नई दिल्ली, 2 जुलाई। भारत और जापान के बीच आयोजित 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। सम्मेलन के दौरान जापान ने भारत में 10 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
10 अरब डॉलर के निवेश पर सहमति
शिखर सम्मेलन में जापानी कंपनियों द्वारा भारत में लगभग 10 अरब डॉलर के निवेश की योजना पर सहमति बनी। यह निवेश विनिर्माण, डिजिटल तकनीक, परिवहन, औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा परियोजनाओं में किया जाएगा, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
AI और सेमीकंडक्टर पर विशेष फोकस
दोनों देशों ने AI, सेमीकंडक्टर निर्माण, चिप डिजाइन, डिजिटल नवाचार और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। इस पहल का उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और उन्नत तकनीकों में साझेदारी को नई दिशा देना है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत
भारत और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्गों के महत्व पर जोर दिया। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और रक्षा तकनीक के आदान-प्रदान को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास
बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और जलवायु परिवर्तन से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने कार्बन उत्सर्जन कम करने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संयुक्त प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।
व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने के लिए नए अवसर तलाशने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से भारत में विदेशी निवेश बढ़ेगा, आधुनिक तकनीकों का हस्तांतरण होगा और घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत
शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने स्वतंत्र, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, डिजिटल कनेक्टिविटी और नवाचार के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हुए समझौते दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देंगे। AI, सेमीकंडक्टर, रक्षा, ऊर्जा और निवेश जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को नई गति प्रदान कर सकता है।
स्रोत:
भारत सरकार, जापान सरकार एवं दोनों देशों द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी।
मूल रिपोर्ट:
2 जुलाई 2026 को आयोजित भारत-जापान 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन से संबंधित आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर।
जय राष्ट्र न्यूज़






