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Prayagraj में 11 साल बाद शुरू हुई ‘Prayagphilex-2026’, दुर्लभ डाक टिकटों में दिखेगी भारत की विरासत और प्रगति

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 11 साल के अंतराल के बाद जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘Prayagphilex-2026’ की शुरुआत 9 अक्टूबर 2026 को हो रही है। तीन दिवसीय यह प्रदर्शनी 9 से 11 अक्टूबर तक नॉर्थ सेंट्रल जोन कल्चरल सेंटर (NCZCC) में आयोजित की जा रही है। इसका आयोजन इंडिया पोस्ट के प्रयागराज डिवीजन की ओर से किया जा रहा है।

2015 के बाद पहली बार आयोजन

Prayagphilex का पिछला जिला स्तरीय संस्करण वर्ष 2015 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था। इसके बाद अब 11 साल के अंतराल पर शहर को एक बार फिर इस प्रदर्शनी की मेजबानी का अवसर मिला है।

तीन दिन चलेगी प्रदर्शनी

Prayagphilex-2026 का आयोजन 9 से 11 अक्टूबर तक किया जाएगा। प्रदर्शनी में डाक टिकट संग्रहकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए विभिन्न प्रकार के डाक टिकट और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।

‘India Through Stamps’ है इस बार की थीम

इस वर्ष प्रदर्शनी की थीम “India Through Stamps: Heritage, Culture and Progress” रखी गई है। इसके माध्यम से डाक टिकटों के जरिए भारत की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।

दुर्लभ डाक टिकट होंगे आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी में दुर्लभ डाक टिकटों के साथ अन्य फिलेटेलिक सामग्री भी देखने को मिलेगी। इनके माध्यम से आगंतुकों को भारत के इतिहास, प्रमुख व्यक्तित्वों, सांस्कृतिक विरासत और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी जानकारी मिलेगी।

स्टांप कलेक्शन को बढ़ावा देने की पहल

इंडिया पोस्ट का उद्देश्य केवल पुराने डाक टिकटों का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि फिलेटली यानी डाक टिकट संग्रह करने की रुचि को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। खास तौर पर स्कूली विद्यार्थियों को इस शौक से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

10 अक्टूबर को विद्यार्थियों के लिए क्विज और वर्कशॉप

प्रदर्शनी के दूसरे दिन, 10 अक्टूबर को स्कूली विद्यार्थियों के लिए फिलेटेलिक क्विज आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही डाक टिकट संग्रह से जुड़ी कार्यशाला भी होगी, जिसमें बच्चों को फिलेटली की बुनियादी जानकारी दी जाएगी।

कई स्कूलों को दिया गया आमंत्रण

प्रयागराज के विभिन्न स्कूलों को प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। आयोजकों का उद्देश्य डाक टिकटों के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास, भूगोल, कला, विज्ञान और संस्कृति जैसे विषयों से जोड़ना है।

पोस्टमास्टर जनरल ने बताया खास अवसर

पोस्टमास्टर जनरल राजीव उमराव के अनुसार, जिला स्तरीय फिलेटेलिक प्रदर्शनियां अलग-अलग जिलों में आयोजित की जाती हैं। प्रयागराज को एक दशक से अधिक समय बाद फिर से इस आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है।

विश्व डाक दिवस के अवसर पर शुरुआत

Prayagphilex-2026 की शुरुआत 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के अवसर पर हो रही है। इस दौरान डाक विभाग देशभर में डाक सेवाओं, वित्तीय समावेशन, डिजिटल पहलों और फिलेटली से संबंधित गतिविधियों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।

डाक टिकट सिर्फ डाक भेजने का माध्यम नहीं

डाक टिकटों को इतिहास और संस्कृति के महत्वपूर्ण दस्तावेजों के रूप में भी देखा जाता है। पुराने और स्मारक डाक टिकटों के जरिए किसी देश के प्रमुख व्यक्तित्वों, ऐतिहासिक इमारतों, वन्यजीवों, उपलब्धियों और सांस्कृतिक पहचान के बारे में जानकारी मिलती है।

नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने की कोशिश

Prayagphilex-2026 को ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ एक शैक्षिक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। ऐसे आयोजन पारंपरिक शौक को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और विद्यार्थियों में इतिहास व संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

11 अक्टूबर तक देख सकेंगे प्रदर्शनी

प्रयागराज के निवासी और डाक टिकट संग्रह में रुचि रखने वाले लोग 11 अक्टूबर तक इस प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। दुर्लभ डाक टिकटों और भारत की डाक विरासत को करीब से जानने के इच्छुक लोगों के लिए यह आयोजन खास अवसर है।

स्रोत: The Times of India, India Voice और India Post

जय राष्ट्र न्यूज़

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