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16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers: हैकरों का आतंक, 16 अरब लोगों के एपल और गूगल अकाउंट पासवर्ड किये लीक

आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन सुरक्षा बेहद जरूरी है अन्यथा पलक झपकते ही आप अपना सारा का सारा डेटा गंवा सकते हैं। आप अपनी सभी ख़ुफ़िया और निजी जानकारियों से हाथ धो सकते हैं। और यदि हम सतर्क रहते हुए सही समय पर सही कदम उठाएं, तो साइबर हमलों से खुद को बचा सकते हैं। खैर, आपको बता दें कि एक बहुत ही बड़े डेटा लीक की खबर आ रही है। यदि आप भी एप्पल, गूगल और फेसबुक जैसे अकाउंट्स का इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर खास आपके काम की हो सकती है। दरअसल, हालिया रिपोर्ट में एक खुलासा हुआ है कि 16 अरब लोगों का पासवर्ड और लॉग-इन क्रेडेंशियल लीक हो गए (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) हैं। चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक न सिर्फ डेटा लीक हो गए हैं बल्कि यह ऑनलाइन सेल के लिए उपलब्ध भी हैं। इसमें गूगल, टेलीग्राम, गिटहब, एपल, फेसबुक और अन्य सरकारी एजेंसियों के पासवर्ड और लॉग-इन क्रेंडिशियल शामिल हैं। ये अब तक की सबसे बड़ी चोरी मानी जा रही है। ऐसे में इस खबर ने लोगों को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्या गूगल, फेसबुक और एपल जैसी कंपनियों के पास अकाउंट वाकई सुरक्षित हैं भी या नहीं? यह अब तक के सबसे बड़े साइबर सुरक्षा उल्लंघनों में से एक माना जा रहा (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) है साइबर सिक्योरिटी रिसचर्स ने पाया कि 16 अरब से ज्यादा क्रेडेंशियल डार्क वेब पर ऑनलाइन सेल के लिए उपलब्ध हैं। यह अब तक के सबसे बड़े साइबर सुरक्षा उल्लंघनों में से एक माना जा रहा (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) है। कहने की जरूरत नहीं इस लीक से करोड़ों यूजर्स की निजी और गोपनीय जानकारी मसलन, ईमेल, सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट्स तक खतरे में पड़ सकते हैं।  इससे जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वक्त रहते इससे निपटा नहीं गया तो लोगों को फिशिंग अटैक, आईडी थेफ्ट और यहां तक कि अकाउंट का कंट्रोल तक खोना पड़ सकता है। फोर्ब्स की रिपोर्ट की माने तो वर्ष 2025 की शुरुआत में शुरू हुई जांच में शामिल शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि बड़े पैमाने पर पासवर्ड लीक के लिए कई इन्फोस्टेलर मैलवेयर जिम्मेदार हैं। पासवर्ड का चोरी होना छोटी बात नहीं है, क्योंकि इससे कई बड़े खतरे हो सकते हैं। वजह यही जो गूगल ने अरबों यूजर्स को तुरंत अकाउंट का पासवर्ड चेंज करने और पासकी का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही एफबीआई ने चेतावनी दी है कि कोई भी अजनबी लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें, खासकर वे जो लॉगिन डिटेल मांगते हैं।   इसे एक खास किस्म के मैलवेयर इन्फोस्टीलर्स की मदद से चुराया गया (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) है साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ पुराना डेटा ही नहीं, बल्कि नई और अच्छी तरह से व्यवस्थित जानकारी है, जिसे एक खास किस्म के मैलवेयर इन्फोस्टीलर्स की मदद से चुराया गया (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) है। ये मैलवेयर चुपचाप आपके डिवाइस से यूजरनेम और पासवर्ड चुरा लेते हैं और हैकर तक पहुंचा देते हैं। इसके बाद या तो हैकर खुद इस्तेमाल करता है या डार्क वेब पर बेच देता है। और तो और लीक हुई जानकारी को इस तरह रखी गई है कि वेबसाइट लिंक के साथ यूजरनेम और पासवर्ड भी दिया गया है। कारण यही जो हैकर्स के लिए इसका इस्तेमाल करना बेहद आसान हो गया है। ध्यान देने वाली बात यह कि ये पासवर्ड अब डार्क वेब पर बेहद सस्ते दाम पर मिल मिल रहे हैं। यानी कोई भी सामान्य व्यक्ति भी इन्हें खरीदकर गलत इस्तेमाल कर सकता है। बेशक बात  इंकार नहीं किया जा सकता कि इससे आम यूजर ही नहीं, कंपनियां और सरकारी संस्थान भी खतरे में हैं। ऐसे में  बड़ा सवाल यह कि इससे बचने के लिए करें क्या? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इससे खुद को बचाने के लिए आपको तुरंत निम्नलिखित ये कदम (16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers) उठाने चाहिए Latest News in Hindi Today Hindi 16 Billion Apple & Google Passwords Leaked by Hackers #AppleHack #GooglePasswordLeak #DataBreach2025 #Cybersecurity #Hackers #16BAccountsLeaked #TechNews #PrivacyAlert

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Aircraft Maintenance Engineering

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए पाएं यह जरूरी जानकारी

अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उड़ान सुरक्षा को लेकर कई चिंताएं जताई जा रही हैं। इस दुर्घटना में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। आपको बता दें कि विमानों की सुरक्षा और परफॉरमेंस को सुनिश्चित करने के लिए एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वो विमानों की देखभाल और रखरखाव करते हैं। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) यानी एएमई (AME) में अगर आप अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि इसके लिए आपको एयरक्राफ्ट (Aircraft) इंडस्ट्री में विशेषज्ञता प्राप्त करनी होगी। इसके साथ ही जरूरी लाइसेंस और सर्टिफिकेट प्राप्त करना भी जरूरी है। आइए जानें एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) या एएमई (AME) के बारे में। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) के बारे में जानें जैसे की पहले ही बताया गया है कि क्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर की जिम्मेदारी होती है विमानों की सुरक्षा को पक्का करना और उसके रखरखाव में मदद करना। एएमई (AME) के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं: एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) के लिए कौन से कोर्स किए जाते हैं? अगर आप एएमई (AME) में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानकारी जरूरी है कि आप इसके लिए कौन से कोर्स कर सकते हैं? यह विकल्प इस प्रकार हैं: कहां से करें एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering)? एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) करने के लिए आप डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन द्वारा अप्रूव्ड किसी भी इंस्टिट्यूट से कोर्स पूरा कर सकते हैं। यह कुछ इंस्टिट्यूट इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (Aircraft Maintenance Engineering) के लिए योग्यता इस कोर्स में प्रवेश पाने के लिए कुछ इंस्टिट्यूट एंट्रेंस टेस्ट लेते हैं। उसमें उत्तीर्ण कैंडिडेट्स को इसमें प्रवेश दिया जाता है। कुछ इंस्टिट्यूट मेरिट के अनुसार दाखिला देते हैं। कई इंस्टिट्यूट इसमें लिए इंटरव्यू भी लेते हैं। अगर आप इसके बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो आप इन इंस्टीटूट्स की आधिकारिक वेबसाइट्स पर विजिट कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi B.E/B.Tech in Aircraft Maintenance Engineering #aircraftmaintenance #engineeringcareer #aviationjobs #ame #careeropportunities #aviationindustry #technicalcareers

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WhatsApp's new feature Username PIN

यूजरनेम पिन: सुरक्षित मैसेजिंग के लिए व्हाट्सऐप का नया फीचर

व्हाट्सऐप (Whatsapp) एक ऐसी ऐप है, जिसके यूजर्स लाखों नहीं बल्कि करोड़ों में हैं। चैट, वीडियो कॉल्स, शेयरिंग आदि के लिए यह एप्लीकेशन बेहतरीन मानी गई है। आजकल हर कोई इसका इस्तेमाल कर रहा है और यह ऐप सबके जीवन है जरूरी भाग बन चुकी है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) समय-समय पर अपने यूजर्स के लिए नए फीचर्स को लांच करता रहता है ताकि लोगों के लिए इसका इस्तेमाल और भी आसान हो और सेफ्टी में भी कोई समस्या न हो। अभी एक नया फीचर्स इसमें आने वाला है इसका नाम है यूजरनेम पिन (Username PIN)। आइए जानें क्या है व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) और पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी। व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (Username PIN) यूजर्स की प्राइवेसी और कंट्रोल को बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है। इसमें जब कोई व्यक्ति किसी को पहले बार मैसेज भेज रहा है, तो उसे इसके लिए एक पिन कोड डालना होगा। व्हाट्सऐप (Whatsapp) अभी इस नए फीचर पर काम कर रहा है जो यूजर की प्राइवेसी और नियंत्रण को बढ़ावा देगा। व्हाट्सऐप (Whatsapp) के इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे अनचाहे और स्पेम मैसेजिज को रोका जा सकता है। यही नहीं, इससे यूजर यह भी कंट्रोल कर पाएंगे कि उन्हें कौन मैसेज भेज सकता है और कौन नहीं।  इस फीचर का एक फायदा यह भी है कि इससे हम कम्युनिकेशन को कंट्रोल कर पाएंगे और सिर्फ अपने खास व ट्रस्टेड लोगों से ही बात करने में सक्षम होंगे। यानी अनचाहे कॉन्टेक्ट्स से मिलेगा पूरी तरह से छुटकारा उम्मीद है। कि यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर जल्द ही आएगा क्योंकि अभी यह बीटा टेस्टिंग के चरण में है। संक्षेप में कहा जाए तो यह पिन एक गेटकीपर की तरह काम करेगा जिसमें जो लोग पहले बार आपसे कांटेक्ट कर रहा है, उसके लिए इस पिन को होना जरूरी है। आइए जानें व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) कैसे काम करता है? इसे भी पढ़ें:- Lava Shark 5G: आईफोन जैसा डिजाइन, 5G कनेक्टिविटी और कीमत भी कम यूजरनेम पिन फीचर कैसे काम करेगा? यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर बहुत ही सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण फीचर साबित होगा। यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर इस तरह से काम करेगा:  यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर कैसे काम करता है और किस तरह से लोगों के लिए फायदेमंद साबित होता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। बता दें कि यह फीचर जल्द ही सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक रिलीज डेट नहीं आई है। और रिलीज के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर WhatsApp का ये नया फीचर यूजर्स के लिए फायदेमंद है या नहीं और इस नय फीचर का इस्तेमाल करना लोगों के लिए कितना आसान और कितना कठिन होगा। Latest News in Hindi Today Hindi WhatsApp new features #WhatsAppnewfeatureusernamepin #usernamepinwhatsapp

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Whatsapp logout feature

व्हाट्सऐप का नया फीचर: लॉग आउट हुआ आसान, डेटा भी सुरक्षित

व्हाट्सऐप (Whatsapp) पूरी दुनिया में सबसे अधिक प्रसिद्ध ऐप है। इसका इस्तेमाल हम दूसरों को टेक्स्ट, फोटो, वीडियो, वॉइस मैसेज आदि भेजने के लिए कर सकते हैं। यही नहीं, इससे वॉइस व वीडियो कॉल आसानी से की जा सकती है। इससे न केवल हम अपने प्रियजनों से कांटेक्ट कर सकते हैं बल्कि हमारा काम भी और आसान हो सकता है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) समय-समय पर नए फीचर्स लाता रहता ,है ताकि इसका इस्तेमाल और सुगम हो सके और यह अब एक और नया फीचर ले कर आया है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) में अब लॉगआउट फीचर (Logout feature) आ रहा है। इस फीचर से हमारे डेटा को कोई नुकसान नहीं होगा और इसके साथ ही यूजर्स की और भी कई समस्याएं कम हो जाएंगी। जानें व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature) क्या है और क्या हैं इसके फायदे? क्या है व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature): जानें  व्हाट्सऐप (Whatsapp) अभी एक नए लॉगआउट फीचर (Logout feature) को टेस्ट कर रहा है और जल्द ही यह फीचर इसमें आएगा। इससे यूजरअपने प्राइमरी अकाउंट से लॉगआउट (Logout) कर पाएंगे। अच्छी बात यह है की इसके लिए आपको न तो इसे डिलीट करना होगा और डेटा भी सेफ रहेगा। ऐप के इस फीचर में यह विकल्प आपको मिलेंगे: दूसरे विकल्प को चुनने के बाद आपका डेटा भी सुरक्षित रहेगा और आप लॉगआउट (Logout) भी कर पाएंगे यानी व्हाट्सअप से ब्रेक ले पाएंगे, वो भी बिना किसी समस्या के। इस नए ऑप्शन से लोगों के लिए चीजें और अधिक आसान हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें: Lava Shark 5G: आईफोन जैसा डिजाइन, 5G कनेक्टिविटी और कीमत भी कम किन लोगों के लिए फायदेमंद है यह व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature)?  यह नया फीचर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद हैं जो टेम्पोरेरी इस ऐप से ब्रेक लेना चाहते हैं, ऐप में अगर कोई समस्या है तो उसे ठीक करना चाहते हैं या बिना डेटा लूज किए एक ही डिवाइस पर बहुत से एकाउंट्स के बीच स्विच करना चाहते हैं।  यह व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature) कब आएगा, इसके बारे में कोई सही जानकारी नहीं है लेकिन यह बीटा टेस्टर्स के लिए जल्दी ही उपलब्ध होगी। इसके बाद इसे रिलीज किया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Whatsapp logout feature #WhatsApplogoutfeature #WhatsApp #logout #logoutfeature #data

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Lava Shark 5G

Lava Shark 5G: आईफोन जैसा डिजाइन, 5G कनेक्टिविटी और कीमत भी कम

आईफोन की लोकप्रियता के कई कारण हैं जैसे इसकी क्वालिटी, डिजाइन, एप्पल इकोसिस्टम, सेफ्टी आदि। लेकिन, इसकी कीमत के कारण हर व्यक्ति के लिए इसे खरीदना आसान नहीं है। अगर आप भी आईफोन लेना चाहते हैं लेकिन उसके लिए अपनी जेब अधिक ढीली नहीं करना चाहते, तो अब आपके लिए एक अच्छा विकल्प बाजार में मौजूद है। लावा (Lava) ने भारत में अपना एक नया स्मार्टफोन (Smartphone) लांच किया है जो देखने में आईफोन16 जैसा है। इस स्मार्टफोन (Smartphone) का नाम है लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G)। अगर बात की जाए लावा (Lava) कंपनी की तो यह एक भारतीय मोबाइल हैंडसेट कंपनी है, जो लोगों में बहुत प्रसिद्ध हैं। इनकी फोन्स खासियत यह है कि इनकी कीमत बहुत कम होती है लेकिन इनके फीचर्स बेहतरीन होते हैं। आइए जानें लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) के बारे में विस्तार से। लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) को दो रंगों में लांच किया गया है जो हैं स्टेलर ब्लू और स्टेलर गोल्ड। यह स्मार्टफोन ई-स्टोर रिटेल आउटलेट्स और पार्टनर रिटेल स्टोर्स में उपलब्ध है। लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) के फीचर्स इस प्रकार हैं:  डिस्प्ले  यह स्मार्टफोन (Smartphone) 6.75 इंच की एचडी+ रिज़ॉल्यूशन डिस्प्ले के साथ आता है और यह 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इस फोन में आईपी54 सर्टिफिकेशन मौजूद हैं, यानी इससे फोन का धूल और पानी से बचाव हो सकता है। प्रोसेसर लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) यूनिसोक टी765 प्रोसेसर के साथ आपको मिलेगा, जिसमें 4GB रैम और 64GB स्टोरेज है। आप इसकी स्टोरेज को 4GB क बढ़ा सकते हैं। कनेक्टिविटी लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) में 5G SA / NSA, Wi-Fi 802.11 एसी है ताकि कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। इसके साथ ही इस फोन में GPS और यूएसबी टाइप-C आदि भी हैं। इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म कैमरा और बैटरी लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) मोबाईल (Mobile) में 3MP का रियर कैमरा है जबकि इसका फ्रंट कैमरा 5MP का है। फोटोग्राफी के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। फोटोग्राफी के शौकीन लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही यह 5000mAh बैटरी के साथ आता है। यह किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर के 5जी सर्विस के साथ आसानी से काम करता है। इसके साथ ही इस स्मार्टफोन (Smartphone) में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर है और यह ड्यूल सिम फोन है।  डिजाइन  लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) का डिजाइन इसकी खासियत है। इसका बैक डिजाइन स्टाइलिश गिलास के साथ है। अगर आप आईफोन 16 (iPhone) के लुक वाला फोन चाहते हैं, तो लेस प्राइस में इसे बाय कर सकते हैं। इसकी कीमत लगभग 8 हजार रुपए है। लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) के डिस्प्ले, प्रोसेसर, कनेक्टिविटी, डिजाइन, कैमरा और बैटरी जुड़ी पूरी जानकारी हमने साझा की। अब आप बजट के अनुसार यह तय कर सकते हैं कि आपके लिए लावा शार्क 5जी (Lava Shark 5G) बेहतर है या नहीं और इससे आपकी जरूरत पूरी होगी या नहीं। Latest News in Hindi Today Hindi  Lava Shark 5G #Smartphone #phone #Lava #LavaShark5G

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buying AC in summer

पहली बार एसी खरीदने की सोच रहे हैं तो जान लें ये कुछ जरूरी बातें

पहली बार किसी चीज को खरीदना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। गर्मी में महीने में एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC) का इस्तेमाल आजकल लक्जरी नहीं बल्कि एक जरूरत बन चुका है। मई-जून महीने को बिना एयर कंडीशनर (Air conditioner) या कूलर के निकालना बहुत मुश्किल बनता जा रहा है। अगर आप भी पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप कुछ चीजों को लेकर कन्फ्यूज अवश्य होंगे। इस दौरान दिमाग में सबसे अधिक सवाल यही आता है कि स्प्लिट एसी (Split AC) खरीदें या विंडो एसी (Window AC) खरीदना बेहतर रहेगा? आइए पाएं एसी (AC) के बारे में ऐसी कुछ जानकारी, जो आपकी इस मुश्किल को आसान बना देगी। गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  अगर आप पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप इन कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है: इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer), यह आप समझ चुके होंगे। अब जानते हैं कि विंडो एसी (Window AC) और स्प्लिट एसी (Split AC) में से आपको किसे चुनना चाहिए? विंडो एसी (Window AC) विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में सस्ता होता है और इसे इस्टॉल करना भी आसान है। इसके साथ ही इसका डिजाइन कॉम्पैक्ट होता है, जिसे एक खिड़की में आसानी से इनस्टॉल किया जा सकता है। लेकिन, विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में अधिक शोर करता है। यही नहीं यह अधिक बिजली खर्च करता है। इसके साथ ही यह छोटे कमरों के लिए ही अच्छा माना गया है। स्प्लिट एसी (Split AC) स्प्लिट एसी (Split AC), विंडो एसी (Window AC) की तुलना में कम शोर करता है और यह अधिक प्रभावी भी है। यह कमरे को ज्यादा जल्दी ठंडा करता है। यह देखने में अच्छा लगता है और इससे एनर्जी की बचत भी होती है। लेकिन, स्प्लिट एसी (Split AC) विंडो एसी की तुलना में महंगा होता है। इसे इनस्टॉल करने में भी अधिक खर्चा होता ओर इसे इनस्टॉल करने के लिए प्रोफेशनल असिस्टेंस की आवश्यकता होती है। इसको इनस्टॉल करने के लिए कमरे के अंदर और बाहर दोनों जगह अधिक जगह ही जरूरत पड़ती है। यह तो ही एयर कंडीशनर (Air conditioner) के बारे में जानकारी। आप अपने बजट, प्राथमिकता और जरूरत आदि के अनुसार सही एसी (AC) का चुनाव कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Buying AC in summer #WindowAC  #AC #Airconditioner #SplitAC #WhatthingskeptinmindbuyingACinsummer

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Modi government internet speed

Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi: मोदी सरकार के इस फैसले के बाद WiFi से भी सुपरफास्ट चलेगा इंटरनेट

इंटरनेट की स्पीड को लेकर बहुतों की शिकायत रहती है। बढ़ते समय के साथ-साथ इंटरनेट का धीमा होना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। दरअसल, वर्तमान में भारत में अधिकतर वाई-फाई राउटर 2.4 GHz और 5 GHz फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। इन दोनों बैंड पर अधिक क्राउड होने की वजह से इंटरनेट की सपीड स्लो हो जाती है। जानकारी के मुताबिक बढ़ती शिकायतों को देखते हुए भारत सरकार ने 6 GHz बैंड का एक हिस्सा (5925 MHz से 6425 MHz तक) बिना किसी लाइसेंस के इस्तेमाल करने की इजाजत देने वाला ड्राफ्ट जारी किया (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) है। इसके तहत 6 GHz फ्रीक्वेंसी बैंड को घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बिना लाइसेंस के इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा सकती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ड्राफ्ट नियमों में कहा गया है कि 5925-6425 MHz बैंड में काम करने वाले लो-पावर इंडोर या बहुत लो-पावर आउटडोर डिवाइस के लिए अब कोई लाइसेंस या अनुमति की जरूरत नहीं होगी। बस शर्त यह है कि ये डिवाइस दूसरों के सिग्नल में दखल न दें।  कहने की जरुरत नहीं, इसका सीधा असर देशभर के यूजर को होगा।  अमेरिका और यूके जैसे कई देश पहले ही इस बैंड को कर रहे (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) हैं इस्तेमाल  इसकी मंजूरी मिलते ही Wi-Fi 6E और Wi-Fi 7 जैसे नए राउटर, इस नए फ्रीक्वेंसी बैंड का इस्तेमाल कर सकेंगे। कहा जा रहा है कि यह बैंड तेज स्पीड, कम लेटेंसी और बढ़िया परफॉर्मेंस देता है। कहा तो यह भी जा रहा है कि इससे वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गेमिंग एकदम स्मूथ हो जाएगी। बता दें कि अमेरिका और यूके जैसे कई देश पहले ही इस बैंड को इस्तेमाल कर रहे (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) हैं। खैर,अब भारत भी इस दिशा में कदम बढ़ाने जा है। आसान भाषा में समझें तो यदि आपके पास Wi-Fi 6E या Wi-Fi 7 राउटर है या आप आने वाले समय में खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह नियम विशेषकर आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे घर के भीतर आपको तेज इंटरनेट और बेहतर नेटवर्क क्वालिटी मिलेगी। लेकिन ध्यान रहे यह सुविधा सिर्फ घर के भीतर के लिए है। ध्यान यह भी रहे कि इसका इस्तेमाल गाड़ियों, जहाजों, ड्रोन या खुले मैदान में नहीं किया जा सकेगा। महत्वपूर्ण बात यह कि इस पर फ्रीक्वेंसी सिर्फ लो-पावर डिवाइस ही इस फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकेंगे ताकि दूसरों के नेटवर्क में खलल न आये।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर यह भारत को वैश्विक डिजिटल विकास की राह पर ले (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) जाएगा आगे   अच्छी बात यह कि इंडस्ट्री ग्रुप जैसे आईएएफआई (IAFI) और बीआईएफ (BIF) ने मोदी सरकार के इस फैसले की सराहना की (Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi) है। उनका मानना है कि इससे विशेषतः स्कूलों, अस्पतालों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। आईएएफआई के अध्यक्ष भारत भाटिया ने इसे दूरदर्शी कदम हुए कहा कि “यह भारत को वैश्विक डिजिटल विकास की राह पर आगे ले जाएगा।” वहीं BIF के अध्यक्ष टीवी रामचंद्रन ने कहा कि “500 MHz का यह कदम सही दिशा में है लेकिन भविष्य में और ज्यादा बैंड को खोलने की जरूरत होगी ताकि पूरी क्षमता का लाभ उठाया जा सके।” देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कितनी जल्दी इसपर करती है और लोगों को धीमे इंटरनेट से राहत प्रदान करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Boosts Internet Speed Beyond WiFi #ModiGovt #InternetSpeed #DigitalIndia #WiFiUpgrade #5GIndia #SuperfastInternet #BroadbandIndia #IndiaTech #TechNews #Modi2025

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OnePlus 13T and OnePlus 13

OnePlus 13T and OnePlus 13 में अंतर: जानिए कौन सा स्मार्टफोन है आपके लिए बेहतर?

वनप्लस एक चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी है, जिसकी स्थापना साल 2013 में हुई थी। यह कंपनी स्मार्टफोन बनाने में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अन्य स्मार्टफोन कंपनीज की तरह यह कंपनी में समय-समय पर नए प्रोडक्ट्स लांच करती रही है। हाल ही में इस कंपनी ने वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) लांच किया है। यह फोन अभी चाइना में ही लांच हुआ है। लेकिन, यह एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है जो कई नए फीचर्स के साथ उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फोन के फीचर्स वनप्लस 13 (Oneplus 13) के जैसे हैं। आइए जानें वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) के बारे में। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13): पाएं जानकारी वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) और वनप्लस 13 (Oneplus 13) के कुछ फीचर एक जैसे हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर भी हैं। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) इस प्रकार है: डिस्प्ले  अगर बात की जाएं वनप्लस 13 (Oneplus 13) की डिस्प्ले की, तो वनप्लस 13 का यह 6.82 इंच है लेकिन वनप्लस 13टी की डिस्प्ले इससे थोड़ी छोटी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) के डिस्प्ले का साइज 6.32 इंच है। वहीं वनप्लस 13 का डिस्प्ले रिजोल्यूशन भी 13टी से अधिक है। कैमरा वनप्लस 13 में ट्रिपल कैमरा है,जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर, 50 मेगापिक्सेल का टेलीफोटो लेंस और 50 मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल शूटर है। वनप्लस 13 (Oneplus 13) में  ड्यूल कैमरा है, जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर और 50 मेगापिक्सेल का 2x टेलीफोटो लेंस है।  बैटरी वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) में बैटरी भी शामिल है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी वनप्लस 13 से बड़ी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी 6260mAh की है लेकिन वनप्लस 13 में 6000mAh की बैटरी है। यही नहीं, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में वायरलेस चार्जिंग है लेकिन दूसरे नए फोन में वायरलेस चार्जिंग नहीं है। वेट वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) दूसरे फोन (Phone) के मुकाबले अधिक हल्का और पतला है। इसका वेट केवल 185 ग्राम है और मोटाई  8.15mm है। वहीं दूसरी और वनप्लस 13टी का वजन 210 ग्राम है और मोटाई 8.5mm है। एक और अंतर यह भी है कि वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर है। लेकिन, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म प्राइस अगर बात की जाए दोनों स्मार्टफोन्स की कीमत की, तो वनप्लस 13टी. वनप्लस 13 (Oneplus 13) के मुकाबले बहुत सस्ता है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की कीमत है ₹39,990 है और वनप्लस 13 का प्राइस ₹66,998 है। यह तो थे वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13)। इन दोनों में कुछ समानताएं हैं लेकिन बहुत से अंतर भी हैं। आप अपनी सुविधानुसार मनचाहा मोबाइल फोन चुन सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi   #Smartphone #DifferencebetweenOnePlus13TandOnePlus13 #OnePlus13T #OnePlus13

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Apple iPhone India production

Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy: ट्रंप की धमकी रही बेअसर, भारत में बना आईफोन ही खरीदेगा अमेरिका

ऑपरेशन सिंदूर से पस्त हुए पाकिस्तान सीज फायर के लिए राजी हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के डीजीएमओ ने सामने से भारत के डीजीएमओ को कॉल कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा था। तब जाकर भारत अपनी शर्तों पर सीज फायर के लिए राजी हुआ था। यह खबर भारतीय मीडिया में आती कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर खुद ही इस सीजफायर का श्रेय लेकर वाहवाही लूटी थी, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री के खुलासे के बाद ट्रंप ने खुद अपने इस दावे से पल्ला झाड़ लिया था। मजबूरन यू टर्न लेने के बाद खार खाये ट्रंप ने भारत में एपल के आईफोन मैन्युफैक्चरिंग को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी। ट्रंप नहीं चाहते कि एपल भारत में आईफोन का प्रोडकशन (Trump Apple warning) करें। गौर करंव वाली बात यह कि ट्रंप यहाँ भी शर्मिंदगी का सामना (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) करना पड़ा। ट्रंप की लाख नाराजगी के बावजूद टिम कुक का मेन फोकस इस सबसे परे अपकमिंग आईफोन सीरीज पर ही है। अमेरिकी मार्केट के लिए आईफोन (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) भारत से नहीं मंगवाए- ट्रंप  दरअसल, कतर दौरे पर गए ट्रंप ने एपल के सीईओ टिम कुक को कुछ ऐसा कहा जिससे दुनियाभर में हड़कंप मच गया। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका के मार्केट के लिए आईफोन भारत से नहीं मंगवाए (Trump Apple warning) जाएं।” मुख्य बात यह कि ट्रंप चाहते हैं कि आईफोन का प्रोडक्शन अमेरिका में ही हो। एपल ने ट्रंप सरकार को कहा कि “कंपनी अगले चार साल में अमेरिका में 500 अरब डॉलर का इंवेस्टमेंट करेगी।” इसी कड़ी में एपल ह्यूस्टन में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगाने वाली है। खबर है कि वहां पर सर्वर बनाए जाएंगे।  एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की (Apple India plant) बना रहा है योजना  जानकारी के मुताबिक एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना (Apple India plant) बना रहा है। खबर है कि भारत में बने आईफोन 17 Pro मॉडल को अमेरिका में भी बेचा जाएगा। गौरतलब हो कि अमेरिका में अधिकतर लोग एपल के प्रो मॉडल्स को खरीदना पसंद करते हैं। यही नहीं, एप्पल ने भारत में आईफोन 17 सीरीज का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। बता दें कि भारत में फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर ये ट्रायल चल रहा है और ये दोनों कंपनियां एपल के बड़े मैन्युफैक्चरर्स में शामिल हैं। हालाँकि एपल को उम्मीद है कि साल 2026 तक अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन मेड इन इंडिया होने वाले हैं। हालांकि देखना ये बड़ा दिलचस्प होगा कि ट्रंप के बयान के बाद क्या इस प्लानिंग में कोई बदलाव आता है या नहीं, लेकिन इससे एक बात तो बड़ी साफ हो गई है कि एपल अपकमिंग आईफोन सीरीज को भारत में (India-made iPhone) बनाने की तैयारी कर रही है।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार किया है (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) बदलाव  गौर करनेवाली बात यह कि टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार बदलाव किया है। चीन में भी कुछ चीजों पर टैक्स काफी कम (Apple India plant) हो गया है। ऐसे में कंपनी इस इंतजार में है कि आगे चलकर अमेरिका क्या फैसला लेता है? फ़िलहाल कंपनी भारत से अमेरिका में आईफोन सप्लाई करने और भारत में बड़े लेवल पर प्रोडक्शन शुरू करने से पहले इंतजार कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Apple warning #AppleIndia #TrumpNews #iPhoneMadeInIndia #AppleStrategy #TechNews #iPhoneExport #MakeInIndia #FoxconnIndia #AppleVsTrump #GlobalTechShift

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Plastic Cooler Vs Iron Cooler

Plastic Cooler Vs Iron Cooler: कूलर खरीदने से पहले जान लें ये महत्वपूर्ण बातें

गर्मी के मौसम में तपती और जला देने वाली गर्मी से बचना बहुत जरूरी है। इसके लिए एयर कंडीशनर या एयर कूलर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर बात की जाए कूलर की, तो एयर कंडीशन की तुलना में कूलर किफायती होता है। हालांकि, एयर कूलर एयर कंडीशन की तुलना में कम प्रभावी माना गया है। आजकल बाजार में दो तरह के कूलर्स फेमस हैं एक प्‍लास्टिक कूलर (Plastic Cooler) और दूसरा लोहे वाला कूलर। अगर आप भी इन दोनों विकल्पों को लेकर थोड़ा सा कन्फ्यूज हैं तो यह जानकारी आपके लिए निसंदेह फायदेमंद है। आइए जानें प्लास्टिक कूलर बनाम आयरन कूलर (Plastic Cooler Vs Iron Cooler) के बारे में। प्लास्टिक कूलर बनाम आयरन कूलर (Plastic Cooler Vs Iron Cooler): कौन सा है बेहतर? प्लास्टिक कूलर और आयरन कूलर दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। आइए जानें इनके बारे में। प्लास्टिक कूलर (Plastic Cooler)  प्लास्टिक कूलर (Plastic Cooler) के बेनिफिट्स इस प्रकार हैं: नुकसान आयरन कूलर (Iron Cooler) आयरन कूलर (Cooler) के भी कई फायदे हैं लेकिन इसके भी कुछ नुकसान हैं। आइए पाएं इसके बारे में जानकारी आयरन कूलर के फायदे इसे भी पढ़ें:- साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें आयरन कूलर के नुकसान Latest News in Hindi Today Hindi Plastic Cooler Vs Iron Cooler #PlasticCoolerVsIronCooler #Cooler #PlasticCooler  #IronCooler

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