नई दिल्ली: AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शन में लोगों से शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर है।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
CJP और कई student organisations ने 10 अक्टूबर को Jantar Mantar पर संयुक्त प्रदर्शन का आह्वान किया है।
Organisers ने Delhi Police को प्रदर्शन की औपचारिक सूचना भी दे दी है और nationwide mobilisation की अपील की है।
नेहा बोरा ने लोगों से की अपील
Press conference में Neha Bora ने छात्र संगठनों, विपक्षी दलों और नागरिक समूहों से एकजुट होकर प्रदर्शन में शामिल होने को कहा।
उन्होंने इसे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा से जुड़ी लंबी लड़ाई बताया।
CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar का इस्तीफा शामिल है।
Organisers ने उनके खिलाफ criminal action की मांग भी उठाई है, हालांकि ये राजनीतिक और आंदोलनकारी मांगें हैं और किसी अदालत ने उनके खिलाफ अपराध सिद्ध नहीं किया है।
SIR पर रोक की मांग
Student groups और CJP ने Special Intensive Revision यानी SIR को रोकने की भी मांग की है।
उनका आरोप है कि voter-list revision से eligible voters के नाम प्रभावित हो सकते हैं। Election Commission इन आरोपों से इनकार करता रहा है और revision को voter rolls की accuracy सुधारने की प्रक्रिया बताता है।
January 2025 Voter List बहाल करने की मांग
Organisers ने January 2025 की voter list को restore करने की भी मांग रखी है।
उनका कहना है कि इससे voter deletion को लेकर उठे विवादों का समाधान हो सकता है।
Election Commission Appointment Law पर भी सवाल
प्रदर्शन से जुड़े समूह 2023 के Election Commission appointments law को भी बदलने की मांग कर रहे हैं।
वे Chief Election Commissioner और Election Commissioners की नियुक्ति के लिए ज्यादा independent selection mechanism चाहते हैं।
“लंबी लड़ाई” की तैयारी
CJP co-convener Saurav Das ने supporters से कहा कि वे लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहें।
उन्होंने संकेत दिया कि Gyanesh Kumar के इस्तीफे के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं होगा, क्योंकि focus wider electoral reforms पर है।
कई छात्र संगठन साथ
AISA के अलावा AISF, SFI और अन्य student groups ने भी 10 अक्टूबर के protest में भाग लेने की घोषणा की है।
इससे प्रदर्शन के बड़े student mobilisation में बदलने की संभावना जताई जा रही है।
Delhi Police के नियम भी लागू
Delhi Police ने साफ किया है कि Jantar Mantar पर protest के लिए prior permission जरूरी है और gathering size पर भी limits लागू हैं।
Police के अनुसार आमतौर पर 10 दिन पहले अनुमति लेनी होती है और एक समय में 1,000 से ज्यादा लोगों की gathering की अनुमति नहीं होती।
हाल के प्रदर्शनों में कई लोग हिरासत में
इससे पहले Jantar Mantar और Election Commission के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में कई student leaders, activists और opposition leaders को हिरासत में लिया जा चुका है।
Neha Bora भी पिछले दिनों police detention का सामना कर चुकी हैं।
10 अक्टूबर पर टिकी नजर
अब सबसे ज्यादा नजर 10 अक्टूबर के Jantar Mantar protest पर रहेगी।
Organisers इसे nationwide mobilisation का अगला बड़ा चरण बता रहे हैं, जबकि Delhi Police law and order और permission rules के पालन पर जोर दे रही है।
Source – The Quint, The New Indian Express, The Indian Express, Times of India, Jansatta
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