मामला कोर्ट तक पहुँच गया। जानकारी मुताबिक अदालत में बेटी ने साफ कहा कि “वह बालिग है और पति के साथ रहना चाहती है।” पिता संजू को अपनी बेटी से यह उम्मदी नहीं थी। बेटी के इस फैसले से वो इस कदर टूटे कि उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखकर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर दी। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट और लाइसेंसी बंदूक जब्त की है। सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस तहकीकात कर रही है और परिजन के बयान ले रही है।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है मृतक ने लिखा कि संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है, वो वकील जो कुछ पैसों के लिए एक परिवार की बलि तक चढ़ा देते हैं, उनकी भी बेटियां होती हैं। वे कुछ नहीं सोचते पिता का दर्द, एक परिवार नष्ट होता है, उसका कुछ नहीं बचता। उन्होंने आगे लिखा कि “आर्य समाज की शादी मान्य नहीं हैं, तो कोर्ट कैसे बालिका को उसके साथ भेज सकता है। बकौल पिता, अगर बेटी 17 आयु से कम हैं तो उस तौर पर माता-पिता कुछ कहते हैं तो कोर्ट माता-पिता को सौंपता है, लेकिन यदि वो बालिग है तो नहीं सौंपता, यह गलत है। हर्षिता ने तूने गलत किया, परिवार नहीं खानदान बर्बाद कर दिया। पिता ने आगे कहा कि मैं उन दोनों को मार सकता हूं, लेकिन अपनी लड़की को कैसे मारता। रेनू (पत्नी) मुझे माफ कर देना, क्योंकि मैं उनको मारता तो तुम्हारा भविष्य खत्म हो जाता। इसलिए मैं खुद मर रहा हूं। रेनू, अपना और बेटे पूर्णांक का ख्याल रखना। पूर्णांक को अपनी किस्मत लिखना है। बेटा मुझे माफ करना..और इस तरह आखिरी शब्द लिखते हुए पिता ने खुद (Suicide over daughter’s marriage) को गोली मार ली। Latest News in Hindi Today Hindi News Suicide over daughter’s marriage #LoveMarriageControversy #FatherDaughterBond #SuicideCaseIndia #MarriageDispute #HeartbreakingNews #IndianFamilyCrisis #SuicideOverMarriage #EmotionalTrauma #FamilyHonorIssue #IndiaNewsUpdate

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Rajasthan CM Bhajanlal’s Strict Warning to Officers

Rajasthan CM strict order: इस वजह से सीएम भजनलाल शर्मा ने दी अधिकारियों को यह सख्त चेतावनी

गर्मी का मौसम आते ही पानी की किल्ल्तें बढ़ जाती हैं। तपती गर्मी में आमजन को पानी की भारी कमी का समना करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गर्मी में पीने के पानी की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त (Rajasthan CM strict order) निर्देश देते हुए कहा कि “गर्मी में जनता को यदि पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं है। गौरतलब हो कि हाल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पानी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा था कि “अधिकारी सो रहे हैं, जनता रो रही है, मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” फिर क्या था उसके बाद विपक्षी कांग्रेस ने भजनलाल शर्मा सरकार को घेर लिया था। कारण यही जो खुद को चौतरफा घिरता देख सीएम भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को पानी की व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर बैठक बुलाई थी।  शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत (Rajasthan CM strict order) नहीं होनी चाहिए प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पीने का पानी मुहैया करवाया जाए।” उन्होंने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलाधिकारी आकस्मिक योजना के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए।” सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि “अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।” बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नए हैण्डपंप, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपंप, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने समेत पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारियों को एक-एक करोड़ रुपये का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपप और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपंप की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर काम जल्दी शुरू किया जाए।  इसे भी पढ़ें:-काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं इस बीच बैठक में बताया गया कि “गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल महीने में दो लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपंप’की मरम्मत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपये के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपये के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने और पंपसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के शिखर पर रहने के दौरान टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी गई है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Rajasthan CM strict order #RajasthanCM #BhajanlalSharma #StrictOrder #GovernmentWarning #RajasthanNews #CMAction #IndiaPolitics #StateUpdate #BureaucracyAlert #PoliticalNews

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Indore metro project

Indore metro project: सीएमआरएस ने दी हरी झंडी, इंदौर में मेट्रो रेल का रास्ता साफ

मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने इंदौर की मेट्रो रेल परियोजना (Indore metro project) को हरी झंडी दे दी है। यही नहीं, इसके साथ ही शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस आधुनिक साधन के वाणिज्यिक परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक संबंधित अधिकारी ने बताया कि “सीएमआरएस ने अपने विस्तृत निरीक्षण के बाद शहर की मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है। सीएमआरएस का अंतिम निरीक्षण पिछले महीने हुआ था, जिसमें इस परियोजना को अलग-अलग पैमानों पर परखा गया था।” इस बीच अधिकारी ने यह भी बताया कि “शहर में पहले चरण में 5.90 किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यह गलियारा शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन तक फैला है जिस पर पांच स्टेशन हैं। बता दें इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इस परियोजना के तहत शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है। मेट्रो रेल के एक डिब्बे में (Indore metro project) करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं  अधिकारी के मुताबिक शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन (Indore metro project) इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। हालांकि अधिकारी ने आगे बताया कि “शुरुआत में हम तीन डिब्बों की ही रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं।” यही नहीं इसके अलावा अधिकारी ने यह भी बताया कि “मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 5.90 किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल का ट्रायल रन सितंबर 2023 में किया गया था। बहरहाल, इस गलियारे पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन कब शुरू होगा, इसकी तारीख फिलहाल तय नहीं हो सकती है। यह गलियारा शहर के नए बसाहट में है। बता दें कि यहाँ अधिक आबादी नहीं है। इस बीच जानकारों का मानना है कि “शुरुआत में इस मार्ग पर मेट्रो को पर्याप्त सवारियां मिलने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं।” इसे भी पढ़ें:- एमपी का फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट धौंस जमाने के लिए रखा था विदेशी नाम, करता था विदेश यात्रा, मोबाइल ने खोले कई राज  हम शहर में मेट्रो रेल चलाकर (Indore metro project) घाटा नहीं उठाना चाहते- कैलाश विजयवर्गीय गौरतलब हो कि “दो अप्रैल को राज्य के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि “सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल चलाने से पहले सवारियों की संभावित संख्या का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि “हम शहर में मेट्रो रेल चलाकर (Indore metro project) घाटा नहीं उठाना चाहते, इसलिए हम किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi News Indore metro project #IndoreMetro #CMRSApproval #IndoreDevelopment #MetroGreenSignal #MPMetro #UrbanTransport #PublicTransportIndia #IndoreNews #IndoreUpdates #MetroRailIndia

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Vasundhara Raje Seeks Audit

Congress attack BJP: वसुंधरा राजे ने अधिकारियों से मांगा पाई-पाई का हिसाब, कांग्रेस नेता ने ढूंढा आपदा में अवसर

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को फटकार क्या लगाईं कांग्रेस की बाँझे खिल गई। कांग्रेस अब इसे एक बड़े अवसर की तौरपर देख रही (Congress attack BJP) है। दरअसल, मंगलवार की शाम पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पहुंची रायपुर कस्बे के दौरे पर थी। तभी ग्रामीणों ने उनसे पेयजल संकट की शिकायत कर दी। फिर क्या था, पूर्व मुख्यमंत्री जलजीवन मिशन और जलदाय विभाग के अफसरों पर ही बरस पड़ीं। इस दौरान, राजे ने अधिकारियों से पूछा कि “क्या जनता को प्यास नहीं लगती? सिर्फ आप अफसरों को ही लगती है। गर्मी में पेयजल संकट के कारण जनता त्रस्त है। अफसर तृप्त हैं। पानी कागजों में ही नहीं, बल्कि लोगों के होठों तक पहुंचे। अफसर सो रहें है, लोग रो रहें हैं। मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 42 हजार करोड़ जल जीवन मिशन में दिए हैं। पाई-पाई का हिसाब दो कि झालावाड़ के हिस्से की राशि का आपने क्या किया?” अधिकारीयों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “पेयजल संकट निवारण के लिए हमारी सरकार तो पैसा दे रही है, लेकिन अफसर योजनाओं का सही क्रियान्विति नहीं कर रहे। इसलिए राजस्थान के लोग प्यास से व्याकुल हैं। यह तो अप्रैल का हाल है। जून-जुलाई में क्या होगा?” अपने ही सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाना कांग्रेस (Congress attack BJP) के लिए किसी बड़े मौके से कम नहीं  ध्यान देने वाली बात यह कि राजे के सवाल का अधीक्षण अभियंता समेत उपस्थित किसी भी अधिकारी ने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। इससे नाराज राजे ने कहा कि “लोगों के धैर्य की परीक्षा मत लीजिए। झालावाड़ में ऐसा हरगिज नहीं चलेगा।” वसुंधरा राजे ने इस दौरान मौजूद अधिकारियों को जमकर लताड़ा। यह तो ठीक, लेकिन अब इस पर राजनीति तेज होने लगी है। दरअसल, वसुंधरा राजे का इस तरह अपने ही सरकार के अधिकारियों को फटकार लगाना और पाई-पाई का हिसाब मांगना कांग्रेस (Congress attack BJP) के लिए किसी बड़े मौके से कम नहीं लग रहा है। इसका राजनीतिक फायदा उठाते हुए टीकाराम जूली ने न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा बल्कि कड़ी प्रतिक्रिया भी दी।  इसे भी पढ़ें:-  वक्फ संसोधन बिल के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इस वजह से भड़की हिंसा  जब भाजपा की ही पूर्व मुख्यमंत्री इस सरकार के अधिकारियों के सामने इतनी मजबूर हैं, तो आमजन की स्थिति क्या होगी? बता दें कि प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा (Congress attack BJP) कि “पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का ट्वीट भाजपा सरकार की सच्चाई उजागर करने के लिए काफी है। कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी कि पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी पार्टी की सरकार के बावजूद पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति के लिए अपनी बात मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से कहनी पड़ रही है। जब भाजपा की ही पूर्व मुख्यमंत्री इस सरकार के अधिकारियों के सामने इतनी मजबूर हैं, तो आमजन की स्थिति समझी ही जा सकती है।” यही नहीं, कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “अब तो राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री भी कह रही हैं कि जनता परेशान है और अफसर सो रहे हैं। भजनलाल सरकार को अब तो नींद से जाग जाना चाहिए।” Latest News in Hindi Today Hindi News Congress attack BJP #VasundharaRaje #CongressVsBJP #RajasthanPolitics #BJPNews #DisasterFunds #PoliticalScandal #CongressLeader #BJPControversy #AuditDemand #NewsUpdate

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Jaipur SUV Traged

Jaipur SUV accident: जयपुर में अनियंत्रित एसयूवी ने दर्जनों को बेहरहमी से कुचला, 3 की मौत, आरोपी उस्मान निकला कोंग्रेसी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार रात नशे में धुत्त एसयूबी चालक ने सरे राह 12 लोगों को बेरहमी से कुचल (Jaipur SUV accident) दिया। जिसका सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है। इस हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और अन्य घायलों का इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह भीषण हादसा उस समय हुआ जब तेज रफ्तार में आ रही कार (RJ14UJ6504) ने नाहरगढ़ रोड पर अनियंत्रित होकर कई राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को रौंद दिया।  दरम्यान कार ने कई राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भी चपेट में ले लिया।टक्कर के बाद कार चालक उस्मान मौके से फरार हो गया, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचीं। इस बीच घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों की पहचान की जा रही है।  मामला (Jaipur SUV accident) रात तकरीबन 9.30 बजे का है बता दें कि आरोपी का नाम उस्मान है और कांग्रेस का शहर जिला उपाध्यक्ष बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ड्राइवर उस्मान खान (62) लोहे के पलंग की फैक्ट्री का मालिक है। बता दें कि मामला रात तकरीबन 9.30 बजे का है। जानकारी के मुताबिक शहर की एमआई रोड पर भीड़भाड़ वाले इलाके में एक तेज रफ्तार बेकाबू कार ने लोगों को कुचल (Jaipur SUV accident) दिया था और भागते हुए शहर की तंग गलियों में जा घुसी। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और थाने ले गई। इस भीषण हादसे के बाद मंगलवार सुबह लोगों ने नाहरगढ़ थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।  आरोपी (Jaipur SUV accident) का संबंध कांग्रेस से होने की वजह से उसे दिया जा रहा है संरक्षण  नाहरगढ़ थाने पर प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि “आरोपी (Jaipur SUV accident) का संबंध कांग्रेस से होने की वजह से उसे संरक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक अमीन कागजी उसे बचाकर ले गए। बता दें कि अमीन कागजी पर आरोपी को संरक्षण देने का आरोप लगाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सोमवार रात हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अन्य घायलों को इलाज जारी है। इस हादसे के बाद से लोगों में रोष व्याप्त है। और लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान लोग टायर जलाकर प्रदर्शन करते नजर आए। स्थानीय लोगों ने बैरिकेडिंग लगाकर न सिर्फ गणगौरी बाजार में रोड बंद की बल्कि बाजार भी बंद करवा रहे हैं। लोग बुलडोज़र एक्शन की मांग कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:-  जोधपुर में दिखी लव जिहाद की झांकी, फ्रीज से लेकर सूटकेस में भरे पड़े थे लड़कियों के कटे अंग इस हादसे (Jaipur SUV accident) में वीरेंद्र सिंह (48), ममता कंवर (50) और अवधेश पारीक (37) की हो चुकी है मौत  दिल को दहला देने वाले इस हादसे (Jaipur SUV accident) में शास्त्री नगर निवासी वीरेंद्र सिंह (48), ममता कंवर (50) और अवधेश पारीक (37) की मौत हो चुकी है। अन्य घायलों की पहचान विजय नारायण (65), जेबुन्निशा (50) अंशिका (24) मोनेश सोनी (28), मोहम्मद जलालुद्दीन (44) और दीपिका सैनी (17) के रूप में हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Jaipur SUV accident #JaipurAccident #SUVCrash #UsmanCongress #JaipurNews #BreakingNews #Rajasthan #RoadSafety #IndiaNews #ViralVideo #CongressNews

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Fake doctor

Fake doctor : ब्रिटिश कार्डियोलॉजिस्ट बनकर की हार्ट सर्जरी, 7 लोगों की गई जान, फर्जी डॉक्टर प्रयागराज से हुआ अरेस्ट

अक्सर अपने फर्जी पुलिस, फर्जी आईएएस और फर्जी पत्रकार से जुड़ी खबरें सुनी होंगी। लेकिन क्या आपने कभी फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के बारे में सुना है? फर्जी पुलिस या पत्रकार बनकर आप कुछ पैसे ही ऐंठ सकते हैं। यह इतना घातक नहीं है, लेकिन फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ बन हार्ट सर्जरी कर देना, वो भी एक दो नहीं, बल्कि 15, ये न सिर्फ घातक है बल्कि जानलेवा भी है। कहने का अर्थ यह कि आप सीधे-सीधे दूसरे की जान से खेल रहे हैं। फर्जी डॉक्टर, (Fake doctor) वो भी दूसरे का नाम इस्तेमाल कर हार्ट सर्जरी कर देना। जाहिर सी बात है, मामला गंभीर है। पोल खुलने पर कई दिनों से फरार चल रहे फर्जी डॉक्टर को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ का नाम है डॉक्टर नरेंद्र यादव। डॉक्टर यादव को खुद को लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनजोन केम बताते थे। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में दमोह के मिशन अस्पताल में लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एनजोन केम के नाम पर फर्जी डॉक्टर यादव ने ढाई महीने में 15 हार्ट ऑपरेशन कर दिए। जिनमें से 7 मरीजों की मौत हो चुकी है।  फर्जी डॉक्टर (Fake doctor) को प्रयागराज के औद्योगिक थाना के ओमेक्स अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 511 से किया गया गिरफ्तार  मामला प्रकाश में आने के बाद से फर्जी डॉक्टर (Fake doctor) फरार चल रहे थे। दरअसल, 4 अप्रैल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई थी। जिसमें मिशनरी अस्पताल में फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव द्वारा हार्ट सर्जरी की गई जिसमें 7 मरीजों की मौत के बारे में बताया गया था। इस पोस्ट के बाद मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए। जिसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश पुलिस ने सोमवार को प्रयागराज के औद्योगिक थाना के ओमेक्स अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 511 से गिरफ्तार किया। पुलिस को उसके पास से कई फर्जी आईडी भी मिली है। आरोपी अगस्त 2024 से पहचान बदलकर यहां रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद मध्य प्रदेश पुलिस उसे दमोह लेकर चली गई। आरोपी ने ब्रिटिश डॉक्टर से मिलते-जुलते फर्जी प्रमाण पत्र (Fake doctor) किए थे जमा  दमोह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि “हमारी टीम ने छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। हमारी टीम उसे यहां ला रही है।” उन्होंने आगे बताया कि “आरोपी को बाद में अदालत में पेश किया जाएगा। और उसके बाद सीएमएचओ द्वारा शिकायत में उठाए गए सवालों पर आरोपी से पूछताछ की जाएगी।” हालांकि एसपी सोमवंशी ने यह भी कहा कि “अस्पताल में मरीजों की मौत के संबंध में जिलाधिकारी ने सीएमएचओ की रिपोर्ट के बाद जांच जबलपुर मेडिकल कॉलेज को सौंपी है। उनकी (जबलपुर मेडिकल कॉलेज) रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।” जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियों ने अस्पताल से संबंधित सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। दस्तावेजों की जाँच के दौरान पाया गया कि आरोपी ने ब्रिटिश डॉक्टर से मिलते-जुलते फर्जी प्रमाण पत्र (Fake doctor) जमा किए थे। दमोह के जिलाधिकारी सुधीर कोचर और पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया कि “मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” इसे भी पढ़ें:-  जोधपुर में दिखी लव जिहाद की झांकी, फ्रीज से लेकर सूटकेस में भरे पड़े थे लड़कियों के कटे अंग भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टरों (Fake doctor) की सही संख्या बता पाना बहुत ही मुश्किल है हालांकि मेडिकल फर्जीवाड़े का यह कोई पहला मामला नहीं है। साल 2023 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक घटना देखने को मिली थी, जहां झोलाछाप डॉक्टर की वजह से 33 लोग एचआईवी पॉजिटिव हो गए थे। वैसे भी भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले फर्जी डॉक्टरों (Fake doctor) की सही संख्या बता पाना मुश्किल है। मजे की बात यह कि सरकार के पास भी इसकी कोई  जानकारी नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक भारत में लगभग 2-3 लाख फर्जी डॉक्टर हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Fake doctor #FakeDoctor #BritishCardiologist #HeartSurgeryScam #PrayagrajNews #MedicalFraud #IndiaNews #CrimeAlert #DoctorArrested #HealthScam #BreakingNews

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Love Jihad Horror Unfolds in Jodhpur

Love Jihad Jodhpur: जोधपुर में दिखी लव जिहाद की झांकी, फ्रीज से लेकर सूटकेस में भरे पड़े थे लड़कियों के कटे अंग

रविवार को देशभर में रामनवमी त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर देश भर में शोभायात्रा और झांकियां निकाली गई। इस दौरान कई हिंदू संगठनों ने पदयात्रा निकाली। इसी कड़ी में जोधपुर में भी रामनवमी के मौके पर आलीशान शोभायात्रा निकाली गई। जानकारी के मुताबिक इस शोभा यात्रा में करीब तकरीबन 450 झांकियां थी। एक के बाद एक झांकियां गुजर ही रहीं थी कि इन झांकियों में शामिल एक झांकी को देखकर सभी का कालेज मुंह को आ गया। दरअसल, यह झांकी लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) के मुद्दे पर बनाई गई थी। इस झांकी में लव जिहाद की शिकार हुई लड़कियों की कहानी दर्शाने की कोशिश की गई थी। यह झांकी जोधपुर के सूरसागर विधानसभा क्षेत्र से शोभायात्रा में शामिल होने आई थी। लव जिहाद की शिकार हुई लड़कियों का क्या हश्र होता है? इस झांकी में इसका संदेश देने का प्रयास किया गया था।   सूटकेस में कटी हुई लड़कियों की बॉडी (Love Jihad Jodhpur) को दिखाया गया था  बता दें कि हिंदू लड़कियां लव जेहाद की शिकार हो जाती है और फिर उनकी कहानी दर्दनाक मौत की चौखट पर जाकर ही खत्म होती है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस झांकी के लिए पुलिस ने खास सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे। बता दें कि इस झांकी में फ्रिज और सूटकेस में लड़कियों की बॉडी के खून से सने कृत्रिम अंगों को दर्शाया गया था। लड़कियों की बॉडी के टुकड़े फ्रिज में टुकड़े डाले रखे गए थे। यही नहीं, इसके साथ ही सूटकेस में भी कटी हुई लड़कियों की बॉडी (Love Jihad Jodhpur) को दिखाया गया था।  इसे भी पढ़ें:- मराठी बनाम हिंदी विवाद से डरा महाराष्ट्र का उद्योग जगत, कारोबारियों को सता रहा मजदूरों के पलायन का डर लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) का शिकार होने से बचने का दिया गया था संदेश झांकी को तैयार करने वाले लोगों ने बताया कि “हिंदू युवतियों को इस झांकी के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि वे लव जिहाद (Love Jihad Jodhpur) का शिकार होने से बचें।” आयोजनकर्तओं का कहना था कि “आज देशभर में हिन्दू लड़िकयों को प्रेम जाल में फंसा कर लव जिहाद का शिकार बनाया जाता है। भोली भाली लड़कियों की बेरहमी से कत्ल किए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब हिंदू लड़कियों को जागरुक होने की जरुरत है। इसलिए रामनवमी महोत्सव में यह खास झांकी की तैयार की गई है ताकि हिंदू लड़कियों में जागरुकता आ सके। गौरतलब हो कि विगत वर्षों में लव जिहाद के मामलों में वृद्धि देखी है। जिसके चलते युवतियों को इसके प्रति जागरूक होना जरूर है। बेशक इस तरह की झांकियां समाज को जगाने का काम करती हैं। कहने की जरूरत नहीं जोधपुर की इस झांकी ने राज्य से देश का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है। लव जिहाद के बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह एक सराहनीय कदम है। ऐसे में वर्तमान समय में लोगों के इसकी जागरूकता होना भी जरूरी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Love Jihad Jodhpur #LoveJihad #JodhpurNews #SuitcaseMurder #CrimeInIndia #ReligiousViolence #BreakingNews #JodhpurHorror #IndianNews #LoveJihadCase #ViralNews

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